रूल ऑफ लॉ पूरी मजबूती से लागू, कानून से खिलवाड़ करने की किसी को छूट नहीं

लखनऊ. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को होटल ताज में आयोजित वैश्विक निवेशकों एवं उद्यमियों के महासंगम “उत्तर प्रदेश फार्मा कॉन्क्लेव 1.0” का शुभारंभ करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश आज केवल एक राज्य नहीं, बल्कि निवेशकों के लिए भरोसे की गारंटी बन चुका है। प्रदेश सरकार हर निवेशक को ट्रिपल-एस यानी सेफ्टी, स्टेबिलिटी और स्पीड की पूर्ण गारंटी देती है और उत्तर प्रदेश आज ट्रस्ट, ट्रांसफॉर्मेशन और टाइमली डिलीवरी का रोल मॉडल बनकर उभरा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज उत्तर प्रदेश में रूल ऑफ लॉ पूरी मजबूती से लागू है। कानून से खिलवाड़ करने की छूट किसी को नहीं है। यदि कोई कानून को आंख दिखाने की कोशिश करता है, तो कानून अपने दायरे में लाकर उसे उसकी ही भाषा में जवाब देता है। यह नया उत्तर प्रदेश है, जहां व्यवस्था कमजोर नहीं, बल्कि निर्णायक है। अराजकता से विश्वास तक का सफर मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में 2017 से पहले की स्थिति का उल्लेख करते हुए कहा कि उस दौर में उत्तर प्रदेश असुरक्षा, अराजकता और अविश्वास का पर्याय बन चुका था। वर्ष 2012 से 2017 के बीच प्रदेश में 900 से अधिक दंगे हुए। शायद ही कोई शहर रहा हो, जहां कर्फ्यू न लगा हो। उद्योग, व्यापार और चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े लोगों को गुंडा टैक्स देना पड़ता था। सुरक्षा के अभाव में पहले से स्थापित उद्योग भी प्रदेश छोड़ने पर मजबूर थे, युवा वर्ग पलायन कर रहा था। जिस धरती पर बचपन बीता हो, उसे छोड़ना किसी के लिए भी पीड़ादायक होता है, लेकिन असुरक्षा के चलते मजबूरी थी। यह केवल किसी एक उद्यमी की पीड़ा नहीं थी, बल्कि हर व्यापारी, हर निवेशक और हर नागरिक की व्यथा थी। जीरो टॉलरेंस से लौटा भरोसा मुख्यमंत्री ने कहा कि जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें यह दायित्व सौंपा, तो सबसे बड़ी चुनौती कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करना और नागरिकों के मन में विश्वास पैदा करना था। सरकार ने जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई। हमने स्पष्ट कहा कि कानून सभी पर समान रूप से लागू होगा, चाहे कोई कितना ही प्रभावशाली क्यों न हो। आज इसका परिणाम सबके सामने है। बड़े पर्व-त्योहार शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो रहे हैं। कहीं दंगे नहीं, कहीं फिरौती नहीं, कहीं गुंडा टैक्स नहीं। उत्तर प्रदेश में शांति, सुरक्षा और स्थिरता का वातावरण है और यही निवेश की सबसे मजबूत नींव है। डी-रेगुलेशन में नंबर वन, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में टॉप अचीवर बना है यूपी सीएम ने कहा कि उत्तर प्रदेश आज डी-रेगुलेशन रैंकिंग में देश में नंबर वन है और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में टॉप अचीवर बन चुका है। डी-क्रिमिनलाइजेशन के तहत 13 राज्य अधिनियमों में मौजूद आपराधिक प्रावधानों को समाप्त किया गया, ताकि उद्योग बिना भय और बाधा के कार्य कर सकें। एमएसएमई सेक्टर में निवेश करने वाले उद्यमियों को 1000 दिनों तक निरीक्षण से छूट दी गई है। कई अन्य सेक्टरों में भी प्रक्रियाओं को सरल किया गया है। सरकार का उद्देश्य उद्योगों को डराना नहीं, बल्कि उन्हें सुविधा देना है। 