इस वर्ष लगभग 9 लाख किसानों से 77 लाख 74 हजार मीट्रिक टन गेहूँ का उपार्जन हुआ: खाद्य मंत्री राजपूत

भोपाल खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री गोविन्द सिंह राजपूत ने कहा है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा किसानों के हित में न्यूनतम समर्थन मूल्य के अतिरिक्त 175 रुपये प्रति क्विंटल बोनस की घोषणा के परिणामस्वरूप इस वर्ष  लगभग 9 लाख किसानों से 77 लाख 74 हजार  मीट्रिक टन गेहूँ का उपार्जन हुआ है। उन्होंने बताया कि गत वर्ष 48 लाख 38 हजार मीट्रिक टन गेहूँ का उपार्जन हुआ था। मंत्री श्री राजपूत ने किसानों के हित में मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा दिये गये बोनस पर उनका आभार व्यक्त किया है। उन्होंने बताया कि गेहूँ के उपार्जन में मध्यप्रदेश देश में दूसरे स्थान पर है। मंत्री श्री राजपूत ने बताया है कि किसानों से उपार्जित गेहूँ में से 73 लाख 51 हजार मीट्रिक टन से अधिक गेहूँ का सुरक्षित भण्डारण भी किया जा चुका है। किसानों को उपार्जित गेहूँ का भुगतान भी लगातार किया जा रहा है। अभी तक लगभग 17 हजार 870 करोड़ रूपये से अधिक का भुगतान किसानों को किया जा चुका है। गेहूँ का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2425 रूपये है और राज्य सरकार द्वारा 175 रूपये प्रति क्विंटल बोनस दिया गया है। इस तरह से गेहूँ की खरीदी 2600 रूपये प्रति क्विंटल की दर से की गयी।   recent visitors 42

आईपीएल का पहला और दूसरा क्वॉलीफायर, एलिमिनेटर और फाइनल उन्हीं जगहों पर खेले जाएंगे, जहां यह पहले से प्रस्तावित थे

