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लखनऊ

राजधानी लखनऊ में खाना खाने के बाद बीमार हुए निर्वाण संस्था के बच्चों का हाल जानने शुक्रवार को सीएम योगी आदित्यनाथ लोकबंधु अस्पताल पहुंचे। उन्होंने एक-एक बच्चे के बेड पर जाकर उनके इलाज और उनकी तबीयत में सुधार की जानकारी ली। वह बच्चों से मिलकर भावुक दिखे।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों और डॉक्टर्स को समुचित इलाज करने के निर्देश दिए। उन्हें पूर्ण रूप से स्वस्थ होने के बाद ही डिस्चार्ज करने को कहा। इसके अलावा उन्होंने बच्चों के खाने-पीने की प्रॉपर व्यवस्था करने को भी निर्देशित किया।

इस मौके पर यह लोग रहे मौजूद
एमएस डॉ. अजय शंकर त्रिपाठी ने बताया कि फूड पॉइजनिंग से प्रभावित 16 बच्चों को गुरुवार को वार्ड नंबर 30 के अंतर्गत जनरल पुरुष वार्ड में भर्ती कराया गया था। वर्तमान में सभी बच्चों की हालत सामान्य है। सभी बच्चों की रेगुलर मॉनिटरिंग की जा रही है। इस दौरान प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय संजय प्रसाद, प्रमुख सचिव लीना जौहरी, लखनऊ मंडलायुक्त डॉ. रौशन जैकब, जिलाधिकारी विशाख जी, अस्पताल के एमएस डॉ. अजय शंकर त्रिपाठी, डॉ. सरोज और डॉ. राजीव दीक्षित आदि मौजूद रहे।

27 का चल रहा इलाज
निर्वाण संस्था में मानसिक मंदित बच्चों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ हुआ है। 23 मार्च की रात भोजन के बाद बीमार पड़ने वाले बच्चों में जान गंवाने वाले की संख्या चार हो चुकी है। लोकबंधु अस्पताल में 24 मार्च को 12 वर्ष के शिवांक की मौत हो गई थी। संस्था के लोगों ने इस घटना को दबा दिया था। बुधवार को रेनू (15) व दीपा (15) की मौत के बाद पूरा मामला खुला।

अब खुलासा हुआ है कि बलरामपुर अस्पताल भर्ती सूरज (12) की 25 मार्च को इलाज के दौरान मौत हो गई थी। इसे मौत को भी छिपाने की कोशिश हुई। अभी भी एक बच्चे की हालत नाजुक है, जो आईसीयू में भर्ती है। डॉक्टरों की टीम उसकी सेहत की निगरानी में लगी है। अलग-अलग अस्पतालों में कुल 20 बच्चे भर्ती हैं। जबकि सात बच्चों का इलाज संस्था में चल रहा है। वहीं घटना की जांच शुरू हो गई है।

निर्वाण आश्रय केंद्र पारा इलाके के बुद्धेश्वर में बना है। यह पीपीपी मॉडल पर संचालित होता है। मानसिक कमजोर, अनाथ व लावारिस बच्चों को यहां रखा जाता है। यहां 147 बच्चे रहते हैं। इनकी उम्र 10 से 18 साल के बीच है। 23 मार्च को उल्टी-दस्त और पेट दर्द से जब बच्चे अचेत होने लगे तब संस्था ने अलग-अलग अस्पतालों में बच्चों को भर्ती कराना शुरू किया था।

मौत की डेथ ऑडिट कराएगा विभाग
सीएमओ डॉ. एनबी सिंह ने बताया बच्चों की डेथ ऑडिट की जाएगी। इसके लिए डॉक्टरों की कमेटी बनाई गई है। इसमें डॉ. अरुण तिवारी, डॉ. पीसी तिवारी और डॉ. सबीह मजहर को शामिल किया गया है। कमेटी पोस्टमार्टम रिपोर्ट समेत अन्य बिंदुओं की जांच करेगी।

कहां कितने बच्चे भर्ती
लोकबंधु अस्पताल में 16 तो बलरामपुर में तीन और केजीएमयू गांधी वार्ड में एक बच्चा भर्ती है।

इन बच्चों की हो चुकी है मौत
शिवांक (15), सूरज (12), दीपा (15), रेनू (15)।

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