सभी ग्राम पंचायत और निकायों में होगा उपहार कार्यक्रम, मुख्यमंत्री आज लाड़ली बहनों के खाते में करेंगे राशि अंतरित

भोपाल प्रदेश की लाड़ली बहनें रक्षाबंधन के पहले दोगुनी खुशियाँ मनाएंगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना की हितग्राही बहनों के खातों में 1250 रूपये की राशि अंतरित करेंगे। साथ ही रक्षाबंधन के उपहार स्वरूप लाभार्थी महिलाओं के खातों में 250 रूपये की उपहार (नेग) राशि अंतरित की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव श्योपुर जिले के विजयपुर और टीकमगढ़ में 10 अगस्त को आयोजित रक्षाबंधन पूर्व लाड़ली बहना हितग्राहियों के लिए आभार सह उपहार कार्यक्रम में यह राशि अंतरित करेंगे। साथ ही लाभार्थी महिलाओं को आभार-पत्र और उपहार देगें और राखी बंधवाएगें। मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना के तहत 10 अगस्त को प्रदेश की सभी 23 हजार 11 ग्राम पंचायतों एवं 416 नगरीय निकायों (नगर निमग, नगर पालिका एवं नगर पंचायत) में भी वृहृद स्तर पर आभार सह उपहार कार्यक्रम होंगे। राज्य सरकार के मंत्रीगण एवं जनप्रतिनिधि अपने-अपने क्षेत्र में होने वाले आभार सह-उपहार कार्यक्रम में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के मुख्य आतिथ्य में होने वाले कार्यक्रम की थीम "रक्षाबंधन और सावन उत्सव" पर केन्द्रित है। इसके अतिरिक्त "एक पेड़ माँ के नाम" अभियान में पौध-रोपण और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित होगें। इसमें सहभागियों को शासकीय हितग्राहीमूलक योजनाओं की जानकारी भी साझा करेंगे।   recent visitors 115

कानपुर में किशोरी को किडनैप कर दुष्कर्म का प्रयास, दोषी मौलाना हुआ फरार

कानपुर नाबालिग बच्चियों के साथ दुष्कर्म की कई घटनाओं को अंजाम दे चुके एक मौलाना का शुक्रवार को एक युवक ने एक बच्ची के साथ दुष्कर्म की कोशिश करते वीडियो बना लिया. मोहल्ले के एक युवक को मौलाना पर पिछले कई दिनों से शक था. ऐसे में वह मौलाना पर नजर रख रहा था. शुक्रवार को जब मौलाना एक बच्ची को अपने साथ टॉफी दिलाने के बहाने कमरे में लेकर गया तो उसका पीछा करते हुए युवक भी पहुंच गया. मौलाना जब कमरे में मासूम को निवस्त्र करके दुष्कर्म की कोशिश कर रहा था, उसी समय का वीडियो युवक ने कमरे के रोशनदान से बना लिया. लोग पहुंचे तो दरवाजा खोलकर दूसरे कमरे से भाग गया मौलाना बच्ची से दुष्कर्म के आरोप में जिस मौलाना का वीडियो बनाया गया है, उसकी उम्र करीब 70 वर्ष की है. वह कानपुर के ग्वालटोली  का रहने वाला है.पूरे मोहल्ले में वह मौलाना चाचा के नाम से प्रसिद्ध है. वीडियो बनाने वाले युवक के मुताबिक जब वह भीड़ को लेकर मौलाना के कमरे में पहुंचा तो मौलाना दरवाजा खोलकर दूसरे कमरे में भाग गया. जिसके बाद मोहल्ले वालों ने मौलाना के खिलाफ थाने में FIR दर्ज करवाई. कई नाबालिग बच्चियों से दुष्कर्म का लग चुका है आरोप इलाके के एसीपी महेश कुमार ने बताया कि 70 वर्षीय मुख्तार ने मोहल्ले की ही 7 वर्षीय बच्ची के साथ रेप की कोशिश की है. उसके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है और उसकी तलाश की जा रही है. साथ ही पुलिस अब यह भी पता करने की कोशिश कर रही है कि मौलाना इससे पहले कितनी बच्चियों के साथ इस तरह की हरकत कर चुका है. क्योंकि मोहल्ले वासियों का आरोप है कि मौलाना अब तक कई बच्चियों के साथ दुष्कर्म कर चुका है. लेकिन बदनामी के डर से लोग मुंह नहीं खेलते थे. हालांकि, मोहल्ले के एक युवक को मौलाना पर शक था. इसलिए वह मौलाना पर कई दिनों से नजर रख रहा था. शुक्रवार को जब वह एक बच्ची को टॉफी दिलाने के बहाने अपने कमरे में ले गया तो युवक भी पीछे-पीछे पहुंच गया. इसके बाद उसने रोशनदान से वीडियो बना लिया और मोहल्ले वासियों को बुला लिया. इसके बाद बच्ची को भी मुक्त करा लिया.   recent visitors 120

