मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बालाघाट में प्रदेश के 51वें आयुर्वेदिक कॉलेज की रखी गई नींव

मध्यप्रदेश की धरती पर अब नहीं बचेंगे नक्सली : मुख्यमंत्री डॉ. यादव राज्य सरकार नक्सलियों से निपटने में पूरी तरह सक्षम, नक्सली सरेंडर करें, नहीं तो मारे जाएंगे मुख्यमंत्री ने नक्सल ऑपरेशन में शामिल 64 पुलिसकर्मियों को दी क्रम पूर्व पदोन्नति बालाघाट में हुआ 169 करोड़ लागत के 93 विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमि-पूजन बालाघाट में प्रदेश के 51वें आयुर्वेदिक कॉलेज की रखी गई नींव मुख्यमंत्री ने जल गंगा संवर्धन अभियान की प्रदर्शनी का किया अवलोकन  बालाघाट मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में वर्ष-2026 तक देशभर से नक्सलवाद के खात्मे का संकल्प लिया गया है। इसे पूरा करने के लिए मध्यप्रदेश सरकार भी केंद्र सरकार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर कार्य कर रही है। इसी क्रम में बालाघाट जिले के पिछले दिनों नक्सल मुठभेड़ों में शामिल रहे पुलिस फोर्स, हॉक फोर्स और विशेष सशस्त्र बल के 64 पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारियों को क्रम पूर्व पदोन्नति प्रदान की गई है। राज्य सरकार का यह महत्वपूर्ण कदम पुलिसकर्मियों का हौसला बढ़ाएगा। क्रम पूर्व पदोन्नति पुलिस इतिहास में स्वर्णिम क्षण है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बालाघाट कभी अत्यधिक नक्सल प्रभावित 12 जिलों की सूची में शामिल था। सरकार की मंशा और पुलिस के परिश्रम से अब केंद्र सरकार ने बालाघाट को गंभीर समस्या वाली श्रेणी से बाहर कर अन्य श्रेणी में रखा है। बालाघाट में नक्सल गतिविधियों में गिरावट प्रशंसनीय है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को बालाघाट के लांजी में आयोजित क्रम से पूर्व पदोन्नति अलंकरण समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने बैज लगाकर पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को पदोन्नत कर किया और बधाई दी। राज्य सरकार नक्सलियों से निपटने में सक्षम मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारतीय सेना ने पाकिस्तान को 4 दिन की लड़ाई में पस्त कर दिया। गृह मंत्री शाह के नेतृत्व में देशभर में नक्सल विरोधी अभियान संचालित हो रहा है। इस अभियान को मजबूती देने के लिए मध्यप्रदेश पुलिस को आधुनिक हथियारों और तकनीक से लैस किया जा रहा है। राज्य सरकार नक्सलियों से निपटने में पूरी तरह सक्षम है। बालाघाट की धरती पर यह अलंकरण समारोह नक्सलियों को सीधा संदेश है कि वे सरेंडर करें नहीं तो मारे जाएंगे। प्रदेश की धरती पर नक्सल का खूनी खेल अब नहीं चलेगा। उन्होंने कहा कि आज बालाघाट में पुलिस के वीरों का सम्मान हो रहा है। पुलिसकर्मी जान की बाजी लगाकर नागरिकों की सुरक्षा करते है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सर्वोच्च बलिदान देने वाले 37 वीर पुलिसकर्मियों को नमन करते हुए कहा कि जिसका जन्म हुआ है, उसकी मृत्यु निश्चित है, लेकिन मृत्यु ऐसी हो, जिस पर देश, प्रदेश और समाज गर्व करे। बालाघाट में 169 करोड़ लागत के विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमि-पूजन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समारोह में जल गंगा संवर्धन अभियान में बालाघाट जिले में किए गए विकास कार्यों की प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। उन्होंने 169 करोड़ रुपए लागत के 93 विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमि-पूजन किया। इनमें आयुर्वेदिक महाविद्यालय भी शामिल है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बालाघाट में प्रदेश के 51वें आयुर्वेदिक कॉलेज की नींव रखी। इस अवसर पर सांसद श्रीमती भारती पारधी, विधायक लांजी राजकुमार कर्राहे, विधायक वारासिवनी