डिवाइडर की तरह रास्ता बन जाने से वाहन चालकों को हो रही परेशानी

सिंगरौली कचनी मोड से मजन मोड़ के बीच रोड में डिवाइडर की तरह रोड बना हुआ है राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है! आने जाने का एक साधन है! जहां से लोगों का आवागमन रोजाना पैदल एवं गाड़ियों से हो रहा है मगर रोड की हालत खराब होने की वजह और रोड मैं बने परेशानी से रास्तों पर डिवाइडर की तरह बना हुआ है! जिससे चार पहिया वाहनों के  स्टेरिंग मोड़ने एवं आने जाने पर तकलीफ हो रही है! एहसास दिलाता है! कि इसे व्यवस्थित करें? ताकि राहगीरों को रास्ता पूर्ण दिख सके ऐसे में लोगों को हमेशा डर का माहौल बना रहता है ! और रास्तों पर आवारा पशुओं का भी जवाब बाद देखने को मिलता है ! इतना ही नहीं इस रास्तों पर कई एक्सीडेंट भी हो चुके हैं जिसमें नगर के जनप्रतिनिधि भी भी इन रास्तों पर रास्तों के शिकार हो चुके हैं समय रहते इस रास्तों को दुरुस्त करना नगर निगम के लिए एक चुनौती भरा होगा! recent visitors 87

Kolkata में Lady Doctor से दरिंदगी मामले में सुलझी गुत्थी

कोलकाता वेस्ट बंगाल की राजधानी कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज में हुए एक लेडी डॉक्टर से दरिंदगी के मामले में आरोपी को 14 दिन की पुलिस हिरासत में भेजा गया है. भारतीय न्याय संहिता की धारा 64 (बलात्कार) और 103 (हत्या) के तहत आरोपी को गिरफ्तार करने के बाद पुलिस ने सियालदह अदालत में पेश किया था. उससे पूछताछ के लिए पुलिस हिरासत की मांग की गई थी. न्यायाधीश ने अभियोजन पक्ष के अनुरोध को स्वीकार करते हुए आरोपी को 23 अगस्त तक 14 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया. पीड़ित महिला का शव शुक्रवार को उत्तरी कोलकाता में आरजी कर मेडिकल कॉलेज के सेमिनार हॉल के अंदर मिला था. प्रारंभिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक उसकी हत्या से पहले उसका यौन उत्पीड़न किया गया था. उसके साथ बर्बरता पूर्वक व्यवहार हुआ था. ब्लूटूथ ईयरबड के जरिए संदिग्ध आरोपी तक पहुंची पुलिस पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार किया गया आरोपी संस्थान से बाहर का है. वो मेडिकल कॉलेज के ज्यादातर डिपार्टमेंट में आसानी से आता-जाता था. उसकी गतिविधियां काफी संदिग्ध हैं. वो सीधे तौर पर अपराध में शामिल प्रतीत होता है. पुलिस को ब्लूटूथ ईयरबड का एक फटा हुआ हिस्सा मिला था. इस सुराग के जरिए वो आरोपी तक पहुंच पाई. कई डॉक्टरों ने भी सीसीटीवी से अपराधी की पहचान की है. सिविक वालंटियर है आरोपी, ऐसा होता है इनका काम सूत्रों द्वारा पता चला है कि आरोपी का नाम संजय रॉय है, जो कि पेशे से सिविक वालंटियर है. ऐसे वालंटियर संविदा कर्मचारी होते हैं, जो कि यातायात प्रबंधन के लिए संबंधित पुलिस इकाइयों में पुलिसकर्मियों की सहायता करते हैं. वे राज्य में प्रमुख त्योहारों के दौरान और उन स्थानों पर भी पुलिस की सहायता करते हैं, जहां वाहनों की अनधिकृत पार्किंग होती है. ऐसे लोग पुलिस के लिए काम करते हैं.   आरोपी के सहयोगियों की तलाश में जुटी पुलिस टीम एक पुलिस अधिकारी ने कहा, "अब हम यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि आरोपी के साथ और कौन-कौन था. उसकी आवश्यक चिकित्सा जांच कराई जा सकती है. महिला डॉक्टर की मौत की जांच के सिलसिले में पुलिस ने शुक्रवार रात दो इंटर्न डॉक्टरों से भी पूछताछ की थी. मृतक मेडिसिन विभाग की द्वितीय वर्ष की छात्रा थी और गुरुवार रात ड्यूटी पर थी. उसके शव पर चोट के कई निशान थे. प्राइवेट पार्ट से बह रहा था खून, ऐसी हालत में था शव ऑटोप्सी रिपोर्ट के मुताबिक, पीड़िता की दोनों आंखों और मुंह से खून बह रहा था. चेहरे पर चोटें थीं और नाखून लगा हुआ था. उसके प्राइवेट पार्ट से भी खून बह रहा था. उसके पेट, बाएं पैर, गर्दन, दाहिने हाथ और छोटी अंगुली और होठों में भी चोटें लगी थी. गर्दन की हड्डी भी टूटी हुई है. रेप के बाद उसकी हत्या होने की आशंका है. यह वारदात शुक्रवार सुबह 3 से 6 बजे के बीच की बताई जा रही है. ममता बनर्जी ने कहा- ये मेरे लिए व्यक्तिगत क्षति है इस वारदात पर वेस्ट बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा, ''यह मेरे लिए व्यक्तिगत क्षति जैसा है. उनका (रेजिडेंट डॉक्टरों का) गुस्सा और मांग जायज है. मैं इसका समर्थन करती हूं. पुलिस ने भी उनकी मांगें मान ली हैं. मैं कल झारग्राम में थी, लेकिन सभी घटनाक्रमों पर नजर रख रही थी. मैंने पीड़ित परिवार से बात की है. उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है.'' 'जरूरत पड़ी तो आरोपियों को दी जाएगी फांसी' मुख्यमंत्री ने कहा, ''मैंने इस मामले को फास्ट-ट्रैक कोर्ट में ले जाने का निर्देश दिया है. यदि जरूरत पड़ी तो आरोपियों को फांसी दी जाएगी, हालांकि मैं फांसी की सजा का समर्थक नहीं हूं. लेकिन उन्हें कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए. एक आरोपी को गिरफ्तार किया जा चुका है. हमने यह सुनिश्चित किया है कि इस घटना को लेकर प्रदर्शन कर रहे एक भी डॉक्टर को कोई भी समस्या न हो.''   recent visitors 114

