विनेश फोगाट पेरिस के अस्पताल में भर्ती, हालत में सुधार

पेरिस/नई दिल्ली बीजिंग ओलंपिक के स्वर्ण पदक विजेता अभिनव बिंद्रा बुधवार सुबह पेरिस ओलंपिक में महिलाओं की 50 किलोग्राम स्पर्धा में विनेश फोगाट को निर्धारित सीमा से कुछ ग्राम अधिक वजन के कारण अयोग्य घोषित किए जाने से ‘पूरी तरह निराश’ हो गए। विनेश को पेरिस के अस्पताल में भर्ती कराया गया था। अब उनकी तबीयत में सुधार है। बताया जा रहा है कि विनेश फोगाट डिहाइड्रेशन के कारण पेरिस ओलंपिक स्थल पर अचानक बेहोश हो गई थीं। फिलहाल उसे नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उन्हें IV फ्लूइड देने की सिफारिश की गई है। विनेश फोगाट का परिवार अभी भी पेरिस ओलंपिक 2024 में महिला कुश्ती 50 किग्रा स्पर्धा से उनकी अयोग्यता की दिल दहला देने वाली खबर से शांति बना रहा है। भारतीय ओलंपिक संघ ने बुधवार को एक बयान में कहा, ”इस समय दल द्वारा और टिप्पणियाँ नहीं की जाएंगी। भारतीय टीम आपसे विनेश की गोपनीयता का सम्मान करने का अनुरोध करती है।” एक अन्य ओलंपियन जॉयदीप करमाकर ने विनेश के अचानक खेलों से बाहर होने पर निराशा जताई और अयोग्यता की प्रक्रिया पर सवाल उठाए। कर्माकर ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, “यह कैसे काम करता है, इसके बारे में निश्चित नहीं हूं, लेकिन यह हम सभी के लिए इससे अधिक दर्दनाक नहीं हो सकता है! मैं यह भी अनुमान नहीं लगा सकता कि वह क्या महसूस कर रही है! लेकिन क्या मैच के दिन वजन की गणना नहीं की जाती है? यदि वह कल 50 किलो से कम की होती, क्या यह वैध जीत नहीं है, फिर पदक की दौड़ से बाहर क्यों?” उन्होंने अपने अभियान की शुरुआत दुनिया की नंबर एक खिलाड़ी, जापान की चार बार की विश्व चैंपियन और टोक्यो ओलंपिक की स्वर्ण पदक विजेता युई सुसाकी से की, जो एक पहलवान के रूप में अपने पूरे करियर में 95 अंतरराष्ट्रीय मैचों में अपराजित रहीं। विनेश ने दिन के अपने दूसरे मुकाबले में यूक्रेन की ओक्साना वासिलिवना लिवाच को 7-5 से हराकर अपने पहले सेमीफाइनल में प्रवेश किया और फिर फ़ाइनल में जगह बनाई।   recent visitors 121

विनेश फोगाट को पेरिस ओलंपिक 2024 से अयोग्य ठहराए जाने पर महासंघ विचार करेगा : करण भूषण सिंह

नई दिल्ली भारतीय पहलवान विनेश फोगाट को पेरिस ओलंपिक 2024 से अयोग्य ठहराए जाने पर भाजपा सांसद करण भूषण सिंह ने कहा कि यह देश के लिए एक नुकसान है। महासंघ इस पर विचार करेगा और देखेगा कि क्या किया जा सकता है। बुधवार काे सांसद ने मीडिया में यह बयान दिया है। भारतीय पहलवान विनेश फोगाट ने पेरिस 2024 ओलंपिक में महिलाओं के 50 किग्रा फ्री स्टाइल के सेमीफाइनल में क्यूबा की गुजमान लोपेज को 5-0 से हराकर इतिहास रचते हुए फाइनल में जगह बनाई थी। इस जीत के साथ ही विनेश ने पेरिस ओलंपिक में भारत के लिए कुश्ती में एक पदक पक्का कर लिया था। अब वह फाइनल में स्वर्ण पदक मैच में हिस्सा लेतीं। लेकिन भारतीय पहलवान विनेश फोगट को पेरिस ओलंपिक 2024 में महिलाओं के 50 किग्रा फाइनल से 100 ग्राम अधिक वजन के कारण अयोग्य घोषित कर दिया गया है। भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) ने इसकी पुष्टि की है। इसके साथ ही विनेश के फाइनल मैच में हिस्सा लेने पर विराम लग गया है।   recent visitors 158

