लोकसभा में भारी बवाल, चेयर पर कागज़ उछालने पर सांसदों को पूरे सत्र के लिए निलंबन

नई दिल्ली संसद की कार्यवाही के दौरान मंगलवार को जमकर हंगामा देखने को मिला. राहुल गांधी को टोके जाने से व‍िपक्ष के सांसद इतने नाराज हो गए क‍ि उन्‍होंने लोकसभा स्‍पीकर के ऊपर कागज उछाल द‍िया. इसके बाद स्‍पीकर ने 8 सांसदों को सस्‍पेंड कर द‍िया है. ज‍िन सांसदों पर कार्रवाई की गई है, इनमें कांग्रेस से मणिकम टैगोर , गुरजीत सिंह औजला, अमरिंदर राजा वड़िंग, हिबी ईडन, किरन रेड्डी, प्रशांत पोडोले, एस. वेंकटेशन और डीन कोरियाकोस शामिल हैं. इन्‍हें पूरे सत्र के लिए निलंबित किया गया है. लोकसभा में पीठासीन की ओर पेपर उछालने वाले आठ विपक्षी सांसदों को बजट सत्र से निलंबित कर दिया है. विपक्षी सांसदों के निलंबन के बाद सदन में भारी हंगामा हो गया इसके बाद स्पीकर ने लोकसभा की कार्यवाही को बुधवार सुबह तक के लिए स्थगित कर दिया. वहीं, विपक्षी सांसदों को निलंबित किए जाने के विरोध में विपक्षी दल राहुल-प्रियंका के साथ मिलकर संसद परिसर में प्रदर्शन कर रहे हैं.  दरअसल, मंगलवार को लोकसभा में विभिन्न मुद्दों पर चर्चा के दौरान विपक्ष के सदस्यों ने अचानक हंगामा शुरू कर दिया और स्पीकर की कुर्सी की ओर पेपर फेंके. इसके बाद स्पीकर ने कार्यवाही को तीन बजे तक के लिए स्थगित कर दिया था. ध्वनिमत से पारित हुआ प्रस्ताव इसके बाद जैसे ही लोकसभा की कार्यवाही तीन बजे चौथी बार शुरू हुई तो इस अनुशासनहीन व्यवहार को लेकर पीठासीन ने पेपर उछालने वाले सदस्यों को नेम करने की बात कही. इस पर संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने पेपर उछालने वाले सदस्यों को बाकी सत्र के लिए निलंबित करने का प्रस्ताव पेश किया, जिसे सदन ने ध्वनिमत से पारित कर दिया. सभी सांसद संसद के सामने प्रदर्शन कर रहे हैं. न‍िलंबि‍त क‍िए गए सांसद गुरदीप सिंह औजला ने कहा, बिल्कुल गलत कार्रवाई है. हम संघर्ष करेंगे और जनता की आवाज उठाएंगे. अमरिंदर राजा वड़‍िंग ने कहा, दो दिन से राहुल गांधी को बोलने नहीं दिया जा रहा है. यह कहां का लोकतंत्र है. इसलिए हमने कागज फाड़कर विरोध जताया. आज तो राहुल गांधी ने अपने लेटर पैड पर साइन कर दिया था, फिर सरकार को क्या दिक्‍कत है. इससे पहले संसद में हंगामे और चेयरमैन पर कागज फेंकने के मामले में बीजेपी ने स्पीकर से शिकायत की है. हंगामा करने वाले सांसदों पर कार्रवाई की मांग की थी. इन सांसदों के बारे में जान‍िए     मणिकम टैगोर कांग्रेस से सांसद हैं. तम‍िलनाडु से आते हैं. मणिकम टैगोर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और लोकसभा में पार्टी व्‍ह‍िप भी हैं. वे संसद में अपनी आक्रामक शैली और दक्षिण भारत के मुद्दों को मुखरता से उठाने के लिए जाने जाते हैं.     