अदाणी के बाद अब कौन, किस पर गिरने वाली है बिजली? हिंडनबर्ग का दावा- भारत को लेकर जल्द बड़ा खुलासा करेंगे

नई दिल्ली हिंडनबर्ग रिसर्च याद है? अमेरिका की इस शॉर्ट सेलिंग कंपनी ने पिछले साल गौतम अडानी पर ऐसा बम फोड़ा था कि अडानी ग्रुप आज तक उससे उबर नहीं पाया है। हिंडनबर्ग रिसर्च भारत में एक और बड़ा धमाका करने की तैयारी में है। कंपनी ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि भारत में जल्दी ही कुछ बड़ा होने वाला है। हिंडनबर्ग रिसर्च ने पिछले साल 24 जनवरी को अडानी ग्रुप की फ्लैगशिप कंपनी अडानी एंटरप्राइजेज की शेयर बिक्री से ठीक पहले एक रिपोर्ट जारी की थी। इसमें अडानी ग्रुप पर शेयरों की कीमत में हेरफेर समेत कई तरह के आरोप लगाए गए थे। अडानी ग्रुप ने इन आरोपों का खंडन किया था लेकिन इस रिपोर्ट के कारण ग्रुप के मार्केट कैप में $150 अरब तक गिर गया था। इससे गौतम अडानी की नेटवर्थ में भी भारी गिरावट आई थी और वह दुनिया के अमीरों की लिस्ट में काफी नीचे खिसक गए थे। हालांकि हाल के महीनों में अडानी ग्रुप के शेयरों ने काफी हद तक अपने नुकसान की भरपाई कर ली है। Hindenburg Research ने अब तक कई कंपनियों में घालमेल का पर्दाफाश करने का दावा किया है। इस कंपनी की स्थापना 2017 में नाथन एंडरसन ने की थी। दरअसल यह एक फोरेंसिक फाइनेंशियल रिसर्च फर्म है जो इक्विटी, क्रेडिट और डेरिवेटिव्स को एनालाइज करती है। इस कंपनी का नाम छह मई, 1937 में हुए हाई प्रोफाइल हिंडनबर्ग एयरशिप हादसे के नाम पर रखा गया है। यह दुर्घटना अमेरिका में न्यू जर्सी के मैनचेस्टर टाउनशिप में हुई थी। हिंडनबर्ग रिसर्च किसी भी कंपनी में हो रही गड़बड़ी का पता लगाती है और फिर उसके बारे में रिपोर्ट पब्लिश करती है। कंपनी का दावा है कि उसकी नजर मैन-मेड डिजास्टर्स पर रहती है। इनमें अकाउंटिंग में गड़बड़ी, मिसमैनेजमेंट और छिपाकर किए गए लेनदेन शामिल हैं। कंपनी फिर प्रॉफिट कमाने के लिए टारगेट कंपनी के खिलाफ बेट लगाती है। कई कंपनियों का भंडाफोड़ एंडरसन ने यूनिवर्सिटी ऑफ कनेक्टीकट से इंटरनेशनल बिजनस में डिग्री लेने के बाद एक डेटा कंपनी FactSet Research Systems Inc में काम किया। वहां उनका काम इनवेस्टमेंट मैनेजमेंट कंपनियों से जुड़ा हुआ था। साल 2020 में एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा था, 'मुझे महसूस हुआ कि कामचलाऊ एनालिसिस हो रहा है।' एंडरसन इजरायल में एंबुलेंस ड्राइवर का काम भी कर चुके हैं। उनका कहना है कि उन्हें भारी दबाव में काम करने में मजा आता है। वह हैरी मार्कपोलोस को अपना रोल मॉडल मानते हैं। मार्कपोलोस एक एनालिस्ट हैं जिन्होंने बर्नी मेडॉफ की फ्रॉड स्कीम का पर्दाफाश किया था। हिंडनबर्ग का दावा है कि 2017 से अब तक कम से कम 36 कंपनियों में गड़बड़ी का भंडाफोड़ कर चुकी है। अडानी पर बेट से कितने कमाए हिंडनबर्ग रिसर्च का कहना है