MP में मंत्रियों को जल्द मिल सकते हैं प्रभार के जिले, नए—नवेले मंत्रियों को एक जिले का ही प्रभार मिलेगा

भोपाल  मध्य प्रदेश की नई सरकार को 7 महीने बीत गए हैं, लेकिन जिलों को प्रभारी मंत्री नहीं मिल सके हैं। इस बीच, एक बड़ी खबर सामने आ रही है। अब मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जल्द ही मंत्रियों को जिलों का प्रभार देने जा रहे हैं। आने वाले दो—तीन दिनों में इसका ऐलान हो सकता है। बताया जा रहा है कि वरिष्ठ मंत्रियों को दो जिलों का प्रभार मिल सकता है, जबकि नए—नवेले मंत्रियों को एक जिले का ही प्रभार मिलेगा। किसी को एक तो किसी को मिलेंगे दो जिले खास बात यह है कि कुछ मंत्रियों को गृह जिलों का प्रभार देने पर भी विचार चल रहा है। गौरतलब है कि राज्य में 55 जिले हैं और मुख्यमंत्री सहित 32 मंत्री हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव चाहते हैं कि सभी 55 जिलों में प्रभारी मंत्री रहें, ताकि 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के मौके पर अधिक से अधिक जिलों में मंत्री ध्वजारोहण कर सकें। प्रभार देते समय इस बात का ध्यान रखा जाएगा कि मंत्रियों को ऐसे जिले दिए जाएंगे, जिनकी सीमाएं एक-दूसरे से लगी हों। राजनीतिक और क्षेत्रीय समीकरणों को देखते हुए वरिष्ठ मंत्रियों को दो जिले और पहली बार के मंत्रियों को एक-एक जिले का प्रभार दिया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पहले ही यह बात कह चुके हैं कि 15 अगस्त को जिला मुख्यालयों पर होने वाले स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रम के प्रभारी मंत्री मुख्य अतिथि होंगे। इनको मिलेंगे प्रमुख जिले मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के बाद कद्दावर मंत्रियों में उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल, नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल और इसके बाद लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह शामिल हैं। इन्हें दो जिलों का प्रभार दिये जाने पर विचार चल रहा है। अनुभव के आधार पर मिलेंगे जिले मोहन यादव सरकार (Mohan Yadav Sarkar) कुछ मंत्रियों को गृह जिलों का प्रभार देने पर भी विचार कर रही है। आपको बता दें कि प्रदेश में 55 जिले हैं और मुख्यमंत्री सहित 32 मंत्री हैं। सीएम डॉ. मोहन यादव (CM Mohan Yadav) चाहते हैं कि सभी 55 जिलों में प्रभारी मंत्री रहें, जिससे 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के मौके पर ज्यादा से ज्यादा जिलों में मंत्री ध्वजारोहण कर सकें। प्रभार देते समय इस बात का विशेष ध्यान रखा जाएगा कि मंत्रियों को ऐसे जिले दिए जाएंगे, जिनकी सीमाएं एक-दूसरे से लगी हों। राजनीतिक और क्षेत्रीय समीकरणों को देखते हुए वरिष्ठ मंत्रियों को दो जिले और पहली बार बने मंत्रियों को एक जिले का प्रभार सौंपा जा सकता है। सीएम डॉ. मोहन यादव पहले ही यह बात कह चुके हैं कि 15 अगस्त को जिला मुख्यालयों पर होने वाले स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रम के प्रभारी मंत्री मुख्य अतिथि होंगे। मध्य प्रदेश में सीएम डॉ. मोहन यादव के बाद कद्दावर मंत्रियों में उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल, नगरीय विकास और आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल और इसके बाद लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह शामिल हैं। इन्हें दो जिलों का प्रभार दिये जाने पर विचार चल रहा है। recent visitors 103

मध्य प्रदेश में 3 नए मेडिकल कॉलेज खुलने की तैयारी, इसी शिक्षा सत्र में होंगे शुरू, MBBS की 450 नई सीटें होंगी