गुरजीत सिंह औजला– अमृतसर से लगातार चुनाव जीतते आ रहे हैं. औजला पंजाब के सीमावर्ती इलाकों की समस्याओं, नशामुक्ति और किसानों के मुद्दों पर संसद में अपनी बात मजबूती से रखने के लिए पहचाने जाते हैं.     अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग– लुधियाना से आते हैं. राजा वड़िंग पंजाब कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष भी हैं. युवा कांग्रेस की पृष्ठभूमि से आए वड़िंग अपनी तेज-तर्रार राजनीति के लिए मशहूर हैं और उन्होंने 2024 में रवनीत बिट्टू को हराकर जीत दर्ज की थी.     हिबी ईडन- एर्नाकुलम से जीते हिबी ईडन एनएसयूआई (NSUI) के पूर्व अध्यक्ष रह चुके हैं. वे केरल की युवा राजनीति का प्रमुख चेहरा हैं और संसद में शिक्षा व युवाओं से जुड़े मुद्दों पर सक्रिय रहते हैं.     किरण कुमार रेड्डी– तेलंगाना के भुवनगिरी से सांसद चमाला किरण कुमार रेड्डी मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के करीबी माने जाते हैं और 2024 के चुनाव में भाजपा और बीआरएस को हराकर संसद पहुंचे हैं.     प्रशांत पडोले– नाना पटोले के करीबी प्रशांत पडोले ने 2024 में भाजपा के गढ़ माने जाने वाले विदर्भ क्षेत्र में बड़ी जीत हासिल की। वे क्षेत्र में किसानों और ओबीसी समुदाय के मुद्दों पर सक्रिय हैं।     एस. वेंकटेशन- सीपीआई (एम) सांसद वेंकटेशन एक प्रसिद्ध तमिल लेखक और साहित्य अकादमी पुरस्कार विजेता हैं. वे संसद में तमिलनाडु के अधिकारों, संस्कृति और रेलवे से जुड़े मुद्दों को उठाने वाले सबसे मुखर सांसदों में से एक हैं.    डीन कोरियाकोस– इडुक्की से सांसद डीन कोरियाकोस युवा कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रहे हैं. वे इडुक्की के किसानों, विशेषकर पश्चिमी घाट और बफर जोन से जुड़े मुद्दों को संसद में जोर-शोर से उठाते हैं. हंगामे के बाद संसद स्‍थग‍ित लोकसभा में राहुल गांधी आज भी पूर्व आर्मी चीफ एमएम नरवणे की क‍िताब के बारे में बताना चाहते थे, लेकिन जब स्‍पीकर ने टोका तो वे अड़ गए. वे बार-बार वही बातें दोहराते नजर आए. स्‍पीकर ने हर बार उन्‍हें रोकने की कोश‍िश की, लेकिन उन्‍होंने नहीं मानी और आख‍िरकार सदन की कार्यवाही स्‍थग‍ित करनी पड़ी. recent visitors 46

