मध्य प्रदेश में नई व्यवस्था हुई शुरू, सभी सरकारी कार्यालयों में अब आधार नंबर के आधार पर बायोमेट्रिक अटेंडेंस लगेगी

भोपाल मध्य प्रदेश के सभी सरकारी कार्यालयों में अब आधार नंबर के आधार पर बायोमेट्रिक अटेंडेंस लगेगी। ऐसा केंद्र सरकार के निर्णय के आधार पर किया जा रहा है। यह बायोमेट्रिक अटेंडेंस सरकारी शैक्षणिक संस्थाओं में भी सरकारी सेवकों के लिए लागू होगी। यह व्यवस्था प्रदेश मुख्यालय से लेकर नीचे तक सभी विभागों के प्रत्येक कार्यालय में लागू करने की योजना है। इससे सरकारी विभागों के कर्मचारियों के देर से कार्यालय आने और गायब हो जाने की मनमानी पर अंकुश लग सकेगा। इस संबंध में राज्य के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग ने अधिसूचना जारी की है। इसे आधार सक्षम बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली यानि आधार एनेबल्ड बायोमेट्रिक अटेंडेंस सिस्टम नाम दिया गया है। इस प्रणाली की स्थापना के लिए राज्य इलेक्ट्रानिक विकास निगम तकनीकी मार्गदर्शन देगा। अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि कार्यालय समय, देर से उपस्थिति आदि से संबंधित नियमों तथा विनियमों में कोई बदलाव नहीं किया गया है तथा यह सिर्फ उपस्थिति प्रणाली अटेंडेंस दर्ज करने का माध्यम होगी। शिवराज के कार्यकाल में नहीं मिली सफलता गौरतलब है कि पहले भी शिवराज सिंह चौहान के मुख्यमंत्रित्व कार्यकाल में बायोमेट्रिक फेस अटेंडेंस लागू करने की पहल की गई थी, लेकिन यह सफल नहीं हो सकी। अब एक बार फिर नए सिरे से यह व्यवस्था लागू की जा रही है। खास बात यह है कि कर्मचारियों की ईएल और सीएल भी इसी प्रणाली के सॉफ्टवेयर के माध्यम से ऑनलाइन स्वीकृति या खारिज की जाएगी। दिव्यांग कर्मचारियों की सुविधा के लिए इसमें अलग व्यवस्था होगी। कारपोरेट आफिस की तर्ज पर मंत्रालय के कर्मचारियों के स्मार्ट आइडी कार्ड बनाने पर भी विचार किया जा रहा है। कार्ड के स्कैन करने पर गेट ओपन होने से लेकर अन्य कार्य संभव हो सकेंगे। recent visitors 142

कई शाहरो में 5 से 10 अगस्त तक बहुत भारी बारिश हो सकती है, जारी किया ऑरेंज अलर्ट: आईएमडी

नई दिल्ली देश के कई राज्यों में भारी बारिश होने से मौसम अच्छा हो गया है, लेकिन जलभराव की समस्या ने लोगों को परेशान कर दिया है। हिमाचल और उत्तरांखड में बारिश आफत लेकर आई है। वहां तेज पानी पड़ने की वजह से लैंडस्लाइड व घर गिरने की घटनाएं हुई हैं। आईएमडी ने राजस्थान, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, ओडिशा, महराष्ट्र, गुजरात में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन राज्यों में 5 से 10 अगस्त तक बहुत भारी बारिश हो सकती है। यह संभावना है कि इन तारीखों के बीच में 115.6-204.4 मिलीमीटर बारिश हो। उत्तरांखड में भारी बारिश की चेतावनी मौसम विभाग का अनुमान है कि उत्तराखंड में भारी बारिश होगी। 10 अगस्त तक राज्य के 8 जिलों में तेज पानी पड़ेगा। देहरादून, बागेश्वर, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, नैनीताल, पौड़ी, टिहरी में मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि लोग जरूरी काम पड़ने पर ही घर से बाहर निकलें। इन जिलों में बारिश के समय पहाड़ों के आसपास ना जाएं। राजस्थान में स्कूलों की छुट्टियां घोषित राजस्थान के कई जिलों में बारिश की वजह से जलभराव की समस्या हो गई है। लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया है। ऐसे में अजमेर के सभी प्राइवेट व सरकारी स्कूलों की दो दिन की छुट्टियां कर दी गई हैं। टोंक, पाली और बालोतरा में भी सोमवार को स्कूल बंद रहे। recent visitors 122

