Waqf Amendment Bill को लेकर JPC का गठन, ओवैसी समेत इन 31 सांसदों को जगह

नई दिल्ली  केंद्र सरकार ने वक्फ संशोधन अधिनियम बिल 2024 के लिए आज जेपीसी के सदस्यों के नाम का ऐलान कर दिया। केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलों और संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कुल 31 सदस्यों के नाम का ऐलान किया।  लोकसभा में बहस के बाद बिल को जेपीसी को भेजने का फैसला किया गया था। लोकसभा के 21 सदस्यों के अलावा राज्यसभा के भी 10 सदस्यों के नाम जेपीसी में शामिल किए गए हैं। सरकार ने वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2024 को संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) को भेज दिया। केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने गुरुवार को विधेयक पेश किया। विपक्षी दलों ने संक्षिप्त चर्चा के दौरान विधेयक की कड़ी आलोचना की। उन्होंने वक्फ कानून में प्रस्तावित बदलावों को 'असंवैधानिक', 'अल्पसंख्यक विरोधी' और 'विभाजनकारी' बताया। विधेयक का उद्देश्य 1995 के वक्फ अधिनियम में संशोधन करना है। इसमें वक्फ संस्थानों के प्रशासन और संपत्तियों की देखभाल के नियमों में व्यापक बदलावों का प्रस्ताव किया गया है। आइए जानते हैं कि अभी वक्फ कानून में क्या है? विधेयक में क्या संशोधन प्रस्तावित किए गए हैं और ये परिवर्तन महत्वपूर्ण क्यों हैं? वक्फ प्रॉपर्टी क्या होती है? वक्फ मुसलमानों द्वारा धार्मिक, धर्मार्थ या निजी उद्देश्यों के लिए दी गई व्यक्तिगत संपत्ति होती है। संपत्ति के लाभार्थी भिन्न हो सकते हैं, लेकिन संपत्ति का स्वामित्व अल्लाह के पास माना जाता है। वक्फ एक डीड या डॉक्युमेंट के जरिए या मौखिक रूप से बनाया जा सकता है। साथ ही, किसी संपत्ति को तब भी वक्फ माना जा सकता है यदि इसका उपयोग लंबे समय से धार्मिक या धर्मार्थ उद्देश्यों के लिए किया जाता रहा है। एक बार जब किसी संपत्ति को वक्फ घोषित कर दिया जाता है तो उसका स्वरूप हमेशा के लिए बदल जाता है और उसे उलटा नहीं जा सकता है। मतलब अगर कोई संपत्ति वक्फ घोषित हो गई तो वह हमेशा के लिए वक्फ ही रहेगी, वह किसी भी सूरत में अपने पुराने मालिक के पास नहीं जा सकती। वक्फ संपत्तियों का प्रबंधन कैसे होता है? भारत में वक्फ संपत्तियों को वक्फ अधिनियम, 1995 से मैनेज किया जाता है। हालांकि, भारत में 1913 से वक्फ के शासन के लिए एक कानूनी व्यवस्था रही है, जब मुस्लिम वक्फ मान्यकरण अधिनियम लागू हुआ था। इसके बाद मुस्लिम वक्फ अधिनियम, 1923 आया। स्वतंत्रता के बाद केंद्रीय वक्फ अधिनियम, 1954 पारित किया गया था, जिसे अंततः वक्फ अधिनियम, 1995 से बदल दिया गया था। वक्फ एक्ट, 1995 में आखिरी संशोधन 2013 में हुआ था। तब वक्फ संपत्ति पर अतिक्रमण के लिए दो साल तक की कारावास की सजा का प्रावधान किया गया था। साथ ही, वक्फ संपत्ति की बिक्री, उपहार, विनिमय, बंधक या हस्तांतरण को स्पष्ट रूप से प्रतिबंधित कर दिया गया था। वक्फ कानून एक सर्वेक्षण आयुक्त की नियुक्ति का प्रावधान करता है जो स्थानीय जांच करके, गवाहों को बुलाकर और सार्वजनिक दस्तावेजों की मांग करके सभी वक्फ संपत्तियों की सूची तैयार करता है। मुतवल्ली और ट्रिब्यूनल को समझें वक्फ संपत्ति