सुप्रीम कोर्ट ने कहा- आरक्षण का लाभ सिर्फ पहली पीढ़ी तक ही सीमित होना चाहिए, ए राजा ने टिप्पणी की आलोचना की

नई दिल्ली लोकसभा में डीएमके सांसद ए राजा ने मंगलवार को सरकार से दलित आरक्षण को बचाने का अनुरोध किया है। उन्होंने केंद्र सरकार से कहा है कि वह दलितों के अधिकारों की रक्षा के लिए कदम उठाएं। ए राजा ने हाल ही में आए सुप्रीम कोर्ट की एक टिप्पणी की आलोचना की है जिसमें कोर्ट ने कहा है कि आरक्षण का लाभ सिर्फ पहली पीढ़ी तक ही सीमित होना चाहिए। इस फैसले पर असहमति जताते हुए ए राजा ने लोकसभा में एक सत्र के दौरान कहा, “दलित लोगों में आशंका है कि सुप्रीम कोर्ट की इस टिप्पणी से उनके अधिकार छीन जायेंगे। उन्होंने आगे हरियाणा की एक घटना का उदाहरण देते हुए कहा, “हरियाणा में एक आईपीएस अधिकारी को भी अपनी शादी में घोड़े पर बैठने की अनुमति नहीं थी।” हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में सुनवाई करते हुए यह फैसला सुनाया है कि राज्य सरकार एससी और एसटी कोटे में उपवर्गीकरण करने का अधिकार है। भारत के मुख्य न्यायधीश जस्टिस डी वाई चंद्रचूड सहित 7 जजों की पीठ ने यह भी कहा कि एससी एसटी के कोटे में भी क्रीमी लेयर की पहचान कर उन्हें आरक्षण के दायरे से हटाने की जरूरत है। उपवर्गीकरण की इजाजत देकर सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों के लिए एससी/एसटी श्रेणियों के अंदर सबसे वंचित समूहों की पहचान करने और उन्हें लक्षित लाभ प्रदान करने का रास्ता खोल दिया है। recent visitors 123

नगर में डायरिया ने दी दस्तक, स्वास्थ्य विभाग में मचा हड़कंप, कचरे की ढेर के बीच रहने को मजबूर नगरवासी

तखतपुर नगर में डायरिया ने दस्तक दे दी है. तखतपुर के वार्ड क्रमांक 12 में दो बच्चे डायरिया से पीड़ित मिले हैं. दोनों को लगातार उल्टी और दस्त हो रहा था. सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में दोनों बच्चों का इलाज चल रहा. डॉक्टर ने स्थिति को सामान्य बताया है. वार्ड में फैली गंदगी को डायरिया का प्रमुख कारण बताया जा रहा. बता दें कि वार्ड क्रमांक 12 में गंदगी पसरी हुई है. वार्डवासी गंदगी के बीच जीवन जीने में मजबूर हैं. साफ-सफाई में नगर पालिका कोई सुध नहीं ले रहा. कचरे की ढेर सहित जल भराव के बीच लोग रोजमर्रा की जिंदगी जी रहे. वहीं अब डायरिया और मलेरिया के शिकार हो रहे. नगर में हालात बेहतर : बीएमओ तखतपुर में डायरिया के मरीज मिलने से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है. स्थिति का जायजा लेने खंड चिकित्सा अधिकारी सहित पूरा अमला वार्ड क्रमांक 12 पहुंचे हैं. एसडीएम सहित स्वास्थ्य अमले को वार्ड में गंदगी और जलभराव के बीच सर्वे करने में काफी परेशानी हुई. बीएमओ उमेश साहू ने बताया हालात बेहतर है. recent visitors 108

राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने की उत्तर प्रदेश की राज्यपाल से भेंट, विकास के विभिन्न विषयों पर हुई अनौपचारिक चर्चा

भोपाल राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने उत्तर प्रदेश की राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल से राजभवन के अतिथि गृह में आज शिष्टाचार मुलाकात की। उन्होंने पुष्पगुच्छ भेंट कर श्रीमती पटेल का स्वागत किया। दोनों प्रदेशों के राज्यपालों ने परस्पर विकास के विभिन्न विषयों पर अनौपचारिक चर्चा कर उपहारों का आदान-प्रदान किया। राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने मध्यप्रदेश के हस्तशिल्प उपहारस्वरूप उत्तर प्रदेश की राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल को प्रदान किए। उन्होंने चंदेरी के बुनकरों द्वारा निर्मित अंगवस्त्रम् और ब्रॉस की कलाकृति (कलश) उपहार के रूप में प्रदान किए। राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल को उत्तर प्रदेश की राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने भगवान श्रीरामलला की प्रतिकृति और इत्र भेंट किया। भेंट उपरांत राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने उत्तर प्रदेश की राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल को भोपाल राजभवन से उज्जैन के लिए विदाई दी। recent visitors 107