सुप्रीम कोर्ट ने कहा– व्हॉट्सऐप मेटा के साथ यूजर डेटा साझा न करे, प्राइवेसी को मिले संरक्षण

 नई दिल्ली व्हाट्सएप और मेटा की प्राइवेसी पॉलिसी मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने बेहद कड़ा रुख अख्तियार किया है. कोर्ट ने साफ किया कि डेटा शेयरिंग की ये प्रक्रिया भारतीय यूजर्स के निजता के अधिकार के खिलाफ है.  हालांकि, सीसीआई के वकील ने एनसीएलएटी (NCLAT) के कुछ निष्कर्षों पर आपत्ति जताई है. सीजेआई जस्टिस सूर्यकांत ने व्हाट्सएप को निर्देश देते हुए कहा, 'हम आपको मेटा के साथ एक भी जानकारी साझा करने की अनुमति नहीं देंगे. हम आपको इस देश की नीतियों की गोपनीयता के साथ खेलने की इजाजत कतई नहीं देंगे.'  इस पूरे प्रकरण में कोर्ट के सामने तीन मुख्य अपीलें थीं, जो मेटा, व्हाट्सएप और भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) की ओर से दायर की गई थीं. सीनियर एडवोकेट मुकुल रोहतगी ने इन अपीलों का पक्ष रखा. सुनवाई के दौरान मेटा के वकील ने दलील दी कि कोर्ट के आदेश के मुताबिक 213 करोड़ रुपये के जुर्माने का भुगतान पहले ही किया जा चुका है. मेटा की नई प्राइवेसी पॉलिसी पर सवाल सुप्रीम कोर्ट ने व्हाट्सएप और मेटा की नई प्राइवेसी पॉलिसी पर सुनवाई करते हुए बेहद कड़े सवाल उठाए और कंपनी को डेटा साझा करने से साफ मना कर दिया. CJI ने व्हाट्सएप की नीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि आपने इसे इतनी चालाकी से तैयार किया है कि इसे समझना नामुमकिन है. उन्होंने पूछा कि क्या देश का आम आदमी, जैसे घर में काम करने वाले नौकर, निर्माण मजदूर या छोटे विक्रेता, इस जटिल नीति को समझ पाएंगे? कोर्ट ने साफ कहा कि उपभोक्ताओं को इस ऐप की 'लत' लगा दी गई है और अब उनकी मजबूरी का फायदा उठाया जा रहा है. यूजर्स के डेटा का गलत इस्तेमाल हो रहा- SC सीजेआई ने कहा कि लोगों के डेटा का इस्तेमाल व्यावसायिक लाभ के लिए किया जा रहा है और अब तक लाखों यूजर्स के डेटा का गलत इस्तेमाल हो चुका है. इस दौरान मेटा के वकील अखिल सिबल ने दलील दी कि व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए सीमित डेटा शेयरिंग की अनुमति है. इस पर सीजेआई ने कहा, 'अगर आपको डेटा का कोई हिस्सा बेचने लायक लगेगा, तो आप उसे बेच देंगे! सिर्फ इसलिए कि भारतीय उपभोक्ता मूक हैं और उनके पास आवाज नहीं है, आप उन्हें शिकार नहीं बना सकते.' सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल (SG) तुषार मेहता ने कहा कि व्हाट्सएप यूजर्स को सिर्फ दो ही विकल्प दे रहा है- 'या तो पॉलिसी स्वीकार करो या ऐप का इस्तेमाल बंद कर दो.' इस पर अदालत ने कहा कि बिहार के दूरदराज इलाकों या तमिलनाडु के गांवों में रहने वाले लोग, जिन्हें अंग्रेजी नहीं आती, वे इस नीति के खतरनाक परिणामों को कभी नहीं समझ पाएंगे. डेटा शेयर करने की इजाजत से SC का साफ इनकार सीजेआई ने साफ शब्दों में कहा, 'जब तक आप हमें यह विश्वास नहीं दिला देते कि आपको ऐसा करने का कोई दैवीय अधिकार हासिल है, तब तक हम आपको डेटा शेयर करने की अनुमति नहीं देंगे.'  3 जजों की बेंच के सामने होगी अपीलों पर सुनवाई व्हाट्सएप के वकील ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि उनकी नीतियां दूसरे अंतरराष्ट्रीय क्षेत्राधिकारों के स्टैंडर्ड्स के मुताबिक ही हैं. लेकिन इन दलीलों को सुनने को बाद सीजेआई ने बताया कि एनसीएलएटी के सामने जनवरी 2025 के आदेश की स्थिति अभी भी अहम है. मामले की गंभीरता को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने अब सभी पक्षों को नोटिस जारी किया है. अब इन अपीलों पर विस्तृत सुनवाई सुप्रीम कोर्ट की 3 जजों की बेंच के सामने होगी. recent visitors 43

मणिपुर चुनाव अपडेट: भाजपा सरकार के बने रहने की संभावना, CM पद की दौड़ में यह नेता और डिप्टी

