उप मुख्यमंत्री शुक्ल का बयान: पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत की वैश्विक साख मजबूत

प्रधानमंत्री  मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में वैश्विक मंच पर सशक्त हुआ भारत : उप मुख्यमंत्री शुक्ल भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका का व्यापार समझौता भरोसेमंद और दूरदर्शी साझेदारी संबंधों का सशक्त प्रतिबिंब भोपाल  उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी और निर्णायक नेतृत्व में भारत वैश्विक मंच पर आत्मविश्वासी और प्रभावशाली शक्ति बना है। आर्थिक सुधारों, वैश्विक सहयोग और सतत विकास के प्रति प्रधानमंत्री  मोदी की प्रतिबद्धता ने भारत को अंतर्राष्ट्रीय समुदाय में विश्वसनीय भागीदार के रूप में स्थापित किया है। उन्होंने कहा कि भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच संपन्न हुआ व्यापार समझौता दोनों देशों के बीच गहरे, भरोसेमंद और दूरदर्शी साझेदारी संबंधों का सशक्त प्रतिबिंब है। यह समझौता द्विपक्षीय व्यापार को नई गति प्रदान करेगा तथा निवेश, नवाचार और औद्योगिक सहयोग के लिए नए अवसरों के द्वार खोलेगा। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि यह ऐतिहासिक समझौता रोजगार सृजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा और प्रमुख क्षेत्रों में आर्थिक संबंधों को और अधिक मजबूत करेगा। इससे दोनों देशों के बीच आर्थिक सहभागिता को नई ऊँचाइयाँ मिलेंगी। यह व्यापार समझौता भारत की विकास यात्रा को और तेज करेगा, वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता को सुदृढ़ करेगा तथा दीर्घकालिक आर्थिक समृद्धि में सार्थक योगदान देगा। यह अंतर्राष्ट्रीय सहयोग को मजबूत करने और भारत के समग्र विकास लक्ष्यों को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।   recent visitors 33

रेलवे विकास के लिए बड़ा आर्थिक पैकेज! डबल इंजन सरकार ने छत्तीसगढ़ को दिए 7,470 करोड़, सीएम साय खुश

रायपुर  छत्तीसगढ़ में रेलवे अधोसंरचना विकास के लिए 7,470 करोड़ के ऐतिहासिक बजट प्रावधान किए जाने पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि डबल इंजन सरकार के सतत प्रयासों से छत्तीसगढ़ में आज रेलवे क्षेत्र में अभूतपूर्व परिवर्तन परिलक्षित हो रहा है। वर्ष 2009–14 के दौरान वार्षिक औसत 311 करोड़ की तुलना में 2026–27 में 7,470 करोड़ का बजट प्रावधान लगभग 24 गुना वृद्धि का रिकॉर्ड है। वर्तमान में राज्य में 51,080 करोड़ के रेल कार्य प्रगति पर हैं, जिनमें नए ट्रैक निर्माण, स्टेशनों का पुनर्विकास तथा सुरक्षा उन्नयन जैसे महत्वपूर्ण कार्य शामिल हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सुदूर वनांचल बस्तर में जगदलपुर को जोड़ने वाले रावघाट–जगदलपुर रेल प्रोजेक्ट का प्रारंभ होना बस्तर के जनजातीय समाज के लिए केंद्र सरकार की ओर से एक अमूल्य उपहार है, जो क्षेत्रीय विकास की नई राह प्रशस्त करेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि परमलकसा–खरसिया कॉरिडोर के साथ-साथ नए फ्रेट कॉरिडोर को भी स्वीकृति प्रदान की गई है। इन परियोजनाओं से आने वाले समय में छत्तीसगढ़ में यात्री गाड़ियों की संख्या आने वाले समय में लगभग  दोगुनी हो जाएगी। उन्होंने कहा कि अमृत स्टेशन योजना के अंतर्गत राज्य के 32 रेलवे स्टेशनों का आधुनिकीकरण किया जा रहा है, जिनमें डोंगरगढ़ (फेज-I), अंबिकापुर, भानुप्रतापपुर, भिलाई और उरकुरा जैसे स्टेशन पूर्ण हो चुके हैं। इसके साथ ही राज्य में वंदे भारत एक्सप्रेस की 2 जोड़ी तथा अमृत भारत एक्सप्रेस की 1 जोड़ी सेवाएँ यात्रियों को तेज, सुरक्षित और आधुनिक रेल सुविधा प्रदान कर रही हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि वर्ष 2014 से अब तक लगभग 1,200 किलोमीटर नए रेल ट्रैक का निर्माण, 100 प्रतिशत विद्युतीकरण, 170 फ्लाईओवर/अंडरपास तथा ‘कवच’ जैसी आधुनिक सुरक्षा प्रणालियों की स्थापना से रेल सुविधा के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो रहा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ की जनता की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को इन युगांतकारी पहलों के लिए हृदय से धन्यवाद दिया है। उन्होंने कहा कि यह विकास केवल रेल पटरियों तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे प्रदेश के व्यापार, पर्यटन, उद्योग, रोजगार और आमजन के जीवन में नई ऊर्जा का संचार हो रहा है। recent visitors 29