पीएम मोदी आज वायनाड दौरे पर, भूस्खलन पीड़ितों से मिलेंगे, घटना और रेस्क्यू ऑपरेशन को लेकर बैठक करेंगे

 नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 10 अगस्त को केरल के वायनाड में भूस्खलन प्रभावित इलाकों का दौरा करने जाएंगे. प्रधानमंत्री मोदी इस भीषण हादसे में हुई तबाही और आपदा का हवाई सर्वेक्षण करेंगे  बता दें कि केरल में भूस्खलन जैसे प्राकृतिक आपदा के कारण 300 से अधिक लोगों की जान चली गई थी. 30 जुलाई 2024 को, केरल के वायनाड जिले में भारी वर्षा के कारण भूस्खलन हुआ था. वहीं सामने आया है कि वायनाड भूस्खलन में मरने वालों की संख्या और बढ़ गई है. 226 शव और बरामद हुए. सर्च अभियान में  403 बॉडी पार्ट्स मिले हैं. शनिवार को नहीं चलेगा सर्च अभियान बता दें कि, प्रधानमंत्री की यात्रा के कारण जिले में सख्त प्रतिबंधों के कारण शनिवार को मुंडाकाई और चूरलमाला जैसे आपदा प्रभावित क्षेत्रों में कोई तलाशी अभियान नहीं चलाया जाएगा. जिला कलेक्टर डी.आर. मेघाश्री ने इसकी जानकारी दी है. खोज में शामिल वालेंटियर्स और अन्य लोगों को आपदा क्षेत्रों में प्रवेश की अनुमति नहीं है. जिला कलेक्टर ने यह भी घोषणा की कि सर्च ऑपरेशन रविवार को फिर से शुरू किया जाएगा. ये है पीएम मोदी के दौरे का तय कार्यक्रम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 10 अगस्त को भूस्खलन प्रभावित वायनाड का दौरा करेंगे और आपदा प्रभावितों से मिलेंगे. एक सूत्र ने बताया कि प्रधानमंत्री एक विशेष विमान से कन्नूर पहुंचेंगे. वहां से वह हेलीकाप्टर से भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण करेंगे. इसके बाद वे कुछ राहत शिविरों का दौरा करेंगे, जहां फिलहाल 10,000 से अधिक लोग शरण लिए हुए हैं. राहुल गांधी ने कहा, धन्यवाद पीएम मोदी के वायनाड जाने को लेकर वायनाड से कांग्रेस के पूर्व सांसद राहुल गांधी ने प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि, 'व्यक्तिगत रूप से भयानक त्रासदी का जायजा लेने के लिए वायनाड आने के लिए धन्यवाद, मोदी जी. ये एक अच्छा फैसला है. मुझे विश्वास है कि एक बार जब प्रधानमंत्री प्रत्यक्ष रूप से तबाही की सीमा को देख लेंगे, तो वह इसे राष्ट्रीय आपदा घोषित कर देंगे.' वायनाड में कैसे आई त्रासदी वायनाड में आई आपदा का केंद्र इरुवाझिंझी नदी है, जो लगभग 1800 मीटर की ऊंचाई पर है और तीन प्रभावित गांवों- व्यथरी तालुका में मुदक्कई, चूरलमाला और अट्टामाला से होकर बहती है. इसके बाद यह चलियार नदी में मिल जाती है. बारिश के बाद नदी के पानी में बढ़ोतरी हो गई और इसकी जल धाराएं ज्यादा तेज हो गईं. अधिकारियों का कहना है कि व्याथरी (Vythri) में 48 घंटों में लगभग 57 सेमी बारिश हुई, जिसके बाद इरुवाझिंझी में उफान आया और भूस्खलन हुआ. भूस्खलन का मलबा नदी में गिर गया और मलबे की एक दीवार बन गई. इसके बाद ऊपर की तरफ के गांव जलमग्न हो गए. ऊपर की पहाड़ियों से नदी में बहता भारी बारिश का पानी और ढलान आपदा की वजह बने. रिमोट सेंसिंग डेटा से पता चलता है कि नदी के रास्ते पर पहला गांव मुंदक्कई, जो अब समतल और तबाह हो गया है, लगभग 950 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है. यह लगभग 3 किलोमीटर की दूरी पर केंद्र लगभग आधा है.   recent visitors 116

केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के एससी-एसटी आरक्षण में क्रीमी लेयर को चिन्हित करने के फैसले भी नहीं

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में संविधान में दिए गए एससी और एसटी के लिए आरक्षण के उप-वर्गीकरण पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर विस्तृत चर्चा हुई. बैठक में स्पष्ट किया कि डॉ. बीआर अंबेडकर द्वारा तैयार संविधान में अनुसूचित जाति (एससी) और अनुसूचित जनजाति (एसटी) के लिए आरक्षण प्रणाली में “क्रीमी लेयर” का प्रावधान नहीं है. ऐसे में अंबेडकर के संविधान के मुताबिक ही आरक्षण का प्रावधान होना चाहिए. दरअसल कैबिनेट में सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर चर्चा हुआ हुई. कैबिनेट का मत था कि एनडीए सरकार अंबेडकर के बनाए संबिधान को लेकर प्रतिबद्ध है और एससी एसटी में कोई क्रीमीलेयर का प्रावधान नहीं है. मंत्रिमंडल की बैठक के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए सूचना और प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने एससी-एसटी आरक्षण पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले से शुरू हुई हालिया बहस के बारे में बात की. सरकार संविधान प्रति कटिबद्ध वैष्णव ने कहा, 'सुप्रीम कोर्ट ने आरक्षण के संबंध में निर्णय सुनाया था और एससी-एसटी आरक्षण के संबंध में सुझाव दिया था. मंत्रिमंडल में इस पर विस्तृत चर्चा हुई. एनडीए सरकार बीआर अंबेडकर द्वारा बनाए गए संविधान के प्रति कटिबद्ध है. बीआर अंबेडकर के संविधान के अनुसार एससी-एसटी आरक्षण में क्रीमी लेयर का कोई प्रावधान नहीं है.' उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के लिए आरक्षण संवैधानिक दिशानिर्देशों के अनुरूप लागू किया जाना चाहिए. यह पूछे जाने पर कि क्या यह मुद्दा सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री या प्रधानमंत्री द्वारा उठाया गया था, वैष्णव ने कहा कि यह मंत्रिमंडल का सुविचारित विचार है. सांसदों ने की थी पीएम से मुलाकात इससे पहले शुक्रवार को एससी और एसटी सांसदों के एक प्रतिनिधिमंडल ने प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात की थी और एससी/एसटी आरक्षण के मुद्दे और सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर चर्चा की.