नर्मदा नदी उफ़ान पर , जलमग्न हुए कई घाट, मंदिर-देवालय भी डूबे … हाईअलर्ट पर SDRF

खंडवा मध्य प्रदेश समेत अलग-अलग राज्यों में झमाझम बारिश का सिलसिला जारी है, जहां प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में जोरदार बारिश का दौर देखने मिल रहा है। प्रदेश में हो रही झमाझम बारिश के चलते अब नर्मदा नदी का जलस्तर भी लगातार बढ़ते चला जा रहा है, ओंकारेश्वर एवं बरगी बांध में निरन्तर गेटों से नर्मदा नदी में पानी छोड़ा जा रहा है। जिससे नर्मदा नदी के जलस्तर में निरन्तर वृद्धि हो रही है। जहां किनारे के गांवों के लिए अलर्ट जारी किया गया है। भारी बारिश के चलते नर्मदा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ता चला जा रहा है, यही कारण है कि बरगी बांध के गेट खोले जाने के चलते अब नर्मदा किनारे मौजूद गांव में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है, जिसे देखते हुए नर्मदा किनारे स्थित गांव में अलर्ट जारी किया गया है, मालवा निमाड़ अंचल में खरगोन और खंडवा जिले में नर्मदा किनारे के गांवों को अलर्ट किया गया है। 'तुमको केंद्रीय मंत्री बनवा दूंगा', भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष के नाम से विधायक अरविंद पटेरिया को आया फोन'तुमको केंद्रीय मंत्री बनवा दूंगा', भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष के नाम से विधायक अरविंद पटेरिया को आया फोन ग्रामीणों को दी जा रही जानकारी नर्मदा नदी के बढ़ते जल स्तर को देखते हुए किनारे वाले गांवों में प्रशासनिक अधिकारियों की दस्तक बढ़ने लगी है। जल स्तर के बारे में जानकारी दी गई। साथ ही राहत कैम्प के बारे में भी अवगत कराया गया। नर्मदा नदी में बढ़ते जलस्तर पर लगातार निगरानी प्रशासनिक अमले द्वारा की जा रही है। जिले में अभी किसी भी गांव में पानी नहीं घुसा है। सभी गांवों में नाव, गोताखोर और प्रशासनिक अमले द्वारा मॉनिटरिंग की जा रही है। कसरावद और मण्डलेश्वर में नर्मदा अभी खतरे के निशान से नीचे है। बड़वाह में भी अमला गांवो पर निगरानी का कार्य कर रहा है। सभी सम्भावित गांवो के लिए कैम्प बना लिए गए है। मध्य प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में लगातार भारी बारिश का दौर जारी है, जहां लगातार हो रही बारिश के चलते मध्य प्रदेश में हालात अस्त-व्यस्त नजर आ रहे हैं। वहीं मौसम वैज्ञानिकों ने एक बार फिर मध्य प्रदेश में भारी बारिश की चेतावनी जाहिर की है, जहां राजस्थान और मध्य प्रदेश में बने कम दबाव के क्षेत्र के चलते भारी बारिश का सिलसिला देखने मिल सकता है। मध्य प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में झमाझम बारिश का सिलसिला जारी है, जहां एक बार फिर मौसम वैज्ञानिकों ने मध्य प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में भारी बारिश के लिए अलर्ट जारी कर दिया है। मौसम वैज्ञानिकों की माने तो इन दिनों मध्यप्रदेश में बारिश के लिए जिम्मेदार सिस्टम बेहद एक्टिव नजर आ रहा है, जो प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में झमाझम बारिश कराएगा। recent visitors 107

केंद्रीय मंत्री सिंधिया की पहल से ग्वालियर आईटी और स्टार्टअप हब जल्द बनने जा रहा है

