पर्यावरण के संरक्षण का पर्व हरेली, मुख्यमंत्री साय ने किया वृक्षारोपण

रायपुर, छत्तीसगढ़ एक कृषि प्रधान राज्य है। हरियाली अमावस्या को मनाया जाने वाला हरेली त्यौहार का छत्तीसगढ़ के जनजीवन में व्यापक प्रभाव देखा जा सकता है।  हरेली के दिन किसान भाई नांगर (हल) एवं कृषि औजार की पूजा करते हैं, जो हमारे छत्तीसगढ की कृषि प्रधान संस्कृति का अभिन्न हिस्सा है। वहीं दूसरी ओर देखा जाए तो हरेली पर्व का महत्व धरती को हरा-भरा बनाये रखने के लिए पेड़-पौधे की महत्ता को भी प्रदर्शित करता है।       यहाँ यह उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने "एक पेड़ मां के नाम" लगाने की अपील की है यह एक जन आंदोलन बन गया है । मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आम नागरिकों से आव्हान किया है कि धरती को हरा- भरा बनाने हरेली के दिन अधिक से अधिक संख्या में वृक्षारोपण करें। recent visitors 82

गौरी-गणेश-नवग्रह और भगवान शिव से मांगी खुशहाली, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने हरेली पर्व पर किया पूजा-अभिषेक

रायपुर. छत्तीसगढ़ी लोक संस्कृति के पहले पर्व “हरेली” पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने अपनी धर्मपत्नि श्रीमती कौशल्या साय के साथ आज राजधानी स्थित अपने निवास कार्यालय में गौरी-गणेश, नवग्रह की पूजा कर भगवान शिव का अभिषेक किया। कृषि कार्य में प्रयुक्त होने वाले नांगर, रापा, कुदाल व कृषि यंत्रों की विधिवत पूजा-अर्चना कर हरेली त्योहार का शुभारंभ किया। इस मौक़े पर मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रदेश के किसानों समेत छत्तीसगढ़वासियों की ख़ुशहाली एवं सुख-समृद्धि की कामना की। पशुधन संरक्षण के संदेश के साथ मुख्यमंत्री ने गाय व बछड़े को लोंदी और चारा खिलाया। हरेली के अवसर पर मुख्यमंत्री ने किसानों को कृषि यंत्रों का वितरण किया recent visitors 100

गेड़ी-रहचुली झूला और बैलगाड़ियों ने बढ़ाई रौनक, छत्तीसगढ़ के सीएम हाउस में मन रहा हरेली तिहार

