पेरिस ओलंपिक: जोकोविच फाइनल में, स्वर्ण के लिए अल्काराज से होगा सामना

पेरिस सर्बिया के स्टार टेनिस खिलाड़ी नोवाक जोकोविच ने इटली के लोरेंजो मुसेट्टी को 6-4, 6-2 से हराकर रात को अपने पहले ओलंपिक फाइनल में प्रवेश किया। जोकोविच अब स्वर्ण पदक मुकाबले में कार्लोस अल्काराज का सामना करेंगे। 37 वर्षीय खिलाड़ी को उच्च गुणवत्ता वाले मैच में लोरेंजो मुसेट्टी से कोर्ट फिलिप चैटियर पर कड़ी टक्कर मिली इस दौरान जोकोविच ने कई बार अपना परेशान भी हुए, लेकिन निर्णायक क्षणों में उन्होंने कड़ी मेहनत करके जीत हासिल की। शीर्ष वरीयता प्राप्त जोकोविच अपने पिछले तीन ओलंपिक एकल सेमीफाइनल हार गए थे और स्वर्ण पदक उनके करियर का एकमात्र बड़ा मिल का पत्थर साबित होगा। रविवार को स्वर्ण पदक मुकाबले में जोकोविच का सामना स्पेन के अल्काराज से होगा, जबकि 11वीं वरीयता प्राप्त मुसेट्टी का सामना कांस्य पदक के लिए कनाडा के फेलिक्स ऑगर-अलियासिम से होगा।   recent visitors 110

शख्स ने प्राइवेट पार्ट में डाली 2 फीट लंबी मछली, ईल ने उसके शरीर से निकलने के प्रयास में मलाशय को काटा

हनोई  वियतनाम में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां 31 वर्षीय भारतीय नागरिक को गंभीर पेट दर्द के कारण 27 जुलाई को हनोई के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया। जांच करने पर पाया गया कि उसके पेट में एक जिंदा ईल मछली है। दरअसल इस व्यक्ति ने अपने प्राइवेट पार्ट से इस मछली को शरीर में डाला था। मछली ने उसके शरीर से निकलने के प्रयास में मलाशय को काटा और पेट तक प्रवेश कर रही। कोलोरेक्टल और पेरिनियल सर्जरी विभाग के उप निदेशक ले नहत हुई ने कहा, 'ईल ने भागने के प्रयास में मरीज के मलाशय और बड़ी आंत के एक हिस्से को काट लिया था।' एक्स रे सहित कई परीक्षणों के जरिए रोगी के पेट की गुहा के अंदर ईल के कंकाल का पता चला। डॉक्टरों ने शुरुआत में गुदा के माध्यम से इसे निकालने की कोशिश की लेकिन एक नींबू उसका रास्ता रोक रहा था। इसे भी उस शख्स ने ही अंदर डाला था। इस कारण उन्हें इमरजेंसी में सर्जरी करना पड़ा। सर्जरी के दौरान डॉक्टरों को 25 इंच से ज्यादा लंबी और लगभग 4 इंच व्यास वाली जीवित ईल मछली मिली। डॉक्टरों ने ईल और नींबू दोनों को हटा दिया और शरीर में कुछ और तो नहीं है इसकी जांच की। इलाज न मिलने पर हो जाती मौत सर्जरी के बाद जब इस बात की पुष्टि हो गई कि शरीर में कुछ और नहीं है तब डॉक्टरों ने रोगी के शरीर में टांके लगाए। ईल के काटने से बने घाव से मल न गुजरे इसलिए कोलोस्टॉमी भी की गई। डॉक्टरों का कहना है कि अगर इस शख्स को समय पर इलाज न मिलता तो इसकी मौत हो सकती है। अब भी उसे जीवन भर कोलोस्टॉमी बैग के साथ रहना होगा। हॉस्पिटल ने मरीज की पहचान उजागर नहीं की है। डॉक्टर नहत ने कहा कि उन्होंने कई मरीजों के मलद्वार से फंसी वस्तुएं निकालने के सर्जरी की हैं। पहले भी आए हैं ऐसे मामले अस्पताल का कहना है कि ऐसे मामले आमतौर पर उन युवा पुरुषों में आते हैं, जो समलैंगिक हैं और उन्हें यौन सुख नहीं मिलता। इसकी चाहत में वह अपने मलद्वार से वस्तुएं डाल लेते हैं। अस्पताल अन्य मरीजों के शरीर से बोतलें, कप और एडल्ट टॉय हटा चुके हैं। लेकिन किसी जीवित जानवर हटाने का पहला मामला है। डॉक्टरों का कहना है कि ईल ऐसे जानवर हैं जो लंबे समय तक इस परिस्थित में रह सकता था। संभव था कि यह पाचन तंत्र में छेद कर देता। वियतनाम में इस साल यह अपनी तरह की पहली घटना नहीं है। मार्च में क्वांग निन्ह प्रांत के हाई हा डिस्ट्रिक्ट मेडिकल सेंटर में एक 43 वर्षीय व्यक्ति के प्राइवेट पार्ट से 12 इंच की ईल निकाली गई थी। recent visitors 107

दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ विकेटकीपर-बल्लेबाज जोशुआ दा सिल्वा उप-कप्तान की जिम्मेदारी संभालेंगे

नई दिल्ली केमार रोच दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ घरेलू श्रृंखला के लिए वेस्टइंडीज की टेस्ट टीम में वापसी करने के लिए तैयार हैं। काउंटी चैंपियनशिप के दौरान घुटने में लगी चोट के कारण रोच को वेस्टइंडीज के हाल ही में संपन्न इंग्लैंड दौरे से बाहर होना पड़ा था। इस बीच, साथी तेज गेंदबाज अल्जारी जोसेफ को आराम दिया गया है, जबकि विकेटकीपर-बल्लेबाज जोशुआ दा सिल्वा उप-कप्तान की जिम्मेदारी संभालेंगे। मुख्य कोच आंद्रे कोली ने सीडब्ल्यूआई प्रेस विज्ञप्ति में कहा, हमने इस श्रृंखला के लिए अपने उप-कप्तान अल्जारी जोसेफ को आराम देने का फैसला किया है। अल्जारी पर हाल ही में काफी काम का बोझ रहा है, और यह ब्रेक उसे स्वस्थ होने और शीर्ष प्रदर्शन पर लौटने का मौका देगा। ऑफ स्पिन गेंदबाजी ऑलराउंडर केविन सिंक्लेयर टीम का हिस्सा नहीं हैं, क्योंकि वे अभी तक बाएं हाथ की हड्डी में हुए फ्रैक्चर से उबर नहीं पाए हैं। उन्हें इंग्लैंड दौरे के दौरान नॉटिंघम में मार्क वुड की गेंद पर चोट लगी थी। अनकैप्ड ऑफ स्पिनर ब्रायन चार्ल्स, तेज गेंदबाज ऑलराउंडर जस्टिन ग्रीव्स और बाएं हाथ के स्पिनर जोमेल वारिकन, जो इंग्लैंड दौरे का हिस्सा नहीं थे, को 15 सदस्यीय टीम में जगह मिली है। सीडब्ल्यूआई के क्रिकेट निदेशक माइल्स बैसकॉम्ब ने कहा, इस टीम के लिए चयन प्रक्रिया का नेतृत्व हमारे मुख्य कोच आंद्रे कोली ने किया था, हमारी नई चयन प्रक्रिया के कार्यान्वयन के लिए लंबित है, जिसे आने वाले दिनों में लागू किया जाएगा और जल्द ही सार्वजनिक रूप से व्यक्त किया जाएगा। वेस्टइंडीज की टीम इंग्लैंड में तीन मैचों की टेस्ट श्रृंखला 3-0 से हारी थी और वर्तमान में सात मैचों में एक जीत के साथ विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप तालिका में सबसे नीचे है। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ दो टेस्ट पोर्ट-ऑफ-स्पेन, त्रिनिदाद में 7 से 11 अगस्त तक और प्रोविडेंस, गुयाना में 15 से 19 अगस्त तक खेले जाएंगे। वेस्टइंडीज की टीम : क्रेग ब्रैथवेट (कप्तान), जोशुआ दा सिल्वा (उप-कप्तान), एलिक अथानाज़े, कीसी कार्टी, ब्रायन चार्ल्स, जस्टिन ग्रीव्स, जेसन होल्डर, कावेम हॉज, टेविन इमलाच, शमर जोसेफ, मिकाइल लुइस, गुडाकेश मोटी, केमर रोच, जेडन सील्स, जोमेल वारिकन।     recent visitors 121

