इस साल के अंत तक एयरपोर्ट नए टर्मिनल का उद्घाटन कर सकेंगे: गजेंद्र सिंह शेखावत

जोधपुर केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत शनिवार को जोधपुर दौरे पर हैं। इस दौरान उन्होंने मीडिया से बातचीत की। बांग्लादेश पर विपक्ष द्वारा दिए जा रहे बयानों को लेकर उन्होंने कहा कि यह ठीक नहीं है। लोग आलोचना कर रहे हैं और टेम्पलेट उछाल रहे हैं, उन्हें (विपक्ष) समझना चाहिए कि यह बांग्लादेश नहीं है, यह मोदी सरकार का भारत है। अगर वे ऐसा कर रहे हैं तो उन्हें खुद पता है कि भविष्य में उन्हें इसके परिणाम भुगतने होंगे। एयरपोर्ट के विस्तार को लेकर उन्होंने कहा, "हाल ही में मैंने बात की है और इस साल के अंत तक एयरपोर्ट नए टर्मिनल का उद्घाटन कर सकेंगे।" उन्होंने जया बच्चन द्वारा राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ के खिलाफ इस्तेमाल किए गए शब्दों पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। आसन का सम्मान किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सदन में कोई भी व्यक्ति अपने आचरण या व्यवहार से आसन का सम्मान नहीं करता है तो यह भारत जैसे परिपक्व लोकतंत्र में अस्वीकार्य है। दुर्भाग्य से अगर ऐसी घटना होती है तो निश्चित रूप से दिल को ठेस पहुंचती है। हमने अभी देखा कि राजस्थान विधानसभा में एक वरिष्ठ नेता द्वारा आसन का सम्मान नहीं किया गया, यह किसी के लिए भी सराहनीय नहीं है। राजस्थान में पर्यटन को लेकर उन्होंने कहा कि यह राज्य सरकार का विषय है। संविधान के अनुसार पर्यटन राज्य का विषय है और हाल ही में पिछली सरकार द्वारा बनाई गई योजनाओं के तहत बजट जारी किया गया था, लेकिन आने वाले समय में और बजट जारी किया जाएगा। जब राज्य सरकार को पूरे क्षेत्र में पर्यटन को कैसे बढ़ावा दिया जाए, इस बारे में प्रस्ताव मिलेगा तो राज्य सरकार के साथ मिलकर इसे आगे बढ़ाया जाएगा। इसमें राजस्थान समेत अन्य राज्यों को भी शामिल किया जाएगा। बांग्लादेश में चल रही घटनाओं के बारे में उन्होंने कहा कि बांग्लादेश में जो कुछ भी हुआ है, वह निश्चित रूप से सही नहीं है। प्रधानमंत्री इस मुद्दे पर गंभीरता से ध्यान दे रहे हैं। अगर बांग्लादेश में कानून-व्यवस्था और सरकार फिर से स्थापित हो जाए, तो जल्द ही हालात सुधर जाएंगे और बांग्लादेश फिर से अस्तित्व में आ जाएगा। recent visitors 111

बांग्लादेश हिंसा के खिलाफ संगठनों का विरोध प्रदर्शन, राजस्थान-भीलवाड़ा में दोपहर तक व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद

