दंतैल हाथी के हमले में महिला की मौत, छत्तीसगढ़-कोरबा में कुसमुंडा खदान में पहुंचा

कोरबा. एक दंतैल हाथी जंगल से भटक कर गांव के मुख्य मार्ग पर जा पहुंचा जहां एसईसीएल कुसमुंडा खदान के करीब तक जा पहुंचा है। पहली बार ऐसा हुआ है कि हाथी शहर की इतने करीब मुख्य मार्ग तक जा पहुंचा। जहां हाथी गांव के अंदर गली में घूमता हुआ नजर आ रहा है। सुबह मॉर्निंग वॉक पर निकली ग्रामीण महिला गायत्री बाई पर हाथी ने हमला कर दिया और वे गंभीर रूप से घायल हो गई। जहां गायत्री के परिजन उसे तत्काल लेकर निजी अस्पताल पहुंचे जहां इलाज के दौरान महिला ने दम तोड़ दिया। बताया जा रहा है कि दंतैल हाथी तड़के सुबह जांजगीर-चांपा जिले के पंतोरा जंगल से कोरबा के नराईबोध आमगांव रलिया पहुंचा। जहां नराईबोध निवासी घायल गायत्री के नाती अनमोल कुमार ने बताया कि उसकी दादी रोज की तरह गुरुवार की सुबह मॉर्निंग वॉक करने निकली हुई थीं। इस दौरान अचानक हाथी पीछे से आकर उनपर हमला कर दिया और वह बेहोशी हालत में पड़ी हुई थी। ग्रामीण सूचना पर मौके पर पहुंचे और उसे अस्पताल लेकर गए। ग्रामीणों ने बताया कि हाथी की आने की सूचना के बाद लोग दहशत में हैं। वहीं, घर से बाहर नहीं निकल रहे हैं। वहीं, कई लोग हाथी के साथ छेड़छाड़ करते नजर आए। कोई अपने मोबाइल में वीडियो बना रहा था तो कई लोग उसे खदेड़ने के लिए उसके करीब जा रहे थे। जिस वजह से हाथी गुस्से में इधर-उधर भाग रहा था। वहीं, हाथी गांव में पहुंचने की सूचना पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुचीं और हाथी पर नजर बनाए रखी है। वहीं, ग्रामीणों को वन विभाग की टीम समझा रही है कि हाथी के करीब ना जाए। दंतैल हाथी काफी आक्रोशित है और एसईसीएल कुमुण्डा खदान के आसपास मुख्य मार्ग पर पहुच गया और हाथी मवेशियों को दौड़ाता हुआ नजर आया। वहीं, हाथी के करीब से बाइक सवार जान जोखिम में डाल कर आवाजाही करते नजर आए। सूचना मिलते ही कोरबा डीएफओ और कटघोरा डीएफओ पहुंचे मौके पर पहुंचे और वन कर्मियों को दिशा निर्देश दिया गया ताकि हाथी शहर की ओर प्रवेश न कर सके। उसे रेस्क्यू कर जंगल की ओर खदेड़ने का प्रयास किया गया। वन विभाग की टीम हाथी पर निगरानी रखी हुई है। नरईबोध गेवरा बस्ती व आसपास के गांव में लोगों में दहशत का माहौल बन गया है। recent visitors 70

Uzbekistan-Sri Lanka के साइबर ठगों के निशाने पर MP के कलेक्टर और IAS

भोपाल मध्यप्रदेश के कलेक्टर (आईएएस अफसर) साइबर ठगों के निशाने पर हैं। बीते दो दिन में साइबर ठगों ने प्रदेश के 6 कलेक्टरों के नाम पर ठगी करने की कोशिश की है। ये कलेक्टर जबलपुर, धार, सिवनी, उमरिया, शहडोल और शिवपुरी के हैं।  