भाई लाल के जन्मदिन पर पहुंचे सिंगरौली विधायक

सिंगरौली  महात्मा फुले फाउंडेशन के जिला अध्यक्ष भाई लाल बाबू भैया के जन्मदिन के अवसर पर सम्मिलित हुए सिंगरौली विधायक रामनिवास शाह जी सम्मिलित हुए जिसमें  सभी अतिथियों ने भाई लाल जी को बधाई दी इस अवसर पर  जिला अध्यक्ष जन अधिकार पार्टी के पिंटू लाल कुशवाहा ,अमन जी पंकज जी ,रामकेशवर जी, नंदलाल जी, पवन जी,अमित कुशवाहा ,नंदलाल जी, पवन कुशवाहा ,विजेंद्र कुशवाहा, उपस्थित होकर उनके जन्मदिन के अवसर पर बधाइयां दी एवं शुभकामनाओं के साथ भेंट किया recent visitors 87

नर्मदा नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंचा , बन गई बाढ़ जैसी स्थिति!सरदार सरोवर डैम के 5 गेट खोले गए

अहमदाबाद, गुजरात के सरदार सरोवर डैम का जलस्तर बढ़ने से नर्मदा नदी में पानी छोड़ा गया है, जिससे नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है. रविवार सुबह सरदार सरोवर नर्मदा बांध के 5 गेट खोले गए हैं, जिन्हें एक लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है. जिसकी वजह से गरुड़ेश्वर के पास नर्मदा नदी पर बना गरुड़ेश्वर वियर डैम ओवरफ्लो हो गया. मध्यप्रदेश में भारी बारिश की वजह से बांध में 2 लाख 95 हजार 972 क्यूसेक पानी आया है, जिससे नर्मदा बांध 87 फीसदी भर चुका है. इस वक्त नर्मदा बांध में 3823.60 मिलियन क्यूबिक मीटर लाइव स्टोरेज पानी भर गया है. इस सीजन में पहली बार नर्मदा बांध पर 134.59 मीटर पर पानी पहुंचा है, जबकि बांध की अधिकतम सतह 138.68 मीटर है. नर्मदा बांध अधिकतम स्तर से मात्र 4 मीटर दूर है. वहीं, नर्मदा बांध से पानी छोड़े जाने के बाद गुजरात के भरूच और वडोदरा में नर्मदा किनारे बसे गांवों को अलर्ट किया गया है. लेकिन अभी चिंता की स्थिति नहीं है.   recent visitors 98