विक्की पटेल, विधायक गौरव पारधी, पूर्व मंत्री प्रदीप जायसवाल और रामकिशोर कावरे उपस्थित रहे। बालाघाट खनिज और जल संपदा से परिपूर्ण मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बालाघाट खनिज और जल संपदा से परिपूर्ण है। यहां तांबा और मैग्नीज के भंडार हैं। बालाघाट के चिन्नौर चावल को जीआई टैग प्राप्त होना, हमारे लिये गौरव की बात है। बालाघाट में नक्सलियों के खात्मे के साथ विकास के कार्य भी निरंतर जारी हैं। यहां आयुर्वेद से जुड़ी भरपूर संपदा है। नर्सिंग और पैरामेडिकल के कोर्स भी आयुर्वेदिक कॉलेज में चलाए जाएंगे। एक समय था जब वर्ष 2002-03 तक मध्यप्रदेश में एलोपैथी के मात्र 5 मेडिकल कॉलेज थे। अब प्रदेश में इनकी संख्या 30 है। इसके अतिरिक्त 8 और नए मेडिकल कॉलेज खुलने वाले हैं। पीएम जनमन अभियान में बालाघाट में बन रही देश में पहली सड़क मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बालाघाट में सड़क विकास पर भी जोर दिया जा रहा है। पीएम जनमन अभियान में देश में पहली सड़क बालाघाट में बन रही है, जो 23 किलोमीटर लंबी है। हमारी सरकार बेघरों को घर देकर गरीब से गरीब व्यक्ति की जिंदगी बेहतर करने का प्रयास कर रही है। आगामी 26 मई को नरसिंहपुर में कृषि मेला लगेगा। यहां किसानों को कई महत्वपूर्ण जानकारियां प्रदान की जाएंगी। राज्य सरकार टमाटर सहित अन्य सब्जियों के भंडारण एवं प्र-संस्करण के लिए व्यवथा कर रही है। किसानों से 2600 रुपए प्रति क्विंटल गेहूं खरीदकर उन्हें लाभ दिया गया है। जल संरक्षण और संवर्धन के लिए 30 जून तक अभियान चल रहा है। बालाघाट में तालाब, नदी, कुंए, बावड़ी सहित सभी जल स्त्रोतों का संरक्षण किया जा रहा है। युवाओं को गांव में ही रोजगार उपलब्ध कराने के लिए प्रयासरत मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नदी जोड़ों परियोजनाओं से सिंचाई का रकबा बढ़ेगा। राज्य सरकार किसानों को मात्र 10 प्रतिशत राशि पर 30 लाख से अधिक सोलर पंप दे रही है। किसानों से अतिरिक्त बिजली खरीदकर उन्हें लाभान्वित किया जाएगा। राज्य सरकार ने किसानों को और अधिक लाभ देने के लिये डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना की शुरुआत की है। किसान खेती के साथ दूध उत्पादन से भी आय बढ़ाएं। सरकार दूध खरीदेगी, किसानों को रोज पैसे मिलेंगे। प्रदेश में दूध उत्पादन को 9 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत तक करने का लक्ष्य रखा गया है। इसी के साथ सरकार ने गौशालाओं के लिए प्रति गाय अनुदान 20 रुपए को बढ़ाकर 40 रुपए किया है। राज्य सरकार ने वृंदावन ग्राम योजना भी शुरू की है। युवाओं को गांव में ही रोजगार उपलब्ध कराने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रदेश के कर्मचारियों के हितैषी: मंत्री सिंह बालाघाट के प्रभारी एवं स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कहा कि आज क्रम पूर्व पदोन्नति पाने वाले पुलिसकर्मियों ने त्याग और सेवा भावना से प्रदेश को गौरवान्वित किया है। यह संदेश है कि जो कर्मचारी बेहतर कार्य करते हैं, उन्हें सरकार प्रोत्साहित करती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रदेश के … Read more

6 शहरों में खेले जाएंगे आईपीएल के शेष मुकाबले, कहां होगा आपकी टीम का मैच, क्या लिस्ट में है …