सायबर फ्रॉड के नए-नए तरीके ईजाद कर ये ठग किसी को भी चपत लगा सकते हैं. पिछले कुछ समय से व्हाट्सएप नंबर से कॉल करने लोगों को झांसा देकर रुपयों की डिमांड कर राशि ऐंठी जा रही है. अब सायबर ठगों के निशाने पर शहडोल कलेक्टर भी आ गए. शहडोल कलेक्टर तरुण भटनागर के नाम से फर्जी व्हाट्सएप डीपी लगाकर लोगों से पैसों की डिमांड की जा ही है. जबलपुर कलेक्टर का पहले भी फेसबुक अकाउंट हैक हो चुका है। इससे पहले लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह के नाम से भी फेसबुक पर फर्जी आईडी बनाकर ठगी करने की कोशिश की गई थी। 6 अफसरों से कैसे ठगी की कोशिश की गई…पढ़िए ये रिपोर्ट भोपाल में पदस्थ एडीएम रघुवंशी को भेजा मैसेज 7 अगस्त को ‎शिवपुरी कलेक्टर चौधरी के नाम से बने फेक वाट्सएप‎ अकाउंट से भोपाल में पदस्थ एवं तत्कालीन शिवपुरी एडीएम ‎विवेक रघुवंशी के पास मैसेज पहुंचा। हाय, हैलो का मैसेज‎ दूसरे वाट्सएप नंबर से मिला तो एडीएम रघुवंशी ने तुरंत ही ‎कलेक्टर चौधरी से उनके व्यक्तिगत नंबर पर संपर्क किया। इस ‎बात का कलेक्टर शिवपुरी काे पता चला तो उन्होंने कहा कि‎ उन्होंने दूसरा कोई वाट्सएप अकाउंट नहीं बनाया है। कलेक्टर ने कहा कि मेरे नाम से किसी‎ ने फर्जी अकाउंट बना लिया है।‎ यदि किसी को मैसेज रिसीव होता है तो ‎तुरंत रिपोर्ट करें और नंबर को ब्लॉक कर‎ दें।‎ अब बात जबलपुर कलेक्टर की 7 अगस्त को जालसाजों ने कलेक्टर दीपक सक्सेना के नाम से उनके रिश्तेदार से 25 हजार की ठगी की है। ठग ने साइबर फ्रॉड करते हुए वाट्सएप पर कलेक्टर दीपक की फोटो लगाई। फिर कई रिश्तेदारों को मैसेज किया। झांसे में आकर एक रिश्तेदार ने 25 हजार ट्रांसफर भी कर दिए गए। दीपक सक्सेना को ठगी का पता चला तो हैरान हो गए। सक्सेना ने फर्जी फेसबुक आईडी ब्लॉक कर आरोपी की तलाश के निर्देश साइबर सेल को दिए हैं। कलेक्टर ने अपनी फेसबुक आईडी पर फेक लिखते हुए कहा है कि अज्ञात नंबर से उनकी प्रोफाइल फोटो लगाकर लोगों से संपर्क किया जा रहा है। जिससे लोगों को धोखा हो रहा है। उन्होंने कहा है कि इन नंबरों का कलेक्टर जबलपुर से कोई संबंध नहीं है। नंबर फर्जी हैं। शहडोल कलेक्टर ने अपील में क्या कहा यह मामला जब कलेक्टर के सामने आया तो उन्होंने ने लोगों से विशेष अपील की. शहडोल कलेक्टर तरुण भटनागर ने फर्जी व्हाट्सएप नंबर के माध्यम से पैसों की डिमांड करने के मामले में संज्ञान लेकर सोशल मीडिया पर हुई चैटिंग पोस्ट की और जिले के नागरिकों से अपील की है "यदि कोई मैसेज आता है तो सतर्क रहें. उनकी बातों में नहीं आए. अपने बैंक खाता एवं पहचान से संबंधित जानकारी बिल्कुल भी साझा ना करें." इसकी जानकारी कलेक्टर ने जनसंपर्क विभाग में भी साझा की. सायबर ठगों से सावधान रहने की जरूरत गौरतलब है कि इन दिनों सोशल मीडिया और ऑनलाइन के माध्यम से नए तरीके के क्राइम सामने आ रहे हैं. सायबर फ्रॉड की घटनाएं रोज सामने आ रही हैं. फर्जी व्हाट्सएप अकाउंट बनाकर पैसे मांगने का यह मामला नया नहीं है लेकिन जिस तरह से अब अधिकारी भी निशाने पर आ रहे हैं, यह मामला काफी गंभीर है. इसलिए लोगों को बहुत