झंडा ऊंचा रहें हमारा, नारों से गूंजा पूरा बैकुण्ठपुर

बैकुण्ठपुर/कोरिया छत्तीसगढ़ शासन के संस्कृति विभाग के निर्देशानुसार जिले में भी ’’आजादी का अमृत महोत्सव’’ के तहत स्वतंत्रता सप्ताह 9 अगस्त से 15 अगस्त तक ’’हर घर तिरंगा’’ कार्यक्रम का शुभारंभ कलेक्टर श्रीमती चंदन त्रिपाठी ने किया। सुबह 7 बजे बैकुंठपुर के फव्वारा चौक से शासकीय आदर्श रामानुज उच्चत्तर माध्यमिक शाला, बैकुंठपुर तक कलेक्टर श्रीमती चन्दन त्रिपाठी के नेतृत्व में तिरंगा रैली में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, शहरवासी, अधिकारी, कर्मचारी, स्कूली छात्र-छात्राएं शामिल हुए। सम्मान के साथ झंडा फहराएं कलेक्टर श्रीमती चन्दन त्रिपाठी ने कहा कि तिरंगा हर भारतीयों की शान है, लेकिन इसे कब, कहाँ, कैसे फहराया जाए इसका नियम है। इसीलिए ध्वज को बेहद सम्मान के साथ व सावधानी पूर्वक फहराना चाहिए। उन्होंने कहा झंडा कटा-फटा न हो, प्लास्टिक के झंडे का उपयोग बिल्कुल नहीं करना है, जमीन में नहीं गिराना है, उल्टा नहीं फहराना है। कलेक्टर श्रीमती चन्दन त्रिपाठी ने कहा कि राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे में समान अनुपात में तीन क्षैतिज पट्टियां हैं केसरिया रंग सबसे ऊपर, सफेद बीच में और हरा रंग सबसे नीचे है। ध्वज की लंबाई-चौड़ाई का अनुपात 3ः2 है। सफेद पट्टी के बीच में नीले रंग का चक्र है। उन्होंने कहा कि हमारा तिरंगा जान है, देश का शान है इसलिए सभी लोग अपने घरों में सम्मान के साथ झंडा जरूर लगाएं। नारों से गूंजा पुरा बैकुंठपुर। इस दौरान झण्डा देश की शान है, हम सबकी पहचान है! झंडा ऊंचा रहे हमारा, भारत माता की जयघोष के साथ सभी वर्गों ने जोश व उत्साह के साथ हर घर तिरंगा कार्यक्रम में सहभागिता निभाई।  भारत की आज़ादी के 77वें वर्ष के उपलक्ष्य में जिलेवासियों को अपने घर पर तिरंगा झंडा फहराने के लिए प्रोत्साहित करने हेतु ‘आज़ादी के अमृत’ महोत्सव के तत्वावधान में चलाया जा रहा अभियान है, जो 15 अगस्त तक यह कार्यक्रम चलेगी। हर घर तिरंगा कार्यक्रम के तहत रैली में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. आशुतोष चतुर्वेदी, अपर कलेक्टर  अरुण कुमार मरकाम, श्रीमती अंकिता सोम, जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी व बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं शामिल हुए। recent visitors 71

साय सरकार ने बुनकरों को दी बड़ी सौगात, सरकारी योजना में शामिल होंगे बुनकरों के कपड़े, बुनकरों के पारिश्रमिक में 20 प्रतिशत वृद्धि की घोषणा

