कंस्ट्रक्शन कंपनी के कर्मचारियों के साथ लूट की वारदात हुई, दिनदहाड़े 35 लाख रुपए ले उड़े बाइक सवार नकाबपोश

इंदौर मप्र की आर्थिक राजधानी इंदौर में दिनदहाड़े 35 लाख रुपए की लूट हुई है। मिली जानकारी के मुताबिक, लसूडिया थाना क्षेत्र के अंतर्गत कंस्ट्रक्शन कंपनी के कर्मचारियों के साथ लूट की वारदात हुई है। ⁠बाइक सवार नकाबपोश बदमाशों ने लूट की वारदात को अंजाम दिया है। ⁠लसुडिया पुलिस और क्राइम ब्रांच के पुलिस अधिकारी घटनास्थल पर पहुंच चुके हैं। स्कीम नंबर-114 में हुई घटना मिली जानकारी के मुताबिक, यह वारदात स्कीम नंबर 114 में हुई है और डीसीपी, एडिशनल डीसीपी के साथ कई आला अधिकारी घटनास्थल पर पहुंच चुके हैं और मामले की जांच कर रहे हैं। पुलिस को जानकारी मिली है कि लसूडिया थाना क्षेत्र के अंतर्गत स्कीम नंबर-114 में रहने वाले रणवीर सिंह सड़त निर्माण का ठेका लेते हैं और उनके दो कर्मचारी अशोक और सोनू जब 35 लाख रुपए लेकर जा रहे थे, तब लूट की वारदात हुई। चाकू की नोंक पर लूटे पैसे इस मामले में दोनों कर्मचारियों अशोक और सोनू से पूछताछ की जा रही है। उन्होंने बताया कि नकाशपोश लुटेरों ने चाकू की नोंक पर धमकाया और रूपए लेकर फरार हो गए। इस मामले में कान्ट्रेक्टर रणवीर सिंह से भी पूछताछ की जा रही है। दोनों कर्मचारी 35 लाख रुपए ऑफिस से लेकर निकले थे और रणवीर के घर की ओर जा रहे थे। फिलहाल पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है। recent visitors 96

वनसत्ती माता मंदिर पर कथा का आयोजन चल रहा था, इसी बीच अचानक कथा सुन रहे लोगों पर गिरा पेड़, कई घायल

महराजगंज उत्तर प्रदेश के महराजगंज जिले में निचलौल वन रेंज के ढेसों जंगल  के बीच स्थित वनसत्ती माता मंदिर पर कथा का आयोजन चल रहा था। जहां पर कुछ लोग बैठकर कथा सुन रहे थे इसी बीच अचानक कथा सुन रहे लोगों पर एक पेड़ गिर गया। इस दौरान पेड़ के चपेट में आकर छह लोग घायल हो गए।  हादसे के बाद मौके पर लोगों में चीख पुकार मच गई। वहीं लोगों की मदद से सभी घायलों को सीएचसी केंद्र निचलौल में भर्ती कराया गया। जहां पर डॉक्टरों ने तीन घायलों की हालत नाजुक देख प्राथमिक इलाज के बाद जिला अस्पताल रेफर कर दिया। मिली जानकारी के अनुसार, मिश्रौलिया गांव निवासी एक परिवार की ओर से निचलौल वन रेंज के जंगलों के बीच से होकर पुजारी बहुवर सड़क के किनारे स्थित वनसत्ती माता मंदिर पर कथा का आयोजन किया गया था। जहां पर पूजा पाठ के बाद लोग बैठकर कथा सुन रहे थे इसी बीच बगल में खड़ा एक सूखा जामुन का पेड़ कथा सुन रहे लोगों के ऊपर गिरा। इस दौरान पेड़ के चपेट में आकर राधिका (30) वर्ष, वीरेंद्र गौड़ (30), रीता गोंड(40) निवासी अहिरौली और रंभा देवी (40) निवासी पिपराइच इंदु (35) घायल हो गए हैं। वहीं, घायल इंदु, राधिका और खुशी की हालत नाजुक देख डॉक्टरों ने प्राथमिक इलाज के बाद जिला अस्पताल रेफर कर दिया है। क्षेत्र में इस घटना को सुनकर हाहाकार मचा हुआ है। वहीं इस घटना से परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल हो गया है।   recent visitors 118

विश्व बैंक की सहायता से प्रदेश में तीन जल प्रदाय और सात सीवरेज परियोजना, नागरिकों को मिलेंगी बुनियादी सुविधाएँ