14 हजार से 30 हजार फैक्ट्रियों तक की छलांग मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में लगभग 14,000 कारखाने कार्यरत थे, जो आज बढ़कर 30,000 से अधिक हो चुके हैं। यह इस बात का प्रमाण है कि डबल इंजन सरकार डबल स्पीड से काम कर रही है। प्रदेश में अब तक 50 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं, जिनमें 20 लाख करोड़ प्रस्तावो की ग्राउंड ब्रेकिंग हो चुकी है और कई प्रोजेक्ट्स में उत्पादन भी शुरू हो चुका है। निवेशकों के साथ सरकार का निरंतर संवाद बना हुआ है। फार्मा सेक्टर को बनाया जा रहा ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश को फार्मास्यूटिकल मैन्युफैक्चरिंग और इनोवेशन का अग्रणी केंद्र बनाने के लिए ठोस नीति और स्पष्ट विजन के साथ कार्य किया जा रहा है। ललितपुर में विकसित किया जा रहा बल्क ड्रग फार्मा पार्क केवल एक औद्योगिक इकाई नहीं होगा, बल्कि इसे हब एंड स्पोक मॉडल पर विकसित किया जा रहा है, जहां अत्याधुनिक आर एंड डी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। वहीं गौतम बुद्ध नगर में मेडिकल डिवाइस पार्क, यूएस-एफडीए टेस्टिंग लैब और वर्ल्ड-क्लास लॉजिस्टिक्स हब विकसित किए जा रहे हैं। फरवरी के दूसरे सप्ताह में बजट सत्र के माध्यम से लखनऊ में एक वर्ल्ड-क्लास फार्मा इंस्टीट्यूट के निर्माण की दिशा में भी कदम बढ़ाया जाएगा। बरेली सहित अन्य जनपदों में भी नए फार्मा पार्क विकसित किए जाएंगे। लोकल से ग्लोबल की यात्रा तय की यूपी ने मुख्यमंत्री ने कहा कि वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ओडीओपी) के माध्यम से उत्तर प्रदेश ने ‘लोकल को ग्लोबल’ बनाने का सफल मॉडल प्रस्तुत किया है। आज मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग में देश का लगभग 55 प्रतिशत और इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स में 60 प्रतिशत उत्पादन अकेले उत्तर प्रदेश में हो रहा है। पिछले नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश ने इन्फ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति की है। देश के लगभग 55 प्रतिशत एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश में हैं। हर जिला मुख्यालय फोरलेन से जुड़ा है। बेहतर रेल नेटवर्क, सर्वाधिक मेट्रो सेवाएं, देश का पहला इनलैंड वाटरवे और सर्वाधिक एयरपोर्ट वाला राज्य आज उत्तर प्रदेश है। वर्तमान में 16 एयरपोर्ट क्रियाशील हैं, जिनमें चार अंतरराष्ट्रीय हैं और पांचवें नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को जल्द ही प्रधानमंत्री राष्ट्र को समर्पित करेंगे। निवेशकों को सरकार का पूर्ण समर्थन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निवेशकों को आश्वस्त करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार हर परिस्थिति में उनके साथ खड़ी है। यहां जीरो पॉलिटिकल इंटरफेयर, पारदर्शी नीतियां और समयबद्ध इंसेंटिव वितरण सुनिश्चित किया गया है। आइए निवेश करें, उत्पादन करें और समय पर इंसेंटिव प्राप्त करें, यही उत्तर प्रदेश का मॉडल है। उत्तर प्रदेश आज बीमारू नहीं, बल्कि रेवेन्यू सरप्लस राज्य है और विकसित भारत की परिकल्पना को साकार करने में अग्रणी भूमिका निभाने के लिए पूरी तरह तैयार है। विकसित भारत की ओर उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री ने कहा कि फार्मा कॉन्क्लेव उसी संकल्प का हिस्सा है, जिसके तहत उत्तर प्रदेश को फार्मा सेक्टर में मैन्युफैक्चरिंग और इनोवेशन हब के रूप में स्थापित किया जाएगा। एआई, टेलीमेडिसिन, डीप-टेक, मेड-टेक, हेल्थ-टेक और क्लिनिकल रिसर्च को बढ़ावा देने के लिए सरकार पूरी मजबूती के साथ आगे बढ़ रही है। मुख्यमंत्री ने निवेशकों से आह्वान किया कि वे उत्तर प्रदेश की इस विकास यात्रा में … Read more

