मुख्यमंत्री जनदर्शन में लोगों को बताई सरकारी योजनाएं, छत्तीसगढ़-रायपुर में लोगों को दी ’जनमन’ पुस्तिका

रायपुर. मुख्यमंत्री जनदर्शन में आज जनसंपर्क विभाग के द्वारा प्रकाशित की जाने वाली ’जनमन’ पुस्तिका का वितरण लोगों को किया गया। यह पुस्तिका राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं, नीतियों और उपलब्धियों की जानकारी देने के उद्देश्य से तैयार की गई है। जनमन पुस्तिका के वितरण का उद्देश्य प्रदेश के नागरिकों को सरकार की योजनाओं की जानकारी से अवगत कराना है जिससे अधिक से अधिक लोग इसे पढ़कर योजनाओं का लाभ उठा सकें। जनदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में लोग मुख्यमंत्री से मिलने पहुंचे, जहां उन्हें इस पुस्तिका की सराहना करते हुए कहा कि यह पुस्तक लोगों के लिए बहुत ही लाभदायक है। यह पुस्तिका आम नागरिकों को सरकार के साथ जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। राज्य सरकार हमेशा से ही जनता के हितों के प्रति प्रतिबद्ध रही है और इस प्रकार की पुस्तिका से लोगों को जागरूक करने का काम कर रही है। जनमन पुस्तिका में राज्य सरकार की 6 माह की उपलब्धियां के बारे में जानकारी दी गई है। जिसके तहत किसानों को बोनस के जरिए आर्थिक लाभ, श्री राम लला दर्शन योजना, 3100 रूपये प्रति क्विंटल में धान की खरीदी, तेंदूपत्ता संग्रहण दर 5500 रुपये, उद्यम क्रांति योजना के जरिए युवाओं को रोजगार से जोड़ना, अधोसंरचना और कनेक्टिविटी पर जोर, गरीबों के लिए मुफ्त राशन, रायपुर में आईटी हब बनाने का काम शुरू करने इत्यादि की जानकारी मिल रही है। साथ ही राज्य राजधानी क्षेत्र के विकास, राजिम कुंभ कल्प की पुनः शुरुआत, शहीद वीर नारायण स्वास्थ्य योजना, आईआईटी की तर्ज पर छत्तीसगढ़ प्रौद्योगिकी संस्थान, आर्थिक विकास की गति को तेज करने आर्थिक सलाहकार परिषद का गठन, इंडस्ट्रियल कॉरिडोर सहित अनेक महत्वपूर्ण निर्णयों का भी समावेश इस पुस्तिका में है। recent visitors 77

सीमित सामान के साथ भारत भाग आईं शेख हसीना ने की भारत में खरीदारी, 30 हजार रुपए का आया शॉपिंग बिल