नई दिल्ली आईपीएल 2025 को लेकर बड़ी अपडेट सामने आ रही है। इसके कुछ मैचों के वेन्यूज को लेकर रिपोर्ट आई है। बताया जा रहा है कि आईपीएल का पहला और दूसरा क्वॉलीफायर, एलिमिनेटर और फाइनल उन्हीं जगहों पर खेले जाएंगे, जहां यह पहले से प्रस्तावित थे। पहले ऐसा अनुमान लगाया जा रहा था कि पाकिस्तान से तनाव के बाद इन मैचों का वेन्यू बदला जाएगा। गौरतलब है कि भारत-पाकिस्तान के बीच पैदा हुए तनाव के बाद आईपीएल स्थगित कर दिया गया था। इसके बाद इसे फिर से शुरू करने के लिए बातचीत चल रही है। अनुमान है कि 16 मई से आईपीएल फिर से शुरू हो जाएगा। इसको लेकर बीसीसीआई लगातार मीटिंग कर रही है। पहले क्या था शिड्यूल गौरतलब है कि ओरिजिनल शिड्यूल के मुताबिक आईपीएल 2025 का क्वॉलीफायर वन और एलिमिनेटर मुकाबला हैदराबाद के राजीव गांधी इंटरेशनल स्टेडियम में खेला जाना है। पहला क्वॉलीफायर 20 मई और एलिमिनेटर 21 मई को होना था। वहीं, दूसरा क्वॉलीफायर 23 मई को कोलकाता के ईडन गार्डंस में होना तय था। यहीं पर 25 मई को आईपीएल 2025 का फाइनल मैच भी खेला जाना तय था। हालांकि भारत और पाकिस्तान के बीच लड़ाई के बाद आईपीएल स्थगित कर दिया गया। इसके बाद इस लीग का री-शिड्यूल होना भी तय है। ऐसे में भले ही वेन्यू न चेंज हो, लेकिन मैचों की तारीख में बदलाव हो सकता है। हालांकि इसकी पुष्टि ऑफिशियल जानकारी आने के बाद ही होगी। प्रोडक्शन टीमों को रुकने के लिए कहा बता दें कि अभी टूर्नामेंट के 12 लीग मैच और चार प्लेआफ मैच बाकी हैं। विभिन्न टीमों के अधिकांश विदेशी खिलाड़ी लौट चुके हैं। बीसीसीआई के एक सूत्र ने उम्मीद जताई कि धर्मशाला को छोड़कर बाकी सभी जगहों पर जहां आईपीएल के बाकी मैच होने थे, प्रसारक और प्रोडक्शन टीमों को रुकने के लिए कहा गया है। सूत्र ने कहाकि प्रसारकों ने शुरूआत में बेंगलुरू, हैदराबाद और चेन्नई में अपनी प्रोडक्शन ईकाई को रुकने के लिए कहा । अब संघर्ष विराम की घोषणा के बाद सभी मूल आयोजन स्थलों पर भी ऐसे ही निर्देश दे दिये गए हैं। उम्मीद है कि धर्मशाला को छोड़कर बाकी मैच वहीं होंगे, जहां होने थे। बीसीसीआई कर रही है बातचीत गौरतलब है कि भारत और पाकिस्तान के बीच त्वरित संघर्ष विराम की घोषणा के बाद बीसीसीआई उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने शनिवार को कहाकि बोर्ड के अधिकारी और आईपीएल संचालन परिषद रविवार को इस निलंबित टी20 लीग के बाकी मैच कराने के लिये सर्वश्रेष्ठ संभावित कार्यक्रम पर बात करेंगे। पहलगाम आतंकवादी हमले की जवाबी कार्रवाई में भारतीय सेना के आपरेशन सिंदूर के बाद भारत पाकिस्तान सीमा पर तनाव के युद्ध में बदलने के आसार को देखते हुए आईपीएल शुक्रवार को एक सप्ताह के लिये स्थगित कर दिया गया था ।   recent visitors 72

मानसून सामान्य तिथि से चार दिन पहले देगा प्रदेश में दस्तक, टूटेगा रिकॉर्ड

रायपुर इस वर्ष दक्षिण-पश्चिम मानसून सामान्य तिथि से चार दिन पहले ही 27 मई को केरल तट पर दस्तक दे सकता है। यदि ऐसा होता है, तो यह पिछले 16 वर्षों में सबसे जल्दी आगमन होगा। इससे पहले, 2009 में 23 मई और 2024 में 30 मई को मानसून ने केरल में प्रवेश किया था। सामान्यतः मानसून एक जून को केरल पहुंचता है और 13 जून को जगदलपुर और 16 जून को रायपुर और 21 जून को अंबिकापुर पहुंचता है। मौसम विभाग के अनुसार वर्तमान में पूर्वी उत्तर प्रदेश से पूर्वी मध्य प्रदेश, विदर्भ और दक्षिण-पूर्व तेलंगाना तक पश्चिमी हवाओं में द्रोणिका बनी हुई है। दक्षिण-पश्चिम मानसून के अगले कुछ दिनों में अंडमान सागर, बंगाल की खाड़ी और निकोबार द्वीप समूह की ओर बढ़ने की संभावना है। प्रदेश में बिगड़ा हुआ है मौसम का मिजाज छत्तीसगढ़ में अगले दो दिनों तक गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना है और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। प्रदेश में अधिकतम तापमान बिलासपुर में 41 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान पेंड्रारोड में 21.4 डिग्री सेल्सियस रहा। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों में तापमान में वृद्धि की संभावना जताई है। रायपुर में रविवार को हल्के बादल छाए रहने और गरज के साथ हल्की बारिश की संभावना है। recent visitors 46

सरकारी नौकरी पाने का सुनहरा मौका, इस पदों पर निकली भर्ती, इच्छुक उम्मीदवार 16 मई 2025 तक आवेदन कर सकते हैं