खेजड़ी बचाओ अभियान को राजे का समर्थन: यह सिर्फ पेड़ नहीं, हमारी पहचान है

बीकानेर राजस्थान में खेजड़ी के पेड़ों की कटाई के विरोध में चल रहे 'खेजड़ी बचाओ आंदोलन' के तहत बीकानेर में सोमवार को महापड़ाव में जन सैलाब उमड़ पड़ा। इस बीच अब पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने भी इन पेड़ों को देववृक्ष बताते हुए कटान के विरोध आवाज उठाई है। उन्होंने राजनीति से ऊपर उठकर संरक्षण के लिए आगे आने की अपील की और खुद को इस मुहिम के साथ बताया। भाजपा की वरिष्ठ नेता ने राजस्थान की लोकोक्ति है का भी जिक्र किया गया जिसमें कहा गया है कि 'यदि सिर देकर भी वृक्ष/प्रकृति की रक्षा हो जाए, तो वह सौदा बहुत सस्ता है।' बीकानेर में जुटे आंदोलनकारियों का आरोप है कि बीकानेर सहित पश्चिमी राजस्थान में सोलर कंपनियां नई परियोजनाएं लगाने के नाम पर बड़े पैमाने पर खेजड़ी के पेड़ काट रही हैं। कई बीघा भूमि पर सौर परियोजना स्थापित करने के लिए जमीन को पूरी तरह साफ किया जाता है। आंदोलनकारियों का यह भी कहना है कि कंपनियां रात के अंधेरे में पेड़ों को काटकर जमीन में दबा देती हैं, ताकि कोई विरोध न कर सके। मंगलवार को 10 राज्यों से करीब एक लाख लोग बीकानेर पहुंचे। खेजड़ी को बचाने के लिए केवल राजस्थान ही नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश, हरियाणा, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश से भी हजारों की संख्या में लोग, विशेषकर महिलाएं पहुंची हैं। वसुंधरा राजे ने कहा- देववृक्ष हैं, मुहिम में साथ हूं इस बीच राजस्थान की पूर्व सीएम वसुंधरा राजे ने खेजड़ी की पूजा करते हुए अपनी एक तस्वीर साझा की और इनके संरक्षण के लिए प्रतिबद्धता जाहिर की। उन्होंने कहा, 'सिर साँठे रूंख रहे तो भी सस्तो जाण। खेजड़ी साधारण पेड़ नहीं, यह हमारे लिए देववृक्ष है। जो हमारी आस्था और भावनाओं से जुड़ा है। हमारे यहां खेजड़ी की पूजा की जाती हैं। मैं स्वयं भी खेजड़ी की पूजा करती हूं। जिसकी हम पूजा करें, उस देवता का संरक्षण हमारा दायित्व है। राजनीति से ऊपर उठकर हमें इसके संरक्षण के लिए आगे आना चाहिए। इसे बचाना चाहिए। मैं खेजड़ी और ओरण (गौचर भूमि) को बचाने की मुहिम में सबके साथ हूं।' बीकानेर बंद और विरोध प्रदर्शन सोमवार को आंदोलन के तहत बीकानेर बंद का आयोजन किया गया जिसका व्यापक असर रहा। शहर के व्यापारिक संगठनों ने आंदोलन को समर्थन देते हुए अपने प्रतिष्ठान दोपहर दो बजे तक बंद रखे। वहीं, शहरी क्षेत्र के सरकारी और निजी स्कूलों में आधे दिन की छुट्टी घोषित की गई। बंद के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस ने शहरभर में पुख्ता इंतजाम किए। इससे पहले सरकार की तरफ से प्रशासन की ओर से वार्ता करने कलेक्टर नम्रता वृष्णि महापड़ाव स्थल पर पहुंची, लेकिन वार्ता विफल रही। महापड़ाव में भीड़ को देखते हुए पुलिस-प्रशासन सतर्क है।   recent visitors 39

