ईरानी नेताओं को सिर्फ औरतों पर सारे कानून बनाना और जुल्म ढहाना आता है- पूर्व मंत्री चौधरी

इस्लामाबाद  हमास नेता इस्माइल हानिया की ईरान की राजधानी में हत्या पर पाकिस्तान के पूर्व मंत्री फवाद चौधरी ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। चौधरी ने इजरायल को तुरंत जवाब ना देने के लिए ईरान सरकार की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने पूछा है कि ईरानी नेताओं को सिर्फ औरतों के लिए ही सारे कानून बनाना आता है। हानिया की बुधवार तड़के तेहरान में उनके ठिकाने पर हमला कर हत्या कर दी गई थी। वह ईरान के राष्ट्रपति के शपथ ग्रहण के लिए तेहरान में थे। हमास और ईरान का मानना है कि हमले के पीछे इजरायल है। दूसरी ओर इजरायल ने इस पर चुप्पी साध रखी है। पाकिस्तान में इमरान खान की सरकार में सूचना मंत्री रहे फवाद चौधरी ने एक्स पर अपनी पोस्ट में ईरान में महिलाओं के लिए अनिवार्य हिजाब और दूसरे कानूनों की ओर इशारा करते हुए लिखा, 'ईरान के मुल्ला मोरल पुलिसिंग के खिलाफ प्रदर्शन करने वाली महिलाओं को तो मार सकते हैं और उन पर अत्याचार कर सकते हैं लेकिन जब बात इजरायल की बात आती है तो वे किसी बूचड़खाने के मेमना बनकर दुबक जाते हैं।' ईरान ने कही है बदला लेने की बात ईरान की ओर से अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है लेकिन काफी सख्त संदेश इजरायल को दिया गया है। ईरान ने जामकरण मस्जिद में लाल रंग का झंडा लगा लिया है। इस मस्जिद पर लाल झंडे का मतलब जंग के ऐलान से है। मस्जिद के ऊपर लाल रंग का ये झंडा उस वक्त फहराया जाता है, जब ईरान किसी हमले का बदला लेने का ऐलान करता है। इस लाल झंडे के फहरने को युद्ध के ऐलान की तरह माना जाता है। कुछ मीडिया रिपोर्ट में ये भी दावा किया गया है कि ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खुमैनी ने तेहरान में इस्माइल हानिया की हत्या के बदले के तौर पर इजरायल पर हमले का आदेश दिया है। खुमैनी ने बुधवार सुबह ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की एक आपातकालीन बैठक में यह आदेश दिया। ईरान ने हनिया की हत्या बाद इसे किसी कीमत पर बर्दाश्त ना करने की बात कहते हुए बदला लेने का ऐलान किया है। recent visitors 113

कंपनी उपभोक्ताओं को जनसंचार माध्यम से मिलने वाली सूचनाओं के अलावा सोशल मीडिया से भी उपलब्ध कराई जा रही

भोपाल मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी कार्यक्षेत्र के भोपाल, ग्वालियर, नर्मदापुरम एवं चंबल संभाग के 16 जिलों के अंतर्गत आने वाले बिजली उपभोक्ताओं को बिजली क्षेत्र से जुड़ी नवीनतम योजनाएं, तकनीकी जानकारी, विभिन्न प्रमाणिक सूचनाएं सोशल मीडिया के माध्यम से आसानी से उपलब्ध हो रही हैं। कंपनी द्वारा बिजली उपभोक्ताओं को अन्य जनसंचार माध्यम से मिलने वाली सूचनाओं के अलावा सोशल मीडिया के माध्यम से फेसबुक, एक्स एवं यूट्यूब चैनल से भी उपलब्ध कराई जा रही हैं मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने बताया है कि कंपनी कार्य क्षेत्र के बिजली उपभोक्ता कंपनी के अधिकृत सोशल मीडिया के फेसबुक पेज फॉलो करने लिए के लिए https://www.facebook.com/mpcz.bhopal तथा एक्स से जुड़ने के लिए https://x.com/mpczDiscom एवं यूट्यूब चैनल को सब्सक्राइब करने लिए www.youtube.com/@jansamparkMPCZ दिए गए लिंक पर क्लिक कर निरंतर विद्युत से जुड़ी तमाम योजनाएं, खबरों, शटडाउन आदि से अपडेट हो सकेंगे। इससे उपभोक्ताओं को घर बैठे ही विद्युत संबंधी सभी जानकारियां अपने मोबाइल पर भी आसानी से मिल सकेंगी। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने बिजली उपभोक्ताओं से अपील की है कि कंपनी की विद्युत से जुड़ी तमाम जानकारियों से अपडेट रहने के लिए एवं सुझाव अथवा शिकायतों के निराकरण लिए कंपनी के सोशल मीडिया के फेसबुक, एक्स एवं यूट्यूब चैनल को लाइक और सब्सक्राइब करें एवं घर बैठे सूचनाएं प्राप्त करें।   recent visitors 103