सचेत रहने की जरूरत है. क्योंकि जरा सी असावधानी आपके बैंक अकाउंट को साफ कर सकती है. ऐसे ठगी को दिया गया अंजाम वाट्सएप नंबर (94785265198) पर कलेक्टर प्रियंक मिश्रा का फोटो लगा हुआ था। साथ ही नंबर पर नाम IAS मिश्रा लिखा था। इसके बाद कुछ लोगों को मैसेज भी किए गए। इसमें लिखा था कि मुझे कुछ पैसे चाहिए। कृपया आप मेरे लिए तत्काल करें क्योंकि मैं वर्तमान में सीमित फोन कॉल के साथ एक बहुत ही अहम बैठक में भाग ले रहा हूं। इस तरह के मैसेज आने के बाद प्रशासन हरकत में आया है। कलेक्टर मिश्रा ने इसको लेकर एक अलर्ट जारी करवाया हैं। कलेक्टर के अनुसार वाट्सएप के माध्यम से लोगों से अज्ञात व्यक्ति के द्वारा मैसेज किए जा रहे है। इस तरह की धोखाधड़ी से सावधान रहे। पैसे ट्रांसफर करने के मैसेज की रिपोर्ट करें। श्रीलंका का नंबर इस्तेमाल किया गया बुधवार दोपहर के समय नंबर को लेकर सूचना साइबर क्राइम ब्रांच को मिली हैं। जिसमें एक स्क्रीनशॉट्स भी दिया गया है। मामला कलेक्टर से जुड़ा होने के कारण तुरंत पुलिस हरकत में आई और नंबर की जानकारी जुटाई जा रही है। जानकारी सामने आई हैं कि नंबर श्रीलंका से चलाया जा रहा है। साइबर क्राइम ब्रांच पुलिस कर रही जांच इस मामले में साइबर क्राइम ब्रांच पुलिस टीम जांच कर रही है। पुलिस को तकनीकि संसाधनों का उनयोग करने पर जानकारी मिली थी कि उक्‍त नंबर श्रीलंका से संचालित किया जा रहा है। अज्ञात व्यक्ति ने लोगों को सिर्फ नार्मल मैसेज ही किया था, कोई रुपयों की मांग की बात अभी तक जांच में सामने नहीं आई है। ऐसे में साइबर क्राइम ब्रांच टीम ने व्हाटसअप के ऑफिस पर संपर्क किया हैं, अब उक्‍त नंबर से बने व्हाटसअप के अकाउंट को ही ब्लॉक करवाया जा रहा हैं, ताकि उक्‍त नंबर को उपयोग आगे नहीं हो सके। साथ ही साइबर क्राइम ब्रांच टीम ने लोगों को जागरुक करने के लिए एडवाईजरी भी जारी की है। ऐसी ठगी को दिया अंजाम ठगों ने +9989542 229570 वाट्सएप नंबर पर कलेक्टर दीपक कुमार सक्सेना की फोटो लगाई। WhatsApp नंबर से कलेक्टर के कई रिश्तेदारों को मैसेज किया। मैसेज में लिखा है कि मैं जबलपुर कलेक्टर दीपक सक्सेना बोल रहा हूं। पहचान गए होंगे मुझे आप। मुझे अचानक ही 25,000 की जरूरत पड़ गई है। क्या? आप मेरी मदद कर देंगे। कलेक्टर के एक रिश्तेदार ने झांसे में UPI के जरिए 25,000 रुपए ट्रांसफर कर दिए गए।   धार कलेक्टर का मामला 7 अगस्त को ही धार कलेक्टर प्रियंक मिश्रा के नाम से वाट्सएप पर अकाउंट बनाने का मामला सामने आया है। जिसमें अज्ञात व्यक्ति ने कलेक्टर की फोटो लगाकर कुछ मैसेज भी … Read more

RBI ने नहीं बदली आपके लोन की EMI, रेपो रेट ज्यों की त्यों

