रक्षाबंधन पर राशि अनुसार बांधे राखी, भाई-बहन दोनों को होगा लाभ, दूर होंगे जीवन के कष्ट, मिलेगा भाग्य का साथ

रक्षा बंधन का त्योहार भाई-बहन के अटूट रिश्ते का प्रतीक है। इस दिन पहने अपने भाई की कलाई पर राखी बांधती हैं। भाई भी उन्हें उपहार के साथ जीवन पर रक्षा करने का वचन देते हैं। इस साल 19 अगस्त को रक्षा बंधन है। कई दुर्लभ संयोग भी बन रहे है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार यह दिन बेहद खास होगा। भाई को राशि अनुसार राखी बांधने के लाभ होगा। आइए जानें राशि अनुसार बहनें अपने भाई की राशि के अनुसार को कैसी राखी बांध सकती हैं- मेष और वृश्चिक मेष और वृश्चिक राशि के स्वामी मंगल हैं। लाल या मैहरून रंग की राखी बांधना शुभ रहेगा। भाई-बहन में प्रेम बढ़ेगा। सफलता मिलेगी। साहस और ऊर्जा में वृद्धि होगी। मिथुन और कन्या राशि मिथुन और कन्या राशि के स्वामी ग्रहों के राजकुमार बुध हैं। इनके लिए हरे रंग की राखी शुभ रहेगी। करियर और कारोबार में लाभ होगा। धनु और मीन राशि धनु और मीन राशि के स्वामी देव गुरु बृहस्पति हैं। पीले या नारंगी रंग की राखी बांधना शुभ रहेगा। भाई को किस्मत का साथ मिलेगा। तरक्की के योग बनेंगे। वृषभ और तुला राशि वृषभ और तुला राशि के स्वामी धन, प्रेम इत्यादि के दाता शुक्र हैं। भाई के हाथों में बहनें सिल्वर, सफेद, गुलाबी या क्रीम रंग की राखी बाँधें। सिंह राशि सिंह राशि के स्वामी ग्रहों के राजा सूर्यदेव हैं। सुनहरा, लाल या नारंगी रंग की राखी बांधना शुभ रहेगा। पद-प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। कर्क राशि कर्क राशि के स्वामी चंद्रदेव हैं। जातकों के लिए सफेद, सिल्वर या आसमानी रंग की राखी बांधना शुभ रहेगा। ऐसा करने से मान शांत रहेगा। तनाव दूर होगा। कुंभ और मकर राशि कुंभ और मकर राशि के स्वामी शनि हैं। जातकों के लिए नीले रंग की राखी बांधना शुभ रहेगा। इस रंग को मौलिकता और स्वतंत्रता का प्रतीक माना जाता है। recent visitors 151

भारतीय नौसेना, तटरक्षक बल बांग्लादेश से सटी 480 किलोमीटर लंबी समुद्री सीमा पर त्रिस्तरीय सुरक्षा बनाए हुए हैं- हरिचंदन

भुवनेश्वर  ओडिशा के कानून मंत्री पृथ्वीराज हरिचंदन ने कहा कि बांग्लादेश में हिंसा के बाद बांग्लादेशियों के समुद्र मार्ग से तटीय राज्य में दाखिल होने की कोई रिपोर्ट नहीं है। हरिचंदन ने कहा कि ओडिशा में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशियों की पहचान कर उन्हें जल्द उनके देश भेजा जाएगा। पुलिस का कहना है कि भारतीय नौसेना, तटरक्षक बल और ओडिशा समुद्री पुलिस बांग्लादेश से सटी 480 किलोमीटर लंबी समुद्री सीमा पर त्रिस्तरीय सुरक्षा बनाए हुए हैं। बांग्लादेश में राजनीतिक उथल-पुथल के बीच बांग्लादेशियों के समुद्र मार्ग से ओडिशा में दाखिल होने की संभावनाओं से जुड़े पत्रकारों के सवाल के जवाब में हरिचंदन ने शनिवार को कहा कि मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने तटरक्षक बल और ओडिशा समुद्री पुलिस को इस तरह की कोशिशों को नाकाम करने के लिए समुद्र तट पर गश्त करने का निर्देश दिया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि बांग्लादेश के हालिया घटनाक्रमों के बाद ऐसी (बांग्लादेशियों के समुद्र मार्ग से तटीय राज्य में दाखिल होने की) कोई रिपोर्ट नहीं है। हरिचंदन ने कहा, ‘कुछ बांग्लादेशी लंबे समय से ओडिशा में रह रहे हैं। राज्य सरकार उनके दस्तावेजों, मसलन-वीजा और वर्क परमिट या राज्य में रहने के किसी अन्य वैध कारण का सत्यापन करेगी। सत्यापन के बाद अवैध घुसपैठियों को उनके देश वापस भेजा जाएगा।’ सरकारी सूत्रों के मुताबिक ओडिशा के सात जिलों में कुल 3,740 अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों की पहचान की गई है। इनमें से 1,649 केंद्रपाड़ा में, 1,112 जगतसिंहपुर में और 655 मलकानगिरि में अवैध रूप से रह रहे हैं।   recent visitors 86