कानून व्यवस्था सामान्य नहीं हो जाती भारत की गहरी चिंता बनी रहेगी, 19 हजार भारतीय सबसे बड़ी चिंता: जयशंकर

ढाका बांग्लादेश में शेख हसीना सरकार के तख्तापलट के बाद दंगों की भयावह तस्वीर ने दुनिया को चिंतित कर दिया है। खासकर, भारत बांग्लादेश में हो रहे हर घटनाक्रम पर लगातार नजर रख रहा है। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने मंगलवार को राज्यसभा में कहा कि सरकार बांग्लादेश के राजनीतिक घटनाक्रम पर निरंतर नजर रखे हुए है और जब तक वहां कानून व्यवस्था की स्थिति सामान्य नहीं हो जाती भारत की गहरी चिंता बनी रहेगी। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश में अभी भी 19 हजार भारतीय नागरिक फंसे हुए हैं, जिनमें अधिकतर छात्र हैं। हम उनसे लगातार संपर्क में हैं। जयशंकर ने बांग्लादेश के घटनाक्रम पर राज्यसभा में बयान देते हुए कहा कि पड़ोसी देश का राजनीतिक घटनाक्रम चिंता का विषय है और सरकार अपने राजनयिक मिशनों के माध्यम से वहां रह रहे भारतीय नागरिकों से बराबर संपर्क बनाये हुए है। उन्होंने कहा कि वहां भारत के 19 हजार नागरिक हैं जिनमें करीब नौ हजार छात्र हैं और इनमें से काफी छात्र जुलाई में स्वदेश आ गये थे। बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की स्थिति पर नजर विदेश मंत्री ने कहा कि भारत बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की स्थिति पर भी निगाह रखे हुए है। वहां से ऐसी रिपोर्ट आ रही हैं कि कई समूह और संगठन अल्पसंख्यकों की सुरक्षा और सलामती के लिए कदम उठा रहे हैं। उन्होंने कहा , “ स्वभाविक है कि जब तक वहां कानून व्यवस्था की स्थिति सामान्य नहीं हो जाती हमारी गहरी चिंता बनी रहेगी। ” विदेश मंत्री ने बताया कि सीमाओं पर तैनात सुरक्षा बलों को बांग्लादेश की जटिल स्थिति को देखते हुए असाधारण रूप से चौकस रहने के निर्देश दिये गये हैं। उन्होंने कहा कि भारत पिछले 24 घंटों से ढाका में अधिकारियों के साथ संपर्क बनाये हुए है। पीएम हसीना ने मांगी थी भारत की मदद बांग्लादेश के घटनाक्रम की विस्तार से जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि पांच अगस्त को ढाका में कर्फ्यू लागू होने के बावजूद प्रदर्शनकारी बड़ी संख्या में सड़कों पर जमा हो गये थे। हम समझते हैं कि वहां के सुरक्षा प्रतिष्ठान (सेना) के साथ एक बैठक के बाद प्रधानमंत्री शेख हसीना ने इस्तीफा देने का निर्णय किया और थोड़े समय के नोटिस पर उन्होंने कुछ समय के लिए भारत आने की अनुमति का अनुरोध किया था। उन्होंने कहा कि साथ ही हमें बांग्लादेश के अधिकारियों से हवाई उडान की अनुमति का भी अनुरोध मिला और वह (हसीना) सोमवार शाम दिल्ली आ गयी। दो दिन पहले बिगड़े हालात विदेश मंत्री ने कहा कि बांग्लादेश में चार अगस्त को स्थिति ने गंभीर मोड़ लिया और पुलिस थानों तथा सरकारी प्रतिष्ठानों पर हमले होने लगे जिसके बाद हिंसा ने व्यापक रूप ले लिया । सरकार में शामिल लोगों की संपत्तियों पर पूरे देश में हमले होने लगे। विदेश मंत्री ने कहा कि खास तौर से चिंता की बात यह है कि अल्पसंख्यकों , उनके व्यवसायिक प्रतिष्ठानों और मंदिरों पर भी कई जगह हमले हुए। इन हमलों का पूरा विवरण अभी स्पष्ट नहीं है। जुलाई से जारी है हिंसा जयशंकर ने कहा कि बंगलादेश में इस वर्ष जनवरी में हुए चुनाव के बाद से तनाव बढ गया था और वहां की राजनीति में ध्रुवीकरण और विभाजन गहरा होने लगा था। इस पृष्ठभूमि में जून में शुरू हुए विद्यार्थियों के आंदोलन ने स्थिति को और गंभीर बना दिया। हिंसा की घटनाएं बढने लगी , सरकारी इमारतों पर हमले होने लगे , सड़क और रेल मार्गों पर बाधा पहुंचायी गयी। यह हिंसा जुलाई में भी जारी रही। विदेश मंत्री ने स्पष्ट किया कि इस अवधि में हमने बराबर संयम बरतने की सलाह दी और आग्रह किया कि स्थिति को बातचीत से सामान्य किया जाये। हमने विभिन्न राजनीतिक शक्तियों से भी इसी तरह का आग्रह किया जिनके साथ हमारा संपर्क था। विदेश मंत्री ने कहा कि 21 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के बावजूद सार्वजनिक प्रदर्शनों में कोई कमी नहीं आयी। उसके बाद वहां की सरकार के फैसलों और कार्रवाईयों से स्थिति सुधरने के बजाय बिगड़ती गयी और आंदोलन ऐसे माेड पर पहुंच गया जहां केवल एक ही मांग रही गयी थी कि प्रधानमंत्री हसीना इस्तीफा दें। उन्होंने कहा कि भारत और बांग्लादेश के संबंध विभिन्न सरकारों के कार्यकाल में दशकों से असाधारण रूप से प्रगाढ़ रहे हैं। बांग्लादेश में हिंसा और अस्थिरता को लेकर भारत में सभी दलों की चिंता समान है। recent visitors 143