भोपाल मध्य प्रदेश के तीन जिलों में तीन नए मेडिकल कॉलेजों की शुरुआत इसी सत्र से होगी, सीएम मोहन यादव ने इस बात का ऐलान कर दिया है. ऐसे में इन जिलों के लोगों को इलाज के लिए अब दूसरे जिलों में नहीं जाना होगा. इन जिलों में मेडिकल कॉलेज खोले जाने की मांग लंबे समय से चल रही थी. जिसे कैबिनेट की बैठक में पास किया गया था. ऐसे में अब इन जिलों में मेडिकल कॉलेज की सुविधा मिलनी शुरू हो जाएगी. इन जिलों में नीमच जिला भी शामिल है. इन जिलों में खुलेंगे मेडिकल कॉलेज मध्य प्रदेश के मंदसौर, नीमच और सिवनी जिले में इसी सत्र से मेडिकल कॉलेज खुलने जा रहे हैं. नेशनल मेडिकल काउंसिल की तरफ से इन कॉलेजों के लिए 50-50 सीटों पर एडमिशन के लिए मंजूरी भी मिल गई है. यानि तीनों कॉलेजों में इसी सत्र से कुल 150 सीटों पर एमबीबीएस की पढ़ाई शुरू हो जाएगी. जिसके बाद प्रदेश में एमबीबीएस की कुल सीटें 2 हजार 425 हो जाएगी. प्रदेश के उपमुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ला की तरफ से बताया गया कि मंदसौर, नीमच और सिवनी में इस सत्र से कॉलेज शुरू होंगे, जबकि सिंगरौली और श्योपुर में कॉलेजों की नियुक्ति की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है. यानि अगले सत्र से भी प्रदेश में दो और नए मेडिकल कॉलेज खोले जाएंगे. इन जिलों में मेडिकल कॉलेज खोले जाने से डॉक्टरी की पढ़ाई करने वाले छात्रों को तो फायदा होगा ही साथ ही जिले के लोगों के लिए इलाज के लिए भी परेशान नहीं होना पड़ेगा. सीएम ने जताई खुशी वहीं प्रदेश को एक साथ तीन मेडिकल कॉलेज की सुविधा मिलने पर सीएम मोहन यादव ने भी खुशी जताई है. उन्होंने कहा कि यह तीनों मेडिकल कॉलेज खुलना प्रदेश के लिए खुशी की बात है. हमारा प्रयास है कि हर जिले में मेडिकल कॉलेज हो. कुछ जिलों में पीपीपी मोड पर मेडिकल कॉलेज खोलने की तैयारियां की जा रही हैं. जल्द ही इसे भी पूरा किया जाएगा. प्रदेश के लोगों को सभी तरह की सुविधाएं मिल सके इस बात का पूरा ध्यान रखा जा रहा है.  recent visitors 84

रक्षाबंधन पर भगवान महाकाल को लगेगा सवा लाख लड्डुओं का महाभोग, भगवान को बांधेंगी राखी