कि अडानी सिक्योरिटीज की शॉर्टिंग से उसे अपने क्लाइंट के जरिए 4.1 मिलियन डॉलर का रेवेन्यू मिला। लेकिन यह रकम रिसर्च में लगी उसकी राशि के बराबर भी नहीं है। कंपनी ने कहा कि हमने इनवेस्टर रिलेशनशिप के जरिए अडानी शॉर्ट्स से 4.1 मिलियन डॉलर का रेवेन्यू अर्जित किया साथ ही कंपनी ने अडानी के अमेरिकी बांड को शॉर्ट करके भी 31,000 डॉलर कमाए। कंपनी का कहना है कि यह बहुत छोटी पोजीशन थी। लीगल और रिसर्च खर्चों को छोड़कर हम अडानी शॉर्ट पर भी ब्रेक-ईवन से आगे निकल सकते हैं। हिंडनबर्ग ने इस मामले में कोटक बैंक को भी लपेटा था। उसने कहा था कि बैंक ने एक विदेश फंड स्ट्रक्चर बनाया जिसे उसके इनवेस्टर पार्टनर ने अडानी ग्रुप के खिलाफ बेट के लिए इस्तेमाल किया। सेबी ने हिंडनबर्ग को जारी किया था नोटिस इस साल जून में हिंडनबर्ग रिसर्च ने एक बार फिर चर्चा में आया था, जब उसने खुलासा किया कि पूंजी बाजार नियामक सेबी ने उनके खिलाफ भारतीय नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए एक नोटिस जारी किया था. यह घटनाक्रम एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुआ, क्योंकि हिंडनबर्ग रिसर्च ने पहली बार अपनी रिपोर्ट में कोटक बैंक की स्पष्ट रूप से पहचान की. नतीजतन, इस खुलासे के कारण कोटक बैंक के शेयर मूल्य में उल्लेखनीय गिरावट आई, जो शुरुआती कारोबारी सत्र में जून के बाद से अपने सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया. हिंडेनबर्ग ने कहा कि भारतीय बाजार नियामक की ओर से 27 जून, 2024 को जारी किया गया नोटिस 'बकवास' है. इसे एक पूर्व-निर्धारित उद्देश्य को पूरा करने के लिए तैयार किया गया था. उसने कहा कि भारत में सबसे शक्तिशाली व्यक्तियों द्वारा किए गए भ्रष्टाचार और धोखाधड़ी को उजागर करने वालों को चुप कराने और डराने का प्रयास है. सेबी के नोटिस में हुआ था बड़ा खुलासा सेबी के नोटिस में खुलासा हुआ कि किंगडन कैपिटल ने कोटक महिंद्रा इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड (केएमआईएल) में महत्वपूर्ण निवेश किया है. यह पता चला कि किंगडन कैपिटल ने हाल ही में आई एक रिपोर्ट से बाजार में आई अस्थिरता का फायदा उठाया. फर्म ने रिपोर्ट सामने आने से पहले अडानी एंटरप्राइजेज लिमिटेड (एईएल) में शॉर्ट पोजीशन स्थापित करने के लिए $43 मिलियन आवंटित करके एक रणनीतिक कदम उठाया. इसके बाद, किंगडन कैपिटल ने इन पोजीशन को सफलतापूर्वक बंद कर दिया, जिससे $22.25 मिलियन का लाभ हुआ.   recent visitors 98

पंजाब में मजबूत होगा रोड नेटवर्क अगर कानून व्यवस्था सुधरी तो, नहीं प्रोजेक्ट होंगे रद्द – गडकरी