डकैती और चोरी के मामलों में मध्यप्रदेश पुलिस को अहम कामयाबी

भोपाल  प्रदेश में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने और अपराधियों के विरूद्ध कार्यवाही करने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा 'जीरो टॉलरेंस' नीति के तहत निरंतर सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। इसी क्रम में पिछले 48 घंटों के भीतर विदिशा और खरगोन पुलिस ने दो अलग-अलग बड़ी वारदातों का खुलासा करते हुए लगभग 1 करोड़ 90 लाख रुपये की संपत्ति बरामद करने में बड़ी सफलता हासिल की है। विदिशा: 1 करोड़ की डकैती का पर्दाफाश, 'डायल-112' की सतर्कता रही निर्णायक विदिशा पुलिस ने थाना त्योदा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम रायखेडी में घटित सनसनीखेज डकैती का सफलतापूर्वक पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई पुलिस ने चार मुख्य आरोपियों और एक विधि-विरुद्ध बालक को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 44 तोला सोना, 1 किलो 300 ग्राम चांदी, 10 लाख रुपये नगद, पांच मोबाइल फोन, एक मोटरसाइकिल, एक देशी कट्टा (.315 बोर) और एक तलवार बरामद की है। जिनकी कुल कीमत लगभग 1 करोड़ रुपये आंकी गई है। इस डकैती के सुराग में सागर जिले के थाना राहतगढ़ क्षेत्र में डायल-112 पुलिस बल की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई निर्णायक साबित हुई। रात्रिकालीन गश्त और रिस्पॉन्स के दौरान गिरोह का एक आरोपी विदिशा से डकैती करके भागने का प्रयास कर रहा था और उसने अपह्त संपत्ति सड़क पर गिरा दी। डायल-112 पुलिस बल ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी को मौके से ही संपत्ति सहित गिरफ्तार कर लिया। इससे प्राप्त महत्वपूर्ण सुरागों के आधार पर आगे की कार्रवाई को दिशा मिली और पूरे गिरोह का पता चला।विदिशा पुलिस की विशेष टीमों ने 300 से अधिक सीसीटीवी कैमरों के विश्लेषण और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर गिरोह के चार सदस्‍यों और एक विधि-विरुद्ध बालक को गिरफ्तारकर उनके कब्जे से संपूर्ण संपत्ति बरामद की है। खरगोन: सूने मकानों में चोरी करने वाले गिरोह से 90 लाख का माल बरामद जिले की बड़वाह पुलिस ने कार्रवाई करते हुए सूने मकानों और दुकानों को निशाना बनाने वाले शातिर गिरोह को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने महज48 घंटों की कड़ी मशक्कत और तकनीकी विश्लेषण के बाद 02 आरोपियों और 01 विधि-विरुद्ध बालक को अभिरक्षा में लिया है। पूछताछ में आरोपियों ने चोरी का सामान कचरे के ढेर में छिपाकर रखना स्‍वीकार किया। आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने 300 ग्राम सोने के बार, 05 किलोग्राम चांदी के बार, अन्य आभूषण और नगदीसहितलगभग 90 लाख रुपये की सामग्री जब्‍त की है। ये दोनों ही कार्यवाहियां मध्यप्रदेश पुलिस की त्वरित प्रतिक्रिया, बेहतर अंतर-जिला समन्वय और आधुनिक तकनीकी विवेचना (CCTV विश्लेषण एवं साइबर सेल) के उत्कृष्ट उदाहरण को दर्शाती हैं। विदिशा में जहां 'डायल-112' और विशेष टीमों के तालमेल ने डकैतों को पकड़ा, वहीं खरगोन में स्थानीय मुखबिर तंत्र और सीसीटीवी फुटेज के सूक्ष्म परीक्षण से चोरों तक पहुँचा जा सका। मध्य प्रदेश पुलिस आम नागरिकों से अपील करती है कि वे अपने आसपास की किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत डायल-112 या नजदीकी थाने पर दें। नागरिकों की सतर्कता ही सुरक्षित समाज की नींव है।   recent visitors 39