शुगर कंट्रोल से बाहर हुई तो नसों को भी डैमेज करने लगती है – शोध

वाशिंगटन  यदि ब्लड शुगर कंट्रोल से बाहर हो गया तो यह शुगर शरीर की नसों को भी डैमेज करने लगता है। इस बीमारी को डायबेटिक न्यूरोपैथी कहते हैं। इसमें मरीज के शरीर के किसी भी हिस्से में नर्व डैमेज होने लगती है। लगभग 50 प्रतिशत डायबिटीज के मरीजों को नर्व डैमेज होने की समस्या होती है। इसलिए समय पर डायबिटीज को कंट्रोल करना बहुत जरूरी है। जानकारी के मुताबिक चार तरह के डायबेटिक न्यूरोपैथी की बीमारी होती है जिनमें कमोबेश एक ही तरह के लक्षण दिखते हैं। डायबेटिक न्यूरोपैथी के लक्षण सबसे पहले हाथ और पैर की नसों में देखने को मिलता है। इस कारण हाथ और पैर पहले से सुन्न होने लगता है। सबसे पहले हाथ में सुन्नापन आता है। हाई ब्लड शुगर के कारण खून की छोटी-छोटी नलिकाओं की दीवाल कमजोर होने लगती है। इसलिए इसके कहीं भी रिसने का डर रहता है। जिससे ऑक्सीजन और अन्य पोषक तत्वों का अंगों तक पहुंचना मुश्किल हो जाता है। डायबिटीज से बचने के सिंपल सूत्र हैं फिजिकल एक्टिविटी, हेल्दी डाइट, पर्याप्त पानी पीना, वजन कम करें, सिगरेट-शराब से दूर रहे, स्ट्रैस मैनेजमेंट और पर्याप्त नींद ले। विशेषज्ञों का मानना है कि सबसे पहले हर वयस्क इंसान को अपने जीवन में नियमित रूप से एक्सरसाइज को शामिल कर लेना चाहिए। एक्सरसाइज के लिए जिम जाने की जरूरत नहीं है बल्कि इसके लिए ब्रिस्क एक्सरसाइज ही काफी है। यानी तेजी के साथ वॉक, साइक्लिंग, स्विमिंग, डांस, रस्सी कूद, हाई जंप, लॉन्ग जंप जैसी गतिविधियां यदि आप आधे से पौन घंटे तक करते हैं तो डायबिटीज होने की आशंका बहुत कम हो जाएगी। इतना ही नहीं इससे कई और बीमारियां भी नहीं होंगी। हेल्दी डाइट से पहले यह समझ लें कि क्या न खाएं। पिज्जा, बर्गर, तली-भुनी चीजें, फास्ट फूड, जंक फूड, पैकेटबंद चीजें, प्रोसेस्ड फूड, रेड मीट, ज्यादा मीठी चीजें, ज्यादा नमकीन चीजें, शराब, सिगरेट का सेवन जितना कम करेंगे, उतना ही डायबिटीज को होने का खतरा कम होगा। इसके साथ ही हेल्दी भोजन करें। जिस भोजन को शुद्ध रूप से कुदरती तरीके से पकाया गया हो और इसमें तेल, नमक का कम इस्तेमाल किया गया हो। जितना हो सके, सीजनल हरी सब्जियां, पत्तेदार सब्जियां, ताजे फल, एंटीऑक्सीडेंट्स वाले कलरफुल सब्जी और फ्रूट्स का सेवन करना चाहिए। रोजना पर्याप्त पानी पीना न सिर्फ आपको डायबिटीज से बचा सकता है बल्कि कई अन्य बीमारियों से भी बचा सकता है। इसलिए रोजाना पर्याप्त पानी पीएं। हालांकि कितना पानी पीया जाए इसका कोई तय पैमाना नहीं है। लेकिन आप दिन भर में दो लीटर पानी पीएं। डायबिटीज न हो, इसके लिए हर हाल में वजन कम करें। क्योंकि मोटापा के कारण डायबिटीज भी हो सकता है। ज्यादा वजन कई बीमारियों की जड़ है। इसलिए हर हाल में वजन कम करें। अगर एक्सरसाइज, नियंत्रित खान पान से वजन कम नहीं हो रहा है तो एक्सपर्ट की सलाह लें। वजन कम करना न कोई मैजिक है और न ही यह एक-आध महीने में होने वाला है। इसके लिए एक साथ कई चीजों को मैनेज करना पड़ता है। सिगरेट, शराब न सिर्फ डायबिटीज बल्कि कई घातक बीमारियों को बढ़ाता है। इसलिए जितना संभव हो सके अल्कोहल का सेवन न करें। सिगरेट तो पीएं ही नहीं या किसी भी तरह के तंबाकू वाली चीजों का सेवन न करें। तनाव शरीर में 1600 से ज्यादा केमिकल रिएक्शन को प्रभावित करता है। जैसे ही तनाव वाला कॉर्टिसोल हार्मोन ज्यादा रिलीज होने लगता है तो यह मेटाबोलिज्म को बुरी तरह प्रभावित करता है। इसलिए तनाव को भगाने के लिए योगा, मेडिटेशन, वॉकिंग, रनिंग आदि का सहारा लें। हर तरह की बीमारी से बचने के लिए पर्याप्त नींद जरूरी है। यदि रात में सुकून भरी नींद नहीं आएगी तो कई तरह की मुश्किलें होंगी। नींद कम आने के कारण डायबिटीज भी हो सकता है। एक्सपटर्स की माने तो डायबिटीज एक ऐसी स्थिति है जिसमें पैंक्रियाज से इंसुलिन हार्मोन कम बनता है या बनता ही नहीं है या इंसुलिन रेजिस्ट हो जाता है। चूंकि इंसुलिन ही शुगर को पचाता है और इससे एनर्जी बनती है। इसलिए जब इंसुलिन की कमी होती है तो खून में शुगर की मात्रा बढ़ जाती है। यह ऐसी बीमारी है जिसमें शुरुआत में बिल्कुल भी पता नहीं चलता।   recent visitors 112