बैठक के बाद मोदी ने एक्स पर कहा, "आज एससी/एसटी सांसदों के एक प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की. एससी/एसटी समुदायों के कल्याण और सशक्तिकरण के लिए हमारी प्रतिबद्धता और संकल्प को दोहराया." वहीं प्रधानमंत्री से मिलने वाले प्रतिनिधिमंडल में शामिल भाजपा के राज्यसभा सदस्य सिकंदर कुमार ने कहा, "हम सभी सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी से चिंतित हैं. हमें इस मामले पर चिंता जताने वाले लोगों के फोन आ रहे हैं. एससी और एसटी का प्रतिनिधित्व करने वाले सांसदों के एक प्रतिनिधिमंडल ने प्रधानमंत्री से मुलाकात की और इस संबंध में अपनी चिंता व्यक्त की." कुमार ने कहा कि प्रधानमंत्री ने सांसदों के साथ गंभीर चर्चा की और आश्वासन दिया कि सरकार सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी को लागू नहीं होने देगी. उन्होंने कहा, "हम इसके लिए प्रधानमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हैं." भाजपा सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते ने कहा कि प्रतिनिधिमंडल ने प्रधानमंत्री को दिए ज्ञापन में आग्रह किया है कि क्रीमी लेयर के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी को लागू नहीं किया जाना चाहिए. उन्होंने पीटीआई से कहा, "प्रधानमंत्री का भी ऐसा ही विचार था. उन्होंने हमें आश्वासन दिया कि वह इस मामले को देखेंगे और हमें चिंता न करने के लिए कहा. उन्होंने कहा कि इसे एससी और एसटी श्रेणी में लागू नहीं किया जाएगा." क्या था सुप्रीम कोर्ट का फैसला इस महीने की शुरुआत में, मुख्य न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ की अगुवाई वाली सुप्रीम कोर्ट की सात जजों की बेंच ने बीते हफ्ते 6:1 के बहुमत वाले फैसले में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के कोटे में कोटा दिए जाने को मंजूरी दी थी. कोर्ट ने कहा था कि SC-ST कैटेगरी के भीतर नई सब कैटेगरी बना सकते हैं और इसके तहत अति पिछड़े तबके को अलग से रिजर्वेशन दे सकते हैं. देश में अभी अनुसूचित जाति (एससी) को 15 फीसदी और अनुसूचित जनजाति (एसटी) को 7.5 फीसदी आरक्षण मिलता है. सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद एससी और एसटी की जातियों के इसी 22.5 फीसदी के आरक्षण में ही राज्य सरकारें एससी और एसटी के कमजोर वर्गों का अलग से कोटा तय कर सकेंगी. सुप्रीम कोर्ट ने कोटे के अंदर कोटे की अनुमति राज्य सरकारों को देते हुए का था कि राज्य अपनी मर्जी और राजनीतिक महत्वाकांक्षा के आधार पर फैसला नहीं ले सकते. अगर ऐसा होता है तो उनके फैसले की न्यायिक समीक्षा की जा सकती है.अगर कोई राज्य किसी जाति को कोटे के अंदर कोटा देती है तो उसे साबित करना होगा कि ऐसा पिछड़ेपन के आधार पर ही किया गया है. ये भी देखा जाएगा कि किसी एससी-एसटी के कुल आरक्षण का उसके किसी एक वर्ग को ही 100% कोटा न दे दिया जाए.     recent visitors 128

पेरिस ओलंपिक में बांटे जा रहे घटिया मेडल, सिर्फ इतने ही दिन में सामने आई सच्चाई, एथलीट ने लगाया आरोप