चंडीगढ़  केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को एक चेतावनी भरा पत्र लिखा है। गडकरी ने कहा है कि अगर राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति नहीं सुधरती है तो NHAI आठ और हाईवे प्रोजेक्ट रद्द कर देगा। इन प्रोजेक्ट की कुल लागत 14,288 करोड़ रुपये है। गडकरी ने यह पत्र दिल्ली-अमृतसर-कटरा एक्सप्रेसवे पर हो रही हिंसक घटनाओं के बाद लिखा है। गडकरी ने अपने पत्र में कहा है कि NHAI पंजाब में दिल्ली-अमृतसर-कटरा एक्सप्रेसवे सहित कई ग्रीनफील्ड और ब्राउनफील्ड एनएच कॉरिडोर विकसित कर रहा है। उन्होंने NHAI अधिकारियों, ठेकेदारों और उनके कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की है। साथ ही, उन्होंने भूमि अधिग्रहण से जुड़े मुद्दों को भी उठाया है। गडकरी ने मान को भेजे अपने पत्र के साथ हमलों की तस्वीरें भी संलग्न की हैं। प्राथमिकता के आधार पर हल किया जाएगा गडकरी ने मान से इस मामले में व्यक्तिगत हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने लिखा है कि मैं अनुरोध करता हूं कि राज्य सरकार तुरंत सुधारात्मक कदम उठाए, FIR दर्ज करे और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करे ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। NHAI अधिकारियों और रियायतग्राहियों के कर्मचारियों का विश्वास बहाल हो सके। गडकरी ने 15 जुलाई को हुई एनएच परियोजनाओं की समीक्षा बैठक का जिक्र करते हुए कहा कि उन्हें आश्वासन दिया गया था कि भूमि अधिग्रहण और कानून व्यवस्था से जुड़े लंबित मुद्दों को प्राथमिकता के आधार पर हल किया जाएगा। 'हाईवे प्रोजेक्ट रद्द करने के अलावा कोई विकल्प नहीं'गडकरी ने कहा कि हालांकि, मेरे संज्ञान में लाया गया है कि इस संबंध में कोई प्रगति नहीं हुई है और स्थिति और खराब हो गई है। उन्होंने यह भी कहा कि भूमि अधिग्रहण से जुड़े लंबित मुद्दों और कानून व्यवस्था की स्थिति खराब होने के कारण, कई ठेकेदार रियायतग्राहियों ने अनुबंधों को बंद करने का अनुरोध किया है और NHAI के खिलाफ दावे उठाए हैं। गडकरी ने कहा कि अगर राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति नहीं सुधरती है तो NHAI के पास आठ और हाईवे प्रोजेक्ट रद्द करने के अलावा कोई विकल्प नहीं होगा। उन्होंने कहा कि ये सभी ग्रीनफील्ड कॉरिडोर हैं और अगर एक पैकेज भी रद्द होता है तो पूरा कॉरिडोर बेकार हो जाएगा। NHAI ने पहले ही 104 किलोमीटर लंबी और 3,263 करोड़ रुपये की लागत वाली तीन राजमार्ग परियोजनाओं को भूमि की अनुपलब्धता का हवाला देते हुए समाप्त कर दिया है। recent visitors 121

केरवा डैम एक गेट खुला ,पिछले दिनों में भोपाल के सभी बांधों के गेट खोले गए

भोपाल मध्यप्रदेश में साइक्लोनिक सर्कुलेशन (चक्रवात) और मानसून ट्रफ लाइन की वजह से 22 जिलों में शनिवार को तेज बारिश हो सकती है। मौसम विभाग ने श्योपुर और शिवपुरी में भारी बारिश का अलर्ट भी जारी किया है। शनिवार को जिन 22 जिलों में तेज बारिश होने का अनुमान है, उनमें ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, श्योपुर, नीमच, मंदसौर, सागर, दमोह, नरसिंहपुर, सिवनी, जबलपुर, मंडला, बालाघाट, अनूपपुर, मऊगंज