मुंबई टाटा आईपीएल 2025 को फिर से शुरू करने की घोषणा हो गई है. 17 मई 2025 से शुरू होकर 3 जून 2025 को फाइनल तक 6 स्थानों पर कुल 17 मैच खेले जाएंगे. संशोधित कार्यक्रम में दो डबल-हेडर शामिल हैं, जो दो रविवार को खेले जाएंगे. बता दें कि भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष की वजह से IPL को सस्पेंड किया गया था. बीसीसीआई ने यह फैसला सरकार और सुरक्षा एजेंसियों से विस्तृत विचार-विमर्श के बाद लिया है. सभी प्रमुख हितधारकों की सहमति से यह निर्णय लिया गया कि मौजूदा सीजन के शेष मुकाबले अब पूरे किए जाएंगे. 17 मई से 3 जून तक चलेगा क्रिकेट का रोमांच संशोधित कार्यक्रम के अनुसार, आईपीएल 2025 के बचे हुए 17 मुकाबले 6 अलग-अलग स्थानों पर खेले जाएंगे. ये मुकाबले 17 मई 2025 से शुरू होंगे और अंतिम मुकाबला यानी फाइनल 3 जून 2025 को खेला जाएगा. इस दौरान दर्शकों को दो ‘डबल हेडर’ यानी एक ही दिन दो मुकाबले देखने को मिलेंगे. ये डबल हेडर रविवार को आयोजित किए जाएंगे. प्लेऑफ़ मुकाबलों का कार्यक्रम जारी आईपीएल 2025 के प्लेऑफ़ चरण का भी पूरा कार्यक्रम जारी कर दिया गया है. यह चरण हमेशा की तरह लीग का सबसे रोमांचक हिस्सा होता है, जिसमें शीर्ष 4 टीमें खिताब की दौड़ में उतरती हैं. प्लेऑफ मुकाबलों का कार्यक्रम इस प्रकार है: क्वालिफायर 1 – 29 मई 2025 एलीमिनेटर – 30 मई 2025 क्वालिफायर 2 – 1 जून 2025 फाइनल – 3 जून 2025 इन चारों मुकाबलों के स्थल की घोषणा बीसीसीआई द्वारा बाद में की जाएगी, लेकिन उम्मीद की जा रही है कि यह मुकाबले प्रमुख महानगरों या तटवर्ती सुरक्षित स्थानों पर आयोजित किए जा सकते हैं. देश के सशस्त्र बलों को बीसीसीआई का सलाम बीसीसीआई ने इस अवसर पर देश की सुरक्षा व्यवस्था का नेतृत्व करने वाले भारतीय सशस्त्र बलों की वीरता और दृढ़ संकल्प को सलाम किया है. बोर्ड ने अपने बयान में कहा, “हम भारत की सशस्त्र सेनाओं के साहस और समर्पण को नमन करते हैं, जिनकी बदौलत क्रिकेट की सुरक्षित वापसी संभव हो पाई है. बीसीसीआई राष्ट्रहित को सर्वोपरि मानता है और उसी भावना के साथ आईपीएल को सफलतापूर्वक पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है.” प्लेऑफ से बाहर हो चुकी है 3 टीमें आईपीएल 2025 के प्लेऑफ की रेस से चेन्नई सुपर किंग्स, राजस्थान रॉयल्स और सनराइजर्स हैदराबाद की टीम बाहर हो चुकी है. इसके अलावा टूर्नामेंट खेल रही सभी 7 टीमें अब भी फाइनल का सपना देख रही हैं. गुजरात टाइटंस और रॉयल चैलेंजर्स बैंगलुरू की टीम की दावेदारी सबसे ज्यादा मजबूत है. दोनों टीम के पास 16 अंक हैं और अभी 3-3 मुकाबला खेलना बाकी है. पंजाब किंग्स ने भी 11 मैच ही खेले हैं और उसके 15 अंक हैं. कोलकाता नाइटराइडर्स की टीम तकनीकी तौर पर प्लेऑफ की रेस से बाहर हो चुकी है. 12 मैच खेलकर टीम ने 5 जीत 6 हार और 1 बेनतीजा मैच से महज 11 अंक हासिल किए हैं. आखिरी 2 मैच जीतकर भी टीम 15 अंको तक ही पहुंच सकती है. ऐसे में नेट रन रेट आगे की राह तय करेगा. अंक तालिका का हाल इस वक्त अंक तालिका में पहले नंबर पर गुजरात टाइटंस की टीम है. उनके बराबर 16 अंक लेकर रॉयल चैलेंजर्स बैंगलुरू दूसरे स्थान पर है. पंजाब किंग्स तीसरे जबकि मुंबई इंडियंस की टीम चौथे नंबर पर है. दिल्ली कैपिटल्स 5 और कोलकाता नाइटराइडर्स की टीम छठे स्थान पर है. सातवां नंबर लखनऊ सुपर जायंट्स का है तो वहीं प्लेऑफ की रेस से बाहर हो चुकी हैदराबाद आठवें नंबर पर है. ऐसे ही राजस्थान रॉयल्स 9वें जबकि चेन्नई सुपर किग्स सबसे नीचे 10वें स्थान पर है. recent visitors 51

उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने कहा खजूरी गोड़ में मांगलिक भवन बनाया जाएगा

उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने मंदसौर के नारायणगढ़ में 2 करोड़ 32 लाख के निर्माण कार्यों का किया लोकार्पण नगर परिषद नारायणगढ़ का नाम सुदर्शन रखा जाएगा:उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने कहा खजूरी गोड़ में मांगलिक भवन बनाया जाएगा मंदसौर उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने मंदसौर जिले के मल्हारगढ विधानसभा के विभिन्न क्षेत्रों में 2करोड़ 32 लाख के निर्माण कार्यों का लोकार्पण किया। विकास कार्यों की गति प्रदान करने के उद्देश्य से एक करोड़ की लागत से निर्मित नगर परिषद नारायणगढ़ के नवीन कार्यालय भवन का लोकार्पण किया। उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने कहा