इम्फाल क्या मणिपुर में फिर से भाजपा की सरकार बनेगी? इसके कयास तेज हो गए हैं क्योंकि भाजपा में मणिपुर से लेकर दिल्ली तक भागदौड़ तेज हो गई है। मणिपुर के 20 से ज्यादा भाजपा विधायक दिल्ली पहुंचे थे और अब पार्टी ने विधायक दल का नेता चुनने के लिए पर्यवेक्षक नियुक्त कर दिया है। राज्य में अगले साल ही राष्ट्रपति शासन खत्म होने वाला है और उससे पहले पार्टी के नेता चाहते हैं कि सरकार बना ली जाए। सोमवार को भाजपा ने मणिपुर में पर्यवेक्षक के तौर पर तरुण चुग को नियुक्त कर दिया है, जो पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव हैं। अब किसी भी दिन मणिपुर में एनडीए विधायकों की मीटिंग हो सकती है और नेता का चुनाव हो सकता है। भाजपा सूत्रों का कहना है कि नई सरकार में राज्य में एक डिप्टी सीएम भी होगा। मैतेई समुदाय से मुख्यमंत्री बनने की संभावना है तो वहीं कुकी समुदाय के किसी नेता को डिप्टी सीएम के तौर पर जिम्मेदारी दी जा सकती है। ऐसा इसलिए ताकि राज्य में यह संदेश जाए कि सरकार सभी को साथ लेकर चल रही है। बीते सालों में मैतेई और कुकी समुदाय के बीच तनाव देखा गया था और भीषण हिंसा हुई थी। इसी स्थिति से बचाव के लिए भाजपा अब कुकी समाज से एक डिप्टी सीएम बना सकती है। अब बात मुख्यमंत्री की करें तो बीरेन सिंह की सरकार में असेंबली स्पीकर रहे सत्यब्रत सिंह और पूर्व मंत्री टीएच बिस्वजीत सिंह और के. गोविंद दास को मौका मिल सकता है। ये सभी नेता मैतेई समुदाय के ही हैं। दरअसल भाजपा के भीतर भी तनाव की स्थिति है। कुकी विधायकों का कहना है कि उनके समुदाय का दबाव है। ऐसी स्थिति में यदि कुकी समुदाय को उचित प्रतिनिधित्व नहीं मिला तो उनके लिए सरकार का हिस्सा बनना मुश्किल होगा। ऐसी मांग कुकी विधायकों ने केंद्रीय नेतृत्व से की है। इसी को लेकर सरकार अब विचार कर रही है। यही नहीं कुछ विधायकों का कहना है कि मणिपुर को केंद्र शासित प्रदेश ही बना देना चाहिए, जिसकी अपनी विधानसभा भी हो। एक साल से मणिपुर में चल रहा है राष्ट्रपति शासन बता दें कि मणिपुर में पहली बार 13 फरवरी 2025 को राष्ट्रपति शासन लागू किया था। यह 6 महीने के लिए ही था और फिर अगस्त 2025 में एक बार फिर से इसे 6 महीने के लिए बढ़ा दिया गया। एन. बीरेन सिंह ने बीते साल फरवरी में ही सीएम पद छोड़ दिया था। बता दें कि मणिपुर में विधानसभा का कार्यकाल 2027 तक है। ऐसे में विधायक चाहते हैं कि कम से कम एक साल के लिए ही नए सिरे से सरकार का गठन हो और कुछ काम करके ही जनता के बीच चुनाव में जाया जाए। फिलहाल 60 सीटों वाले मणिपुर सदन में भाजपा के 37 विधायक हैं। recent visitors 42

भारत-अमेरिका के बीच हुई ट्रेड डील, मेक इन इंडिया को देगी नई गति : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ . मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत की वैश्विक स्थिति लगातार मजबूत हो रही है। भारत-अमेरिका के बीच हुई नई ट्रेड डील अभिनन्दनीय है। यह ट्रेड डील, मेक इन इंडिया को नई गति देगी। इससे देश को प्रगति के नए अवसर प्राप्त होंगे। यह डील भारत के सशक्त नेतृत्व और विकास में साझा विश्वास को दर्शाता है।  recent visitors 36