जबलपुर अगर आप भी सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए है. क्योंकि कृषि विभाग में विभिन्न पदों पर भर्ती निकाली गई है. इच्छुक उम्मीदवार 16 मई 2025 तक आवेदन कर सकते हैं.   इस पदों पर निकली भर्ती बता दें कि जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय जबलपुर की ओर से जारी गई इस भर्ती में 80 पदों के लिए एप्लीकेशन मांगे गए हैं. वरिष्ठ वैज्ञानिक और प्रमुख के लिए 7, विषय विशेषज्ञ के लिए 60, विस्तार शिक्षा के लिए 8, कृषि इंजीनियरिंग के लिए 7, वन्य-विद्या के लिए 3, कृषि विज्ञान के लिए 7 और बागवानी के लिए 5 पद पर भर्ती जारी की गई है. इसके अलावा पशु चिकित्सा के लिए 7, पौध प्रजनन और आनुवंशिकी के लिए 5, पौध संरक्षण के लिए 8, मृदा विज्ञान और कृषि रसायन के लिए 5, खाद्य विज्ञान के लिए 1, प्रोग्रामर सहायक कंप्यूटर के लिए 3, प्रोग्रामर सहायक-लैब तकनीशियन के लिए 6 और फार्म प्रबंधक के लिए 4 पदों वैकेंसी निकाली है. आवेदन शुल्क आवेदन शुल्क की बात करें तो सामान्य श्रेणी के लिए 1 हजार रुपए और SC/ST/OBC/PWD/EWS के लिए 400 रुपये निर्धारित किया गया है. उम्मीदवार फीस बैंक ड्राफ्ट के माध्यम से जमा कर सकते हैं. इच्छुक उम्मीदवारों को आवेदन पत्र संबंधित विश्वविद्यालय के कार्यालय में व्यक्तिगत रूप से या पोस्ट के जरिए भेजना होगा. योग्यता इन पदों के लिए उम्मीदवार के पास डिग्री या स्नातकोत्तर डिग्री होना चाहिए. जैसे वरिष्ठ वैज्ञानिक और विशेषज्ञ पदों के लिए संबंधित विषय में ग्रेजुएट, मास्टर डिग्री या डॉ. की डिग्री के साथ 8 वर्षों का अनुभव भी आवश्यक है। अन्य पदों के लिए योग्यताएँ अलग-अलग हैं, जिनमें BSc, MSc, B.Tech, और M.Tech जैसी योग्यताएं शामिल हैं. चयन प्रक्रिया चयन प्रक्रिया में उम्मीदवारों का चयन वॉक-इन इंटरव्यू के माध्यम से किया जाएगा. उम्मीदवारों को अपनी पात्रता के अनुसार इंटरव्यू के लिए बुलाया जाएगा. सैलरी इन पदों पर चयनित उम्मीदवारों को अच्छी-खासी सैलरी मिलेगी. वरिष्ठ वैज्ञानिक और प्रमुख के लिए 37 हजार 400 रुपए– 67 हजार + ग्रेड पे 9 हजार रुपए, विषय विशेषज्ञों के लिए 15 हजार 600 रुपए – 39 हजार रुपए + ग्रेड पे 5 हजार 400 रुपए और T-4 के पदों पर 9 हजार 300 रुपए – 34 हजार 800 रुपए + ग्रेड पे 4 हजार 200 रुपए मिलेंगे. recent visitors 39