उज्जैन   रक्षा बंधन का त्योहार नजदीक है, ऐसे में उज्जैन के ज्योतिर्लिंग भगवान महाकाल के मंदिर में रक्षाबंधन पर्व मनाने के लिए विशेष तैयारियां की जा रही हैं। महाकाल मंदिर में 19 अगस्त को रक्षाबंधन पर भगवान महाकाल को सवा लाख लड्डू का महाभोग लगाया जाएगा। साथ ही पुजारी परिवार की महिलाएं ही भगवान महाकाल को राखी बांधेंगी। वहीं रक्षाबंधन के दिन श्रावण मास का आखिरी सोमवार होने से शाम 4 बजे भगवान महाकाल की सवारी भी निकलेगी। पूजन परंपरा में श्रावण मास के दौरान भगवान महाकाल की भस्म आरती करने वाले पुजारी परिवार की तरफ से भगवान महाकाल को सवा लाख लड्डू का महाभोग लगाया जाता है। भगवान का सोने चांदी के आभूषण से होगा श्रृंगार बता दें कि महाकाल मंदिर में इस पर्व को खास बनाने के लिए विशेष तैयारी की जा रही है। पुजारी परिवार की महिलाओं भगवान महाकाल को बांधने के लिए विशेष राखी तैयार कर रही हैं। भस्म आरती में भगवान महाकालेश्‍वर का सोनेचांदी के आभूषण से श्रृंगार किया जाएगा। रक्षाबंधन के दिन रविवार-सोमवार की दरमियानी रात 2.30 बजे भस्म आरती में उत्सव मनाया जाएगा। सवा लाख लड्डू के महाभोग का होता विशेष महत्व पुजारी भगवान महाकाल का पंचामृत और फलों के रस से महाअभिषेक करेंगे। महाकाल के दिव्य श्रृंगार के बाद बाद पुजारी परिवार की महिलाएं भगवान महाकाल को राखी बांधेगी। श्रावणी पूर्णिमा पर सवा लाख लड्डू के महाभोग का विशेष महत्व होता है। ज्यादा से ज्यादा महाभक्त प्रसाद ग्रहण कर सकें इसलिए भगवान को सवा लाख लड्डुओं का महाभोग लगाने की परंपरा चली आ रही है। भगवान का सोने चांदी के आभूषण से होगा श्रृंगार बता दें कि महाकाल मंदिर में इस पर्व को खास बनाने के लिए विशेष तैयारी की जा रही है। पुजारी परिवार की महिलाओं भगवान महाकाल को बांधने के लिए विशेष राखी तैयार कर रही हैं। भस्म आरती में भगवान महाकालेश्‍वर का सोनेचांदी के आभूषण से श्रृंगार किया जाएगा। रक्षाबंधन के दिन रविवार-सोमवार की दरमियानी रात 2.30 बजे भस्म आरती में उत्सव मनाया जाएगा।   recent visitors 113