 पेरिस इन दिनों जारी पेरिस 2024 ओलंपिक और पैरालंपिक खेल, फ्रांस में आयोजित अब तक का सबसे बड़ा आयोजन है. इस दौरान होने वाला हर खेल और उसमें जीत- हार इतिहास में दर्ज हो जाएंगे. इस समय हर दिन अलग- अलग देशों से अलग- अलग स्पोर्ट में खिलाड़ियों की जीत की खबरें आ रही हैं. किसी भी एथलीट के लिए ओलंपिक मेडल जीतना जीवन में एक बार मिलने वाला अवसर होता है और वे इस पल को जीवन भर संजोकर रखते हैं. लेकिन क्या हो अगर ओलंपिक खत्म होने से पहले ही उनका मेडल अपनी चमक खो दे? मौजूदा पेरिस ओलंपिक 2024 में ब्रांज मेडल जीतने वाले एक अमेरिकी एथलीट  Nyjah Huston ने ऐसा ही आरोप लगाया है कि उसे मिला मेडल बेरंग और खराब होने लगा है. पेरिस 2024 में यूएसए स्केटबोर्ड टीम की सदस्य नाइजाह ने ओलंपिक पदकों की गुणवत्ता पर चिंता व्यक्त करने के लिए सोशल मीडिया का सहारा लिया. 29 साल के इस खिलाड़ी ने 30 जुलाई को पुरुषों की स्ट्रीट स्केटबोर्डिंग में तीसरे स्थान पर रहकर ब्रांज मेडल जीता था. यहां जापान के युटो होरिगोम ने गोल्ड और अमेरिका के जैगर ईटन ने सिल्वर मेडल जीता था. क्या बोले नाइजाह? एक्स गेम्स और विश्व चैंपियनशिप में 18 गोल्ड मेडल जीतने वाले जाने माने स्केटबोर्डर ने गुरुवार को इंस्टाग्राम पर खराब हो रहे ब्रांज मेडल की तस्वीर शेयर की. उन्होंने एक वीडियो में कहा- 'ये ओलंपिक मेडल तब अच्छे लगते हैं जब वे बिल्कुल नए होते हैं, लेकिन इसे थोड़ी देर के लिए पसीने के साथ अपनी त्वचा पर रखने और फिर वीकेंड में अपने दोस्तों देने के बाद, इसकी क्वालिटी सामने आती है.सिर्फ एक सप्ताह हुआ है.' 'थोड़ी क्वालिटी बढ़ाओ' उन्होंने आगे कहा, "मेरा मतलब है कि इस चीज को देखो. यह खुरदरी दिख रही है. यहां तक ​​कि सामने का हिस्सा भी थोड़ा-थोड़ा उखड़ने लगा है. मुझे नहीं पता, शायद क्वालिटी को थोड़ा बढ़ाना होगा." वीडियो में, हस्टन के मेडल में क्वालिटी की कमी स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है, जिसमें दोनों तरफ काफी जगह रंग उतर गया है. बता दें कि पेरिस ओलंपिक 2024 के पदक अद्वितीय हैं क्योंकि वे पेरिस में एफिल टॉवर के निर्माण के लिए उपयोग किए गए लोहे के सहेजे गए टुकड़ों का उपयोग करके बनाए गए हैं.     recent visitors 126

अमन सहरावत ने देश को पेरिस ओलंपिक में दिलाया छठा मेडल, पीएम मोदी ने दी बधाई

 पेरिस  पेरिस ओलंपिक 2024 में भारत को एक और मेडल मिल गया है. अब तक भारत की झोली में कुल 6 मेडल आ गए हैं. भारतीय पहलवान अमन सहरावत ने मेन्स फ्रीस्टाइल 57 किलो भारवर्ग में ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया. अमन ने ब्रॉन्ज मेडल मुकाबले में प्यूर्टो रिको के डेरियन टोई क्रूज को 13-5 से हरा दिया है. बता दें कि अमन सहरावत का ओलंपिक सफर काफी मुश्किलों भरा रहा है. अमन सहरावत ने बचपन में ही माता-पिता को खो दिया था. 21 साल के अमन सहरावत का ओलंपिक तक का सफर बिल्कुल भी आसान नहीं रहा है. जाट परिवार से आने वाले अमन हरियाणा के झज्जर जिले के बिरोहर से आते हैं. उन्होंने 11 साल की उम्र में ही अपने माता-पिता को खो दिया था. पहले अमन की मां का हार्टअटैक से निधन हो गया था, तब उनकी उम्र 10 साल थी. फिर लगभग एक साल बाद उनके पिता भी चल बसे थे. इसके बाद अमन और उनकी छोटी बहन पूजा सहरावत को उनके बड़े चाचा सुधीर सहरावत और एक मौसी की देखभाल में छोड़ दिया गया. माता-पिता की दुखद मृत्यु के बाद अमन गंभीर अवसाद से जूझ रहे थे, ऐसे में उनके दादा मांगेराम सहरावत ने उन्हें संभाला और इससे उबरने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. रेसलिंग में ऐसा रहा है अमन का सफर इस सबके बीच उन्होंने कुश्ती के प्रति अपने जुनून को जारी रखा और कोच ललित कुमार के अंडर ट्रेनिंग लेना शुरू किया. अमन 2021 में अपना पहला राष्ट्रीय चैम्पियनशिप खिताब जीतकर लाइमलाइट में आए. अमन ने 2022 के एशियाई खेलों में 57 किलोग्राम वर्ग में ब्रॉन्ज मेडल जीता. फिर साल 2023 एशियाई कुश्ती चैम्पियनशिप में गोल्ड मेडल हासिल किया. जनवरी 2024 में उन्होंने जागरेब ओपन कुश्ती टूर्नामेंट में स्वर्ण पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया. वह पेरिस 2024 ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करने वाले भारत के एकमात्र पुरुष पहलवान रहे. recent visitors 105