बुद्ध जयन्ती के दौरान आज मांस-मटन की बिक्री पूर्ण रूप से प्रतिबंधित रहेगी

रायपुर बुद्ध जयन्ती ( बुद्ध पूर्णिमा) के दौरान आज रायपुर नगर निगम क्षेत्र में मांस-मटन की बिक्री पूर्ण रूप से प्रतिबंधित रहेगी. इस सम्बन्ध में नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के आदेश पर रायपुर नगर पालिक निगम के स्वास्थ्य विभाग की ओर से आदेश जारी किया है. बुद्ध जयन्ती ( बुद्ध पूर्णिमा ) दिनांक 12 मई 2025 को किसी भी दुकान में मांस – मटन विक्रय करते पाये जाने पर मांस – मटन जप्त करने की कार्रवाई की जाएगी और सम्बंधित व्यक्ति के विरूद्ध यथोचित कार्रवाई भी की जाएगी. 12 मई को रायपुर निगम के जोन स्वास्थ्य अधिकारीगण, जोन स्वच्छता निरीक्षकगण मांस- मटन के विक्रय पर प्रतिबन्ध के आदेश का व्यवहारिक पालन सुनिश्चित करवाएंगे. इसके साथ अपने-अपने सम्बंधित जोन क्षेत्रों के मांस-मटन की दुकानों का सतत निरन्तर पर्यवेक्षण करेंगे. recent visitors 46

दुनिया पर निर्भर नहीं, भारत के पास गोला बारूद का खजाना-रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह

नई दिल्ली  रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने  सर्वदलीय बैठक में बताया कि भारत के पास पर्याप्त गोला-बारूद है। रक्षा मंत्री ने कहा कि देश के पास पर्याप्त गोला-बारूद है। सरकारी कंपनियों ने गोला बारूद का उत्पादन बढ़ा दिया है और वे इसे और भी बढ़ा सकती हैं। सूत्रों ने बताया कि राजनाथ सिंह ने कहा कि प्राइवेट सेक्टर भी इसमें बड़ा योगदान दे रहा है। भारत का रक्षा क्षेत्र अब तेजी से आगे बढ़ रहा है। सरकार ने पिछले साल ही 1.45 लाख करोड़ रुपये की बड़ी सैन्य खरीद परियोजनाओं को मंजूरी दी थी। इसका मकसद देश में ही रक्षा उत्पादन को बढ़ावा देना है। इस वजह से, कई सरकारी रक्षा कंपनियां (PSU) गोला बारूद का उत्पादन कर रही हैं। बोफोर्स के गोले बहुत महंगे खरीदे गए थे आज देश में ही गोला-बारूद बनाया जा रहा है, लेकिन करगिल युद्ध के दौरान जब गोला-बारूद कम पड़ने लगे तो उस समय की सरकार को कई दूसरे देशों से महंगे गोला-बारूद खरीदने पड़े थे। यह भी कहा जाता है कि उस दौरान कुछ मित्र देशों ने भी गोला-बारूद देने के लिए भारत सरकार तय कीमत से कहीं ज्यादा पैसे लिए थे। तैयारी बहुत पहले से ही थी सरकार देश में ही उत्पादन को बढ़ावा दे रही है और रक्षा क्षेत्र को आधुनिक बना रही है। इससे उम्मीद है कि ये PSU कंपनियां आने वाले समय में अच्छा मुनाफा कमाएंगी, साथ ही सुरक्षा के मोर्चे पर देश को मजबूत भी बनाएंगी। आसान लहजा में कहें तो सरकार रक्षा क्षेत्र को मजबूत करने के लिए कई कदम उठा रही है। इससे HAL, BEL, BDL, MDL और GRSE जैसी कंपनियों को फायदा होगा। इंडिया टुडे की एक रिपोर्ट के मुताबिक एंटिक स्टॉक ब्रोकिंग ने पांच ऐसी कंपनियों को चुना है जिनमें विकास की अच्छी संभावना है। ये कंपनियां हैं: हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL), भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL), भारत डायनेमिक्स लिमिटेड (BDL), मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड (MDL), और गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स लिमिटेड (GRSE)। ये पांचों कंपनियां भारत के लिए पांच तरह के हथियार बना रही हैं बिल्कुल वैसे ही जैसे महर्षि दधीचि की हड्डियों का उपयोग देवराज इंद्र के वज्र, पिनाक धनुष, सारंग धनुष, और गांडीव धनुष बनाने में किया गया था। इन धनुषों और वज्र का इस्तेमाल देवताओं ने असुरों के खिलाफ युद्ध में किया था। 1. हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) भारत की एक बड़ी एयरोस्पेस कंपनी है। HAL के पास FY24 तक 94,000 करोड़ रुपये के ऑर्डर हैं। मतलब अगले 3.2 सालों तक कंपनी अच्छी कमाई करती रहेगी। HAL को Su-30 MKI विमान के लिए 240 एयरो इंजन का 26,000 करोड़ रुपये का ऑर्डर मिलने वाला था। इससे HAL का ऑर्डर बढ़कर 1.2 लाख करोड़ रुपये हो जाएगा। HAL को ALH (25), LUH (12), Su-30 (12), और RD-33 इंजन (80) के भी ऑर्डर मिलने वाले थे। 2. मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड रिपोर्ट के मुताबिक मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड (MDL) के पास तीनों शिपयार्ड में सबसे ज्यादा ऑर्डर हैं। 14 अगस्त 2024 तक MDL के पास 40,400 करोड़ रुपये के ऑर्डर थे। इसमें P17A स्टील्थ फ्रिगेट और P15B डिस्ट्रॉयर के बड़े ऑर्डर शामिल हैं। अगले दो सालों में MDL सात जहाजों की डिलीवरी करने वाला है। सरकार नौसेना को मजबूत करने पर ध्यान दे रही है, जिससे MDL को फायदा होगा। नए खरीद प्रस्तावों से MDL के ऑर्डर और बढ़ सकते हैं। 3. गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स लिमिटेड गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स लिमिटेड (GRSE) के पास अभी 25,230 करोड़ रुपये के ऑर्डर हैं। जून तिमाही में कंपनी को 3,610 करोड़ रुपये के नए ऑर्डर मिले। GRSE अभी अपने मौजूदा ऑर्डर को पूरा करने पर ध्यान दे रही है। इसमें अगली पीढ़ी के अपतटीय गश्ती जहाजों के ऑर्डर शामिल हैं। GRSE का काम समय पर चल रहा है। उम्मीद है कि FY26 और FY27 तक कंपनी को अपने ऑर्डर बुक का एक बड़ा हिस्सा मिल जाएगा। इससे GRSE का विकास जारी रहेगा। 4. भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) को भी फायदा होगा। सरकार ने हाल ही में एयर डिफेंस फायर कंट्रोल रडार खरीदने की मंजूरी दी है। BEL ऐसे रडार बनाने में माहिर है। BEL इलेक्ट्रॉनिक्स और रडार सिस्टम के क्षेत्र में एक बड़ी कंपनी है। यह भारत के रक्षा क्षेत्र का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। BEL के पास अच्छे ऑर्डर हैं और यह रणनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण है। इसलिए, BEL का विकास जारी रहेगा। 5. भारत डायनेमिक्स लिमिटेड भारत डायनेमिक्स लिमिटेड (BDL) गोला-बारूद और मिसाइल सिस्टम बनाने वाली एक बड़ी कंपनी है। BDL को फ्यूचर रेडी कॉम्बैट व्हीकल्स (FRCV) प्रोजेक्ट से फायदा होगा। BDL के पास अच्छे ऑर्डर हैं और यह अपनी उत्पादन क्षमता को बढ़ाने पर ध्यान दे रही है। इससे BDL आधुनिक रक्षा सिस्टम की बढ़ती मांग को पूरा कर पाएगी। recent visitors 128

