बीजापुर जिले में माओवादियों ने कांग्रेस नेता और मारूडबाका सोसायटी संचालक की हत्या

 बीजापुर माओवादियों की ओर से शांति वार्ता के लिए छह माह के युद्ध विराम की घोषणा की गई थी। इस दौरान  रात को उसूर थाना क्षेत्र के लिंगापुर में कांग्रेस नेता और मारूडबाका सोसायटी संचालक नागा भंडारी पिता उर्रा भण्डारी की कुल्हाड़ी से वार कर हत्या कर दी है। नागा मारूडबाका गांव का ही रहने वाला था, पर माओवादियों के डर से कई वर्षों से उसूर में रह रहा था। अब से सात महीने पहले माओवादियों नागा के भाई तिरुपति भंडारी की भी हत्या की थी। नागा भंडारी  सामाजिक कार्यक्रम में शामिल होने लिंगापुर गये हुए थे। देर रात करीबन 11.30 बजे पांच से सात की संख्या में सादे कपड़ों में माओवादी गांव पहुंचे और नागा की हत्या कर फरार हो गए। सूचना पर सोमवार की सुबह पुलिस पार्टी मौके के लिए रवाना हो गई है। किसी काम से अपने गांव मारुड़बका गये थे। वहां से वे लिंगापुर गये हुए थे। तभी नक्सलियों ने मौका पाकर नागा को धारदार हथियार से वार हत्या कर दी। बताया गया है कि करीब छह महीने पहले नागा भंडारी के छोटे भाई तिरुपति भंडारी को नक्सलियों ने उसूर में सोसाइटी के पास हत्या कर दी है। दोनों भाई कांग्रेस पार्टी से जुड़े रहे हैं। बीते पंचायत चुनाव में नागा ने सरपंच का चुनाव भी लड़ा था। recent visitors 32

छतरपुर की तेज गेंदबाज क्रांति गौड़ का डेब्यू , बाबा बागेश्वर ने कहा,बुंदेलखंड का गौरव है मेरे जिले की बेटी.