कंगना ने लिखा-शांति हवा में नहीं या सूरज की किरणों में नहीं , जिसे आप सोचते हैं कि आपका जन्म अधिकार है और आपको मुफ्त में मिलेगी

नई दिल्ली  बांग्लादेश में हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं। शेख हसीना के इस्तीफा देने और देश छोड़ने के बाद भी लगातार हिंसा की खबरें मिल रही हैं। बांग्लादेश के बिगड़े हालातों के बीच अभिनेत्री और मंडी से सांसद कंगना रनौत ने एक पोस्ट एक्स पर शेयर की जिसमें लिखा- शांति फ्री में नहीं मिलती है। कंगना ने बांग्लादेश के हालातों को देखते हुए यह पोस्ट शेयर किया और लोगों को महाभारत या रामायण का उदाहरण देते हुए तलवार उठाने की सलाह दी है। उन्होंने क्या कहा, चलिए आपको बताते हैं। कंगना ने लिखा-शांति हवा में नहीं या सूरज की किरणों में नहीं हैं जिसे आप सोचते हैं कि आपका जन्म अधिकार है और आपको मुफ्त में मिलेगी। महाभारत हो या रामायण दुनिया के इतिहास में सबसे बड़ी लड़ाई शांति के लिए ही लड़ी गई है। तलवार उठाओ और तैयारी करो। अपनी तलवार उठाओ और उन्हें तेज करो, हर दिन तैयारी करो। अगर ज्यादा नहीं तो हर दिन सेल्फ डिफेंस करो। उन्होंने आगे लिखा, ‘दूसरों के हथियारों के प्रति आपका समर्पण, लड़ने में आपकी अक्षमता का परिणाम नहीं होना चाहिए। विश्वास में समर्पण करना प्रेम है लेकिन डर में समर्पण करना कायरता है। इजराइल की तरह अब हम भी चरमपंथियों से भरे हैं। हमें अपने लोग और अपनी जमीन को बचाने के लिए तैयार रहना चाहिए। बता दें कंगना रनौत जल्द ही फिल्म ‘इमरजेंसी’ में नजर आएंगी। उन्होंने साल 2021 में फिल्म की घोषणा की थी लेकिन बाद में साफ किया कि भले ही यह एक राजनीतिक ड्रामा है, लेकिन यह इंदिरा गांधी की बायोपिक नहीं है। कंगना न सिर्फ फिल्म में मुख्य भूमिका निभा रही हैं बल्कि इसका निर्देशन भी कर रही हैं। फिल्म में कंगना के अलावा अनुपम खेर, मिलिंद सोमन, महिमा चौधरी और श्रेयस तलपड़े भी हैं।   recent visitors 142

Paris Olympics से बिना सोने के पदक लौटेगा भारतीय दल, नीरज-बिंद्रा के क्लब में नहीं हुई कोई नई एंट्री

 पेरिस पेरिस ओलंपिक में भारत का सफर लगभग खत्म हो चुका है। भारत के पास अब मेडल जीतने की इकलौती उम्मीद रीतिका हुड्डा हैं। भारतीय रेसलर रीतिका हुड्डा को क्वार्टर फाइनल मैच में हार मिली जिसके बाद भारत की इन खेलों में गोल्ड मेडल जीतने की उम्मीद खत्म हो गई। पेरिस ओलंपिक से भारतीय दल बिना गोल्ड मेडल लौटेगा। भारत के दो ही एथलीट ने जीता गोल्ड भारत के लिए अब तक केवल दो ही खिलाड़ियों ने व्यक्तिगत गोल्ड मेडल जीते हैं। राइफल शूटर अभिनव बिंद्रा ने बीजिंग ओलंपिक में गोल्ड मेडल जीता था। वहीं टोक्यो ओलंपिक में नीरज चोपड़ा ने गोल्ड मेडल जीता। इस क्लब में कोई नई एंट्री नहीं हुई है। नीरज ने जीता सिल्वर पेरिस ओलंपिक में कई खिलाड़ियों को गोल्ड का दावेदार माना जा रहा था। हालांकि कोई भी यह काम पूरा नहीं कर सका। गोल्ड के सबसे बड़े दावेदार जैवलिन थ्रो एथलीट नीरज चोपड़ा थे। वह इस बार सिल्वर मेडल ही जीत पाए। भारत की विनेश फोगाट गोल्ड मेडल के लिए काफी करीब पहुंच गई थीं। हालांकि वह फाइनल मैच खेल ही नहीं पाईं। उन्हें 100 ग्राम ज्यादा वजन होने के कारण डिस्क्वालिफाई कर दिया था। हॉकी में भी खत्म नहीं हुआ इंतजार भारतीय हॉकी टीम जिस फॉर्म के साथ सेमीफाइनल में पहुंची थी उसे देखकर ऐसा लग रहा था कि 44 साल बाद देश को गोल्ड मेडल मिल जाएगा। टीम ने ग्रुप राउंड में ऑस्ट्रेलिया को मात दी थी। वहीं क्वार्टर फाइनल में उन्होंने 10 खिलाड़ियों के साथ खेलते हुए ग्रेट ब्रिटेन को मात दी। यही कारण था कि उन्हें भी गोल्ड का दावेदार माना जा रहा था। हालांकि टीम सेमीफाइनल मुकाबला हार गोई और उसे भी गोल्ड नहीं मिल सका। टोक्यो का रिकॉर्ड टूट नहीं पाया बता दें कि भारत ने टोक्यो ओलंप‍िक (2020) में एक गोल्ड 7 मेडल जीते थे, जो भारत का ओलंप‍िक इत‍िहास में अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन था. ऐसे में इस बार उम्मीद की जा रही थी कि भारत की मेडल टैली दोहरे अंक में पहुंच पाएगी. मगर उम्मीदों के विपरीत हुआ. पेरिस ओलंपिक 2024 में भारत एक भी गोल्ड मेडल नहीं जीत सका और उसके मेडल्स की संख्या 6 पर अटक गई.. पेरिस ओलंपिक 2024 में भारत के पदकवीर मनु भाकर- ब्रॉन्ज मेडल, शूटिंग मनु भाकर/सरबजोत सिंह- ब्रॉन्ज मेडल, शूटिंग स्वप्निल कुसाले- ब्रॉन्ज मेडल, शूटिंग भारतीय हॉकी टीम- ब्रॉन्ज मेडल नीरज चोपड़ा- सिल्वर मेडल, एथलेटिक्स अमन सहरावत- ब्रॉन्ज मेडल, रेसलिंग पेरिस ओलंपिक 2024 में देश के कुल 112 एथलीट्स ने 16 खेलों के कुल 69 मेडल इवेंट में भाग लिया. इसके साथ ही पांच रिजर्व एथलीट भी पेरिस गए थे. हालांकि शूटिंग, एथलेटिक्स, हॉकी और कुश्ती में ही भारत को पदक हासिल हो सका. देखा जाए तो भारत ने ओलंपिक खेलों में अभी तक कुल 41 पदक जीते हैं. इनमें निशानेबाज अभिनव बिंद्रा (2008) और नीरज चोपड़ा (2021)ही व्यक्तिगत गोल्ड मेडल जीत पाए हैं. भारत के ओलंप‍िक मेडल‍िस्ट की पूरी ल‍िस्ट, जानें