राहुल, अखिलेश, शिवराज के गढ़ किसके साथ-साल के अंत तक देश की 50 सीटों पर उपचुनाव होने हैं, सियासी हलचल तेज

नई दिल्ली लोकसभा चुनाव खत्म हुए अभी कुछ महीने ही बीते हैं कि अब उपचुनाव का दौर शुरू होने वाला है। इस साल के अंत तक देश की 50 सीटों पर उपचुनाव होने हैं। इनमें कई सीटें लोकसभा की हैं तो ज्यादातर विधानसभा सीटों पर मतदान होना है। ये सीटें उन विधायकों के इस्तीफे से खाली हुई हैं, जो अब सांसद बन चुके हैं या फिर दो जगहों से लड़ने के चलते एक लोकसभा सीट खाली की है। माना जा रहा है कि इन सीटों पर हरियाणा, महाराष्ट्र, जम्मू-कश्मीर और झारखंड जैसे राज्यों में विधानसभा चुनाव के साथ ही वोटिंग कराई जा सकती है। उत्तर प्रदेश में ही 10 विधानसभा सीटों पर वोटिंग होनी है, जिनमें से एक सीट अखिलेश यादव के इस्तीफे से खाली मैनपुरी की करहल है। इसके अलावा अयोध्या के सांसद बने अवधेश प्रसाद की सीट मिल्कीपुर भी है। वह अब तक यहीं से विधायक थे। गाजियाबाद, कुंदरकी जैसी सीटों पर भी चुनाव होना है। वहीं मध्य प्रदेश में पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान की विधानसभा सीट बुधनी में भी चुनाव होगा। अब वह विदिशा सीट से सांसद बन चुके हैं। वहीं कर्नाटक में बसवराज बोम्मई, एचडी कुमार स्वामी, बिहार में जीतन राम मांझी और सिक्किम में सीएम प्रेम सिंह तमांग की छोड़ी हुई सीटों पर भी मतदान होगा। बंगाल की भी 6 सीटों पर उपचुनाव, बिहार और पंजाब में 4-4 उपचुनाव में सबसे ज्यादा यूपी की सीटें हैं तो दूसरे नंबर पर पश्चिम बंगाल है। यहां 6 सीटों पर उपचुनाव होगा। इसेक अलावा असम और राजस्थान में 5-5 सीटों पर वोटिंग होगी। बिहार और पंजाब में 4-4 सीटों पर उपचुनाव होना है। बता दें कि लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी भी रायबरेली और वायनाड सीट से लड़े थे। उन्होंने चुनाव के बाद रायबरेली से सांसद बने रहने का फैसला लिया और वायनाड से इस्तीफा दे दिया। अब वायनाड से उनकी बहन प्रियंका गांधी चुनाव लड़ रही हैं। नियम के अनुसार किसी भी सीट को 6 महीने से ज्यादा खाली नहीं रका जा सकता। ऐसे में ज्यादातर सीटों पर नवंबर तक मतदान करा लिया जाएगा। यूपी में 10 सीटों पर कांग्रेस और सपा दिखाना चाहेंगे ताकत इसी साल महाराष्ट्र, हरियाणा, झारखंड और जम्मू-कश्मीर में असेंबली इलेक्शन का प्लान है। संभावना है कि अलग-अलग समय पर राज्यों के साथ ही विधानसभा और लोकसभा के उपचुनाव भी करा लिए जाएं। कई राज्यों में तो उपचुनाव को भी सरकार के लिए जनादेश के तौर पर माना जा रहा है। यूपी में भाजपा को लोकसभा चुनाव में झटका लगा था। ऐस में अब 10 विधानसभा सीटों पर जीत के जरिए वह ताकत दिखाना चाहेगी। वहीं सपा और कांग्रेस एक बार फिर अपनी ताकत को दिखाना चाहेंगे। recent visitors 122