के प्रबंधन के लिए कानून में मुतवल्ली की व्यवस्था है। मुतवल्ली एक पर्यवेक्षक के रूप में कार्य करता है। वक्फ संपत्तियों का प्रबंधन उसी तरह से किया जाता है जैसे भारतीय न्यास अधिनियम, 1882 के तहत न्यासों के अधीन संपत्तियों का प्रबंधन किया जाता है। वक्फ एक्ट में कहा गया है कि वक्फ संपत्तियों से संबंधित किसी भी विवाद का फैसला वक्फ ट्रिब्यूनल करेगा। ट्रिब्यूनल का गठन राज्य सरकार करती है। इसमें तीन सदस्य होते हैं- एक अध्यक्ष जो जिला, सत्र या सिविल न्यायाधीश, प्रथम श्रेणी से कम रैंक का राज्य न्यायिक अधिकारी नहीं होता है; दूसरा राज्य सिविल सेवा का एक अधिकारी; और तीसरा शरीयत का ज्ञान रखने वाला व्यक्ति। कानून में राज्यों में वक्फ बोर्ड, वक्फ परिषद, मुख्य कार्यकारी अधिकारियों (सीईओज) के गठन और नियुक्ति के प्रावधान भी हैं। वक्फ बोर्ड में शामिल सीईओ और सांसद मुस्लिम समुदाय से होने चाहिए। वक्फ बोर्ड की शक्तियां वक्फ बोर्ड राज्य सरकार के अधीन एक निकाय है, जो पूरे राज्य में वक्फ संपत्तियों के संरक्षक के रूप में काम करता है। अधिकांश राज्यों में शिया और सुन्नी समुदायों के लिए अलग-अलग वक्फ बोर्ड हैं। देश की लगभग सभी प्रमुख मस्जिदें वक्फ संपत्तियां हैं और राज्य के वक्फ बोर्ड के अधीन हैं। वक्फ बोर्ड का नेतृत्व अध्यक्ष करता है और इसमें राज्य सरकार मुस्लिम विधायकों और सांसदों, राज्य बार काउंसिल के मुस्लिम सदस्यों, इस्लामी धर्मशास्त्र के मान्यता प्राप्त विद्वानों और 1 लाख रुपये या उससे अधिक की वार्षिक आय वाले वक्फ के मुतवल्ली में से एक या दो को नामित करती है। वक्फ बोर्ड को कानून के तहत संपत्ति का प्रशासन करने और वक्फ की खोई हुई संपत्तियों की वसूली के उपाय करने और बिक्री, उपहार, बंधक, विनिमय या पट्टे के माध्यम से वक्फ की किसी भी अचल संपत्ति के हस्तांतरण को मंजूरी देने की शक्तियां प्राप्त हैं। हालांकि, मंजूरी तब तक नहीं दी जाएगी जब तक कि वक्फ बोर्ड के कम से कम दो-तिहाई सदस्य ऐसे लेन-देन के पक्ष में मतदान न करें। वक्फ कानून में क्या-क्या बदलने का प्रस्ताव, लिस्ट देख लीजिए विधेयक में वक्फ कानून के मौजूदा ढांचे को काफी हद तक बदलने के प्रस्ताव किए गए हैं। प्रस्तावित संशोधन में वक्फ को नियंत्रित करने की शक्ति को बोर्ड और ट्रिब्यूनल से हटाकर राज्य सरकारों को देने की बात कही गई है। अभी वक्फ बोर्ड और ट्रिब्यूनल में बड़े पैमाने पर मुस्लिम समुदाय के सदस्य होते हैं। विधेयक में वक्फ अधिनियम, 1995 का नाम बदलने का भी प्रस्ताव है। नया नाम एकीकृत वक्फ प्रबंधन, सशक्तिकरण, दक्षता और विकास अधिनियम, 1995 करने का प्रस्ताव है। विधेयक के जरिए वक्फ एक्ट में मुख्य रूप से तीन बदलावों के प्रस्ताव किए गए हैं… ➤ पहला, विधेयक की धारा 3ए में कहा गया है कि कोई भी व्यक्ति तब तक कोई संपत्ति को वक्फ को दान नहीं कर सकता जब तक कि वह संपत्ति का वैध मालिक न हो और ऐसी संपत्ति को हस्तांतरित या समर्पित करने के लिए न सक्षम हो। इस प्रावधान से वैसी संपत्तियों पर वक्फ पर कब्जे रुकेंगे जो किसी के नाम से दर्ज नहीं हैं। ➤ दूसरा, विधेयक की धारा 3सी(1) में कहा गया है कि 'इस अधिनियम के प्रारंभ से पहले या बाद में वक्फ संपत्ति के रूप में पहचानी … Read more