कौन, कब बना व‍िजेता एथलीट/खेल  मेडल  इवेंट  ओलंप‍िक सीजन नॉर्मन प्रिचर्ड*  स‍िल्वर  पुरुषों की 200 मीटर रेस पेरिस 1900 नॉर्मन प्रिचर्ड**  स‍िल्वर पुरुषों का 200 मीटर बाधा दौड़ (हर्डल रेस) पेर‍िस 1900 भारतीय हॉकी टीम गोल्ड  पुरुष हॉकी एम्स्टर्डम 1928 भारतीय हॉकी टीम गोल्ड पुरुष हॉकी लॉस एंजिल्स 1932 भारतीय हॉकी टीम गोल्ड पुरुष हॉकी बर्लिन 1936 भारतीय हॉकी टीम गोल्ड पुरुष हॉकी लंदन 1948 भारतीय हॉकी टीम गोल्ड पुरुष हॉकी हेल्सिंकी 1952 भारतीय हॉकी टीम गोल्ड पुरुष हॉकी मेलबर्न 1956 केडी जाधव ब्रॉन्ज पुरुषों की बेंटमवेट कुश्ती हेल्सिंकी 1952 भारतीय हॉकी टीम  स‍िल्वर  पुरुष हॉकी रोम 1960 भारतीय हॉकी टीम  गोल्ड  पुरुष हॉकी टोक्यो 1964 भारतीय हॉकी टीम  ब्रॉन्ज पुरुष हॉकी मेक्सिको सिटी 1968 भारतीय हॉकी टीम  ब्रॉन्ज  पुरुष हॉकी म्यूनिख 1972 भारतीय हॉकी टीम  गोल्ड पुरुष हॉकी मास्को 1980 लिएंडर पेस ब्रॉन्ज पुरुष एकल टेनिस  अटलांटा 1996 कर्णम मल्लेश्वरी ब्रॉन्ज भारोत्तोलन (महिलाओं का 54 किग्रा सिडनी 2000 राज्यवर्धन सिंह राठौड़ स‍िल्वर पुरुषों की डबल ट्रैप शूटिंग  एथेंस 2004 अभिनव बिंद्रा गोल्ड पुरुषों की 10 मीटर एयर राइफल शूटिंग बीजिंग 2008 विजेंदर सिंह ब्रॉन्ज पुरुषों की मिडिलवेट बॉक्सिंग (मुक्केबाजी) बीजिंग 2008 सुशील कुमार ब्रॉन्ज पुरुषों की 66 किग्रा कुश्ती बीजिंग 2008 सुशील कुमार स‍िल्वर पुरुषों की 66 किग्रा कुश्ती लंदन 2012 विजय कुमार स‍िल्वर पुरुषों की 25 मीटर रैपिड पिस्टल शूटिंग लंदन 2012 साइना नेहवाल ब्रॉन्ज महिला एकल बैडमिंटन लंदन 2012 मैरी कॉम ब्रॉन्ज महिला फ्लाइवेट मुक्केबाजी लंदन 2012 योगेश्वर दत्त ब्रॉन्ज पुरुष 60 किग्रा कुश्ती लंदन 2012 गगन नारंग ब्रॉन्ज 10 मीटर एयर राइफल शूटिंग लंदन 2012 पीवी सिंधु स‍िल्वर महिला एकल बैडमिंटन रियो 2016 साक्षी मलिक ब्रॉन्ज महिला 58 किग्रा कुश्ती रियो 2016 मीराबाई चानू  स‍िल्वर महिला 49 किग्रा भारोत्तोलन (वेटलिफ्टिंग) टोक्यो 2020 लवलीना बोरगोहेन ब्रॉन्ज महिला वेल्टरवेट बॉक्स‍िंंग (64-69 किग्रा) टोक्यो 2020 पीवी सिंधु  ब्रॉन्ज महिला एकल बैडमिंटन टोक्यो 2020 रवि कुमार दहिया  स‍िल्वर पुरुष फ्रीस्टाइल 57 किग्रा कुश्ती टोक्यो 2020 भारतीय हॉकी टीम  ब्रॉन्ज पुरुष हॉकी टोक्यो 2020 बजरंग पुनिया ब्रॉन्ज पुरुष 65 किग्रा कुश्ती टोक्यो 2020 नीरज चोपड़ा गोल्ड पुरुषों का भाला फेंक (जैवल‍िन थ्रो) टोक्यो 2020 मनु भाकर ब्रॉन्ज 10 मीटर एयर पिस्टल पेरिस 2024 मनु भाकर-सरबजोत सिंह ब्रॉन्ज 10 मीटर एयर पिस्टल मिक्स्ड टीम पेरिस 2024 स्वप्निल कुसाले ब्रॉन्ज मेन्स 50 मीटर राइफल थ्री पोजीशन पेरिस 2024 भारतीय हॉकी टीम ब्रॉन्ज पुरुष हॉकी पेरिस 2024 नीरज चोपड़ा  स‍िल्वर पुरुषों का भाला फेंक (एथलेटिक्स) पेर‍िस 2024  अमन सहरावत  ब्रॉन्ज  पुरुष 57 क‍िग्रा कुश्ती  पेर‍िस 2024   recent visitors 144