कि नगर परिषद भवन का नाम सुदर्शन नाम रखा जाएगा। इसके लिए शासन को प्रस्ताव भेजा जाएगा। उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने कहा कि मल्हारगढ़ सूक्ष्म सिंचाई परियोजना से हर खेत को सिंचाई के लिए पानी एवं हर गांव में पीने के पानी की सुविधा मिलेगी। उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने खजूरी गोड़ में अस्पताल के लिए जमीन दान करने वाले दानदाताओं का सम्मान किया। उन्होंने कहा कि खजूरी गोड़ में मांगलिक भवन बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार ने गांधी सागर का पानी खेतों में लाने का काम किया है। जिस पर लगातार काम चल रहा है। जिससे अब किसान 1 साल में तीन बार फसल ले सकेंगे। एक समय था जब किसान सिंचाई और बिजली के लिए परेशान था लेकिन अब बिजली 24 घंटे मिल रही है। सिंचाई के लिए बड़ी-बड़ी सूक्ष्म सिंचाई परियोजनाएं बन रही है। सरकार ने आयुष्मान कार्ड योजना चलाई, जिससे गरीब व्यक्ति की संकट के समय मदद की है, जिससे हर परिवार को एक साल में 5 लाख तक का निशुल्क इलाज की सुविधा मिल रही है। सरकार ने गैस कनेक्शन, शौचालय की व्यवस्था, किसान सम्मान निधि, बिना ब्याज के ऋण, लाडली बहना योजना, संबल जैसी अनेक योजनाएं चलाई है। इस अवसर पर सांसद सुधीर गुप्ता, राज्यसभा सांसद बंशीलाल गुर्जर, सुवासरा विधायक हरदीप सिंह डंग, जिला अध्यक्ष राजेश दीक्षित, पूर्व विधायक राधेश्याम पाटीदार, जनप्रतिनिधि, अधिकारी, कर्मचारी, पत्रकार एवं आम नागरिक मौजूद रहें।   recent visitors 38

3 साल के अभिनेता ने 1 साल में बनाई 36 फिल्में, तोड़ा अक्षय-सलमान का रिकॉर्ड, बेटा भी रह गया पीछे, नेटवर्थ उड़ा देगी नींद

मुंबई आजकल कई फिल्में प्रोडक्शन में देरी और स्पेशल इफेक्ट की वजह से बनने में सालों लग जाते हैं। कुछ एक्टर्स एक ही फ़िल्म पर लंबे समय तक ध्यान देते हैं, जबकि कुछ जल्दी-जल्दी एक प्रोजेक्ट से दूसरे प्रोजेक्ट पर चले जाते हैं। लेकिन एक एक्टर ऐसा भी है जिसने एक साल में सबसे ज़्यादा फ़िल्मों में काम करके रिकॉर्ड बनाया है। वह एक्टर ममूटी हैं। उन्होंने 1971 में 'अनुभवंगल पालीचाकल' में एक छोटे से रोल के साथ एक्टिंग की शुरुआत की। उनकी पहली लीड रोल वाली फिल्म 'मेला' (1980) थी। जल्द ही, वे मलयालम सिनेमा के सबसे बड़े एक्टर्स में से एक बन गए। बेटे को लग गए 13 साल साल 1982 में ममूटी ने 24 फिल्मों में काम किया। 1983 से 1986 तक उन्होंने हर साल 36, 34, 28 और 35 फिल्मों में काम करके अपना सिलसिला जारी रखा। उनके समर्पण ने उन्हें इंडस्ट्री के सबसे मेहनती एक्टर्स में से एक बना दिया। ममूटी ने 400 से ज़्यादा फ़िल्मों में काम किया है। 1983 में उन्होंने एक साल में 36 फ़िल्मों में काम किया था, जबकि उनके बेटे दुलकर सलमान को इतने ही फ़िल्मों में काम करने में 13 साल लग गए। उनकी फिल्म बन गई सबसे बड़ी हिट उनकी 1983 की फिल्म 'आ रात्री' 1 करोड़ रुपये कमाने वाली पहली मलयालम फिल्मों में से एक बन गई। कूडेविडे और अडियोझुक्ककल जैसी हिट फिल्मों ने उनकी प्रतिभा को उजागर किया। उन्होंने आई.वी. ससी और एम.टी. वासुदेवन नायर जैसे टॉप डायरेक्टर्स के साथ काम किया। ममूटी ने मथिलुकल के लिए अपना पहला नेशनल फिल्म अवॉर्ड जीता। उन्होंने विधेयन और पोंथन माडा के लिए फिर से पुरस्कार जीता। डॉ. बाबा साहेब अंबेडकर (2000) में उनके रोल ने उन्हें एक और राष्ट्रीय पुरस्कार दिलाया। ममूटी की नेट वर्थ 340 करोड़ रुपये की कुल नेट वर्थ के मालिक ममूटी की शानदार लाइफस्टाइल उनकी महंगी चीजों में से एक है। ममूटी ममूटी, साउथ के जाने-माने एक्टर हैं। उन्हें उनके शानदार अभिनय और फिल्मों के लिए जाना जाता है। वो आज भी स्क्रीन पर आते हैं तो बवाल ही मचा जाते हैं। उनके नाम एक साल में 35 फिल्में देने का रिकॉर्ड है। साउथ कैसेट के इंस्टाग्राम पोस्ट के अनुसार, एक्टर ने साल 1986 में 35 फिल्में