ग्वालियर केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की पहल से ग्वालियर आईटी और स्टार्टअप हब जल्द बनने जा रहा है. देश के 24 सेंटर ऑफ एंटरप्रेन्योरशिप का एक सेंटर ग्वालियर में खुलने जा रहा है. एसटीपीआई की टीम जल्द निरीक्षण करने ग्वालियर आएगी. केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने एक बड़ी मांग देश के सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव से चिट्ठी लिखकर की थी. सिंधिया ने कहा था कि आपका मंत्रालय विभाग एसटीपीई ( सॉफ़्ट्वेर टेक्नॉलजी पार्क आफ इंडिया ) द्वारा देश में 24 सेंटर आफ एंटरप्रेन्योरशिप खोलने जा रही है, आपसे निवेदन है की इसका एक केंद्र ग्वालियर में खुले. 10 दिन पहले लिखी इस चिट्ठी के बाद यह खबर सामने आई है. सेंटर आफ एंटरप्रेन्योरशिप का यह केंद्र खुल जाने के बाद ग्वालियर एक स्टार्टअप हब के रूप में विकसित होगा और टेक्नॉलजी क्षेत्र के स्टार्ट अप का सीओई के इंक्युबेशन सेंटर से मदद मिलेगी. इस केंद्र के खुलने से ग्वालियर में स्टार्टअप को बढ़ावा मिलेगा। ग्वालियर शहर देश में एक बड़े आईटी हब के रूप में उभरेगा। इससे पहले ग्वालियर को 6 लेन आगरा-ग्वालियर नेशनल हाई स्पीड कॉरिडोर की सौगात भी मिली है। इस परियोजना को भी हाल ही में कैबिनेट से मंजूरी मिली है। केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने लिखा पत्र सिंधिया ने केंद्रीय मंत्री अश्वनी वैष्णव को पत्र लिखकर यह मांग की थी। उन्होंने पत्र में लिखा था कि आपके मंत्रालय विभाग एसटीपीआई द्वारा देश में 24 सेंटर ऑफ एंटरप्रेन्योरशिप खोले जा रहे हैं, आपसे निवेदन है कि इसका एक केंद्र ग्वालियर में खुले। सिंधिया के इस आग्रह को स्वीकार करते हुए केंद्रीय मंत्री ने ग्वालियर में केंद्र खोलने की मंजूरी दे दी है। दिल्ली की तर्ज पर ग्वालियर में विकास सिंधिया ग्वालियर-चंबल संभाग के विकास को कई सौगातें दे चुके हैं। राज्य सरकार के साथ मिलकर कई काम किए जा रहे हैं। ग्वालियर में कई परियोजनाओं के लिए धनराशि जारी भी चुकी है। सिंधिया का लक्ष्य ग्वालियर को दिल्ली जैसा एक बड़ा औद्योगिक और व्यापारिक केंद्र बनाना है। युवाओं को मिलेंगे अवसर इस नए सेंटर ऑफ एंटरप्रेन्योरशिप से ग्वालियर के युवाओं को तकनीकी क्षेत्र में नए अवसर मिलेंगे। स्टार्टअप को शुरुआती दौर में मदद मिलेगी और वे अपने व्यवसाय को आगे बढ़ा सकेंगे। यह केंद्र ग्वालियर को आईटी के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। recent visitors 71

पीएम मोदी के ‘हर घर तिरंगा अभियान’ के आगाज के बाद, तिरंगे की सेल में 60-70 प्रतिशत तक का इजाफा