कांग्रेस के दिग्गज नेता व पूर्व विदेश मंत्री नटवर सिंह का निधन, लंबे समय से बीमार थे

नई दिल्ली देश के पूर्व विदेश मंत्री और कांग्रेस के दिग्गज नेता नटवर सिंह का 95 साल की उम्र में लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया. वह गुरुग्राम के एक निजी अस्पताल में भर्ती थे, जहां उनका इलाज चल रहा था. नटवर सिंह एक प्रमुख कांग्रेसी थे, जिन्होंने यूपीए के दौर में डॉ. मनमोहन सिंह के अधीन काम किया था. सिंह राजस्थान के भरतपुर जिले के रहने वाले थे. उन्होंने अजमेर के मेयो कॉलेज और ग्वालियर के सिंधिया स्कूल से पढ़ाई की. राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने पूर्व केंद्रीय मंत्री के निधन पर अपनी संवेदना व्यक्त की है. भजनलाल शर्मा ने X पर लिखा, 'भारत सरकार में पूर्व विदेश मंत्री, पद्म विभूषण से सम्मानित कु. नटवर सिंह जी के निधन का समाचार अत्यन्त दुःखद है. प्रभु श्रीराम जी से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान तथा शोकाकुल परिवार को इस दुख की घड़ी में संबल प्रदान करें.' कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने भी सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर नटवर सिंह के निधन पर दुख जताया है. उन्होंने लिखा, 'पूर्व विदेश मंत्री नटवर सिंह जी के निधन का समाचार दुखद है. ईश्वर उनके परिजनों को यह क्षति सहने की शक्ति दे और दिवंगत आत्मा को सदगति प्रदान करें.' कौन थे कुंवर नटवर सिंह कुंवर नटवर सिंह ने मई 2004 से दिसंबर 2005 तक विदेश मंत्री के रूप में कार्य किया. सिंह को 1953 में भारतीय विदेश सेवा में चुना गया था. 1984 में उन्होंने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी के सदस्य के रूप में चुनाव लड़ने के लिए सेवा से इस्तीफा दे दिया. उन्होंने चुनाव जीता और 1989 तक केंद्रीय राज्य मंत्री के रूप में कार्य किया. इसके बाद, 2004 में भारत के विदेश मंत्री बनाए जाने तक उनका राजनीतिक करियर उतार-चढ़ाव भरा रहा. शुरुआती शिक्षा गोविंद सिंह और उनकी पत्नी प्रयाग कौर के चौथे बेटे, सिंह का जन्म भरतपुर रियासत में उन्होंने मेयो कॉलेज, अजमेर और सिंधिया स्कूल, ग्वालियर में शिक्षा प्राप्त की, जो भारतीय राजघरानों और कुलीनों के लिए पारंपरिक शैक्षणिक संस्थान थे. इसके बाद उन्होंने सेंट स्टीफंस कॉलेज, दिल्ली से स्नातक की डिग्री ली. फिर कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय के कॉर्पस क्रिस्टी कॉलेज में अध्ययन किया और चीन में पेकिंग विश्वविद्यालय में कुछ समय के लिए विजिटिंग स्कॉलर रहे. व्यक्तिगत जीवन अगस्त 1967 में सिंह ने महाराजकुमारी हेमिंदर कौर (जन्म जून 1939) से विवाह किया, जो पटियाला राज्य के अंतिम महाराजा यादविंद्र सिंह की सबसे बड़ी बेटी थीं. हेमिंदर की मां मोहिंदर कौर भी सार्वजनिक जीवन में सक्रिय थीं. कैसा था राजनयिक करियर सिंह 1953 में भारतीय विदेश सेवा में शामिल हुए और 31 वर्षों तक सेवा की. उनकी शुरुआती नियुक्तियों में से एक बीजिंग, चीन (1956-58) में थी. उसके बाद उन्हें भारत के स्थायी मिशन (1961-66) में न्यूयॉर्क शहर में और यूनिसेफ (1962-66) के कार्यकारी बोर्ड में भारत के प्रतिनिधि के रूप में नियुक्त किया गया. उन्होंने 1963 और 1966 के बीच कई संयुक्त राष्ट्र समितियों में काम किया. 1966 में, उन्हें इंदिरा गांधी के अधीन प्रधानमंत्री सचिवालय में तैनात किया गया था. उन्होंने 1971 से 1973 तक पोलैंड में भारत के राजदूत, 1973 से 1977 तक यू.के. में भारत के उप उच्चायुक्त और 1980 से 1982 तक पाकिस्तान में भारत के राजदूत के रूप में कार्य किया. उन्होंने मार्च 1982 से नवंबर 1984 तक विदेश मंत्रालय में सचिव के रूप में कार्य किया. उन्हें 1984 में भारत सरकार से भारत का तीसरा सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार पद्म भूषण मिला.   recent visitors 96