एमसीबी में गैस सिलेण्डर मे लगी आग, पूरा घर जलकर खाक, बाल-बाल बचें घरवालें

एमसीबी में गैस सिलेण्डर मे लगी आग, पूरा घर जलकर खाक, बाल-बाल बचें घरवालें एमसीबी-मनेद्रगढ़ चिरमिरी भरतपुर जिले में घरेलू गैस सिलेंडर से रिसाव और आगजनी का मामला सामने आया है। यहां एक महिला शाम के समय घर में खाना बनाने की तैयारी कर रही थी। उस समय महिला के साथ उसके बच्चे भी थे, तभी अचानक गैस सिलेंडर में रिसाव हुआ। देखते ही देखते पूरे कमरे में आग लग गई। महिला ने भाग कर किसी तरह अपनी और अपने बच्चों की जान बचाई। दरअसल, ये पूरी घटना मनेन्द्रगढ़ चिरमिरी भरतपुर के नगर पालिक निगम चिरमिरी के डोमनहील क्षेत्र की है। यहां गुरुवार शाम को एक घर में आगजनी की घटना घटी। घटना के समय महिला अपने घर में खाना बनाने की तैयारी कर रही थी। उसका दो साल का बच्चा उसके साथ में था। तभी अचानक से घर में लगे हुए एलपीजी गैस सिलेंडर से रिसाव होते ही उसमें आग लग गई। महिला ने किसी तरह अपनी और अपने बच्चों की जान बचाई। आग पूरे कमरे में लग गई। जैसे ही इस घटना की जानकारी चिरमिरी पुलिस को लगी। पुलिस ने तत्काल ही आग बुझाने का प्रयास किया फिलहाल आग पर काबू पा लिया गया है। वहीं, इस आगजनी में पुलिस का एक जवान भी घायल हो गया। महिला ने बताया कि घटना के वक्त अपने घर में खाने की तैयारी कर रही थी। उस वक्त मेरा बच्चा मेरे साथ में था। जैसे यह आग लगी, मैं अपने बच्चों को लेकर घर से भाग गई। प्रत्ययदर्शियों की मानें तो इस घटना को लेकर उन्होंने स्थानीय पुलिस के साथ-साथ नगर पालिका निगम चिरमिरी के अग्निशमन विभाग को इसकी सूचना दी थी, लेकिन अग्निशमन विभाग की उदासीनता यहां देखने को मिली। विभाग की टीम मौके पर नहीं पहुंची, वहीं, तीन माह से गाड़ी खराब होने की बात अग्निशमन विभाग की ओर से कही गई। जैसी ही इस घटना की जानकारी प्राप्त हुई, तत्काल घटनास्थल पर पुलिस की टीम पहुंची। काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। ज्ञात हो कि इस घटना में एक जवान घायल हुआ है। वहीं, पुलिस ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। फिलहाल आग पर काबू पाया जा चुका है। वहीं, आग लगने के बाद फायर ब्रिगेड की टीम को जानकारी देने के बाद भी टीम मौके पर नहीं पहुंची। recent visitors 81

सर्व आदिवासी समाज संगठन के तात्वाधान में विष्व आदिवासी दिवस नगर में हर्षोल्लास से मनाया गया

डिण्डौरी  विष्व आदिवासी दिवस की 30 वीं वर्षगांठ के अवसर पूरे जिले में कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिला मुख्यालय में सर्व आदिवासी समाज संगठन के तात्वाधान में बस स्टेण्ड जिला अस्पताल के सामने मनाया गया, इस अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन तथा रैली एंव मंचीय उदबोधन विद्वानों ने व्यक्त किया, कार्यक्रम के मुख्य वक्ता विजय भाई संस्थापक भारत जन आंदोलन (उड़ीसा) ने अपने उदबोधन मे ंकहा कि अनुसूचित क्षेत्रों में वर्तमान में कोई भी कानून का संचालन