हमें नुकसान पहुंचाने वालों से हम बदला लेंगे- बेंजामिन नेतन्याहू

तेल अवीव  हमास चीफ हानिया की मौत के बाद मुस्लिम देशों से मिली धमकी के बाद इजरायल ने साफ कह दिया कि हमे नुकसान पहुंचाया तो हम गर्दने उतारने में देर नहीं करेंगे। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने हिजबुल्ला नेता फुआद शुक्र की मौत का भी जिक्र किया और कहा कि हमें नुकसान पहुंचाने वालों से हम बदला लेंगे। दक्षिण बेरूत में शुक्र की मौत हो गई थी। वहीं, ईरान की राजधानी तेहरान में हुए हवाई हमले में हमास के शीर्ष कमांडर इस्माइल हनियेह भी मारा गया। इसके आरोप इजरायल पर लगाए जा रहे हैं। नेतन्याहू का कहना है कि इजरायल किसी भी परिस्थिति के लिए तैयार है। उन्होंने कहा, इजरायल के नागरिकों, आने वाले दिन चुनौती भरे हैं। बेरूत में स्ट्राइक के बाद हर दिशा से धमकियां आ रही हैं। हम किसी भी हालात के लिए तैयार हैं और हम किसी भी धमकी के सामने एकजुट खड़े हैं। किसी भी क्षेत्र से हमारे खिलाफ आक्रमण हुआ, तो इजरायल उससे भारी कीमत वसूल करेगा। उन्होंने कहा, हमने नसरल्लाह के करीबी (हिजबुल्ला प्रमुख हसन) को मार दिया है, जो बच्चों के नरसंहार के लिए पूरी तरह से जिम्मेदार था। एक स्ट्राइक में 12 बच्चों की मौत हो गई थी, जिसके आरोप हिजबुल्ला पर लगाए गए थे। इजरायल के पीएम ने कहा, हमने मोहसिन से हमारा बदला ले लिया है और जो भी हमें नुकसान पहुंचाएगा, उससे हम बदला लेंगे। जो भी हमारे बच्चों को मारेगा, जो भी हमारे नागरिकों को मारे, जो भी हमारे देश को नुकसान पहुंचाएगा। उसकी कीमत उसका सर होगी। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर युद्ध रोकने के दबाव को लेकर नेतन्याहू ने कहा, अगर हमने उन आवाजों को सुना होता, तो हम हमास के नेताओं और हजारों आतंकवादियों को खत्म नहीं कर पाते। हम आतंकियों को इंफ्रास्ट्रक्चर को खत्म नहीं कर पाते…। हम ऐसे हालात तैयार नहीं कर पाते, जिनकी वजह से हम ऐसे समझौते के करीब आ गए हैं जो हमारे सभी कैदियों की रिहाई और युद्ध के उद्देश्यों को पूरा करता है। हालांकि, इस दौरान उन्होंने हनियेह की मौत का जिक्र नहीं किया। बुधवार को ही हमास और ईरान के रिवॉल्युशनरी गार्ड्स ने हनियेह की मौत की घोषणा की थी।     recent visitors 101