रायपुर  छत्तीसगढ़ सरकार ने बुनकरों के लिए बड़ी घोषणा की है। बुधवार को बुनकर दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में राज्य के उद्योग मंत्री लखनलाल देवांवन ने घोषणा करते हुए कहा कि राज्य में बुनकरों की मजदूरी में 20 फीसदी की वृद्धि होगी। उन्होंने कहा यह घोषणा तत्काल प्रभाव से लागू होगी। दरअसल, प्रदेश के उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने बुनकरों को और नई तकनीक और नए अवसरों से जुड़ने के लिए आह्वान करते हुए यह महत्वपूर्ण घोषणा की है कि प्रदेश में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व वाली सरकार बुनकरों द्वारा उत्पादित कपड़ों को स्कूल शिक्षा विभाग में स्कूल ड्रेस के लिए सरकारी योजनाओं में शामिल करेगी। उन्होंने कहा कि यह योजना पूर्ववर्ती भाजपा शासनकाल में तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने लागू की थी। इसे हम फिर से इस सरकार में लागू करके बुनकरों की उत्पादन क्षमता को बढ़ाएंगे, जिससे ज्यादा-से-ज्यादा बुनकरों को काम मिल सके और उनकी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हो सके। साव बुधवार को भारतीय जनता पार्टी बुनकर प्रकोष्ठ के तत्वावधान में कुशाभाऊ ठाकरे परिसर स्थित प्रदेश कार्यालय में आहूत बुनकर संवाद कार्यक्रम को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में प्रदेश के उद्योग एवं श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन ने मुख्यमंत्री साय की ओर से बुनकरों को अभी तक उनके कार्यों के एवज में मिल रहे पारिश्रमिक में 20 प्रतिशत की वृद्धि आज राष्ट्रीय बुनकर दिवस के अवसर पर आज से ही लागू करने का ऐलान किया। देवांगन ने इसी के साथ बुनकर भाइयों से नई तकनीक से अपना काम करने एवं युवा वर्ग को इससे जोड़ने के लिए भी आह्वान किया। बुनकरों की समस्याओं को हल करने के बारे में देवांगन ने विस्तार से चर्चा की। हर घर तिरंगा अभियान पर भी फोकस भाजपा बुनकर प्रकोष्ठ के संवाद कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भाजपा प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय ने संगठन को मजबूत करने एवं हर घर तिरंगा अभियान के बारे में विस्तार से चर्चा की और साथ ही बुनकरों की तकलीफों, परेशानियों को प्रदेश की भाजपा सरकार के माध्यम से हल करने का आश्वासन दिया। recent visitors 79

छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की हार को लेकर पूर्व मंत्री अमरजीत भगत ने अपना दर्द बयां किया

अंबिकापुर  पूर्व मंत्री अमरजीत भगत ने छत्तीसगढ़ में बीजेपी सरकार के छह महीने के कार्यकाल पर बयान दिया है। साथ ही अमरजीत भगत ने कांग्रेस की हार पर भी बयान दिया। हार का छलका दर्द पूर्व मंत्री अमरजीत भगत ने विधानसभा चुनाव में मिली हार पर अपना दर्द बयां किया। उन्होंने कहा कि नेताओं में तालमेल की कमी के कारण कांग्रेस राज्य में सरकार नहीं बना पाई। छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की हार हमारी गलती के कारण हुई है। तेरा-मेरा के इस खेल ने पूरे राज्य में कांग्रेस को नुकसान पहुंचाया है। बता दें कि 2018 में बंपर जीत हासिल करने वाली कांग्रेस को 2024 के विधानसभा चुनाव में हार का सामना करना पड़ा था। कई मंत्रियों को कराना पड़ा था हार का सामना बता दें कि पिछले साली तीन दिसंबर को हुए छत्तीसगढ़ विधानसभा के चुनाव में बीजेपी ने 90 में से 54 सीटों पर जीत दर्ज की थी। कांग्रेस को 35 सीटें मिलीं और अन्य को यहां 1 सीट मिली थी। कांग्रेस से डिप्टी सीएम टीएस सिंह देव समेत कई मंत्रियों को हार का सामना करना पड़ा था। अमरजीत भगत भूपेश बघेल की सरकार में कैबिनेट मंत्री थी। उनकी गिनती भूपेश बघेल के करीबी नेताओं में होती है। किसानों को हो रही समस्या छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिला प्रशासन द्वारा किसानों को खाद और बीज की कमी न हो इसके लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने के बाद भी ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों को खाद नहीं मिल पा रहा। खेती के समय यूरिया नहीं मिलने से किसान अपनी फसलों को लेकर चिंतित नजर आ रहे हैं। recent visitors 85