चोट पर खुद पैट कमिंस का बयान, कहा– रिकवरी सही दिशा में, IPL में दिख सकता हूं

नई दिल्ली ऑस्ट्रेलिया के पेस लीडर पैट कमिंस ने बताया है कि वह नेशनल टीम के आईसीसी मेन्स टी20 वर्ल्ड कप कैंपेन का हिस्सा बनने के कितने करीब थे, क्योंकि यह तेज गेंदबाज पीठ की चोट से उबर रहा है और साल के आखिर में होने वाले मुश्किल टेस्ट शेड्यूल पर नजर रखे हुए है। उन्होंने उम्मीद जताई कि वह इंडियन प्रीमियर लीग के लिए समय पर मैदान पर लौट आएंगे, जो मार्च के आखिर में शुरू होगी।   इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) की वेबसाइट के मुताबिक, पीठ की पुरानी शिकायत समय पर ठीक नहीं होने के कारण कमिंस को 7 फरवरी से शुरू होने वाले T20 वर्ल्ड कप के लिए ऑस्ट्रेलिया की आखिरी 15 मेंबर वाली टीम से बाहर कर दिया गया। ऑस्ट्रेलियन एसोसिएटेड प्रेस से बात करते हुए, 31 साल के इस खिलाड़ी ने कहा कि रिहैबिलिटेशन के दौरान एक छोटी सी दिक्कत ने आखिरकार उन्हें टूर्नामेंट से बाहर कर दिया। कमिंस ने कहा, "यह सच में बहुत बुरा था।" "मैं काफी अच्छा महसूस कर रहा हूं, बस एक छोटी सी दिक्कत थी और सच में समय खत्म हो गया था। मैं कुछ हफ़्ते आराम करूंगा और फिर आगे बढ़ूंगा।" कमिंस ने बताया कि एडिलेड टेस्ट के बाद, मेडिकल टीम ने अनुमान लगाया था कि प्रभावित हड्डी को पूरी तरह से ठीक होने और फिर ठीक होने में चार से आठ हफ़्ते लगेंगे। शुरुआती संकेत अच्छे थे, लेकिन एक फ़ॉलो-अप स्कैन से पता चला कि उन्हें और आराम की जरूरत है। उन्होंने कहा, "शुरू में, हमें लगा कि शायद सिर्फ चार हफ़्ते लगेंगे, क्योंकि मैं बहुत अच्छा महसूस कर रहा था, लेकिन मैंने अभी एक फॉलो-अप स्कैन करवाया। उन्हें लगा कि शायद कुछ और हफ़्ते लगेंगे, इसलिए टाइमलाइन थोड़ी ज्यादा हो गई।" ऑस्ट्रेलियाई कप्तान को उम्मीद है कि वह इंडियन प्रीमियर लीग के लिए समय पर मैदान पर लौट आएंगे, जो मार्च के आखिर में शुरू होगी, जहां उन्हें सनराइजर्स हैदराबाद को रिप्रेजेंट करना है। हालांकि, कमिंस ने जोर देकर कहा कि उनकी प्राथमिकता साल के दूसरे हिस्से में आईसीसी वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के व्यस्त शेड्यूल के लिए पूरी तरह से फिट होना है। ऑस्ट्रेलिया को बांग्लादेश के खिलाफ दो टेस्ट की घरेलू सीरीज खेलनी है, जिसके बाद अक्टूबर से पहले दक्षिण अफ्रीका का तीन टेस्ट का दौरा होगा। इसके बाद न्यूजीलैंड के खिलाफ चार टेस्ट और भारत के खिलाफ पांच टेस्ट की सीरीज होगी, ये सभी मौजूदा डब्ल्यूटीसी चक्र के खत्म होने से पहले होंगे। कमिंस ने कहा, "हमें लगा कि साल का पहला आधा हिस्सा आने वाले क्रिकेट को ध्यान में रखकर कंजर्वेटिव रहने का अच्छा समय है। हम इसे ठीक कर लेंगे, फिर उम्मीद है कि इसका मतलब होगा कि आपको इसके बारे में चिंता करने की जरूरत नहीं होगी, और आप बस बाहर जाकर वे सभी टेस्ट मैच खेल सकते हैं।" उन्होंने आगे कहा, "जबकि, अगर आप अभी इसके साथ सावधान नहीं हैं और यह बढ़ जाता है, तो आप थोड़ा पीछे भाग रहे हैं।" पाकिस्तान से हाल ही में टी20 सीरीज हारने और कई खास खिलाड़ियों के चोटिल होने की चिंताओं के बावजूद, ऑस्ट्रेलिया टी20 वर्ल्ड कप में उतर रहा है, कमिंस का मानना है कि टीम टाइटल के लिए चुनौती देने के लिए अच्छी स्थिति में है। ऑस्ट्रेलिया अपने ग्रुप बी मैचों में आयरलैंड, ज़िम्बाब्वे, ओमान और को-होस्ट श्रीलंका का सामना करेगा। कमिंस ने कहा, "ये (पाकिस्तान में) हमारे कुछ सबसे अच्छे गेम नहीं थे, लेकिन खिलाड़ी एक मजबूत बिग बैश से आ रहे हैं, और कुछ खिलाड़ी वर्ल्ड कप के लिए चोट से वापस आ रहे हैं।" "मनोबल अच्छा है। दूर से कुछ लड़कों से बात करने पर पता चला कि वे जानते हैं कि यह कितना बड़ा है, वे शुरू करने और इसमें शामिल होने के लिए बेताब हैं।"   recent visitors 37