एप्स्टीन घोटाले की कहानी: सर्वाइवर ने उजागर किया रोजाना 10 लड़कियों का शोषण

न्यूयॉर्क दुनिया में अगर सबसे घिनौने अपराधों की बात की जाए, तो एप्स्टीन फाइल का नाम जरूर आता है. जेफ्री एप्स्टीन की काली दुनिया परत दर परत खुल रही है और कई बड़े नाम इस जाल में सामने आते जा रहे हैं. एप्स्टीन का निजी द्वीप लिटिल सेंट जेम्स, जिसे मीडिया एप्स्टीन आइलैंड कहता है, उसके अपराधों का केंद्र था. यहीं नाबालिग लड़कियों को ले जाकर उनका शोषण किया जाता था. अब पीड़िताओं की आवाजें दुनिया तक पहुंच रही हैं, और इन्हीं में से एक हैं मरीना लसेर्डा, जिन्हें 2019 के इंडिक्टमेंट में माइनर विक्टिम-1 कहा गया था. ब्राजील से न्यूयॉर्क तक, एक बच्ची का डरावना सफर मरीना ने अपनी कहानी कई वेस्टर्न मीडिया संस्थानों में बताई है. उनका कहना है कि वे ब्राजील से अमेरिका आईं और न्यूयॉर्क में अपनी मां और बहन के साथ एक छोटे कमरे में रहती थीं. परिवार चलाने के लिए चौदह साल की उम्र में तीन नौकरियां कर रही थीं.इसी दौरान एक दोस्त ने उन्हें काम का लालच दिया. 300 डॉलर मिलेंगे… बस एक 'बड़े आदमी' को मसाज देनी है. वह 'बड़ा आदमी' एप्स्टीन था. उसका न्यूयॉर्क टाउनहाउस मरीना के जीवन का सबसे खतरनाक मोड़ बन गया. पहली मुलाकात में ही मसाज का बहाना यौन शोषण में बदल गया. मरीना इसे 'ड्रीम जॉब से वर्स्ट नाइटमेयर' बताती हैं. 14 से 17 की उम्र. लगातार शोषण और डर करीब तीन साल तक मरीना एप्स्टीन के जाल में फंसी रहीं.वह उन्हें बार-बार बुलाता था. उनसे और कम उम्र की लड़कियां लाने को कहता था. स्कूल आईडी देखकर उम्र की पुष्टि करता था.एप्स्टीन के घर में रोज़ 5 से 10 लड़कियां आती-जाती थीं.एक बार मरीना 18 साल की लड़की ले आईं, तो वह गुस्से से चिल्लाया-ये तो बहुत बड़ी है.मरीना ने बताया कि उन्होंने एप्स्टीन को डोनाल्ड ट्रंप के साथ कई बार देखा, लेकिन वह कहती हैं कि उनका ध्यान हमेशा अपने ऊपर हो रहे अत्याचार को सहने पर रहता था. 2008 की चुप्पी और 2019 में खुलता सच 2008 में FBI ने मरीना से संपर्क किया था. वह ग्रैंड ज्यूरी के सामने सच बोलने के लिए तैयार थीं, लेकिन एप्स्टीन ने नॉन-प्रोसिक्यूशन एग्रीमेंट कर लिया और मरीना की आवाज उस समय दबा दी गई.मरीना आज भी कहती हैं कि अगर उन्हें 2008 में बयान देने दिया जाता, तो कई लड़कियां आज दर्द से बच सकती थीं. 2019 में जब केस दोबारा खुला, तो मरीना की गवाही एप्स्टीन पर लगे सेक्स ट्रैफिकिंग के आरोपों की रीढ़ साबित हुई. हालांकि एप्स्टीन की मौत जेल में हो गई, लेकिन फाइलें अब भी कई सवालों से घिरी हैं.सितंबर 2025 में मरीना पहली बार सार्वजनिक रूप से सामने आईं. कैपिटल हिल की प्रेस कॉन्फ्रेंस ने दुनिया का ध्यान खींचा. उन्होंने कहा था कि एप्स्टीन फाइलें पूरी तरह जारी करो. आधे सच से न्याय नहीं मिलता.अब 37 साल की मरीना एप्स्टीन सर्वाइवर्स की एक मजबूत आवाज बन चुकी हैं.उनकी लड़ाई सिर्फ अपने लिए नहीं, बल्कि उन सभी लड़कियों के लिए है जिन्हें सालों तक खामोश रखा गया. recent visitors 49