21 प्रकार के औद्योगिक कार्यों/ गतिविधियों के विकास के लिये कारीगरों को तकनीकी प्रशिक्षण दिया जा रहा है

भोपाल   कुटीर एवं ग्रामोद्योग विभाग द्वारा प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्र में होने वाले 21 प्रकार के औद्योगिक कार्यों/ गतिविधियों के विकास के लिये बुनकरों, शिल्पियों एवं अन्य विधाओं के कारीगरों को तकनीकी प्रशिक्षण दिया जा रहा है। हस्तशिल्प, ग्रामोद्योग, चमड़ा उद्योग (चर्मकार्य), बर्तन उद्योग, कागज से बने उत्पाद, छपाई, जिल्दसाजी, सिथोग्राफी, कांच उत्पाद, रबर के सामान और इससे बनने वाले उत्पाद, भवन निर्माण कार्य/ भवन सामग्री, रसायन/ रसायन के उत्पाद, पेट्रोल रसायन (प्लास्टिक), सामान्य इंजीनियरिंग, खेल का सामान, रेशम संबंधी उत्पाद, नारियल के रेशे, वन क्षेत्रों पर आधारित कार्य/कलाकर्म, सेवा उद्योग संबंधी कार्य एवं अन्य विविध विधाओं में संलग्न व्यक्तियों के हुनर को निखारने के लिये इन्हें तकनीकी प्रशिक्षण दिया जा रहा है। बुनियादी एवं उन्नत दोनों श्रेणी के प्रशिक्षण देकर ग्रामोद्योगों में संलग्न व्यक्तियों के कौशल विकास के महती प्रयास किये जा रहे हैं। राज्य सरकार द्वारा "एक जिला-एक उत्पाद" योजना के अंर्तगत के प्रदेश के 7 जिलों में हो रही विशेष ग्रामोद्योग गतिविधियों को चिन्हांकित किया गया है। राज्य सरकार द्वारा अशोक नगर (चन्देरी, हाथकरघा वस्त्र साडी आदि), धार (बाग प्रिंट), उज्जैन (बटिक प्रिंट), सीधी (दरी/कालीन), सीहोर (लेकर वेयर शिल्प), भोपाल (जरी, जरदोजी) एवं दतिया (गुड़ उत्पाद) का चयन किया गया है। योजना में इन जिलों से संबंधित ग्राम्य उत्पादों के विस्तार एवं विपणन से जुड़ी सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं। इसके लिये बुनकरों एवं शिल्पियों को कौशल उन्नयन प्रशिक्षण, टूल किट, उपकरण प्रदाय एवं उत्पादन विक्रय के लिये विपणन सुविधा देकर निर्मित उत्पादों को प्रदेश व देश में आयोजित विभिन्न मेलों/प्रदर्शनियों के माध्यम से बिक्री कराकर इनके रोजगार का प्रबंध भी किया जा रहा है। कबीर बुनकर पुरस्कार योजना इस योजना में प्रदेश के हाथकरघा वस्त्र उत्पादन करने वाले तीन उत्कृष्ट बुनकरों को प्रोत्साहन स्वरूप चयन समिति की अनुशंसा/निर्णय के अनुरूप पुरस्कार दिये जाते हैं। प्रथम पुरस्कार के रूप में एक लाख रूपये, द्वितीय पुरस्कार में 50 हजार रूपये एवं तृतीय पुरस्कार में 25 हजार रूपये दिये जाते हैं। प्रदेश में वर्तमान में 17 हजार 597 से अधिक करघों पर सुविख्यात हाथकरघा वस्त्र जैसे चन्देरी एवं महेश्वरी-साडियां, ड्रेस मटेरियल, होम फर्निशिंग, बेडशीट एवं शासकीय विभागों में प्राय: उपयोग में आने वाले वस्त्रों का वृहद स्तर पर उत्पादन किया जा रहा है। इन हाथकरघों के जरिये गत वित्तीय वर्ष में लगभग 33 हजार 480 से अधिक बुनकरों को रोजगार दिलाया गया। हाथकरघा एवं हस्तशिल्प क्षेत्र के लिए कौशल एवं तकनीकी विकास योजना यह एक जिलास्तरीय योजना है। योजना में जिले को आवंटित बजट से हाथकरघा