ढाका बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना हाल ही में इस्तीफा देने के बाद भारत में शरण में हैं। सूत्रों के अनुसार, शेख हसीना वर्तमान में गाजियाबाद स्थित हिंडन एयरबेस के सेफ हाउस में ठहरी हुई हैं। बांग्लादेश की सेना ने उन्हें इस्तीफा देने के लिए केवल 45 मिनट का समय दिया था, जिसके बाद उन्होंने जल्दबाजी में राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन को अपना इस्तीफा सौंपा और सीमित सामान के साथ भारत भाग आईं। उन्होंने अपने साथ सिर्फ 4 सूटकेस और 2 बैग ही लाए थे। वहीं अब शेख हसीना ने भारत में शरण लिए हुए 48 घंटे से अधिक का समय बिता लिया है। सूत्रों के अनुसार, उन्होंने गाजियाबाद स्थित हिंडन एयरबेस के सेफ हाउस में आराम किया है और भारतीय वायु सेना द्वारा मेहमाननवाजी का पूरा लाभ उठाया है। सेफ हाउस से बाहर निकलीं शेख हसीना मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, शेख हसीना और उनकी बहन रिहाना बुधवार को पहली बार सेफ हाउस से बाहर आईं। उन्होंने गाजियाबाद में हिंडन एयरबेस के शॉपिंग कॉम्प्लेक्स में जाकर आवश्यक सामान और कपड़े खरीदे। सूत्रों का कहना है कि उन्होंने कुल मिलाकर करीब 30 हजार रुपये की खरीदारी की। हालांकि, इस खरीदारी की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है। सेफ हाउस से स्थानांतरित होने की संभावना वर्तमान में, शेख हसीना और उनकी बहन हिंडन एयरबेस के सेफ हाउस में ठहरी हुई हैं। सूत्रों के मुताबिक, वह जल्द ही इस स्थान से किसी अन्य सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट हो सकती हैं। हिंडन एयरबेस पर उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जा रही है, और उनके भविष्य की योजना पर विचार किया जा रहा है। शॉपिंग के दौरान बांग्लादेशी मुद्रा का इस्तेमाल मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जब शेख हसीना और उनकी बहन रिहाना ने हिंडन एयरबेस के शॉपिंग कॉम्प्लेक्स में खरीदारी की, तो उन्होंने भारतीय रुपए में भुगतान किया। हालांकि, जब नोट कम पड़ गए, तो उन्होंने बाकी का भुगतान बांग्लादेशी करेंसी में किया। यह दर्शाता है कि वह अपनी मूल मुद्रा का भी उपयोग कर रही थीं। स्वास्थ्य की देखभाल और सुरक्षा शेख हसीना की स्वास्थ्य देखभाल के लिए एयरबेस पर विशेष इंतजाम किए गए हैं। भारतीय वायु सेना की डॉक्टरों की टीम ने उनका रूटीन हेल्थ चेकअप किया, और उनका स्वास्थ्य पूरी तरह से सही बताया गया है। हालांकि, इस जानकारी की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं की गई है। सुरक्षा और सुरक्षा इंतजाम शेख हसीना की सुरक्षा में विशेष गरुण कमांडो तैनात किए गए हैं, और उनके चारों ओर सुरक्षा की दृष्टि से यातायात पुलिसकर्मी भी मौजूद हैं। शेख हसीना और उनकी बहन रेहाना सोमवार शाम साढ़े पांच बजे हिंडन एयरबेस पहुंची थीं। इस मौके पर राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल भी उनके साथ मुलाकात के लिए एयरबेस पहुंचे थे। भविष्य की योजनाओं पर असमंजस शेख हसीना के भारत में रहने की अवधि और उनके आगे के कदमों के बारे में कोई ठोस जानकारी अभी तक सामने नहीं आई है। उनकी भारत में स्थिति और भविष्य की योजना पर लगातार नजर रखी जा रही है, लेकिन अभी तक कोई स्पष्ट निर्णय नहीं लिया गया है। recent visitors 116

