टी20 वर्ल्ड कप वार्म-अप: अर्धशतक चूके स्मट्स, कनाडा के खिलाफ इटली की 10 रन से जीत

चेन्नई इटली ने मेंस टी20 वर्ल्ड कप 2026 के तीसरे वार्म-अप मैच मंं कनाडा के खिलाफ 10 रन के करीबी अंतर से जीत दर्ज की। सोमवार को एमए चिदंबरम स्टेडियम में टॉस गंवाकर बल्लेबाजी करने उतरी इटली की टीम ने 4 विकेट खोकर 156 रन बनाए। इस टीम को जस्टिन मोस्का और एंथनी मोस्का ने शानदार शुरुआत दिलाई। दोनों खिलाड़ियों ने 5.3 ओवरों में 45 रन की साझेदारी की। एंथनी 20 गेंदों में 3 चौकों के साथ 22 रन बनाकर आउट हुए, जबकि जस्टिन ने 17 गेंदों में 1 छक्के और 2 चौकों के साथ 22 रन बनाए। इसके बाद जेजे स्मट्स ने मोर्चा संभाला। उन्होंने कप्तान वेन मैडसेन (10) के साथ 33 रन, जबकि हैरी मैनेंटी के साथ 41 रन की साझेदारी की। स्मट्स 37 गेंदों में 6 बाउंड्री के साथ 49 रन बनाकर आउट हुए, जबकि हैरी ने 24 गेंदों में नाबाद 33 रन टीम के खाते में जोड़े। विपक्षी खेमे से कलीम सना, दिलप्रीत बाजवा, जसकरण सिंह और साद बिन जफर ने 1-1 विकेट निकाला। इसके जवाब में कनाडा की टीम निर्धारित ओवरों में 6 विकेट खोकर सिर्फ 146 रन ही बना सकी। युवराज सिंह ने कप्तान दिलप्रीत बाजवा के साथ बतौर सलामी जोड़ी 6.4 ओवरों में 55 रन जुटाए। युवराज 23 गेंदों में 1 छक्के और 5 चौकों के साथ 33 रन बनाकर आउट हुए। इसके बाद दिलप्रीत ने नवनीत धालीवाल के साथ दूसरे विकेट के लिए 30 रन की साझेदारी करते हुए टीम को 85 के स्कोर तक पहुंचाया। कप्तान दिलप्रीत 34 गेंदों में 6 चौकों के साथ 37 रन बनाकर आउट हुए, जिसके बाद निकोलस किर्टन ने 33 रन कनाडा के खाते में जोड़े, लेकिन टीम को जीत नहीं दिला सके। इटली की तरफ से थॉमस ड्रेका, अली हसन, ग्रांट स्टीवर्ट, जेजे स्मट्स और बेन मैनेंटी ने 1-1 विकेट अपने नाम किया। इटली अपने अगले मुकाबले में 6 फरवरी को यूएई से भिड़ेगी। यह मैच चेन्नई के इसी मैदान पर खेला जाना है। 7 फरवरी से टी20 वर्ल्ड कप 2026 की शुरुआत होगी।   recent visitors 49

महिला एवं बाल विकास और समाज कल्याण मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े

रायपुर. महिला एवं बाल विकास और समाज कल्याण मंत्री तथा भटगांव विधायक लक्ष्मी राजवाड़े की सक्रिय पहल और सतत प्रयासों से भटगांव विधानसभा क्षेत्र में कुल 10.93 करोड़ रुपए की लागत से महत्वपूर्ण विकास कार्यों को प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है। इन कार्यों के पूर्ण होने से जल संरक्षण को मजबूती, सिंचाई सुविधाओं का विस्तार, क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता के संरक्षण के साथ-साथ पर्यटन विकास को नई दिशा मिलेगी। इसके अलावा, स्थानीय युवाओं के लिए नए रोजगार और आय के अवसर भी सृजित होंगे। सूरजपुर जिले के विकासखंड भैयाथान अंतर्गत बृजेश्वर सागर जलाशय योजना के नवीनीकरण कार्य हेतु 4.94 करोड़ रुपए की स्वीकृति प्रदान की गई है। वहीं, इसी विकासखंड की कुर्रीडीह जलाशय योजना के जीर्णोद्धार कार्य के लिए 4.73 करोड़ रुपए, और विकासखंड ओड़गी  स्थित बसनारा जलाशय (तालाब) के मरम्मत एवं जीर्णोद्धार कार्य हेतु 1.26 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं। मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि जल संसाधनों के संरक्षण एवं विकास से ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी, पर्यटन के विस्तार से युवाओं को रोजगार के नए अवसर प्राप्त होंगे और क्षेत्र का समग्र विकास गति पकड़ेगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी स्वीकृत कार्य गुणवत्ता के साथ समय-सीमा में पूर्ण किए जाएं। भटगांव विधानसभा क्षेत्र के नागरिकों ने विकास कार्यों की इस सौगात के लिए राज्य सरकार एवं मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया है। recent visitors 36