आबकारी विभाग की बड़ी कार्रवाई: भारी मात्रा में विदेशी मदिरा बरामद

आबकारी विभाग की बड़ी कार्रवाई: भारी मात्रा में विदेशी मदिरा बरामद भोपाल  कलेक्टर भोपाल कौशलेंद्र विक्रम सिंह के निर्देशन पर,सहायक आबकारी आयुक्त वीरेंद्र धाकड़ के मार्गदर्शन और नियंत्रण कक्ष प्रभारी रामगोपाल भदौरिया के नेतृत्व में भोपाल जिले की आबकारी विभाग की टीम ने की  रात्रि में मुखबिर की सूचना के आधार पर  विदिशा रोड पर  एक एरटिगा वाहन सहित 06 पेटी में 72 बॉटल कुल 54बल्क लीटर अवैध विदेशी मदिरा परिवहन का  प्रकरण दर्ज़ कियाl recent visitors 37

लोकतांत्रिक यात्रा का शुरू हुआ नया अध्याय, बस्तर में 7 फरवरी को राष्ट्रपति फिर आएंगी

जगदलपुर.  बस्तर एक बार फिर इतिहास के पन्नों में दर्ज होने जा रहा है। 7 फरवरी को देश की महामहिम राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू जगदलपुर पहुंचेंगी। वे बस्तर आने वाली देश की पांचवीं राष्ट्रपति होंगी। लालबाग मैदान में उनके हाथों बस्तर पंडुम का विधिवत शुभारंभ होगा। यह सिर्फ एक सांस्कृतिक आयोजन नहीं, बल्कि बस्तर की पहचान का उत्सव है। आजादी के बाद से अब तक चार राष्ट्रपतियों ने बस्तर का दौरा किया है। डॉ. राजेन्द्र प्रसाद से लेकर रामनाथ कोविंद तक, हर यात्रा ऐतिहासिक रही। राष्ट्रपति के आगमन को लेकर प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है। सुरक्षा, मंच, यातायात और आमजन की सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। यह प्रवास बस्तर के लिए सम्मान, विश्वास और विकास का प्रतीक माना जा रहा है। जनजातीय अंचल की संस्कृति अब राष्ट्रीय मंच पर और मजबूती से उभरेगी। बस्तर एक बार फिर देश का ध्यान अपनी ओर खींचने को तैयार है। राष्ट्रपति दौरे को ऐतिहासिक बनाने मैदान में उतरे जनप्रतिनिधि जगदलपुर। महामहिम राष्ट्रपति के आगमन से पहले तैयारियों का दौर तेज हो गया है। लालबाग मैदान में कार्यक्रम को भव्य रूप देने के लिए प्रशासन जुटा है।।प्रदेश के वन मंत्री केदार कश्यप और विधायक किरण देव ने स्थल निरीक्षण किया। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा हुई। प्रवेश मार्ग, दर्शक दीर्घा और मंच व्यवस्था पर विशेष फोकस किया गया। कार्यक्रम को संभाग स्तरीय गौरव से जोड़ने की तैयारी है। बस्तर पंडुम 2026 को ऐतिहासिक बनाने का लक्ष्य तय किया गया है। जनजातीय कला, संस्कृति और पहचान को राष्ट्रीय मंच मिलेगा। प्रशासन ने समन्वय और अनुशासन को प्राथमिकता दी है। यह आयोजन बस्तर के शांतिपूर्ण और विकासशील चेहरे को दर्शाएगा। राष्ट्रपति का यह दौरा जनविश्वास को और मजबूत करेगा। बस्तर उत्सव के लिए पूरी तरह तैयार नजर आ रहा है। recent visitors 30