खेलीफ के खिलाफ टिप्पणियों ने ‘एलजीबीटीक्यू-प्लस’ और महिला एथलीटों को लेकर चिंता बढ़ाई

पेरिस  पेरिस ओलंपिक में महिला मुक्केबाज इमान खेलीफ को ट्रांसजेंडर या पुरुष के रूप में गलत पहचान बताने वाली घृणित टिप्पणियों को लेकर ‘एलजीबीटीक्यू – प्लस’ एथलीटों, अधिकारियों और पर्यवेक्षकों ने चेतावनी दी है कि इस तरह की मानसिकता इस समुदाय और महिला खिलाड़ियों के लिए खतरा पैदा कर सकती है। ‘एलजीबीटीक्यू – प्लस’ ‘लेस्बियन’, ‘गे’, ‘बाइसेक्शुअल’, ‘ट्रांसजेंडर’, ‘क्वीर’, ‘इंटरसेक्स’ और ‘एसेक्सुअल’ और अन्य लोगों से संबंधित है। इस मुद्दे पर अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से लेकर ‘हैरी पॉटर’ की लेखिका जे.के. रॉलिंग जैसे लोगों ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। अल्जीरिया की खेलीफ पेरिस ओलंपिक के मुक्केबाजी स्पर्धा में गुरुवार को इटली की प्रतिद्वंद्वी एंजेला कारिनी के मुकाबले के महज 46 सेकेंड बाद हटने से पहले दौर का मुकाबला जीत गईं। कारिनी ने मुकाबला बीच में छोड़कर हटने के बाद कहा कि वह खेलीफ के खिलाफ कोई राजनीतिक भाव भांगिमा नहीं दिखा रही थी। इस मुकाबले से हटने के बाद उनकी नम आंखें सोशल मीडिया पर वायरल हो गयी और लोगों ने उनके प्रति सहानुभूति दिखायी।  सोशल मीडिया टिप्पणियों में कहा गया कि खेलीफ एक महिला से मुक्केबाजी करने वाला पुरुष था। इस तरह की टिप्पणियों के बाद खेलीफ और ताइवान की मुक्केबाज लिन यू-टिंग के महिला वर्ग में खेलने को लेकर सामाजिक विवाद बढ़ गया। अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (आईओसी) के प्रवक्ता मार्क एडम्स ने शुक्रवार को कहा कि खेलीफ ‘महिला के रूप में पैदा हुई थी, महिला के तौर पर पंजीकृत है, उसने अपना जीवन एक महिला के रूप में बिताया, एक महिला के रूप में मुक्केबाजी की और उसके पास एक महिला पासपोर्ट है।’’ उन्होंने चेतावनी दे हुए कहा, ‘‘इसका इस्तेमाल किसी के प्रति नफरत फैलाने के लिए नहीं किया जाना चाहिये।’’ कुछ खिलाड़ियों और ‘एलजीबीटीक्यू – प्लस’ पर्यवेक्षकों ने चिंता जताई है कि आलोचकों की घृणित टिप्पणियां के बीच आईओसी इस मुद्दें को संबोधित करने में विफल रहा है। उन्होंने कहा कि समावेशी की वकालत करने वाले ओलंपिक कार्यक्रम के दौरान ट्रांसजेंडर और ‘एलजीबीटीक्यू – प्लस’ समुदाय के लोगों को अपमानित किया जा रहा है। पेरिस ओलंपिक ने समावेश के एजेंडे को आगे बढ़ाया है और रिकॉर्ड 193 ‘एलजीबीटीक्यू – प्लस’ एथलीट खुले तौर पर प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं। अमेरिकी ओलंपिक टीम के लिए महिला वर्ग में प्रतिस्पर्धा करने वाली दुनिया की शीर्ष मध्यम दूरी की धावकों में से एक निक्की हिल्ट्ज को भी ऐसी घृणित टिप्पणियों का सामना करना पड़ा है। जन्म के समय निर्दिष्ट महिला, हिल्ट्ज की पहचान ‘नॉन-बाइनरी (जिसका कोई लिंग नहीं है)’ के रूप में है। उन्होंने ‘इंस्टाग्राम’ पर लिखा, ‘‘इन ओलंपिक में ‘ट्रांसफोबिया’ अपने चरम पर है। ट्रांस-विरोधी बयानबाजी महिला-विरोधी है। ये लोग महिलाओं के खेल की रक्षा नहीं कर रहे हैं, वे कठोर लिंग मानदंडों को लागू कर रहे हैं, और जो कोई भी उन मानदंडों के मुताबित नहीं है उसपर निशाना साधा जा रहा है और उसे अपमानित किया जाता है।’’ ओलंपिक में ‘एलजीबीटीक्यू-प्लस’ की भागीदारी पर नजर रखने वाली साइट ‘आउटस्पोर्ट्स’ के सह-संस्थापक सीड जिग्लर जैसे कुछ लोगों का कहना है कि खेलों से पहले स्पष्टता प्रदान करने में आईओसी की विफलता ने महिला एथलीटों और ‘एलजीबीटीक्यू-प्लस’ प्रतियोगियों को नुकसान पहुंचाया है, दोनों ने मान्यता के लिए लंबे समय से संघर्ष किया है। उन्होंने कहा, ‘‘मुद्दा यह नहीं है कि एथलीट प्रतिस्पर्धा करने की कोशिश कर रहा है, मुद्दा यह है कि कौन नीति बना रहा है। इसका निराशाजनक पहलू यह है कि पिछले दो दिनों से इन खिलाड़ियों पर निशाना साधा जा रहा है।’’  खेलीफ एमेच्योर मुक्केबाज हैं जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाजी संघ (आईबीए) की 2022 विश्व चैम्पियनशिप में रजत पदक जीता था। पिछले साल की विश्व चैम्पियनशिप में उन्हें स्वर्ण पदक मैच से ठीक पहले ‘डिस्क्वालीफाई’ घोषित कर दिया था क्योंकि जांच में दावा किया गया कि उनके टेस्टोस्टेरोन का स्तर बढ़ा हुआ था। आईबीए ने इसी तरह के मामले में लिन से कांस्य पदक वापस ले लिया था। आईओसी ने हालांकि 2019 में आईबीए को नेतृत्व, अखंडता और वित्तीय पारदर्शिता में गड़बड़ी जैसे मामलों को लेकर आईओसी ने 2019 से ओलंपिक कार्यक्रम से अलग कर दिया है। आईओसी का कार्यबल तोक्यो ओलंपिक के बाद पेरिस में भी मुक्केबाजी का संचालन कर रहा है।   recent visitors 123

