महंत परमहंस रामचंद्र दास महाराज की 21वीं पुण्यतिथि के उपलक्ष्य में सीएम योगी ने दिव्य एवं भव्य प्रतिमा का अनावरण किया

अयोध्या उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बुधवार को अयोध्या के दौरे पर थे। सीएम ने यहां ब्रह्मलीन महंत परमहंस रामचंद्र दास महाराज की 21वीं पुण्यतिथि के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लिया। उन्होंने इस अवसर पर उनकी दिव्य एवं भव्य प्रतिमा का अनावरण किया। सीएम ने कार्यक्रम में मौजूद साधु-संतों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि पूज्य संत, ब्रह्मलीन महंत परमहंस रामचंद्र दास महाराज मेरे लिए पूज्य गुरु के तुल्य थे। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयास से भारत की न्यायपालिका की ताकत दुनिया ने देखी। लोग कहते थे कि अगर फैसला राम मंदिर के पक्ष में हुआ तो सड़कों पर खून की नदियां बहेंगी। योगी ने कहा, साधु-संतों ने भरपूर प्रयास किया कि बातचीत से समस्या का समाधान निकालेंगे। लेकिन, जब बातचीत से समस्या का समाधान नहीं हुआ और हठधर्मिता आड़े आने लगी तो साधु संतों ने लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष का रास्ता चुना। इस रास्ते को चुनने के बाद देश में बड़ी मजबूती के साथ आंदोलन हुए। आंदोलन के बढ़ने के कारण मामला न्यायालय में जाता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगमन और यूपी में भारतीय जनता पार्टी की डबल इंजन की सरकार बनने के बाद समस्या का समाधान भी हुआ। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने अयोध्या में राम मंदिर का शिलान्यास और भूमि पूजन कार्य संपन्न किया। 22 जनवरी 2024 को 500 वर्षों का इंतजार खत्म करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राम लला की प्राण प्रतिष्ठा की। दुनिया भर में यह तारीख प्रेरणा भी बनी। इससे पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक्स पर पोस्ट किया। उन्होंने लिखा कि सनातन आस्था के केंद्र धर्मनगरी श्री अयोध्या धाम में आज प्रभु श्री रामलला के दर्शन-पूजन का सौभाग्य प्राप्त हुआ। प्रभु श्री राम की कृपा ही जीवन का आधार है। उनके आशीर्वाद से सभी की मनोकामनाएं पूर्ण हों। recent visitors 109

वन विहार राष्ट्रीय उद्यान में नर गौर की मृत्यु

भोपाल वन विहार राष्ट्रीय उद्यान में दिनांक मंगलबार की सायं को एक नर गौर की मृत्यु हो गई। मृत नर गौर का जन्म वन विहार में दिनांक 27.11.2014 को हुआ था। उल्लेखनीय है कि दिनांक 03.03.2011 को एक नर गौर को खरगोन से तथा दिनांक 17.3.2011 को मादा गौर को कान्हा राष्ट्रीय उद्यान से वन विहार लाया गया था। विगत वर्षों में इसी मादा गौर ने तीन नर गौर शावकों को समय-समय पर जन्म दिया था। इन्हें वन विहार के मुख्य मार्ग पर स्थित बाड़े में रखा गया था। पूर्व में आपसी लड़ाई में 11.02.2018 को एक नर गौर शावक की मृत्यु हो गई थी। वर्तमान में बाड़े में दो नर गौर ही थे, जिनमें से एक नर गौर की दिनाक 06.08.2024 को मृत्यु हो गई। आज दिनांक 07.08.2024 को उक्त मृत नर गौर का पोस्टमार्टम डा. अतुल गुप्ता, वन्यप्राणी स्वास्थ्य अधिकारी. डॉ. रजत कुलकर्णी, वाईल्ड लाईफ एस.ओ. एस वन विहार एवं डॉ. प्रशांत देशमुख, वाईल्डलाईफ कंजर्वेशन ट्रस्ट द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। प्रथम दृष्टया मृत्यु का कारण ऐसपेक्सीया परिलक्षित हुआ है। मृत नर गौर के सेम्पल एकत्रित कर परीक्षण हेतु स्कूल आफ वाईल्डलाईफ फॉरेंसिक हैल्थ जबलपुर भेजे गये है। पोस्टमार्टम उपरांत मृत नर गौर का वन विहार राष्ट्रीय उद्यान में उपस्थिति अधिकारियों/कर्मचारियों के समक्ष नियमानुसार दाह संस्कार कर दिया गया।संचालक वन विहार राष्ट्रीय उद्यान, भोपाल recent visitors 92