भोपाल प्रदेश में नगरीय क्षेत्र में नागरिकों को बुनियादी सुविधाएँ स्तरीय मिल सके और उनके जीवन स्तर में सुधार हो। इसके लिये नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा ठोस प्रयास किये जा रहे हैं। इस दिशा में विभाग का उपक्रम मध्यप्रदेश अर्बन डेवलपमेंट कम्पनी द्वारा विश्व बैंक की मदद से गुणवत्तापूर्ण निर्माण कार्य कराये जा रहे है। विश्व बैंक की 10 परियोजनाओं पर 1209 करोड़ 36 लाख रूपये की लागत से कार्य किया जा रहा है। इनमें से कई परियोजनाएँ पूरी हो चुकी है। विश्व बैंक द्वारा खरगौन, बुरहानपुर और दतिया जिले के सेवढ़ा में जल प्रदाय योजना पर कार्य किया जा रहा है। साथ ही शाजापुर, शहडोल, धार जिले का धरमपुरी, सीहोर जिले के भैरूंदा, खरगोन जिले के महेश्वर, जबलपुर जिले के भेड़ाघाट और छिंदवाडा में सीवरेज परियोजना के लिए विश्व बैंक द्वारा वित्तीय सहायता दी गई है। मध्यप्रदेश अर्बन डेवलपमेंट कम्पनी द्वारा धरमपुरी, भेड़ाघाट व शाजापुर सीवरेज परियोजना का कार्य पूरा किया जा चुका है। इसी तरह खरगौन और बुरहानपुर जल प्रदाय परियोजना के कार्य का प्रायोगिक परीक्षण चल रहा है। धरमपुरी सीवरेज परियोजना जिसकी लागत करीब 23 करोड़ 97 लाख रूपये है। इस परियोजना से नगर की 11 हजार से अधिक की आबादी को लाभ मिल रहा है। धरमपुरी सीवरेज परियोजना के उत्कृष्ट संचालन के लिए परियोजना को स्कॉच अवार्ड से भी सम्मानित किया जा चुका है। पर्यटन नगरी भेड़ाघाट में 17 करोड़ 53 लाख रूपये की सीवरेज परियोजना से 5 हजार से अधिक की जनसंख्या के निस्तार के पानी का उचित निस्तारण सीवरेज परियोजना के माध्यम से किया जा रहा हैं। शाजापुर में करीब 92 करोड़ 93 लाख रूपये लागत से सीवरेज परियोजना पूरी की गई है। इस परियोजना से एक लाख से अधिक आबादी को लाभ हो रहा है। शहडोल सीवरेज परियोजना का कार्य भी तेजी से चल रहा है। यह परियोजना 199 करोड़ रूपये लागत की है। इस योजना में 21 हजार से अधिक घरों को सीवरेज नेटवर्क से जोड़ा जायेगा। छिंदवाडा में 263 करोड़ रूपये लागत की सीवरेज परियोजना से 25 हजार से अधिक घरों को सीवरेज कनेक्शन दिया जायेगा। धार्मिक महत्व की नगरी महेश्वर में 55 करोड़ 57 लाख रूपये की लागत से 25 हजार की आबादी को सीवरेज परियोजना का लाभ मिलेगा। सीहोर जिले के भैंरूदा में भी 42 करोड़ रूपये लागत की सीवरेज परियोजना कार्य तेजी से किया जा रहा है। परियोजना से 4247 घरों को सीवरेज नेटवर्क से जोड़ा जायेगा। इसमें 66 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। जल प्रदाय योजना खरगौन में जल प्रदाय परियोजना का कार्य लगभग पूर्ण हो चुका है। इस परियोजना के जरिये एक लाख 50 हजार की आबादी को शुद्ध जल उपलब्ध कराया जा रहा है। विश्व बैंक सहायता से खरगौन जल प्रदाय योजना तैयार की गई है। इस परियोजना की लगभग 125 करोड़ रूपये है। इसी तरह बुरहानुपर में 207 करोड़ रूपये की लागत से जल प्रदाय परियोजना का कार्य तेजी से किया जा रहा है। यहाँ प्रायोगिक परीक्षण किया जा रहा है। दतिया के सेवढ़ा में 39 करोड़ रूपये की लागत से जल प्रदाय परियोजना का कार्य प्रगति पर है। यहाँ 4 हजार से अधिक घरों को नल कनेक्शन से जोड़े जाने की कार्यवाही की जा रही है। विश्व बैंक की मदद से तैयार की गई सीवरेज परियोजना से नदियों को प्रदूषण मुक्त बनाने में भी मदद मिल रही है। धरमपुरी और भेडाघाट सीवरेज परियोजना नर्मदा नदी के संरक्षण में सहायक बनी है। वहीं महेश्वर सीवरेज परियोजना कार्य पूरा होने पर नर्मदा नदी के संरक्षण के लिए और छिंदवाडा सीवरेज परियोजना से बोदरी और कुलबेहरा नदी के संरक्षण में लिए मदद मिलेगी। इसी तरह शाजापुर सीवरेज परियोजना से चिल्लर नदी को स्वच्छ किया जा रहा है। परियोजना की खास बात यह भी है कि विश्व बैंक की सहायता से धरमपुरी सीवरेज परियोजना में निस्तार पानी का शोधन कर प्राप्त जल का उपयोग बागवानी, वाहन धोने, अग्निशमन जैसे कार्यों के लिए किया जा रहा है। मध्यप्रदेश अर्बन डेवलपमेंट कम्पनी द्वारा इन निकायों में परियोजना के कार्यों को गुणवत्ता के साथ पूरा कार्य किया जा रहा है।   recent visitors 105