पीएम ओली चीनी की खतरनाक चाल से निपटने अब भारत की शरण में पहुंचे

काठमांडू नेपाल के नए प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली अपनी भारत विरोधी नीतियों के लिए जाने जाते रहे हैं। ओली ने ही चीनी राजदूत के इशारे पर नेपाल का नया नक्‍शा जारी किया था जिसमें भारतीय इलाकों लिंपियाधुरा, कालापानी और लिपुलेख को अपना बताया था। प्रचंड को सत्‍ता से हटाकर ओली एक बार फिर से नेपाल के नए प्रधानमंत्री बन गए हैं। वहीं केपी ओली के आने से उत्‍साहित चीन ने नेपाल पर दबाव बढ़ा दिया है कि वह अपने कर्ज के जाल में फंसाने वाले बीआरआई प्रॉजेक्‍ट में शामिल हो। नेपाल में चीन के राजदूत लगातार धमकाने वाले बयान देते रहते हैं। इस बीच पीएम ओली चीनी ड्रैगन की चाल से निपटने के लिए अब भारत की शरण में पहुंच गए हैं। आइए समझते हैं पूरा मामला…  रिपोर्ट के मुताबिक केपी ओली की पार्टी सीपीएन यूएमएल ने कहा है कि नेपाल बीआरआई पर पीछे नहीं हटेगा लेकिन भारत की संवेदनशीलताओं का पूरा ध्‍यान रखा जाएगा। उसने कहा कि हमारा मानना है कि भारत का विरोध करके न तो नेपाल प्रगति हासिल कर सकता है और न ही नेपाली लोगों का हित बढ़ाया जा सकेगा। नेपाल के अंतरराष्‍ट्रीय मामलों पर नजर रखने वालों का कहना है कि चीन के बीआरआई प्रॉजेक्‍ट ने ओली को फंसा दिया है। नेपाल ने इस पर साल 2017 में इस समझौते पर साइन किया था। ओली इस बार भारत समर्थक पार्टी नेपाली कांग्रेस की मदद से सत्‍ता में आए हैं। चीन लगातार अब नेपाल सरकार पर दबाव बना रहा है कि वह बीआरआई पर आगे बढ़े। भारत के साथ दोस्‍ती चाहते हैं ओली विश्‍लेषकों का कहना है कि वहीं ओली अब भारत के साथ रिश्‍ते सुधारना चाहते हैं जो अपने पड़ोस में चीन के बढ़ते प्रभाव को खतरे के रूप में लेता है। नेपाली सेना से रिटायर रणनीतिक विश्‍लेषक मेजर जनरल बिनोज बासनयत ने कहा कि बीआरआई अभी चर्चा में बना रहेगा लेकिन ओली के राज में इसे बहुत गति नहीं मिलने जा रही है। इसकी वजह ओली की गठबंधन सरकार है। उन्‍होंने कहा कि चीन की ओर से नेपाल सरकार पर बीआरआई को लागू करने को लेकर दबाव बना रहेगा लेकिन ओली के गठबंधन सहयोगी नेपाली कांग्रेस इसको लेकर एकदम अलग सोचती है। बिनोज ने कहा कि नेपाली कांग्रेस लोन की मदद से कोई भी बीआरआई प्रॉजेक्‍ट आगे नहीं बढ़ाना चाहती है। नेपाली कांग्रेस ने संकेत दिया है कि वह चीन से ग्रांट या सॉफ्ट लोन के खिलाफ नहीं है जिसमें लंबे समय में कम ब्‍याज पर पैसा लौटाना होता है। जून महीने में चीन के उप विदेश मंत्री नेपाल आए थे ताकि बीआरआई को आगे बढ़ाया जा सके लेकिन ऐसा हो नहीं सका। नेपाल और चीन के बीच शर्तों को लेकर कोई समझौता नहीं हो पाया। तत्‍कालीन पीएम प्रचंड ने भारत की चिंताओं को देखते हुए बीआरआई को लागू करने को मंजूरी नहीं दी। विश्‍लेषकों का कहना है कि ओली खुद भी नहीं चाहते हैं कि नेपाल चीन से लोन लेकर बीआरआई को लागू करे। recent visitors 136

पूजा खेडकर के काले कारनामों की लिस्ट कभी वो दृष्टिबाधित बनीं, तो कभी उन्होंने मानसिक रोगी का सर्टिफिकेट लगाया