EPFO ने दी खुशखबरी- पीएफ से पैसा निकालना हुआ आसान, 3 दिन में खाते में आ जाएंगे 1 लाख रुपये

नई दिल्ली ईपीएफओ ने हाल ही में कई नियमों में बदलाव किए हैं, ताकि सब्सक्राइबर्स को किसी तरह की समस्या का सामना नहीं करना पड़े। संगठन ने चिकित्सा, शिक्षा, विवाह और कंस्ट्रक्शन के एडवांस क्लेम के लिए ऑटो-मोड सेटलमेंट की सुविधा शुरू की है। इसका फायदा 6 करोड़ से अधिक कर्मचारी उठा सकते हैं। ईपीएफ क्लेम सेटलमेंट प्रक्रिया हुई तेज यह सुविधा कर्मचारियों को आपातकाल में आर्थिक मदद पहुंचाती है। पहले ईपीएफओ की इस सुविधा को क्लेम करने के लिए 15 से 20 दिन का वक्त लगता था, लेकिन अब ये काम तीन से चार दिन के अंदर हो जाता है। ऑटोमेटेड सिस्टम से क्लेम प्रोसेस काफी आसानी हो गई है। इमरजेंसी में फंड के क्लेम सेटलमेंट के लिए ऑटो मोड की शुरुआत 2020 में हुई थी, लेकिन तब बीमारी के लिए पैसा निकाल सकते थे। अब एजुकेशन, शादी और खरीदने के लिए भी पीएफ से पैसा निकाल सकते हैं। एडवांस लिमिट 50 हजार से बढ़कर एक लाख रुपये ईपीएफ खाते से एडवांस में एक लाख रुपये तक निकासी कर सकते हैं। पहले यह लिमिट पचास हजार रुपये थी। ऑटो सेटलमेंट मोड के जरिए एडवांस फंड निकालने का काम कर सकते हैं। तीन दिन के अंदर पैसा खाते में जमा हो जाता है। इसके लिए केवीईसी, क्लेम रिक्वेस्ट और बैंक खाते की जानकारी देनी पड़ती है। पीएफ खाते से पैसा निकालने की प्रक्रिया स्टेप 1- यूएएन और पासवर्ड का उपयोग करके ईपीएफओ पोर्टल पर लॉगइन करें। स्टेप 2- ऑनलाइन सर्विसेज में क्लेम सेक्शन पर जाना होगा। बैंक खाते वेरीफाई कर ऑनलाइन क्लेम पर क्लिक करें। स्टेप 3- नया पेज खुलेगा। उसमें पीएफ एडवांस फॉर्म 31 का चयन करना होगा। फिर पीएफ खाते को सिलेक्ट करना है। स्टेप 4- अब फंड निकालने की वजह, कितना पैसा चाहिए और एड्रेस की जानकारी भरनी होगी। इसके बाद पासबुक की कॉपी स्कैन कर अपलोड करनी होगी। स्टेप 5- इसके बाद आपको आधार से वेरिफाई करना होगा। क्लेम प्रोसेस पूरी होने के बाद ऑनलाइन स्टेटस चेक कर सकते हैं। recent visitors 160