पश्चिम बंगाल में रेप के बाद हत्या? महिला डॉक्टर की नग्न लाश मिलने से हड़कंप, भाजपा ने ममता को घेरा, CBI जांच की मांग

कोलकाता पश्चिम बंगाल में कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज में एक ट्रेनी डॉक्टर से हुई दरिंदगी ने हर किसी को हिलाकर रख दिया. लेडी डॉक्टर से पहले रेप किया गया, फिर उसकी बेरहमी से हत्या कर दी गई. पुलिस ने इस मामले में रेप का मामला दर्ज किया है और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर एक शख्स को गिरफ्तार किया है. लेडी डॉक्टर मेडिकल कॉलेज के सेमिनार हॉल में बेहोशी की हालत में मिली थी. उसे तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन डॉक्टर उसे बचा नहीं सके. इस मामले में पुलिस ने शुक्रवार (9 अगस्त) को सीसीटीवी फुटेज के आधार पर अस्थायी कर्मचारी संजय रॉय को गिरफ्तार किया. स्थानीय पुलिस ने बलात्कार का मामला दर्ज कर लिया है. ट्रेनी डॉक्टर के बारे में बताया जा रहा है कि वह सेकंड ईयर की स्टूडेंट थी. वह बेहोशी की हालत में शुक्रवार को सेमिनार हॉल में मिली था. उसे तुरंत डॉक्टर के पास ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. पीड़िता के परिवार से ममता ने की बात पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पीड़िता के माता-पिता से बात की है. परिवार ने उनसे मामले की निष्पक्ष जांच का अनुरोध किया है. पुलिस मामले में आगे की जांच कर रही है. पुलिस ने ट्रेनी डॉक्टर के शव का पोस्टमॉर्टम भी कराया है. इस मामले की जांच के लिए बंगाल पुलिस ने एक एसआईटी का भी गठन किया है. शुरुआती पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में यौन उत्पीड़न और हत्या की बात सामने आई है. रिपोर्ट में कहा गया है, 'उसकी दोनों आंखों और मुंह से खून बह रहा था, चेहरे और नाखून पर चोटें थीं. पीड़िता के निजी अंगों से भी खून बह रहा था. उसके पेट, बाएं पैर…गर्दन, दाएं हाथ और…होंठों पर भी चोटें थीं. दो महिला गवाह और महिला की मां पोस्टमार्टम के दौरान मौजूद थीं, जिसे कैमरे में रिकॉर्ड किया गया. कोलकाता पुलिस के एक अन्य वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि अपराध सुबह 3 से 6 बजे के बीच हुआ. 'शरीर पर जख्म, इलाज के बाद मौत' ट्रेनी डॉक्टर के साथ कथित यौन उत्पीड़न मामले पर बीजेपी की वरिष्ठ नेता अग्निमित्र पॉल ने कहा कि बच्ची के शरीर पर जख्म था. इलाज के बाद पीड़िता की मौत हो गई. हम चाहते हैं कि पूछताछ हो. उन्होंने ट्रेनी डॉक्टर के शव का पोस्टमॉर्टेम कराए जाने का भी विरोध किया और पूछा, 'शाम को पोस्टमॉर्टम क्यों किया गया?' बाहर कराया जाए पोस्टमॉर्टम कोलकाता के डॉक्टर मानस गुमटा ने मामले पर कहा कि यह हैरान कर देने वाली घटना है. ऐसा पहले कभी नहीं हुआ. यह केवल डॉक्टरों के बारे में नहीं है. हम कह सकते हैं कि पश्चिम बंगाल गुंडों के हाथों में चला गया है और हमें लगता है कि प्रशासन तथ्यों को दबाने की कोशिश कर रहा है और इसे आत्महत्या बताने की कोशिश कर रहा है. इन कारणों से हम मांग करते हैं कि पोस्टमॉर्टम आरजी कर अस्पताल के बाहर के फोरेंसिक विशेषज्ञों द्वारा किया जाना चाहिए, न कि आरजी कर अस्पताल के फोरेंसिक विशेषज्ञों द्वारा. उन्होंने स्टूडेंट्स संग विरोध-प्रदर्शन भी किया और आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की अपील की. आरजी कर कॉलेज के प्रिंसिपल डॉक्टर संदीप घोष ने भी इस मामले पर कहा, 'ये बहुत गलत हुआ है. वो मेरी बच्ची की तरह थी और ये कि कार्रवाई जल्द से जल्द होनी चाहिए.'     recent visitors 85