नई दिल्ली भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मॉनीटरी पॉलिसी कमेटी (MPC) ने रेपो रेट में एक बार फिर कोई बदलाव नहीं किया है। यह लगातार नौवां मौका है जब इसे यथावत रखा है। मंगलवार को शुरू हुई एमपीसी की मीटिंग में लिए गए फैसलों की जानकारी देते हुए आरबीआई के गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि रेपो रेट को एक बार फिर 6.5% पर बरकरार रखने का फैसला लिया गया है। केंद्र में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में तीसरी बार सरकार बनने के बाद एमपीसी की यह पहली बैठक और कुल 50वीं बैठक थी। दास ने कहा कि मौद्रिक नीति समिति के छह सदस्यों में से चार ने नीतिगत दर को यथावत रखने के निर्णय के पक्ष में मत दिया। रेपो रेट के यथावत रहने का मतलब है कि आपके लोन की किस्त में कोई बदलाव नहीं होगा। रेपो रेट वह दर होती है जिस पर आरबीआई बैंकों को लोन देता है। इसके कम होने से आपके होम लोन, पर्सनल लोन और कार लोन की किस्त कम होती है। आरबीआई ने रेपो रेट आखिरी बार बदलाव पिछले साल फरवरी में किया था। तब इसे 0.25% बढ़ाकर 6.50% किया गया था। दास ने कहा कि समिति ने ग्रोथ को सुनिश्चित करने के लिए महंगाई पर फोकस करने और कीमतों में स्थिरता को सपोर्ट करने का फैसला किया है। मुख्य महंगाई के अप्रैल-मई में स्थिर रहने के बाद जून में इसमें तेजी आई। तीसरी तिमाही में महंगाई में कमी आने की उम्मीद है। ग्लोबल इकनॉमिक आउटलुक में अनईवन एक्सपेंशन दिख रहा है। कुछ देशों के केंद्रीय बैंकों में अपना पॉलिसी रुख सख्त किया है। डेमोग्राफिक शिफ्ट, जियोपॉलिटिकल तनाव और सरकारों के बढ़ते कर्ज से नई तरह की चुनौतियां पैदा हो रही हैं। उन्होंने कहा कि 2024-25 में जीडीपी ग्रोथ रेट 7.2 फीसदी रहने का अनुमान है। इसके पहली तिमाही में 7.1%, दूसरी तिमाही में 7.2%, तीसरी तिमाही में 7.3% और चौथी तिमाही में 7.2% रहने की उम्मीद है। कब कम होगी महंगाई दास ने कहा कि एमपीसी ने उदार रुख को वापस लेने का रुख बरकरार रखा है। उन्होंने कहा कि महंगाई में व्यापक रूप से गिरावट का रुख दिख रहा है। तीसरी तिमाही में आधार प्रभाव के लाभ से कुल महंगाई नीचे आ सकती है। हालांकि उन्होंने साथ ही कहा कि महंगाई में खाने-पीने की चीजों की कीमत में तेजी अब भी चिंता का विषय बनी हुई है। परिवारों की खपत से मांग में सुधार को समर्थन मिल रहा है। उन्होंने कहा कि खुदरा महंगाई चालू वित्त वर्ष में 4.5 प्रतिशत रहने का अनुमान है। दक्षिण-पश्चिम मॉनसून में तेजी से खुदरा महंगाई में कुछ राहत मिलने की उम्मीद है। घरेलू मांग बढ़ने से विनिर्माण गतिविधियों में तेजी जारी है और सेवा क्षेत्र की रफ्तार भी बरकरार है। उन्होंने कहा कि कृत्रिम मेधा (AI) जैसी नई प्रौद्योगिकियां वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए नई चुनौतियां पेश करती हैं। क्या होता है रेपो रेट हालांकि महंगाई से जुड़ी चिंताओं और आर्थिक वृद्धि की मजबूत रफ्तार को देखते हुए इस बार भी नीतिगत ब्याज दर में किसी बदलाव की कम ही संभावना थी। ब्लूमबर्ग के एक सर्वे में भी 43 में