भारतीय बल्लेबाज 2024 में एक भी वनडे शतक नही बना पाए, 38 साल के शतकों का सिलसिला थमा

नई दिल्ली  भारतीय क्रिकेट टीम को इस साल अब कोई वनडे मुकाबला नहीं खेलना है। टीम ने श्रीलंका के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज खेली थी। सभी मैचों में भारत की बैटिंग पूरी तरह फेल रही। टीम इंडिया एक भी मैच को अपने नाम नहीं कर पाई। रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे धुरंधर बल्लेबाज के होने के बाद भी स्पिन गेंदबाजी के खिलाफ टीम इंडिया के बल्लेबाज रन बनाने में असफल रहे। 2024 में एक भी वनडे शतक नहीं भारतीय बल्लेबाज 2024 में एक भी वनडे शतक नही बना पाए। श्रीलंका के खिलाफ सीरीज में भारतीय बल्लेबाज की सबसे बड़ी पारी 64 रनों की रही। कप्तान रोहित शर्मा ने सीरीज के दूसरे मुकाबले में यह पारी खेली थी। रोहित के अलावा सीरीज में कोई भारतीय बल्लेबाज अर्धशतक तक नहीं बना पाया। भारत को अब इस साल टेस्ट और टी20 खेलने हैं। अगले वनडे सीरीज अगले साल की शुरुआत में इंग्लैंड के खिलाफ है। 38 साल के शतकों का सिलसिला थमा भारतीय टीम के बल्लेबाज ने आखिरी बार 1985 में किसी वनडे मैच में शतक नहीं लगाया था। तब युवा मोहम्मद अजहरुद्दीन के बल्ले से सबसे बड़ी 93 रनों की पारी निकली थी। भारत के लिए वनडे में पहला शतक 1983 में आया था। कपिल देव ने जिम्बाब्वे के खिलाफ 175 रनों की नाबाद पारी खेली थी। तब से सिर्फ 1985 में ही कोई भारतीय बल्लेबाज शतक नहीं लगा पाया। साल का सबसे छोटा हाईएस्ट स्कोर भारतीय टीम 1974 से वनडे मैच खेल रही है। 1977 में टीम इंडिया ने कोई मैच नहीं खेला था। इसके अलावा किसी भी साल भारतीय बल्लेबाज का हाईएस्ट स्कोर 70 रनों से कम नहीं रहा है। 2024 में यह सिर्फ 64 रन ही रहा। 1975 में आबिद अली ने भारत के लिए सबसे बड़ी पारी 70 रनों की खेली थी। 11 बार सचिन तेंदुलकर ने साल में भारत के लिए सबसे बड़ी पारी खेली है। रोहित शर्मा ने 9 बार ऐसा किया है। recent visitors 111

पार्टी वीसीके ने कहा एससी के भीतर समुदायों के उप-वर्गीकरण के खिलाफ 13 अगस्त को विरोध मार्च का आयोजन करेगी