गाँवों में कम कीमत पर बेचते थे चोरी की बाइक्स, राजस्थान-बीकानेर में 3 चोर गिरफ्तार

बीकानेर. बीकानेर पुलिस ने शहर के अलग-अलग थाना क्षेत्रों से चुराई गई बाइक्स के साथ चोर गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार चोरों में गंगाशहर थाना इलाके के उदयरामसर निवासी सुरजाराम सांसी, पूनम सांसी और शेरूणा निवासी सुनील नायक शामिल है। पुलिस को इनके पास से दो दर्जन बाइक्स मिली हैं। एएसपी दीपक शर्मा शहर ने संवाददाता सम्मेलन में बताया कि शहर के विभिन्न इलाकों में हो रही बाइक चोरी की घटनाओं को लेकर जिला पुलिस अधीक्षक तेजस्विनी गौतम के निर्देशन में सीओ सिटी श्रवणदास संत, कोटगेट थानाधिकारी मनोज शर्मा के नेतृत्व में पुलिस की एक टीम बनाई गई थी जिसने इन तीन चोरों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से चोरी की दो दर्जन बाइक बरामद की गई है। पुलिस की गिरफ्त में आए तीनों चोर आदतन अपराधी हैं। आरोपी शहर से बाइक चुराकर ग्रामीण इलाकों में कम कीमत में ये बाइक बेच दिया करते थे। आरोपियों ने ये बाइक्स सदर, गंगा शहर, जेएनवीसी थाना इलाकों से चोरी की है। recent visitors 98

पाली में महिला का किडनैप कर दरिंदगी, दुष्कर्म के बाद नाले में फेंका, इलाज के दौरान मौत

पाली.  खबर राजस्थान के पाली जिले से है। 40 साल की एक महिला के साथ इतनी हैवानियत की गई कि उसकी जान चली गई। तीन – चार दिनों तक वह अस्पताल में भर्ती रही, लेकिन लगातार ब्लडिंग होने और शरीर के अंग खराब होने के कारण उसकी जान नहीं बच सकी। पुलिस ने गैंगरेप करने वाले आरेपियों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया है। दोनो आरोपी फरार है। पीड़िता ने अपनी सांसे टूटने से पहले पुलिस को उसके साथ हुई दरिंदगी की कहानी बयां की। फिल्मी स्टाइल में आरोपियों ने किया किडनैप केस की जांच कर रही औद्योगिक नगर थाना पुलिस ने बताया कि महिला के पति की मौत हो चुकी है। वह अपने भाई के मकान के नजदीक ही रहती है। उसकी दस साल की एक बेटी है। वह 2 अगस्त को शाम के समय किराना का सामान लेने के लिए घर से निकली थी। इसी दौरान उसका बदमाशों ने पीछा किया और मौका मिलते ही उसे दबोचकर कार में खींचकर ले गए। युवती चीखती-चिल्लाती उससे पहले ही आरोपियों ने उसके मुंह में कपड़ा ठूंस दिया था। इसके बाद गाड़ी को तेज रफ्तार में दौड़कार सुनसाइऩ इलाके में ले गए। पीड़िता के बेहोश करने के बाद तक करते रहे हैवानियत आरोपी महिला को जंगल में लेकर पहुंची और उसे तीन दिनों तक बांधकर रखा और कई बार गैंगरेप किया। वह बेहोश हो गई लेकिन वे लोग उसके साथ हैवानियत करते रहे। उसके बाद पांच तारीख को रेलवे स्टेशन के नजदीक सुनसान जगह पर स्थित नाले में फेंक गए। होश में आने पर किसी से फोन लेकर महिला ने अपने भाई को फोन किया। भाई और अन्य लोग वहां पहुंचे और उसे अस्पताल में भर्ती कराया। वहां पर उसका इलाज चल रहा था, लेकिन उसकी मौत हो गई। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया है। जिन दो आरोपियों पर केस दर्ज कराया गया है, दोनो अनजान हैं। उनकी तलाश की जा रही है। recent visitors 103

