उज्जैन में बना वर्ल्ड रिकॉर्ड, डम-डम से गूंज उठी महाकाल की नगरी…

उज्जैन  महाकाल की नगर उज्जैन ने एक नया कीर्तिमान रच दिया है। सावन में 15000 डमरू वादकों 10 मिनट तक एक साथ प्रस्तुति देकर वर्ल्ड रेकॉर्ड बनाया है। डमरू वादन के लिए गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रेकॉर्ड में नाम दर्ज हो गया है। इस उपलब्धि पर एमपी के सीएम मोहन यादव ने बधाई दी है। दरअसल, महाकालेश्वर मंदिर के महाकाल लोक स्थित रुद्रसागर के समीप शक्तिपथ पर 25 दलों के 1500 डमरू वादकों ने भस्म आरती की धुन पर डमरु वादन कर गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया। वर्ल्ड रेकॉर्ड बनाने के लिए एक साथ 1500 कलाकारों ने भगवान शिव के प्रिय वाद्य डमरू, झांझ मंजीरे की सुरमयी मंगल ध्वनि आकर्षण का केंद्र बन गई। समूची उज्जैन नगरी डमरू की गूंज से गुंजायमान हो गई। उज्जैन में 1500 वादकों ने डमरू वादन कर फेडरेशन ऑफ इंडियन एसोसिएशन न्यूयॉर्क के 488 डमरू वादन का रिकॉर्ड तोड़ा। सीएम मोहन यादव की पहल पर उज्जैन डमरू वादन में रेकॉर्ड बनाया है। भव्य होती जा रही है महाकाल की सवार गौरतलब है कि सावन के महीने में उज्जैन में हर सोमवार को बाबा महाकाल की सवारी निकलती है। यह सवारी धीरे-धीरे भव्य और दिव्य होती जा रही है। सीएम ने सवारी को भव्यता प्रदान करने के लिए अनूठे प्रयास किए हैं। बाबा महाकाल की पिछले दो सवारी में जनजातीय लोकनृत्यों और 350 सदस्यीय पुलिस बैंड की प्रस्तुति हुई थी। तीसरे सोमवार को निकाली जाने वाली तीसरी सवारी में डमरू का वादन किया गया। सीएम मोहन यादव ने दी बधाई वहीं, इस उपलब्धि पर सीएम मोहन यादव ने बधाई दी है। उन्होंने एक्स पर लिखा कि 1500 डमरूओं के नाद से, अवंतिका नगरी ने रचा विश्व कीर्तिमान। बाबा महाकाल की नगरी को डमरू की नाद से गुंजायमान करने की एक इच्छा आज साकार हो गई। आज पवित्र श्रावण के तीसरे सोमवार को जब भस्म आरती की धुन पर डमरू वादन कर उज्जैन ने 'गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड' में अपना नाम दर्ज कराया, तो इस अद्भुत एवं अलौकिक अनुभूति को शब्दों में बांधना बहुत मुश्किल हो गया। उन्होंने कहा कि बाबा महाकाल हम सभी पर इसी तरह अपनी कृपा बनाए रखें। बाबा महाकाल के समस्त भक्तों को इस उपलब्धि पर हार्दिक बधाई। महाकाल सवारी की भव्यता के लिए सीएम की पहल उज्जैन दक्षिण के विधायक और मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की विशेष पहल से बाबा महाकाल की सवारी को भव्य व दिव्यता दी जा रही है। महाकाल सवारी को भव्यता प्रदान करने के लिए अनूठे प्रयास किए हैं। बाबा महाकाल की विगत दो सवारी में जनजातीय लोकनृत्यों और 350 सदस्यीय पुलिस बैंड की प्रस्तुति दी गई थी और सावन के तीसरे सोमवार को निकाली जाने वाली तीसरी सवारी में डमरू का वादन किया जा रहा है। 