बिजनौर के रहने वाले नसीम ने मोहाली में आकाश बनकर एक हिंदू महिला को फंसा लिया, पति से तलाक कराकर की शादी

बिजनौर बिजनौर में लव जिहाद का मामला सामने आया है। बिजनौर के रहने वाले नसीम ने मोहाली में आकाश बनकर एक हिंदू महिला को फंसा लिया। उसके पति से तलाक कराकर शादी कर ली। उसके बाद वह को छोड़कर फरार हो गया। युवती ने असलियत सामने आने के बाद नसीम के खिलाफ मामला दर्ज कराया। पुलिस ने उसको गिरफ्तार कर लिया है। यह है पूरा मामला… नसीम मोहाली में कारपेंटर का काम करता था। इस दौरान उसकी पहचान मोहाली में रहने वाली पूजा (नाम काल्पनिक है) से हुई। उसने अपना नाम पूजा को आकाश बताया। यह मुलाकात प्यार में बदल गई। पूजा शादीशुदा थी। आकाश के साथ रहने के लिए उसने अपने पहले पति से तलाक ले लिया। उसके बाद नसीम उर्फ आकाश ने उसके साथ शादी कर ली। दोनों मोहाली में साथ में रहने लगे। वह अपने बिजनौर जाने का कहकर निकल गया। पूजा उसका इंतजार करती रही, लेकिन वह दो महीने तक वापस नहीं आया।   वह नसीम उर्फ आकाश को लेकर परेशान हो रही थी। इस दौरान उसने नसीम के बिजनौर के घर का पता लगा लिया। वह उससे मिलने के लिए बिजनौर के गांव फरीदपुर काजी उर्फ खेड़की पहुंची, तो वह नहीं मिला। उसके घर वालों ने साफ कह दिया कि तुम हिंदू हो, इसलिए हम तुमको नहीं अपना सकते हैं। तुम इस्लाम कबूल कर लो, तो हम तुमको घर पर रख लेंगे। पूजा ने साफ मना कर दिया, तो उसको मारपीट कर बाहर निकाल दिया। पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार पूजा ने हिंदू संगठनों को पूरी बात बताई। उसके बाद हिंदू संगठनों ने शहर कोतवाली थाने में जाकर एफआईआर लिखने को कहा। पुलिस ने आरोपी नसीम उर्फ आकाश, भाई वसीम, पिता शमीम और ताऊ हासिल के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया। पुलिस ने देर शाम को नसीम उर्फ आकाश को गिरफ्तार कर लिया है। recent visitors 126

आप सांसद ने कहा कि बांग्लादेश संकट एक महत्वपूर्ण और संवेदनशील मुद्दा है, बैठक में नहीं बुलाने पर भड़की

