एमपी में ग्रीन मोबिलिटी को बढ़ावा, 8 शहरों में 972 ई-बसें चलाने का आदेश

भोपाल  मध्यप्रदेश में अब पीएम ई-बस सेवा का संचालन नगरीय विकास विभाग की बजाय सुगम परिवहन सेवा के लिए गठित कंपनियां करेंगी। मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के लिए प्रदेश में एक राज्य स्तरीय कंपनी के साथ 7 सहायक कंपनियां गठित की गई हैं। केन्द्र से प्रदेश के आठ शहरों के मिली 972 ई-बसों का संचालन भी यही कंपनियां करेंगी। पहले यह काम नगरीय विकास विभाग द्वारा किया जा रहा था। लेकिन सरकार ने तय किया है कि प्रदेश में अंतरशहरी बस सेवा के साथ नगर वाहन सेवा का संचालन भी इन्हीं कंपनियों द्वारा किया जाएगा। 7 सहायक कंपनी बनाई गई प्रदेश में अगस्त 2025 में राज्य स्तरीय मध्यप्रदेश यात्री परिवहन एवं अधोसंरचना लिमिटेड कंपनी का पंजीयन हो गया है। मुख्यमंत्री इस राज्य स्तरीय कंपनी के अध्यक्ष हैं। परिवहन मंत्री एवं मुख्य सचिव उपाध्यक्ष हैं। राज्य स्तरीय कंपनी के अधीन 7 सहायक कंपनी बनाई गई हैं। वर्तमान में इंदौर, उज्जैन, भोपाल, जबलपुर, सागर, रीवा और ग्वालियर में कार्य कर रही सिटी बस कंपनी के शेयर होल्डिंग में परिवर्तन करते हुए इन सातों शहरों की नवगठित कंपनियां बनाई गई हैं। कंपनियों ने ट्रैफिक सर्वे करते हुए नए सिरे से नए बस रूट निर्धारण और इन रूट्स पर बस फ्रिक्वेंसी के निर्धारण का काम शुरू कर दिया है। भोपाल में 195, इंदौर में चलेंगी 270 बसें केन्द्रीय शहरी कार्य मंत्रालय ने प्रदेश के 8 नगर निगमों में 972 पीएम ई-बस चलाने की मंजूरी दी है। इसमें सबसे ज्यादा 270 ई-बसें इंदौर को मिली हैं, जबकि राजधानी भोपाल को केवल 195 बसें मिली हैं। जबलपुर में 200, ग्वालियर में 100, उज्जैन में 100, सागर में 32, देवास में 55 और सतना में 20 ई-बसें संचालित की जाएंगी।  इन शहरों में बस डिपो और चार्जिंग स्टेशन से जुड़े अधोसंरचना के सभी काम जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। इलेक्ट्रिक बसों के संचालन में चार्जिंग पाइंट अधोसंरचना निर्माण के लिए केन्द्र सरकार द्वारा 100 प्रतिशत राशि दी जा रही है। गौरतलब है कि इस परियोजना के अंतर्गत ग्वालियर, इंदौर में कुछ बसें भेजी भी जा चुकी हैं। ई-बसों के संचालन यात्री सुविधाओं के साथ ही पर्यावरण की दृष्टि से भी अहम माना जा रहा है। recent visitors 51

हाईकोर्ट ने कहा: याचिकाओं को आधार से जोड़ने का मसला अब प्रशासनिक कमेटी के समक्ष

जबलपुर  हाईकोर्ट में दायर होने वाली याचिकाओं को आधार कार्ड से लिंक करने की मांग करते हुए जनहित याचिका दायर की गई थी। याचिका में कहा गया था कि इससे वर्षों से लंबित अनुपयोगी याचिकाओं का जल्द निराकरण होगा और लंबित प्रकरणों की संख्या में कमी आएगी। हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की युगलपीठ ने याचिका पर आदेश सुनाते हुए कहा कि याचिकाकर्ता के सुझाव को अभ्यावेदन मानकर रजिस्ट्रार जनरल प्रशासनिक कमेटी के समक्ष रखा जाए। याचिका जबलपुर निवासी अधिवक्ता सुरेंद्र वर्मा की तरफ से दायर की गई थी। इसमें कहा गया कि सर्वोच्च न्यायालय ने देश के सभी हाईकोर्ट को डिजिटलीकरण के संबंध में आदेश जारी किए थे। याचिका में यह भी सुझाव दिया गया कि डिजिटलीकरण के दौरान नेशनल प्रिजन पोर्टल से हाईकोर्ट को भी जोड़ा जाए, ताकि जेल में सजा काट रहे कैदियों के रिकॉर्ड देखे जा सकें। याचिका में यह भी बताया गया कि कई मामलों में कैदियों की सजा पूरी होने के बावजूद उनके द्वारा दायर अपील हाईकोर्ट में लंबित रहती है। इसी तरह जिला न्यायालय में आपसी समझौता होने के बावजूद उच्च न्यायालय में दायर याचिका लंबित रहती है। सुझाव में यह भी कहा गया कि डिजिटलीकरण के दौरान याचिकाओं को आधार कार्ड से जोड़ा जाए। कई मामलों में याचिकाकर्ता की मृत्यु होने के बावजूद याचिका लंबित रहती है, जिससे न्यायालय का कीमती समय बर्बाद होता है। इसके अलावा फाइलिंग और आवेदन पेश करने के संबंध में भी कई सुझाव दिए गए थे। युगलपीठ ने याचिका में दिए गए सभी सुझावों को उचित मानते हुए आदेश जारी किया। याचिकाकर्ता ने सुनवाई के दौरान अपना पक्ष स्वयं रखा। recent visitors 45