छतरपुर  बुंदेलखंड में कहावत है कि पूत के पांव पालने में ही दिख जाते है. छतरपुर जिले के छोटे से गांव की बेटी ने पूरे देश में जिले का मान-सम्मान बढ़ा रही है. छतरपुर की तेज गेंदबाज क्रांति गौड़ का डेब्यू रविवार को श्रीलंका के कोलंबो में खेले गए वूमेन्स ट्राई नेशन सीरीज 2025 के फाइनल मुकाबले में हुआ है. भारतीय महिला क्रिकेट टीम के लिए अपना डेब्यू मैच खेला है. इस उपलब्धि पर बाबा बागेश्वर ने क्रांति गौड़ की जमकर प्रशंसा करते हुए कहा, "बुंदेलखंड का गौरव है मेरे जिले की बेटी." फाइनल में पहुंची क्रांति गौड़ छतरपुर जिले के घुवारा की बेटी क्रांति गौड़ ने महिला ट्राई सीरीज के फाइनल मैच में भारतीय महिला क्रिकेट टीम में डेब्यू किया. इस मुकाबले में भारतीय टीम का शानदार प्रदर्शन रहा. भारत ने श्रीलंका को 97 रनों से हराकर खिताब अपने नाम किया है. वहीं क्रांति ने अपने पहले अंतरराष्ट्रीय मैच में शानदार गेंदबाजी से सभी का दिल जीत लिया. क्रांति शानदार प्रदर्शन से छतरपुर सहित मध्य प्रदेश के लोग खुश हैं." स्मृति मंधाना ने खेली शतकीय पारी वूमेंस ट्राई नेशनल सीरीज 2025 का फाइनल मैच कोलंबो के आर. प्रेमदासा स्टेडियम में खेला गया. इस मुकाबले में भारतीय टीम की स्टार खिलाड़ी स्मृति मंधाना ने क्रांति को कैप देकर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू कराया. कप्तान हरमनप्रीत कौर ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया. मुकाबले में स्मृति मंधाना की 116 रनों की शतकीय पारी और हरलीन देओल (47), जेमिमा रोड्रिग्स (44) व हरमनप्रीत कौर (42) शानदार पारियों की बदौलत भारत ने 50 ओवर में 342/7 का विशाल स्कोर खड़ा किया. भारतीय स्कोर का पीछा करने के उतरी श्रीलंका की टीम 245 रनों पर सिमट गई. इस मैच में क्रांति ने 5 ओवर में 22 रन देकर शानदार गेंदबाजी का प्रदर्शन किया. उनकी गेंदबाजी के सामने श्रीलंका की कप्तान चमारी अट्टापट्टू और नीलाक्षी डी सिल्वा जैसी अनुभवी बल्लेबाज परेशान नजर आईं. मध्य प्रदेश का गौरव बनी छतरपुर की बेटी घुवारा की रहने वाली क्रांति गौड़ ने कड़ी मेहनत और लगन से भारतीय महिला क्रिकेट टीम तक का सफर तय किया है. क्रांति ने इसी साल महिला प्रीमियर लीग (डब्ल्यूपीएल) में यूपी वॉरियर्स के लिए खेलते हुए अपनी रफ्तार और सटीकता से सभी को प्रभावित किया था. क्रांति के डेब्यू से छतरपुर, घुवारा सहित पूरे मध्य प्रदेश में खुशी का माहौल है. खेल प्रेमी और समाजसेवी उनके इस उपलब्धि को ऐतिहासिक बता रहे हैं. यह हम सभी के लिए यह गर्व का पल उनका कहना है कि क्रांति ने छोटे से कस्बे से निकलकर अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश का नाम रोशन किया है. यह हम सभी के लिए गर्व का पल है. क्रांति की सफलता सभी बेटियों के लिए प्रेरणा है. उनके प्रदर्शन ने साल 2025 में खेले जाने वाले महिला क्रिकेट विश्व कप से पहले भारतीय टीम की तैयारियों को और मजबूत किया है. वहीं कथा वाचक धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने महिला क्रिकेटर क्रांति गौड़ को आशीर्वाद देकर कहा, "हमारी भगवान से प्रार्थना रहेगी कि बिटिया हमेशा उन्नति करे और भारत का नाम रोशन करें. बुंदेलखंड की भूमि ही ऐसी है, यहां जन्मे वीर पुरूष और वीरांगना ने हमेशा देश दुनियां में अपना परचम लहराया है.   recent visitors 43

भारतीय सशस्त्र बलों को आतंकवादियों के ठिकानों को नष्ट करने की खुली छूट देकर पाकिस्तान के लिए हालात और खराब कर दिए: मुख्यमंत्री यादव