भीलवाड़ा. बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों के खिलाफ हो रहे अत्याचारों के विरोध में भीलवाड़ा में व्यापक विरोध प्रदर्शन हुआ। संत व सनातन धर्म समाज द्वारा आयोजित इस आंदोलन में संतों और महात्माओं के नेतृत्व में महामहिम राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन सौंपा गया, जिसमें बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों की सुरक्षा की मांग की गई है। प्रदर्शन की शुरुआत प्रातः 9 बजे अयोध्या नगरी, शहीद चौक से हुई। यहां संत समुदाय, सर्वसमाज संगठन के सदस्य और नागरिक एकत्रित हुए और रैली के रूप में धान मंडी, बड़ा मंदिर, सर्राफा बाजार, मुख्य बाजार, गोल प्याऊ और स्टेशन चौराहा होते हुए मुखर्जी उद्यान पहुंचे। रैली के दौरान जनसमूह भगवा पताकाएं लहरा रहा था और हिंदू एकता जिंदाबाद जैसे नारे लगाए जा रहे थे। रैली में शामिल प्रमुख संतों में महामंडलेश्वर स्वामी हंसराम उदासीन, महंत बाबूगिरी, महंत बनवारीशरण काठिया बाबा, संत पंच मुरारी, महंत रामदास रामायणी और संत परमेश्वरदास शामिल हुए। इनके साथ ही भीलवाड़ा विधायक अशोक कोठारी, विहिप के ओमप्रकाश बूलिया, बजरंग दल के अखिलेश व्यास, सनातन सेवा समिति के अशोक मूंदड़ा और कई अन्य संगठनों के प्रतिनिधि भी उपस्थित थे। ज्ञापन में बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों के खिलाफ हो रहे अत्याचारों की भर्त्सना की गई है और बांग्लादेश में हिंदू धार्मिक स्थलों, घरों, व्यावसायिक संस्थानों और महिलाओं पर हो रहे हमलों का विरोध किया गया है। ज्ञापन में भारत सरकार से बांग्लादेश में पीड़ित हिंदू अल्पसंख्यकों को भारत लाने और उन्हें भारतीय नागरिकता देने की मांग की गई है। भीलवाड़ा विधायक अशोक कोठारी ने प्रदर्शनकारियों को धन्यवाद देते हुए कहा कि यह रैली सर्वसमाज और संगठनों को जागरूक करने का एक प्रयास है। उन्होंने भीलवाड़ा की जनता का व्यापारिक प्रतिष्ठानों को दोपहर 12 बजे तक बंद रखने के लिए आभार व्यक्त किया। महामंडलेश्वर स्वामी हंसराम उदासीन ने अपने उद्बोधन में बांग्लादेश की स्थिति को चिंताजनक बताते हुए कहा कि हिंदू समाज को सजग और जागरूक रहना चाहिए। उन्होंने इस मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय मंच पर उठाने की भी बात की। recent visitors 92

हाई कोर्ट के आदेश के बावजूद नहीं तोड़ा गया अवैध निर्माण, कोलकाता नगर निगम की इस भूमिका से जज क्षुब्ध हैं

कोलकाता कलकत्ता हाई कोर्ट के आदेश के बावजूद महानगर के इकबालपुर में अवैध निर्माण नहीं तोड़ा गया। कोलकाता नगर निगम की इस भूमिका से जज क्षुब्ध हैं। हाई कोर्ट की जस्टिस अमृता सिन्हा ने इसे लेकर टिप्पणी की कि बार-बार निर्देश के बावजूद नगर निगम अवैध निर्माण को गिराने में विफल रहा है। जहां रातों-रात घर बन जाते हैं और उसे तोड़ने में सालों लग जाता है। जस्टिस सिन्हा ने कुछ महीने पहले इकबालपुर के डेंट मिशन रोड पर छह मंजिला अवैध निर्माण को तोड़ने का आदेश दिया था, लेकिन हाई कोर्ट के आदेश के बावजूद उस पर अमल नहीं हुआ। यही नहीं शकील अहमद सागर नाम के एक व्यक्ति अवैध निर्माण को गिराने के लिए और समय की मांग करते हुए हाई कोर्ट पहुंच गया, जिसे देखकर जज ने अपना गुस्सा जाहिर किया। कोर्ट ने पांच दिसंबर तक का दिया समय कोर्ट ने सवाल किया कि एक साल से अधिक समय बीत जाने के बाद भी नगर निगम ने अभी तक कोर्ट के किसी भी आदेश का पालन नहीं किया है। नगर निगम के वकील ने कहा कि हाई कोर्ट के आदेश पर तोड़फोड़ की जा रही है, लेकिन इस काम को पूरा करने के लिए समय देना होगा। वकील ने कहा कि छह मंजिला बहुमंजिला मकान को गैस कटर और हथौड़े से गिराना है, इसलिए काम बहुत धीमा है। उन्होंने कहा कि इस मकान को गिराने का काम अगले तीन महीने में पूरा किया जा सकता है। इस पर जज ने कोलकाता नगर निगम को उक्त मकान के गिराने के लिए पांच दिसंबर तक का वक्त दिया है। recent visitors 75

यूसीसी लागू करने की दिशा में राज्य सरकार तेजी से काम कर रही है, उत्तराखंड में अक्टूबर में लागू होगी UCC !