हस्तशिल्प क्षेत्र में कार्यरत प्राथमिक बुनकर सहकारी समितियों, स्व सहायता समूहों, उद्यमियों, हाथकरघा एवं हस्तशिल्प क्षेत्र में कार्यरत अशासकीय संस्थाओं, व्यक्तिगत बुनकरों/शिल्पियों को आत्मनिर्भर बनाने, ग्रामोद्योग उत्पादों को बाजार की मांग के अनुरूप योग्य बनाने के लिये तकनीकी सपोर्ट, प्रशिक्षण, विशेषज्ञों की सेवाएँ, उन्नत उपकरण, शिक्षण संस्थाओं में प्रदेश के बुनकरों/शिल्पियों (युवाओं) को प्रशिक्षण के दौरान छात्रवृत्ति एवं अन्य व्ययों की पूर्ति सहायता भी दी जा रही है। एकीकृत क्लस्टर विकास कार्यक्रम योजना ग्रामोद्योग विभाग में क्लस्टरों को विशिष्ठ बनाने, वर्तमान क्लस्टर्स को सुदृढ़ करने, क्लस्टर्स की वित्तीय सहायता बढ़ाने, डायग्नोस्टिक स्टडी, नवीन एवं आधुनिक उपकरणों का प्रदर्शन एवं विकास, अन्य आवश्यक इनपुट डिजाइन, बाजार लिंकेजेस, सलाहकारों की सेवाएं लेने एवं कमियों को चिन्हित करने के लिये अध्ययन एवं प्रशिक्षण की व्यवस्था करने तथा लघु एवं मध्यम उद्यमियों/अशासकीय संस्थाओं को सपोर्ट करने, वर्कशाप सहित अध्ययन भ्रमण के लिये भी सहायता राशि दी जाती है। क्लस्टर विकास के लिये सभी जरूरी बुनियादी आवश्यकताओं जैसे सड़क, नाली, पेयजल, विद्युत आपूर्ति, शिक्षा एवं स्वास्थ्य सुविधाओं के विकास के लिये भी विभागीय सहायता दी जाती है। हाथकरघा एवं हस्तशिल्प क्षेत्रों के लिये विपणन सहायता योजना कुटीर एवं ग्रामोद्योग से संबंधित उत्पादों की लोकप्रियता बढाने तथा विकास कार्यों का अभिलेखीकरण जिसमें डिजाईन, डिक्शनरी प्रकाशन, ब्रोशर प्रिटिंग परियोजना, प्रतिवेदन, इलेक्ट्रानिक मीडिया का उपयोग तथा बेस्ट प्रेक्टिसेस, नवीन उत्पादों की टेस्ट मार्केटिंग के लिये प्रदर्शनी आयोजन, हाथकरघा एवं हस्तशिल्प उत्पादों के विपणन को प्रोत्साहन के लिये प्रदेश व प्रदेश के बाहर मेला/ प्रदर्शनी लगाने के लिये सहायता, प्रदेश के बाहर एवं देश के भीतर होने वाले विभिन्न एक्सपो/मेलों प्रदर्शनियों के लिये उत्पाद माल के परिवहन तथा दो व्यक्तियों के आने-जाने का किराये, स्टॉल रेंट के लिये सहायता, क्रेता-विक्रेता सम्मेलन आयोजन तथा राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर के क्रेता-विक्रेता सम्मेलनों में भागीदारी के लिये भी सहायता दी जाती है। राष्ट्रीय हथकरघा विकास कार्यक्रम योजना – मध्य क्षेत्रीय योजना भारत सरकार के वस्त्र मंत्रालय के अधीन विकास आयुक्त, हाथकरघा द्वारा देश के सभी बुनकरों के कल्याण के लिये वर्ष 2021-22 से राष्ट्रीय हाथकरघा विकास कार्यक्रम योजना लागू की गई है। मध्य क्षेत्रीय योजना में क्लस्टर विकास कार्यक्रम, हाथकरघा विपणन सहायता, इन्फ्रास्ट्रक्चर एण्ड स्पेशल प्रोजेक्ट विकास योजना, मेगा हेण्डलूम क्लस्टर विकास, बुनकर मुद्रा योजना, बुनकर कल्याण योजना, हाथकरघा संगणना के अलावा इन योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार, विज्ञापन, मॉनिटरिंग, प्रशिक्षण और मूल्यांकन भी किया जा रहा है। recent visitors 101