डेल कंपनी की 12,500 कर्मचारी पर छंटनी की मार पड़ी, नौकरी से निकाला

नई दिल्ली कंप्यूटर की दिग्गज कंपनी डेल ने अपने लगभग 12,500 कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया है। कंपनी ने सेल्स डिवीजन में एक बड़े पुनर्गठन की घोषणा की है। इससे ऑपरेशंस को आधुनिक बनाने और एआई पर ध्यान केंद्रित करने की रणनीति के हिस्से के रूप में छंटनी की गई है।  एक रिपोर्ट के अनुसार कंपनी ने 6 अगस्त को एक इंटर्नल मेमो में कर्मचारियों को इन बदलावों के बारे में सूचित किया, जिसमें सेल्स टीमों को सेंट्रलाइज करने और एक नई एआई-केंद्रित सेल्स यूनिट बनाने की योजना की रूपरेखा दी गई थी। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, प्रभावित कर्मचारियों की सटीक संख्या की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन लगभग 12,500 कर्मचारी पर छंटनी की मार पड़ी है। इससे डेल के लगभग 10% वर्कफोर्स प्रभावित हुआ है। "ग्लोबल सेल्स मॉडर्नाइजेशन अपडेट" के नाम से यह मेमो सीनियर एग्जीक्यूटिव बिल स्कैनेल और जॉन बर्न द्वारा भेजा गया था। इसने स्ट्रीम लाइन मैनेजमेंट को सुव्यवस्थित करने और निवेश को फिर से प्राथमिकता देने के लिए कंपनी के इरादों को विस्तृत किया। मीडिया की खबर के मुताबिक छंटनी की सही संख्या का खुलासा नहीं किया गया है। सेल्स डीविजन के कई कर्मचारियों ने बंद होने या प्रभावित होने वाले सहयोगियों को जानने की सूचना दी। सूत्रों के अनुसार छंटनी ने मुख्य रूप से मैनेजर्स और सीनियर मैनेजर्स को प्रभावित किया। इनमें से कुछ कंपनी में दो दशकों से काम कर रहे हैं। छंटनी से कौन लोग प्रभावित एक कर्मचारी ने बिना अपनी पहचान बताए बिजनेस इनसाइडर को बताया, " इसमें ज्यादातर मैनेजर्स, डायरेक्टर्स और वीपी थे। उन्होंने मार्केटिंग और ऑपरेशंस को भी प्रभावित किया। उन्होंने संगठनों को संयुक्त किया और प्रबंधकों के लिए अनुपात को भी अधिक बनाया। अब हर मैनेजर के पास न्यूनतम 15 कर्मचारी हैं।" हर छह महीने में छंटनी यह छंटनी डेल में एक बड़े ट्रेंड का हिस्सा है। कंपनी ने फरवरी 2023 से अपने कर्मचारियों की संख्या 130,000 से घटाकर लगभग 120,000 कर दिया है। एक कर्मचारी ने कहा, ""हर छह महीने में हमारे यहां छंटनी होती है। आगे बढ़ने का कोई अवसर नहीं है। मैं नौ महीने से डेल के बाहर एक नई नौकरी की तलाश कर रहा हूं।" डेल के एक प्रतिनिधि ने बिजनेस इनसाइडर से पुष्टि की कि कंपनी संचालन को सुव्यवस्थित करने के लिए "कार्यों की चल रही सीरीज" से गुजर रही है। recent visitors 100

केंद्र सरकार वक्फ बोर्ड के अधिकारों पर एक विधेयक लाने की तैयारी पूरी, वक्फ बोर्ड विधेयक में क्या-क्या