बांग्लादेश में मुसलमानों के हमलों से जान-माल की रक्षा के लिए हिंदू भारत आना चाहते हैं, एडीजी को नवगठित समिति का अध्यक्ष बनाया

नई दिल्ली  बांग्लादेश में अराजकता की स्थिति से पड़ोसी देश होने के नाते भारत को भारी चिंता है। बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार की घटनाएं रुह कंपा रही हैं। ऐसे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने बांग्लादेश के हालात पर नजर रखने के लिए एक समिति का गठन किया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के जरिए इसकी जानकारी दी है। उन्होंने बताया है कि बीएसएफ के ईस्टर्न कमांड के एडीजी को समिति का अध्यक्ष बनाया गया है। शाह ने लिखा, 'मोदी सरकार ने भारत-बांग्लादेश सीमा पर मौजूदा स्थिति की निगरानी के लिए समिति गठित की। सरकारी समिति भारतीय नागरिकों, हिंदुओं और अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बांग्लादेश में अधिकारियों के संपर्क में रहेगी। भारत-बांग्लादेश सीमा पर स्थिति की निगरानी के लिए सरकारी समिति का नेतृत्व बीएसएफ की पूर्वी कमान के एडीजी करेंगे।' बांग्लादेश में शेख हसीना सरकार के तख्तापलट के बाद स्थितियां काफी गंभीर हो गई हैं। कट्टरपंथी मुसलमानों की भीड़ अल्पसंख्यक हिंदुओं के घरों, व्यापारिक प्रतिष्ठानों और मंदिरों पर हमले कर रहे हैं। कट्टरपंथियों के हमले में कई निर्षोद हिंदू मारे जा चुके हैं। जान बचाने के लिए भारी संख्या में हिंदू भारत में शरण लेने को सीमा पर पहुंच रहे हैं। ऐसे में पड़ोसी देश होने के नाते भारत के लिए बड़ा सरदर्द पैदा हो गया है। भारत के सामने फिलहाल सबसे बड़ी चुनौती है कि वह बांग्लादेश में हिंदुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करे तो कैसे? दूसरी तरफ सीमा पर पहुंच रहे हिंदुओं और घुसपैठ करना चाह रहे कट्टरपंथी मुसलमानों के बीच फर्क करे तो कैसे? recent visitors 86