ऊर्जा मंत्री ने कहा- आबादी को 24 घंटे और किसानों को 10 घंटे विद्युत आपूर्ति करना राज्य शासन का संकल्प है

भोपाल ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने कहा कि आबादी को 24 घंटे और किसानों को 10 घंटे विद्युत आपूर्ति करना राज्य शासन का संकल्प है। इस संकल्प की पूर्ति के लिये रिवेम्प्ट डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम स्कीम (आरडीएसएस) और एसएसटीडी योजना के अंतर्गत 33/11 केव्ही उपकेन्द्र, 33 केव्ही लाईन, 11 केव्ही लाईन के स्वीकृत विस्तार कार्य ग्वालियर एवं चंबल संभाग में समय-सीमा में पूरे होने चाहिए। आरडीएसएस योजना के कामों का लाभ जनता को मिल सके, इसके लिये रणनीति बनाकर कार्य करें और योजना समय-सीमा में पूरी करें। उन्होंने कहा कि घोषित अवधि में गुणवत्तापूर्ण एवं निर्बाध बिजली आपूर्ति सभी श्रेणी के उपभोक्ताओं को मिलना चाहिए। श्री तोमर सोमवार को ट्रिपल आईटीएम के सभागार ग्वालियर में ग्वालियर एवं चंबल संभाग के विद्युत अधिकारियों की बैठक को संबोधित कर रहे थे। ऊर्जा मंत्री श्री तोमर ने बिजली अधिकारियों को सचेत किया कि मेंटेनेंस प्रभावी ढंग से किया जाए ताकि ट्रिपिंग कम से कम हो और फॉल्ट की गुंजाइश न रहे। उन्होंने ग्वालियर शहर में निर्माणाधीन 132 केव्ही विद्युत उपकेन्द्र की समीक्षा की और आशा व्यक्त की कि इस उपकेन्द्र का काम जल्द ही पूर्ण कर लिया जायेगा। उन्होंने उद्योगो को निर्बाध एवं गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिये कहा। प्रधानमंत्री जनजातीय नागरिक महाअभियान (पीएम-जनमन) के प्रथम चरण के काम पूरा होने पर संतोष व्यक्त किया और द्वितीय चरण की प्रगति की समीक्षा की। ऊर्जा मंत्री ने कहा कि अच्छे कार्य करने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों को प्रोत्साहित किया जाए तथा कार्य में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों को समुचित दण्ड दिया जाए। उन्होंने जनता से संवाद बनाए रखने के लिये ग्रामीण क्षेत्र में चौपाल लगाने और शहरी क्षेत्र में जन संवाद कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए। अपर मुख्य सचिव ऊर्जा श्री मनु श्रीवास्तव ने नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा विभाग की “कुसुम” योजना से कृषि क्षेत्र के पम्प उपभोक्ताओं को लाभान्वित करने की पहल करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि औद्योगिक विकास केन्द्रों के लिये अतिरिक्त गाड़ी एवं कुशल कर्मचारियों की व्यवस्था की जा रही है। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध संचालक श्री क्षितिज सिंघल ने ग्वालियर एवं चंबल संभाग के अधिकारियों को विद्युत आपूर्ति के साथ-साथ पेईंग कंज्यूमर बढ़ाने तथा सकल वाणिज्यिक व तकनीकी हानियां (एटीएण्डसी लॉसेस) कम करने पर बल दिया। इस दौरान विभागीय अधिकारी उपस्थित थे। इस अवसर पर ग्वालियर-चंबल संभाग की विद्युत वितरण व्यवस्था को लेकर 90 दिन की कार्ययोजना, पाँच वर्ष की कार्ययोजना और सकल वाणिज्यिक व तकनीकी हानियां एवं राजस्व वसूली के प्रयासों की समीक्षा की गई।   recent visitors 98