पुलिस को मिली बड़ी कामयाबी, छत्तीसगढ़-सुकमा में पांच महिलाओं समेत 11 नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण

सुकमा. छत्तीसगढ़ शासन की ”छत्तीसगढ़ नक्सलवाद उन्मूलन एवं पुनर्वास नीति’’ एवं ‘‘ नियद नेल्ला नार’’ योजना से प्रभावित होकर और पुलिस के बढ़ते प्रभाव से लाल आंतक आत्मसमर्पण कर रहा है। सुकमा जिले में 11 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। जिसमें पांच महिलाएं शामिल हैं। आत्मसमर्पित एक महिला नक्सली पर सरकार द्वारा पद के अनुरूप एक लाख रूपये इनाम घोषित है। नक्सलियों को आत्मसमर्पण हेतु प्रोत्साहित कराने में डीआरजी सुकमा, रेंज फिल्ड टीम डीआईजी ऑफिस कोंटा (आरएफटी) एवं  02, 50, 219, 228 वाहिनी सीआरपीएफ के आसूचना शाखा का विशेष प्रयास रहा है। इन नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण नक्सली महिला मड़कम देवे, माड़वी सन्ना, वेट्टी भीमा, वेक्को आयता ने बिना हथियार के आत्मसमर्पण किया।  अमृतेश कुमार, द्वितीय कमान अधिकारी 50 वाहिनी सीआरपीएफ एवं निरीक्षक रोशन सिंह राजपूत, प्रभारी नक्सल सेल सुकमा के समक्ष आत्मसमर्पण किया। महिला सोड़ी भीमे, पोड़ियाम हुंगा, महिला मड़कम सुक्की, महिला ओयाम जोगी, दूधी हांदा, महिला पदाम कोसी ने मनीष रात्रे, उप पुलिस अधीक्षक नक्सल ऑप्स सुकमा एवं निरीक्षक सुरेशपाल सिंह, 02 वाहिनी सीआरपीएफ के समक्ष बिना हथियार के आत्मसमर्पण किया। नक्सली सदस्य मड़कामी बुधु उर्फ बुधु यादव ने भी आत्मसमर्पण किया। कई नक्सली घटनाओं में रह चुके हैं शामिल मामले की पुष्टि करते हुए सुकमा एसपी किरण चौहान ने बताया कि उपरोक्त सभी सदस्य प्रतिबंधित नक्सल संगठन में जुड़कर विभिन्न नक्सली गतिविधियों जैसे पुलिस गस्त पार्टी की रेकी कर हमला करना, पुलिस पार्टी के आने-जाने वाले मार्गो में स्पाईक लगाना, मुख्य मार्गों को खोदकर अवरूद्ध करना, शासन-प्रशासन के विरूद्ध में नक्सली पर्चा-पाम्पलेट लगाना आदि घटनाओं में शामिल रहे है। सोढ़ी भीमे ने किया छोड़ा नक्सलियों का साथ: सरेंडर करने वालों में महिला माओवादी सोढ़ी भीमे भी शामिल है. सोढ़ी भीमे गोलापल्ली LOS सदस्य के रूप में सक्रिय थी. भीमे पर सरकार ने 1 लाख रुपये का इनाम घोषित किया था. सरेंडर करने वाले नक्सलियों में मड़कम देवे, माड़वी सन्ना, वेट्टी भीमा, वेक्को आयता, पोडियाम हूंगा, मड़कम सुक्की, ओयाम जोगी, दूधी हांदा, पदाम कोसी और मड़कामी बुधु शामिल हैं. सभी नक्सली नक्सल संगठन में अलग अलग इलाके में अलग अलग पद पर पदस्थ थे. सभी माओवादियों को जल्द ही नक्सलवाद उन्नमूलन नीति के तहत सहायता राशि और अन्य सुविधाएं शासन की ओर दी जाएंगी. बीजापुर में तीन माओवादियों ने किया सरेंडर: बीजापुर जिले में चलाए जा रहे एंटी नक्सल ऑपरेशन के दौरान तीन माओवादियों ने सरेंडर कर दिया. सभी माओवादियों ने बीजापुर एसपी जितेंद्र कुमार यादव के सामने सरेंडर किया. सरेंडर करने वाले नक्सली सरकार की नई पुनर्वास नीति से प्रभावित हैं. सरेंडर करने वालों में रमेश फरसा भी शामिल है. फरसा पर सरकार ने आठ लाख का इनाम रखा था. फरसा पीएलजीए कंपनी नंबर दो में प्लाटून नंबर एक का सदस्य रहा है. नक्सली मनकी माड़वी उर्फ सरिता पर भी आठ लाख का इनाम था. 'नक्सली संगठन में होता है भेदभाव': सभी नक्सली लंबे वक्त से माओवादी वारदातों को अंजाम देने में शामिल रहे हैं. सरेंडर करने वाले माओवादियों का कहना था कि संगठन में उपेक्षा किए जाने और भेदभाव पूर्ण व्यवहार के चलते वो दुखी थे. नक्सलियों के द्वारा आम लोगों पर किए जा रहे अत्याचार से भी वो परेशान थे. सरकार की पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर उन्होने सरेंडर किया. recent visitors 107