5 फरवरी राशिफल अपडेट: ग्रहों की चाल बदलेगी इन राशियों का भाग्य

मेष इस राशि के लोगों के लिए आज लोगों के लिए काफी बिजी साबित हो सकता है। जरूरत पड़ने पर फैमिली या पार्टनर से सलह लें। ऑफिस में अतिरिक्त जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। बहुत ज्यादा प्रेशर न लें। वर्क लाइफ बैलेंस मेंटेन करके आगे बढ़ें। समय-समय पर ब्रेक जरूर लेते रहें। वृषभ आज का दिन आपके लिए ठीक है, लेकिन कोशिश करें कि निवेश को लेकर अलर्ट रहें। घर में खुशियों का माहौल रहेगा। विदेश यात्रा के योग बन रहे हैं। आज के दिन आपको सेल्फ लव पर फोकस करना चाहिए। करियर में अपनी जगह बनाने के लिए मेहनत ज्यादा करनी पड़ेगी। किसी पुराने इन्वेस्टमेंट से मनचाहा रिटर्न नहीं मिलेगा। मिथुन आज का दिन उतार-चढ़ाव से भरपूर रहने वाला है। इस समय आपको घर और ऑफिस में बैलेंस बानान होगा। ऑफिस की पॉलिटिक्स आपके लिए नेगेटिव साबित हो सकती है। अपने पार्टनर के साथ रोमांटिक डेट प्लान करें। खर्च को इस वक्त कंट्रोल करने की जरूरत है। कर्क आज आपके लिए एक शानदार दिन रहेगा, इसलिए पॉजिटिव रहने के लिए के लिए तैयार हो जाएं।, पूरे दिन आपके लिए सकारात्मक माहौल रहेगा। हाल ही में हुई किसी डील से भारी मात्रा में धन-लाभ हो सकता है। आज आपकी लवलाइफ में चल रही दिक्कतें सॉल्व हो जाएंगी। कोशिश करें कि निवेश को लेकर खास ध्यान दें। अपनी बॉडी को फिट रखने के लिए योग ट्राई करें। सिंह आज का दिन आलस भरा साबित हो सकता है। आपके लिए रिलेशनशिप के मामले में थोड़ा पॉजिटिव सोच बनाकर रखना होगा। इस समय आपके लिए खास योग बन रहे हैं। अपने काम पर फोकस करें। गॉसिप से दूर रहें। काम को समय पर पूरा करने पर फोकस रखें। तुला आज का दिन बदलावों से भरपूर रहने वाला है। निवेश से पहले रिसर्च करें और अपने खर्चों को लेकर खास ध्यान दें। काम के सिलसिले में विदेश की यात्रा के योग बन रहे हैं। सेहत के मामले में भाग्य साथ देगा। धनु आज का दिन आपके लिए खुशखबरी लाएगा, एजुकेशन के मामले में आपोक अच्छी खबर मिल सकती है, इनकम के नए मौके भी आपको मिलेंगे, इसलिए थोड़ा ध्यान दें। अपने लाइफ पार्टनर के लिए थोड़ा समय निकालें। मकर सीनियर्स या मैनेजमेंट की नाराजगी झेलनी पड़ सकती है। आज का आपका दिन पॉजिटिव एनर्जी से भरपूर रहने वाला है। धन का आगमन होगा लेकिन खर्च बढ़ने की संभावना भी ज्यादा है।आर्थिक स्थिति भी मजबूत रहने वाली है कुम्भ समय पर काम ना पूरा होने से आपको ऑफिस में दिक्कत हो सकती है, इसके लिए आपको अभी से डेडलाइन तय करनी होगी। बाहर के खाने से परहेज करें, क्योंकि डाइजेशन से जुड़ी दिक्कतें आज हो सकती हैं। कन्या कन्या राशि वालों के लिए कल का दिन ठीक है, आपको कुछ मामलों में हेल्थ का ध्यान रखना है। इस समय आपको खर्च को लेकर ध्यान रखना है, आपके लिए इस समय चीजें पॉजिटिव होंगी। धन को सावधानी से संभालें। मीन मीन राशि वालों के लिए समय ठीक है। ऑफिस गॉसिप से बचें, अपने किसी भी रिश्ते में दूरी ना आनें दे। खर्च या बड़ी खरीददारी से पहले चीजों को अच्छे से चेक कर लें, आपके लिए दिन छीक है। recent visitors 61