पाॅचवी अनुसूची के तहत नहीं किया जा रहा है, इस संबध में राज्य को कानून बनाना था लेकिन 75 वर्षो के बाद भी हमारे गांव में हमारे राज की संकल्पना नहीं हो सकी है, वंही अमान सिह पोर्ते एंव राजाबली मरावी ने कह कि बड़ी विडम्बना है कि राज्य में 22 प्रतिषत आदिवासी आबादी होने के बाद भी एक दिन का अवकाष मध्यप्रदेष सरकार द्वारा नहीं रखा गया है, अवकाष ना होने के कारण बहुत से कर्मचारी, छात्र छात्राऐं कार्यक्रम में उपस्थित नहीं हो सके।     देष में आदिवासी समुदाय 8.5 प्रतिषत निवासरत है, तथा मध्यप्रदेष में 22 प्रतिषत जनसंख्या है। जल जंगल जमीन के अधिकारों को लेकर समुदाय आजादी के पूर्व से संघर्ष कर रहा है, लाखों आदिवासी महिला पुरूष आजादी के संघर्ष में शहीद हो गए, आजादी के बाद संविधान में अधिकार तो दिए लेकिन समय पर उन अधिकारों पर कानून ना बनने से पाॅचवी अनुसूचित क्षेत्र में गैर आदिवासियों ने आदिवासी समाज सामाजिक, आर्थिक, धार्मिक शोषण किया है, जिससे आदिवासी समाज देष की मुख्य धारा के साथ नहीं चल सका, देष के विकास में सरकारी आंकड़ो में दो करोड़ से ज्यादा आदिवासी विस्थापन हो चुका है, ओर वर्तमान में जो परियोजनाऐं, अभ्यारण्य कारीडोर, नवीन खनिज उत्खनन क्षेत्र तथा अन्य विकासषील कार्यो में 05 लाख से ज्यादा आदिवासी देष में विस्थापन होना है। स्वतंत्र भारत में आदिवासियों के अधिकारों को अमान्य कर उनके साथ ऐतिहासिक अन्याय हुआ? भारत की स्वतंत्रता के साथ-साथ अग्रेंजों के बनाए विभिन्न कानून सम्पूर्ण भारत सहित आदिवासी क्षेत्रों में लागू हुए, जिससे कि कभी भी पराधीन न होने वाला आदिवासी समाज, आजादी के साथ कानूनी रूप से गुलाम बना, उनके अधिकारों का हनन प्रारंभ हुआ( अंग्रेजो द्वारा आदिवासी क्षेत्रों को विषेष अधिसूचित क्षेत्र घोषित किया गया था, जहां पर उनके धर्म, रीतिरिवाज, परम्पराओं में अंग्रेजो का हस्तक्षेप नहीं था। ) भारत के संविधान में आदिवासी क्षेत्र को अधिसूचित कर पांचवीं व छठी अनूसूची क्षेत्र घोषित किया गया, व उनके अधिकारों को संवैधानिक सरंक्षण प्रदान किया गया, परंतु शासन-प्रषासन की इच्छाशक्ति के अभाव में आदिवासी आज भी अपने संवैधानिक अधिकारों के लिए व अपने संसाधनों के सरंक्षण के लिए संघर्षरत है। ज्ञापन के मुख्य बिंदु: अनुसूचित क्षेत्रों में स्वशासनः (1)    अनुसूचित क्षेत्र में मध्यप्रदेश पंचायतराज अधिनियम को खारिज़ कर पेसा कानून के तहत मध्यप्रदेश अनुसूचित क्षेत्र पंचायत अधिनियम बनाकर ’’ग्राम सरकार’’ (धारा 4 (घ)) तथा स्वशासी जिला सरकार, (धारा 4(ण)) का गठन तथा सुसंगत नियमन बनाया जावे। (2)    पेसा कानून 1996, मध्यप्रदेष पेसा नियम 2022 व स्वषासन – अनुसूचित क्षेत्रों मे स्वषासन (हमारे ग्राम में हमारा राज): मध्यप्रदेष में पेसा कानून 1996 व मप्र पेसा नियम 2022 लागू हैं। पेसा कानून की मंषा के अनुरूप् पारंपरिक ग्रामसभा को सषक्त करते हुए ‘‘ स्वषासन ’’ व ग्राम-सरकार की स्थापना व उसका नियमों के माध्यम से क्रियान्वयन सुनिष्चित किया जावे। 