कार्यशाला में 46 पक्षी प्रजातियों की हुईं पहचान

रायपुर. कार्यशाला में 46 पक्षी प्रजातियों की हुईं पहचान आर्द्रभूमियाँ अविश्वसनीय जैव विविधता का घर हैं और पृथ्वी पर सबसे समृद्ध और विविध पारिस्थितिक तंत्रों में से हैं। ये कई लुप्तप्रायए संकटग्रस्त और स्थानिक प्रजातियों को आश्रय देती हैं जो केवल कुछ निश्चित आर्द्रभूमि आवासों में ही जीवित रह सकती हैं। विश्व आर्द्रभूमि दिवस 2026 के अवसर पर 2 फरवरी को बालसमुंद जलाशय, पलारी में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, बलौदाबाजार द्वारा आर्द्रभूमि संरक्षण एवं जैव विविधता संवर्धन के उद्देश्य से जागरूकता कार्यक्रम सह- कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम सिद्धेश्वर महादेव मंदिर परिसर, बालसमुंद जलाशय क्षेत्र में संपन्न हुआ। बारनवापारा अभ्यारण्य में 46 पक्षी प्रजातियों की पहचान  इस विशेष आयोजन का उद्देश्य पृथ्वी के लिए आर्द्रभूमि की महत्वपूर्ण भूमिका के बारे में लोगों में जागरूकता बढ़ाना है, क्योंकि ये पारिस्थितिकी तंत्र जंगलों की तुलना में तीन गुना तेजी से लुप्त हो रहे हैं। इस आयोजन में लगभग 60 प्रतिभागियों, 5 विशेषज्ञों तथा जिले के विभिन्न महाविद्यालयों से 49 विद्यार्थियों ने सहभागिता की। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य आर्द्रभूमियों के पारिस्थितिक महत्व, जैव विविधता संरक्षण तथा स्थानीय स्तर पर समुदाय की सहभागिता को प्रोत्साहित करना रहा। कार्यक्रम के दौरान पक्षी अवलोकन  एवं आर्द्रभूमि अध्ययन की व्यावहारिक गतिविधियाँ आयोजित की गईं। छात्र-छात्राओं द्वारा जलाशय से जल नमूने एकत्रित किए गए तथा बारनवापारा अभ्यारण्य के फॉरेस्ट गाइड्स के सहयोग से 46 पक्षी प्रजातियों की पहचान की गई। प्रतिभागियों को तालाब में पाए जाने वाले जलीय जीव-जंतुओं, जल गुणवत्ता तथा आसपास के पारिस्थितिक तंत्र की जानकारी दी गई। बालसमुंद जलाशय स्थानीय एवं प्रवासी पक्षियों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण विशेषज्ञों ने अपने संबोधन में बताया कि आर्द्रभूमियाँ न केवल पक्षियों एवं जलीय जीवों का प्राकृतिक आवास हैं, बल्कि ये भूजल पुनर्भरण, बाढ़ नियंत्रण, जल शुद्धिकरण, स्थानीय जलवायु संतुलन एवं आजीविका समर्थन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। बालसमुंद जलाशय जैसे जलस्रोत क्षेत्रीय स्तर पर स्थानीय एवं प्रवासी पक्षियों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। कार्यक्रम में वनमंडलाधिकारी,  धम्मशील गणवीर के मार्गदर्शन में जिले की आर्द्रभूमियों को अधिसूचित करने हेतु किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी गई। इस अवसर पर उप-विभागीय अधिकारी (वन)  निश्चचल चंद शुक्ला, वन परिक्षेत्र अधिकारी  प्रखर नायक, एवं कार्यक्रम संयोजक सहायक प्राध्यापक प्रो. अजय मिश्रा की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम में नगर पंचायत पलारी के अध्यक्ष गोपी साहू, उपाध्यक्ष  पिंटू वर्मा, हितेंद्र ठाकुर एवं शोधार्थी दीपक तिवारी रहे। इसके अतिरिक्त डिप्टी रेंजर सर्व धर्म सिंह बरिहा, बीट प्रभारी  मनबोधन टंडन, आबिद अली खान, रामनारायण यादव सहित वन विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारीगण और विद्यार्थी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। recent visitors 45