नई दिल्ली केंद्र सरकार वक्फ बोर्ड के अधिकारों पर एक विधेयक लाने की अपनी तैयारी लगभग पूरी कर ली है। इसके माध्यम से केंद्रीय पोर्टल और डेटाबेस के माध्यम से वक्फ संपत्ति का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य कर दिया जाएगा। इसके अलावा, बोहराओं के अधिकारों की रक्षा और महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए वक्फ विधेयक में व्यवस्था की जाएगी। भाजपा के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार वक्फ अधिनियम 1995 में संशोधन करने के लिए संसद में किसी भी दिन बिल पेश कर सकती है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, इसका उद्देश्य वक्फ बोर्ड की शक्तियों को सीमित करना है। आपको बता दें कि रेलवे और रक्षा विभाग की सरकारी संपत्तियों के बाद वक्फ बोर्ड के पास सबसे अधिक संपत्ति है। हालांकि इन जमीनों का मूल्य और इससे मिलने वाले राजस्व मेल नहीं खाते हैं। सरकारी सूत्रों ने कहा है कि करोड़ों की कीमत वाली संपत्तियों से सालाना सिर्फ 200 करोड़ रुपये के राजस्व सरकार को मिलते हैं। सच्चर समिति ने अपनी सिफारिशों में राजस्व के साथ-साथ संपत्तियों का मानचित्रण करने की आवश्यकता के बारे में भी बात की है। आइए जानते हैं क्या-क्या सिफारिश की गई है। नए कानून में वक्फ अधिनियम, 1995 का नाम बदलकर एकीकृत वक्फ प्रबंधन, सशक्तीकरण, दक्षता और विकास अधिनियम 1995 करने का प्रस्ताव है। वक्फ शब्द को कम से कम पांच वर्षों से इस्लाम का पालन करने वाले और ऐसी संपत्ति के स्वामित्व वाले व्यक्ति द्वारा स्पष्ट रूप से परिभाषित किया जाएगा। वक्फ संपत्ति उत्तराधिकार में महिलाओं को भी ऐसी संपत्तियों का उत्तराधिकारी बनाने की बात कही जा रही है। वक्फ संपत्तियों के सर्वेक्षण के लिए कलेक्टर के सर्वेक्षण आयुक्त या डिप्टी कलेक्टर के पद से नीचे का कोई अन्य अधिकारी कलेक्टर द्वारा विधिवत त किया जाएगा। केंद्रीय वक्फ परिषद और राज्य वक्फ बोर्ड मुस्लिम महिलाओं और गैर-मुस्लिमों का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करेंगे। बोहरा और अघाखानियों के लिए एक अलग औकाफ बोर्ड की स्थापना की जाएगी। बोर्ड में मुस्लिम समुदायों में शिया, सुन्नी, बोहरा, अघाखानी और अन्य पिछड़े वर्गों का प्रतिनिधित्व होगा। वक्फ संपत्ति का पंजीकरण एक केंद्रीय पोर्टल और डेटाबेस के माध्यम से होना चाहिए। नए विधेयक में प्रावधान है कि बोर्ड अब यह तय करने का एकमात्र प्राधिकारी नहीं होगा कि कोई संपत्ति वास्तव में वक्फ संपत्ति है या नहीं। recent visitors 125

विनेश का वजन कम करने के लिए उनके कोच और सपोर्ट स्टाफ ने सबकुछ कर लिया, लेकिन वह 100-150 से ओवरवेट आईं

नई दिल्ली 6 अगस्त की रात विनेश फोगाट के गोल्ड मेडल का सपना लिए हर भारतीय सोया होगा, लेकिन 7 अगस्त की सुबह यह सपना चकनाचूर हो गया। पेरिस ओलंपिक गेम्स में महिलाओं के 50 किग्रा वर्ग में भारत की स्टार विनेश फोगाट ने फाइनल तक का सफर एक दिन में तय कर लिया। विनेश ने 6 अगस्त को खेले गए अपने तीनों मैच जीते और फाइनल में पहुंचकर भारत के लिए कम से कम सिल्वर मेडल पक्का कर लिया, लेकिन इसके अगले दिन उन्हें डिस्क्वॉलिफाई कर दिया गया। विनेश का वजन 100 से 150 ग्राम ज्यादा था, जिसके चलते उन्हें डिस्क्वॉलिफाई कर दिया गया और अब उन्हें कोई मेडल नहीं मिलेगा। दरअसल ओलंपिक में कुश्ती के नियम के मुताबिक दो दिन के अंदर मुकाबले होते हैं और दोनों दिन ही हिस्सा लेने वाले पहलवानों का वजन किया जाता है। क्या कुछ किया वजन कम करने के लिए विनेश का वजन कम करने के लिए उनके कोच और सपोर्ट स्टाफ ने सबकुछ कर लिया, लेकिन वह 100-150 से ओवरवेट आईं और डिस्क्वॉलिफाई हो गईं। विनेश के बाल काटे गए, उनका खून तक निकाला गया, जिससे उनका वजन कुछ कम हो जाए। विनेश को फिलहाल हॉस्पिटल में एडमिट किया गया है। रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (डब्ल्यूएफआई) के अध्यक्ष संजय सिंह ने बताया कि विनेश को डिहाइड्रेशन के चलते हॉस्पिटल में एडमिट किया गया है। पहले दिन विनेश का वजन था निर्धारित लिमिट के अंदर विनेश ने जिस तरह से प्री क्वार्टर फाइनल, क्वार्टर फाइनल और सेमीफाइनल मैच जीते, उसे देखकर ऐसा लगा था कि वो इस बार गोल्ड मेडल लेकर ही आएंगी। खबरों की माने तो फाइनल से एक रात पहले विनेश का वजन करीब दो किलोग्राम ज्यादा था, जिसके बाद कोच और सपोर्ट स्टाफ ने मिलकर उनका वजन कम करने के लिए हर संभव कोशिश की। नियमों के दायरे में रहते हुए उनका खून भी निकाला गया और बाल भी काटे गए, लेकिन इन सब के बावजूद 100-150 ग्राम एक्स्ट्रा वजन ने उनका मेडल जीतने का सपना तोड़ दिया। recent visitors 104