नई दिल्ली अब से ठीक 5वें दिन देश अपनी आजादी का 77वां स्वतंत्रता दिवस मनाएगा। ऐसे में कल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर एक बार फिर देश के लोगों से 'हर घर तिरंगा' अभियान चलाने की अपील की। उन्होंने लिखा कि अब स्वतंत्रता दिवस नजदीक है, ऐसे में आइए हम सब मिलकर हर घर तिरंगा अभियान को जन आंदोलन बनाएं। बता दें कि प्रधानमंत्री ने अपने प्रोफाइल पिक्चर में भी तिरंगा लगाया और लोगों से भी ऐसा करने की और तिरंगे के साथ सेल्फी भेजने की अपील की। प्रधानमंत्री की मोदी की अपील का असर ऐसा रहा कि तिरंगे की सेल में 60-70 प्रतिशत तक का इजाफा हो गया। बता दें कि 2022 में भी मोदी ने इसी तरह हर घर तिरंगा अभियान चलाने की अपील की थी और उस समय में तिरंगे झंडे की बिक्री में जबरदस्त उछाल आया था। प्रधानमंत्री की अपील से बाजार में बहार सदर बाजार में सूरज भाई झंडे वाले के नाम से झंडों का काम करने वाले सूरज प्रकाश ने बताया कि 15 अगस्त पर जगह-जगह कार्यक्रम होते हैं, जिनमें राष्ट्रध्वज तिरंगा फहराया जाता है। इसके अलावा कई जगह पर 2-3 दिन पहले से ही कार्यक्रम शुरू हो जाते हैं। ऐसे में 15 अगस्त से हफ्ते-दस दिन पहले से ही तिरंगे झंडे और इससे जुड़े आइटम्स की सेल बढ़ जाती है। पिछले 3-4 दिनों में तिरंगा आइटम्स की सेल में 60-70 प्रतिशत तक का उछाल आया है। अब कल प्रधानमंत्री मोदी ने 'हर घर तिरंगा अभियान' फिर चलाने की अपील की है और इसका असर यह है कि एक दिन में ही इसमें उछाल 90 प्रतिशत तक आ गया है। उन्होंने कहा कि कल कई जगह से ऑर्डर थे। ऐसे ही काम हुआ तो मजा आ जाएगा। प्रधानमंत्री यही अपील एक हफ्ता पहले कर देते तो और जबरदस्त काम हो सकता था, लेकिन अभी भी 4-5 दिन हैं, इतना भी बहुत है। कल की अपील के बाद देशभर से तो ऑर्डर आ ही रहे हैं, वहीं विदेशों से भी तिरंगे के ऑर्डर हैं। भारत से बाहर ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड आदि देशों में भी माल जा रहा है। हम माल हैदराबाद, मद्रास, सूरत आदि जगहों से मंगाते हैं और ऑर्डर के हिसाब से हर जगह सप्लाई करते हैं। 1 हफ्ते से शानदार काम सदर बाजार में ही झंडों का कारोबार करने वाले मोहम्मद मिराज ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से बहुत शानदार काम हो रहा है। हर जगह से माल के ऑर्डर हैं। कल की अपील के बाद तो काम में और तेजी आ गई है। कल तो इतने ऑर्डर थे कि भी फुर्सत नहीं थी। प्रधानमंत्री की अपील का असर होता ही है। बहुत से लोग बल्क में झंडे लेकर भी बांटते हैं। ऐसे लोगों के मार्केट आने की संख्या भी अच्छी है, जो बांटने के लिए झंडे खरीदते हैं। हम चाहते हैं कि हर साल इसी तरह तिरंगे की सेल हो, तो झंडे बनाने वाले कारीगर और हम दुकानदारों का बहुत फायदा होगा। झंडे के साथ-साथ तिरंगा कलर के कई छोटे-बड़े आइटम्स की भी देशभर में अच्छी डिमांड है और यह डिमांड 15 अगस्त तक और बढ़ेगी। इन आइटम्स की बंपर सेल सूरज ने बताया कि यूं तो तिरंगा कलर के कई आइटम्स बिक रहे हैं, लेकिन सबसे ज्यादा कपड़े के झंडे ही बिक रहे हैं। इन झंडों में भी 30*45 इंच और 20*30 इंच के बढ़िया कपड़े के झंडे की डिमांड सबसे ज्यादा है। 30*45 इंच झंडे के कीमत 32 रुपये है, वहीं 20*30 इंच कपड़े के झंडे की कीमत 18 रुपये है। इसके अलावा एक फिरकी भी है, जो बच्चों के लिए है और इसकी भी खूब बिक्री हो रही है। स्वतंत्रता दिवस के लिए स्कूल वगैरह में भी कई कार्यक्रम होते हैं, जिसमें बच्चे गुब्बारे, छोटे-छोटे झंडे, बैज, हैंड बैंड, टोपी आदि चीजें लेकर जाते हैं। ऐसे में इन आइटम्स की भी बंपर बिक्री हो रही है। फिरकी – 144 रुपये का पैकेट, 10 पीस आते हैं बैज – 18 रुपये दर्जन से शुरू हैं टोपी – 40 पैसे से लेकर 25 रुपये तक की है रिस्ट बैंड – 12 रुपये से लेकर 60 रुपये दर्जन तक हैं recent visitors 99

JK पुलिस ने जारी किए 4 आतंकियों के स्केच, सूचना देने वाले को 5 लाख का इनाम

जम्मू  जून-जुलाई के महीने से जम्मू रेंज में लगातार हो रहे आतंकी हमलों के बीच जम्मू-कश्मीर पुलिस ने शनिवार को सीमावर्ती जिले कठुआ में 4 और आतंकियों के स्केच जारी किए. जम्मू कश्मीर पुलिस ने उनकी गिरफ्तारी में सहायक सूचना देने वाले को 5 लाख रुपये का इनाम देने की घोषणा की है. उन्हें संदेह है कि वे कठुआ जिले के मल्हार, बानी और सियोजधार के ऊपरी इलाकों में हो सकते हैं. पुलिस अधिकारियों ने शनिवार को बताया कि सूचना देने वाले की पहचान गोपनीय रखी जाएगी. पुलिस अधिकारियों ने बताया कि कठुआ पुलिस ने 04 आतंकवादियों के स्केच जारी किए हैं, जिन्हें आखिरी बार मल्हार, बानी और सोजधार के धोकों में देखा गया था. अधिकारियों ने आगे बताया कि प्रत्येक आतंकवादी पर कार्रवाई योग्य सूचना के लिए 5 लाख का इनाम रखा गया है. आतंकवादियों की विश्वसनीय सूचना देने वाले को भी उचित इनाम दिया जाएगा. जम्मू-कश्मीर पुलिस ने लोगों से इन आतंकवादियों के किसी भी तरह के देखे जाने या उनकी गतिविधियों की सूचना पुलिस को देने को कहा है. इससे पहले पुलिस ने रियासी में बस पर हमले में शामिल एक आतंकवादी का स्केच जारी किया था और आतंकवादी के बारे में सूचना देने पर 20 लाख रुपये का इनाम देने की घोषणा की थी. पुलिस ने डोडा में दो हमलों में शामिल चार आतंकवादियों के स्केच भी जारी किए थे और उनकी गिरफ्तारी के लिए सूचना देने वाले को 20 लाख रुपये का इनाम देने की घोषणा की थी. यह बताना उचित होगा कि 8 जुलाई को सीमावर्ती जिले कठुआ में आतंकवादियों द्वारा किए गए हमले में सेना के पांच जवान शहीद हो गए थे और पांच घायल हो गए थे. recent visitors 87