और सतना शामिल हैं। भोपाल में केरवा डैम का एक गेट खुला केरवा डैम का फुल टैंक लेवल 1673 फीट है। डैम के 8 ऑटोमैटिक गेट में से एक से पानी छोड़ा जा रहा है। सीहोर जिले में तेज बारिश तो नहीं हुई, लेकिन नालों के जरिए पानी लगातार बढ़ रहा है। शुक्रवार को डैम का जल स्तर फुल रिजर्वॉयर लेवल 1673 फीट के करीब पहुंच गया। पानी का प्रेशर बढ़ते ही डैम के ऑटोमैटिक गेट खुलकर पानी निकलने लगा। इस सीजन में भोपाल के तीनों डैम भदभदा, कलियासोत और केरवा के गेट खुल चुके हैं। भोपाल के पास कोलार डैम के भी गेट खोले जा चुके हैं। एमपी के उत्तरी-पूर्वी हिस्से में बारिश का अनुमान आईएमडी भोपाल की सीनियर वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया- वर्तमान में 3 साइक्लोनिक सर्कुलेशन और एक मानसून ट्रफ लाइन एक्टिव है। मानसून ट्रफ एमपी के कई जिलों से होकर गुजर रही है। इस वजह से शनिवार को उत्तरी और पूर्वी हिस्से में बारिश हो सकती है। बाकी जिलों में गरज-चमक और हल्की बारिश होने का अनुमान है। सीधी में पौने 2 इंच बारिश, 18 जिलों में पानी गिरा प्रदेश में शुक्रवार को भोपाल, इंदौर, जबलपुर समेत 18 जिलों में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश हुई। सीधी में सबसे ज्यादा 41 मिमी यानी, पौने 2 इंच पानी गिर गया। दमोह और बालाघाट जिले के मलाजखंड में पौन इंच बारिश हो गई। धार, खंडवा, रीवा में आधा इंच के करीब पानी गिरा। भोपाल, बैतूल, इंदौर, गुना, जबलपुर, खजुराहो, मंडला, रतलाम, सागर, सतना, सिवनी और उमरिया में भी हल्की बारिश दर्ज की गई। recent visitors 231

मध्यप्रदेश के 20 जिलों में तेज बारिश की संभावना, अब तक सामान्य से 20 फीसदी ज्यादा बरसात

भोपाल मध्य प्रदेश में शनिवार को 20 से ज्यादा जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के अधिकारियों का कहना है कि मध्यप्रदेश में साइक्लोनिक सर्कुलेशन और मानसून ट्रफ लाइन की वजह से आज तेज बारिश हो सकती है। हालांकि, 11 अगस्त से बारिश की एक्टिविटी कम हो जाएगी, इस दौरान कहीं-कहीं बूंदाबांदी और गरज-चमक की स्थिति बनी रहेगी। इन जिलों आज होगी तेज बारिश मौसम विभाग द्वारा जारी अलर्ट के अनुसार जिन जिलों में तेज बारिश होने का अनुमान है, उनमें ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, श्योपुर, नीमच, मंदसौर, सागर, दमोह, नरसिंहपुर, सिवनी, जबलपुर, मंडला, बालाघाट, अनूपपुर, मऊगंज और सतना शामिल हैं। मौसम विभाग के सीनियर वैज्ञानिक वेद प्रकाश ने बताया कि प्रदेश में वर्तमान में 3 साइक्लोनिक सर्कुलेशन और एक मानसून ट्रफ लाइन एक्टिव है। मानसून ट्रफ एमपी के कई जिलों से होकर गुजर रही है। इस वजह से शनिवार को उत्तरी और पूर्वी हिस्से में बारिश हो सकती है। बाकी जिलों में गरज-चमक और हल्की बारिश होने का अनुमान है। इसलिए प्रदेश में हो रही बारिश