3.    मध्यप्रदेश में वन अधिकार मान्यता कानून का  मिशन मोड में कार्यन्वयन किया जावे। 4.    विस्थापन विहीन विकास:- आदिवासी क्षेत्रों में बड़ी  विकास परियोजनाओ के कारण विस्थापन पर रोक लगाना और परियोजनाओ का लाभ हानी की पड़ताल एवं परियोजनाओ का अन्य स्थाई विकल्प की तलाश किया जाये। 5.    आदिवासी समाज को बांध विरोधी प्रचारित किया जाता है, आदिवासी बांध विरोधी नहीं विकास का विरोधी नहीं, विस्थापन का विरोध करता है, छोटे बांध हो कम विस्थापन हो जिससे आदिवासी समाज की सामाजिक रीति रिवाज पंरपराओं का संरक्षण हो सके। एंव रोजगार, श्रमिक, कर्मचारियों, महिलाओं , षिक्षा स्वास्थ्य, सामाजिक सुरक्षा, आदि 26 सूत्रीय मांग रखी गई। इस अवसर पर अतिथिगणों के साथ ही ननकू सिंह परस्ते, भगवंता परस्ते, महेन्द्र सिंह परस्ते, ओमकार तिलगाम रूपसिंह मरावी, वीरेन्द्र तेकाम, अमर सिंह मार्को, पप्पू करचाम, सरपंचगण, सहित हजारों कार्यकर्ता कार्यक्रम में सम्म्लित रहे। कार्यक्रम का सफल संचालन वरिष्ठ समाज सेवी हरी सिंह मरावी ने किया इस अवसर पर 26 सूत्रीय मांग पत्र महाहिम राष्ट्रपति महोदया, राज्यपाल, माननीय प्रधानमंत्री एंव अन्य मंत्रालय तथा आयोग के नाम मंच पर ज्ञापन दिया गया ज्ञापन लेने के लिए जिला कलेक्टर की और से श्रीमान तहसीलदार उपस्थित रहे। recent visitors 77

विश्व आदिवासी दिवस कार्यक्रम ठेंगाडांड़ में संपन्न

पेंड्रा जिला जीपीएम विकास खंड गौरेला के ग्राम ठेंगाडांड़ में आयोजित विश्व आदिवासी दिवस कार्यक्रम में भाजपा प्रदेश मंत्री प्रबल प्रताप सिंह जूदेव शामिल हुए। कार्यक्रम की अध्यक्षता सुश्री ममता पैकरा, विशिष्ट   अतिथि छत्तीसगढ़ सर्व आदिवासी समाज के जिलाध्यक्ष अध्यक्ष अशोक सिंह पेंद्रो एवं महिला प्रभाग जिलाधक्ष चित्रा सांडे , उपाध्यक्ष कुमेष बैगा, कोषाध्यक्ष विजयपाल धुर्वे , मीडिया प्रभारी भूपेंद्र ओटी तथा हमारेक्षेत्र के सरपंच वा जनपद सदस्य रोहित सिंह मार्को गणेश मार्को एवं वरिष्ठ जन शामिल हुए। सर्वप्रथम समाज के युवाओं के द्वारा भव्य  बाइक रैली का गौरेला शहर में भ्रमण  किया गया। तत्पश्चात बाइक रैली गौरेला सेकोनी बदावनदंड होते हुए खोडरी में मुख्य अतिथि प्रबल प्रताप सिंह जूदेव*जी बाइक रैली में शामिल हुए। "एक तीर एक कमान सर्व आदिवासी एक समान" नारो से गुंजायमान रैली ठेंगाडांड़ पहुंची। समस्त अतिथियों के द्वारा डोकरी दाई, बूढ़ादेव एवं आदिवासी समाज के समस्त सपूतों का पूजन कार्य संपन्न किया गया। ठेंगाडांड़ में आयोजित मंचीय कार्यक्रम में समस्त अतिथियों का स्वागत एवं वंदन किया गया। छोटे-छोटे बच्चों के द्वारा आकर्षक एवं रंगारंग कार्यक्रम का प्रस्तुतीकरण किया गया। मुख्य अतिथि *प्रबल प्रताप सिंह जूदेव ने अपनी ओजस्वी उद्बोधन में आदिवासी समाज के पुरोधाओं को नमन करते हुए उन्हें जन, जंगल एवं जमीन का संरक्षक बताया। आदिवासी समाज के गौरवशाली इतिहास को याद करते हुए उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज ही संस्कृति की धरोहर रहा है। अपने पिता श्री दिलीप सिंह जूदेव जी का संस्मरण करते हुए कहा की श्री दिलीप सिंह जूदेव ने आदिवासी जनजातीय समाज के पुनरोत्थान एवं घर वापसी कार्यक्रम के अंतर्गत अनेक धर्मांतरित लोगो को मूल धारा में वापस शामिल किया। जनतीय कल्याण के लिए गौरवशाली कार्य किया। अध्यक्ष ममता पैकरा ने क्षेत्र के आदिवासी बच्चों के लिए सांस्कृतिक गतिविधियों के प्रशिक्षण हेतु विद्यालय की मांग की। कार्यक्रम का संचालन पूर्व जनपद अध्यक्ष दशरथ सिंह मार्को एवं आभार प्रदर्शन भंवर सिंह गोवास ने किया। मुख्य अतिथि श्री प्रबल प्रताप सिंह के द्वारा बच्चों को पुरस्कार स्वरूप ₹5500 की राशि एवं संस्कृत विद्यालय खुलवाने का आश्वासन दिया। उक्त कार्यक्रम में मातादीन भानु, फागुन सिंह धनुहार, भागदुनिया पोर्ते, लालजी अगरिया, फूल सिंह पेंद्रो, संतराम भानू सरपंच ठेंगाडाड, उमेंद्र सिंह श्याम (सरपंच खोडरी), कार्तिक सिंह सिदार (प्राचार्य एकलव्य नेवसा), श्रीपाल सिंह सरपंच तराई गांव, बजरंग वाकरे सरपंच,  पीपरखूंटी, मुन्ना भानू सरपंच अंजनी, रोहित मार्को जनपद सदस्य गौरेला, घनश्याम मार्को सरपंच बढावनडांड़, गणेश मार्को जनपद सदस्य गौरेला, महेश राठौर, नगर पंचायत गौरेला के उपाध्यक्ष संदीप जायसवाल, जिला भाजपा उपाध्यक्ष दिलीप यादव, छेदी केसरवानी, दुर्गेश मिश्रा, अभय वर्मा, पीयूष अग्रवाल, सनी अगवानी, भूपेन्द्र ओट्टी, जित्तू बंजारे, विक्की केसर्वानी, राशिद खान, राज जैन, राजकुमार दुबे, ओंकार सिंह श्याम, मनोज यादव, किसन चक्रधारी एवं क्षेत्र के आदिवासी समाज जन शामिल हुए। recent visitors 69

मंत्री शुक्ला ने बताया कि वर्तमान में, एसजेवीएन का कुल परियोजना पोर्टफोलियो 56802.40 मेगावाट

भोपाल नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला ने बताया है कि भारत सरकार के विद्युत मंत्रालय के अधीन एक मिनी रत्न अनुसूची ‘ए’ सीपीएसयू एसजेवीएन लिमिटेड ने अपनी 90 मेगावाट ओंकारेश्वर फ्लोटिंग सोलर परियोजना का  सफलतापूर्वक कमीशन कर दिया है। परियोजना का निष्पादन एसजेवीएन की पूर्ण स्वामित्व वाली अधीनस्थ कंपनी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड (एसजीईएल) द्वारा किया गया है। परियोजना के कमीशन होने पर एसजेवीएन की कुल स्थापित क्षमता बढ़कर 2466.50 मेगावाट हो गई है। परियोजना 646 करोड़ रूपये की लागत से की गई है विकसित देश का सबसे बड़ा है सोलर पार्क ओंकारेश्वर फ्लोटिंग सोलर परियोजना 90 मेगावाट क्षमता की है। यह भारत का सबसे बड़ा सोलर पार्क है। परियोजना मध्य एवं उत्तर भारत की सबसे बड़ी फ्लोटिंग सोलर परियोजनाओं में से एक है। परियोजना के कमीशन होने के साथ ही कंपनी ने फ्लोटिंग सोलर पावर सेगमेंट में प्रवेश कर लिया है।  मंत्री शुक्ला ने बताया कि परियोजना को 646.20 करोड़ रुपए की लागत से विकसित किया गया है और इससे प्रथम वर्ष में 196.5 मिलियन यूनिट विदयुत उत्पादन होने की संभावना है। 