रायपुर सीएम हाउस में आज मन रहा हरेली तिहार; गेड़ी, रहचुली झूला और बैलगाड़ियों ने बढ़ाई रौनक रायपुर. छत्तीसगढ़ में आज हरेली का त्योहार धूमधाम से मनाया जा रहा है। सीएम हाउस में आज रविवार को हरेली तिहार बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है। इस दौरान मुख्यमंत्री निवास को दुल्हन की तरह सजाया गया है। मुख्यमंत्री निवास एक छोटे से गांव की तरह नजर आ रहा है, जहां हर तरफ हरेली की धूम है। मुख्यमंत्री निवास एक ग्रामीण मड़ई मेला की तरह सुंदर साजसज्जा में नजर आ रहा है। रहचुली झूला, गेड़ी और सुंदर बैलगाड़ियों से पूरा परिसर हरेली की रौनक से दमक रहा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय अपने परिवार के साथ हरेली के अवसर पर परंपरागत तरीके से पूजा करेंगे। हरेली के मौके पर पशुधन की पूजा की जाती है। खेती किसानी की शुरूआत में मनाया जाने वाला यह पर्व धरती के प्रति हमारी कृतज्ञता को व्यक्त करता है। मुख्यमंत्री पूजा के पश्चात किसान भाइयों को आधुनिक कृषि उपकरणों का वितरण भी करेंगे। समय बदलता है लेकिन छत्तीसगढ़ अपनी परंपराएं नहीं छोड़ता। हवाई झूलों के दौर में भी रहचुली झूला की परंपरा छत्तीसगढ़ के लोग याद रखते हैं जो उन्हें अपने ग्रामीण अंचल और पुरखों से जोड़ती है। हरेली के पावन अवसर पर रहचुली झूले पर चढ़ते हैं और याद करते हैं कि मनोरंजन के माध्यम बदले हैं मनोरंजन नहीं बदला है। इस अवसर पर अतिथिगण रहचुली के उत्साह को फिर से याद करेंगे। गेड़ी के उत्साह को याद करेंगे। सीसी रोड से पहले के दिनों में जब ग्रामीण सड़कें मानसून की उफान में कीचड़ में तब्दील हो जाती थीं तब गेड़ी सबसे सुरक्षित जरिया होता था ताकि कीचड़ से बच सकें। साथ ही हरेली के मौके पर बारंबार गेड़ी चढ़कर सावन मास के उत्साह को जाहिर किया जाता था। क्या होता है हरेली तिहार – हरेली तिहार पर कृषि यंत्रों की पूजा की जाती है। पशुधन की पूजा की जाती है। प्रदेश के किसान इसे धूमधाम से मनाते हैं। हरेली के मौके पर बैल भी सजते हैं और बैलगाड़ी भी सजती है। अपने पशुधन के सम्मान के लिए, उनकी पूजा के लिए यह बड़ा पर्व होता है। खेती किसानी की तैयारियों के बीच धरती माता के अभिवादन का यह त्योहार है और मुख्यमंत्री अपने परिवार सहित परंपरागत तरीके से हरेली की पूजा करेंगे। हरेली के मौके पर ग्रामीण खेल भी यादगार होते हैं। गेड़ी दौड़ जैसी कई प्रतिस्पर्धाएं होती हैं। परंपरागत छत्तीसगढ़ी खेलों का जादू इस दिन उफान पर होता है। मुख्यमंत्री निवास में भी इसकी पूरी तैयारी की गई है। पिट्ठूल, भौरा जैसे खेल विशेष आकर्षण का केंद्र रहेंगे। साथ ही परंपरागत छत्तीसगढ़ी पकवान चीला, खुरमी, ठेठरी, अइरसा आदि का भी  आनंद लेंगे।  इस मौके पर सबसे खास लोक संस्कृति से जुड़े सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन है। राऊत नाचा, करमा नृत्य आदि छत्तीसगढ़ के परंपरागत नृत्यों का आयोजन होगा। इस अवसर पर विविध लोकगीतों की प्रस्तुति भी होगी। छत्तीसगढ़ में हरेली हर जगह अपनी विशिष्ट सुंदरता और विशिष्ट रूपों तथा तरीकों से मनाई जाती है। प्रदेश का हर अंचल अपनी सांस्कृतिक सुंदरता के साथ अपने को व्यक्त करता है। हरेली के अवसर पर होने वाले कार्यक्रमों में इनकी भी प्रस्तुति होगी। हरेली त्योहार प्रकृति के प्रति कृतज्ञता का त्योहार है। हरेली के दिन एक पेड़ मां के नाम लगाने का आह्वान — प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक पेड़ मां के नाम लगाने का आह्वान देश की जनता से किया है। छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री साय ने हरेली के दिन एक पेड़ मां के नाम लगाने का आह्वान किया है ताकि अपनी जननी और जन्मभूमि दोनों के प्रति प्रदेश के सभी नागरिक अपनी कृतज्ञता व्यक्त कर सकें। recent visitors 144

भोरमदेव में निकालेंगे यात्रा, छत्तीसगढ़ में सीएम साय करेंगे हेलीकॉप्टर से कावड़ियों पर पुष्प वर्षा

रायपुर/भोरमदेव. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय पांच तारीख सोमवार को कांवड़ियों पर हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा उनका सम्मान करेंगे। वो सुबह 7 बजे हेलीकॉप्टर से रायपुर से प्रस्थान करेंगे । करीब 7:30 बजे भोरमदेव पहुंचेंगे और वहां हजारों की संख्यां में पैदल यात्रा कर भगवान शिव का जलाभिषेक करेंगे। इसके बाद शिव भक्तों  पर हेलिकॉप्टर से पुष्प वर्षा करेंगे । भोरमदेव प्रांगण में  पुष्प वर्षा के बाद उनका कवर्धा आगमन 8 बजे होगा। वे इस दौरान सुबह 8:30 बजे तक कवर्धा के प्राचीन प्रसिद्ध बूढ़ा महादेव मंदिर में पंचमुखी बूढ़ा महादेव  का दर्शन, पूजन अभिषेक करेंगे । पूरे कार्यक्रम में कवर्धा के स्थानीय विधायक एवं छत्तीसगढ़ शासन में उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा मुख्यमंत्री के साथ मौजूद रहेंगे। बता दें कि छत्तीसगढ़ में भोरमदेव और प्रसिद्ध बूढ़ा महादेव मंदिर में श्रावण मास में विशेष रूप से हजारों की संख्या में कवाड़िया पूरे माहभर अमरकंटक नर्मदा जल लाकर अभिषेक करते हैं। तकरीबन 25 से 30 वर्षों से यह परंपरा जारी है और लगातार कावड़ियों की संख्या बढ़ती जा रही है। recent visitors 113