मध्य प्रदेश मौसम विभाग के सीनियर वैज्ञानिक वेद प्रकाश ने बताया कि दक्षिणी झारखंड पर हवा के ऊपरी भाग में एक चक्रवात बना हुआ है। दक्षिण-पूर्वी उत्तर प्रदेश पर भी हवा के ऊपरी भाग में चक्रवात बना हुआ है। उत्तर-पूर्वी राजस्थान पर भी हवा के ऊपरी भाग में भी एक प्रभावी चक्रवात मौजूद है। मानसून द्रोणिका बीकानेर, शिवपुरी, सीधी, डाल्टनगंज, दीघा से होकर बंगाल की खाड़ी तक जा रही है। इसके अतिरिक्त दक्षिणी गुजरात से लेकर केरल तक अपतटीय द्रोणिका भी बनी हुई है। वर्तमान में अलग-अलग स्थानों पर हवा के ऊपरी भाग में तीन चक्रवात बने हुए हैं। मानसून द्रोणिका भी मध्य प्रदेश से होकर गुजर रही है।  अलग-अलग स्थानों पर बनी इन मौसम प्रणालियों के असर से प्रदेश में कहीं-कहीं वर्षा हो रही है। recent visitors 133

भारतीय खिलाड़ी 19 सितंबर को एक्शन में नजर आएंगे, इस साल के टीम इंडिया के शेड्यूल पर डालते हैं

मुंबई श्रीलंका दौरा समाप्त होने के बाद भारतीय खिलाड़ियों का 43 दिनों का लंबा ब्रेक मिला है। पिछले कुछ सालों में यह टीम इंडिया का अब तक का सबसे बड़ा ब्रेक है। आमतौर पर सीनियर खिलाड़ियों को रेस्ट दे दिया जाता था और युवा खिलाड़ियों के साथ भारतीय-बी टीम छोटी टीमों के साथ सीरीज खेलती नजर आती थी। मगर इस बार ऐसा नहीं है। 43 दिनों के इस लंबे ब्रेक के बाद अब भारतीय टीम सीधा 19 सितंबर को एक्शन में नजर आएगी। क्रिकेट फील्डर पर वापस लौटने के बाद टीम इंडिया का शेड्यूल काफी टाइट रहने वाला है। आईए एक नजर इस साल के टीम इंडिया के शेड्यूल पर डालते हैं- 19 सितंबर से बांग्लादेश का भारत दौरा भारतीय क्रिकेट टीम अब सीधा 19 सितंबर से एक्शन में नजर आएगी, जब बांग्लादेशी टीम दो मैच की टेस्ट और तीन मैट की टी20 सीरीज के लिए भारत का दौरा करेगी। यह टेस्ट सीरीज वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप का हिस्सा होगी, ऐसे में भारत की नजरें मेहमानों का सूपड़ा साफ कर अपनी बढ़त को और मजबूत करने पर होगी। फिलहाल भारत डब्ल्यूटीसी पॉइंट्स टेबल में पहले पायदान पर है। इंडिया वर्सेस बांग्लादेश पहला टेस्ट- चेन्नई (19 से 23 सितंबर) इंडिया वर्सेस बांग्लादेश दूसरा टेस्ट- कानपुर (27 सितंबर से 1 अक्टूबर) इंडिया वर्सेस बांग्लादेश पहला टी20- धर्मशाला (6 अक्टूबर) इंडिया वर्सेस बांग्लादेश दूसरा टी20- दिल्ली (9 अक्टूबर) इंडिया वर्सेस बांग्लादेश तीसरा टी20- हैदराबाद (12 अक्टूबर) बांग्लादेश के बाद न्यूजीलैंड की मेजबानी करेगा भारत भारतीय टीम को बांग्लादेश के बाद न्यूजीलैंड की मेजबानी करनी है। कीवी टीम भारत दौरे पर तीन मैच की टेस्ट सीरीज के लिए आएगी, यह सीरीज भी डब्ल्यूटीसी का हिस्सा रहने वाली है। बांग्लादेश के खिलाफ आखिरी टी20 और न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले टेस्ट के बीच सिर्फ 4 ही दिन का अंतर है। न्यूजीलैंड के भारत दौरे का आगाज 