की थी। इनमें से कई हिट साबित हुई थीं। इस साल वो छा गए थे। मोहनलाल साउथ एक्टर मोहनलाल आज भी जब स्क्रीन पर आते हैं तो उनकी फिल्मों पर फैंस खूब प्यार लुटाते हैं। उनकी किसी भी फिल्म की अनाउंसमेंट होती तो फैंस के लिए ये किसी तोहफे से कम नहीं है। ऐसे में मोहनलाल के नाम एक साल में 34 फिल्में करने का रिकॉर्ड है। साउथ कैसेट के इंस्टाग्राम पोस्ट के अनुसार, उन्होंने साल 1986 में 34 फिल्मों में काम किया था और उनकी फिल्मों ने बॉक्स ऑफिस पर शानदार कमाई भी की थी। कृष्णा एक्टर कृष्णा, साउथ के बेहतरीन कलाकारों में से एक हैं। उन्होंने एक बार सालभर में 18 फिल्मों में किया था, जिसमें अधिकतर हिट रही थीं। साउथ कैसेट के इंस्टाग्राम पोस्ट के अनुसार, साल 1972 में कृष्णा की 18 फिल्में रिलीज हुई थीं। प्रेम नाजिर इस लिस्ट में अगर किसी के नाम एक साल में सबसे ज्यादा फिल्में देने का रिकॉर्ड दर्ज है तो वो हैं मलयाली एक्टर प्रेम नाजिर। उन्होंने 1979 में इतनी फिल्में बनाई थी कि सोच भी पाना मुश्किल होगा। साउथ कैसेट के इंस्टाग्राम पोस्ट के अनुसार, प्रेम नाजिर ने एक साल में 41 फिल्में की थी। इस लिहाज से एक महीने में करीब 3-4 फिल्में की होती हैं।   recent visitors 51

बिलासपुर : सुशासन तिहार में रीना यादव और सीमा बघेल को मिला नया राशनकार्ड सुशासन तिहार में

बिलासपुर : सुशासन तिहार में रीना यादव और सीमा बघेल को मिला नया राशनकार्ड सुशासन तिहार में त्वरित निराकरण के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का जताया आभार बिलासपुर छत्तीसगढ़ सरकार के सुशासन तिहार से आम लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान मिल रहा है, सुशासन तिहार के तहत आयोजित समाधान शिविरों में पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ सरल, पारदर्शी एवं त्वरित रूप से प्रदान किया जा रहा है। इसी क्रम में सुशासन तिहार में आवेदन करने पर निगम क्षेत्र की दो हितग्राहियों रानी यादव और सीमा बघेल को त्वरित रूप से नवीन राशनकार्ड प्रदान किए गए।     नगर निगम क्षेत्र के जोन क्रमांक 2 की निवासी श्रीमती रानी यादव ने प्राथमिकता श्रेणी के अंतर्गत राशनकार्ड हेतु आवेदन किया था। जांच में पाया गया कि वह असंगठित क्षेत्र में श्रमिक के रूप में कार्यरत हैं और उनका नाम श्रमिक कार्ड में मजदूर (रेजा, कूली) के रूप में दर्ज है। पात्रता की पुष्टि के बाद उन्हें नवीन प्राथमिकता राशनकार्ड प्रदान किया गया।       इसी तरह श्रीमती सीमा बघेल ने सामान्य राशनकार्ड के लिए आवेदन दिया था, जांच में यह पाया गया कि वह संयुक्त एवं सामान्य परिवार से संबंध रखती हैं, और उनके पति श्री सतीश बघेल भारतीय रेलवे में लोको पायलट के रूप में कार्यरत हैं।समाधान शिविर में आवश्यक दस्तावेजों की पुष्टि के बाद उन्हें नवीन सामान्य राशनकार्ड जारी किया गया।         दोनों हितग्राहियों ने राज्य शासन की सुशासन तिहार की प्रशंसा करते हुए कहा कि इस योजना के माध्यम से उन्हें बिना किसी कठिनाई के सरकारी सुविधा का लाभ प्राप्त हुआ है। रानी यादव ने बताया कि पहले कई बार प्रयास के बावजूद राशनकार्ड नहीं बन सका था, लेकिन इस योजना ने उनके परिवार की बड़ी समस्या का समाधान कर दिया। वहीं सीमा बघेल ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने जनसाधारण के लिए सुशासन की जो पहल शुरू की है उससे आम लोगों को राहत मिल रही है।       उल्लेखनीय है कि ' सुशासन तिहार ' का उद्देश्य राज्य के प्रत्येक पात्र नागरिक तक सरकारी योजनाओं का लाभ पारदर्शिता एवं प्रभावशीलता के साथ पहुंचाना है। राशनकार्ड, पेंशन, श्रमिक कार्ड, स्वास्थ्य बीमा के साथ ही साफ सफाई,बिजली और पेयजल समस्याओं का इस पहल के माध्यम से तेजी से समाधान किया जा रहा है। सुशासन तिहार से प्रशासन और नागरिकों के बीच बेहतर समन्वय का स्थापित हो रहा है और आम लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान हो रहा है। recent visitors 36