भोपाल नरेंद्र मोदी सरकार ने भारतीय सशस्त्र बलों को 'ऑपरेशन सिंदूर' के जरिए आतंकवादियों के ठिकानों को नष्ट करने की खुली छूट देकर पाकिस्तान के लिए हालात और खराब कर दिए. यह कहना है मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव का.   इंदौर में एक रोजगार मेले को संबोधित करते हुए CM यादव ने कहा, मोदी सरकार ने देश के दुश्मनों के नापाक इरादों से निपटने के लिए पहले से ही तैयारी कर ली थी. उन्होंने कहा, "जब पीएम मोदी के नेतृत्व वाली सरकार बनी थी, तो कई लोगों ने पूछा था कि राफेल सौदे पर इतनी बड़ी रकम क्यों खर्च की जा रही है. हमने देखा कि जब भारत का दुश्मन सीमा पर खड़ा था, तब राफेल विमान और आधुनिक सैन्य तकनीक से लैस हमारे सशस्त्र बलों ने आतंकवादी ठिकानों को नष्ट कर दिया और पुराने बकाए का भुगतान किया." मुख्यमंत्री ने कहा कि मोदी सरकार ने सशस्त्र बलों को आतंकवादी ठिकानों को नष्ट करने की खुली छूट देकर पाकिस्तान के लिए हालात और खराब कर दिए हैं. उन्होंने कहा, "यह बदलते दौर का भारत है. दुनिया भारत को आश्चर्य से देख रही है. एक समय था जब दुश्मन हमारे सैनिकों का सिर काट लेते थे और तत्कालीन सरकार कुछ नहीं कर पाती थी. वर्तमान सरकार के शासन में दुश्मन ऐसी हिमाकत की कल्पना भी नहीं कर सकता." यादव ने कहा कि मोदी सरकार ने त्वरित निर्णय लेकर देश को सुरक्षित रखा है. मुख्यमंत्री ने कहा, "प्रधानमंत्री मोदी ने भारत की सैन्य क्षमता को दिखाया, जिसके बाद दुनिया में भारत का सम्मान बढ़ा है. उन्होंने पहले ही कहा है कि 'हम किसी को नहीं भड़काते, लेकिन अगर कोई हमें उकसाता है, तो हम उसे छोड़ते भी नहीं हैं.' संकट की इस घड़ी में देश के एकजुट होने पर जोर देते हुए यादव ने कहा कि मप्र सरकार ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं. उन्होंने आगे कहा कि सरकार स्वरोजगार को बढ़ावा दे रही है और विभिन्न कार्यक्रमों के जरिए रोजगार मुहैया करा रही है. उन्होंने कहा, "हमने कहा है कि हम एक लाख नई सरकारी नौकरियां देंगे, लेकिन प्रदेश की आबादी नौ करोड़ है और कुल सरकारी पदों की संख्या 10 लाख से भी कम है. ऐसे में हम रोजगार आधारित उद्योगों को विशेष प्रोत्साहन दे रहे हैं." यादव ने इंदौर में रेजीडेंसी कोठी परिसर में न्यायाधीशों के लिए विश्राम गृह निर्माण की आधारशिला रखी.  इस अवसर पर सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस जेके माहेश्वरी, एससी शर्मा और मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश सुरेश कुमार कैत मौजूद थे. मुख्यमंत्री ने शहर के सिरपुर क्षेत्र में देवी अहिल्या सरोवर उद्यान में स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा की स्थापना के लिए भूमिपूजन किया. अधिकारियों ने बताया कि विभिन्न धातुओं से बनी यह प्रतिमा 39.6 फीट ऊंची होगी और इसका वजन करीब 14 टन होगा. उन्होंने दावा किया कि यह स्वामी विवेकानंद की अपनी तरह की दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा होगी. यादव ने कनाड़िया क्षेत्र में पुनर्निर्मित बावड़ी के उद्घाटन में भी भाग लिया, जिसे मूल रूप से इंदौर के पूर्ववर्ती होलकर राजवंश की शासक अहिल्याबाई होल्कर ने बनवाया था. अधिकारियों ने बताया कि राज्य सरकार के 'जल गंगा संवर्धन अभियान' के तहत इंदौर विकास प्राधिकरण ने एक करोड़ रुपये की लागत से जीर्णोद्धार किया है.   recent visitors 40

मशहूर कलाकार और कॉमेडियन राकेश पुजारी का निधन

मशहूर कलाकार और कॉमेडियन राकेश पुजारी का सोमवार 11 मई को तड़के निधन हो गया। 34 वर्ष की आयु में उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके अचानक निधन से इंडस्ट्री में शोक की लहर दौड़ पड़ी। कन्नड़ रियलिटी शो ‘कॉमेडी खिलाड़ीलु – सीजन 3’ का हिस्सा बनकर वह काफी मशहूर हुए थे। दिल का दौरा पड़ने से हुआ निधन पीटीआई के मुताबिक उडुपी के रहने वाले राकेश को कर्नाटक के करकला में एक निजी मेहंदी समारोह के दौरान अचानक दिल का दौरा पड़ा। वह दोस्तों के साथ थे, तभी उनकी तबीयत बिगड़ गई और उन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टर उन्हें बचा नहीं सके। अभिनेता के परिवार के सदस्यों ने कहा कि उनका अंतिम संस्कार उनके गृहनगर करकला में किया जाएगा। ‘कॉमेडी खिलाड़ीलु सीजन 3’ जीता साल 2020 में राकेश ने ‘कॉमेडी खिलाड़ीलु सीजन 3’ जीता उसके बाद से वह कर्नाटक का जाना-माना चेहरा बन गए। उन्होंने अपनी अलग शैली और दर्शकों से जुड़ाव के चलते। शोहरत पाई। इससे पहले साल 2018 में इसी शो के सीजन 2 में रनर-अप टीम का हिस्सा भी रह चुके थे। इन फिल्मों में किया काम राकेश ने लगभग 150 ऑडिशन देने सहित कई चुनौतियों का सामना किया और डटे रहे। आखिरकार उन्होंने मनोरंजन उद्योग में अपनी जगह बनाई। राकेश ने कन्नड़ धारावाहिक ‘हिटलर कल्याण’ में अपनी भूमिका के जरिए खास पहचान बनाई। रियलिटी टीवी के अलावा वह कन्नड़ और तुलु सिनेमा दोनों में नजर आएं। तुलु फिल्मों में वह ‘पेटकम्मी’, ‘अम्मेर पुलिस’, ‘पम्मना द ग्रेट’, ‘उमिल’ और ‘इलोकेल’ जैसी फिल्मों में नजर आए। उनके अचानक निधन से फैंस सदमे में हैं।   recent visitors 71