लोकसभा में जोरदार हंगामा, राहुल गांधी के बयान पर भड़के सांसद, स्पीकर की ओर उछले कागज

नई दिल्ली लोकसभा में आज लगातार दूसरे दिन राहुल गांधी की स्पीच पर हंगामा खड़ा हो गया। इसके बाद सदन की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी है। हुआ यूं कि राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा में भाग लेते हुए नेता विपक्ष राहुल गांधी जैसे ही खड़े हुए और उन्होंने अपनी बात रखनी शुरू की, उन्होंने फिर से राष्ट्रीय सुरक्षा का मुद्दा उठाना चाहा और कल की बात फिर से दोहराते हुए कहा कि यह चीन और पाकिस्तान के साथ जुड़ा राष्ट्रीय सुरक्षा का विषय है। इस पर संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने आपत्ति जताते हुए कहा कि नेता विपक्ष सदन को गुमराह कर रहे हैं। स्पीकर की बैठक में हूई बातचीत का जिक्र करते हुए रिजिजू ने कहा कि हम यहां सुनने के लिए बैठे हैं लेकिन उन्हें विषय को छोड़ना चाहिए। राहुल गांधी इस पर रुके नहीं और उन्होंने फिर से नरवणे के संस्मरण का मुद्दा उठाया और आरोप लगाया कि उन्हें बोलने नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने कहा, "मैं विपक्ष का नेता हूं, मुझे बोलने दिया जाए।" इसके बाद उन्होंने कहा कि अगर आर्टिकल पर ऐतराज है, तो नहीं बोलूंगा। इसके बाद राहुल गांधी ने चीन का जिक्र किया और कहा कि ईस्टर्न लद्दाख में भारतीय सैनिक मारे गए। इसी दौरान किसी सदस्य ने चेयर को संबोधित करते हुए यार बोल दिया। इस पर चेयर ने फटकार लगाते हुए कहा कि यह संसद है। उस समय आसन पर कृष्णा प्रसाद तेन्नेटी बैठे थे। इस यार के मुद्दे पर लोकसभा में हंगामा होने लगा। दूसरी तरफ विपक्षी सांसद भी इस बात से भड़क उठे कि नेता विपक्ष को बोलने नहीं दिया जा रहा है। इसी दौरान आसन की तरफ पेपर भी फेंके गए। recent visitors 38