प्रधानमंत्री मोदी कन्नूर हवाई अड्डे से वायुसेना के हेलीकॉप्टर के जरिए वायनाड पहुंचे, पीड़ितों से भी की बातचीत

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को केरल के भूस्खलन प्रभावित वायनाड जिले पहुंचे। उन्होंने चूरलमाला में पैदल चलकर आपदा से हुए नुकसान का आकलन किया। अधिकारियों ने बताया कि मोदी कन्नूर हवाई अड्डे से वायुसेना के हेलीकॉप्टर के जरिए वायनाड पहुंचे। 30 जुलाई को बड़े पैमाने पर हुई भूस्खलन की घटनाओं से प्रभावित चूरलमाला क्षेत्र में उन्होंने पैदल चलकर नुकसान का जायजा लिया। इससे पहले, पीएम मोदी ने भारतीय वायुसेना के हेलीकॉप्टर से भूस्खलन प्रभावित चूरलमाला, मुंडक्कई और पुंचिरीमट्टम का हवाई सर्वे किया था। अधिकारियों के मुताबिक, हवाई सर्वे के बाद पीएम मोदी का हेलीकॉप्टर कलपेट्टा में एसकेएमजे विद्यालय में उतरा। यहां से वह सड़क मार्ग से चूरलमाला के लिए रवाना हुए। चूरलमाला में सेना ने आपदा के बाद राहत और बचाव कार्यों में मदद के लिए 190 फुट लंबा बेली ब्रिज बनाया है। मोदी नुकसान का जायजा लेते हुए इस पुल से पैदल गुजरे। पीएम मोदी ने बचाव कर्मियों, राज्य के मुख्य सचिव वी वेणु और जिले के अधिकारियों से बातचीत की, फिर पैदल ही पत्थरों और मलबे से भरे क्षेत्र का सर्वेक्षण किया।   इस दौरान केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान, मुख्यमंत्री पिनराई विजयन और केंद्रीय पर्यटन व पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस राज्य मंत्री सुरेश गोपी भी उनके साथ थे। अधिकारियों ने बताया कि हवाई सर्वेक्षण में उन्होंने भूस्खलन के केंद्र बिंदु को देखा, जो इरुवाझिनजी पुझा (नदी) के उद्गम स्थल पर है। उन्होंने पुंचिरीमट्टम, मुंडक्कई और चूरलमाला के सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों का भी जायजा लिया। वायनाड से चूरलमाला के बीच प्रधानमंत्री के काफिले के मार्ग पर सैकड़ों लोग उनकी एक झलक पाने के लिए सड़कों के किनारे एकत्र थे। केरल के वायनाड जिले में 30 जुलाई को बड़े पैमाने पर हुई भूस्खलन की घटनाओं में 226 लोगों की मौत हो गई थी। क्षेत्र में कई लोग अब भी लापता हैं।   प्रधानमंत्री ने 30 जुलाई को वायनाड त्रासदी की सूचना मिलते ही बैठक की समीक्षा की थी। उन्होंने एनडीआरएफ, सेना, वायु सेना और नौसेना को राहत व बचाव कार्य में लगाने का निर्देश दे दिया था। सेना के तीनों अंगों और केंद्रीय बलों के साथ-साथ अग्निशमन तथा सिविल डिफेंस के 1200 से अधिक कर्मी मौके पर राहत एवं बचाव कार्य में लगा दिए थे। सेना ने वायनाड में प्रभाव क्षेत्र में 190 फुट का वेलीफुट शीघ्रता से स्थापित कर, आवागमन के लिए सुचारू बनाया। इससे राहत कार्य के लिए एंबुलेंस और भारी मशीनरी का आवागमन संभव हो सका था। केंद्र ने इलाके के दौरे के लिए अंतरमंत्रालीय दल भी भेजा है जो 8 अगस्त से दौरा कर प्रभावित इलाकों में नुकसान का जायजा ले रहा है। recent visitors 122