अब रेलवे कराएगा पिंडदान प्रदेश से चलेगी स्पेशल ट्रेन, पुरोहित भी होंगे साथ

भोपाल भारतीय रेलवे ने यात्रियों की धार्मिक संवेदनाओं को ध्यान में रखते हुए एक बड़ा कदम उठाया है। श्राद्ध पक्ष के दौरान बड़ी संख्या में लोग बिहार के गयाजी पिंडदान के लिए जाते हैं। ऐसे में रेलवे ने निर्णय लिया है कि अब इच्छुक यात्रियों को रेलवे टिकट के साथ पुरोहित की सुविधा भी रेलवे ही उपलब्ध कराएगा। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल रेल मंडल के वरिष्ठ डीसीएम सौरभ कटारिया और आईआरसीटीसी के क्षेत्रीय अधिकारी राजेंद्र बोरवन का कहना है कि टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए ये स्पेशल ट्रेनें चलाई जा रही हैं। एक ट्रेन 20 सितंबर को रवाना होगी। जो सनातन संवेदनाओं को देखते हुए गंगा सागर और गयाजी भी जाएगी।   इसे देखते हुए रेलवे ने एक अनोखी सुविधा शुरू की है। अब गयाजी जाने वाले यात्रियों को न केवल यात्रा की सुविधा मिलेगी, बल्कि रेलवे टिकट के साथ पुरोहित (पंडित) की सेवा भी उपलब्ध कराई जाएगी। भोपाल में हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस इस सुविधा की जानकारी भोपाल में हुई एक ज्वाइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी गई। भोपाल रेल मंडल के वरिष्ठ डीसीएम सौरभ कटारिया और IRCTC के क्षेत्रीय अधिकारी राजेंद्र बोरवन ने बताया कि इस पहल के तहत रेलवे पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए स्पेशल ट्रेनें चला रहा है। सनातन परंपराओं का सम्मान 20 सितंबर को एक स्पेशल ट्रेन चलाई जाएगी, जो गंगा सागर और गयाजी जैसे धार्मिक स्थलों का दौरा करेगी। इस ट्रेन की सबसे खास बात यह है कि यह पितृपक्ष के दौरान 26 सितंबर को गया पहुंचेगी, जहां यात्री अपने पितरों का पिंडदान कर सकेंगे। इस पूरे आयोजन के लिए IRCTC ने पंडितों की व्यवस्था कर रखी है। दान-दक्षिणा भी होगी तय रेलवे ने यात्रियों को पिंडदान के दौरान अनावश्यक धन खर्च से बचाने के लिए पंडितों को दी जाने वाली दक्षिणा भी पहले से निर्धारित कर दी है। हर पिंडदान के लिए यात्रियों को 501 रुपये दक्षिणा देनी होगी, जिसे IRCTC ने तय किया है। भारत गौरव पर्यटक ट्रेन: नई शुरुआत आईआरसीटीसी, जो रेलवे की टिकटिंग और यात्रियों की सुविधा का काम देखता है, भारत गौरव पर्यटक ट्रेन का संचालन शुरू कर रहा है। सितंबर से शुरू हो रहे दूसरे चरण में देशभर से 11 ट्रेनें रवाना होंगी। इसी कड़ी में, भोपाल रेल मंडल ने भी दो स्पेशल ट्रेनें चलाने की तैयारी कर ली है, और यात्रियों की बुकिंग भी शुरू हो चुकी है। किस दिन कौन सी ट्रेन चलेगी? पहली ट्रेन 4 सितंबर को दक्षिण दर्शन यात्रा के लिए निकलेगी । यह ट्रेन मध्य प्रदेश के इंदौर, देवास, उज्जैन, भोपाल के रानी कमलापति स्टेशन, इटारसी और नागपुर स्टेशनों से होकर गुजरेगी। 9 रात और 10 दिन की इस यात्रा में तिरुपति, रामेश्वरम, मदुरई, कन्याकुमारी और त्रिवेंद्रम के दर्शनीय स्थलों का भ्रमण कराया जाएगा। खर्च और श्रेणियां इस यात्रा के लिए स्लीपर क्लास में प्रति व्यक्ति 18,200 रुपये खर्च करने होंगे। थर्ड एसी में 30,250 रुपये और सेकंड एसी में 40,000 रुपये प्रति व्यक्ति का खर्च आएगा। दूसरी ट्रेन: पितृपक्ष में गयाजी का दौरा दूसरी ट्रेन 20 सितंबर को पुरी गंगासागर भव्य काशी यात्रा के नाम से निकलेगी। यह ट्रेन भी मध्य प्रदेश के कई स्टेशनों से गुजरेगी। इस यात्रा में पुरी, गंगा सागर, गया, वाराणसी और अयोध्या के दर्शनीय स्थलों का भ्रमण कराया जाएगा। खास बात यह है कि यह ट्रेन पितृपक्ष के दौरान 26 सितंबर को गयाजी पहुंचेगी, जहां यात्री पिंडदान कर सकेंगे। भारतीय रेलवे की यह पहल उन यात्रियों के लिए बहुत सुविधाजनक साबित होगी, जो श्राद्धपक्ष में अपने पितरों का पिंडदान करना चाहते हैं। टिकट के साथ पुरोहित की सेवा, तय दक्षिणा और धार्मिक स्थलों की यात्रा, यह सब कुछ यात्रियों के लिए एक शानदार अनुभव बनने वाला है। recent visitors 76

जर्मनी प्रयोगशालाओं की जांच में पाकिस्तान से आई बासमती में जेनेटिकली मॉडिफाइड चावल पाया गया