AICC ट्रेनिंग डिपार्टमेंट के चीफ सचिन राव और एमपी कांग्रेस के प्रशिक्षण विभाग द्वारा ये ट्रेनिंग कैम्प आयोजित किया जाएगा

भोपाल चुनावों में हार और दलबदल के बाद अब कांग्रेस अपने कैडर मैनेजमेंट पर फोकस कर रही है। अपने सभी विधायकों, जिला अध्यक्षों, जिला प्रभारियों, विधानसभा प्रभारियों को अब कांग्रेस आवासीय प्रशिक्षण देगी। ट्रेनिंग कैम्प में प्रशिक्षण लेने वाले विधायकों, जिला अध्यक्षों सहित सभी नेताओं को एक निश्चित राशि बतौर पार्टी के पास जमा करनी होगी। ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी(AICC) ट्रेनिंग डिपार्टमेंट के चीफ सचिन राव और एमपी कांग्रेस के प्रशिक्षण विभाग द्वारा ये ट्रेनिंग कैम्प आयोजित किया जाएगा। पार्टी के इतिहास से लेकर एआई को समझाएंगे बीते 7 मई को भोपाल में एमपी कांग्रेस के प्रभारी हरीश चौधरी, पीसीसी चीफ जीतू पटवारी के साथ हुई बैठक में ये तय हुआ है कि पार्टी के कार्यकर्ताओं को आइडियोलॉजी के आधार पर जोड़ने के लिए विधायकों, जिलाध्यक्षों, प्रदेश पदाधिकारियों से लेकर ब्लॉक, मंडलम, सेक्टर और बूथ स्तर तक के कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण दिए जाएं। सबसे पहले होने वाली ट्रेनिंग में कांग्रेस पार्टी के इतिहास, राजनीतिक सफरनामे से लेकर वर्तमान में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बारे में बताया जाएगा। फेक और फैक्ट को कैसे पहचानें कांग्रेस ने ट्रेनिंग मॉड्यूल तैयार किया है। इसमें प्रशिक्षणार्थियों को ये बताया जाएगा कि वर्तमान में एआई के युग में फेक न्यूज और कंटेंट और फैक्ट को कैसे पहचानें। विरोधी दल द्वारा सोशल मीडिया पर किए जाने वाले दुष्प्रचार को रोकने के तौर तरीके भी बताए जाएंगे। मोबाइल मैनेजमेंट से लेकर चुनाव प्रबंधन सिखाएंगे कांग्रेस का मानना है कि सार्वजनिक जीवन में व्यक्ति के व्यवहार और काम करने के तौर तरीके का कार्यकर्ताओं और आम जनता पर बड़ा असर पड़ता है। ट्रेनिंग में मोबाइल मैनेजमेंट, मीडिया और सोशल मीडिया मैनेजमेंट भी सिखाया जाएगा। प्रशिक्षण विभाग से जुडे़ एक सदस्य ने बताया कि कई नेता अपने वॉट्सऐप पर रीड रिसिप्ट ऑन किए रहते हैं। ऐसे में जब कोई वॉट्सऐप पर मैसेज भेजता है तो यह पता नहीं चलता कि मैसेज देखा या नहीं? नेताओं के वॉट्सऐप पर प्रोफाइल फोटो, बायो पब्लिक होना चाहिए। एक्सपर्ट्स देंगे ट्रेनिंग कांग्रेस विधायकों, जिला अध्यक्षों, जिला प्रभारियों और विधानसभा प्रभारियों को ट्रेनिंग देने के लिए देश भर के अलग-अलग सब्जेक्ट एक्सपर्ट्स बुलाए जाएंगे। दो दिनों में करीब सात-आठ सत्रों में अलग-अलग विषयों पर प्रशिक्षण दिया जाएगा। recent visitors 52