हसीना की पार्टी के नेताओं का कत्लेआम हो रहा है, अभी तक 20 नेताओं का कत्ल किया जा चुका, विद्रोहियों से जा मिली सेना

ढाका बांग्लादेश में शेख हसीना का तख्तापलट हो चुका है और वो अपनी जान बचाकर भारत की शरण लिए हुए हैं। हसीना के देश छोड़ने के बाद बांग्लादेश में हालात लगातार बदलते जा रहे हैं। हसीना की पार्टी अवामी दल के नेताओं का कत्लेआम हो रहा है। अभी तक 20 नेताओं का कत्ल किया जा चुका है। यही नहीं हिन्दुओं के साथ भी घोर अत्याचार की रिपोर्ट सामने आई है। हत्या, घरों में तोड़-फोड़ और कई मंदिरों को आग के हवाले कर दिया गया। हसीना के जाने के बाद से बांग्लादेश में कम से कम 100 लोगों की मौत हो चुकी है। इस बीच हसीना सरकार के तख्तापलट से जुड़ी नई रिपोर्ट सामने आई है। रॉयटर्स ने बांग्लादेश के सैन्य अधिकारियों के हवाले से बताया कि शेख हसीना ने देश छोड़कर भागने से एक रात पहले सैन्य अफसरों की मीटिंग ली थी और दंगों को कुचलने के लिए प्रदर्शनकारियों पर गोली चलाने के आदेश दिए थे। इस आदेश को सेना के अधिकारियों ने मानने से साफ इनकार कर दिया और सेना विद्रोहियों से जा मिली। बांग्लादेश में 15 साल से सत्ता पर काबिज सबसे ताकतवर नेता शेख हसीना को दो महीनों के विद्रोह के आगे घुटने टेकने पड़े। आधिकारिक आवास से जल्दीबाजी में भागने से एक रात पहले शेख हसीना ने विरोध प्रदर्शनों को रोकने के लिए सैन्य अधिकारियों के साथ बैठक की थी। जिसमें उन्होंने सेना प्रमुख को प्रदर्शनकारियों पर गोली चलाने के आदेश दिए थे। सेना प्रमुख ने अपने जनरलों के साथ बैठक में इस बात का खुलासा किया। अपना न छापने की शर्त पर दो सेवारत सैन्य अधिकारियों ने इस बात का खुलासा किया है कि सेना ने शेख हसीना के देशभर में सख्त कर्फ्यू लागू करने और नागरिकों पर गोलियां नहीं चलाने की कसम खाई। अधिकारियों ने बताया कि शेख हसीना के लिए सेना का स्पष्ट संदेश था कि वे उनके साथ नहीं हैं। हसीना ने क्यों खोया सेना से समर्थन मामले की जानकारी रखने वाले एक भारतीय अधिकारी के अनुसार, जनरल वकर-उज-जमान ने हसीना के कार्यालय से संपर्क किया और प्रधानमंत्री को बताया कि उनके सैनिक उनके सख्त कर्फ्यू वाले आदेश को लागू करने में असमर्थ हैं। अधिकारी ने कहा कि संदेश स्पष्ट था- हसीना को अब सेना का समर्थन नहीं रहा। बांग्लादेश हिंसा में मरने वालों की संख्या 400 पार बांग्लादेश में हिंसा में मरने वालों की संख्या बढ़कर 440 हो गई है। हसीना के इस्तीफे के बाद सेना ने सत्ता संभाल ली है। बांग्लादेश के राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने मंगलवार को संसद को भंग कर दी और नोबेल पुरस्कार से सम्मानित मोहम्मद यूनुस (84) को आगामी अंतरिम सरकार का प्रमुख नियुक्त किया। recent visitors 123

छत्तीसगढ़ के रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग-भिलाई और धमतरी समेत कई जिलों में सीजीपीएससी फर्जीवाड़ा केस में सीबीआई ने की छापेमारी