रचना टॉवर लूट मामले में पुलिस आज भी खाली हाथ, लूट का किया रिक्रिएशन

भोपाल  भोपाल में विधायक और सांसदों के लिए बनाई गई मल्टी स्टोरी बिल्डिंग रचना टावर में बुधवार को सुबह 12 लाख की लूट करने वाले बदमाशों का पुलिस अब तक कोई सुराग नहीं लग पा रहा है। शुक्रवार को पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर लूट की घटना का अपने तरीके से रिक्रिएशन किया था। इस दौरान एसीपी गोविंदपुरा दीपक नायक और एसीपी मिसरोद संभाग रजनीश कश्यप शामिल हुए। इधर, पुलिस की सात टीमें ने अपने स्तर पर जानकारी जुटाने की कोशिश में लगी है। कंपनी के कर्मचारी पर शक पुलिस की शुरुआती जांच में अब इस लूट के पीछे पेशेवर बदमाशों के यूपी, बिहार के गिरोह के शामिल होने की आशंका जताई जा रही है। इसके पीछे शराब कंपनी के एक कर्मचारी पर पुलिस को संदेह है, उससे घटना के बाद से पूछताछ की जा रही है। पुलिस के मुताबिक रचना टावर में शराब कंपनी का दफ्तर अवैध रूप से चलाया जा रहा था। पुलिस ने आरोपितों का सुराग देने पर 30 हजार रुपए का इनाम भी घोषित किया है। फरियादी का दर्ज किया बयान लूट के फरियादी मैनेजर श्याम सुंदर जायसवाल के बयान गोविंदपुरा पुलिस ने दर्ज कर लिए हैं। उन्होंने बताया कि आरोपित को नहीं जानते, पहले उन्हें कभी देखा भी नहीं। दोनों की उम्र 25-30 साल के बीच रही होगी। आरोपितों ने कट्टा तानने के बाद हाथ पीछे रखने के लिए कहा। किसी भी तरह की हरकत करने पर भेजा उड़ा देने की धमकी दी थी। लिहाजा मैने कोई विरोध नहीं किया। उन्हें कलेक्शन से भरे बैग को दिखा दिया और आरोपित उसे लेकर भाग निकले। घटना के रिक्रिएशन के लिए पहुंचे दोनों एसीपी इस लूट का रिक्रिएशन करने के लिए एसीपी गोविंदपुरा दीपक नायक और एसीपी मिसरोद संभाग रजनीश कश्यप रचना टावर के एआईजी विंग में फ्लैट नंबर 108 पर पहुंचे और घटना वाले दिन की तरह नाट्य रूपांतरण किया गया। recent visitors 79