हानिया की मौत से युद्ध के मुहाने पर पश्चिम एशिया, ईरान बना रहा नया आतंकी संगठन !

तेहरान  इजरायल ने 20 जुलाई को यमन के हूतियों के कब्जे वाले होदेदाह पर हवाई हमला किया था। इस हमले में कम से कम तीन लोगों की मौत हो गई और 80 से ज्यादा घायल हुए। इसके बाद 30 जुलाई को इजरायल ने लेबनान की राजधानी बेरूत में हिजबुल्लाह के एक शीर्ष कमांडर फुआद शुकर को एक हमले में मार गिराया। इसके कुछ घंटे बाद हमास के राजनीतिक प्रमुख इस्माइल हानिया की तेहरान में हत्या कर दी गई। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) और हमास ने हानिया की हत्या के लिए इजरायल को दोषी ठहराया है। तीनों समूहों- यमन के हूती, लेबनान के हिजबुल्लाह और फिलिस्तीन के हमास के बीच एक बात सामान्य है कि इन तीनों को इजरायल के मुख्य प्रतिद्वंद्वी ईरान का समर्थन प्राप्त है। कुछ ही दिनों में तीनों गुटों को निशाना बनाकर इजरायल ने ईरान को तगड़ा झटका दिया है। वहीं लगातार हुए इन हमलों ने क्षेत्र को एक पूर्ण युद्ध के कगार पर पहुंचा दिया है। इसकी वजह ये है कि हूती, हमास और हिजबुल्ला इन हमलों के बाद ईरान के साथ एक मंच पर आकर इजरायल से भिड़ने की सोच सकते हैं। हानिया की मौत के बाद क्या करेगा ईरान?  एक रिपोर्ट में हालिया घटनाओं, खासतौर से हानिया की मौत से ईरान और इजरायल के रिश्ते पर पड़ने वाले असर की बात की गई है। गाजा के बाहर हमास के बड़े नेता हानिया की हत्या को इजरायल की जीत की तरह से देखा जा रहा है। शेख अहमद यासीन और अब्देल अजीज अल-रंतिसी के बाद हानिया को हमास के सबसे शक्तिशाली नेता के तौर पर देखा जाता था। यासीन मार्च 2004 में इजरायली मिसाइल हमले में मारे गए थे। उनके उत्तराधिकारी नियुक्त किए गए रंतिसी को भी एक महीने के भीतर इजरायलियों ने मार डाला था। ऐसे समय में जब हमास नेतृत्व विहीन होता दिख रहा था तो हानिया ने हमास को आगे बढ़ाया और इसमें उसे काफी कामयाबी भी हासिल की। गाजा पर हमास के कब्जे में हानिया की भूमिका काफी अहम रही तो दुनिया में भी समर्थन हासिल करने की कोशिश की। इस्माइल हानिया 2017 में गाजा छोड़कर कतर आ गया और हमास की अंतरराष्ट्रीय उपस्थिति का प्रमुख चेहरा बनकर उभरा। हानिया ने हालिया दिनों में गाजा में युद्ध विराम के लिए हमास की ओर से लगातार बातचीत का नेतृत्व किया था। हानिया की मौत से गाजा युद्ध विराम वार्ता को भी झटका लगा है। ऐसे में क्या हमास अब इजरायल के साथ बंधक समझौते को स्वीकार करेगा और ईरान इस हत्या की शर्मिंदगी के बाद क्या फैसला लेगा। ईरान ने इस साल दमिश्क में अपने दूतावास परिसर पर बमबारी के बाद इजरायल पर बड़े पैमाने पर मिसाइल और ड्रोन हमला किया था। इसके बाद से इजरायल ने ईरानी अधिकारियों या उसके मिशनों को निशाना नहीं बनाया था लेकिन ईरान से जुड़े तीन मिलिशिया के खिलाफ हमले करके इजरायल ने एक नई लड़ाई का ऐलान कर दिया है। खासतौर से तेहरान की जमीन पर हमला ईरान के लिए बड़ी शर्मिंदगी का सबब बन रहा है। जवाबी हमला करेगा ईरान? इस साल अप्रैल में जब सीरिया में उसके दूतावास परिसर पर हमला हुआ था तो ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए मिसाइल और ड्रोन से हमला किया था। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या ईरान इस बार भी अपनी जमीन पर हुई हत्या के बाद जवाबी कार्रवाई करेगा। आईआरजीसी ने हमले के लिए इजरायल को दोषी ठहराया है, जो ये दिखाता है कि ईरान जवाबी कार्रवाई करेगा। सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खुमैनी ने भी बदला लेने की कसम खाई है। अब यह देखना बाकी है कि ईरान और हिजबुल्लाह जवाबी कार्रवाई में क्या करने जा रहे हैं और इसके बाद इजरायल क्या करेगा। कहा जा सकता है कि पश्चिम एशिया खतरनाक रूप से एक पूर्ण युद्ध के करीब है। निश्चित रूप से हानिया की मौत ईरान और इजरायल के बीच तनाव को खतरनाक स्तर तक बढ़ा सकती है। recent visitors 137