16 अक्टूबर से होगा। इंडिया वर्सेस न्यूजीलैंड पहला टेस्ट- बेंगलुरु (16 से 20 अक्टूबर) इंडिया वर्सेस न्यूजीलैंड दूसरा टेस्ट- पुणे (24 से 28 अक्टूबर) इंडिया वर्सेस न्यूजीलैंड तीसरा टेस्ट- मुंबई (1 से 5 नवंबर) भारत का साउथ अफ्रीका दौरा नवंबर में बांग्लादेश और न्यूजीलैंड की मेजबानी करने के बाद भारतीय टीम चार मैच की टी20 सीरीज के लिए साउथ अफ्रीका का दौरा करेगी। यह सीरीज 8 नवंबर से शुरू होगी और आखिरी मैच 15 नवंबर को खेला जाएगा। इंडिया वर्सेस साउथ अफ्रीका पहला टी20- डरबन (8 नवंबर) इंडिया वर्सेस साउथ अफ्रीका दूसरा टी20- गकबेर्हा (10 नवंबर) इंडिया वर्सेस साउथ अफ्रीका तीसरा टी20- सेंचुरियन (13 नवंबर) इंडिया वर्सेस साउथ अफ्रीका चौथा टी20- जोहानसबर्ग (15 नवंबर) भारत का ऑस्ट्रेलिया दौरा साउथ अफ्रीका के बाद भारतीय टीम का अगला दौरा ऑस्ट्रेलिया का होगा। बॉर्डर गावस्कर टेस्ट सीरीज में टीम इंडिया इस बार 4 की जगह 5 मैच की टेस्ट सीरीज खेलेगी। भारत ने पिछले दो दौरों पर ऑस्ट्रेलिया को उन्हीं के घर पर धूल चटाई है, ऐसे में टीम इंडिया की नजरें मेजबानों के खिलाफ जीत की हैट्रीक लगाने पर होगी। इंडिया वर्सेस ऑस्ट्रेलिया पहला टेस्ट- पर्थ (22 नवंबर से 26 नवंबर) इंडिया वर्सेस ऑस्ट्रेलिया दूसरा टेस्ट- एडिलेड (6 दिसंबर से 10 दिसंबर) इंडिया वर्सेस ऑस्ट्रेलिया तीसरे टेस्ट- ब्रिसबेन (14 दिसंबर से 18 दिसंबर) इंडिया वर्सेस ऑस्ट्रेलिया चौथा टेस्ट- मेलबर्न (26 दिसंबर से 30 दिसंबर) इंडिया वर्सेस ऑस्ट्रेलिया पांचवा टेस्ट- सिडनी (3 जनवरी से 7 जनवरी) जनवरी में इंग्लैंड की मेजबानी करेगा भारत ऑस्ट्रेलिया दौरे के बाद भारत अगले साल यानी 2025 की शुरुआत इंग्लैंड की मेजबानी के साथ करेगा। इंग्लिश टीम भारत दौरे पर 5 टी20 और तीन मैच की वनडे सीरीज के लिए आएगी। चैंपियंस ट्रॉफी से पहले यह वनडे सीरीज दोनों टीमों के लिए महत्वपूर्ण होगी। इंडिया वर्सेस इंग्लैंड पहला टी20- चेन्नई (22 जनवरी) इंडिया वर्सेस इंग्लैंड दूसरा टी20- कोलकाता (25 जनवरी) इंडिया वर्सेस इंग्लैंड तीसरा टी20- राजकोट (28 जनवरी) इंडिया वर्सेस इंग्लैंड चौथा टी20- पुणे (31 जनवरी) इंडिया वर्सेस इंग्लैंड पांचवा टी20- मुंबई (2 फरवरी) इंडिया वर्सेस इंग्लैंड पहला वनडे- नागपुर (6 फरवरी) इंडिया वर्सेस इंग्लैंड दूसरा वनडे- कटक (9 फरवरी) इंडिया वर्सेस इंग्लैंड तीसरा वनडे- अहमदाबाद (12 फरवरी) recent visitors 117

गाजा में इजरायल की घातक एयर स्ट्राइक, नमाज पढ़ रहे 100 से अधिक फिलिस्तीनियों की मौत

