समग्र ईकेवाईसी के कार्य शत प्रतिशत पूर्ण करने एसडीएम ने दिए निर्देश, ली बैठक

शहडोल अनुविभागीय अधिकारी राजस्व जैतपुर श्रीमती अमृता गर्ग ने तहसील कार्यालय जैतपुर के सभागार में पीडीएस के संचालकों, ग्राम पंचायत के पेशा मोबिलाइजरों व सीएससी सेंटर के संचालकों की बैठक ली। उन्होंने कहा की समग्र ईकेवाईसी का कार्य शत प्रतिशत पूर्ण कराना सुनिश्चित करें , कोई भी किसान समग्र ईकेवाईसी से न छूटे इसके लिए सभी मिलकर कार्य करें।   एसडीएम ने सीएससी सेंटर के संचालकों को निर्देश दिए कि सीएससी सेंटर के द्वारा समग्र ई-केवाईसी का कार्य किया जाएगा इसके लिए संचालक पटवारियों से सम्पर्क स्थापित करें व समग्र ई-केवाईसी कार्य की राशि लोगो से न ली जाए यह भी सुनिश्चित किया जाए।    बैठक में जनपद पंचायत बुढार अन्तर्गत पी०डी०एस० संचालित समस्त विक्रेताओ को माह अगस्त की खाद्यान्न वितरण के संबंध में भी जानकारी  ली तथा आवश्यक निर्देश दिए। recent visitors 90

ग्राम हर्रहवा मे पहुचकर कलेक्टर ने प्रभावित ग्रामीणो जनों का जाना हाल चाल

सिंगरौली कलेक्टर श्री चन्द्रशेखर शुक्ला एवं पुलिस अधीक्षक श्रीमती निवेदिता गुप्ता के द्वारा संयुक्त रूप से सासन पावर द्वारा निर्मित किये गये ऐस डाईक का निरीक्षण किया गया। तथा सासन पावर के उपस्थित अधिकारियों से डैम के गुणवत्ता के संबंध में सभी विंदुओ पर जानकारी ली गई। साथ ही निर्देश दिये गये कि ऐस डाईक  डैम से किसी भी प्रकार की जन धन हानि नही होनी चाहिएं। इसके लिए डैम की निरंतर निगरानी की जाये। डैम में जो कमिया है उनका तत्काल सुधार कराये ताकि अतिवृष्टि के दौरान किसी प्रकार की दुघर्टना घटित न होने पाये।  कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक ने हर्रहवा गाव में पहुचकर आम जन मानस से चर्चा कर लोगो का हालचाल जाना तथा  जिन स्थलो पर पानी का भराव था मौके पर ही  जेसीबी तथा लगभग 100 मजूदरो का लगवाया जाकर भराव वाले पानी की निकासी का कार्य प्रारंभ कराया गया।  कलेक्टर ने अतिवृष्टि को दृष्टिगत रखते हुये ऐसे आवास जहा जल भराव होने की संभावना बनी रहती है उन परिवारो को मौके पर उपस्थित एसडीएम को निर्देश दिये कि इन्हे सुरंक्षित स्थान पर सिफ्ट किया जाये।तथा सासन पावर के अधिकारियो को निर्देश दिये गये कि सिफ्ट किये जाने वाले परिवारो के लिए व्यवस्थित स्थल का तत्कल प्रबंध करे। एवं इनके रहने खाने का उचित प्रबंध कराने में सहयोग करे। साथ ही जल भराव वाले स्थलो से पानी निकासी की समुचित व्यवस्था करे। तथा अनउपयोगी कूपो का भराव कराये। साथ ही पात्र व्यक्तियों को जिन्हे अभी तक पात्रता पर्ची नही मिली है उन्हें पात्रता पर्ची उपलंब्ध कराया जाये। भ्रमण के दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शिवकुमार बर्मा, एसडीएम सृजन बर्मा सहित जिला प्रशासन के अन्य अधिकारी एवं सासन पावर के वरिष्ट अधिकारी उपस्थित रहे। recent visitors 80

रक्षाबंधन से पहले लाडली बहनों के लिए सौगात ! 1.29 करोड़ महिलाओं के खाते में 1500 का शगुन