वैलेंटाइन डे स्पेशल: मृणाल ठाकुर और धनुष का शादी का ऐलान, अभिनेत्री ने खुद किया खुलासा

मुंबई  बॉलीवुड गलियारों में धनुष और मृणाल ठाकुर के रोमांस के चर्चे हैं. सिर्फ रोमांस ही नहीं, अब तो ये भी कहा जाने लगा कि दोनों शादी कर रहे हैं. कई रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि धनुष और मृणाल 14 फरवरी को शादी के बंधन में बंधने वाले हैं. अब एक्ट्रेस की शादी का सच खुद उन्हीं की जुबानी पता चल गया है. जानते हैं कि शादी की बातों में कितनी सच्चाई है.  धनुष से शादी करेंगी मृणाल? मृणाल ठाकुर कई दफा धनुष संग रिश्ते को लेकर सफाई दे चुकी हैं. पर इस बार लोगों ने उनकी शादी ही फिक्स करा दी. जब उनसे पूछा गया कि क्या वो सच में वैलेंनटाइन डे (14 फरवरी) को धनुष से शादी कर रही हैं? ABP संग बातचीत में एक्ट्रेस ने शादी की खबरों का सच बताया है. उन्होंने कहा कि मुझे किसी ने इनवाइट ही नहीं किया.  एक्ट्रेस से कहा गया कि सोशल मीडिया पर वेडिंग डेट भी आ गई है. वो कहती हैं कि आ गई? मुझे किसी ने इनवाइट ही नहीं किया. मुझे भी बुला लेते. मृणाल से पूछा गया कि अपनी शादी की खबरें आप देख रही होंगी, बताइए कि देखा है या नहीं? इस पर वो कहती हैं कि हां देखा है. ये सब देखकर हंसती भी हूं और उन लोगों को शुक्रिया कहना चाहूंगी, जो लोग मेरा फ्री का पीआर कर रहे हैं. पर वो वैसा नहीं है, जैसा आप समझ रहे हैं. 14 फरवरी को आप खुद ही देख लीजिएगा.  एक्ट्रेस से पूछा गया कि आपको मोहब्बत है या नहीं. इस पर उन्होंने हंसते हुए कहा कि वो पर्सनल सवाल है. उन्होंने कहा कि नहीं है यार… मेरी शादी का न्योता श्रीगणेश और ऑडियंस को सबसे पहले जाएगा.  इन स्टार्स संग भी जुड़ चुका है नाम  ये पहला मौका नहीं है जब मृणाल की शादी की चर्चा हो रही है. इससे पहले बादशाह, शरद त्रिपाठी, अर्जित तनेजा, कुशाल टंडन और सिद्धांत चतुर्वेदी संग भी उनका नाम जोड़ा चुका है. यही नहीं, कुछ महीने पहले उन्हें क्रिकेटर श्रेयस अय्यर संग भी लिंकअप किया जा रहा था. लेकिन हर बार उनके लिंकअप की खबरें अफवाह निकलीं.  अब देखते हैं कि 14 फरवरी को मृणाल, धनुष की दुल्हन बनेंगी या ये भी अफवाह होगी. वर्कफ्रंट की बात करें, तो मृणाल, सिद्धांत चतुर्वेदी के साथ 'दो दीवाने सहर में' में नजर आएंगी. फिल्म 20 फरवरी को रिलीज हो रही है.  recent visitors 41