15 सौ लोगों ने 10 मिनिट तक बजाया डमरू महाकाल लोक के शक्ति पथ पर 25 दलों के 1500 डमरु वादकों ने भस्म आरती की धुन पर डमरु वादन कर भगवान महाकाल की स्तुति की ओर गिनीन बुक विश्व रिकार्ड बनाने के लिए एक साथ 1500 कलाकार भगवान शिव को प्रिय वाद्य डमरू, झांझ मंजीरे की सुरमयी मंगल ध्वनिआकर्षण का केंद्र बन गई। उज्जैन नगरी डमरू की गूंज से गुंजायमान हो गई। महाकाल महालोक के सामने शक्तिपथ पर अदभुत अनूठे आयोजन में भगवा वस्त्रों में डमरूवादक कलाकारों की मनमोहक प्रस्तुति ने सभी को भाव विभोर किया। शाम 4 बजे शिव तांडव रूप में भक्तों को दर्शन देने निकलेंगे महाकाल उज्जैन की महाकाल नगरी में सावन सोमवार शाम 4 बजे राजाधिराज महाकाल प्रजा का हाल जानने निकलते है,इस दौरान सवारी में महाकाल चांदी की पालकी में चंद्रमौलेश्वर, तो हाथी पर मनमहेश के स्वरूप में विराजित होंगे। आज शाम 4:00 बजे निकलने वाली सवारी में बाबा महाकाल शिव तांडव के रूप में भक्तों को दर्शन देंगे मंदिर प्रशासक मृणाल मीणा की माने तो सावन सोमवार पर 3 लाख भक्तों के आने की संभावना है वही सवारी में भी भक्त बाबा महाकाल के रथ पर चल रही एलईडी के द्वारा दर्शन कर पाएंगे। महापौर मुकेश टटवाल ने बताया कि इसके लिए पिछले तीन दिन से दो सत्रों में प्रैक्टिस चल रही थी। सोमवार 25-25 डमरू वादकों के अलग-अलग दल बनाए गए थे। यह दल शाम को सवारी के दौरान डमरू बजाते हुए भी साथ चलेगा।इससे पहले, 498 लोगों द्वारा एक साथ डमरू बजाने का रिकॉर्ड फेडरेशन ऑफ न्यूयार्क के नाम 2021 में दर्ज किया गया था। मंदिर प्रशासक मृणाल मीणा ने बताया कि 14 सौ लोगो ने एक साथ डमरू बजाया है। गिनीज बुक से आई टीम ने 1390 लोगों ने एक साथ मिलकर 10 मिनिट तक डमरू बजाने की पुष्टि की है। और जो पिछला रिकॉर्ड था वह 498 का रिकॉर्ड तोड़ते हुए महाकालेश्वर प्रबंध समिति और संस्कृति विभाग द्वारा किया रिकॉर्ड स्थापित किया गया है। recent visitors 128

शाम 4 बजे राजाधिराज महाकाल प्रजा का हाल जानने निकलेंगे, सवारी में महाकाल चांदी की पालकी में चंद्रमौलेश्वर, हाथी पर मनमहेश के स्वरूप में विराजित होंगे

उज्जैन शाम 4 बजे राजाधिराज महाकाल प्रजा का हाल जानने निकलेंगे। सवारी में महाकाल चांदी की पालकी में चंद्रमौलेश्वर, तो हाथी पर मनमहेश के स्वरूप में विराजित होंगे। महाकाल की भस्म आरती के लिए रविवार-सोमवार की दरमियानी रात 2.30 बजे मंदिर के पट खोले गए। भस्म आरती के दौरान भांग, चंदन, सूखे मेवों और आभूषणों से बाबा महाकाल का राजा स्वरूप दिव्य श्रृंगार किया गया। भस्म आरती के 15 हजार से अधिक श्रद्धालु ने दर्शन किए। मंदिर में बाबा के दर्शन का सिलसिला रात 10.30 बजे तक चलेगा। भगवान श्री महाकाल की नगरी उज्जैन में सावन महीने के तीसरे सोमवार यानी आज बाबा महाकाल की तीसरी सवारी विहंगम होने जा रही है. करीब 1500 डमरू वादक आज भस्म आरती की धुन पर विश्व रिकॉर्ड बनाएंगे. सीएम डा. मोहन यादव की प्रेरणा से कुल 1500 डमरू वादक डमरू एक साथ बजाकर गिनीज बुक ऑफ रिकॉर्ड में नाम दर्ज करवाएंगे. 