चेन्नई  तमिलनाडु की दलित राजनीतिक पार्टी वीसीके ने कहा है कि अनुसूचित जाति (एससी) के भीतर समुदायों के उप-वर्गीकरण के खिलाफ 13 अगस्त को वह यहां एक विरोध मार्च का आयोजन करेगी। वीसीके के संस्थापक नेता और चिदंबरम लोकसभा सीट से सांसद थोल थिरुमावलवन ने  एक बयान में कहा कि राज्य सरकार द्वारा एससी सूची में समुदायों के उप-वर्गीकरण की अनुमति देने वाले सुप्रीम कोर्ट के फैसले और क्रीमी लेयर पर टिप्पणी से अंततः आरक्षण समाप्त हो जाएगा। थिरुमावलवन ने कहा कि उन्होंने और वीसीके के महासचिव तथा विल्लुपुरम के सांसद डी. रविकुमार ने केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री रामदास अठावले, कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से मुलाकात कर उन्हें इस मुद्दे से अवगत कराया और उनसे समर्थन का अनुरोध भी किया। थिरुमावलवन ने कहा कि केंद्र सरकार ने “जनगणना न करके यह सुनिश्चित किया है कि एससी/एसटी की आबादी की गणना करने का कोई तरीका न रहे। वह 2011 की जनगणना के आंकड़ों के आधार पर आरक्षण बढ़ाने से भी इनकार कर रही है।” वीसीके के वरिष्ठ नेता ने कहा, “केंद्र सरकार की नौकरियों में एससी के लिए 15 प्रतिशत आरक्षण किसी भी विभाग में लागू नहीं किया गया है। इसी तरह, एसटी के लिए 7.5 प्रतिशत आरक्षण भी सुनिश्चित नहीं किया गया है।” उन्होंने कहा कि राज्य सरकारों ने भी एससी/एसटी के रिक्त पदों को नहीं भरा है और किसी की नियुक्ति किए बिना उन्हें खाली रखा है। वीसीके संस्थापक नेता ने कहा, “जहां लाखों एससी/एसटी युवा नौकरी पाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं, वहीं एक न्यायाधीश ने कहा है कि अगर एक पीढ़ी को इसका लाभ मिल गया है तो एससी/एसटी व्यक्तियों को आरक्षण नहीं दिया जाना चाहिए।” बयान में वरिष्ठ दलित नेता ने यह भी कहा कि इस बात की आशंका है कि भाजपा सरकार एससी/एसटी आरक्षण के लिए ‘क्रीमी लेयर’ लागू करेगी, क्योंकि सुप्रीम कोर्ट के सात में से चार जजों ने ऐसा कहा है। उन्होंने केंद्र से सुप्रीम कोर्ट के उस फैसले के खिलाफ समीक्षा याचिका दायर करने का आह्वान किया, जिसमें राज्यों को एससी समुदायों को उप-वर्गीकृत करने और आरक्षण प्रदान करने की अनुमति दी गई है। थोल थिरुमालवन ने कहा कि क्रीमी लेयर के बारे में टिप्पणियां वापस ली जानी चाहिए और एससी/एसटी को उनकी आबादी के आधार पर आनुपातिक आरक्षण प्रदान किया जाना चाहिए। मुख्य न्यायाधीश डी.वाई. चंद्रचूड़ की अगुवाई वाली सुप्रीम कोर्ट की सात जजों की बेंच ने इस महीने की शुरुआत में, 6:1 के बहुमत वाले फैसले में कहा था कि राज्य सरकारों को अनुभवजन्य आंकड़ों के आधार पर एससी सूची के भीतर समुदायों को उप-वर्गीकृत करने की अनुमति है। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने शुक्रवार को इसे खारिज करते हुए कहा कि डॉ. बी.आर. अंबेडकर द्वारा दिए गए संविधान में एससी/एसटी आरक्षण में क्रीमी लेयर का कोई प्रावधान नहीं है।   recent visitors 110

मंत्री कुशवाह के मुख्य आतिथ्य में होगा कार्यक्रम

भोपाल सामाजिक न्याय दिव्यांगजन सशक्तिकरण मंत्री नारायन सिंह कुशवाहा के मुख्य अतिथि में "विकसित भारत का मंत्र-भारत हो नशे से स्वतंत्र" अभियान का राज्य स्तरीय कार्यक्रम 12 अगस्त को प्रातः 10:30 बजे सामाजिक न्याय नि:शक्तजन सशक्तिकरण संचालनालय में आयोजित होगा। आयुक्त सामाजिक न्याय डॉ. आर.आर. भोसले ने बताया कि राज्य स्तरीय कार्यक्रम में सामाजिक और स्वयंसेवी संस्थाओं के सहयोग से 'नशा एक सामाजिक बुराई' विषय पर राज्य स्तरीय फोटो प्रदर्शनी, शपथ ग्रहण समारोह तथा पौध-रोपण किया जाएगा। साथ ही प्रदेश के सभी जिलों में इस अभियान के तहत शैक्षणिक संस्थाओं में जागरूकता रैली, दौड़ प्रतियोगिताएं, संस्थानों में "विकसित भारत का मंत्र-भारत हो नशे से स्वत्रंत" और "नशा एक सामाजिक बुराई" विषय पर वाद-विवाद प्रतियोगिता सहित अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। स्थानीय जन-प्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारियों के सहयोग से अधिक से अधिक आम लोगों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। कार्यक्रम में शामिल नागरिकों को शपथ भी दिलाई जाएगी।   recent visitors 103