IASE महोत्सव का समापन समारोह, खेल और सांस्कृतिक गतिविधियों में भारती-योगेन्द्र रहे अव्वल

IASE के खेल एवं सांस्कृतिक महोत्सव का समापन, भारती, योगेन्द्र बने कॉलेज कलर   बिलासपुर   उन्नत शिक्षा अध्ययन संस्थान, बिलासपुर में खेल एवं सांस्कृतिक महोत्सव सत्र 2025-26  का आयोजन हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ। इस अवसर पर मुख्य अतिथि नगर विधायक अमर अग्रवाल एवं विशिष्ट अतिथि  डॉ तारणीश गौतम, कुलसचिव अटल बिहारी विश्वविद्यालय बिलासपुर, उपस्थित रहे।    प्राचार्य प्रो मीता मुखर्जी ने अतिथियों का अभिनंदन किया। प्रशिक्षार्थियों ने प्रतीक पुष्प लगाकर अतिथियों का स्वागत किया। समारोह में राजगीत, स्वागत गीत, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां एवं विविध प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिसमें प्रशिक्षार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। अतिथियों का परिचय महाविद्यालय के सहायक प्राध्यापक सौरभ सक्सेना ने दिया वहीं महाविद्यालय की उपलब्धियों का प्रतिवेदन प्राचार्य प्रो मीता मुखर्जी ने प्रस्तुत किया। प्रशिक्षार्थी प्रतिनिधि के रूप गजेन्द्र सिंह ने समस्या एवं आवश्यकता से संबंधित मांग पत्र का वाचन कर मांगपत्र सौंपा। मास्टर आफ सेरेमनी करीम खान के निर्देशन में शानदार मार्च-पास्ट एवं रीट्रीट के माध्यम से अतिथियों का सम्मान किया गया।  प्रशिक्षार्थियों का प्रतिनिधित्व महाविद्यालय ध्वज के साथ तिलक राम प्रधान ने किया तथा अनुराग खेस एवं तोशिबा जांगड़े ने सत्यम, अरविंद कुमार एवं नैनसी टोप्पो ने शिवम्, हीरा सिंह एवं हिमाद्री वास्तव ने सुंदरम तो वहीं मधुरम निकेतन अंकुर आशीष एवं माया दत्ता के नेतृत्व में मार्च-पास्ट का प्रदर्शन किया। बैंड वादन में  सूरज ध्रुव, रूपेश चंद्रा,  वेदप्रकाश पाटले,अल्पना तिग्गा, भावेश कुमार, खेमराज राठिया, संतोष कश्यप, अमर मलिक, राकेश कुमार, नीला सिदार, दिनेश पैकरा की टीम ने महती भूमिका निभाई।             सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रतियोगिता में "मधुरम" ने प्रथम एवं "सुंदरम" ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया, जिसे मुख्य एवं विशिष्ट अतिथि द्वारा पुरस्कृत किया गया। वहीं खेल प्रतियोगिता में 97 अंको के साथ शिवम निकेतन विजेता एवं‌ 56 अंकों के साथ सत्यम निकेतन उपविजेता रहा।  विशेष आकर्षण मार्च-पास्ट एवं सुरिली कुर्सी दौड़ प्रतियोगिता रही, जिसके विजेताओं को भी सम्मानित किया गया। मार्च-पास्ट में शिवम निकेतन विजेता रहा तो सुंदरम उपविजेता रहा। दलीय खेल एवं व्यक्तिगत खेलों के विजेताओं को प्रशस्ति पत्र एवं शील्ड तथा कप से सम्मानित किया गया। व्यक्तिगत खेलों के पुरुष वर्ग में सर्वाधिक अंक अर्जित कर  कालेज कलर से  सम्मानित हुए, तो वहीं शिवम् की भारती महिला वर्ग में कालेज कलर से सम्मानित हुई। अपने उद्बोधन में विशिष्ट अतिथि डॉ तारणीश गौतम ने कहा कि शिक्षकों को केवल पाठ्यक्रम तक सीमित न रहकर सांस्कृतिक एवं खेल गतिविधियों में भी सक्रिय भागीदारी निभानी चाहिए। मुख्य अतिथि माननीय अमर अग्रवाल ने मांगपत्र पर सकारात्मक आश्वासन दिया।अपने संबोधन में प्रशिक्षार्थियों को प्रेरित करते हुए  कहा कि शिक्षा केवल ज्ञान अर्जन का माध्यम नहीं, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण का सशक्त साधन है। उन्होंने शिक्षकों की समाज में महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया।    कार्यक्रम के अंत में प्राचार्य प्रो मीता मुखर्जी ने आगामी प्रतियोगिता तक ध्वज सुरक्षित रखने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का संचालन डॉ अजिता मिश्रा एवं समन्वयक करीम खान ने किया एवं डॉ अजिता मिश्रा द्वारा ही आभार प्रदर्शन भी किया गया और अंत में मैत्री प्रयाण के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।     कार्यक्रम में विशेष रूप से नगर के सुप्रसिद्ध मेकअप आर्टिस्ट दम्पति मती  अंजना खरे एवं अतुल कांत खरे,सेवानिवृत्त आचार्य डॉ उषामणि , डॉ छाया शर्मा, डॉ राजेन्द्र तिवारी, मती नुपुर कुजूर, सु आशा बनाफर सहित महाविद्यालय से मती अंजना अग्रवाल, मती मनीषा वर्मा, डॉ अजिता मिश्रा,एन एम रिज़्वी, डॉ संजय आयदे, डॉ रजनी यादव,डॉ नीला चौधरी, सौरभ सक्सेना, मती सुनीता बानी, संजय शर्मा, डॉ संगीता वास्तव,  डॉ सलीम जावेद, डॉ विद्याभूषण शर्मा, मती राजकुमारी महेन्द्र, डॉ वंदना रोहिल्ला, मती रश्मि पाण्डेय,डॉ गीता जायसवाल, मती सोनल जैन, जितेन्द्र साहू, डॉ दुष्यंत चतुर्वेदी, मती निधि शर्मा, मती संतोषी फर्वी,अश्वनी भास्कर, कमल देवांगन, भगवती कश्यप, गीतू गुरुदिवान, मुरारी यादव, मिरे, रईस, अभिनव, किशोर खिलेन्द्र, पूनम आदि आचार्यवृंद एवं कार्यालयीन स्टाफ तथा समस्त प्रशिक्षार्थी उपस्थिति थे । recent visitors 31