नई दिल्ली  पाकिस्तान की बासमती पर यूरोप में सवाल उठ रहे हैं। पाकिस्तान से भेजी गई ऑर्गेनिक बासमती की एक खेप में जर्मनी में जेनेटिकली मॉडिफाइड चावल पाया गया है। यूरोपीय यूनियन की जांच में यह बात सामने आई है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक हाल में जारी एक अलर्ट में कहा गया है कि नीदरलैंड के जरिए बासमती की यह खेप जर्मनी पहुंची थी। जर्मनी और लग्जमबर्ग में सरकारी प्रयोगशालाओं में जांच के दौरान पाकिस्तान से आई बासमती में जेनेटिकली मॉडिफाइड चावल पाया गया है। इससे भारत को ईयू में बासमती चावल की एक्सक्लूसिव मार्केटिंग के लिए जीआई टैग मिलने में मदद मिल सकती है। भारत में जुलाई 2018 में इसके लिए आवेदन किया था जबकि पाकिस्तान ने भी इस साल की शुरुआत में इसके लिए याचिका डाली थी। जून 2021 में भारत से भेजी गई चावलों की एक खेप में भी 500 टन जीएम राइस पाया गया था लेकिन वह बासमती चावल नहीं था। एक बार जीएम के अंश कमर्शियल बीजों में आ जाते हैं तो उसे साफ करना मुश्किल होता है। अमेरिका के चावल उद्योग को LibertyLink GM चावल से छुटकारा पाने में 10 साल का समय लग गया था। जानकारों का कहना है कि चीन के वैज्ञानिक पाकिस्तान में जीएम राइस की वेराइटीज पर प्रयोग कर रहे हैं। शायद वहीं से यह बासमती में आया होगा। यूरोपियन यूनियन जीएम प्रॉडक्ट्स को लेकर काफी संवेदनशील है। बासमती की खेप में जीएम राइस मिलना इस बात का संकेत हैं कि पाकिस्तान से एक्सपोर्ट के दौरान सर्विलांस में कमी है। इससे यूरोप नियमों को सख्त कर सकता है। सोना मसूरी ब्राउन का एक्सपोर्ट इस बीच हिंदू बिजनसलाइन की एक रिपोर्ट के मुताबिक एगटेक स्टार्टअप स्वस्थ ईकोहारवेस्ट देश से सोना मसूरी ब्राउन चावल की पहली खेप यूरोप को भेजने की तैयारी कर रहा है। कंपनी का कहना है कि सबकुछ सही रहा तो इस महीने के अंत तक इसकी पहली खेप यूरोप भेजी जा सकती है। इस चावल को एआई कंट्रोल्ड क्वालिटी कंट्रोल प्रोग्राम के तहत तमिलनाडु में उगाया जा रहा है। अगले पांच साल में 1.5 लाख टन चावल निर्यात का लक्ष्य है।   recent visitors 107