अवैध शराब के खिलाफ अभियान तेज, मध्यप्रदेश पुलिस की सख्त कार्रवाई

भोपाल. मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा अवैध शराब के निर्माण, परिवहन एवं विक्रय के विरुद्ध निरंतर वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। श्योपुर एवं कटनी जिलों में अलग-अलग मामलों में पुलिस ने अवैध शराब के विरूद्ध कार्रवाई कर 67 लाख 34 हजार रूपये की शराब एवं वाहन जब्‍त कर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। श्योपुर जिले में की गई कार्रवाई के तहत थाना देहात पुलिस ने राजस्थान–श्योपुर सीमा क्षेत्र में नाकाबंदी कर एक संदिग्ध ट्रक को रोका। वाहन की तलाशी लेने पर ट्रक से अंग्रेजी शराब की 635 पेटियां, कुल 4863 बल्क लीटर अवैध शराब प्राप्‍त हुई, जिसे ट्रक सहित जब्‍त किया गया। जब्‍त की गई शराब और ट्रक की अनुमानित कीमत 58 लाख 90 हजार रूपए है। प्रकरण में 02 आरोपियों को गिरफ्तार कर आबकारी अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई है। कटनी जिले में मुखबिर से सूचना प्राप्‍त हुई कि एक कार से कुछ व्‍यक्ति अवैध शराब लेकर कटनी की ओर आ रहे हैं। सूचना पर पुलिस ने ग्राम देवरी टोला पर वाहन चेकिंग लगाई। इस दौरान एक संदिग्ध कार को रोकने का प्रयास करने पर चालक द्वारा वाहन को तेज गति से बायपास रोड मैहर की ओर ले गए। पुलिस टीम द्वारा पीछा करने पर आरोपी वाहन को खड़ा करके फरार हो गए। मौके पर खड़ी कार की तलाशी लेने पर उसमें देशी मदिरा की 24 पेटियां, कुल 216बल्क लीटर अवैध शराब प्राप्‍त हुई। जिसे कार सहित (अनुमानित कीमत लगभग 8 लाख 44 हजाररूपए), जब्‍त किया गया। विवेचना के दौरान 01 आरोपी को गिरफ्तार कर आबकारी अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। दोनों मामलों में अवैध शराब की आपूर्ति एवं परिवहन से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच की जा रही है।   recent visitors 27

सोना समेत दुर्लभ खनिज मिलने के दिखे संकेत, अरावली की गोद में छिपा ‘खजाना’