वर्ल्ड कप 2026 बना ‘ग्लोबल इंडिया’ का मंच, कई विदेशी टीमों की रीढ़ बने भारतीय मूल के खिलाड़ी

नई दिल्ली टी20 विश्व कप में कई टीमों में भारतीय मूल के क्रिकेटरों की भरमार है जो सात फरवरी से होने वाले टूर्नामेंट में अपनी 'घरेलू धरती' पर प्रभाव छोड़ने के लिए पुरजोर कोशिश करेंगे। विदेशी टीमों में भारतीय मूल के तीन दर्जन से भी अधिक क्रिकेटर हैं, जिनमें कनाडा और अमेरिका सबसे आगे हैं। मुंबई में जन्मे अमेरिकी तेज गेंदबाज सौरभ नेत्रवलकर जैसे खिलाड़ी के लिए वानखेड़े स्टेडियम में भारत के खिलाफ खेलना एक यादगार पल होगा। जिस देश में उन्होंने जन्म लिया वह उसकी तरफ से तो नहीं खेल पाए, लेकिन अपने बचपन की इस धरती पर वापसी के लिए भावुक हैं।   फगवाड़ा में जन्मे इटली के तेज गेंदबाज जसप्रीत सिंह भी उस देश में शीर्ष स्तर की क्रिकेट खेलने के लिए बेताब हैं, जिसे उन्होंने किशोरावस्था में ही छोड़ दिया था। नीदरलैंड के ऑफ स्पिनर आर्यन दत्त का जन्म भारत में नहीं हुआ, लेकिन वह भी अपने मूल देश में खेलने को लेकर उत्साहित हैं। आईसीसी की इस प्रतियोगिता में भाग लेने वाली 20 टीमों में कनाडा की टीम में भारतीय मूल के खिलाड़ियों की संख्या सबसे अधिक है। कनाडा की टीम में 11 खिलाड़ी भारतीय मूल के हैं, जबकि अमेरिका की टीम में 9 ओमान की टीम में 7 और यूएई की टीम में भी 7 खिलाड़ी भारतीय मूल के शामिल हैं। मेजबान भारत अपनी घरेलू धरती पर खिताब का बचाव करने की कोशिश करेगा, लेकिन कई अन्य टीमों में भी 'भारतीय दबदबा' देखने को मिलेगा। हम यहां पर भारतीय मूल के कुछ क्रिकेटरों पर नजर डाल रहे हैं जो कि टूर्नामेंट में प्रभाव छोड़ सकते हैं। सौरभ नेत्रवलकर: भारत के लिए अंडर-19 क्रिकेट खेल चुके अमेरिका के बाएं हाथ के तेज गेंदबाज नेत्रवलकर विश्व कप के पहले मैच में भारत का सामना करने के लिए मुंबई पहुंच चुके हैं। उन्होंने पिछले विश्व कप में अच्छा प्रदर्शन किया था। सॉफ्टवेयर इंजीनियर के रूप में काम करने वाले इस 34 वर्षीय खिलाड़ी ने पिछली बार बहुत अच्छा प्रदर्शन किया था जिससे अमेरिका की टीम ने पाकिस्तान जैसी टीमों को हराकर सुपर आठ के लिए क्वालीफाई किया था। नेत्रवलकर भारत की अधिक चुनौतीपूर्ण पिचों पर खेलने के लिए बेताब हैं, लेकिन सात फरवरी को वानखेड़े में मुंबई टीम के अपने पूर्व साथी सूर्यकुमार यादव के खिलाफ मैदान में उतरते समय उन्हें अपनी भावनाओं पर काबू रखने की कोशिश करनी होगी। मोनांक पटेल: भारत के खिलाफ टूर्नामेंट के पहले मैच में अमेरिका की कप्तानी आनंद में जन्मे मोनांक पटेल करेंगे, जिन्होंने पिछले विश्व कप में पाकिस्तान के खिलाफ मैच विजेता अर्धशतक लगाकर अपनी छाप छोड़ी थी। यह 32 वर्षीय सलामी बल्लेबाज गुजरात अंडर-19 टीम के अपने पूर्व