1500 भक्तों के डमरू वादन से गुंजायमान होगी महाकाल नगरी गौरतलब है मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सावन महीने के तीसरे सोमवार को निकलने वाली महाकाल की तीसरी शाही सवारी के दिन डमरू वादन में विश्व रिकॉर्ड रचने के लिए प्रेरित किया. सोमवार को भोपाल और उज्जैन के डमरू वादक की टीम महाकाल लोक के शक्तिपथ और सवारी में विशेष प्रस्तुति देकर इतिहास रचेंगे. डमरू बजाने का बनेगा वर्ल्ड रिकॉर्ड महानिर्वाणी अखाड़े की ओर से भगवान महाकाल को भस्म अर्पित की गई और इसके बाद विशेष आरती संपन्न हुई. सोमवार को शाम 4:00 बजे बाबा महाकाल चांदी की पालकी में सवार होकर नगर भ्रमण पर निकलेंगे. जिसको लेकर 1500 डमरू वादकों द्वारा एक साथ डमरू वादन किया जा रहा है, जो एक नया रिकॉर्ड बनाएगा. उप मुख्यमंत्री और मंत्री गोविंद सिंह होंगे शामिल इस आयोजन में मध्य प्रदेश के उप मुख्यमंत्री और मंत्री गोविंद सिंह भी शामिल होंगे. वे भगवान महाकाल के दर्शन के बाद शक्ति पथ पर डमरू बजाने के गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड को अपने हाथों से ग्रहण करेंगे. रिकॉर्ड धारण करने के बाद वे पालकी का पूजन करेंगे और शिप्रा नदी तक पैदल चलेंगे. सुबह 11 बजे महाकाल लोक में 1500 डमरू वादक देंगे प्रस्तुति रिपोर्ट के मुताबिक महाकाल की तीसरी शाही सवारी में 1500 डमरू वादक महाकाल लोक के शक्तिपथ पर सोमवार सुबह 11 बजे विशेष प्रस्तुति दी जाएगी. इससे पहले बाबा महाकाल की सवारी की पहली और दूसरी सवारी क्रमशः जनजातीय कलाकारों की प्रस्तुति और 350 जवानों के पुलिस बैंड द्वारा प्रस्तुति दी हुई थी. महाकाल की पहली सवारी में जनजातीय लोकनृत्य, दूसरी सवारी में  करीब 350 सदस्यीय पुलिस बैंड द्वारा भोले के गीतों की प्रस्तुति दी गई थी. अब तीसरी सवारी में 1500 डमरू वादक डमरू बजाकर गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में नाम दर्ज करवाएंगे. महाकाल की तीसरी शाही सवारी में बनेगा विश्व रिकॉर्ड तीसरे सोमवार को महाकाल लोक के शक्तिपथ पर 1500 डमरू वादक डमरू बजाकर गिनीज बुक ऑफ रिकॉर्ड में नाम दर्ज कराएंगे. इस दौरान गिनीज बुक ऑफ रिकॉर्ड के अधिकारी मौके पर मौजूद रहेंगे और रिकॉर्ड बनने के बाद प्रमाण पत्र सौंपेंगे. इससे पहले, इंदौर में 'एक मां पेड़ के नाम' मुहिम के दौरान 24 घंटे में 9 लाख पेड़ लगाकर रिकॉर्ड बनाया गया था. श्री शिवतांडव स्वरूप में भक्तों को दर्शन देंगे महाकाल सावन महीने के तीसरे सोमवार को भगवान महाकाल आज अपने भक्तों को श्री शिवतांडव के स्वरूप में दर्शन देंगे. देश-प्रदेश और विदेश में बैठे महाकाल के भक्त भगवान श्री महाकालेश्वर की सवारी का सजीव प्रसारण भी देख सकेंगे. महाकाल की तीसरी सवारी का सीधा प्रसारण महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति के फेसबुक पेज पर किया जाएगा. गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने के लिए 1500 वादक डमरू महाकाल लोक के शक्तिपथ पर बजाकर 10 मिनट प्रदर्शन करेंगे. डमरू वादक संस्कृति विभाग के कलाकार और बाबा महाकाल की सवारी के साथ चलने वाली भजन मंडली के सदस्य होंगे.  जनजातीय कलाकार भी बिखेरेंगे कला संस्कृति की छटा  एक ओर जहां 1500 डमरू वादक भस्म आरती की धुन पर डमरू बजाकर गिनीज बुक ऑफ रिकॉर्ड में नाम दर्ज कराएंगे, तो दूसरी ओर निमाड अंचल के पारंपरिक लोकनृत्य काठी नृत्य दल श्री महाकालेश्वर भगवान की तीसरी सवारी में पालकी के आगे भजन मंडलियों के साथ प्रस्तुति देते हुए चलेगा. यह नजारा किसी का भी मन मोहने के लिए काफी होगा. डमरू वादन के लिए भक्तों को मिलेगा 3 दिन का विशेष