रायपुर/बिलासपुर छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर समेत प्रदेश के जिलों में आज बुधवार को सीबीआई ने छापेमारी की है। प्रदेश में लोक सेवा आयोग (सीजीपीएससी) फर्जीवाड़ा केस में सीबीआई ने रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग-भिलाई और धमतरी समेत कई जिलों में छापेमारी की है। यह छापेमारी सीजीपीएससी के आयोजित परीक्षा में गड़बड़ी और भ्रष्टाचार के आरोप पर कार्रवाई की गई है। सीबीआई की टीम ने राजभवन के पूर्व सचिव अमृत खलको के रायपुर स्वर्णभूमि स्थित आवास पर छापेमारी की है। उसके  बेटे-बेटियों का भी राज्य सेवा भर्ती परीक्षा 2021 में चयन हुआ था। आरोप के अनुसार सीबिआई की वहां भी जांच के लिए पहुंची है। बिलासपुर में कांग्रेस नेता राजेंद्र शुक्ला के निवास पर सीबीआई का छापा पड़ा है। पांच से सात सदस्यीय सीबीआई की टीम पहुंची हुई है। यदुनंदन नगर और तिफरा स्थित पुराने और नए निवास में टीम मौजूद है। इसके साथ ही दस्तावेज खंगाले जा रहे हैं। सीजीपीएससी मामले में दर्ज एफआईआर के जांच के लिए सीबीआई ने छापेमारी की है। कांग्रेस नेता राजेंद्र शुक्ला के बेटे का भी मामले में नाम बताया जा रहा है। सीबीआई ने छत्तीसगढ़ में हुए पीएससी घोटाले में छापेमारी शुरू की है। जिसके तहत आज सीजी पीएससी भर्ती घोटाला मामले में सीबीआई की टीम ने धमतरी समेत कई जिलों में छापेमारी की है। इस दौरान पीएससी के पूर्व चेयरमैन टॉमन सिंह सोनवानी के निवास धमतरी जिले के सरबदा गांव स्थित में छापा मारा गया। दो गाड़ियों में 10 से 12 लोगो की टीम आई और पूर्व चेयरमैन निवास के अंदर करीब 4 घण्टे तक रहने के बाद सीबीआई की टीम लौट गई। आपको बता दें कि छत्तीसगढ़ में पिछली कांग्रेस सरकार के दौरान पीएससी चयन में घोटाले का मामला सामने आया था।इसके साथ ही पूर्व चेयरमैन सोनवानी के परिवार के भी 3 लोगो का चयन पीएससी में हुआ था। जिसके चलते टॉमन सिंह पर घोटाला कर के अपने लोगो का चयन करने का आरोप है। दुर्ग में तीन स्थानों पर सीबीआई की टीम में छमापार कार्रवाई की है। भिलाई रिसाली में कांकेर में पदस्थ नक्सल डीआईजी कन्हैया लाल ध्रुव के निवास पर और राज्यपाल के पूर्व सचिव अमृत खलखो के निवास के ठिकानों पर दबिश दी है। राज्यपाल के सचिव रह चुके हैं अमृत खलखो कई जिलों में कलेक्टर भी रहे हैं। उनके भिलाई स्थित तालपुरी निवास पर सीबीआई की टीम पहुंचकर,घर की जांच की है। सूत्रों के मुताबिक घर पर अमृत खालको पूरा परिवार मौजूद था, जिनसे सीबीआई के अधिकारियो ने घोटाले में पूछताछ कर रही है। सीजीपीएससी में अमृत खलखो का बेटा और बेटी ने डिप्टी कलेक्टर के पद के लिए पीएससी परीक्षा में पास किया है। इसी तरह से कांग्रेस नेता राजेंद्र शुक्ला के बेटे ने भी सीजीपीएससी परीक्षा में डिप्टी कलेक्टर के लिए चयनित हुऐ है। वही रिसाली के निवासी नक्सल कन्हैया लाल ध्रुव के ठिकाने में सीबीआई की कर्रवाई चल रही है। उनकी बेटी का भी सीजीपीएससी परीक्षा में चयन हुआ है। वही भिलाई के टाउनशिप के लालजी कौशिक निवास पर सीबीआई दबिश दी है। सभी स्थानों पर सीबीआई की करवाई अभी भी चल रही है। पूर्व के कांग्रेस सरकार में सीजीपीएससी घोटाले में कांग्रेस से जुड़े कई नेताओं और राज्य शासन के अधिकारियों के रिश्तेदारों के चयन होने के बाद से विपक्ष में रही भाजपा ने परीक्षा में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी का आरोप लगाया था। और मामले की जांच की मांग की। भाजपा की सरकार बनते ही मामले को सीबीआई के हवाले कर दिया। और अब जांच जारी है। आज प्रदेश के अलग अलग ठिकानों में हुऐ सीबीआई की रेड के सूचना से पूरे राज्य में हड़कंप मच हुआ है। recent visitors 97