साथी जसप्रीत बुमराह का सामना करने के लिए उत्सुक है। वह मैदान के बाहर अपने बचपन के दिनों को याद कर रहे हैं। बुमराह दुनिया के सर्वश्रेष्ठ तेज गेंदबाजों में से एक बन गए हैं और मोनांक को किशोरावस्था में ही इसका पता चल गया था। मोनांक ने कहा, ''हमने साथ में लाल गेंद और सफेद गेंद दोनों तरह की क्रिकेट खेली है और वह वाकई बहुत खास पल थे। वह मेरे क्रिकेट करियर का शुरुआती दौर था और तब भी जिस तरह से हम खेल रहे थे, विशेषकर जिस तरह से जसप्रीत प्रदर्शन कर रहा था, हम जानते थे कि उसमें वो खास हुनर ​​है और वह आगे चलकर जरूर बड़ा खिलाड़ी बनेगा।'' जसप्रीत सिंह: इटली के फगवाड़ा में जन्मे जसप्रीत सिंह पर भी लोगों की निगाहें टकी रहेंगी। यह 32 वर्षीय खिलाड़ी 2006 में अपने परिवार के साथ मिलान चला गया था। उन्होंने इटली में टेप-बॉल क्रिकेट से अपने करियर की शुरुआत की और 2016-17 में लाल गेंद की क्रिकेट में कदम रखा और फिर 2019 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया। आईसीसी प्रतियोगिता में खेलने का मौका मिलना उस तेज गेंदबाज के लिए सपने जैसा है, जो कुछ समय पहले तक आजीविका के लिए उबर ड्राइवर के रूप में काम करता था। आर्यन दत्त: आर्यन दत्त को 2023 में वनडे विश्व कप के दौरान भारतीय प्रशंसकों के सामने खेलने का अनुभव है। नीदरलैंड की टीम में भारतीय मूल के एकमात्र क्रिकेटर 22 वर्षीय आर्यन दत्त का लक्ष्य प्रतियोगिता में अच्छा प्रदर्शन करके शीर्ष टीमों को हैरान करना है। दत्त का परिवार 1980 के दशक में पंजाब से नीदरलैंड चला गया था। भारत में अब भी उनके परिवार के कुछ सदस्य रहते हैं। दिलप्रीत बाजवा: गुरदासपुर में जन्में बाजवा 2020 में ही कनाडा गए थे और छह साल बाद वह कनाडा की टीम के कप्तान के रूप में भारत आए हैं। पंजाब में आयु वर्ग की क्रिकेट में ढेरों रन बनाने के बावजूद बाजवा को वह अवसर नहीं मिले जिनकी उन्हें उम्मीद थी। हालांकि, उन्होंने निराशा को अपने ऊपर हावी नहीं होने दिया और कम प्रतिस्पर्धी माहौल में अपनी क्रिकेट यात्रा जारी रखी। कनाडा ग्लोबल टी20 लीग में मिली सफलता से उन्होंने कनाडा की टीम में जगह बनाई और फिर कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। यह 23 वर्षीय यह खिलाड़ी 2024 के टी20 विश्व कप में भी कनाडा की टीम का हिस्सा था। जतिंदर सिंह: बाजवा की तरह लुधियाना में जन्मे जतिंदर भी अपने नए देश ओमान की टीम की कप्तानी करेंगे। यह 36 वर्षीय खिलाड़ी एक दशक से अधिक समय से क्रिकेट खेल रहा है, लेकिन उन्हें भारत में खेलने का अवसर कभी नहीं मिला। ओमान के सभी लीग मैच श्रीलंका में होने के कारण जतिंदर के लिए अपनी जन्मभूमि में खेलने का सपना पूरा कर पाना मुश्किल लग रहा है।   recent visitors 44

अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला आएंगे, छत्तीसगढ़ के पहले अंतरिक्ष केंद्र का होगा शुभारंभ

रायपुर. सीएम विष्णु देव साय आज कई कार्यक्रमों में शामिल होंगे. वे “प्रोजेक्ट अंतरिक्ष संगवारी” का शुभारंभ करेंगे. इसके बाद  मंत्रालय में विभागीय बैठक भी लेंगे. इसके अलावा सीएम साय 37वीं फेडरेशन कप बॉलीवॉल चैंपियनशिप 2026 का भी उद्घाटन करेंगे. छत्तीसगढ़ को आज पहला अंतरिक्ष केंद्र मिलने जा रहा है. नवा रायपुर में सीएम साय अंतरिक्ष केंद्र का शुभारंभ करेंगे. इस अवसर पर गगनयान मिशन के नायक अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला छत्तीसगढ़ आएंगे और छात्रों से सीधा संवाद करेंगे. “प्रोजेक्ट अंतरिक्ष संगवारी” के तहत छात्रों को स्पेस रिसर्च का प्रशिक्षण मिलेगा. नवा रायपुर में सैटेलाइट निर्माण, टेस्टिंग और ट्रैकिंग की सुविधा विकसित की गई है, जिससे छत्तीसगढ़ को भविष्य के स्पेस टेक्नोलॉजी हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में कदम बढ़ेगा. recent visitors 31