25 वर्षों की अवधि में अनुमानित संचयी विदयुत उत्पादन 4629.3 मिलियन यूनिट होगा। परियोजना से एसजेवीएन के राजस्व में 64 करोड़ रुपए की वृद्धि होगी। कमीशन होने पर यह परियोजना 2.3 लाख टन कार्बन उत्सर्जन को कम करेगी और वर्ष 2070 तक भारत सरकार के शुद्ध शून्य कार्बन उत्सर्जन मिशन में महत्वपूर्ण योगदान देगी। उक्त परियोजना जल वाष्पीकरण को कम करके जल संरक्षण में भी सहायक होगी। 25 वर्षों के लिए हुआ है एमओयू मंत्री शुक्ला ने बताया कि इस परियोजना को बिल्ड ओन एंड ऑपरेट के आधार पर प्रतिस्पर्धी टैरिफ बोली के माध्यम से 3.26 रुपए प्रति यूनिट की दर पर हासिल किया गया है। बोली को आरईडब्यूगीन ए अल्ट्रा मेगा सोलर लिमिटेड (आरयूएमएसएल) द्वारा आयोजित किया गया था। एसजीईएल और आरयूएमएसएल एवं एमपीपीएमसीएल के मध्य 25 वर्षों की अवधि के लिए विदयुत क्रय करार किया गया है। परियोजना पोर्टफोलियो 56802.40 मेगावाट है मंत्री शुक्ला ने बताया कि वर्तमान में, एसजेवीएन का कुल परियोजना पोर्टफोलियो 56802.40 मेगावाट है और कंपनी जलविद्युत, पंप स्टोरेज, थर्मल और नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में परियोजनाओं का निष्पादन कर रही है।   recent visitors 82

स्किल डेवलपमेंट में जुगाड़ कार्यक्रम शुरू करें, यह कम पढ़े-लिखे लोगों के लिए उपयोगी होगा- मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को मंत्रालय में तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार विभाग की बैठक ली। इसमें सीएम ने संत शिरोमणि रविदास ग्लोबल स्किल्स पार्क भोपाल के कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने समय-सीमा में कार्य करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्किल डेवलपमेंट का दायरा बहुत विस्तृत है। हर कॉलेज में स्किल डेवलपमेंट के कोर्स संचालित किए जाने चाहिए। उन्हें रोजगारपरक पाठ्यक्रमों को जोड़ा जाए। विद्वानों का मार्गदर्शन लेकर कौशल विकास के कार्य किए जाएं। बैठक में कौशल विकास एवं रोजगार विभाग राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम टेटवाल, मुख्य सचिव वीरा राणा, अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा और अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।  मुख्यमंत्री ने कहा कि कम जमीन से ज्यादा उपज प्राप्त करने का कार्य भी स्किल डेवलपमेंट ही है। आमदनी बढ़ाने के लिए स्किल डेवलपमेंट जरूरी है। हर विभाग में स्किल डेवलपमेंट का प्लान बने। अपने-अपने क्षेत्र में संभावनाएं तलाशी जाएं। पशुधन से दूध-उत्पादन, नस्ल सुधार, दूध से बने उत्पादों का प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित हों। कोई विकासखंड बगैर आईटीआई के न हो प्रदेश में कुल 956 आईटीआई संचालित हैं। हर विकासखंड में आईटीआई संचालित होना चाहिए। कोई भी विकासखंड बगैर आईटीआई के न रहे। आईटीआई के विद्यार्थियों को अधिकाधिक संख्या में रोजगार और प्लेसमेंट हो। हॉर्टीकल्चर से बड़े पैमाने पर रोजगार मिल रहा है।मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जिलों में जिस तरह के औद्योगिक क्षेत्र हैं, उसके अनुरूप विद्यार्थियों को प्रशिक्षण दिया जाए। उन्होंने महिला स्व-सहायता समूह द्वारा बनाए जा रहे उत्पादों की जानकारी ली।  मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बहनों को टेक्सटाइल उद्योग से जोड़ने के लिए आवश्यक प्रबंध करने को कहा। उच्च शिक्षा एवं स्कूल शिक्षा विभाग में विभिन्न भाषाओं का ज्ञान दिया जाये। स्किल डेवलपमेंट के प्रमोशन कार्यक्रम हों। टूरिज्म में रोजगार बढ़ाने का कार्य करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री सीखो-कमाओ योजना के बेहतर क्रियान्वयन के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी विश्वविद्यालयों में कृषि एवं उद्यानिकी के विषय प्रारंभ किए जाएं। स्किल डेवलपमेंट में जुगाड़ कार्यक्रम शुरू करें। यह कम पढ़े-लिखे लोगों के लिए उपयोगी होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ग्लोबल स्किल पार्क की कल्पना को साकार करने के लिए समुचित प्रबंध सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। recent visitors 64

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि आज के दौर में चिकित्सा क्षेत्र का अत्यंत महत्व है

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि आज के दौर में चिकित्सा क्षेत्र का अत्यंत महत्व है। इसलिये चिकित्सा क्षेत्र में बेहतर से बेहतर उपचार की व्यवस्थाएं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जीवन बचाने का कार्य चिकित्सक ही करते हैं, यह बड़ा पुण्य का कार्य है। मध्यप्रदेश को आपातकालीन चिकित्सा के क्षेत्र में नम्बर वन बनाने के प्रयास किये जायें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव आज अटल बिहारी वाजपेयी ऑडिटोरियम, एम्स भोपाल में तीन दिवसीय 20वां अखिल भारतीय अकादमिक आपताकलीन चिकित्सा सम्मेलन दीक्षान्त एवं पुरस्कार समारोह का शुभारंभ कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर, अध्यक्ष एम्स डॉ. सुनील मलिक, अन्य पदाधिकारी तथा बड़ी संख्या में चिकित्सक मौजूद थे। एम्स के कार्यपालक निदेशक अजय सिंह ने स्वागत उद्बोधन दिया। अतिथियों ने स्मारिका एवं स्वास्थ्य सेवाओं संबंधी इमरजेंसी दस्तावेज का विमोचन किया। इसमें बड़ी संख्या में देश-विदेश के प्रतिभागी शामिल हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने स्वास्थ्य क्षेत्र का कायाकल्प कर दिया है। भारत में कोरोना का नि:शुल्क टीका लगाकर एक-एक व्यक्ति की जान बचाने का अभूतपूर्व कार्य हुआ है। उन्होंने कहा कि तीन दिवसीय सम्मेलन में विचारों के मंथन से इमरजेंसी मेडिसिन की दिशा में बेहतर कार्य होगा। पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर ने कहा कि मध्यप्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए इस सम्मेलन का आयोजन एम्स, भोपाल में हो रहा है। एम्स से मेरी विशेष स्मृतियॉ जुड़ी हुई है। एम्स को स्थापित करने में बाबूजी स्व. बाबूलाल गौर का विजन महत्वपूर्ण रहा है। एम्स भोपाल स्वास्थ्य के क्षेत्र में मील का पत्थर बन गया है। इस सम्मेलन से नवीनतम ज्ञान और कौशल विकास का अवसर मिलेगा। मध्यप्रदेश स्वस्थ राज्य बनने की ओर अग्रसर है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के प्रयास से प्रदेश के स्वास्थ्य सेवाओं के बजट में 34 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी हुई है। प्रदेश में चिकित्सा सुविधाओं का तेजी से विकास हो रहा है। अमेरिका से आए डॉ. सागर सी. गलवनकर ने कहा कि जीवन का कोई भरोसा नहीं है। जीवन की रक्षा एक आपातकालीन चिकित्सक ही कर सकता है। डॉ. सुनील मलिक ने कहा कि किसी भी चिकित्सा संस्थान का फेस इमरजेंसी मेडिसिन होता है। देश, समाज और मानवता के लिए अच्छे चिकित्सक तैयार करना वर्तमान की आवश्यकता है।   recent visitors 71

एक्स अकाउंट से पीएम व सीएम पर आपत्तिजनक टिप्पणी, हजरतगंज थाने में मुकदमा दर्ज

लखनऊ  सोशल मीडिया पर तेजी से लोकप्रियता हासिल करने के चक्कर में यूजर मर्यादा लांघ जाते हैं। कुछ ऐसा ही नवीन सिंह ने किया। नवीन सिंह, नवीन सिंह स्केच के नाम से यूट्यूब चैनल चलाता है। इस चैनल पर उसने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का वीडियो एडिट कर पोस्ट कर दिया। इस वीडियो के पोस्ट होने से योगी के समर्थकों में काफी रोष है। यूट्यूबर के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर उनके समर्थक आवाज उठा रहे हैं। अब इस कड़ी में राजधानी लखनऊ के हजरतगंज थाने में यूट्यूबर नवीन के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है। शिकायतकर्ता धर्मपाल सिंह ने नवीन के खिलाफ थाने में शिकायत दी। शिकायत की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने इस मामले में तुरंत एफआईआर दर्ज कर ली। एफआईआर के अनुसार, नवीन पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) 2023 की धारा 352, 353(2) और सूचना प्रौद्योगिकी (संशोधन) अधिनियम 2008 की धारा 67 लगाई है। नवीन के यूट्यूब पर योगी आदित्यनाथ के कई वीडियो पोस्ट किए गए हैं। इसमें योगी आदित्यनाथ की एआई द्वारा वीडियो एडिट कर पोस्ट की गई है। एक वीडियो को 6 लाख मिलियन व्यूज मिले हैं। शिकायतकर्ता धर्मपाल सिंह ने अपनी शिकायत में बताया कि नवीन सिंह स्केच नाम के यूट्यूब चैनल से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की छवि को धूमिल करने का प्रयास किया गया है। यह वीडियो जनता में द्वेष उत्पन्न करने एवं सामाजिक समरसता को बिगाड़ने के उद्देश्य से सीएम की फोटो एडिट कर वीडियो पोस्ट किया गया है। इस वीडियो को देखकर प्रदेश की जनता में भारी रोष है। वीडियो को देखकर हम सबकी भावनाएं आहत हुई हैं। वहीं पुलिस ने शिकायतकर्ता की शिकायत पर नवीन सिंह स्केच नाम के यूट्यूब चैनल के खिलाफ मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। recent visitors 102