भारत ने ऑस्ट्रेलिया को 3-2 से शिकस्त दी, मेडल की आस बढ़ी, 52 साल बाद भारत ने ओलंपिक में किया धमाल

नई दिल्ली पेरिस ओलंपिक में भारतीय पुरुष हॉकी टीम का आखिरी ग्रुप मैच में ऑस्ट्रेलिया से हुआ। इस मुकाबले में भारत ने ऑस्ट्रेलिया को 3-2 से शिकस्त दी। शुक्रवार को खेले गए इस मुकाबले में टीम इंडिया की ओर से अभिषेक 18वें मिनट और हरमनप्रीत सिंह 13वें व 33 मिनट में गोल दागा। कंगारू टीम की तरफ से थॉमस क्रेग 25वें मिनट और ब्लेक गोवर्स ने 55वें मिनट पर गोल किए। 52 साल बाद ऑस्ट्रेलिया को दी शिकस्त टीम इंडिया ने 52 साल बाद ऑस्ट्रेलिया को ओलंपिक में खराया है। यह 1972 के म्यूनिख ओलंपिक के बाद पहली बार है जब मैन इन ब्लू ने कंगारू को पटखनी दी है। वहीं, भारत ने क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली है। ऐसा रहा मैच मैच के पहले क्वार्टर में भारत का दबदबा रहा और दो गोल दाग दिए। अभिषेक ने पहले फील्ड गोल किया। इससे पहले ललित उपाध्याय डी में दाखिल हुए और कंगारू को डिफेंस में उलझा दिया। फिर अभिषेक ने बॉल को फ्लिप करते हुए शानदार गोल किया। फिर कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने पेनल्टी कॉर्नर पर गोल दागा और टीम 2-0 से आगे हो गई। फिर दूसरे क्वार्टर में ऑस्ट्रेलिया टीम ने वापसी की। थॉमस क्रेग ने पेनल्टी कॉर्नर के जरिए गोल दागा। तीसरे क्वार्टर में हरमनप्रीत ने पेनल्टी स्ट्रोक पर गोल लगाकर टीम को 3-1 से आगे कर दिया। पेरिस ओलंपिक में भारतीय हॉकी टीम गोलकीपर- पी आर श्रीजेश डिफेंडर- जरमनप्रीत सिंह, अमित रोहिदास, हरमनप्रीत सिंह, सुमित, संजय मिडफील्डर- राजकुमार पाल, शमशेर सिंह, मनप्रीत सिंह, हार्दिक सिंह, विवेक सागर प्रसाद फॉरवर्ड- अभिषेक, सुखजीत सिंह, ललित कुमार उपाध्याय, मंदीप सिंह, गुरजंत सिंह रिजर्व खिलाड़ी- नीलकांत शर्मा, जुगराज सिंह, कृष्ण बहादुर पाठक recent visitors 100

अंतर्राष्ट्रीय षड्यंत्रों के चलते हुए हिमाचल में पंजाब के रास्ते बहुत सारा ड्रग्स भारी मात्रा में भेजा जा रहा है: कंगना रनौत