गाजा इजरायल द्वारा गाजा में लगातार बमबारी और एयर स्ट्राइक की जा रही है. अब एक ताजा हवाई हमले में 100 से अधिक फिलिस्तीनी नागरिकों के मारे जाने की खबर सामने आ रही है. फ़िलिस्तीनी समाचार एजेंसी WAFA के हवाले से रॉयटर्स ने बताया कि पूर्वी गाजा में विस्थापित लोगों के आवास वाले एक स्कूल को निशाना बनाकर किए गए इजरायली हमले में 100 से ज़्यादा लोग मारे गए हैं जबकि दर्जनों लोग घायल हुए हैं. हमास द्वारा संचालित गाजा सरकार के मीडिया कार्यालय के अनुसार, हमला उस समय हुआ जब लोग नमाज़ अदा कर रहे थे. कार्यालय ने एक बयान में कहा, "इजराइली हमलों ने फ़ज्र (सुबह) की नमाज़ अदा करते समय विस्थापित लोगों को निशाना बनाया, जिसके कारण हताहतों की संख्या में तेज़ी से वृद्धि हुई." लगातार हमले कर रहा है इजरायल पिछले हफ्ते गाजा में चार स्कूलों पर हमला किया गया था. 4 अगस्त को, गाजा शहर में विस्थापित लोगों के लिए आश्रय के रूप में काम करने वाले दो स्कूलों पर इजरायली हमला हुआ, जिसमें 30 लोग मारे गए और कई अन्य घायल हो गए थे. इससे पहले, गाजा शहर में हमामा स्कूल पर इजरायली हमले में 17 लोग मारे गए थे. तीन से ज्यादा रॉकेट छोड़े गए थे इजरायली सेना ने दावा किया है कि जिस स्कूल पर उसने शनिवार सुबह हमला किया, वह हमास मुख्यालय था और उसमें आतंकवादी मौजूद थे. रिपोर्ट के मुताबिक, गाजा शहर इस स्कूल में सुबह की नमाज की जा रही थी, तभी बमबारी हो गई. बताया गया कि तीन से ज्यादा रॉकेट छोड़े गए थे, जिसमें 100 से अधिक लोग मारे गए. स्थानीय मीडिया के अनुसार, स्कूल में आग लग गई है और बचाव दल उसे बुझाने के लिए काम कर रहे हैं. वहीं, इजरायली सेना ने एक बयान में कहा कि उन्होंने अल-तबीन स्कूल के अंदर स्थित सैन्य कमान मुख्यालय में काम करने वाले आतंकवादियों पर हमला किया था. सेना ने दावा किया है कि नागरिकों पर पर हमला नहीं किया गया. इजराइली रॉकेट नमाज के दौरान गिरे यह बम आज सुबह की नमाज के समय गिरे. स्थानीय मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार स्कूल में आग लग गई है और बचाव दल इसे बुझाने के लिए काम कर रहे हैं. गाजा के निवासियों ने बताया कि स्कूल पर तीन रॉकेट उस समय गिरे, जब लोग नमाज पढ़ रहे थे. फिलिस्तीनी पत्रकार होसम शबात के अनुसार, गाजा शहर में बमबारी वाले एक स्कूल में फिलिस्तीनी लोग फंस गए हैं, क्योंकि इमारत में आग लग गई है. आग बुझाने में दिक्कत हो रही है, क्योंकि इजरायली सेना ने पानी की सप्लाई भी काट दी है.  1 अगस्त को दलाल अल-मुगराबी स्कूल पर इजरायली हमले में 15 लोग मारे गए थे.7 अक्टूबर, 2023 को हमास द्वारा किए गए हमले के बाद इजरायल ने  हमास के खिलाफ बड़े पैमाने पर सैन्य हमला शुरू कर दिया था. इसके बाद से ही इजरायल लगातार गाजा में स्कूलों सहित इमारतों पर हमले कर रहा है. इजरायल का दावा है कि परिसर के अंदर "आतंकवादी" हैं जो "हमास कमांड कंट्रोल सेंटर" के रूप में काम कर रहे हैं. 40 हजार से अधिक की हो चुकी है मौत 10 महीने लंबे युद्ध में गाजा में 40,000 से अधिक फिलिस्तीनी मारे गए हैं. युद्ध से तबाह तटीय फिलिस्तीनी क्षेत्र में युद्ध विराम के लिए कई दौर की वार्ता हो चुकी है, लेकिन अभी तक कोई सफलता नहीं मिली है.   recent visitors 102