से 42 अर्थशास्त्रियों ने रेपो रेट के यथावत रहने की बात कही थी। जून में खुदरा महंगाई चार महीनों के उच्च स्तर 5.08% पर पहुंच गई थी। खासकर सब्जियों एवं अन्य कुछ प्रमुख खाद्य वस्तुओं की कीमतें बढ़ने से खुदरा महंगाई बढ़ी है। जुलाई में घर का बना खाना महंगा हो गया है। शाकाहारी यानी वेज थाली 11% महंगी हुई है। वहीं, नॉन-वेज थाली की कीमत में 6% की बढ़ोतरी हुई। प्याज, टमाटर और आलू जैसी सब्जियों के दाम बढ़ने से घर के खाने का खर्च बढ़ा है। जिस तरह से आप बैंकों से अपनी जरूरतों के लिए लोन लेते हैं, उसी तरह से पब्लिक और कमर्शियल बैंकों भी अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए रिजर्व बैंक से लोन लेते हैं। जिस तरह से आप कर्ज पर ब्याज चुकाते हैं, उसी तरह से बैंकों को भी ब्याज चुकाना होता है। यानी भारतीय रिजर्व बैंक की जिस ब्‍याज दर पर बैंकों को लोन देता है, वो रेपो रेट कहलाता है। रेपो रेट कम होने का मतलब बैंकों को सस्ता लोन मिलेगा। अगर बैंकों को लोन सस्ता मिलेगा तो वो अपने ग्राहकों को भी सस्ता लोन देंगे। यानी अगर रेपो रेट कम होता है तो इसकी सीधा फायदा आम लोगों को मिलता है। अगर रेपो रेट बढ़ता है तो आम आदमी के लिए भी मुश्किलें बढ़ती है। recent visitors 102

ओरछा : जीतू पटवारी ने रामराजा सरकार के दर्शन कर प्रदेश वासियों की खुशहाली हेतु कामना की

Jitu Patwari reached Orchha, visited Ramraja government and wished for the prosperity of the people of the state.

Jitu Patwari reached Orchha, visited Ramraja government and wished for the prosperity of the people of the state.

श्योपुर में खाद विभाग की टीम ने दूध डेयरी पर मारा छापा, मिला बदबूदार पनीर, बड़ी मात्रा में पॉम ऑयल बरामद

श्योपुर मध्यप्रदेश के श्योपुर में मिलावटी दुग्ध उत्पाद के काले कारोबार के खिलाफ फूड सेफ्टी विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है. कार्रवाई शहर से सटे क्षेत्र संचालित एक दुग्ध फैक्ट्री पर की गई जहां मिलावटी दूध, पनीर और घी बनाने का काम होते पाया गया. फैक्ट्री से लिक्विड डिटर्जेंट, पोटाश और हाइड्रोजन परॉक्साइड जैसे उत्पाद भी बड़ी मात्रा में बरामद हुए हैं, जो मिलावटी दूध आदि बनाने में उपयोग में लाए जाते हैं. शहर के पुलिस लाइन रोड पर कलेक्ट्रेट के नजदीक राधे किशना फूड प्रोडक्ट फैक्ट्री पर मिलावटी दुग्ध उत्पाद निर्माण की प्रशासन को लगातार शिकायतें मिल रही थीं. जिला कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़ के निर्देश पर बुधवार शाम को यहां फूड सेफ्टी टीम ने छापा मारा तो फैक्ट्री से मिलावटी दूध बनाने वाली सामग्री बरामद की. टीम ने वहां मिले दूध, घी, पनीर आदि सामग्री के सैंपल ले लिए हैं, जिन्हें जांच के लिए भोपाल भेजा जाएगा. साथ ही यहां उपलब्ध दूध, घी और पनीर आदि सामग्री को नष्ट करा दिया