इटावा :लखनऊ एक्सप्रेस-वे पर कार और बस की टक्कर, 6 की मौत; कई घायल

इटावा  उत्तर प्रदेश के इटावा जिले के उसराहार इलाके में माइल स्टोन 129 पर आगरा लखनऊ एक्सप्रेस वे पर डबल डेकर बस की कार से हुई जोरदार टक्कर में 6 लोगो की मौत हो गई जब की 45 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस सड़क हादसे में सभी घायलो ने इटावा के जिला प्रशासन और डॉक्टर को निर्देशित किया है कि वह सभी घायलों का बेहतरी से इलाज करे। इटावा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार ने रविवार को बताया कि देर रात करीब एक बजे के आसपास हुए इस हादसे के बारे में जानकारी सामने आई है कि अमेठी से नईदिल्ली जा रही डबल डेकर बस दूसरी दिशा से आ रही बेकाबू कार से टकरा गई जिससे बस और कार में सवार 6 लोगो की मौत हो गई। डबल डेकर बस में सवार तीन लोगों की मौत हुई है जबकि कार में सवार तीन ही लोगों की मौत हुई है। सभी घायलों को उपचार के लिए सैफई मेडिकल यूनिवर्सिटी के ट्रामा सेंटर में भर्ती कर दिया गया है जहां डॉक्टरों की टीम सभी का उपचार करने में जुटी हुई है। हादसे की शिकार बस में करीब 80 लोग सवार थे। डबल डेकर बस की जी कर से टक्कर हुई है वह कार राजस्थान के बालाजी से दर्शन करके लौट रही थी। कार को कन्नौज के तालग्राम पर उतरना था लेकिन उससे पहले कार चालक के नीद आ जाने के कारण कार बेकाबू होकर दूसरी दिशा में रेलिंग तोड़ कर बस से जा टकराई। हादसे के बाद बस करीब 50 फीट गहरे खेत में जा गिरी । हादसे में कन्नौज के तालग्राम वासी 24 साल के प्रधुम,25 साल के मोनू और उसकी मां श्रीमती चंदा देवी की मौत हो गई है जब की डबल डेकर बस में सवार 50 साल के ओमप्रकाश निवासी भरसरीया खीरी, जिला लखीमपुर खीरी ओर दो अन्य लोगो की मौत हो गई। मरने वाले दो लोगों की फिलहाल पहचान नहीं हो पा रही है । दोनों की पहचान की कोशिश लगातार जारी बनी हुई है। मृतकों के शवो को पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।   recent visitors 119

हर पीड़ित व्यक्ति की समस्या पर संवेदनशीलता से ध्यान दें और उसका समयबद्ध व पारदर्शी निस्तारण कराएं, CM ने दिए निर्देश

गोरखपुर  गोरखपुर प्रवास के दाैरान उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार सुबह गोरखनाथ मंदिर में आयोजित जनता दर्शन में लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनी। समस्या लेकर आए लोगों से आत्मीयता से संवाद करते हुए उन्होंने कहा, घबराइए मत सबकी समस्या दूर करने को सरकार संकल्पित है। हर पीड़ित व्यक्ति की शिकायत पर सुनिश्चित कार्रवाई करते हुए समस्या का समाधान कराया जाएगा। जनता दर्शन में मुख्यमंत्री ने पास मौजूद अधिकारियों को निर्देशित किया कि हर पीड़ित व्यक्ति की समस्या पर संवेदनशीलता से ध्यान दें और उसका समयबद्ध व पारदर्शी निस्तारण कराएं। बारिश की आशंका के चलते जनता दर्शन का आयोजन गोरखनाथ मंदिर परिसर के महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन में किया गया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने चार सौ लोगों की समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को उनका समाधान करने का निर्देश दिया। जनता दर्शन में महिलाओं की संख्या अधिक रही। कुर्सियों पर बैठाए गए लोगों तक मुख्यमंत्री स्वयं पहुंचे। एक-एक करके सबकी समस्याएं सुनीं और उन्हें आश्वस्त किया कि उनकी समस्याओं का समाधान शीघ्र होगा। कुछ प्रकरणों पर मुख्यमंत्री ने अफसरों को निर्देशित किया कि वे यह भी पता लगाएं कि यदि किसी पीड़ित को प्रशासन का सहयोग नहीं मिला है तो ऐसा क्यों और किन कारणों से हुआ। हर पीड़ित की त्वरित मदद की जाए। जनता दर्शन में कुछ लोग इलाज में आर्थिक मदद की गुहार लेकर पहुंचे थे। मुख्यमंत्री ने उनसे कहा कि इलाज में धन की कमी बाधक नहीं होगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि इलाज में अस्पताल के इस्टीमेट की प्रक्रिया को जल्द पूर्ण कराकर शासन में भेजें। मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से इलाज के लिए पर्याप्त राशि दी जाएगी। इस दौरान उन्होंने अफसरों से कहा कि हर पात्र व्यक्ति का आयुष्मान कार्ड बनवाया जाए जिससे उन्हें इलाज के लिए परेशान न होना पड़े। जनता दर्शन में कुछ महिलाएं अपने बच्चों को लेकर आई थीं। मुख्यमंत्री ने बच्चों को दुलारकर आशीर्वाद दिया। उनकी पढ़ाई के बारे में पूछा और चॉकलेट गिफ्ट कर उन्हें खूब पढ़ने को प्रेरित किया। उल्लेखनीय कि गोरखनाथ मंदिर प्रवास के दौरान रविवार सुबह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की दिनचर्या परंपरागत रही। मंदिर में गुरु गोरखनाथ का दर्शन-पूजन करने, अपने गुरु ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ की समाधि स्थल पर मत्था टेकने के बाद सीएम योगी गोशाला में पहुंचे। वहां कुछ समय व्यतीत किया। गोशाला में उन्होंने गोवंश को खूब दुलारा और अपने हाथों से उन्हें गुड़ खिलाया। गोसेवा के बाद मंदिर परिसर का भ्रमण करते हुए मुख्यमंत्री ने परिजनों के साथ आए बच्चों से भी मुलाकात की और उनके साथ फोटो खिंचवाई।     recent visitors 106