शुक्रवार 02 अगस्त 2024 का राशिफल

मेष राशि-  कारोबार में भाग-दौड़ अधिक रहेगी। विदेश यात्रा पर भी जा सकते हैं।  यात्रा लाभप्रद रहेगी। मीठे खान-पान में रुचि बढ़ सकती है। परिवार में शान्ति के प्रयास करें। भाई-बहनों का साथ मिलेगा। पिता के सहयोग से कोई पैतृक सम्पत्ति मिल सकती है। मन में निराशा एवं असन्तोष के भाव रहेंगे। आलस्य में वृद्धि होगी। माता को स्वास्थ्‍य विकार हो सकते हैं। आत्म संयत रहें। माता से धन की प्राप्‍त‍ि हो सकती है। आपका प्रिय आपको वह सुरक्षा प्रदान करने के लिए है जिसकी आप लालसा रखते हैं। उन्हें अपनी प्यार भरी बाहों को अपने चारों ओर लपेटने दें और महसूस करें कि आपकी चिंताएं दूर हो रही हैं। लेकिन अगर आप अभी भी उन अजीबोगरीब अज्ञात आशंकाओं को महसूस कर रहे हैं, तो इससे पहले कि वे आपके रिश्ते में बड़ी बाधा बन जाएं, उनसे सीधे तौर पर निपटें।  वृषभ राशि-  मन प्रसन्न रहेगा, परन्तु पारिवारिक समस्याएं परेशान कर सकती है। नौकरी में कार्यक्षेत्र में कठिनाइयां आ सकती हैं।  किसी मित्र का सहयोग मिल सकता है। बौद्धिक कार्यों से सम्मान की प्राप्ति होगी। धनार्जन के साधन बनेंगे। नौकरी में तरक्की के साथ स्थान परिवर्तन के योग बन रहे हैं। अध्ययन में रुचि बढ़ेगी। धार्मिक कार्यों के प्रति रुझान बढ़ सकता है। घर-परिवार में धार्मिक-मांगलिक कार्य होंगे। अपने साथी के साथ अपने लव लाइफ का आनंद उठाने के लिए तैयार हो जाइए क्योंकि आप दोनों एक-दूसरे की कंपनी का आनंद लेते हैं। एक साथ समय बिताने का आनंद आपको सुख प्रदान करता है।  मिथुन राशि-  मन में उतार-चढ़ाव रहेंगे। नौकरी में परिवर्तन के योग बन रहे हैं।  किसी दूसरे स्थान पर परिवार से दूर जाना पड़ सकता है। आय में वृद्धि होगी, परन्तु खर्च बढ़ सकते हैं। सन्तान के स्वास्थ्‍य का ध्यान रखें। घर-परिवार में धार्मिक कार्य होंगे। परिश्रम अधिक रहेगा। मीठे खान-पान में रुचि बढ़ेगी। आशा-निराशा के मिश्रित भाव रहेंगे। पारिवारिक जीवन सुखमय रहेगा। किसी मित्र के सहयोग से धनार्जन के साधन बन सकते हैं। अपने कामकाजी जीवन और निजी जीवन को अलग-अलग रखें। सिर्फ एक दिन के लिए, इस एक नियम पर टिके रहने का खुद से वादा करें। जब आप अपने प्रियजनों के साथ हों, तो ऑफिस चिट चैट से दूर रहें। काम को अपने कीमती पलों पर हावी न होने दें। ऐसी यादें बनाने पर ध्यान दें जो जीवन भर रहेंगी।  कर्क राशि- पारिवारिक जीवन सुखमय रहेगा। सन्तान के स्वास्थ्‍य का ध्यान रखें।  धार्मिक संगीत के प्रति रुझान बढ़ सकता है। कारोबार में परिश्रम अधिक रहेगा। मन प्रसन्न रहेगा। शैक्षिक कार्यों के सुखद परिणाम मिलेंगे। दाम्पत्य जीवन सुखमय रहेगा। नौकरी में तरक्‍की के योग बन रहे हैं। वाणी के प्रभाव से बिगड़े कार्य बनेंगे। धर्म के प्रति श्रद्धाभाव रहेगा। जीवनसाथी का सहयोग मिलेगा। सुस्‍वादु खानपान में रुच‍ि बढ़ेगी। आज के दिन आपके अपने साथी के साथ मतभेद हो सकते हैं, लेकिन इससे निराश न हों। इसके बजाय, कुछ बहुत जरूरी अकेले समय को गले लगाएं और अपनी जरूरतों को पता करें। बस अपने महत्वपूर्ण दूसरे के संपर्क में रहना सुनिश्चित करें, क्योंकि बातचीत महत्वपूर्ण है।  