गांधी परिवार पर आपत्तिजनक टिप्पणी के लिए दिग्विजय सिंह के भाई को मिला नोटिस

भोपाल पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद 25 अप्रैल को कांग्रेस नेता लक्ष्मण सिंह ने पार्टी नेतृत्व पर हमला बोला था। लक्ष्मण सिंह मध्य प्रदेश के राजगढ़ से सांसद रह चुके हैं। इसके अलावा इनकी एक और पहचान है, लक्ष्मण सिंह कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह के छोटे भाई हैं। कांग्रेस ने कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए कहा है कि राहुल गांधी सहित पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को निशाना बनाकर की गई उनकी अपमानजनक टिप्पणी ने सारी हदें पार कर दी हैं। राहुल गांधी पर की थी टिप्पणी 25 अप्रैल को पहलगाम आतंकी हमले के पीड़ितों को श्रद्धांजलि देने के लिए आयोजित एक शोक सभा के दौरान लक्ष्मण सिंह ने कहा था कि "राहुल गांधी और रॉबर्ट वाद्रा बहुत नादान हैं। देश उनकी अपरिपक्वता के परिणामों को भुगत रहा है।" सिंह को पार्टी की अनुशासनात्मक कार्रवाई समिति (DAC) के सदस्य सचिव तारिक अनवर ने नौ मई को नोटिस जारी किया। नोटिस में कहा गया, "आपके द्वारा बार-बार सार्वजनिक रूप से दिए गए बयानों के संबंध में कांग्रेस की मध्य प्रदेश इकाई के अध्यक्ष जीतू पटवारी और अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के प्रभारी महासचिव हरीश चौधरी की ओर से एक शिकायत मिली है…सार्वजनिक बयानबाजी से पार्टी की छवि और गरिमा को गंभीर नुकसान पहुंचा है।" मांगा गया है स्पष्टीकरण नोटिस में ये भी कहा गया है, "आपके हालिया बयान, खासकर लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी समेत पार्टी के वरिष्ठ नेतृत्व के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी ने सारे हदें पार कर दी हैं…आपको कारण बताओ नोटिस जारी किया जाता है और नोटिस मिलने की तारीख से 10 दिन के भीतर लिखित स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया जाता है।" उमर अब्दुल्ला पर भी साधा था निशाना पूर्व लोकसभा सदस्य एवं पूर्व विधायक लक्ष्मण सिंह भारतीय जनता पार्टी में भी रह चुके हैं। उन्होंने 25 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला पर भी निशाना साधते हुए कहा था कि उनकी आतंकवादियों के साथ मिलीभगत हो सकती है। पार्टी से निकाले जा सकते हैं सिंह रॉबर्ट वाड्रा पर सिंह ने यह कहा था कि "रॉबर्ट वाड्रा का यह बयान कि मुस्लिमों को सड़क पर नमाज अदा नहीं करने देने के कारण आतंकवादियों ने हमला किया, न सिर्फ गैर जिम्मेदाराना है बल्कि ऐसा बयान भी है जो देश की सुरक्षा के लिए खतरा पैदा करता है। मैं यह सब कैमरे के सामने कह रहा हूं, ताकि कोई भी भ्रमित न हो। कांग्रेस बोलने से पहले 10 बार सोचे, नहीं तो चुनाव में जनता जवाब दे देगी।" संपर्क किए जाने पर राज्य में कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने नाम न उजागर करने की शर्त पर कहा कि पार्टी में लक्ष्मण सिंह के गिनती के दिन बचे हैं। recent visitors 51

भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव में हर दिन सौ से डेढ़ सौ बार साइबर हमले का प्रयास

जबलपुर  मध्य प्रदेश के बिजली कंपनी के मुख्यालय से प्रदेश भर के लिए बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने वाले स्टेट लोड डिस्पैच सेंटर(State Load Dispatch Center) के सिस्टम पर अचानक साइबर हमले बढ़ गए हैं। ऐसा भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ने के बाद हुआ है। हर दिन सौ से डेढ़ सौ बार साइबर हमले का प्रयास हुआ है। हालांकि सुरक्षा के लिए लगे फायरवाल हर हमले को रोक कर अलर्ट कर रहे हैं। बिजली कंपनी के अधिकारी हर हमले पर नजर रखे हुए हैं और इसकी जानकारी कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पांस टीम समेत अन्य जांच एजेंसियों को भेज रहे हैं। बता दें कि प्रदेश में ग्रिड के जरिए वितरण कंपनियों को बिजली आपूर्ति के प्रबंधन का काम स्टेट लोड डिस्पैच सेंटर करता है। हमले से बचने के लिए कर रखे हैं सुरक्षा इंतजाम कंपनी ने साइबर हमलों से बचने के लिए सुरक्षा के इंतजाम कर रखे हैं। कई तरह की फायरवाल लगाई गई हैं, ताकि कोई भी अवांछित बग सर्वर में प्रवेश न कर सके। यह ऑटोमैटिक संचालित किया जाता है। भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव के बाद अचानक हमले बढ़े हैं। अधिकारियों ने बताया कि पहले जहां दो-चार साइबर हमले होते थे, पिछले तीन-चार दिनों से इनकी संख्या में बेतहाशा वृद्धि हुई है। स्टेट लोड डिस्पैच सेंटर के सिस्टम में यदि साइबर अटैक कामयाब हुआ तो ग्रिड के जरिए वितरण कंपनियों तक बिजली आपूर्ति करना मुश्किल हो जाएगा। इस संबंध में स्टेट लोड डिस्पैच सेंटर के अधीक्षण यंत्री राजेश गुप्ता ने बताया कि कंपनी ने सारे सुरक्षा प्रबंध किए हुए हैं। फिलहाल हम सभी तरह के साइबर अटैक से सुरक्षित हैं। इसके पूर्व में भी स्टेट लोड डिस्पैच सेंटर में साइबर हमले के प्रयास हुए हैं, जिन्हें कंपनी के विशेषज्ञ नाकाम कर चुके हैं। विदेशी आईपी एड्रेस से हुए थे हमले मध्य प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी के स्टेट लोड डिस्पैच सेंटर में लगातार साइबर हमले होते रहते हैं जिसको लेकर कंपनी प्रबंधन अत्यधिक फायरवाल का इस्तेमाल करती है। पिछले दिनों जो साइबर हमले हुए थे वे चाइना और अन्य विदेशी आईपी एड्रेस से हुए थे। वर्तमान में जो साइबर हमले हो रहे हैं उनके आइपी एड्रेस जांच एजेंसी को दिए गए हैं। बिजली कंपनी केंद्रीय एजेंसी के साथ लगातार संपर्क बनाए हुए हैं और उनके साथ हर जानकारी को साझा कर रही है। ऊर्जा मंत्री ने दिए थे सतर्कता के निर्देश मध्य प्रदेश की ऊर्जा मंत्री प्रदुम सिंह तोमर ने भी दो दिन पहले भोपाल में बिजली कंपनी के अधिकारियों को साइबर सुरक्षा को लेकर सतर्कता बरतने के निर्देश दिए थे। केंद्रीय एजेंसी की तरफ से भी इस संबंध में दिशा निर्देश मिले हुए थे। उन्होंने अधिकारियों को साफ कहा है कि अपरिचित और अनजान बग पर प्रतिक्रिया न दें। recent visitors 40