एनएचएआई की पहल से स्कूली बच्चों को राहत, 102 बच्चों को मिलेंगे मुफ्त चश्मे

रायपुर. एनएचएआई की पहल : 1500 स्कूली बच्चों की हुई नेत्र जांच, 102 को मिलेंगे मुफ्त चश्मे भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) और नेशनल हाईवे इन्फ्रा ट्रस्ट (एनएचआईटी) की संयुक्त पहल से रायपुर-बिलासपुर राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजना मार्ग पर स्थित विद्यालयों में नेत्र जांच शिविर का आयोजन किया गया। इस अभियान के तहत कुल 1498 छात्र-छात्राओं की आंखों की जांच की गई। रायपुर-बिलासपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित तरपोंगी, भोजपुरी एवं मुढ़ीपार टोल प्लाजा के समीप संचालित शासकीय विद्यालयों में ये शिविर लगाए गए थे, जहां विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम ने बच्चों की दृष्टि का बारीकी से परीक्षण किया। जांच के दौरान 102 विद्यार्थियों में दृष्टि दोष पाया गया, जिन्हें जल्दी ही निःशुल्क चश्मे प्रदान किए जाएंगे। रायपुर परियोजना निदेशक श्री दिग्विजय सिंह ने कहा कि एनएचएआई राजमार्गों के निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि राष्ट्रीय राजमार्गों के आसपास निवास करने वाले समुदायों के सामाजिक और स्वास्थ्य कल्याण के प्रति भी पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इन्हीं प्रतिबद्धताओं के चलते आज स्कूलों में नेत्र जांच शिविरों का आयोजन किया गया है। recent visitors 40

धामी के नेतृत्व में बड़ा कीर्तिमान: राज्य बनने के बाद पहली बार 6 करोड़ का वार्षिक आंकड़ा पार