प्रशिक्षण विश्व विख्यात महाकाल की सवारी में लाखों श्रद्धालु उज्जैन दर्शन के लिए आते हैं. मध्य प्रदेश सीएम ने बाबा महाकाल की सवारी को विश्व स्तर पर प्रख्यातक के लिए तीसरी सवारी को विश्व रिकार्ड बनाने की तैयारी की है. तीसरी सवारी में 1500 सवारियों से डमरू वादन की तैयारी की है, जिसके लिए भक्तों को तीन दिन का विशेष प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है. इससे पहले महाशिवरात्रि पर शिवज्योति अर्पणम् के तहत दीप प्रज्वलित करने का रिकार्ड उज्जैन में बन चुका है. डमरू वादन से गिनीज बुक में रिकॉर्ड दर्ज करने के लिए सज्ज भक्तों को डमरू वादन के लिए तीन दिन का विशेष प्रशिक्षण भी दिया गया है. शाही सवारी में 10 मिनट डमरू बजाकर 1500 भक्त करेंगे प्रदर्शन कलेक्टर नीरज कुमार सिंह ने बताया कि रिकार्ड बनाने के लिए भगवान महाकाल की तीसरी सवारी मार्ग पर करीब 1500 वादक डमरू बजाकर 10 मिनट प्रदर्शन करेंगे. डमरू वादक संस्कृति विभाग भोपाल के कलाकार और बाबा महाकाल की सवारी के साथ चलने वाली भजन मंडली के सदस्य होंगे. महाशिवरात्रि में शिवज्योति अपर्णम पर दीप जलाकर रिकॉर्ड बना चुका है उज्जैन महाकाल की पहली सवारी में जनजातीय लोकनृत्य, दूसरी सवारी में जनजातीय लोगों के साथ करीब 350 सदस्यीय पुलिस बैंड से भोले के गीतों की प्रस्तुति और अब डमरू वादन ने विश्व रिकार्ड की तैयारी की गई है. इससे पहले महाशिवरात्रि पर शिवज्योति अर्पणम् के तहत दीप प्रज्वलित करने का रिकार्ड उज्जैन में बन चुका है. मंदिर प्रशासन को उम्मीद है कि 3 लाख से ज्यादा भक्त आज महाकाल के दर्शन करने आ सकते हैं।     recent visitors 196

बागी की नियुक्ति में भाजपा की की दिखी गुटबाजी, राजपुर के सवाई माधोपुर क्रिकेट एसोसिएशन का डीडी कुमावत बनाया अध्यक्ष

जयपुर. भाजपा के नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौर के पद ग्रहण के समारोह में पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने कहा था कि सबको साथ लेकर चलो, इन्हें एक करो। राजे का इशारा सीधे-सीधे भाजपा में चल रही गुटबाजी को लेकर था, जिसका शिकार वे खुद भी हुई थीं। इसी गुटबाजी का एक उदाहरण हाल ही में सवाई माधोपुर में देखने को मिला, जब जिला क्रिकेट एसोसिएशन के पद पर जयपुर ग्रामीण के बागी नेता को एसोसिएशन का अध्यक्ष बना दिया गया। भाजपा की अंदरूनी गुटबाजी का ही परिणाम रहा कि विधानसभा चुनाव में पार्टी को वह जीत नहीं मिल सकी, जिसकी उम्मीद भाजपा ने की थी। बहरहाल सरकार तो बन गई परंतु नए मुख्यमंत्री के चयन के बाद यह गुटबाजी और परवान चढ़ गई, जिसका खामियाजा भाजपा को लोकसभा चुनावों में 11 सीटें गंवाकर भुगतना पड़ा। अब एक बार फिर से प्रदेश में 5 सीटों पर उपचुनाव होने हैं। जानकार और खुद पार्टी के नेता इस गुटबाजी को लेकर खुलकर चिंता व्यक्त कर रहे हैं पर स्थिति जस की तस बनी हुई है। गुटबाजी के बीच सभी नेता अपने चहेतों को कहीं ना कहीं एडजस्ट करने की जुगत मे लगे हुए हैं। हाल ही  मे सवाई माधोपुर जिला क्रिकेट एसोसिएशन के चुनाव संपन्न हुए, जिसमें जयपुर ग्रामीण के भाजपा के बागी नेता डीडी कुमावत को सवाई माधोपुर से जिला क्रिकेट