विद्यालय-महाविद्यालयीन छात्राओं के सम्मान समारोह में शामिल हुए मुख्यमंत्री

प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में महिला सशक्तिकरण का नया अध्याय लिखा जाएगा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रदेश में महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए किए जा रहे हैं ठोस प्रयास सैनिटेशन एवं हाइजीन योजना की 57.18 करोड़ रूपये की राशि छात्राओं के खाते में अंतरित की विद्यालय-महाविद्यालयीन छात्राओं के सम्मान समारोह में शामिल हुए मुख्यमंत्री भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भारतीय महिलाएं प्रारंभ से शौर्य और पराक्रम का महत्वपूर्ण उदाहरण रही हैं। भारत का इतिहास महिलाओं के साहस से भरा हुआ है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बदलते दौर में महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए अनेक महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। इस क्रम में भारत की संसद और विधानसभा में एक तिहाई स्थान पर महिलाओं के निर्वाचन के प्रावधान के प्रयास ऐतिहासिक होंगे। यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आने वाले दो-तीन वर्ष में देश में महिला कल्याण और महिला सशक्तिकरण का नया अध्याय लिखा जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव आज भोपाल के रवीन्द्र भवन में उच्च शिक्षा और स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित छात्राओं के संवाद एवं सम्मान कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत का पिछले 500 वर्ष का इतिहास देखें तो वह महिलाओं के गौरव और शौर्य से परिपूर्ण रहा है। उन्होंने कहा कि रानी दुर्गावती का 500वां वर्ष चल रहा है। आज की युवा पीढ़ी को उनके शौर्य के बारे में जानकारी होना चाहिए। मध्यप्रदेश की बेटी रानी दुर्गावती ने अपने शासन काल में 51 लड़ाईयां लड़ीं। रानी दुर्गावती ने अकबर की सेना को पूरी वीरता के साथ तीन बार पराजित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने झांसी की रानी की वीरता का भी उल्लेख किया। उन्होंने देवी अहिल्या बाई के शासन व्यवस्था की जानकारी देते हुए बताया कि देवी अहिल्या बाई ने अपने कार्यकाल में देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों सोमनाथ, उज्जैन, बनारस में विशाल मंदिरों का निर्माण कराया। उनकी धर्म के प्रति सच्ची निष्ठा को पूरे सम्मान के साथ याद किया जाता है। प्रदेश की बेटियों की प्रतिभा की चर्चा करते हुए डॉ. यादव ने कहा कि हमारी बेटियों ने हर क्षेत्र में श्रेष्ठ प्रदर्शन किया है। प्रतिभाशाली बेटियों ने देश और दुनियां में मध्यप्रदेश का नाम रौशन किया है। राज्य सरकार प्रदेश की महिलाओं और बेटियों के कल्याण के लिए कोई कसर नहीं छोड़ेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने छात्राओं से आग्रह किया की वे देश की महान महिला विभूतियों से प्रेरणा लें। उनके आदर्शों को अपने जीवन में उतारें। भारतीय संस्कृति का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि हमारी संस्कृति को दुनिया में श्रेष्ठ संस्कृति के रूप में पहचाना जाता है। 19 लाख छात्राओं को अंतरित की गई राशि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस मौके पर समग्र शिक्षा के अंतर्गत सैनिटेशन एवं हाइजीन योजना में 19 लाख छात्राओं को 57 करोड़ 18 लाख रुपये की राशि अंतरित की। इस कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यालयों और महाविद्यालय की छात्राओं को स्वच्छता के महत्व और उनके उपायों के बारे में जानकारी दी जाती है। मुख्यमंत्री को छात्राओं ने बांधी राखी मुख्यमंत्री डॉ. यादव को छात्राओं द्वारा "विशाल राखी" भेंट की गई। इसके बाद छात्राओं ने मुख्यमंत्री को राखी भी बांधी। डॉ. यादव ने छात्राओं को उपहार भेंट किए। मुख्यमंत्री ने गणतंत्र दिवस परेड नई दिल्ली-2024 और राष्ट्रीय सेवा योजना में मध्यप्रदेश का नेतृत्व करने वाली छात्राओं, महाविद्यालय में विभिन्न संकायों में अव्वल रहने वाली छात्राओं का सम्मान किया। साथ ही यूथ एक्सचेंज प्रोग्राम में जिन छात्राओं ने भागीदारी की, उनका भी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सम्मान किया। सम्मान की श्रृंखला में कक्षा बारहवीं बोर्ड परीक्षा के विभिन्न संकायों में राज्य स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली प्रतिभावान छात्राओं का भी सम्मान किया। मुख्यमंत्री ने उन छात्राओं को भी सम्मानित किया जिन्होंने खेल गतिविधियों में अंतर्राष्ट्रीय और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में श्रेष्ठ प्रदर्शन किया। प्रारंभ में प्रमुख सचिव उच्च शिक्षा सुखवीर सिंह ने स्वागत भाषण दिया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जी का कॉलेज और स्कूल शिक्षा की गुणवत्ता सुधार में निरंतर प्रयास किए जाने पर जोर रहा है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में उच्च शिक्षा की गुणवत्ता राष्ट्रीय स्तर के औसत से ज्यादा रही है। प्रदेश के प्रत्येक जिले में प्रधानमंत्री ऑफ एक्सीलेंस कॉलेज प्रारंभ किए जाने का निर्णय लिया गया है। साथ ही सीएम राइज स्कूलों से भी शिक्षा में गुणात्मक सुधार देखने को मिल रहा है। प्रमुख सचिव स्कूल शिक्षा डॉ. संजय गोयल ने आभार व्यक्त किया। आयुक्त लोक शिक्षण श्रीमती शिल्पा गुप्ता, आयुक्त उच्च शिक्षा निशांत वरबडे और संचालक राज्य शिक्षा केन्द्र हरजिंदर सिंह, वरिष्ठ अधिकारी सहित बड़ी संख्या में विद्यालयीन एवं महाविद्यालयीन छात्राएं उपस्थित रही।   recent visitors 91