देहरादून पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की पहल रंग लाई है। प्रदेश में पर्यटकों की बढ़ती संख्या ने नया कीर्तिमान बनाया है। वर्ष 2025 में छह करोड़ तीन लाख से अधिक पर्यटक उत्तराखंड आए हैं, जो राज्य गठन के बाद से अब तक की सर्वाधिक संख्या है। हरिद्वार में सबसे अधिक तीन करोड़ 42 लाख 49 हजार 380 पर्यटक और तीर्थयात्री पहुंचे हैं, जबकि देहरादून में 67 लाख 35 हजार 71 और टिहरी जनपद में 53 लाख 29 हजार 759 सैलानी आए हैं। सीएम पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड में पर्यटन को नई गति मिली है। पर्यटन विकास के लिए जहां कई महत्वपूर्ण योजनाएं शुरू की गई हैं, वहीं पर्यटन-तीर्थ स्थलों में बुनियादी सुविधाओं के विकास पर खास जोर दिया गया है। पर्यटकों-तीर्थयात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए आवश्यक सुरक्षा प्रबंध भी किए गए हैं। धामी सरकार के इन प्रयासों का ही परिणाम है कि उत्तराखंड में पर्यटकों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। पर्यटन विभाग के अनुसार, वर्ष 2025 में कुल 6 करोड़ 3 लाख 21 हजार 194 पर्यटक उत्तराखंड आए हैं। इनमें एक लाख 92 हजार 533 विदेशी सैलानी शामिल हैं। उत्तराखंड राज्य गठन के बाद पहली बार पर्यटकों एवं तीर्थयात्रियों की संख्या छह करोड़ के पार पहुंची है। पूर्व के आंकड़ों पर नजर डालें तो वर्ष 2021 में 2,00,18,115, 2022 में 5,39,81,338, 2023 में 5,96,36,601 और वर्ष 2024 में 5,95,50,277 पर्यटकों एवं तीर्थयात्रियों ने उत्तराखंड का रुख किया है। इसे से लेकर सीएम पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि पर्यटन उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था का बड़ा आधार है। हमारी सरकार राज्य में पूरे वर्ष पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा दे रही है, ताकि पर्यटन कारोबार से जुड़े स्थानीय निवासियों और युवाओं को सालभर रोजगार के अवसर उपलब्ध हों। शीतकालीन यात्रा इसी की एक कड़ी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मां गंगा जी के दर्शन को उनके शीतकालीन प्रवास स्थल मुखबा की यात्रा पर आने के बाद राज्य में शीतकालीन यात्रा को बढ़ावा मिला है और बड़ी संख्या में यात्री उत्तराखंड पहुंचे हैं। हमने पर्यटक सुविधाएं बढ़ाने के साथ उनकी सुरक्षा को भी सर्वोच्च प्राथमिकता दी है और इन्हीं सब प्रयासों का परिणाम है कि उत्तराखण्ड में पर्यटकों की बढ़ती संख्या हर वर्ष नया रिकॉर्ड बना रही है। recent visitors 44

नेशनल ताइक्वांडो प्रतियोगिता में 9 खिलाड़ियों ने लहराया परचम

बिलासपुर कलेक्टर-एसएसपी ने नेपाल में होने वाले अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए दी शुभकामनाएं राजस्थान के जयपुर में आयोजित दो दिवसीय नेशनल ताइक्वांडो प्रतियोगिता के विजेता प्रतिभागियों ने जिले के साथ-साथ प्रदेश का भी नाम रौशन किया है। 30 जनवरी एवं 1 फरवरी की हुए इस प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ से खेलो ताइक्वांडो यूथ स्पोर्ट्स फेडरेशन के 11 खिलाड़ियों ने भाग लिया। इस प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करते हुए 9 खिलाड़ियों का नेपाल में होने वाले अंतरराष्ट्रीय ताइक्वांडो प्रतियोगिमा के लिए चयन हुआ है। खिलाड़ियों ने कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री रजनेश सिंह से मुलाकात की। कलेक्टर एवं एसएसपी ने खिलाड़ियों का हौंसला बढ़ाते हुए कहा कि उन्होंने जिले सहित पूरे प्रदेश का नाम रौशन किया है। कलेक्टर एवं एसएसपी ने नेपाल में होने वाली अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए शुभकामनाएँ देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। कोच रिमझिम गुप्ता, मैनेजर चंद्र प्रकाश एवं अंतरराष्ट्रीय मास्टर गणेश सागर ने खिलाड़ियों का नेतृत्व किया। विजेता खिलाड़ी अमन गेंडारे, ऋषभ पटेल, कान्हा गुप्ता, संजनी, नीलिमा, विमल साहू, आर्यन सागर अंतराष्ट्रीय प्रतियोगिता में अपना दमखम दिखाएंगे। जयपुर राजस्थान से वापसी के दौरान रेलवे स्टेशन पर सभी चयनित खिलाड़ी, कोच एवं मैनेजर का फूल-मालाओं, के साथ भव्य स्वागत किया गया।  recent visitors 43

गांव-गांव तक सुविधा: मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना ने बदला सफर का अनुभव