देहरादून उत्तराखंड में इस साल अक्टूबर में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू कर दी जाएगी। सूत्रों ने बताया कि यूसीसी लागू करने की दिशा में राज्य सरकार तेजी से काम कर रही है। बीते दिनों मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी संकेत दिए थे कि प्रदेश में जल्द ही यूसीसी लागू किया जा सकता है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू राज्य सरकार द्वारा पारित विधेयक को इस साल मार्च में ही मंजूरी दे चुकी हैं। यूसीसी के तहत अब राज्य में विवाह, तलाक, उत्तराधिकारी और लिव इन रिलेशनशिप को नियंत्रित किया जाएगा। यूसीसी के लागू होने के बाद प्रदेश के सभी निजी कानूनों को समाप्त कर दिया जाएगा। इस संबंध में पुष्कर सिंह धामी ने विधानसभा में कहा था, "यह कानून समानता, एकरूपता और समान अधिकार का है। इसे लेकर कई तरह की शंकाएं थीं, लेकिन विधानसभा में दो दिन की चर्चा से सब कुछ स्पष्ट हो गया। यह कानून किसी के खिलाफ नहीं है। यह उन महिलाओं के लिए है, जिन्हें सामाजिक कारणों से परेशानी का सामना करना पड़ता है।" उन्होंने आगे कहा था, “इससे उनका (महिलाओं का) आत्मविश्वास मजबूत होगा। यह कानून महिलाओं के समग्र विकास के लिए है।" recent visitors 68

जेपी नड्डा ने कहा- राहुल गांधी को ‘नकली देशभक्त’ बताते हुए कहा कि उन्हें देश के हितों से कोई लेना-देना नहीं

राजकोट (गुजरात) केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा ने शनिवार कांग्रेस पर देश को बांटने का आरोप लगाया और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष नेता राहुल गांधी को ‘नकली देशभक्त’ बताते हुए कहा कि उन्हें देश के हितों से कोई लेना-देना नहीं है। भाजपा अध्यक्ष ने यहां तिरंगा यात्रा को हरी झंडी दिखाने के बाद पत्रकारों से बातचीत के दौरान कांग्रेस सांसद राहुल गांधी का नाम लिए बगैर कहा, "ये लोग भारत जोड़ो यात्रा के जरिये देश को तोड़ने में व्यस्त हैं। हम सब को देश को एकजुट करने की दिशा में सरदार वल्लभ भाई पटेल के अमूल्य योगदान को याद करना चाहिए।" नड्डा ने कांग्रेस पर चंद्रशेखर आजाद, भगत सिंह, राजगुरु और नेताजी सुभाष चंद्र बोस सहित अन्य स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान को भुलाने का आरोप लगाया।उन्होंने कहा, “मुझे दुख के साथ यह कहना पड़ रहा है कि आज कांग्रेस नेता केवड़िया में सरदार वल्लभ भाई पटेल की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित करने नहीं गए, जिन्होंने 562 रियासतों को मिलाकर एक नए भारत का निर्माण किया।” नड्डा ने कहा कि देश के युवा "इन नकली देशभक्तों को" सच्चाई से रू-ब-रू कराएंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के लोगों को "सिर्फ और सिर्फ राजनीति करने से मतलब है"। देश की तरक्की और लोगों के हितों से उनका कोई लेना-देना नहीं है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि देश की जनता अब समझदार हो चुकी है। कार्यक्रम में गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल भी मौजूद थे। भाजपा अध्यक्ष ने अपने संबोधन में उनकी कार्यशैली की तारीफ की। उन्होंने कहा कि राज्य लगातार विकास कर रहा है। मौजूदा सरकार राजनीति से परे हटकर लोगों के हितों के बारे में सोच रही है। recent visitors 76