कलेक्टर ने ई -केवायसी कार्य में संतोषजनक प्रगति न होने पर कैमोर और बरही सीएमओ को थमाया नोटिस

कटनी। कलेक्टर दिलीप कुमार यादव ने ई – केवायसी कार्य में संतोषजनक प्रगति नहीं होने पर बरही और कैमोर नगर पंचायतों के मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को कारण बताओ सूचना पत्र जारी करते हुए तीन दिवस के भीतर समक्ष में उपस्थित होकर जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर श्री यादव द्वारा जारी नोटिस में कहा गया कि शासन की चिन्हित हितग्राही मूलक योजनाओं को पूर्ण किये जाने हेतु समग्र पोर्टल में नागरिकों के  ई -के वाय सी का कार्य ‘शत-प्रतिशत पूर्ण किया जाना है। ई -के वाय सी  प्रक्रिया में नागरिकों की जानकारी का सत्यापन उनके आधार आई.डी. विवरण अनुसार लोक सेवा केन्द्र, एम पी आनलाइन और सी एस सी  के माध्यम से किया जाना है। साथ ही नान ई – के वाय सी समग्र धारकों की सूची पोर्टल https//spr.samagra.gov.in पर उपलब्ध है। कलेक्टर श्री यादव ने आनलाइन वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से इस मामले की निरंतर समीक्षा के दौरान  शत-प्रतिशत समग्र ई -के वाय सी  किये जाने हेतु लगातार निर्देश दिए गए। बावजूद इसके समीक्षा के दौरान यह तथ्य संज्ञान में आया है कि कैमोर नगर पंचायत में  आधार  ई -के वाय सी की प्रगति काफी कम है। साथ ही समग्र पोर्टल पर प्रदर्शित रिर्पोट के अनुसार  कुल जनसंख्या 23 हजार 72 के विरूद्ध मात्र 7 हजार 534 नागरिकों का ही  ई – के वाय सी किया गया है। जो  संतोषजनक नहीं है। इसी प्रकार समीक्षा के दौरान यह तथ्य भी संज्ञान में आया है कि बरही नगर पंचायत क्षेत्रांर्तगत आधार ई -के वाय सी की प्रगति  यहां भी काफी कम है। समग्र पोर्टल पर प्रदर्शित रिर्पोट के अनुसार  बरही की कुल जनसंख्या 17 हजार 697 के विरूद्ध अब तक केवल 8 हजार 141 नागरिकों का ही ई -के वाय सी किया गया है। जो संतोषजनक नहीं है। कलेक्टर श्री यादव ने इस संबंध में दोनों मुख्य नगर पालिका अधिकारियों कैमोर और बरही को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। साथ  ही  दोनों अधिकारियों से 3 दिवस में जवाब समक्ष में प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। recent visitors 106