भोपाल / टीकमगढ़ मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना की 1.29 करोड़ लाभार्थी बहनों के लिए खुशखबरी है। आज शनिवार 10 अगस्त को सीएम डॉ मोहन यादव श्योपुर के विजयपुर से लाड़ली बहनों के खाते में योजना की 15वीं किस्त के 1250 रूपये जारी कर दिए है। इसके अलावा बहनों को रक्षाबंधन के स्वरुप 250 रूपये भी भेजे गए है, ऐसे में अगस्त में लाड़ली बहनों के खाते में कुल 1500 रुपए भेजे गए । इसके अलावा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विजयपुर में आयोजित कार्यक्रम में ₹450 में गैस सिलेंडर रीफिल योजना अंतर्गत 25 लाख से अधिक बहनों को 52 करोड़ से अधिक की अनुदान राशि का सिंगल क्लिक से अंतरण किया।वही सामाजिक सुरक्षा पेंशन के तहत 332 करोड की सहायता राशि का अंतरण भी किया गया। सीएम डॉ. मोहन यादव शनिवार को श्योपुर जिले के विजयपुर में आयोजित 'स्व-सहायता समूह सम्मेलन तथा रक्षाबंधन एवं श्रावण उत्सव' कार्यक्रम में शामिल हुए। यहां उन्होंने सिंगल क्लिक के माध्यम से लाड़ली बहनों के खाते में रुपए भेजे और बहनों को शुभकामनाएं दीं। साथ 450 रुपए में गैस सिलेंडर रीफिल योजना के अंतर्गत 25 लाख से अधिक बहनों के खाते में 52 करोड़ रुपए भी ट्रांसफर किए। इससे पहले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को टीकमगढ़ में लाठियां घुमाईं। वे लाड़ली बहना उपहार और आभार कार्यक्रम में शामिल होने गए थे। यहां लाड़ली बहनों ने उन्हें 30 फीट लंबी राखी बांधी। सीएम ने कन्या पूजन किया। छोटी बच्ची को झूला भी झुलाया। इसके बाद जनसभा को संबोधित किया। सीएम डॉ. मोहन ने जनसभा में कहा कि टीकमगढ़ के लिए सब कुछ मिलेगा, कांग्रेस ने कुछ नहीं दिया। सीएम ने किसानों से कहा कि अपनी जमीन मत बेचना। आने वाले समय में खेती से बहुत लाभ होगा। सरकार पशु पालकों के लिए भी बोनस चालू करेगी। मृत्यु भोज और शादी में अनावश्यक खर्च न करें सीएम ने कहा कि आप मृत्यु भोज और शादी विवाह में अनावश्यक खर्च न करें। पैसा बचाकर बच्चों को अच्छी शिक्षा दिलाएं। उन्होंने टीकमगढ़ की गुजिया और मुंगौड़ी की भी तारीफ की। कार्यक्रम में टीकमगढ़ जिले की करीब 25 हजार लाड़ली बहनें शामिल हुईं। टीकमगढ़ में जल्द बनेगा मेडिकल कॉलेज सीएम यादव ने कहा कि टीकमगढ़ में मेडिकल कॉलेज का निर्माण जल्द शुरू होगा। बहुत जल्द ग्वालियर में इन्वेस्टर मीट होगी और उसके बाद सागर में इनवेस्टर्स मीट का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी जिलों में उद्योग लगाने की चेन तैयार की जाएगी। कांग्रेस सरकार ठन-ठन गोपाल थी मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस के समय सरकार ठन-ठन गोपाल थी। 2003 से पहले मध्य प्रदेश का बजट केवल 20 हजार करोड़ का था। अब मध्यप्रदेश का बजट साढ़े 3 लाख करोड़ हो गया है। आने वाले समय में प्रदेश के बजट को दोगुना यानी करीब 7 लाख करोड़ किया जाएगा। recent visitors 106

आंबेडकर नहीं चाहते थे कि मुसलमान भारत में रहें, राजस्थान-जयपुर में विहिप ने बांग्लादेश मुद्दे पर कहा