जनता की समस्याओं का समाधान सरकार की पहली प्राथमिकता – विधायक सिन्हा

महासमुंद. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मंशानुरूप और नगरीय प्रशासन मंत्री अरूण साव के मार्गदर्शन में जनसमस्या निवारण पखवाड़ा शिविर नागरिकों की समस्याओं और मांगों के समाधान के लिए नगरीय निकायों में सतत जारी है। शनिवार कों आज शिविर के अंतिम दिन महासमुंद के वार्ड क्रमांक 27,28 और 29 के नागरिकों की समस्याओं और मांगों के समाधान के लिए महिला जिम के पास पखवाड़ा का आयोजन किया गया था। महासमुंद मे कुल 11 शिविरों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में स्थानीय विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा और अध्यक्षता पूर्व राज्य मंत्री पूनम चंद्राकर ने की। कार्यक्रम मे मुख्य अतिथि एवं स्थानीय विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा ने कहा कि शिविर मे प्राप्त आवेदनो का निश्चित रूप से हल होगा। यहाँ गौरव पथ का जल्दी ही निर्माण होगा। नहर लींकिंग रोड भी बहुत जल्दी तैयार होगा। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में नगर पालिका मे विकास तेजी से होगा। समस्या का मिल जुलकर समाधान किया जायेगा। ज्यादा से ज्यादा आवास बनाने का प्रयास किया जाएगा। हमारी सरकार की प्राथमिकता जनता की समस्याओं का प्राथमिकता से हल करना है। शिविर की अध्यक्षता कर रहे पूर्व राज्य मंत्री पूनम चंद्राकर ने कहा कि जब से सरकार आई है तब से विकास के रास्ते खुल रहे है। अब तेजी से विकास हो रहा है। समस्या का समाधान किया जाएगा। मुलभुत सुविधा का विस्तार किया जाएगा। इस अवसर पर चंद्रहास चंद्राकर ने कहा कि स्थानीय समास्यो का समाधान होगा। सतपाल सिँह पाली ने कहा कि विकास का काम कर रहे है, निरंतर विकास कार्य जारी है। आम जनता विधायक से सीधे बात कर सकते है और अपनी समस्या का हल कर सकते है। शिविर में संदीप दीवान ने कहा कि27 जुलाई से लगातार शिविर का आयोजन किया जा रहा है। समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना और समस्यों का समाधान करना प्राथमिकता मे है।राज्य के सभी नगरीय निकायों मे शिविर का आज अंतिम दिन है। प्रदीप चंद्राकर ने कहा कि जनसमस्या निवारण पखवाड़ा का उदेश्य है एक मंच के नीचे सभी विभाग मौजूद है ताकि आम जन को भटकना मत पड़े। स्थानीय समस्या को यही समाधान करें. बड़े स्तर की समस्या को उपर भेजा जाएगा। शिविर मे पार्षद गण देवी चंद राठी, महेन्द्र जैन, मनीष शर्मा एवं प्रकाश शर्मा, श्रीमती सुजाता विश्वनाथन, श्याम साकरकर, विश्वनाथन, धरम साहू, देवेंद्र चंद्राकर, निरंजना शर्मा, प्रीति सोनी, सुधा साहू, सुनीता, उमा साहू, मधु यादव, रेखा बेहरा, राधारानी सहित बड़ी संख्या मे वार्ड वासी और विभाग के अधिकारी मौजूद थे। शिविर में राशन कार्ड, प्रधानमंत्री आवास निर्माण, पेयजल, राजस्व विभाग, विद्युत विभाग से संबंधित आवेदनों के अलावा जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, शहरी आजीविका मिशन, समाज कल्याण, महिला बाल विकास, भवन अनुज्ञा, सामाजिक पेंशन, आयुष्मान कार्ड, जाति प्रमाण पत्र आदि से संबंधित आवेदन प्राप्त हुए।जिसके निराकरण के निर्देश दिए गए है। recent visitors 77

ओला पीड़ित किसानों को मिला 9 लाख का मुआवजा, छत्तीसगढ़-बिलासपुर जिले के 4 गावों को सहायता

रायपुर. राज्य शासन द्वारा किसानों को खेती-किसानी में प्राकृतिक रूप से 33 प्रतिशत से अधिक नुकसान होने पर प्रति हेक्टेयर के हिसाब से मुआवजा दिए जाने का प्रावधान है। इस कड़ी में बिलासपुर जिले के बेलगहना तहसील के 4 गावों के 164 ओला पीड़ित किसानों को 9 लाख रुपए की मुआवजा राशि के चेक का वितरण किया गया है। कलेक्टर श्री अवनीश शरण के निर्देश पर एसडीएम युगल किशोर उर्वशा ने कोनचरा में आयोजित कार्यक्रम में प्रभावित किसानों को मुआवजा राशि के चेक वितरित किए। शेष किसानों को आरटीजीएस के जरिए राशि बैंक खातों में जमा करा दी गई। उल्लेखनीय है कि प्राकृतिक आपदा के अंतर्गत प्रति हेक्टेयर नुकसान के लिए 8500 रुपए की मुआवजा दी जाती है। 33 प्रतिशत अथवा इससे अधिक नुकसान पर मुआवजा दिए जाने का प्रावधान है। गौरतलब है कि बेलगहना के ग्राम पहांदा, कोनचरा, सुखेना और जरगा के किसानों का रबी धान की फसल को ओला वृष्टि से नुकसान पहुंचा था। उन्होंने जनदर्शन में कलेक्टर को आवेदन देकर मुआवजा की मांग की थी। कलेक्टर ने टीएल में रखकर इसकी प्रगति की समीक्षा की। राजस्व निरीक्षक और पटवारियों को तेजी से सर्वे कर प्रकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। लाभान्वित किसानों में पहांदा के 116, कोनचरा के 33, सूखेना के 11 और जरगा के 4 किसान शामिल हैं। recent visitors 94