भीड़ देख अधिकारी भी सहमे, राजस्थान-अजमेर में स्पीकर को महिलाओं ने सुनाई खरी-खोटी

अजमेर. राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष व अजमेर उत्तर से विधायक वासुदेव देवनानी शहर में हुई भारी बारिश के बाद जलभराव वाले क्षेत्रों का जायजा लेने आलाधिकारियों के साथ निकले थे। जहां उन्होंने जलभराव वाले क्षेत्र का निरीक्षण करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इसी दौरान बोराज गांव के ग्रामीणों ने सड़क, पानी, बिजली और पुलिया निर्माण सहित मूलभूत सुविधाओं की मांग को लेकर घेराव कर दिया और देवनानी को अपनी समस्या बताते हुए उनको खरी-खोटी सुनाना शुरू कर दिया। एकदम से बड़ी संख्या में ग्रामीण देवनानी की ओर बढ़े तो प्रशासन के अधिकारी सकते में आ गए। स्थानीय महिलाओं और पुरुषों ने बताया कि शहर में पिछले कई साल से पुलिया टूटी हुई है, जिसको लेकर स्थानीय सरपंच लाल सिंह रावत और विधायक वासुदेव देवनानी को कहा गया। मगर आज तक टूटी हुई पुलिया का निर्माण नहीं हुआ, जिससे कि आने जाने वाले लोगों को खासी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों ने यह भी बताया कि विधानसभा चुनाव से पहले सरपंच लाल सिंह रावत और वासुदेव देवनानी ने बोराज और हाथी खेड़ा गांव में  टूटी पुलिया और सड़क निर्माण के लिए कई वादे किए थे। मगर चुनाव जीतने के बाद भी आज तक वह वादे पूरे नहीं हुए, जिसको लेकर ग्रामीणों में काफी आक्रोश देखा गया। दरअसल, राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी अपने विधानसभा क्षेत्र में बारिश के दौरान टूटी हुई सड़कें और पानी के भराव क्षेत्र का निरीक्षण करने प्रशासनिक अमले के साथ निकले थे। इसी दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने उनके अमले को रोक लिया और विभिन्न मांगों को लेकर अपनी मांग रखते हुए विरोध करने लगे। इसी दौरान प्रशासनिक अधिकारी जिला कलेक्टर और पुलिस प्रशासन शक्ति में आ गए और ग्रामीणों को समझाइश करने लगे। मगर स्थानीय लोग अपनी मांग को लेकर काफी उग्र नजर आए। वहीं, हंगामा बढ़ता देख वासुदेव देवनानी ग्रामीणों से बात करने के दौरान अचानक अपने कार्यकर्ता के साथ अपनी कार की तरफ लौटे और उसमें बैठकर घर के लिए रवाना हो गए। इससे पूर्व देवनानी ने आक्रोशित ग्रामीणों को उनकी समस्या से निजात दिलाने का आश्वासन दिया। देवनानी के निरीक्षण के साथ जिला कलेक्टर डॉ. भारती दीक्षित, अजमेर नगर निगम की महापौर बृजलता हाड़ा, अजमेर विकास प्राधिकरण, नगर निगम के अधिकारी मौजूद रहे। recent visitors 86

चांदनी चौक पर एक बड़ा पैक किया हुआ कार्टन पड़ा था, लोगों ने देखा कि कार्टन से खून रिस रहा था, इलाके में फैली सनसनी

मुजफ्फरपुर मुजफ्फरपुर के चांदनी चौक पर एक बड़ा पैक किया हुआ कार्टन पड़ा था, जिसे बोरे से अच्छे से रैप कर सील कर दिया गया था। लोगों ने देखा कि कार्टन से खून रिस रहा था, जिससे उनके बीच में सनसनी फैल गई। सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और जब पैक को खोला, तो उसमें एक शव मिला। पुलिस के अनुसार, शव को हत्या के बाद कार्टन में पैक किया गया था और फिर बोरे में डालकर सील कर दिया गया था। इसके बाद हत्यारे ने शव को सड़क पर फेंक दिया। यह घटना ब्रह्मपुरा थाना क्षेत्र के चांदनी चौक की है। शव मिलने की जानकारी पाकर मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। डीएसपी 2 विनिता सिन्हा ने शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेजा और पुलिस ने जांच शुरू कर दी। पुलिस ने शव की पहचान के लिए आसपास के लोगों से पूछताछ की, लेकिन पहचान नहीं हो पाई। डीएसपी विनिता सिन्हा ने बताया कि शव की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है और यह साफ है कि यह हत्या का मामला है। एफएसएल और डॉग स्क्वायड टीम भी मौके पर पहुंची और मामले की जांच कर रही है। recent visitors 93

रक्षाबंधन से पहले काल बना भाई- एक भाई ने अपनी 16 वर्षीय बहन अमरीशा की हत्या कर दी