हिमाचल कंगना रनौत ने हाल ही में खेल मंत्रालय से सरकाघाट विधानसभा के लिए एक स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स की मांग की है। उन्होंने कहा कि यह कॉम्प्लेक्स खेल के प्रति युवाओं के उत्साह को बढ़ाने में मदद करेगा और भारत में खेल के विकास में योगदान देगा। सांसद कंगना ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय षड्यंत्रों के चलते हुए हिमाचल में पंजाब के रास्ते बहुत सारा ड्रग्स भारी मात्रा में भेजा जा रहा है। जिसमे हेरोइन सबसे ज्यादा जिसे लोकली चिट्टा भी कहा जाता है। ये सबसे ज्यादा कैमिकली ट्रिटेड, हानिकारक और एडिक्टिव ड्रग्स माना जाता है। इसकी चपेट में पंजाब के बाद हिमाचल प्रदेश भी आ रहा है। पहले स्कूल के बच्चों को यह नशीला पदार्थ फ्री में दिया जाता है और फिर जब वह अंदर से पूरी तरह से उस पर निर्भर तथा खोखले हो जाते हैं, तो वह घर में फिर चोरी करके यहां तक की मां के गहने बेचकर भी चिट्टा खरीदते हैं। हिमाचल की नसों को खोखला किया जा रहा है। हिमाचल के युवाओं को भटकाया जा रहा है। इसका एक कारण यह भी हो सकता है कि हिमाचल के बहुत बच्चे भारतीय सेना में भर्ती होते हैं। मैं चाहती हूं कि हम हिमाचल के बच्चों के जोश और होश दोनों को नियम और नियति में बांधकर उनका मार्गदर्शन करें। हिमाचल के बच्चों को खेल से संबंधित कोई भी सुविधा नहीं है। सरकाघाट विधानसभा के लिए मेरी खेल मंत्रालय से एक स्पोर्ट्स कॉम्पलैक्स की मांग है। रणौत ने कहा, "हमारे ट्राइबल बच्चों से लेकर हिमाचल के सभी बच्चों के लिए लॉन्ग जंप, स्विमिंग, बास्केटबॉल, हॉकी, वेटलिफ्टिंग, जिमनास्टिक और शूटिंग जैसी नेशनल लेवल की गेम्स की प्रारंभिक ट्रेनिंग की सुविधा होनी चाहिए। recent visitors 126

भोपाल गैस राहत के 6 अस्पतालों एवं 9 औषधालयों में हो रहा मरीजों का मुफ्त इलाज

भोपाल राज्य सरकार ने भोपाल गैस पीड़ितों और उनके बच्चों को आयुष्मान ‘निरामयम’ मध्यप्रदेश योजना का लाभ देने का निर्णय लिया है। इसके तहत गैस पीड़ितों एवं उनके बच्चों के आयुष्मान कार्ड बनाये जा रहे हैं। अब तक लगभग 16 हजार 848 गैस पीड़ितों के आयुष्मान कार्ड बनाये जा चुके हैं। यह लगातार जारी रहने वाली प्रक्रिया है। गैस पीड़ित मरीजों एवं उनके बच्चों को भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास विभाग के अधीन संचालित 6 अस्पतालों एवं 9 औषधालयों में सभी प्रकार की उपचार सुविधाएँ निःशुल्क दी जा रही हैं। साथ ही आयुष्मान भारत ‘निरामयम’ मध्यप्रदेश योजना के अंतर्गत प्रदेश के सभी अनुबंधित अस्पतालों में भी गैस पीड़ितों को उपचार सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं। विशेष प्रकरणों में इस योजना में निर्धारित पैकेज के अतिरिक्त इलाज पर खर्च होने पर संबंधित अस्पताल को उसकी प्रतिपूर्ति गैस राहत विभाग द्वारा की जाती है। गैस पीड़ित मरीज एवं उनके बच्चों को किडनी, लीवर ट्रॉन्सप्लांट एवं अन्य प्रकार की गंभीर बीमारियों के उपचार के लिये विशेष प्रकरण मानते हुए मरीजों को आवश्यकतानुसार इलाज की सुविधा दी जा रही है। भोपाल गैस पीड़ित मरीजों एवं उनके बच्चों को कैंसर के उपचार के लिये गैस राहत विभाग द्वारा तीन निजी अस्पतालों एवं एम्स भोपाल के साथ अनुबंध किया गया है। यहाँ पीड़ितों को कैंसर उपचार की नि:शुल्क सुविधा दी जा रही है। गैस राहत के अधीन संचालित सभी अस्पतालों में गैस पीड़ित मरीजों एवं उनके बच्चों के उपचार के लिये अत्याधुनिक इमरजेंसी यूनिट सातों दिन 24 घंटे संचालित की जा रही हैं। गैस पीड़ित मरीजों एवं उनके बच्चों के किडनी रोग (सी.के.डी.- IV) व अतिगंभीर मरीजों के उपचार के लिये कमला नेहरू अस्पताल, भोपाल में डायलिसिस यूनिट की स्थापना भी की गई है। इसमें 13 डायलिसिस मशीनें लगाकर मरीजों का निःशुल्क उपचार किया जा रहा है। गैस पीड़ित विधवाओं (कल्याणी), (जिनको राज्य शासन द्वारा सामाजिक सुरक्षा पेंशन कार्यक्रम के अंतर्गत सामाजिक सुरक्षा पेंशन मिलती हैं), को इस पेंशन राशि के अलावा गैस राहत विभाग द्वारा एक हजार रूपये प्रतिमाह अतिरिक्त पेंशन दी जा रही है। वर्तमान में 4 हजार 406 गैस पीड़ित विधवाओं (कल्याणियों) को यह पेंशन दी जा रही है। भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुर्नवास विभाग द्वारा यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री परिसर, भोपाल में 337 मीट्रिक टन अपशिष्ट पदार्थों के विनिष्टीकरण के लिये निविदा प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। सफल निविदाकार मेसर्स पीथमपुर इंडस्ट्रियल वेस्ट मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड के साथ अनुबंध कर लिया गया है। विभाग द्वारा फैक्ट्री परिसर में स्थित अपशिष्ट पदार्थों के विनिष्टीकरण की कार्यवाही समयबद्ध कार्ययोजना बनाकर की जा रही है।   recent visitors 101