संघ का अध्यक्ष बना दिया गया। सूत्रों के अनुसार कुमावत के गॉड फादर कैबिनेट मंत्री उन्हें राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन में लाने के लिए बेताब हैं, जबकि सवाई माधोपुर से भाजपा के एक बड़े पदाधिकारी जो कि विधायक भी हैं, को दरकिनार कर दिया गया। गुटबाजी का आलम यह है कि अपने गृह जिले में भी नेताजी की नहीं चल पाई। जबकि खेलों को राजनीति से दूर रखने और पारदर्शी बनाने की बात भी खुद भाजपा के ही मंत्री करते दिखाई देते हैं। अब गुटबाजी के चलते भाजपा किस प्रकार उपचुनाव और फिर पंचायत के चुनावों का सामना करेगी यह एक बड़ा सवाल है। हालांकि प्रदेश के मुख्यमंत्री पूरा दम लगा कर पार्टी कार्यकर्ताओं और आम जनता को साधने की मेहनत कर रहे हैं परंतु गुटबाजी के चलते उनके सभी प्रयास विफल होते दिखाई दे रहे हैं। recent visitors 96

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने किया वितरण, छत्तीसगढ़-निर्माण श्रमिक की मृत्यु पर परिजनों को मिली सहायता राशि

रायपुर. छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आरंग में छात्रावास भवन के लोकार्पण अवसर पर मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना के तहत हितग्राहियों को राशि का वितरण किया। आरंग के जरौद गांव निवासी राम बाई साहू के पति मन्नु साहू की मृत्यु हो गई थी। वे पंजीकृत निर्माण श्रमिक थे। मुख्यमंत्री साय ने उनकी मृत्यु के बाद पत्नी राम बाई साहू को मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना के तहत एक लाख रूपए वितरित किया। वे कहती है कि इस राशि का उपयोग वे बच्चों के आगे की पढ़ाई में करेगी। इससे बच्चों का भविष्य बेहतर हो सके। शीतला पारा निवासी केशव निषाद ने 10 वीं की पढ़ाई करता है। उनके पिता श्रम विभाग में पंजीकृत श्रमिक थे। मुख्यमंत्री साय ने मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना के तहत एक लाख रूपए राशि का वितरण किया। केशव निषाद ने बताया कि यह राशि आगे की पढ़ाई के लिए काफी मददगार होगी। यह राशि मेरे लिए काफी फायदेमंद है। इस मौके पर अनुसूचित जाति एवं जनजाति विकास मंत्री  रामविचार नेताम और विधायक खुशवंत साहेब, कमिश्नर महादेव कावरे, कलेक्टर डाॅ. गौरव सिंह भी उपस्थित थे। recent visitors 103

बांग्लादेश में हिंसा के बीच भारत ने जारी किए हेल्पलाइन नंबर, नागरिकों को दी यात्रा नहीं करने की सलाह, 101 लोगों की मौत

 ढाका  बांग्लादेश में भड़की अभूतपूर्व हिंसा में मरने वालों की संख्या बढ़कर 101 हो गई है। आरक्षण सुधार की मांग से शुरू हुआ आंदोलन सरकार बदलने के आंदोलन के रूप में तब्दील हो गया है। सरकार के इस्तीफे की मांग करने वाले प्रदर्शनकारियों और सरकार समर्थक लोगों के बीच भीषण झड़पें हुईं। प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री शेख हसीना के बातचीत के न्योते को भी ठुकरा दिया है। दोनों गुटों के बीच टकराव में अब तक 101 लोगों की जान चली गई है और सैकड़ों अन्‍य घायल हुए हैं। मारे गए लोगों में ज्‍यादातर पुलिसकर्मी हैं, जिन पर प्रदर्शनकारियों का गुस्‍सा फूट रहा है। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस थानों, पुलिस चौकियों, सत्तारूढ़ पार्टी के दफ्तरों और उनके नेताओं के आवास पर हमला किया और कई वाहनों को आग के हवाले कर दिया। प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के लिए बांग्लादेश के गृह मंत्रालय ने रविवार शाम छह बजे से देश में अनिश्चितकालीन कर्फ्यू लगा दिया है। साथ ही सरकारी एजेंसियों ने सोशल मीडिया मंच ‘फेसबुक', ‘मैसेंजर', ‘व्हॉट्सऐप' और ‘इंस्टाग्राम' को बंद करने का आदेश दिया है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, हिंसक विरोध प्रदर्शनों के बीच लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सोमवार, मंगलवार और बुधवार को तीन दिवसीय सामान्य अवकाश घोषित किया गया है। अब तक 100 से ज्यादा की मौत बता दें कि रविवार को राजधानी ढाका समेत बांग्लादेश के कई शहरों में एक बार फिर हिंसा भड़क गई। हिंसा के चलते अब तक 100 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई। सैकड़ों लोग घायल हो गए। रविवार को छात्र प्रदर्शनकारियों ने पुलिस और सत्तारूढ़ पार्टी के कार्यकर्ताओं के साथ झड़प की। राजधानी ढाका समेत कई शहरों में आगजनी और तोड़फोड़ जैसी घटनाएं सामने आई हैं। पीएम शेख हसीना के इस्तीफे की मांग विरोध प्रदर्शन में शामिल सभी छात्रों ने प्रधानमंत्री शेख हसीना के इस्तीफे की मांग की है। पुलिस ने हजारों प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे और स्टन ग्रेनेड का भी इस्तेमाल किया है। 15 साल से सरकार में हैं शेख हसीना पीएम शेख हसीना के लिए विरोध प्रदर्शन एक बड़ी चुनौती बन गया है। शेख हसीना जनवरी में लगातार चौथी बार सत्ता में लौटीं हैं। बांग्लादेश में 15 साल से ज्यादा समय तक शासन कर रही हैं। ऐसे में हसीना की सरकार गिरने के संकेत भी नजर आ रहे हैं। सभी प्रदर्शनकारियों की एक ही मांग पर अड़े हैं शेख हसीना पीएम पद से इस्तीफा दें। नौकरियों में आरक्षण का विरोध बांग्लादेश में छात्र संगठन सरकारी नौकरियों में आरक्षण का विरोध कर रहे हैं। यहां के लोग सरकारी नौकरियों में कोटा समाप्त करने की मांग को लेकर पिछले महीने से आंदोलन कर रहे हैं। इस विरोध प्रदर्शन में बड़ी संख्या में छात्र शामिल हैं। छात्रों के प्रदर्शन ने अब हिंसा का रूप ले लिया है। कुछ दिन पहले ही पुलिस और छात्र प्रदर्शनकारियों के बीच हिंसक झड़पों में 200 से अधिक लोग मारे गए थे। छात्र विवादास्पद कोटा प्रणाली को खत्म करने की मांग कर रहे थे। यह प्रणाली 1971 में बांग्लादेश के स्वतंत्रता संग्राम में लड़ने वाले दिग्गजों के रिश्तेदारों के लिए सरकारी नौकरियों में 30 प्रतिशत आरक्षण देती है। भारत ने बांग्लादेश में अपने नागरिकों को "अत्यधिक सावधानी" बरतने और अपनी गतिविधियों को सीमित करने की सलाह दी है। सहायक उच्चायोग, सिलहट ने कहा है कि छात्रों सहित सभी भारतीय नागरिकों से अनुरोध है कि वे इस कार्यालय के संपर्क में रहें। आपात स्थिति में, +88-01313076402 पर संपर्क करें। इस बीच, प्रधानमंत्री शेख हसीना ने कहा है कि विरोध के नाम पर बांग्लादेश में तोड़फोड़ करने वाले लोग छात्र, नहीं बल्कि आतंकवादी हैं और उन्होंने जनता से ऐसे लोगों से सख्ती से निपटने को कहा है। हसीना ने गणभवन में सुरक्षा मामलों की राष्ट्रीय समिति की बैठक बुलाई। बैठक में सेना, नौसेना, वायुसेना, पुलिस, रैपिड एक्शन बटालियन (आरएबी), बांग्लादेश सीमा गार्ड (बीजीबी) के प्रमुखों और अन्य शीर्ष सुरक्षा अधिकारियों ने हिस्सा लिया। recent visitors 189