नई दिल्ली रक्षाबंधन से पहले एक भाई ने अपनी बहन की बेरहमी से हत्या कर दी। उत्तर प्रदेश के नागला शेखू गांव में एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहां एक भाई ने अपनी 16 वर्षीय बहन अमरीशा की हत्या कर दी। इस घटना का कारण बहन का एक हिंदू लड़के के साथ प्रेम संबंध था, जिसे परिवार ने स्वीकार नहीं किया था। अमरीशा का संबंध मोहित नामक एक युवक से था, जो उसी गांव में अपनी बहन के घर आता-जाता था। दोनों के बीच प्रेम संबंध बन गए थे। अमरीशा पहले भी तीन बार उसके साथ भाग चुकी थी, लेकिन हर बार पुलिस द्वारा पकड़े जाने के बाद उसे घर वापस लाया गया। परिवार द्वारा बार-बार समझाने के बावजूद, वह उसी युवक से शादी करने की जिद पर अड़ी रही। बुधवार को जब अमरीशा अपने प्रेमी के साथ फिर से भागने की कोशिश कर रही थी, तब उसके बड़े भाई हसीन ने उसे पकड़ लिया। गुस्से में उसने अमरीशा को पहले सरेआम पीटा और फिर गला दबाकर उसकी हत्या कर दी। यह घटना सरेराह लोगों के सामने घटी, लेकिन कोई भी उसे बचाने के लिए आगे नहीं आया और वीडियो बनाते रहे। घटना के तुरंत बाद पुलिस ने आरोपी भाई को गिरफ्तार कर लिया।   घटना उस समय घटी जब बुधवार की सुबह मां और पिता समेत पूरा परिवार काम पर चला गया तो किशोरी की मांग पर बड़े भाई हसीन का पारा चढ़ गया, इसके बाद दोनों के बीच मारपीट भी हो गई और गुस्साई अमरीशा घर छोड़कर जाने लगी तो हसीन ने उसे बीच रास्ते दबोच लिया और  उसे सड़क पर गिराकर गला दबाकर मार डाला। कत्ल के बाद आरोपी भाई हसीन वहीं लाश के पास बैठकर रोता रहा। recent visitors 77

विमर्श पोर्टल से शिक्षा की गुणवत्ता में अकादमिक दृष्टि से की जा रही है वृद्धि, स्कूल शिक्षा विभाग संचालित कर रहा है पोर्टल

भोपाल स्कूल शिक्षा विभाग ने शासकीय स्कूलों के शिक्षकों, विद्यार्थियों एवं विद्यालयों को अकादमिक दृष्टि से सुदृढ़ करने और शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिये एक प्लेटफार्म उपलब्ध कराया है। यह प्लेटफार्म विमर्श पोर्टल के नाम से संचालित हो रहा है। विमर्श पोर्टल पर संभाग, जिला, विकास खंड और विद्यालयों में लॉगइन उपलब्ध कराया गया है। पोर्टल के माध्यम से स्कूल शिक्षा व्यवस्था की सतत् मॉनिटरिंग की जा रही है। पोर्टल पर विद्यार्थियों का विषयवार नामांकन, ब्रिज कोर्स, स्कूल इन्फ्रास्ट्रकचर से संबंधित जानकारी, विषय मान से अध्ययन कराने वाले शिक्षकों की जानकारी, प्राचार्यों की जानकारी और स्कूल के परीक्षा परिणाम को पोर्टल पर दर्ज किया जा रहा है। इस व्यवस्था से परीक्षा परिणाम का विश्लेषण भी किया जा रहा है। इसके साथ ही शासकीय शालाओं में पाठ्य पुस्तक निगम द्वारा भेजी गयी पुस्तकों का विवरण भी दर्ज किया जा रहा है। विमर्श पोर्टल की अकादमिक मॉनिटरिंग प्रणाली में संभाग एवं जिला स्तर के अधिकारियों द्वारा प्रत्येक माह में की गई विद्यालयों की मॉनिटरिंग की जानकारी दर्ज की जा रही है। विमर्श के यू-ट्यूब चेनल पर विषय विशेषज्ञ शिक्षकों के वीडियो लेक्चर टिप्स एंड ट्रिक्स आधारित वीडियो एवं ऑनलाइन पठन-पाठन के लिये विभिन्न विषयों के वीडियो, पठन-पाठन सामग्री उपलब्ध कराई गई है। कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थियों के लिये परीक्षा से संबंधित जानकारी पोर्टल पर उपलब्ध कराई गई है। पोर्टल पर विद्यार्थियों के लिये व्यावसायिक पाठ्यक्रम एवं ऊर्दू माध्यम की पाठ्य पुस्तकें भी अपलोड की गई हैं। विद्यार्थी को करियर गाइडेंस और काउन्सलिंग में मदद करने के उद्देश्य से तैयार किया गया। 'उमंग' जीवन कौशल शिक्षा कार्यक्रम के को ऑनलाइन किया गया है।   recent visitors 68