अबतक पाकिस्तान की हरकतों की वजह से भारत ने 11 बार उसे खुलकर मुंहतोड़ जवाब दिया

नई दिल्ली पाकिस्तान के साथ भारत का तनाव उसकी पैदाइश के साथ से ही चल रहा है। अबतक पाकिस्तान की हरकतों की वजह से भारत ने इस दौरान कम से कम 11 बार उसे खुलकर मुंहतोड़ जवाब दिया है। अभी ऑपरेशन सिंदूर की वजह से पाकिस्तान की दुनिया भर में भद पिट रही है। हर मिलिट्री ऑपरेशनों ने भारत की सैन्य ताकत का लोहा मनवाया है और पाकिस्तान को नाक रगड़ने को मजबूर होना पड़ा है, लेकिन उसकी आदतें नहीं बदली हैं। बार-बार मुंह की खाने के बाद भी पाकिस्तान और उसकी फौज कुछ न कुछ ऐसा कर देता है, जिसकी वजह भारत को कार्रवाई करनी पड़ती है। 1. ऑपरेशन रिडल (1965) सबसे पहले बात करते हैं 'ऑपरेशन रिडल' की। पहला मिलिट्री ऑपरेशन 1965 में किया गया। पाकिस्तान ने जम्मू-कश्मीर में घुसपैठ करने की कोशिश की। उन्होंने 'ऑपरेशन जिब्राल्टर' और 'ग्रैंड स्लैम' नाम से हमले किए। इसके जवाब में भारत ने 'ऑपरेशन रिडल' शुरू किया। 6 सितंबर,1965 को भारतीय सेना ने लाहौर और कसूर पर हमला बोल दिया। भारत की इस कार्रवाई से पाकिस्तानी सेना हिल गई। 2. ऑपरेशन एब्लेज (1965) इसके बाद 'ऑपरेशन एब्लेज' हुआ। यह भी 1965 में ही हुआ था। यह एक तरह की सैन्य तैयारी थी। भारतीय सेना ने पश्चिमी सीमा पर अपनी सेना की मौजूदगी बढ़ा दी। हालांकि, इसमें सीधा युद्ध नहीं हुआ, लेकिन यह युद्ध की तैयारी का एक अहम हिस्सा था। नतीजा: इन दोनों ऑपरेशनों के बाद सोवियत संघ (USSR) ने बीच में आकर ताशकंद समझौता कराया। 3. ऑपरेशन कैक्टस लिली (1971) 1971 में बांग्लादेश मुक्ति संग्राम के दौरान 'ऑपरेशन कैक्टस लिली' चलाया गया। भारतीय सेना और वायुसेना ने मिलकर मेघना नदी पार की। उन्होंने पाकिस्तानी ठिकानों को पीछे छोड़ते हुए ढाका की ओर बढ़ना शुरू कर दिया। 4. ऑपरेशन ट्राइडेंट (1971) 'ऑपरेशन ट्राइडेंट' में भारतीय नौसेना ने पाकिस्तान के कराची बंदरगाह पर दो बार हमला किया। पहला हमला 4-5 दिसंबर को हुआ। भारतीय सेना पूर्वी और पश्चिमी दोनों मोर्चों पर पाकिस्तानी फौज के नाक में दम कर रही थी। 5.ऑपरेशन पाइथन (1971) ऑपरेशन ट्राइडेंट के बाद 'ऑपरेशन पाइथन' हुआ। एक के बाद इन तीनों हमलों से पाकिस्तान बिखर गया और उसके नौसैनिक ढांचे को काफी नुकसान पहुंचा। ऑपरेशन पाइथन में पहली बार एंटी-शिप मिसाइलों का इस्तेमाल किया गया। नतीजा: इन तीन ऑपरेशनों का नतीजा यह हुआ कि पाकिस्तान हार गया और बांग्लादेश नाम का एक नया देश बना। 6. ऑपरेशन मेघदूत (1984) सियाचिन में पाकिस्तान की हरकतों को रोकने के लिए भारत ने अप्रैल 1984 में 'ऑपरेशन मेघदूत' शुरू किया। भारतीय वायुसेना की मदद से सैनिकों को दुनिया की सबसे ऊंची युद्ध भूमि पर पहुंचाया गया। उन्होंने महत्वपूर्ण चोटियों पर कब्जा कर लिया। नतीजा: ऑपरेशन मेघदूत से भारत को सामरिक बढ़त मिली और भारत आज भी वहां लाभ की स्थिति में है। 