वक्फ एक्ट संसोधन: मोदी सरकार को अपने इस फैसले पर गौर करने की जरूरत: मौलाना सुफियान निजामी

लखनऊ केंद्र की मोदी सरकार वक्फ एक्ट में संसोधन करने की तैयारी में है। मोदी कैबिनेट वक्फ एक्ट में करीब 40 संसोधनों को मंजूरी दे दी है। बताया जा रहा है कि केंद्र सरकार वक्फ बोर्ड की किसी भी संपत्ति को वक्फ संपत्ति बनाने की शक्तियों पर अंकुश लगाना चाहती है। वहीं इसको लेकर मुस्लिम धर्मगुरुओं ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। मौलाना सुफियान निजामी ने कहा कि मोदी सरकार को अपने इस फैसले पर गौर करने की जरूरत है। इसके साथ ही हिंदू महासभा ने मोदी सरकार के इस कदम का स्वागत किया है। यूपी वक्फ तरक्की बोर्ड अध्यक्ष मौलाना सुफियान निजामी ने कहा कि यह क्यों किया जा रहा है और इसके पीछे क्या मंशा है यह सरकार बता पाएगी। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद वक्फ एक्ट बना और वक्फ बोर्ड मौजूद है। उसका काम वक्फ बोर्ड की प्रॉपर्टी को सही तरीके से चलाया जाए और सही इस्तेमाल किया जाए। अगर सरकार को यह लगता है कि वक्फ की जमीन में खुर्दबुर्द हो रहा है, तो जहां पर सरकारी या गैर सरकारी जमीन पर कब्जा किया गया है, उस संपत्ति का छुड़ाने का काम किया जाए। अगर संपत्ति से कब्जा नहीं छुड़ा सकते है तो वक्फ बोर्ड को उसका किराया दिलाया जाए। वक्त बोर्ड को बताया भूमाफिया सुफियान निजामी ने आगे कहा कि अब इसके लिए नया कानून लाना और बिल में ही संशोधन करना यह मुनासिब नहीं है। मोदी सरकार को अपने इस फैसले पर गौर करने की जरूरत है। वहीं इस मामले को लेकर अखिल भारत हिंदू महासभा के प्रवक्ता शिशिर चतुर्वेदी ने कहा कि कांग्रेस की नेहरू सरकार ने एक काला कानून बनाया था। इसका नाम था वक्फ बोर्ड और वक्फ एक्ट, जिसने सबसे ज्यादा जमीन कब्जाने का रिकार्ड बनाया है। वक्फ बोर्ड ने हिंदुओ की जमीन, मठ और मंदिरों को कब्जा कर लिया है। वक्फ बोर्ड देश का सबसे बड़ा भूमाफिया है। ये बोर्ड ताज महल पर भी बनाया दावा ठोक रखा है। किसी के भी दुख दर्द में वक्फ वाले खड़े नहीं होते हैं। खासकर हिंदुओ की जमीन को लूटने के खिलाफ केंद्र सरकार कानून लाने जा रही है। जो स्वागत योग्य कदम है। recent visitors 101