आरबीआई के गवर्नर ने आज UPI को लेकर बड़ा फैसला लिया, UPI के जरिए टैक्स पेमेंट की सीमा में लिमिट बढ़ाई

नई दिल्ली भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक के बाद आरबीआई गवर्नर ने मॉनिटरी पॉलिसी का ऐलान किया। आरबीआई के गवर्नर शक्तिकांत दास (Shaktikanta Das) ने आज UPI को लेकर बड़ा फैसला लिया है। आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति ने आज रेपो रेट जैसे फैसलों के साथ कई बड़े फैसलों का ऐलान किया। UPI के जरिए टैक्स पेमेंट की सीमा में 4 लाख रुपए की बढ़ोतरी आरबीआई गवर्नर ने यूपीआई के जरिए टैक्स पेमेंट की लिमिट 1 लाख रुपए से बढ़ाकर 5 लाख रुपए कर दी है यानी ऐसे हर ट्रांजेक्शन पर अब UPI के जरिए 5 लाख रुपए तक भेजे जा सकेंगे। फिलहाल यूपीआई के जरिए टैक्स पेमेंट की लिमिट 1 लाख रुपए प्रति ट्रांजेक्शन है। इसे बढ़ाकर 5 लाख रुपए प्रति ट्रांजेक्शन करने से आपको UPI के जरिए बड़े पेमेंट करने में आसानी होगी और समय बचेगा। आरबीआई गवर्नर ने कहा कि कुछ खास हाई वैल्यू ट्रांजेक्शन को छोड़कर यूपीआई के जरिए टैक्स पेमेंट लिमिट 1 लाख रुपए है जिसे बढ़ाने की मांग की जा रही थी और इस मांग को आरबीआई एमपीसी ने स्वीकार किया है। UPI के लिए एक और बड़ा फैसला आरबीआई ने यूपीआई के जरिए डेलिगेटेड पेमेंट्स की फैसिलिटी को लेकर बड़ा ऐलान किया है। इसके तहत प्राइमरी यूजर को सेकेंडरी यूजर को यूपीआई ट्रांजेक्शन करने में आसानी होगी। एक तय लिमिट तक का ट्रांजेक्शन यूपीआई से हो सकता है और इसके लिए सेकेंडरी यूजर को अलग बैंक खाते की जरूरत नहीं होगी। UPI बन चुका है भारतीयों की आदत यूपीआई का फायदा रोजाना करोड़ों भारतीय उठा रहे हैं। यूपीआई के जरिए बड़ी आसानी से क्यूआर स्कैन करके या केवल फोन नंबर के जरिए लोग जगह-जगह पेमेंट कर पा रहे हैं। केवल स्कैनर या मोबाइल नंबर ही नहीं यूपीआई आईडी के जरिए भी बेहद आसानी से पैसा भेजा या मंगाया जा सकता है। लिहाजा टैक्स पेमेंट के ट्रांजेक्शन की पेमेंट लिमिट बढ़ाने का आरबीआई का फैसला आम लोगों को बड़ा फायदा दे सकता है। recent visitors 88