राष्ट्रीय शिक्षा नीति से शिक्षा में भारतीयता की झलक स्पष्ट हो रही है : वाजपेयी

बिलासपुर  अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय में आज राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अंतर्गत भारतीय विज्ञान की विशेषता पर एक दिवसीय कार्यशाला हुई। कुलपति आचार्य अरुण दिवाकर नाथ वाजपेयी ने इस अवसर पर अपने संबोधन में कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति से शिक्षा में भारतीयता की झलक स्पष्ट हो रही है। इसमें भारतीय विज्ञान, परंपरा, और दर्शन को प्रमुखता दी गई है, जिससे भारत का गौरव बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि इस नीति के माध्यम से युवा पीढ़ी को भारत के महान वैज्ञानिकों, जैसे आर्यभट्ट, कणाद और सुश्रुत द्वारा किए गए उत्कृष्ट शोध कार्यों के बारे में जानकारी मिल सकेगी। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता, विज्ञान भारती के राष्ट्रीय सह संयोजक प्रमोद रामदास ने अपने उद्बोधन में कहा कि भारतीय विज्ञान और इसकी विरासत पूरी दुनिया को दिशा देने में सक्षम है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि शोध के क्षेत्र में भारतीय दृष्टिकोण को प्रमुखता दी जानी चाहिए, ताकि भारत का स्वाभिमान बढ़े। उन्होंने यह भी कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति से भारतीय विज्ञान और पूर्व के शोध कार्यों को और बढ़ावा मिलेगा। दीक्षा को लेकर नए सिरे से तैयारी अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय के कुलपति आचार्य अरुण दिवाकर नाथ वाजपेयी ने एक दिन पहले कुलाधिपति एवं राज्यपाल रमेन डेका से मुलाकात की। विश्वविद्यालय की उन्नति और शैक्षणिक गतिविधियों के बारे में राज्यपाल को अवगत कराया। आगामी होने वाले दीक्षा समारोह की तिथि एवं मेधावियों को स्वर्ण पदक एवं उपाधि की जानकारी दी। जिसके बाद नए सिरे से समारोह की तैयारी शुरू हो चुकी है। recent visitors 88

छत्तीसगढ़ शिक्षक पात्रता की जारी हुए परीक्षा के लिए आंसर-की Answer Key, 16 अगस्त तक दर्ज कराएं आपत्तियां

रायपुर  छत्तीसगढ़ TET 2024 में सम्मिलित हुए उम्मीदवारों के लिए बड़ी खबर। छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मण्डल (CGPEB, पूर्व नाम CGVYAPAM) ने छत्तीसगढ़ शिक्षक पात्रता परीक्षा (CGTET) 2024 की अनौपचारिक उत्तर-कुंजियां (Answer Keys) जारी कर दी हैं। मण्डल द्वारा कक्षा 1 से 5 तक अध्यापन की पात्रता के लिए प्राथमिक स्तर तथा कक्षा 6 से 8 तक टीचिंग के लिए पात्रता हेतु उच्च प्राथमिक स्तर की परीक्षाओं व पुर्नपरीक्षा के लिए आंसर-की (CG TET Answer Key 2024) बृहस्पतिवार, 8 अगस्त को जारी किए। इसके साथ ही इन सभी को डाउनलोड करने के लिए लिंक को आधिकारिक वेबसाइट, पर एक्टिव भी कर दिया गया है। CG TET Answer Key 2024: ऐसे करें डाउनलोड और कराएं आपत्ति दर्ज ऐसे में जो उम्मीदवार CGPEB द्वारा 23 जून और 20 जुलाई को आयोजित CGTET 2024 में सम्मिलित हुए थे, वे अपनी सम्बन्धित परीक्षा के लिए उत्तर-कुंजियां (CG TET Answer Key 2024) डाउनलोड करने के लिए आधिकारिक वेबसाइट पर विजिट करें और फिर होम पेज पर ही दिए गए आंसर-की लिंक या नीचे दिए डायरेक्ट लिंक से आंसर-की डाउनलोड कर सकते हैं। दूसरी तरफ, CGPEB ने छत्तीसगढ़ TET 2024 के लिए आंसर-की जारी करने के साथ ही साथ उम्मीदवारों से इन पर उनकी आपत्तियों को भी आमंत्रित किया है। ऐसे में जिन उम्मीदवारों को मण्डल द्वारा जारी किसी भी प्रश्न के उत्तर को लेकर कोई आपत्ति है तो वे इसे ऑनलाइन दर्ज करा सकते हैं। इसके लिए उम्मीदवारों को मण्डल की वेबसाइट पर लॉग-इन करना होगा। उम्मीदवारों को ध्यान देना चाहिए उन्हें आपत्ति दर्ज कराने के लिए प्रति प्रश्न 50 रुपये की दर से शुल्क का भुगतान ऑनलाइन माध्यमों से करना होगा। आपत्ति दर्ज कराने की आखिरी तारीख 16 अगस्त निर्धारित की गई है। recent visitors 119