निजी स्कूल में बिना परमिशन चल रहा था मदरसा, मिला इबादत खाना, रविवार की जगह शुक्रवार की छुट्टी

 सागर राज्य बाल संरक्षण आयोग के सदस्य ओंकार सिंह राजपूत शुक्रवार शाम बाल सरक्षण आयोग, विधि परिवीक्षा अधिकारी, कई और विभागों के सदस्य सहित परसोरिया गांव पहुंचे. जहां पर उन्होंने मौलाना आजाद मिडिल स्कूल का औचक निरीक्षण किया. निरीक्षण में स्कूल के साथ मदरसा और मस्जिद भी मिली. ओंकार सिंह का कहना है कि मौलाना आजाद स्कूल परसोरिया में स्कूल के नाम पर अवैध मदरसा चलाया जा रहा है. जबकि मदरसे की उनके पास मान्यता भी नहीं है. स्कूल में मस्जिद और इबादत खाना है, स्कूल के ड्रेस कोड में मुस्लिम परिधान है. स्कूल संचालन के लिए आठवीं तक की मान्यता है. अवासीय स्कूल की मान्यता प्राप्त नहीं है. यहां बच्चे दसवीं क्लास में पढ़ते हुए मिले हैं. स्कूल की मान्यता पर मदरसे का संचालन मध्य प्रदेश राज्य बाल संरक्षण आयोग के सदस्यों ओंकार सिंह राजपूत ने बताया कि, हमारे निरीक्षण में स्कूल परिसर में कुछ चीजें आपत्तिजनक पाई गई हैं. जैसे स्कूल में मदरसा भी चलाया जा रहा है. जबकि उनके पास आठवीं तक स्कूल चलाने की अनुमति है, लेकिन नवमी और दसवीं के बच्चों को भी पढ़ाया जा रहा है. स्कूल के छात्रावास में इबादत खाना है और जहां बच्चे पढ़ते और खाना खाते हैं, वहां पर मस्जिद है. बच्चों की यूनिफॉर्म बिल्कुल मुस्लिम परिधान की तरह है. यहां कुछ बच्चे पगड़ी भी पहनते हैं. स्कूल चलाने की अनुमति के बावजूद यहां पर मदरसा चलाया जा रहा है. कुछ बच्चों ने शिकायत की थी कि, ''4:30 बजे हमें जगा दिया जाता है.'' स्थानीय बच्चों को नहीं दिया एडमिशन आयोग के सदस्यों ओंकार सिंह राजपूत ने बताया कि, ''इसके पहले मदरसे और स्कूल की छुट्टी शुक्रवार को होती थी लेकिन अब मदरसे की छुट्टी शुक्रवार को होती है और स्कूल की छुट्टी रविवार को होती है.यहां पर बहुत सारी अनियमिताएं हैं, यहां स्थानीय बच्चों को एडमिशन नहीं दिया गया है, सभी बच्चे बाहर से आए हैं. कई बच्चे ऐसे हैं जिनके बारे में जानकारी भी नहीं है कि वह कहां से आए हैं. कई बच्चे ऐसे हैं जिनका नाम मुख्यमंत्री बाल आशीर्वाद योजना में होना चाहिए था लेकिन नहीं है. हमने ऐसे बच्चों की सूची बनाई है और उन्हें इसका लाभ दिलवाएंगे.''   आयोग के सदस्यों ने बच्चों से बातचीत भी की आयोग के सदस्यों ने बच्चों से बातचीत भी की। यहां पर आयोग को कई अनियमितताएं देखने को मिली। पढ़ाई के नाम पर यहां पढ़ने वाले बच्चों को प्रताड़ित करने की भी बात सामने आई है। मप्र बाल संरक्षण आयोग के सदस्य ओंकार सिंह ने बताया कि परसोरिया में संचालित मौलाना आजाद स्कूल के नाम पर अवैध मदरसा चलाया जा रहा है। अन्य स्थानों की शासकीय शाला के बच्चे मिले उन्होंने बताया कि जब टीम ने बच्चों से बात की तो कुछ ने रोते हुए बताया कि उन्हें सुबह 4.30 बजे जबरन उठाकर मदरसे में पढ़ाया जाता है। वहीं मदरसा संचालित करने की स्कूल के पास मान्यता ही नहीं है। इस स्कूल में स्थानीय बच्चों की जगह दूसरी अन्य स्थानों की शासकीय शाला के बच्चे मिले। स्कूल में मस्जिद के साथ इबादत व वजूस्थल भी मिला। सभी बच्चे यहां मुस्लिम वेशभूषा वाले गणवेश में थे। आठ बच्चों के माता-पिता नहीं, यह बाल आशीर्वाद योजना से वंचित आयोग के सदस्य ओंकार सिंह ने बताया कि आठ बच्चे ऐसे मिले, जिनके माता-पिता नहीं है। इन बच्चों को प्रदेश सरकार की बाल आशीर्वाद योजना का लाभ मिलना चाहिए लेकिन यह योजना से वंचित हैं। चार बच्चे ऐसे भी हैं, जिनके माता या पिता नहीं है। सभी बच्चों की जानकारी एकत्रित की गई है। आवासीय स्कूल की मान्यता नहीं परसोरिया के मौलाना आजाद स्कूल को केवल आठवीं तक की मान्यता है, लेकिन यहां आवासीय सुविधा भी उपलब्ध कराई गई जो अवैध है। छात्रावास में नवमीं व दसवीं तक के छात्र मिले। आयोग के सदस्य ओंकार सिंह ने बताया कि मदरसे की छुट्टी शुक्रवार को होती है। बच्चों ने बताया कि पहले आजाद स्कूल की भी छुट्टी शुक्रवार को होती थी, लेकिन एक महीने पहले ही स्कूल की छुट्टी रविवार को शुरू की गई। आयोग सदस्य सिंह ने बताया कि इस सभी अनियमितताओं का जांच प्रतिवेदन बनाकर कार्रवाई के लिए भेजा जाएगा।   recent visitors 125