7. ऑपरेशन विजय (1999) मई 1999 में पाकिस्तानी घुसपैठियों ने कारगिल की चोटियों चोरी-चोरी पर कब्जा कर लिया। भारत ने 'ऑपरेशन विजय' चलाकर इन इलाकों को वापस अपने कब्जे में ले लिया। यह ऑपरेशन भारतीय सेना की ताकत और बलिदान का प्रतीक है। 8. ऑपरेशन सफेद सागर (1999) 'ऑपरेशन सफेद सागर' भी कारगिल युद्ध के दौरान ही हुआ। यह भारतीय वायुसेना का ऑपरेशन था। इसमें कारगिल की पहाड़ियों में पाकिस्तान की चौकियों और ठिकानों पर हवाई हमले किए गए। 1971 के बाद यह पहली बार था, जब इतने बड़े पैमाने पर वायुसेना का इस्तेमाल किया गया। नतीजा: इन दोनों मिलिट्री ऑपरेशन में पाकिस्तानी फौज को भारतीय सेना और वायुसेना ने बुरी तरह से पीटा और वे पीछे हटने को मजबूर हुए। 9. सर्जिकल स्ट्राइक (2016) उरी हमले के बाद भारत ने 2016 में सर्जिकल स्ट्राइक की। भारत की स्पेशल फोर्सेज ने पाकिस्तान अधिकृत जम्मू कश्मीर (PoJK) में आतंकी ठिकानों पर हमला किया। यह पहली बार था, जब भारत ने खुलकर पाकिस्तानी कब्जे वाले इलाके में अपनी सैन्य कार्रवाई की घोषणा की। नतीजा: पाकिस्तान समेत पूरी दुनिया में संदेश गया कि आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत अब भारत दुश्मन के घर में घुसकर मारने लगा है। 10. ऑपरेशन बंदर (2019) पुलवामा हमले के बाद भारत ने 26 फरवरी, 2019 को 'ऑपरेशन बंदर' को अंजाम दिया। इसके तहत पाकिस्तान के करीब 80 किलोमीटर भीतर घुसकर बालाकोट में जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी कैंपों पर एयर स्ट्राइक किया गया। 1971 के बाद यह पहली बार था, जब भारत ने नियंत्रण रेखा (LoC) के पार अपनी वायुसेना का इस्तेमाल किया। नतीजा: भारत ने पूरी दुनिया को संकेत दे दिया कि 'नया भारत' अब अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए हर तरह के मिलिट्री ऑपरेशन को अंजाम देने के लिए तैयार है। 11. ऑपरेशन सिंदूर (2025) भारत ने 6 और 7 अप्रैल, 2025 की दरमियानी रात पाकिस्तान और इसके कब्जे वाले जम्मू और कश्मीर (PoJK) के 9 आतंकी ठिकानों पर हमला किया। इसे ऑपरेशन सिंदूर का नाम दिया गया। इसमें भारत ने अंतरराष्ट्रीय सीमा (IB) या नियंत्रण रेखा (LoC) का उल्लंघन नहीं किया और मिसाइल, ड्रोन और अन्य बमों का इस्तेमाल करके दहशतगर्दी कैंपों में तबाही मचा दी। नतीजा: पहली बार पाकिस्तान खुद मान रहा है कि भारत ने किस तरह से मिलिट्री ऑपरेशन को अंजाम दिया है। इसमें अंतरराष्ट्रीय सीमा से 100 किलोमीटर दूर बहावलपुर तक में आतंकी इंफ्रास्ट्रक्चर ध्वस्त हुए हैं और जैश-ए-मोहम्मद का सरगना अजहर मसूद खुद मान रहा है कि उसके परिवार के 10 लोगों समेत कुल 14 लोग मारे गए हैं। recent visitors 118