बाजार से सहेलियों के साथ जा रही थी घर, छत्तीसगढ़-जगदलपुर में बच्ची से जंगल में युवकों ने किया सामूहिक दुष्कर्म

जगदलपुर. भानपुरी थाना क्षेत्र के मुरकुची गांव में चार युवकों ने बाजार से घर जा रही एक नाबालिग लड़की को जबरदस्ती उठाकर ले गए। युवकों ने उसके साथ अनाचार किया गया। पीड़िता मामले की तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की। तहरीर के आधार पर पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। थाना प्रभारी ने बताया कि भानपुरी में साप्ताहिक बाजार लगा हुआ था। अलग-अलग गांवों से लोग बाजार में खरीददारी करने आये थे। एक नाबालिग लड़की भी अपनी सहेलियों के साथ बाजार में खरीददारी करने के लिए गई थी। खरीददारी करने के बाद नाबालिग अपनी सहेलियों के साथ पैदल घर जा रही थी, तभी गांव के चार लड़कों ने उसे पकड़ लिया। इसमें एक नाबालिग व तीन रमेश ठाकुर, पीला भद्रे और दुलार भद्रे शामिल थे। बताया जा रहा है कि चारों लड़के दो बाइकों पर सवार थे। नाबालिग को देखकर उसे रोक लिया। इसके बाद उसे उठाकर मुरकुची जंगल ले गए। जंगल में लड़कों ने नाबालिग लड़की के साथ अनाचार किया। घटना की जानकारी पीड़िता ने अपने परिजनों को दी। इसके बाद मामले की रिपोर्ट भानपुरी थाना में दर्ज कराई गई। तहरीर की आधार पर पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। recent visitors 119

भारत में बांग्लादेश जैसा ना हो इसीलिए मैं कई वर्षों से हिंदू राष्ट्र की मांग करता रहा हूं – धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री

छतरपुर बीते दिनों बांग्लादेश में तख्तापलट हो गया। बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना को इस्तीफा देने के बाद देश छोड़कर भागना पड़ा। इस दौरान बांग्लादेश में नई अंतरिम सरकार भी बन गई है, लेकिन वहां से डरावने वीडियोज और फोटोज भी सामने आ रहे हैं। इसमें दावा किया जा रहा है कि बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदुओं पर अत्याचार किया जा रहा है। अब इस मामले पर बाबा बागेश्वर धाम के पीठाधीश धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का बयान सामने आया है। उन्होंने एक बड़ी आशंका जाहिर की है। कहां जाएंगे भारत के हिंदू? बांग्लादेश में उपजे हालात पर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने बयान जारी करते हुए कहा कि बांग्लादेश से आने वाले हिंदुओं के लिए भारत सरकार सरल नियम बनाए। इस दौरान बाबा बागेश्वर धाम के पीठाधीश धीरेंद्र शास्त्री ने एक बड़ी आशंका जताई है। उन्होंने कहा कि आज जिस तरह के हालात बांग्लादेश में बने हैं तो वहां के हिंदू भारत आ रहे हैं, लेकिन ऐसे हालात अगर भारत में बने तो यहां के हिंदू कहां जाएंगे? हिंद महासागर या अटलांटिक? भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने की मांग धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि जो हालात आज बांग्लादेश में बने हैं, ऐसा भारत ऐसा भारत में ना हो इसीलिए मैं कई वर्षों से हिंदू राष्ट्र की मांग करता रहा हूं, लेकिन तब लोगों को यह लग रहा था कि यह सब मैं टीआरपी के लिए कर रहा हूं। आज जो हालात हिंदुओं के भारत में है, वहां रहने वाले एक धर्म विशेष के लोग हिंदू मंदिरों को तोड़ रहे हैं और हिंदुओं को भागना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि कल अगर यही सब भारत में हुआ तो फिर हिंदू क्या करेंगे? कौन हैं धीरेंद्र शास्त्री धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री मशहूर कथावाचक हैं। कथावाचन के लिए शास्त्री देश-विदेश में कई जगहों पर जाते रहते हैं। इसके साथ ही शास्त्री अपने विवादित बयानों के लिए भी कई बार सुर्खियों में रहे हैं। अब उन्होंने बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रही हिंसा पर चिंता जाहिर करते हुए बड़ी आशंका जताई है।   recent visitors 95