चेक बाउंस के मामले में हीरेंद्र मिश्रा (सदन)को एक साल की सजा

मंडला   मंडला चेक बाउंस के एक मामले में मंडला जिला न्यायालय के न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी ने एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए आरोपी को 1 वर्ष के कठोर कारावास और चेक बाउंस की कुल राशि 15 लाख रूपये का 9% वार्षिक ब्याज के साथ कुल 23 लाख 57 हज़ार 250 रूपये अदा करने के निर्देश दिए हैं। राशि दना न करने की स्थिति में आरोपी को 6 माह का कारावास और भुगतना होगा। दरअसल आवेदक / परिवादी अखिलेश अग्रवाल (बिल्लू) ने बिनेका रोड निवासी हीरेंद्र मिश्रा (सदन) के विरोध 15 लाख रुपए के चेक बाउंस का मामला माननीय न्यायालय रवि चौकसे नायक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी के यहां दर्ज कराया था। इस मामले में आवेदक अखिलेश अग्रवाल (बिल्लू) ने हीरेंद्र मिश्रा (सदन) के विरुद्ध 15 लाख रुपए के चेक बाउंस होने का मामला दायर किया था। वर्ष 2018 के इस मामले में 6 साल बाद फैसला आया है। इतने लंबे अरसे तक कोर्ट में चले मामले के दौरान आवेदक अखिलेश अग्रवाल (बिल्लू) ने कोर्ट को बताया कि अभियुक्त हीरेंद्र मिश्रा(सदन) से उसके अच्छे संबंध रहे हैं और दोनों के बीच पैसे का आदान-प्रदान होता रहता था। अभियुक्त पूर्व में कई बार उससे नगद राशि उधर स्वरूप लेता रहा है और उसे समय पर लौटता भी रहा है। इस बार अभियुक्त द्वारा आवेदक अखिलेश (बिल्लू) से 15 लाख रुपए की राशि ली गई। इसके एवज में उसे 15 लख रुपए का चेक भी प्रदान किया गया। आवेदक द्वारा जब यह चेक भारतीय स्टेट बैंक में लगाया गया तो अभियुक्त के खाते में पर्याप्त पैसे न होने की वजह से चेक बाउंस हो गया। इसके बाद कई बार मौखिक रूप से निवेदन करने पर जब अभियुक्त द्वारा न पैसे वापस किए गए और न ही पैसे लौटाने को लेकर कोई खास आश्वासन दिया गया तब जाकर आवेदक ने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। न्यायालय द्वारा भेजे जा रहे नोटिस को भी अभियुक्त द्वारा स्वीकार किया जाता रहा और न्यायालय में बहाना बनाया गया कि उसको कोई नोटिस प्राप्त नहीं हुए। इतना ही नहीं उसने कोर्ट में आवेदक को पहचानने से भी इंकार कर दिया। अभियुक्त द्वारा अपने पक्ष में कई ऐसे तर्क दिए गए जिन्हें कोर्ट ने खारिज कर दिया। अभियुक्त ने कोर्ट को बताया कि उसका पर्स गुम हो गया था जिसमें जरूरी कागजात, रूपये के साथ चेक थे और वही चेक आवेदक को मिल गया जिस पर फर्जी तरीके से उसने राशि भर अपनी दावेदारी कर दी। कोर्ट में अभियुक्त यह भी स्थापित करने में कामयाब नहीं हो सका कि उसने चेक गुम होने का उल्लेख थाने में दर्ज अपनी रिपोर्ट में किया था। वह यह भी नहीं बता पाया कि जब उसका चेक गुम हुआ तो उसने बैंक को इसकी सूचना क्यों नहीं दी। लंबे चाले मामले के बाद न्यायालय ने आवेदक के समस्त तर्कों को सही पाते हुए अभियुक्त हीरेंद्र मिश्रा (सदन) को 1 वर्ष के कठोर कारावास से दंडित किया है। साथ ही 15 लाख रुपये 9% वार्षिक दर के ब्याज को ध्यान में रखते हुए, आवेदक को को हुए नुकसान की छती पूर्ति के रूप में कुल 23 लाख 57 हज़ार 250 रूपये देने के आदेश जारी किए हैं। अपने फैसले में कोर्ट ने कहा है कि यदि अभियुक्त उक्त राशि का भुगतान नहीं करता तो उसे 6 माह के अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी और उक्त राशि जुर्माने के रूप में वसूल की जाएगी। न्यायालय ने अपने महत्वपूर्ण फैसले में यह भी माना कि यह एक गंभीर प्रवृत्ति का अपराध है। इससे आवेदक को 6 सालों से निरंतर गंभीर आर्थिक और मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ा है। अदालत ने यह भी माना कि वर्तमान स्थिति में आर्थिक क्षति सबसे बड़ी है। यही वजह है कि इसे गंभीर प्रवृत्ति का अपराध मानते हुए न्यायालय ने यह फैसला सुनाया है। आवेदक अखिलेश अग्रवाल (बिल्लू) ने इस फैसले पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि इस फैसले से और लोगों को भी फायदा होगा और लोग जेल के डर से उधार ली हुई राशि वापस लौटाएंगे। वही आवेदक अखिलेश अग्रवाल (बिल्लू) की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता आलोक खरया ने की recent visitors 130