नई दिल्ली आईएएस की नौकरी गंवा चुकी पूजा खेडकर इन दिनों सुर्खियों में हैं। उनके फर्जीवाड़ों की पूरी फेहरिस्त सामने आ गई थी। सोशल मीडिया पर भी उनकी काफी आलोचना होती रहती है। उनके फर्जी दस्तावेजों के बारे में जब लोगों को पता चला, तब तो लोग और भी ज्यादा भड़क गए। अब सोशल मीडिया पर उनके द्वारा किए गए फर्जीवाड़े की लिस्ट वायरल हो रही है, जिसमें बताया गया है कि उन्होंने किस-किस साल में यूपीएससी एग्जाम अटेम्प्ट किए थे, और उसमें क्या घपलेबाजी की थी। यूजर प्रशांत सिंह ने हाल ही में एक स्क्रीनशॉट शेयर किया है, जिसमें पूजा खेडकर के काले कारनामों की लिस्ट है। कभी वो दृष्टिबाधित बनीं, तो कभी उन्होंने मानसिक रोगी का सर्टिफिकेट लगाया। फिर माता-पिता के नामों में भी फेरबदल किया। अपने नाम में भी कई तरह के बदलाव किए। ये फोटो शेयर करते हुए प्रशांत ने लिखा- ‘एक ओलंपिक्स गोल्ड तो पूजा खेडकर को भी मिलना चाहिए। क्या गजब और कंसिस्टेंट परफॉर्मेंस है!’ दरअसल, पूजा ने जितनी बार भी यूपीएससी की परीक्षा दी, उसमें उन्होंने फर्जी दस्तावेज लगाए, जिससे उन्हें कुछ रियायत मिल जाए। इस लिस्ट को देखकर आपको समझ आएगा कि यूपीएसी ने उन्हें क्यों घेरे में लिया। इस ट्वीट पर कुछ लोगों ने कमेंट किया है। एक ने सवाल किया कि आखिर अब जाकर यूपीएससी को कैसे पता चला कि उसने घपलेबाजी की है? वहीं एक ने कहा- ‘इसे ITUS अवॉर्ड देना चाहिए!’ अगर आप इस कमेंट का अर्थ नहीं समझ पाए, तो बता दें कि अक्षय कुमार, परेश रावल और सुनील शेट्टी की फिल्म फिर हेरा फेरी में अक्षय कुमार एक सीन में बोलते हैं कि उनके पास एक डिग्री है, जिसका नाम है आईटस। जब बिपाशा बासु उस डिग्री का फुल फॉर्म पूछती हैं, तो सुनील शेट्टी तपाक से बोलते हैं- ‘इसकी टोपी उसके सर दरअसल, सुनील, अक्षय के घपलेबाजी करने के स्वभाव पर व्यंग्य करने के लिए ऐसा बोलते हैं। इसी से जोड़ते हुए ट्विटर पर भी यूजर ने पूजा खेडकर को ये अवॉर्ड देने की बात कही।     recent visitors 132

खरीफ फसलों का बुआई क्षेत्र 3 प्रतिशत बढ़कर 904.60 लाख हेक्टेयर हो गया

नई दिल्ली  भारत में इस वर्ष खरीफ फसलों का बुआई क्षेत्र 3 प्रतिशत बढ़कर 904.60 लाख हेक्टेयर हो गया है, जो कि पिछले साल समान अवधि में 879.22 लाख हेक्टेयर था। कृषि मंत्रालय की ओर से एकीकृत किए गए डेटा से यह जानकारी मिली है। धान, दलहन, तिलहन, बाजरा, और गन्ना जैसी मुख्य फसलों की बुआई में बढ़त देखने को मिली है। इसकी वजह देश में सामान्य से अच्छा मानसून होना है। कृषि क्षेत्र में आगे और बढ़त देखने को मिल सकती है। इसकी वजह आम बजट 2024-25 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की ओर से कृषि और उससे जुड़े क्षेत्र में उत्पादन बढ़ने और लचीलापन लाने के लिए 1.52 लाख करोड़ रुपये का बजट आवंटित करना है। कृषि क्षेत्र में उत्पादकता और लचीलापन बढ़ाने के लिए किए गए ऐलानों में तिलहन में आत्मनिर्भरता और सब्जी उगाने के लिए बड़े स्तर का क्लस्टर आदि शामिल है। सीतारमण ने कहा कि सरकार की रणनीति सरसों, मूंगफली, तिल, सोयाबीन, और सूरजमुखी जैसे तिलहन में आत्मनिर्भरता हासिल करना है। सरकार इनके उत्पादन, भंडारण और विपणन को मजबूत करेगी। वित्त मंत्री की ओर से आगे कहा गया है कि बड़े स्तर पर सब्जी उत्पादन के क्लस्टर ऐसे स्थानों पर बनाए जाएंगे, जहां खपत काफी ज्यादा है। सरकार उत्पादों के संग्रहण, भंडारण और विपणन सहित सब्जी आपूर्ति श्रृंखलाओं के लिए किसान-उत्पादक संगठनों, सहकारी समितियों और स्टार्टअप को बढ़ावा देगी। सरकार की ओर से सभी बड़ी फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) लागू किया गया है, जिससे किसानों को उनकी फसल की लागत पर कम से कम 50 प्रतिशत मार्जिन मिल सके।     recent visitors 123