बॉयफ्रेंड के चक्कर में विवाद, छत्तीसगढ़-सरगुजा में लड़कियों ने एक-दूसरे के पकड़े बाल

अम्बिकापुर. छत्तीसगढ़ के सरगुजा अंचल क्षेत्र में आए दिन लड़के-लड़कियों के बीच विवाद होने की बात अब आम सी हो गई। आए दिन लड़कियों के बीच मारपीट की घटनाएं घटित होती रहती है। जिसके वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते रहते हैं। इसी कड़ी में आज शुक्रवार की दोपहर अम्बिकापुर शहर के पीजी कॉलेज मैदान में चार लड़कियां बॉयफ्रेंड की बात को लेकर आपस में भिंड गई। इसमें दो युवतियां एक युवती के बाल पकड़कर खिंचती रहीं। जबकि एक अन्य लड़की उनका बीच बचाव करते हुए नजर आई। वहां मौजूद लड़कों ने इस घटना का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर खूब सुखियां बटोरी। दरअसल, बताया जा रहा है कि दो युवतियां एक ही लड़के को पसन्द करती है। इसको लेकर शुक्रवार की दोपहर अम्बिकापुर स्थित पीजी कॉलेज मैदान स्थित हैंडबॉल ग्राउंड के पास सड़क पर दोनों के बीच विवाद हो गया। विवाद बढ़ने पर दोनों ने एक-दूसरे के बाल पकड़कर मारपीट शुरु कर दी। इस बीच देखते ही देखते दो-दो लड़कियों का गुट बन गया और दोनों के बीच मारपीट शुरू हो गई। इसी बीच दो लड़कियां एक युवती के बाल पकड़कर खींचने लगीं। लड़कों ने मारपीट का वीडियो बनाया लड़कियों के बीच  मारपीट का वीडियो  वहां मौजूद लड़कों ने अपने-अपने मोबाइल में बना लिया। एक-दो लड़के छुड़ाने जाने लगे तो वहां मौजूद अन्य लड़कों ने मना कर दिया। वहीं लड़के बीच-बीच में कमेंट्स भी करते नजर आए। यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। लड़कियां कहां की हैं, इसका पता फिलहाल नहीं चल सका है। recent visitors 92