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि इस उपलब्धि के लिए रीवा संभाग की चर्चा पूरे प्रदेश में हो रही

रीवा उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि जिद, जुनून एवं जज्वे से बड़े से बड़े लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है। मध्यप्रदेश की प्रावीण्य सूची में स्थान प्राप्त करने वाले रीवा संभाग के विद्यार्थियों ने यह साबित कर दिया है कि विन्ध्य का भविष्य सुनहरा है और आने वाले दिनों में यह विद्यार्थी अपना योगदान देंगे। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय रीवा परिसर के सभागार में माध्यमिक शिक्षा मंडल भोपाल की 10वीं एवं 12वीं की परीक्षा में प्रावीण्य सूची में स्थान प्राप्त करने वाले रीवा संभाग 66 विद्यार्थियों को प्रशस्ति पत्र एवं स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। “आपरेशन निखार” की सराहना की उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि इस उपलब्धि के लिए रीवा संभाग की चर्चा पूरे प्रदेश में हो रही है। उन्होंने प्रतिभाशाली बच्चों को बधाई देते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की तथा कहा कि संस्कारवान शिक्षा ही सर्वोत्तम है। शिक्षित होकर संस्कारवान बनें और आगे बढ़ते रहें। श्री शुक्ल ने कहा कि जीवन में निराश न हों। सफलतायें एवं असफलतायें मिलती रहती हैं अपने लक्ष्य के लिए हमेशा प्रयासरत रहें। उन्होंने कहा कि इन बच्चों ने जो अपने अनुभव बताये हैं उससे यह सिद्ध होता है कि इन्हें आगे बढ़ने का मंत्र प्राप्त हो गया है। आगे की शिक्षा में इसी लगन और मेहनत से लगे रहे। उन्होंने रीवा संभाग के कमिश्नर श्री बीएस जामोद द्वारा शिक्षा के स्तर में सुधार के लिए संभाग में प्रारंभ किये गये “आपरेशन निखार” की प्रशंसा की जिसके सार्थक परिणाम सामने आये हैं। उन्होने कहा कि प्रशासन के साथ-साथ शिक्षा विभाग के शिक्षकों व अन्य अधिकारियों ने रीवा संभाग में शिक्षा के स्तर को ऊंचा उठाने के लिए समन्वित प्रयास किया है जो बधाई के पात्र हैं। उन्होंने अपेक्षा की कि प्रतिभाशाली बच्चों से अन्य बच्चे भी प्रेरणा लेगें। सांसद श्री जनार्दन मिश्र ने कहा कि विद्यार्थियों में घमण्ड व अतिरेक की भावना न जागृत हो। आत्मविश्वास कायम रहे जीवन में सफलता के लिए विनम्रता, लगन एवं निष्ठा आवश्यक है जो विद्यार्थियों को समग्रता देती है। श्री मिश्र ने कहा कि समाज में इन प्रतिभाओं की आग्रणी भूमिका रहेगी। उन्होंने अपेक्षा की कि प्रतिभावान छात्र अन्य विद्यार्थियों को भी मार्गदर्शन दें और उनको भी आगे बढ़ाने में मददगार हों। जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती नीता कोल ने कहा कि शिक्षकों और गुरूजनों के प्रयासों से ही बच्चों ने सफलता प्राप्त की है और विन्ध्य का नाम रोशन किया है जिससे हम सब गौरवांवित महसूस कर रहे हैं। कमिश्नर रीवा संभाग श्री जामोद ने कहा कि रीवा का इतिहास शिक्षा के क्षेत्र में समृद्धशाली रहा है। इन प्रतिभावान विद्यार्थियों ने इसमें और चार चाँद लगा दिये हैं। उन्होंने कहा कि सम्मान समारोह में सभी को गौरव का अनुभव हो रहा है। छात्र-छात्राओं, शिक्षकों एवं उनके परिजन को इस सफलता के लिए बहुत-बहुत बधाई। कमिश्नर ने कहा कि संभाग के 66 बच्चों ने मेरिट लिस्ट में स्थान प्राप्त कर ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। आप सभी मंजिल पर कायम रहते हुये लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए सतत प्रयत्नशील रहें। इससे पूर्व कक्षा 10वीं एवं कक्षा 12वीं में प्रावीण्य सूची में स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों में सिंगरौली की प्रज्ञा जायसवाल, सतना की प्रियल द्विवेदी, सीधी के दिव्यांशु तिवारी तथा रीवा के अंकुर यादव ने अपने अनुभव बताते हुए सफलता के लिए माता-पिता व गुरूजनों के योगदान का श्रेय दिया। कक्षा 10वीं की प्रदेश की प्रावीण्य सूची में संभाग के 39 तथा कक्षा 12वीं की सूची में संभाग के 27 विद्यार्थियों ने अपना स्थान बनाया है। स्थानीय जनप्रतिनिधि, विभागीय अधिकारी, बड़ी संख्या में शिक्षक, विद्यार्थी और उनके परिजन उपस्थित रहे।   recent visitors 30