जयपुर. बांग्लादेश में हिन्दुओं की स्थिति पर चर्चा करते हुए विश्व हिन्दू परिषद के क्षेत्रीय मंत्री सुरेश उपाध्याय ने कहा कि डॉ. अम्बेडकर के नाम से जाने कितने लोग रोटी सेंककर अपनी राजनीति चला रहे हैं पर डॉ. अम्बेडकर का दुर्भाग्य है कि उन्हें पसंद करने वाले लोग भी आधा पसंद करते हैं और विरोध करने वाले भी उन्हें पूरा नहीं जानते। उपाध्याय ने कहा कि विश्व हिंदू परिषद का मत है डॉ. भीमराव अंबेडकर देश के महापुरुष थे, अगर वे ना होते तो छुआछूत समाज की नजर में नहीं आती। उन्होंने कहा कि डॉ. भीमराव अंबेडकर की किताब है पाकिस्तान और पार्टीशन ऑफ इंडिया उसके पेज नंबर 232 पर लिखा है कि मुसलमान भारत में कभी हिंदुओं की सरकार कबूल नहीं करेगा, पेज नंबर 123 पर उन्होंने लिखा है कि विभाजन के बाद मुसलमान को भारत में नहीं रहना चाहिए, मुसलमान कभी देशभक्त नहीं हो सकता क्यों क्योंकि कानून और संविधान से ऊपर वे अपने शरिया के कानून को मानते हैं, इसलिए देश और सीमा उनके लिए मायने नहीं रखती है। सुरेश उपाध्याय ने आगे कहा इसलिए जब फिलिस्तीन में दंगा होता है तो यहां उनकी चिंता की जाती है। हमारे देश का एक सांसद लोकसभा में फिलीस्तीन के नारे लगाता है, यह सिर्फ भारत में ही होता है। बांग्लादेश में इतने हिंदुओं की दुकानें जली हैं, उस पर आवाज उठाने वाला कोई नहीं है। सुरेश उपाध्याय ने कहा कि विश्व हिंदू परिषद का काम हिंदू समाज को जागृत करने का है और हम अपना काम कर रहे हैं। 1947 में जब बंटवारा हुआ था, हम तब भी 85 परसेंट थे और आज भी 85 परसेंट ही हैं। उस वक्त विभाजन के लिए पूरे देश में दंगा हुआ, दुकानें जलीं पर अफसोस की बात है कि विभाजन के विरोध में एक भी दुकान नहीं जली। हिंदू समाज ने 85% होने के बाद भी विरोध नहीं किया। सुरेश उपाध्याय ने कहा कि आंख बंद कर लेने से मुसीबत टल नहीं जाती, हिंदू समाज को जागृत होने की आवश्यकता है। recent visitors 131

सांसदों ने एसटी/एससी के लिए क्रीमी लेयर पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के संबंध में संयुक्त रूप से एक ज्ञापन सौंपा

नई दिल्ली / हरिद्वार एसटी/एससी समुदाय से जुड़े करीब 100 भाजपा सांसदों ने  शुक्रवार को संसद भवन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। इस दौरान सांसदों ने एसटी/एससी के लिए क्रीमी लेयर पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के संबंध में संयुक्त रूप से एक ज्ञापन सौंपा और मांग की कि इस फैसले को एसटी/एससी समाज में नहीं लागू किया जाना चाहिए। सांसदों के मुताबिक पीएम मोदी ने उन्हें आश्वासन दिया कि वह इस मामले को देखेंगे। पीएम मोदी से मुलाकात के बाद भाजपा राज्यसभा सांसद  एवं गुरु रविदास विश्व महापीठ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रो.सिकंदर कुमार ने बताया कि  प्रधानमंत्री ने आश्वासन दिया है कि सरकार सांसदों के पक्ष में काम करेगी। दोनों सदनों के करीब 100 सांसदों के एक प्रतिनिधिमंडल ने आज पीएम मोदी से मुलाकात कर अपनी मांगे रखीं। गुरु रविदास विश्व महापीठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष रविदास आचार्य एवं उत्तराखंड के पूर्व विधायक सुरेश राठौड़ और महापीठ के संगठन महामंत्री सूरज भान कटारिया ने स्पष्ट कहा है की एससी/एसटी से क्रीमी लेयर (पहचानने) (और आरक्षण लाभ से उन्हें बाहर करने) पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लागू नहीं किया जाना चाहिए। इससे पहले केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी पर असहमति जताई थी और कहा कि लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) इस फैसले के खिलाफ समीक्षा याचिका दायर करेगी। बता दें कि 1 अगस्त को एक ऐतिहासिक फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि राज्यों के पास एससी और एसटी में उप-वर्गीकृत करने का अधिकार होगा। इसके साथ ही संबंधित प्राधिकरण को यह सुनिश्चत करना होगा कि क्या उस वर्ग का पर्याप्त प्रतिनिधित्व है, मात्रात्मक प्रतिनिधित्व के बजाय प्रभावी प्रतिनिधित्व के आधार पर पर्याप्तता की गणना करनी चाहिए।  हालांकि देशभर के कई संगठनों ने 21 अगस्त को बंद का आह्वान भी किया है। क्या था मामला … सुप्रीम कोर्ट ने एससी/एसटी आरक्षण के भीतर उप-वर्गीकरण के लिए राज्यों को दी थी अनुमति गौरतलब है कि 1 अगस्त को शीर्ष अदालत ने 6:1 के बहुमत से फैसला सुनाया कि एससी और एसटी आरक्षण के भीतर उप-वर्गीकरण की अनुमति है। यह फैसला भारत के मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ की अगुवाई वाली सात जजों की बेंच ने सुनाया, जिसने ईवी चिन्नैया मामले में पहले के फैसले को खारिज कर दिया, जिसमें कहा गया था कि उप-वर्गीकरण की अनुमति नहीं है क्योंकि एससी/एसटी समरूप (होमोजेनस) वर्ग बनाते हैं। सीजेआई चंद्रचूड़ के अलावा बेंच में जस्टिस बीआर गवई, विक्रम नाथ, बेला एम त्रिवेदी, पंकज मिथल, मनोज मिश्रा और सतीश चंद्र शर्मा शामिल थे। सुनवाई के दौरान जस्टिस बीआर गवई ने सुझाव दिया था कि राज्य अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों में से भी क्रीमी लेयर की पहचान करने के लिए एक नीति विकसित करें। हालांकि जस्टिस बेला एम. त्रिवेदी ने अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के भीतर उप-वर्गीकरण की अनुमति दिए जाने के पक्ष में असहमति जताई। recent visitors 102