उदयपुर. अरावली की गोद में छिपा खजाना अब सामने आने को है। उदयपुर-सिरोही-आबूरोड से जुड़ी अंबाजी (गुजरात) की पर्वत श्रृंखला में 100 मिलियन टन से अधिक दुर्लभ खनिज भंडार होने का आकलन किया गया है। कॉपर, गोल्ड, लेड, जिंक और सिल्वर जैसे कीमती खनिजों की मौजूदगी ने क्षेत्र को देश के बड़े माइनिंग हॉटस्पॉट के रूप में उभारा है। इसी संभावनाओं को धरातल पर उतारने के लिए गुजरात मिनरल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (जीएमडीसी) ने मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय उदयपुर के भू-विज्ञान विभाग के साथ रिसर्च और कंसलटेंसी का एमओयू किया है। दो साल के इस करार के तहत अंबाजी क्षेत्र में खनिज खोज और माइनिंग की कवायद शुरू की है। भू-विज्ञान विभाग के वैज्ञानिकों की देखरेख में 1840 हेक्टेयर क्षेत्र में खनन की योजना बनाई गई है। इसमें पहले चरण में करीब 140 हेक्टेयर क्षेत्र शामिल है। इस परियोजना के लिए जीएमडीसी ने एक विशेष सोसायटी गठित कर उदयपुर के वैज्ञानिकों को खनिजों की खोज और उनके फैलाव के वैज्ञानिक आकलन की जिम्मेदारी सौंपी है। विशेषज्ञों की टीम संभालेगी कमान इस परियोजना का नेतृत्व भू-विज्ञान विभाग के रिटायर्ड प्रो. हर्ष भू और प्रो. रितेश पुरोहित कर रहे हैं। उनके मार्गदर्शन में डॉ. हरीश कपासिया, डॉ. निरंजन मोहंती, डॉ. टी.के. बिनवाल और प्रो. के.के. शर्मा की टीम काम कर रही है। शोध कार्य के लिए विभाग की अत्याधुनिक लैब का उपयोग किया जाएगा, वहीं भू विज्ञान विभाग के ही 7 विद्यार्थियों को प्लेसमेंट देकर उन्हें सीधे रिसर्च से जोड़ा गया है। प्रकृति और आस्था रहेगी सुरक्षित खनन को लेकर पर्यावरणीय चिंताओं पर प्रो. रितेश पुरोहित ने कहा कि अंबाजी क्षेत्र पहाड़ों, जंगलों और मंदिरों से घिरा हुआ है, इसलिए प्रकृति से किसी भी तरह की छेड़छाड़ नहीं की जाएगी। ज्यादातर खनन कार्य अंडरग्राउंड होगा, जिससे पहाड़ और वन क्षेत्र सुरक्षित रहेंगे। राजस्थान के लिए भी खुलेंगे नए द्वार भू-विज्ञान वैज्ञानिकों का मानना है कि अंबाजी की पर्वत श्रृंखला राजस्थान के सिरोही समेत कई जिलों से होकर गुजरती है। ऐसे में यहां दुर्लभ खनिजों की अपार संभावनाएं मौजूद हैं। अरावली की चट्टानों में छिपे इस खजाने की वैज्ञानिक खोज न केवल क्षेत्र की आर्थिक तस्वीर बदल सकती है, बल्कि सुरक्षित और संतुलित माइनिंग का नया मॉडल भी पेश कर सकती है। recent visitors 37

मुख्य सचिव ने रेल परियोजनाओं की समीक्षा की

रायपुर. मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में छत्तीसगढ़ में स्थित रेल परियोजनाओं संबंधी समीक्षा बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में राज्य की प्रमुख रेल परियोजनाओं के कार्यों की गति, नई रेल्वे लाईनों के कार्यों की स्थिति, सहित परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण और फारेस्ट क्लीयरेंस, सर्वे, मुआवजा अवार्ड, जमीन के बदले जमीन, नामांतरण जैसे अहम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। मुख्य सचिव ने कलेक्टरों से कहा कि जहां पर रेल परियोजनाएं हैं वहां अपने स्तर पर रेल्वे परियोजनाओं के लिए जरूरी कार्यवाही शीघ्रता से पूर्ण करें, जिससे रेल्वे अपनी के काम की शुरूआत कर सकें। इसी तरह से सीएसईबी द्वारा विद्युत उपयोगिताओं के स्थानांतरण हेतु संयुक्त सर्वें एवं स्टीमेट के कार्यों में तेजी लाने कहा गया है।  बैठक में जिला मनेन्द्रगढ़ एवं सूरजपुर के अंतर्गत बोरीढांड रेल्वे लाईन दोहरीकरण, बिलासपुर-दाधापारा-बिल्हा-दागोरी चौथी लाईन परियोजना, कोरबा-बलौदा-राजनांदगांव परियोजना, निपनिया-भाटापारा चौथी लाईन सहित रावघाट-जगदलपुर नई सिंगल लाईन सहित राज्य की अन्य रेल परियोजनाओं के कार्यों की विस्तार से चर्चा की गई। सामान्य प्रशासन विभाग एवं रेल परियोजनाओं के सचिव रजत कुमार, लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, ऊर्जा विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव सहित रेल्वे, वन विभाग, राजस्व विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। बैठक में रायपुर, रायगढ़, राजनांदगांव, बिलासपुर, दुर्ग, बस्तर, कोण्डागांव, नारायणपुर, कांकेर जिले के कलेक्टर वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम शामिल हुए। recent visitors 49