स्कूल शिक्षा विभाग ने वित्तीय वर्ष-2024-25 में प्रावधान किये गये कुल बजट का 95 प्रतिशत हिस्सा स्कूल शिक्षा के सुधार में दिया

स्कूल शिक्षा को भारतीय मूल्यों, संस्कृति आधारित शिक्षा से जोड़ने के लिये किये गये प्रभावी प्रयास एक वर्ष की रही है उल्लेखनीय उपलब्धियाँ भोपाल प्रदेश में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 21वीं सदी की पहली शिक्षा नीति है, जिसका उद्देश्य भारत के सतत् विकास के लिये आवश्यक शैक्षिक सुधारों को साकार करना प्रमुख रहा है। इसी उद्देश्य को लेकर स्कूल शिक्षा विभाग नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 का स्कूल शिक्षा में प्रभावी रूप से क्रियान्वयन कर रहा है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति भारतीय परम्परा और सांस्कृतिक मूल्यों को बनाये रखते हुए, आधुनिक, वैश्विक लक्ष्यों के अनुरूप शिक्षा प्रणाली में समग्र परिवर्तन को प्रस्तावित करती हैं। राष्ट्रीय शिक्षा नीति कहती है कि शैक्षिक प्रणाली का उद्देश्य अच्छे इंसानों का विकास करना है, जो तर्कसंगत विचार और कार्य करने में सक्षम हो, जिसमें करूणा और सहानुभूति, साहस और लचीलापन, वैज्ञानिक चिंतन, रचनात्मक कल्पना शक्ति, नैतिक मूल्य और आधार हो। स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह का मानना है कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति भारत की सांस्कृतिक और सामाजिक विविधता को ध्यान में रखते हुए समावेशी शिक्षा के दृष्टिकोण को बढ़ावा देती है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 स्थानीय और वैश्विक आवश्यकताओं के बीच संतुलन भी बनाती है। प्रदेश में उठाये गये उल्लेखनीय कदम राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के क्रियान्वयन के लिये स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह की अध्यक्षता में विभागीय अधिकारियों, शिक्षाविदों, शासकीय-अशासकीय विद्यालयों के 43 सदस्यीय टॉस्क फोर्स का गठन प्रदेश में किया जा चुका है। टॉस्क फोर्स के गठन के बाद नीति के क्रियान्वयन की समीक्षा एवं सुझाव के लिये टॉस्क फोर्स की 3 बैठकों का आयोजन भी किया जा चुका है। इसके साथ ही निरन्तर समीक्षा के लिये 13 समितियों का गठन भी किया जा चुका है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशानुसार प्रदेश के सभी शासकीय व अशासकीय विद्यालयों में जुलाई 2024 में गुरूपूर्णिमा के महत्व एवं पारम्परिक गुरू-शिष्य संस्कृति पर प्रार्थना सभा में बातचीत एवं शिक्षकों और विद्यार्थियों द्वारा गुरू संस्मरण का आयोजन भी किया गया है। प्रदेश की शालाओं में जन्माष्टमी पर्व पर आयोजन अगस्त 2024 में किया गया। आयोजन में श्रीकृष्ण की शिक्षा एवं मित्रता के प्रसंग तथा जीवन दर्शन पर आधारित विभिन्न विषयों पर सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं व्याख्यान आयोजित किये गये। लोकमाता देवी अहिल्या बाई होल्कर की 300वीं जयन्ती के आयोजन को देखते हुए भाषा भारती कक्षा-7 पाठ 18 सुरभि संस्कृत कक्षा 8 में लोकमाता के जीवन पर केन्द्रित पाठ्यक्रम को शामिल किया गया। स्कूलों में बालिकाओं को आत्मरक्षा प्रशिक्षण देने के लिये निरन्तर कैम्प भी आयोजित किये जा रहे हैं। मुख्यमंत्री के निर्देश पर प्रदेश के सभी शासकीय विद्यालयों में 26 से 29 नवम्बर 2024 के मध्य श्रीमद् भागवत गीता आधारित मूल्य शिक्षा क्विज प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। 