रायपुर. मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना से सफर हुआ सफर छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा शुरू की गई मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना का उद्देश्य सुदूर वनांचल, विशेषकर बस्तर और सरगुजा क्षेत्रों में, ग्रामीणों को सुलभ और सुरक्षित परिवहन प्रदान करना है। इस योजना के माध्यम से दूरस्थ गांवों को जिला मुख्यालयों, स्कूलों, अस्पतालों और रेलवे स्टेशनों से जोड़ा जा रहा है। दूरस्थ अंचलों में मुख्यमंत्री ग्रामीण बस की पहुंच से राह हुई आसान  मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना न केवल सड़कों पर दौड़ रही है, बल्कि यह ग्रामीणों के समय, सुविधा और सपनों को सहेजने का माध्यम बन गई है। सरगुजा जिले के बादा से बरियों, चारपारा, ककना, सिधमा, अखोराखुर्द, रूखपुर, चिखलाडीह, नर्मदापारा, सरगवां और अम्बिकापुर तक बस सेवा शुरू होने से ग्रामीणों में भारी उत्साह है। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय की दूरगामी सोच और संवेदनशीलता का परिणाम है कि आज सरगुजा जिले के उन दूरस्थ अंचलों में भी विकास की गूंज सुनाई दे रही है, जहां कभी परिवहन एक बड़ी चुनौती थी।  मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना से सफर हुआ सुगम हुआ सफर, समय की हुई बचत  शहरी स्वास्थ्य अस्पताल में कार्यरत श्रीमती परमानिया पैकरा ने अपनी खुशी साझा करते हुए बताया कि इस मार्ग पर यह पहली बस सेवा है। उन्होंने कहा कि, पहले ड्यूटी पर समय से पहुंचना और फिर सुरक्षित घर वापस आना एक बड़ी चिंता होती थी। लेकिन जब से यह बस शुरू हुई है, हमें बहुत सुविधा मिल रही है। अब हम समय पर अस्पताल पहुंचते हैं और वक्त पर घर भी लौट आते हैं। इसी तरह स्वास्थ्य कर्मी चंदा टोप्पो ने बताया कि बांदा क्षेत्र से होने के कारण पहले आवागमन के साधन न के बराबर थे। बस सेवा शुरू होने से अब उनकी पेशेवर जिंदगी आसान हो गई है और इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय का तहे दिल से आभार व्यक्त किया है। वरदान साबित हो रही बस सेवा विद्यार्थियों के लिए        विद्यार्थियों के जीवन में इस योजना से क्रांतिकारी बदलाव लेकर आई है। पुष्पेंद्र कॉलेज ऑफ नर्सिंग की फाइनल ईयर की छात्रा लक्ष्मी कहती हैं कि पहले मुझे बस पकड़ने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ती थी, लेकिन अब बस मेरे घर के सामने से ही गुजरती है। इससे मैं पढ़ाई के लिए बहुत सहज महसूस करती हूँ। वहीं पीजी कॉलेज की छात्रा निशा ने अपना अनुभव साझा करते हुए बताया कि पहले उसे बस पकड़ने के लिए 5 किलोमीटर पैदल चलना पड़ता था। अब सिदमा गाँव से ही बस मिलने के कारण वह सीधे गाँधी चौक तक का सफर बिना किसी परेशानी के तय कर रही है। सरगुजा जिले के सिदमा गाँव के निवासी दिव्यांशु सिंह ने बताया कि बस सुविधा न होने के कारण उन्हें प्रतिदिन 5 किलोमीटर तक बाइक या पैदल सफर तय करना पड़ता था। दिव्यांशु कहते हैं कि अब गाँव से ही बस चलने लगी है, जिससे मैं अपने स्कूल समय पर पहुँच जाता हूँ। उन्होंने मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय को इस सराहनीय पहल के लिए आभार व्यक्त किया। विकास की मुख्यधारा से जुड़ रहे सुदूर वनांचल के गाँव       मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना एक वाहन नहीं, बल्कि सुशासन का वह भरोसा है जिसने सुदूर क्षेत्रों को शहर की मुख्यधारा से जोड़ने का काम किया है। नियमित बस के संचालन से व्यापार, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच आसान हुई है। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय की पहल से अंतिम पंक्ति पर खड़े व्यक्ति सशक्त बन रहे हैं। आज सरगुजा के सुदूर वनांचल की सड़कों पर दौड़ती मुख्यमंत्री ग्रामीण बस प्रदेश की प्रगति की नई कहानी गढ रही हैं। recent visitors 36