सिंह राशि- मन प्रसन्न रहेगा। आत्मविश्वास भी रहेगा।  नौकरी में अफसरों से सद्भाव बनाकर रखें। कोई अतिरिक्त जिम्मेदारी मिल सकती है। परिश्रम अधिक रहेगा। अपनी सेहत का ध्यान रखें। बहन-भाई का साथ मिलेगा। कारोबार की स्थिति में सुधार होगा। क्रोध की अधिकता रहेगी। कार्यक्षेत्र में प्रतिकूल परिस्थितियों का सामना करना पड़ सकता है। शैक्ष‍िक कार्यों में आशातीत सफलता के योग बन रहे हैं। म‍ित्रों का सहयोग म‍िलेगा। आज भावनाओं के उतार-चढ़ाव की अपेक्षा करें। साथी के उत्साह की कमी को आप पर हावी न होने दें। हो सकता है कि आप खुद को थोड़ा किनारे पर महसूस कर रहे हों और आलोचनाओं की झड़ी लगाने के लिए तैयार हों, लेकिन एक गहरी सांस लें और इसे जाने दें। कन्या राशि-  संयत रहें। बातचीत में सन्तुलन बनाकर रखें।  कारोबार में कठिनाइयों का सामना भी करना पड़ सकता है। परिश्रम भी अधिक करना पड़ सकता है। क्षणे रुष्टा-क्षणे तुष्टा की मनःस्थिति रहेगी। जीवनसाथी के स्वास्थ्‍य का ध्यान रखें। आशा-निराशा के मिश्रित भाव मन में रहेंगे। नौकरी में तरक्की के अवसर मिल सकते हैं। आय में वृद्धि होगी। मित्रों का सहयोग मिलेगा। माता-पिता का सानिध्य मिलेगा। आज की ऊर्जा आपको अपनी रोमांटिक संभावनाओं पर सवाल उठाने पर मजबूर कर सकती है। लेकिन घबराने की कोई बात नहीं है। आप एक आकर्षक और प्रतिभाशाली व्यक्ति हैं। आप अभी भी कुछ बेचैनी का अनुभव कर रहे हैं। आज की रात आपके लिए एक अच्छी डेट पर जाने का अवसर हो सकता है, इसलिए अगर आप इसे लेकर घबरा रहे हैं, तो ऐसा न करने का प्रयास करें। तुला राशि- मन प्रसन्न रहेगा। व्यर्थ के क्रोध एवं वाद-विवाद से बचें।  माता-पिता का साथ मिलेगा। कारोबार में लाभ के अवसर मिलेंगे। मित्रों का सहयोग मिलेगा। धैर्यशीलता बनाये रखने का प्रयास करें। परिवार का सहयोग मिलेगा। शैक्षिक या शोधादि कार्यों के लिए यात्रा के योग बन रहे हैं। स्वभाव में चिड़चिड़ापन रहेगा। व्‍यर्थ की समस्याएं बढ़ सकती हैं। भवन के रखरखाव पर खर्च बढ़ सकते हैं। रुका हुआ धन प्राप्‍त‍ि होगा। बदलाव के आसार हैं, इसलिए खुद को तैयार रखें। आप अपने रिश्ते की गहरी गहराइयों में प्रवेश करने वाले हैं और यह आकर्षक नहीं हो सकता है। हालांकि आपको इसे आपको रोकने नहीं देना चाहिए। क्योंकि उस सारी गंदगी के नीचे कहीं सोने की खान है जो खुलने का इंतजार कर रही है। कुछ प्रयास से इसे साफ किया जा सकता है। वृश्चिक राशि- मानसिक शान्ति‍ रहेगी। बातचीत में सन्तुलित रहें।  नौकरी में कार्यक्षेत्र में परिवर्तन के साथ स्थान परिवर्तन हो सकता है। नौकरी में तरक्की के अवसर भी मिलेंगे। शिक्षा के विस्तार पर खर्च बढ़ सकते हैं। परिश्रम की अधिकता रहेगी। वाहन सुख में कमी आ सकती है। पठन-पाठन में रुचि बढ़ेगी। खर्चों की वृद्धि से परेशान हो सकते हैं। आय के नए स्रोत भी विकसित हो सकते हैं। सुस्‍वादु खानपान में रुच‍ि रहेगी। भाइयों का सहयोग म‍िलेगा। पहल करें और एक नए संबंध की शुरुआत करें। आज ही पहला कदम उठाएं और उस विशेष व्यक्ति से बातचीत शुरू करें। यह संभव है कि उन्हें पता नहीं है कि आप उनके बारे में क्या सोचते हैं, इसलिए यह आपके ऊपर है कि आप पहला कदम … Read more