परिवहन विभाग द्वारा महिलाओं के लिये नि:शुल्क ड्रायविंग लाइसेंस की योजना चालाई जा रही है

भोपाल प्रदेश में महिलाओं को आत्म सम्मान के साथ रोजगार के साधन दिलाने के उद्देश्य से परिवहन विभाग द्वारा महिलाओं के लिये नि:शुल्क ड्रायविंग लाइसेंस की योजना चालाई जा रही है। योजना के माध्यम से अब तक 6 लाख 53 हजार से अधिक महिलाओं को नि:शुल्क ड्रायविंग लाइसेंस जारी किये गये है। विभाग द्वारा 7 लाख 52 हजार 600 से अधिक लर्निंग लायसेंस जारी किये गये है। महिलाएँ सुरक्षित रूप से सार्वजनिक सेवा की बसों में यात्रा कर सके। इसके लिये बसों में हेल्प लाइन नंबर 1091 अंकित कराया गया है। महिलाओं को चालक-परिचालक का प्रशिक्षण परिवहन विभाग द्वारा महिलाओं को रोजगार दिलाये जाने के उद्देश्य से चालक-परिचालक का नि:शुल्क प्रशिक्षण दिलाया जा रहा है। प्रदेश के 8 जिलों इंदौर, सागर, ग्वालियर, जबलपुर, झाबुआ, खंडवा, उज्जैन और धार में करीब 730 महिलाओं और युवतियों को हल्के मोटर यान (लाइट मोटर व्हीकल) चालन का प्रशिक्षण दिलाया गया है। इसके बाद उन्हें ड्रायविंग लायसेंस जारी किये गये है। सार्वजानिक बसों पैनिक बटन सुविधा निर्भया फंड की मदद से प्रदेश में परिवहन विभाग द्वारा सार्वजनिक वाहन में महिलाओं और युवतियों के सुरक्षित परिवहन के लिये पैनिक बटन सहित लोकेशन ट्रेकिंग डिवाइस प्रणाली मापदण्ड अनुसार लगाई जा रही है। अब तक लगभग 46 हजार 500 उपकरण वाहनों में लगाये जा चुके है। यह उपकरण महिलाओं की सुरक्षा की दृष्टि से उपयोगी है। कमांड एण्ड कन्ट्रोल सेंटर का निर्माण प्रदेश की राजधानी भोपाल में हो चुका है। परिवहन विभाग द्वारा फेसलेस सेवाओं के माध्यम से लायसेंस जारी किये जा रहे है। E-KYC द्वारा लर्नर लाइसेंस प्राप्त करने के लिये किसी भी महिला को परिवहन कार्यालय आने की आवश्यकता नहीं होती है।   recent visitors 156