स्टार एथलीट ने बुमराह और उनकी तुलना पर अब रिएक्ट किया है, उन्होंने तेज गेंदबाज बुमराह को ही चैलेंज दे डाला है

नई दिल्ली दिग्गज बैडमिंटन खिलाड़ी साइना नेहवाल ने हाल ही में भारत में स्पोर्टिंग कल्चर पर खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि देश में क्रिकेट का प्रभुत्व ज्यादा है और बाकी खेलों को उतनी अहमियत नहीं दी जा रही, जितनी मिलनी चाहिए। 2012 लंदन ओलंपिक की ब्रॉन्ज मेडलिस्ट साइना का का मानना है कि क्रिकेट की तुलना में बैडमिंटन और टेनिस समेत कई अन्य खेल शारीरिक रूप से ज्यादा कठिन हैं। साइना की यह बात कई क्रिकेट फैंस को बुरी लगी। एक यूजर ने सोशल मीडिया 'प्लेटफॉर्म' एक्स पर लिखा था, "देखते हैं कि जब जसप्रीत बुमराह की 150 किलोमीटर रफ्तार की बम्पर गेंद साइना के सिर पर आएगी तो वह क्या करेंगी।" स्टार एथलीट ने बुमराह और उनकी तुलना पर अब रिएक्ट किया है। उन्होंने भारत के धाकड़ तेज गेंदबाज बुमराह को ही चैलेंज दे डाला है। 'बैडमिंटन हार्ट अटैक जैसी सिचुएशन देखी' साइना ने शुभंकर मिश्रा के पॉडकास्ट में कहा, ''देखिए, आप क्रिकेट क्या मरने के लिए खेलेंगे। यह मेरा पॉइंट नहीं। हम मरने की बात नहीं कर रहे हैं। आप गेम जीतने-हारने के लिए खेलते हैं। आप गेम अपने देश का मान बढ़ाने के लिए खेलते हैं। बैडमिंटन इसलिए मुश्किल है क्योंकि आप हाथ ऊपर करके स्ट्रोक खेल रहे हैं। हाथ ऊपर करके खेलना बहुत मुश्किल होता है। उसकी वजह से आपकी दिल की धड़कन तेज हो जाती है। मैंने बैडमिंटन में भी हार्ट अटैक जैसी सिचुएशन देखी है। मैं यह नहीं कह रही हूं कि बैडमिंटन ही सबसे ज्यादा टफ गेम है। टेनिस, स्विमिंग का भी मैंने जिक्र किया था। क्या क्रिकेट और फुटबॉल टफ नहीं हैं। लेकिन तुलनात्मक रूप से आप देखें, जब बैटिंग करते हैं तो यह स्किल बेस्ड है। मैंने यह नहीं कहा कि क्रिकेट जीरो फिटनेस पर खेला जा सकता है। 'बुमराह मेरा स्मैश शॉट नहीं झेल पाएगा?' उन्होंने आगे कहा, ''आप उस लेवल पर विराट कोहली और रोहित शर्मा नहीं बन पाएंगे। कुछ खिलाड़ी ही विराट और रोहित जैसे बन पाते हैं। क्रिकेट स्किल बेस्ड स्पोर्ट ज्यादा है। रही बात बुमराह की तो मुझे उनके साथ क्यों खेलना है। मुझे मरना थोड़ी है। अगर मैं आठ साल से खेल रही होती तो उनका जवाब देती। अगर बुमराह मेरे साथ बैडमिंटन खेलेगा तो शायद मेरा स्मैश शॉट नहीं ले पाएगा। हम अपने देश में इन चीजों के लिए आपस में ना लड़ें। हर स्पोर्ट अपनी जगह पर बेस्ट है लेकिन मैं यह बोलना चाहती हूं कि दूसरे खेलों को भी अहमियत देनी चाहिए। वरना स्पोर्टिंग कल्चर हम कहां से लाएंगे। हमारा फोकस क्रिकेट और बॉलीवुड पर हमेशा रहेगा बाकी कोई मेडल जीतेगा तो तारीफ करेंगे। लेकिन उसके बाद क्या होगा। क्या हम चार-पांच मेडल पर ही रुक रहेंगे? हमें क्या और मेडल नहीं चाहिए। क्या हम उतने में खुश रहेंगे?''   recent visitors 113