तेज बारिश से पुराने पुल में होल होने से नेमावर में रास्ता डायवर्ट, रोड बंद, पुल के मध्य वाले भाग का स्लैब धसा

नेमावर देवास व हरदा जिले को जोड़ने वाले नेमावर स्थित करीब 43 वर्ष पुराने पुल के मध्य वाले भाग का स्लैब सतत वर्षा के दौर के बीच शुक्रवार को धंस गया। इसके चलते बीच पुल में खतरनाक गड्ढा हो गया। पुलिस ने शाम करीब साढ़े पांच बजे से भारी वाहनों को संदलपुर फाटे से मोड़ कर भेरुंदा मार्ग से डायवर्ट कर दिया गया, ताकि घटनास्थल पर किसी तरह का खतरा राहगीरों व वाहनों के लिए न रहे। पुलिस ने लिया एक्शन नेमावर पुलिस के बारे में सूचना दोपहर करीब 2 बजे मिली। सूचना पर थाना प्रभारी सुरेखा निमोदा ने तत्काल एक्शन लेते हुए गड्ढे वाली जगह के आसपास बेरिकेट्स लगवाकर सुरक्षित करवाया और गड्ढे को रिपेयर करने का काम इंजीनियरों के माध्यम से करवाया गया। इस दौरान सड़क के आधे हिस्से से वाहनों की आवाजाही चालू रखी गई। शाम करीब साढ़े पांच बजे से भारी वाहनों को संदलपुर फाटे से मोड़ कर भेरुंदा मार्ग से डायवर्ट कर दिया गया, ताकि घटनास्थल पर किसी तरह का खतरा राहगीरों व वाहनों के लिए न रहे।   1981 में हुआ था पुल का निर्माण जानकारी के अनुसार पूर्व में वर्ष 2017 में भी इसी पुल में खतरनाक गड्ढा हो गया था, जिसका सुधार कार्य तुरंत करवाया गया था। इस पुल का निर्माण वर्ष 1981 में हुआ था, अभी वर्तमान में पुल में कई स्थानों पर ऊपरी कोट के सरिए बाहर दिखाई दे रहे है परंतु जिम्मेदार इसकी अनदेखी कर रहे हैं। नागपुर तक आवागमन का प्रमुख मार्ग यह पुल इंदौर-बैतूल नेशनल हाइवे के अंतर्गत आता है जो आगे नागपुर तक आवागमन का प्रमुख मार्ग भी है। टीआई निमोदा ने बताया इंजीनियरों ने दो दिन तक भारी वाहनों का प्रवेश रोकने की बात कही है, मौके पर हमने जवान तैनात किए हैं। वरिष्ठ अधिकारियों ने हरदा जिले के अधिकारियों से संपर्क कर चर्चा की है, उधर भी यातायात डायवर्ट किया जा रहा है। recent visitors 109