गया है. खाद्य सुरक्षा विभाग के छापे में डेयरी पर दो कड़ाहियों में लगभग 80-80 लीटर दूध गर्म होते पाया गया और एक ड्रम में 40 लीटर दूध पाया गया. पनीर के 10 सांचों में लगभग 40 किलो पनीर मिला, एक ड्रम मिल्क क्रीम, 100 लीटर के लगभग देशी घी प्राप्त हुआ, लेकिन दूध किस दूधिये ने दिया, उसके यहां इतनी भैंस-गाय आदि हैं या नहीं? इससे जुड़ा कोई रिकॉर्ड नहीं मिला, जबकि तत्कालीन कलेक्टर संजय कुमार द्वारा यह निर्देश दिए हुए हैं. बड़ी मात्रा में पॉम ऑयल बरामद खाद्य सुरक्षा विभाग के छापे में डेयरी पर दो कढ़ाई में लगभग 80-80 लीटर दूध गर्म होते पाया गया.  एक ड्रम में 40 लीटर दूध पाया गया. पनीर के 10 सांचों में लगभग 40 किलो पनीर मिला, एक ड्रम मिल्क क्रीम, 100 लीटर के लगभग देशी घी प्राप्त हुआ, लेकिन दूध किस दूधिये ने दिया, उसके यहां इतनी भैंस-गाय आदि हैं या नहीं? इससे जुड़ा कोई रिकॉर्ड नहीं मिला, जबकि तत्कालीन कलेक्टर संजय कुमार द्वारा यह निर्देश दिए हुए हैं. साथ ही डेयरी पर बेस्ट च्वाइस रिफाइंड पॉम ऑयल का टीन, एक कट्टे में पोटाश तथा एक कट्टी में 4 किलो के लगभग लिक्विड डिटर्जेंट पाया गया. एक अन्य कट्टी में हाइड्रोजन परॉक्साइड, संचालक के घर पर 20 टीन बेस्ट च्वाइस रिफाइंड पॉम ऑयल भी मिला है. जिससे इस सामग्री के मिलावटी होने की संभावना पर यहां मिली सामग्री को टीम ने नष्ट करा दिया है. डेयरी संचालक के खिलाफ आगे की कार्रवाई की जा रही है. साथ ही डेयरी पर बेस्ट च्वाइस रिफाइंड पॉम ऑयल का टीन, एक कट्टे में पोटाश तथा एक कट्टी में 4 किलो के लगभग लिक्विड डिटर्जेंट पाया गया. एक अन्य कट्टी में हाइड्रोजन परॉक्साइड, संचालक के घर पर 20 टीन बेस्ट च्वाइस रिफाइंड पॉम ऑयल भी मिला है. जिससे इस सामग्री के मिलावटी होने की संभावना पर यहां मिली. सामग्री को टीम ने नष्ट करा दिया है. डेयरी संचालक के खिलाफ आगे की कार्रवाई की जा रही है.   recent visitors 88

सरकार वक्फ बोर्ड अधिनियम में संशोधन लाकर हम किसी को निशाना नहीं बना रहे हैं: केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी

नई दिल्ली केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने गुरुवार को कहा कि केंद्र सरकार वक्फ बोर्ड अधिनियम में संशोधन लाकर किसी को निशाना नहीं बना रही है और विपक्षी दल "केवल माहौल बनाना चाहते हैं।" प्रह्लाद जोशी ने कहा, "हम किसी को निशाना नहीं बना रहे हैं। वे (विपक्ष) केवल माहौल बनाना चाहते हैं। हमारे मंत्री बिल पेश करते समय विस्तार से बताएंगे। वे समुदाय के कुछ लोगों को गुमराह करना चाहते हैं। वे भारत की छवि खराब करने की कोशिश कर रहे हैं। हम दुनिया के सबसे अच्छे लोकतंत्रों में से एक हैं।" रिजिजू ने लोकसभा में पेश किया बिल संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने गुरुवार को लोकसभा में वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2024 