बांग्लादेश स्थित दूतावास और अन्य कौंसुलेट्स में जरूरी स्टाफ मौजूद रहेगा, भारत ने वापस बुलाए कई राजनयिक

ढाका भारत ने बांग्लादेश में चल रही हिंसा को देखते हुए ढाका स्थित अपने दूतावास के स्टाफ को कम कर दिया है। सूत्रों के अनुसार कई ऐसे कर्मचारियों को वापस बुलाया जा रहा है, जो बहुत जरूरी कामकाज में संलग्न नहीं थे। ये लोग अपने परिवारों के साथ वापस आ रहे हैं। हालांकि बांग्लादेश में मौजूद भारत के सभी कौंसुलेट्स में सामान्य कामकाज जारी रहेगा। ऐसा इसलिए क्योंकि फिलहाल बांग्लादेश में करीब 12000 भारतीय मौजूद हैं। उनसे दूतावास संपर्क में है और किसी भी तरह की मदद की जरूरत पड़ने पर उन तक सहायता पहुंचाई जा रही है। सूत्रों का कहना है कि बांग्लादेश स्थित दूतावास और अन्य कौंसुलेट्स में जरूरी स्टाफ मौजूद रहेगा। वहां कामकाज सामान्य तरीके से चलता रहेगा। सिर्फ उस स्टाफ को हटाया गया है, जो बहुत जरूरी नहीं थे। बांग्लादेश में शेख हसीना की सरकार का तख्तापलट हुआ है और उन्होंने सोमवार को अपना देश छोड़कर भारत में शरण ले ली थी। उन्हें ऐसा करने के लिए भी सेना की ओर से महज 45 मिनट का वक्त ही मिला था। शेख हसीना के पलायन करने के बाद से बांग्लादेश में हालात बेहद खराब हैं और हिंसा का दौर लगातार जारी है। अब तक ढाका समेत देश के अलग-अलग हिस्सों में उपद्रवियों के हाथों 440 लोग मारे जा चुके हैं। हिंसा में बड़े पैमाने पर हिंदुओं को भी टारगेट किया गया है। मेहरपुर के मशहूर इस्कॉन मंदिर में मूर्तियों तक को तोड़ दिया गया और स्टाफ ने जैसे-तैसे खुद को बचाया। दो हिंदू पार्षदों का कत्ल हो चुका है। अब तक मिली जानकारी के अनुसार कुल 27 जिलों में हिंदुओं पर हमले हुए हैं। ऐसे हालातों में बांग्लादेश में रह रहे भारतीयों को भी चिंता हो रही है। कुल 20 हजार भारतीय बांग्लादेश में थे, जिनमें से 8000 लोगों के आने की खबर है। अब भी 12 हजार भारतीय वहां हैं। ऐसे में उनसे संपर्क करने के लिए दूतावासों में नियमित कामकाज जारी है। फिर भी गैर-जरूरी स्टाफ को कम किया गया है। recent visitors 119