प्रदेश के 7.5 लाख अधिकारी और कर्मचारियों के लिए मध्य प्रदेश सरकार बड़ा का ऐलान, महंगाई भत्ते को लेकर अपडेट

भोपाल  मध्य प्रदेश के सरकारी अधिकारी और कर्मचारियों को अगस्त के महीने में बड़ा तोहफा मिलने जा रहा है. प्रदेश के करीब 7.5 लाख अधिकारी और कर्मचारियों के लिए मध्य प्रदेश की मोहन सरकार बड़ा ऐलान कर सकती है. दरअसल, प्रदेश सरकार एमपी के कर्मचारियों का डीए (dearness allowance) केंद्रीय कर्मचारियों के बराबर करने की घोषणा कर सकती है. लंबे समय से कर्मचारियों द्वारा ये मांग की जा रही थी, जिसे जल्द ही पूरा किया जा सकता है. केंद्रीय कर्मचारियों बराबर हो जाएगा डीए? लोकसभा चुनाव से ठीक पहले मध्य प्रदेश के सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों का महंगाई भत्ता बढ़ाकर 46 प्रतिशत किया गया था. राज्य सरकार के कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में 4% की बढ़ोतरी की गई थी. केंद्रीय कर्मचारियों का डीए 50 प्रतिशत है, यही वजह है कि एमपी के कर्मचारी केंद्रीय कर्मचारियों बराबर डीए की मांग कर रहे हैं. ऐसे में जल्द ही मध्य प्रदेश सरकार द्वारा इस पर फैसला लिया जा सकता है. इतने महीनों का एरियर मिलेगा लोकसभा चुनाव से ठीक पहले डीए में 4 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई थी. लेकिन डीए का एरियर जारी नहीं किया था, जो अब जारी किया जाएगा. जानकारी के मुताबिक, 15 अगस्त तक  एक साथ चार माह की एरियर की राशि कर्मचारियों के खाते में पहुंच सकती है. जुलाई 2023 से लेकर फरवरी 2024 तक का एरियर क्रमशः जुलाई, अगस्त और सितंबर महीने में दिया जा रहा है. इसके लिए प्रक्रिया शुरू हो गई है. फिर बढ़ेगा महंगाई भत्ता? मध्य प्रदेश की मोहन सरकार ने 15 मार्च 2024 को सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों के महंगाई भत्ते (DA) में 4% की बढ़ोतरी की थी, जिसके आदेश भी जारी कर दिए गए थे. पहले महंगाई भत्ता 42% था, जो बढ़ाकर 46% किया गया था. अब इसमें 4 प्रतिशत की और बढ़ोतरी की जा सकती है और डीए 50 प्रतिशत हो सकता है. recent visitors 85