2 साल में ही कैंसर से हारीं YouTube की पूर्व CEO सुसान, गूगल पर किया था बड़ा एहसान, पास न फटकने दें ये चीज

वॉशिंगटन यूट्यूब की पूर्व सीईओ सुसान वोज्स्की का कैंसर से लंबी लड़ाई के बाद 56 वर्ष की आयु में शनिवार को निधन हो गया. सुसान वोज्स्की के पति डेनिस ट्रॉपर ने एक फेसबुक पोस्ट के जरिए उनके निधन की खबर दी. उन्होंने लिखा, 'अत्यंत दुख के साथ मैं सुसान वोज्स्की के निधन की खबर साझा कर रहा हूं. 26 साल से मेरी पत्नी और हमारे पांच बच्चों की मां, 2 साल तक नॉन-स्मॉल सेल लंग कैंसर से पीड़ित रहने के बाद आज हमें छोड़कर चली गई.' डेनिस ट्रॉपर ने आगे लिखा, 'सुसान न केवल मेरी सबसे अच्छी दोस्त और जीवन साथी थी, बल्कि एक प्रतिभाशाली व्यक्तित्व, एक प्यारी मां और कई लोगों की प्रिय मित्र थी. हमारे परिवार और दुनिया पर उनका प्रभाव अतुलनीय था. हम दुखी हैं, लेकिन उनके साथ बिताए समय के लिए आभारी हैं. कृपया हमारे परिवार को अपनी दुआओं में रखें, क्योंकि हम कठिन समय से गुजर रहे हैं.' गूगल और अल्फाबेट के सीईओ सुंदर पिचाई ने उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए X पर एक पोस्ट किया. उन्होंने लिखा, 'दो साल तक कैंसर से पीड़ित रहने के बाद, मुझे मेरी प्रिय मित्र सुसान वोज्स्की को खोने से अविश्वसनीय दुख हुआ है. वह Google के इतिहास में किसी अन्य व्यक्ति की तरह ही महत्वपूर्ण हैं, और उनके बिना दुनिया की कल्पना करना कठिन है. वह एक अविश्वसनीय व्यक्ति, लीडर और मित्र थीं, जिनका दुनिया पर जबरदस्त प्रभाव था और मैं अनगिनत गूगलर्स में से एक हूं, जो कह सकते हैं कि वे सुसान को जानते थे. हम उन्हें बहुत याद करेंगे. उनके परिवार के प्रति हमारी संवेदनाएं. रेस्ट इन पीस सुसान.' सुसान वोज्स्की Google के जन्म के साथ उससे जुड़ी थीं सुसान वोज्स्की ने 2014 से 2023 की शुरुआत तक अल्फाबेट की सहायक कंपनी YouTube का नेतृत्व किया. उन्होंने Google और इसकी मूल कंपनी, अल्फाबेट के सलाहकार के रूप में भी काम किया. फोर्ब्स की रिपोर्ट के अनुसार, साल 1998 में Google के जन्म से ही कंपनी के साथ सुसान का गहरा संबंध था. यह सुसान का ही गैराज था, जिसे सर्गेई ब्रिन और लैरी पेज ने Google सर्च इंजन को विकसित करने के लिए किराए पर लिया था. गूगल द्वारा यूट्यूब के अधिग्रहण में भी सुसान की भूमिका सुसान वोज्स्की 1999 में कंपनी की 16वीं कर्मचारी के रूप में Google में शामिल हुईं. वह सुसान ही थीं, जिन्होंने $1.65 बिलियन में Google द्वारा YouTube के अधिग्रहण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और बाद में इस वीडियो प्लेटफॉर्म के व्यूअर बेस को 2.5 बिलियन मंथली तक बढ़ा दिया.   recent visitors 113