11 दिसम्बर 2024 को गीता जयन्ती के अवसर पर विद्यालयों में गीताकर्म पर आधारित व्याख्यान एवं स्लोगन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। स्कूलों में मकर संक्रांति पर्व, संस्कृत भाषा के विकास के लिये महाकवि कालिदास के व्यक्तित्व और कृतित्व पर श्लोक पाठ और नृत्य-नाटिका आयोजित की गई। प्रदेश में स्थानीय जनजातीय भाषा गोंडी, भीली, सहरिया, बारेली, निमाड़ी, बुंदेली और बघेली में तैयार की गई त्रिभाषा पुस्तकें 21 जिलों के 89 जनजातीय विकासखंडों में उपलब्ध कराई गई। बजट का समुचित उपयोग स्कूल शिक्षा विभाग ने वित्तीय वर्ष-2024-25 में प्रावधान किये गये कुल बजट का 95 प्रतिशत हिस्सा स्कूल शिक्षा के सुधार में दिया। प्रदेश में 10वीं बोर्ड परीक्षा में इस वर्ष 74 प्रतिशत परिणाम आया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 18 प्रतिशत अधिक है। कक्षा 12वीं की बोर्ड परीक्षा का परिणाम इस वर्ष 74 प्रतिशत रहा, जो पिछले वर्ष के मुकाबले 10 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है। बोर्ड की कक्षा 10 और 12 में 53 प्रतिशत विद्यार्थियों ने प्रथम श्रेणी प्राप्त की है। प्रदेश में बोर्ड जीरो पेपर लीक के साथ सम्पन्न हुई। योजनाओं का क्रियान्वयन प्रदेश में स्कूल शिक्षा की लोक कल्याण योजनाओं का क्रियान्वयन किया जा रहा है। नि:शुल्क पाठ्य पुस्तक योजना में शासकीय विद्यालय में पढ़ाई कर रहे 82 लाख विद्यार्थियों को नि:शुल्क पाठ्य पुस्तक वितरित की गई। छात्रवृत्ति योजना में कक्षा एक से 12वीं में अध्ययनरत एससी, एसटी, ओबीसी और बीपीएल के 66 लाख छात्रों को सिंगल क्लिक के माध्यम से 332 करोड़ रूपये की राशि अंतरित की गई। नि:शुल्क साइकिल वितरण योजना में कक्षा 6 एवं 9 के 4 लाख 75 हजार विद्यार्थियों को नि:शुल्क साइकिल वितरित की गई। प्रतिभाशाली छात्र प्रोत्साहन योजना में कक्षा 12 में 75 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले 89 हजार 801 विद्यार्थियों को डीबीटी के माध्यम से 224 करोड़ 25 लाख रूपये की राशि ट्रांसफर की गई। सांदीपनि विद्यालय योजना में पहले चरण में 276 सांदीपनि विद्यालय प्रारंभ किये जा चुके हैं। इन विद्यालयों में 2 लाख 62 हजार 613 विद्यार्थी अध्ययन कर रहे हैं। विनोवा सांदीपनि रतलाम विद्यालय में नवाचार की श्रेणी में वर्ल्ड बेस्ट स्कूल में प्रथम स्थान प्राप्त किया। केन्द्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना में मध्यप्रदेश में 787 पीएमविद्यालय संचालित किये जा रहे हैं। मॉडल स्कूलों का संचालन प्रदेश में 145 मॉडल स्कूलों में से 143 मॉडल स्कूल स्वयं के भवन निर्मित हो चुके हैं। प्रदेश में मॉडल स्कूलों में 50 हजार विद्यार्थी अध्ययन कर रहे हैं। इसी के साथ प्रत्येक जिला मुख्यालय एवं विकासखंड मुख्यालय पर स्थापित चयनित एक शासकीय विद्यालय को उत्कृष्ट विद्यालय के रूप में विकसित किया गया है। प्रदेश में 43 जिला मुख्यालयों एवं 96 विकासखंड स्तर पर उत्कृष्ट विद्यालय संचालित हैं। शिक्षकों को प्रशिक्षण और नवाचार को प्रोत्साहित करने के लिये शैक्षिक संवाद का आयोजन किया जा रहा है। व्यावसायिक शिक्षा नई शिक्षा नीति के अनुरूप प्रदेश के 2383 विद्यालयों में व्यावसायिक शिक्षा संचालित की जा रही है, जिसमें 4 लाख विद्यार्थी शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं, जिन्हें 12 ट्रेड्स में शिक्षा दी जा रही है। विद्यालयों में कृषि शिक्षा को बढ़ावा देने के लिये भी 465 विद्यालयों में कृषि ट्रेड्स संचालित किये जा रहे हैं। स्किल कैरियर काउंसलिंग के माध्यम से करीब डेढ़ लाख विद्यार्थियों को कैरियर संबंधी सलाह दी गई। डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने के लिये एक लाख 84 हजार प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालय के शिक्षकों को टैबलेट प्रदान किये गये।   recent visitors 33