पेश किया। कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने सदन में विधेयक का विरोध किया और इसे "संघीय व्यवस्था पर हमला" करार दिया। वेणुगोपाल ने सदन में विधेयक पर बोलते हुए कहा, "हम हिंदू हैं, लेकिन साथ ही हम दूसरे धर्मों की आस्था का भी सम्मान करते हैं। यह विधेयक महाराष्ट्र और हरियाणा चुनावों के लिए खास है। आप नहीं समझते कि पिछली बार भारत की जनता ने आपको सबक सिखाया था। यह संघीय व्यवस्था पर हमला है।"   यह अनुच्छेद 30 का उल्लंघन- डीएमके सांसद डीएमके सांसद कनिमोझी ने कहा कि यह अनुच्छेद 30 का सीधा उल्लंघन है, जो अल्पसंख्यकों को अपने संस्थानों का प्रशासन करने से संबंधित है। उन्होंने कहा, "यह विधेयक एक खास धार्मिक समूह को लक्षित करता है।" जेएमएम सांसद महुआ माजी ने कहा कि किसी खास धर्म को निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए। आरजेडी इस बिल का विरोध करेंगे आरजेडी सांसद मीसा भारती ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी और आरजेडी इस बिल का विरोध करेंगे। उन्होंने कहा, "सरकार बेरोजगारी, महंगाई के मुद्दों पर बात नहीं कर रही है।" टीएमसी सांसद सुदीप बंद्योपाध्याय ने कहा, "यह संशोधन बिल स्थायी समिति के माध्यम से आना चाहिए। हम (विपक्ष) एकजुट होकर इस बिल का विरोध करेंगे।" भाजपा नेताओं ने वक्फ बोर्ड अधिनियम में प्रस्तावित संशोधनों का समर्थन किया, जिसे आज निचले सदन में पेश किया गया।   यह समय की मांग- अब्बास नकवी पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि यह बिल वक्फ बोर्ड व्यवस्था के नाम पर हो रहे उत्पीड़न का समाधान प्रदान करने के लिए है। उन्होंने कहा, "यह समय की मांग है। संविधान के दायरे में यह विधेयक लाया जा रहा है और यह विकास के मार्ग को मजबूत करेगा। इस पर उचित चर्चा होनी चाहिए लेकिन आप इसे रोक नहीं सकते, आप इसे गुमराह नहीं कर सकते।" जानिए वक्फ अधिनियम के बारे में? वक्फ अधिनियम, 1995 में संशोधन के लिए आज लोकसभा में वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2024 पेश किया गया। विधेयक का उद्देश्य राज्य वक्फ बोर्डों की शक्तियों, वक्फ संपत्तियों के पंजीकरण और सर्वेक्षण तथा अतिक्रमण हटाने से संबंधित "मुद्दों का प्रभावी ढंग से समाधान" करना है। वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2024, वक्फ अधिनियम, 1995 का नाम बदलकर एकीकृत वक्फ प्रबंधन, सशक्तीकरण, दक्षता और विकास अधिनियम, 1995 करने का प्रावधान करता है। यह स्पष्ट रूप से "वक्फ" को किसी भी व्यक्ति द्वारा कम से कम पांच साल तक इस्लाम का पालन करने और ऐसी संपत्ति का स्वामित्व रखने के रूप में परिभाषित करने और यह सुनिश्चित करने का प्रयास करता है कि वक्फ-अल-औलाद के निर्माण से महिलाओं को उत्तराधिकार के अधिकारों से वंचित नहीं किया जाता है।   recent visitors 106