शनिवार 10 अगस्त 2024 का राशिफल

मेष राशि- आज आप किसी बीमारी से छुटकारा पाएंगे। किसी जरूरी काम के लिए पैसे जुटा सकते हैं। परिवार के साथ अच्छा समय बीतेगा। मानसिक थकान दूर होगी। शिक्षा के क्षेत्र से जुड़े लोग अच्छा प्रदर्शन करेंगे। आर्थिक उन्नति के योग हैं। वृषभ राशि-आज आपकी डेली लाइफस्टाइल में कोई बदलाव नहीं होगा। आप आर्थिक स्थिति में काफी सुधार होने की उम्मीद कर सकते हैं। काम के मोर्चे पर अच्छी खबर मिल सकती है। परिवार का सहयोग तब मिलेगा जब आपको इसकी सबसे ज्यादा जरूरत होगी। आपको संपत्ति विरासत में मिलने या उपहार के रूप में मिलने की संभावना है। मिथुन राशि– आज आप फिट रहेंगे। वित्तीय मोर्चे पर मजबूती आने के पॉजिटिव संकेत मिल रहे हैं। कामकाज के मोर्चे पर चिंताजनक स्थिति रहने वाली है। किसी घर या संपत्ति से उम्मीद से कम रिटर्न मिलने की संभावना है। बच्चों की सेहत को लेकर चिंता हो सकती है। कर्क राशि- बीमारी से जल्द छुटकारा मिलेगा। मेडिकल या कानूनी क्षेत्र से जुड़े लोगों को आज आर्थिक लाभ होगा। लंबे समय से अटके कार्यों में सफलता हासिल करेंगे। परिवार का साथ मिलेगा। आज आपको संपत्ति या कोई चीज गिफ्ट में मिल सकती है। करियर के मोर्चे पर समय अनुकूल रहने वाला है। सिंह राशि- आज आप अपने खर्चें के प्रति सतर्क रहें। आर्थिक बजट बनाकर न चलने वालों को आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ सकता है। कुछ लोग पदोन्नति के मोर्चे पर भाग्यशाली रहेंगे। नौकरी पेशा से जुड़े अच्छे अवसर हाथ लग सकते हैं। परिवार की जिम्मेदारियां अच्छे से निभाएंगे। कन्या राशि- घरेलू मोर्चे पर चीजें काफी उतार-चढ़ाव भरी रहने वाली है। सेहत संबंधी परेशानियों में आज घरेलू नुस्खे काम आ सकते हैं। आर्थिक रूप से चीजें जल्द ही बेहतर हो सकती है। पेशेवर मोर्चे पर उतार-चढ़ाव भरी स्थिति रहने वाली है। आपको अच्छी कीमत पर नई संपत्ति खरीदने का अवसर मिलेगा। आज आपकी किसी मित्र से मुलाकात हो सकती है। तुला राशि- आज जुआ,सट्टेबाजी में पैसे न लगाएं, धन हानि के संकेत हैं। रोजी रोजगार में तरक्की करेंगे। घरेलू मोर्चे पर आप अच्छा प्रदर्शन करेंगे, जिसस मनोबल बढ़ेगा। किसी के साथ यात्रा पर जाने का मौका आपके हाथ आ सकता है। संपत्ति खरीदने या बेचने की सोच रहे लोगों के लिए आज का दिन अच्छा है। शैक्षणिक मोर्चे पर कोई कदम उठाने का सोच रहे हैं तो आज का दिन अच्छा है। वृश्चिक राशि-आज खुद के लिए समय निकालें। आज निवेश करने से पहले आपको दो बार सोचना चाहिए। कार्यस्थल पर कोई नई जिम्मेदारी मिल सकती है, जिससे आपको अपना टैलेंट दिखाने का मौका मिलेगा। आर्थिक मोर्चे पर आप अच्छा प्रदर्शन करेंगे, धन का आगमन होगा। धनु राशि– आज आप खुद को पहले से ज्यादा फिट महसूस करेंगे। अतीत में किए गए निवेश आपको अच्छा रिटर्न देंगे। कार्यस्थल पर किसी गलती को सुधारने के प्रयास सफल नहीं होंगे, जिससे निराशा घेर सकती है। परिवार में खुशियों का माहौल रहेगा। शिक्षा के क्षेत्र में कठिन दौर से गुजर रहे लोग अच्छा प्रदर्शन करने में सफल रहेंगे। आर्थिक रूप से आप अच्छे रहेंगे। मकर राशि- आज आपके पास धन आएगा और आपकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। परिवार का साथ मिलेगा। बॉस आपके कार्यों से प्रसन्न होगा। पारिवारिक विवाद को सुलझाने का आपका प्रयास सफल होने की संभावना है। संपत्ति से जुड़े किसी मामले का फैसला आपके पक्ष में आ सकता है। कुंभ राशि- आर्थिक रूप से सुरक्षित होने के लिए आप कुछ पॉजिटिव कदम उठा सकते हैं। कोई ऐसा व्यक्ति जिसके साथ आपकी अच्छी पटती है, काम में आपका साथ दे सकता है। अपने जीवनसाथी या लवर को हल्के में लेने का खामियाजा आपको भुगतना पड़ सकता है। आज कुछ लोगों को विदेश जाने के मौके मिलेंगे। मीन राशि- आज आपकी सेहत अच्छी रहने वाली है। किसी अप्रत्याशित स्रोत से धन आएगा। नौकरी करने वाले लोगों को नए ऑप्शन मिलेंगे। संपत्ति के रूप में कोई नई चीज मिलने की संभावना है। शैक्षणिक मोर्चे पर आपकी प्रतिष्ठा बढ़ने वाली है। recent visitors 102

खेत-सड़क के रास्ते नाकाम होने पर वे नदी-नाले लांघकर भी घुसपैठ की कोशिशों में जुटे हैं बांग्लादेशी