ट्रंप ने कमला हैरिस के खिलाफ नस्लीय टिप्पणी करते हुए उनसे पूछा कि वह ‘‘भारतीय हैं या अश्वेत’’

वाशिंगटन  रिपब्लिकन पार्टी की ओर से राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप ने कमला हैरिस के खिलाफ नस्लीय टिप्पणी करते हुए उनसे पूछा कि वह ‘‘भारतीय हैं या अश्वेत’’। इस पर डेमोक्रेटिक पार्टी की उनकी प्रतिद्वंद्वी ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है और पूर्व राष्ट्रपति की टिप्पणी को “विभाजनकारी” और “अनादर” का “वही पुराना राग अलापना” बताया। ट्रंप (78) ने झूठा दावा किया कि उपराष्ट्रपति हैरिस ने केवल अपनी एशियाई-अमेरिकी विरासत पर ही जोर दिया है जबकि उन्होंने दावा किया कि ‘‘वह एक अश्वेत हैं।’’ ट्रंप ने  शिकागो में ‘नेशनल एसोसिएशन ऑफ ब्लैक जर्नलिस्ट्स’ सम्मेलन में कहा, ‘‘मैं उन्हें लंबे समय से अप्रत्यक्ष रूप से जानता हूं। वह हमेशा से भारतीय मूल की बताती थीं और केवल भारतीय मूल को बढ़ावा दे रही थीं। कई साल पहले तक मुझे नहीं पता था कि वह अश्वेत हैं, अब वह अश्वेत के रूप में पहचान बनाना चाहती हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘तो मुझे नहीं पता वह भारतीय हैं या वह अश्वेत हैं?’’ हैरिस की मां मूल रूप से भारत की हैं और उनके पिता जमैका से हैं। ह्यूस्टन में  अश्वेत समुदाय के एक कार्यक्रम में हैरिस ने कहा, ‘‘ट्रंप ने नेशनल एसोसिएशन ऑफ ब्लैक जर्नलिस्ट्स की वार्षिक बैठक में भाषण दिया और वही पुराना विभाजनकारी और अनादर का राग अलापा। मैं बस इतना कहना चाहती हूं कि अमेरिकी लोग इससे बेहतर के हकदार हैं।’’   recent visitors 123

बिजली उपभोक्ताओं की संतुष्टि और लंबित बिजली बिलों की वसूली की कार्यवाही साथ-साथ करें : ऊर्जा मंत्री तोमर

भोपाल बिजली उपभोक्ताओं की संतुष्टि और लंबित बिजली बिलों की वसूली की कार्यवाही साथ-साथ करें। जिन क्षेत्रों में उपभोक्ता समय पर बिजली बिल जमा कर रहे हैं, वहाँ कोई समस्या नहीं होनी चाहिए। ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने यह निर्देश मंत्रालय में विभागीय योजनाओं की समीक्षा के दौरान दिये। ऊर्जा मंत्री तोमर ने कहा कि ऊर्जा विभाग की योजनाओं का रूट लेवल तक प्रचार-प्रसार होना चाहिए। खराब ट्रांसफार्मर नियमानुसार समय-सीमा में बदलें। किसानों को सिंचाई के लिये दिन में बिजली मिले ऊर्जा मंत्री तोमर ने कहा कि प्रदेश में सोलर एनर्जी की पर्याप्त उपलब्धता को देखते हुए किसानों को सिंचाई के लिये दिन में ही बिजली देने की व्यवस्था करें। इससे किसानों को सिंचाई के लिये रात में जागना नहीं पड़ेगा। स्मार्ट जोन ऑफिस बनायें तोमर ने कहा कि पायलेट प्रोजेक्ट के रूप में 9 जोन कार्यालयों को स्मार्ट जोन ऑफिस के रूप में बनायें। यहाँ बिजली उपभोक्ता के लिये भी सुविधायें उपलब्ध होनी चाहिए। अपर मुख्य सचिव ऊर्जा मनु श्रीवास्तव ने विभागीय योजनाओं की अद्यतन स्थिति के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इस दौरान ओएसडी विजय गौर एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे।   recent visitors 113