ऑस्ट्रेलिया में बनाएंगे नया रिकॉर्ड, छत्तीसगढ़-अम्बिकापुर के माउंटेनमेन 15 को सबसे ऊंची चोटी पर फहराएंगे तिरंगा

अम्बिकापुर. छत्तीसगढ़ के पहले पर्वतारोही राहुल गुप्ता फिर इतिहास रचने वाले हैं। वो ‘माउंटेन मैन‘ पर्वतारोहण क्षेत्र में नया रिकॉर्ड कायम करेंगे। वे ऑस्ट्रेलिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट कोज़िअस्को में 15 अगस्त को तिरंगा फहराएंगे। इससे पहले माउंटेन मेन राहुल गुप्ता ने आज रविवार को खेल मंत्री से मुलाकात कर आगामी अभियान के लिए आशीर्वाद लिया। राहुल, ऑस्ट्रेलिया महाद्वीप के सबसे ऊंची चोटी माउंट कोज़िअस्को (7 हजार 310 फीट) की ऊंची चोटी पर चढ़ाई करेंगे, जो कि महाद्वीपों के पहाड़ों की ऊंचाई की रैंकिंग में सातवां और  सबसे छोटी चोटी है। राहुल गुप्ता आगामी 15 अगस्त को पीक फतह करेंगे। इस दौरान लगभग माइनस (अधिकतम -10 डिग्री) तापमान तक मे ट्रेकिंग से लगभग 23 किलोमीटर दूरी तय करके पूरा करेंगे। राहुल गुप्ता अल्पाइन टेक्निक क्लाइम्बिंग के साथ साथ विंटर एक्सपीडिशन में एक्सपर्ट हैं। अल्पाइन टेक्निक से क्लाइम्बिंग यानी इस चढ़ाई में अमूमन 1-2 लोग ही होते हैं और अभियान को पूरा करते हैं। यह पर्वतारोहण के क्षेत्र में सबसे उच्चतम श्रेणी की विधा है। राष्ट्रीय स्तर पर विंटर एक्सपीडिशन करने वाले भी छत्तीसगढ़ के पहले व्यक्ति हैं। सर्वप्रथम अंतर्राष्ट्रीय स्तर के पहाड़ों को फतह करना छत्तीसगढ़ राज्य के प्रथम पर्वतारोही राहुल गुप्ता श्माउंटेन मेनश् ने वर्ष 2015 से शुरू किया था। पहले भी कर चुके हैं गौरवांवित छत्तीसगढ में एडवेंचर स्पोर्ट्स के जरिए हर बार कोई न कोई संदेश (सोशल मेसेज) को भी बढ़ावा देने लिए राहुल ने झंडा फहराया है। इस अभियान के लिए राहुल ने खेल मंत्री टंक राम वर्मा और छत्तीसगढ़ प्रदेश के मुखिया विष्णु देव साय का आभार व्यक्त किया। राहुल ने बताया कि राज्यमंत्री रहते हुए साय ने दिल्ली में कई बार सहयोग किया। उनके सहयोग के बिना पर्वतारोही बन पाना संभव नहीं था। अम्बिकापुर के  रहने वाले हैं राहुल राहुल गुप्ता छत्तीसगढ़ के प्रथम पर्वतारोही है जिन्होंने दुनिया की सर्वोच्च चोटी माउंट एवेरेस्ट (8 हजार 848 मीटर) फतह किया है। इन्हें छत्तीसगढ़ राज्य में एडवेंचर स्पोर्ट्स के जनक के रूप में भी जाना जाता है।  राज्य के प्रथम प्रोफेशनल पर्वतारोही हैं, जो कि मूल निवासी अम्बिकापुर छत्तीसगढ़ के रहने वाले हैं। राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय 14 पहाड़ों पर पर्वतारोहण दल का नेतृत्व किए हैं। पर्वतारोही राहुल गुप्ता ने भारत सरकार के रक्षा मंत्रालय के पर्वतारोहण संस्थान जवाहर इंस्टीट्यूट ऑफ माउंटेनियरिंग (पर्वतारोहण) से ट्रेनिंग (प्रशिक्षण) ली है। पर्वतारोहण जैसे साहसिक खेलों के क्षेत्र में उनका पिछले 12 सालों का अनुभव रहा है। recent visitors 116