नई दिल्ली आम आदमी पार्टी (आप) ने बांग्लादेश संकट पर आयोजित सर्वदलीय बैठक में आमंत्रित न किए जाने पर सरकार को पत्र लिखने का निर्णय लिया है। आप नेताओं ने इस मुद्दे पर गहरी असंतोष व्यक्त करते हुए कहा है कि उनकी पार्टी को भी इस महत्वपूर्ण बैठक में शामिल होने का अवसर दिया जाना चाहिए था। आप के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने राष्ट्रीय महत्व के मुद्दे पर अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली पार्टी को कथित रूप से दरकिनार करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र पर निशाना साधा। आप के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद ने कहा कि बांग्लादेश संकट एक महत्वपूर्ण और संवेदनशील मुद्दा है। आप जल्द ही सरकार को एक औपचारिक पत्र भेजकर इस मुद्दे पर स्पष्टीकरण मांगेगी। संजय सिंह ने कहा, "विदेश मंत्री ने हमें बांग्लादेश की जमीनी स्थिति के बारे में बताया। हमने इस पर कोई सवाल नहीं पूछा क्योंकि यह राष्ट्रीय सुरक्षा का मामला है। लेकिन आप एक राष्ट्रीय पार्टी है और हमारे पास लोकसभा और राज्यसभा दोनों में सांसद हैं। हो सकता है कि पीएम मोदी हमें पसंद न करते हों। लेकिन राष्ट्रीय सुरक्षा पीएम की पसंद और नापसंद का मुद्दा नहीं हो सकता।" संजय सिंह ने कहा, "जब राष्ट्रीय सुरक्षा की बात आती है तो यह इस बात पर निर्भर नहीं करता कि प्रधानमंत्री किस पार्टी से खुश हैं या नाराज हैं। राष्ट्रीय सुरक्षा के मामलों में हर पार्टी को शामिल किया जाना चाहिए।" उन्होंने दावा किया कि उनकी पार्टी को जानबूझकर बैठक से बाहर रखा गया। उन्होंने कहा, "13 सांसदों वाली राष्ट्रीय पार्टी आम आदमी पार्टी को इस महत्वपूर्ण सर्वदलीय बैठक में आमंत्रित न करना सरकार की गंभीरता की कमी और क्षुद्र मानसिकता को दर्शाता है।" AAP नेता ने कहा कि सरकार ने हमें यह नहीं बताया कि हमें क्यों नहीं बुलाया गया। यह पहली बार है, जब हमें नहीं बुलाया गया। हम अफगानिस्तान पर सर्वदलीय बैठक में शामिल हुए थे। गौरतलब है कि बांग्लादेश संकट पर चर्चा करने के लिए हाल ही में एक सर्वदलीय बैठक का आयोजन किया गया था, जिसमें कई प्रमुख राजनीतिक दलों को आमंत्रित किया गया था। लेकिन आम आदमी पार्टी को इस बैठक में आमंत्रित नहीं किया गया, जिससे पार्टी में नाराजगी है। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने मंगलवार को एक सर्वदलीय बैठक में नेताओं को सूचित किया कि भारत ने बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को मदद का भरोसा दिलाते हुए उन्हें भविष्य की रणनीति तय करने के लिए समय दिया है। सूत्रों के मुताबिक, सर्वदलीय बैठक में जयशंकर ने कहा कि हसीना को भारत आए चौबीस घंटे भी नहीं बीते हैं और वह सदमे में हैं। सूत्रों के मुताबिक, जयशंकर ने कहा कि सरकार हसीना को सदमे से उबरने के लिए समय दे रही है और इसके बाद वह उनकी भविष्य की योजनाओं सहित अन्य मुद्दों पर उनसे बात करेगी। recent visitors 140

चार बच्चे बहे व उनमें दो को ग्रामीणों ने बचाया, राजस्थान-भरतपुर में पंचना बांध से छोड़ा पानी

भरतपुर. भरतपुर जिले में बयाना इलाके में सदर थाना इलाके क्षेत्र के खिरकवास गांव की गंभीर नदी में चार बच्चे बह गए। दो बच्चों को तो ग्रामीणों ने बचा लिया, जबकि दो बच्चे तेज बहाव बह गए। घटना की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंच गई। काफी देर तक ग्रामीण नदी में बच्चों को ढूंढते रहे लेकिन उनका कुछ पता नहीं चला। भरतपुर से पहुंची SDRF की टीम ने सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है। SDM राजीव शर्मा ने बताया कि करौली जिले के पांचना बांध से पानी छोड़ा गया। ये पानी बयाना के गंभीर नदी में आया। इस दौरान चार बच्चे गंभीर नदी में नहाने के लिए आए थे। पानी के तेज बहाव में फंसकर दो बच्चे बह गए। दोनों बच्चों की तलाश की जा रही है। SDRF की टीम मौके पर पहुंचने वाली है। खिरकवाद के ग्रामीणों ने बताया कि गांव के चार बच्चे अवधेश 14, सौरभ 15, लवकुश 15, हेमेश 16 साल नहाने के लिए गांव के पास से जा रही गंभीर नदी पर आ गए थे। वह नहाते समय अचानक बहाव में फंस गए। नदी के पास से जा रहे ग्रामीणों ने जब चारों को डूबते हुए देखा तो, उन्होंने नदी में कूदकर उनको बचाने की कोशिश की। ग्रामीणों ने हेमेश और लवकुश को बचा लिया, लेकिन अवधेश और सौरभ का अभी तक कुछ पता नहीं लग पाया है। recent visitors 122