वायनाड भूस्खलन से कई गांव तबाह, 13 फुटबॉल मैदान जितनी बड़ी जगह में मची तबाही

वायनाड वायनाड में मंगलवार तड़के कुदरत का ऐसा कहर बरपा कि सैकड़ों जिंदगियां मौत के मुंह में समा गईं. कई घायल हैं और ऐसे लोगों की भी संख्या काफी बड़ी है जो परिवार से अलग हो गए हैं, अकेले रह गए हैं और बिछड़ गए हैं. बड़ी संख्या में लोग लापता भी हुए हैं और इनमें से कई ऐसे हैं, जिनकी जीवित बचे रह जाने की उम्मीद कम ही है. आंकड़ों में बात करें तो अब तक 256 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है. लैंडस्लाइड के कारण 4 गांव मलबे में तब्दील हो गए हैं और अब वहां कुछ नहीं बचा है.     इस भीषण आपदा को लेकर इसरो ने भी चिंता जताई है और अपनी एक स्टडी में कहा है कि वायनाड में जितने बड़े हिस्से पर लैंडस्लाइड का प्रभाव पड़ा है, वह भूखंड इतना बड़ा है कि इस एरिया में 13 से अधिक इंटरनेशन फुटबॉल ग्राउंड बनाए जा सकते थे. लैंड स्लाइड के कारण इतना बड़ा भूखंड  इरुवाझिनझी नदी में समा गया है और इसी हिस्से पर बसे लोग मलबों के साथ बह गए. केरल के वायनाड के तीन गांवों में 250 से अधिक लोगों की मौत हो गई है. भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने  भूस्खलन वाले क्षेत्र का एरियल सर्वे किया. सैटेलाइट डेटा पर बेस्ड असेसमेंट में सामने आया कि लैंडस्लाड में लगभग 86,000 वर्गमीटर एरिया धसकते हुए मलबे में तब्दील हो गया. फीफा के नियमों के अनुसार अंतरराष्ट्रीय खेलों की मेजबानी के लिए फुटबॉल मैदान का आकार कम से कम 6,400 वर्गमीटर होना चाहिए. इस तरह देखा जाय तो यहां 13 से अधिक मैदान बनाए जा सकते थे. 31 जुलाई को अपने RISAT-2B सैटेलाइट द्वारा कैप्चर की गई सैटेलाइट इमेजरी के आधार पर इसरो के विश्लेषण में कहा गया है कि भूस्खलन से हुआ कीचड़, बड़े पत्थरों और उखड़े हुए पेड़ों के साथ लगभग 8 किमी तक बहता रहा और आखिरकार चेलियार नदी की एक सहायक नदी में गिर गया. इसरो ने कहा, "बहते आ रहे मलबे की तेज गति ने इरावानीफुज़ार नदी के मार्ग को चौड़ा कर दिया है, जिससे इसके किनारे टूट गए हैं." आपदा में जो जीवित बचे वह इसकी विभीषिका बताते हुए अभी भी कांप उठते हैं. उन्होंने इस मलबे को कीचड़ की दीवार कहा है और उनका कहना है कि इसी के कारण सैकड़ों घर और कई बुनियादी ढांचे दफन हो गए. इस आपदा के केंद्र में इरुवाझिंझी नदी है, जो मुंडक्कई से लगभग 3 किमी ऊपर पहाड़ियों से निकलती है. इसरो ने कहा कि भूस्खलन समुद्र तल से लगभग 1500 मीटर की ऊंचाई पर हुआ. इंडिया टुडे की ओपन-सोर्स इंटेलिजेंस (OSINT) टीम द्वारा किए गए इलाके के मानचित्रण से पता चला है कि आबादी वाले इलाकों के करीब पहुंचने पर नदी तेजी से और लगातार अपनी ऊंचाई खोती जा रही है. इसका मतलब यह भी है कि जैसे-जैसे यह नीचे की ओर बहती है इसकी धाराएं मजबूत होती जाती हैं. इसके रास्ते में पहला शहर, मुंडक्कई, लगभग 950 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है. इसका मतलब है कि नदी की ऊंचाई प्रोफ़ाइल लगभग 3 किमी की दूरी में लगभग 550 मीटर कम हो जाती है. अधिकारियों ने कहा कि विथिरी में 48 घंटों में लगभग 57 सेमी बारिश हुई, जिससे विनाशकारी घटना हुई. इंडिया टुडे ने पहले रिपोर्ट किया था कि नदी में 2020 में भी इसी तरह का भूस्खलन-प्रेरित स्लश रन देखा गया था. सामने आई नई इसरो इमेजरी से पता चला है कि मंगलवार का भूस्खलन 2020 वाली जगह पर ही हुआ है, लेकिन इस बार यह काफी बड़ा और विभीषिका वाला था, जिससे नुकसान भी भीषण हुआ है.   recent visitors 103