देश में चुनाव लड़ने की न्यूनतम आयु 25 वर्ष से घटाकर 21 वर्ष करने की मांग की: आप सांसद राघव चड्ढा

नई दिल्ली आम आदमी पार्टी (आप) के सांसद राघव चड्ढा ने गुरुवार को देश में चुनाव लड़ने की न्यूनतम आयु 25 वर्ष से घटाकर 21 वर्ष करने की मांग की। राज्यसभा में शून्यकाल के दौरान यह मुद्दा उठाते हुए राघव चड्ढा ने कहा कि भारत दुनिया के सबसे युवा देशों में से एक है। हमारी 65 प्रतिशत आबादी 35 वर्ष से कम उम्र की है और 50 प्रतिशत 25 वर्ष से कम उम्र की है। जब आजादी के बाद पहली लोकसभा चुनी गई थी, तब 26 प्रतिशत सदस्य 40 वर्ष से कम उम्र के थे, और जब दो महीने पहले हमारी 17वीं लोकसभा चुनी गई थी, तब केवल 12 प्रतिशत सदस्य 40 वर्ष से कम उम्र के थे। हमारा देश पुराने राजनेताओं वाला एक युवा देश है। हमें युवा राजनेताओं वाला एक युवा देश बनने की आकांक्षा रखनी चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया, "मेरा भारत सरकार के लिए एक सुझाव है कि चुनाव लड़ने की न्यूनतम आयु 25 वर्ष से घटाकर 21 वर्ष की जानी चाहिए।" चड्ढा ने एक्स पर लिखा, "आज संसद में मैंने मांग की कि देश में चुनाव लड़ने की न्यूनतम आयु 25 वर्ष से घटाकर 21 वर्ष की जाए। कृपया मेरी दिल से की गई अपील सुनें।" पिछले साल अगस्त में संसद की एक स्थायी समिति ने लोकसभा और विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए न्यूनतम आयु घटाकर 18 वर्ष करने की सिफारिश की थी, ताकि इसे देश में मतदान की आयु के अनुरूप बनाया जा सके। हालांकि, चुनाव आयोग ने इस प्रस्ताव का विरोध किया। आयोग ने कहा कि 18 वर्ष की आयु के लोगों से संसद और राज्य विधानसभाओं में भूमिका निभाने के लिए आवश्यक "अनुभव और परिपक्वता" की अपेक्षा करना "अवास्तविक" है। वर्तमान में, लोकसभा और विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए न्यूनतम आयु 25 वर्ष है, जबकि राज्यसभा और राज्य विधान परिषदों के लिए यह 30 वर्ष है। recent visitors 146

दिल्ली में जलभराव आम आदमी पार्टी की सरकार के भ्रष्टाचार के कारण हो रहा है, ये है भ्रष्टाचार का परिणाम: वीरेंद्र सचदेवा

नई दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में भारी बारिश हुई। भारतीय मौसम विभाग ने एडवाइजरी जारी कर दिल्ली के निवासियों से अपील की है कि जब तक ज़रूरी न हो, वे बाहर न निकलें। इसके बाद सियासत तेज हो चली है। दिल्ली भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने कहा है कि दिल्ली में जलभराव आम आदमी पार्टी की सरकार के भ्रष्टाचार के कारण हो रहा है। दिल्ली में नालों की सफाई के नाम पर घोटाला किया गया है। अगर ठीक से नालों की सफाई की जाती तो यह स्थिति नहीं होती। नालों की गाद निकालने के नाम पर घोटाला किया जा रहा है।उन्होंने कहा कि गाद निकालने के नाम सिर्फ कागजों पर कार्रवाई की गई है। हम लोग मामले जांच की मांग करेंगे, क्योंकि यह दिल्ली में एक और बड़ा घोटाला है। वहीं जल भराव और करंट से हुई मौतों पर वीरेंद्र सचदेवा ने कहा कि ऐसा लगता है कि दिल्ली को भ्रष्टाचारी सरकार की नजर लग गई है। आज दिल्ली के नाम से लोग डरते हैं, डरने की सिर्फ एक वजह, आम आदमी पार्टी का भ्रष्टाचार है, जिसने पूरे सिस्टम को खोखला कर दिया है। दिल्ली में भारी बारिश के बाद पूर्वी दिल्ली के गाजीपुर इलाके में नाले में गिरने से एक महिला और उसका बच्चा डूब गए। मृतकों की पहचान तनुजा (22) और उसके बेटे प्रियांश (3) के रूप में हुई है। वे प्रकाश नगर खोड़ा कॉलोनी, गाजियाबाद के निवासी थे। पुलिस के अनुसार, "बुधवार शाम करीब 8.12 बजे एक महिला और एक बच्चे के नाले में डूबने की सूचना मिली थी। पुलिस प्रतिक्रिया वाहन (पीआरवी) को मिली सूचना के आधार पर पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। घटनास्थल पर पहुंचने पर पता चला कि तनुजा और उसका बच्चा प्रियांश, पूर्वी दिल्ली के गाजीपुर थाना क्षेत्र में आयोजित साप्ताहिक बुध बाजार जा रहे थे, इसी दौरान जलमग्न अर्धनिर्मित नाले में गिर गए और डूब गए।" recent visitors 144