नई दिल्ली बांग्लादेश में राजनीतिक संकट और हिंसा के चलते पड़ोसी देश से बड़ी संख्या में लोग भारत आने की फिराक में हैं। भारत-बांग्लादेश सीमा पर सैकड़ों लोग इकट्ठा हैं, जिन्हें जीरो प्वाइंट पर बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (BSF) ने रोक लिया है। मीडिया ने बांग्लादेश में सीमा पार के वीडियो फुटेज जारी किए हैं, जिसे पश्चिम बंगाल में कूचबिहार के सीतलकुची में पथनटुली से कैप्चर किया गया है। इसे देखकर साफ पता चलता है कि खेत-सड़क के रास्ते नाकाम होने पर वे नदी-नाले लांघकर भी घुसपैठ की कोशिशों में जुटे हैं। हालांकि, बीएसएफ जवानों की तैनाती के चलते उन्हें रोक लिया गया है। कूचबिहार के पथनटुली के रहने वाले इकरामुल हक ने इसे लेकर एएनआई से बातचीत की। उन्होंने बताया, 'सुबह 9-9.30 बजे के आसपास बांग्लादेश के कुछ लोग सीमा पर इकट्ठा हुए। उनमें से कई अभी भी वहीं पर हैं। भीड़ अब थोड़ी कम नजर आ रही है। फिलहाल, जवानों की तैनाती के चलते उनके अचानक भारत आने की संभव नहीं है।' मीडिया में कुछ और भी वीडियो फुटेज सामने आए हैं जिनमें कुछ लोग नदी-नालों को लांघकर भारत आने का प्रयास करते दिख रहे हैं। हालांकि, बीएसएफ की ओर से उन पर कड़ी नजर रखी जा रही है और उन्हें सीमा के उस पार ही रोका गया है।   भारत-बांग्लादेश सीमा पर निगरानी के लिए समिति गठित गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने पड़ोसी देश में मौजूदा स्थिति के मद्देनजर भारत-बांग्लादेश सीमा पर स्थिति की निगरानी के लिए उच्च स्तरीय समिति गठित की। गृह मंत्री अमित शाह ने एक्स पर कहा, 'बांग्लादेश में व्याप्त स्थिति के मद्देनजर मोदी सरकार ने भारत-बांग्लादेश सीमा पर मौजूदा स्थिति की निगरानी के लिए एक समिति गठित की है। समिति बांग्लादेश में अपने समकक्ष अधिकारियों के साथ संपर्क बनाए रखेगी, ताकि वहां रहने वाले भारतीय नागरिकों, हिंदुओं और अन्य अल्पसंख्यक समुदायों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। समिति की अध्यक्षता एडीजी (अतिरिक्त महानिदेशक), सीमा सुरक्षा बल, पूर्वी कमान करेंगे।' recent visitors 96

पाकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा पर स्थित तिराह घाटी में हुआ हमला, चौकी को लगाई आग, सात की मौत

पेशावर पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में शुक्रवार को बड़ा आतंकी हमला हुआ है। पाकिस्तान तालिबान से जुड़े आतंकवादियों ने एक सुरक्षा चौकी को निशाना बनाया। हमले में सात सुरक्षाकर्मियों की मौत हुई और 11 अन्य घायल हैं। अधिकारियों के मुताबिक हमला पाकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा पर स्थित तिराह घाटी में हुआ। इस समूह ने ली जिम्मेदारी हाफिज गुल बहादर समूह ने इंटरनेट मीडिया पर हमले की जिम्मेदारी ली है। इस समूह ने फरवरी में तारिक अफरीदी समूह के साथ गठबंधन किया था। इसे तारिक गेदर समूह के नाम से भी जाना जाता है। खास बात यह है कि यह समूह तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) का सहयोगी संगठन है। चौकी को आग के हवाले किया अधिकारियों के अनुसार आतंकवादियों ने औरकजई स्काउट्स चेक पोस्ट पर कब्जा करने की कोशिश की। हमले के बाद में चौकी पर आग लगा दी। हमले में आतंकवादियों ने विस्फोटक और रॉकेट से चलने वाले ग्रेनेड का इस्तेमाल किया। recent visitors 117