खेल मंत्री ने लोकसभा में बताया-विनेश फोगाट की हर संभव सहायता प्रदान की, उनके लिए पर्सनल स्टाफ भी नियुक्त किए गए

नई दिल्ली पेरिस ओलंपिक में भारतीय रेसलर विनेश फोगाट को अयोग्य घोषित किए जाने के मामले में केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने लोकसभा में बयान दिया। मांडविया ने कहा कि भारतीय रेसलर विनेश फोगाट को तय कैटेगरी में ज्यादा वजन होने की वजह से ओलंपिक से बाहर होना पड़ा। आईओए की प्रमुख पीटी उषा पेरिस में ही हैं और प्रधानमंत्री ने उनसे खुद बात की है। मांडविया के अनुसार, प्रधानमंत्री ने पीटी उषा को कहा है कि वह इस मामले में उचित कार्रवाई करें। खेल मंत्री ने कहा कि विनेश फोगाट को सरकार ने हरसंभव मदद दी है। खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने आगे कहा कि विनेश मंगलवार को तीन मुकाबले जीतकर फाइनल में पहुंचने वाली पहली महिला रेसलर बनीं। भारत सरकार ने विनेश फोगाट की हर संभव सहायता प्रदान की। उनके लिए पर्सनल स्टाफ भी नियुक्त किए गए, जो अपने क्षेत्र के विशेषज्ञ हैं। उनके साथ हंगरी के विख्यात कोच और फिजियो हमेशा रहते हैं। मांडविया ने कहा कि सरकार ने विनेश फोगाट को सभी प्रकार की खेल सुविधाएं एवं हर स्तर पर प्रशिक्षण उपलब्ध कराए हैं। उन्होंने कहा कि विनेश को पेरिस ओलम्पिक के लिए 70 लाख 45 हजार 775 रुपये की सहायता दी गई है। उन्होंने बताया कि स्पेन में ट्रेनिंग सेशन में जाने के लिए और ओलंपिक से पहले तैयारी में जाने के लिए भी फंडिंग की गई थी। वह जब हंगरी में गई थीं तो उसके लिए भी सरकार ने पूरी व्यवस्था की थी। रूस में भी अंतरराष्ट्रीय शिविर में हिस्सा लेने के लिए सरकार ने मदद की थी। बता दें कि एक स्तब्ध करने वाले घटनाक्रम में विनेश फोगाट को महिलाओं की 50 किलो कुश्ती स्पर्धा के फाइनल से पहले वजन अधिक पाए जाने के कारण बुधवार को ओलंपिक से अयोग्य घोषित कर दिया गया । विनेश ने ओलंपिक फाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला पहलवान बनकर इतिहास रचा था। सुबह तक उनका कम से कम रजत पदक पक्का लग रहा था लेकिन अब वह बिना किसी पदक के लौटेंगी। 29 वर्ष की विनेश को खेलगांव में पोली क्लीनिक ले जाया गया क्योंकि सुबह उनके शरीर में पानी की कमी हो गई थी। एक भारतीय कोच ने कहा, ''सुबह उसका वजन 100 ग्राम अधिक पाया गया। नियम इसकी अनुमति नहीं देते और उन्हें अयोग्य घोषित कर दिया गया है।'' भारतीय ओलंपिक संघ ने विनेश की निजता का सम्मान करने का अनुरोध करते हुए कहा ,''हमें यह खबर देते हुए खेद हो रहा है कि विनेश फोगाट महिला कुश्ती के 50 किलो वर्ग से अयोग्य घोषित कर दी गई है। पूरी रात टीम के अथक प्रयासों के बावजूद सुबह उसका वजन 50 किलो से अधिक पाया गया।'' इसमें कहा गया ,''भारतीय दल इस समय कोई और बयान नहीं देगा। भारतीय टीम आपसे विनेश की निजता का सम्मान करने का अनुरोध करती है । भारतीय दल इस समय आगामी स्पर्धाओं पर फोकस करना चाहेगा।'' recent visitors 103