किसी ने सोचा नहीं था लेकिन हमें पता था कि हम पदक जीतेंगे : फुल्टोन

पेरिस भारतीय हॉकी टीम के कोच क्रेग फुल्टोन ने कांस्य पदक से अधिक की उम्मीद की थी लेकिन उन्हें खुशी है कि ‘अंडरडॉग’ भारतीय टीम ने निराशा से उबरकर पदक जीता। भारत ने स्पेन को 2.1 से हराकर कांस्य पदक अपने नाम किया। फुल्टोन ने कहा, ‘‘हम इससे खुश नहीं है। हम पदक का बेहतर रंग चाहते थे लेकिन नहीं हुआ। लेकिन उसके बाद यही कर सकते थे कि पदक जीतकर ही लौटें।’’ उन्होंने कहा, ‘‘सबसे बड़ी बात यह है कि हम एक टीम बने और वह भी बहुत कम समय में। हमें विश्वास की जरूरत थी जो सबसे अहम है। हमने एशियाई खेलों से शुरूआत की हालांकि आस्ट्रेलिया में और प्रो लीग में कठिन समय भी देखा।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हमें पता था कि हम पदक जीत सकते हैं। हम यहां अंडरडॉग की तरह आये थे। किसी ने सोचा नहीं था कि हम सेमीफाइनल में होंगे।’’   recent visitors 83

ओलंपिक विवाद के बाद स्वदेश लौटी अंतिम पंघाल

नई दिल्ली पेरिस में ओलंपिक खेलों के खेल गांव में अनुशासनात्मक उल्लंघन के कारण विवादों में घिरी भारतीय पहलवान अंतिम पंघाल शुक्रवार को स्वदेश लौट आईं। यह पहलवान गुरुवार को तब चर्चा में आ गई थी जब उन्होंने अपने मान्यता कार्ड पर अपनी बहन को खेल गांव में प्रवेश करवाने की कोशिश की थी और बाद में पुलिस ने उन्हें बुलाया। इस घटना ने देश को शर्मसार किया और भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) ने अंतिम और उनके सहयोगी स्टाफ को तुरंत ही स्वदेश वापस भेजने का फैसला किया। विश्व चैंपियनशिप की कांस्य पदक विजेता अंतिम ने हालांकि कहा कि उनका कुछ भी गलत करने का इरादा नहीं था लेकिन खेल गांव के नियमों का उल्लंघन करने के लिए उन पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है। भारतीय टीम की जर्सी पहनकर यहां इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंचने वाली अंतिम तुरंत ही बाहर निकल गई और उन्होंने पत्रकारों से बात करने से इनकार कर दिया। अंतिम बुधवार को महिलाओं की कुश्ती के 53 किग्रा भार वर्ग में अपना पहला मुकाबला हारने के बाद ओलंपिक से बाहर हो गई थीं। भारत वापस लौटने से पहले मीडिया से बात करते हुए 19 वर्षीय अंतिम ने कहा, ‘‘मेरा कुछ भी गलत करने का इरादा नहीं था। मेरी तबीयत ठीक नहीं थी और भ्रम की स्थिति थी। यह सब भ्रम की वजह से हुआ।’’ बाद में एक वीडियो में अंतिम ने स्वीकार किया कि उसे पुलिस थाने जाना पड़ा लेकिन केवल अपने मान्यता कार्ड के सत्यापन के लिए। उन्होंने कहा, ‘‘यह मेरे लिए अच्छा दिन नहीं था। मैं हार गई। मेरे बारे में बहुत कुछ फैलाया जा रहा है, यह सच नहीं है। मुझे तेज बुखार था और मैंने अपनी बहन के साथ होटल जाने के लिए अपने कोच से अनुमति ली थी।’’ अंतिम ने कहा, ‘‘मुझे अपने कुछ सामान की जरूरत थी जो खेल गांव में था। मेरी बहन ने मेरा कार्ड लिया और वहां अधिकारियों से पूछा कि क्या वह मेरा सामान ले सकती है। वे उसे मान्यता कार्ड के सत्यापन के लिए उसे पुलिस स्टेशन ले गए।’’ उन्होंने इस बात से भी इनकार किया कि उनके कोच नशे में थे और किराए को लेकर टैक्सी ड्राइवर से उनकी कहासुनी हो गई थी। अंतिम ने कहा, ‘‘मेरे कोच प्रतियोगिता स्थल पर ही रुक गए थे और जब वे वापस आना चाहते थे तो हमने उनके लिए एक कैब बुक की। मेरे कोच के पास पर्याप्त नकदी नहीं थी और भाषा संबंधी समस्याओं के कारण टैक्सी ड्राइवर से उनकी बहस हो गई।’’   recent visitors 95