हितग्रहियों को किया राशन कार्ड वितरण, छत्तीसगढ़-बेमेतरा के नवागढ पहुंचे खाद्य मंत्री बघेल

रायपुर. खाद्य मंत्री श्री दयाल दास बघेल ने आज बेमेतरा जिले के  नगर पंचायत नवागढ में नगरीय प्रशासन विभाग के द्वारा आयोजित जनसमस्या निवारण पखवाड़ा शिविर का अवलोकन किया और हितग्राहियों से चर्चा करके राशनकार्ड वितरण, उचित मूल्य दुकान के माध्यम से खाद्यान की उपलब्धता एवं अन्य समस्याओं की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि लोगों की समस्याओं का समाधान करने के लिए शिविर का आयोजन किया गया है, जिनका राशनकार्ड नहीं बना है। वे 15 अगस्त 2024 तक नवीनीकरण के लिए आवेदन कर सकते हैं। हितग्राही द्वारा खाद्य विभाग की वेबसाइट https://fcs.cg.gov.in/ से डाउनलोड करके नवीनीकरण का कार्य किया जा सकता है। हितग्राही उचित मूल्य दुकान में भी जाकर ऑनलाईन के माध्यम से अपने राशनकार्ड नवीनीकरण और ई-केवायसी का कार्य करवा सकतें है। मंत्री श्री बघेल ने कहा कि ई-केवायसी के लिए प्रत्येक हितग्राही का बायोमेट्रिक अद्यतन होना चाहिए जिन सदस्यों का बाल आधार बना है उन्हें पहले आधार सेवा केंद्र से अपना बायोमेट्रिक अपडेट कराना होगा। इसके पश्चात् उचित मूल्य दुकान के ई-पॉस मशीन से ई-केवायसी करा सकते हैं। विदित हो कि राशनकार्ड में ई-केवायसी और नवीनीकरण की सुविधा निःशुल्क है। शिविर में आवेदन कर सकते हैं। recent visitors 98

अपर मुख्य सचिव ऊर्जा श्री मनु श्रीवास्तव ने ग्वालियर सिटी के सुरेश नगर एवं प्रमिला प्लाजा एरिया का निरीक्षण किया

भोपाल अपर मुख्य सचिव ऊर्जा श्री मनु श्रीवास्तव ने ग्वालियर सिटी के सुरेश नगर एवं प्रमिला प्लाजा एरिया का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने पाया की उक्त क्षेत्र के अनेक उपभोक्ता अटल गृह ज्योति योजना का लाभ ले रहे हैं, जबकि उनके परिसर काफी बड़े हैं और उनके परिसर का विद्युत भार भी स्वीकृत भार से अधिक है। उन्होंने सुरेश नगर के उपभोक्ता अशोक कुमार शुक्ला के परिसर का मीटर सील कराकर मीटर टेस्टिंग लैब में भिजवाया। इसी प्रकार प्रमिला प्लाजा एरिया में 5-6 उपभोक्ताओं के मीटर में अनियमितता पाए जाने पर मीटर सील कराया गया तथा लैब में परीक्षण के लिये भेजा गया। निरीक्षण के दौरान मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध संचालक श्री क्षितिज सिंघल एवं मुख्य महाप्रबंधक ग्वालियर क्षेत्र श्री राजीव गुप्ता उपस्थित थे। गौरतलब है की इन उपभोक्ताओं द्वारा अटल गृह ज्योति योजना का लाभ लिया जा रहा था, जबकि इनके परिसर का लोड स्वीकृत भार से कहीं अधिक पाया गया है। प्रकरणों में विस्तृत जांच की जा रही है।   recent visitors 169