नड्डा का बड़ा बयान: भारत का आर्थिक जगत नए युग में, सुधारों से बदल रही तस्वीर

नई दिल्ली राज्यसभा में बोलते हुए नेता सदन जेपी नड्डा ने कहा कि विकसित भारत 2047 तक पहुंचने के लिए आज 2026 में क्या करना है और अगले पांच सालों में क्या कार्रवाई की जाएगी, इसके रोड मैप को राष्ट्रपति के अभिभाषण में इंगित किया गया है। वह बुधवार को राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर बोल रहे थे। उन्होंने पिछले कुछ दिनों का जिक्र करते हुए कहा कि एक तरीके से आर्थिक जगत में क्रांति पर क्रांति आती चली गई है। पहले यूरोपीय यूनियन के साथ हमारा समझौता, फिर आर्थिक सर्वे, उसके बाद क्रांतिकारी बजट और फिर इंडो-यूएस डील। एक के बाद एक श्रृंखला में हमको ऐसा देखने को मिला है। जेपी नड्डा ने कहा कि आर्थिक सर्वे की बात करूं तो इसमें बड़े स्पष्ट शब्दों में कहा गया है कि यह सबसे तेजी से आगे बढ़ती हुई प्रमुख अर्थव्यवस्था बनी है। उन्होंने कहा कि वर्ल्ड इकनॉमिक फोरम के चीफ ने कहा है कि भारत ग्लोबल ग्रोथ में 20 प्रतिशत का योगदान देगा। उन्होंने कहा कि यह हम नहीं कह रहे हैं बल्कि वर्ल्ड इकनॉमिक फोरम के चीफ ने कहा है। उन्होंने कहा कि हमारा यूरोपीय यूनियन के साथ ट्रेड एग्रीमेंट हुआ है। यह एग्रीमेंट भारतीय व्यवसायियों, कारीगरों, उद्यमियों और आईटी सेक्टर से जुड़े लोगों के लिए नए दरवाजे खोलने वाला है। यह एग्रीमेंट भारतीय लोगों के लिए 27 देशों का दरवाजा खोलने वाला है। इस समझौते को 'मदर ऑफ ऑल डील' कहा गया है। उन्होंने इसे रोजगार बढ़ाने वाला कदम बताया। जेपी नड्डा ने सदन में इंडिया और ओमान के बीच हुए समझौते का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि यह समझौता मध्यपूर्व रणनीतिक ऊर्जा और व्यापार के एक कॉरिडोर के रूप में हासिल किया गया है। उन्होंने बताया कि हमने लिंक वेस्ट नीति को और मजबूत किया है। यहां उन्होंने इंडिया-न्यूजीलैंड फ्री ट्रेड एग्रीमेंट का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि यह हमारे किसानों के लिए लाभकारी है। यह हमारे उद्यमियों को नई दिशा देगा। छात्रों के लिए नए गंतव्य खोलेगा। यह महिलाओं के विकास में सहायक होगा और नई संभावनाओं को तलाशेगा। जेपी नड्डा ने इंग्लैंड के साथ हुए फ्री ट्रेड समझौते का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि यह भारत के इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी सेक्टर से जुड़े लोगों के लिए और उद्यमियों के लिए बहुत महत्वपूर्ण होगा। उन्होंने विपक्ष पर तंज करते हुए कहा कि आप कहते थे गरीबी हटाओ, लेकिन यह नारा देते-देते आपने मिडिल मैन पैदा किए और मिडिल मैन के माध्यम से भ्रष्टाचार हुआ है। उन्होंने विपक्ष से कहा कि आपने गरीबों को वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल किया। न उनको घर दिया, न उनके रहने की व्यवस्था की, न उनके लिए बैंक खाते खुलवाए, न गैस की व्यवस्था की। यह सब व्यवस्था नरेंद्र मोदी सरकार ने की है। आज देश में 25 करोड़ लोग गरीबी की रेखा से ऊपर आ चुके हैं। हमने गरीब लोगों का आज सुदृढ़ीकरण किया। उनके लिए पक्के घर बनाएं। अभी तीन करोड़ घर और बनाए जाएंगे। साढ़े 12 करोड़ लोगों को पेयजल का कनेक्शन दिया, 10 करोड़ को गैस कनेक्शन दिया। उन्होंने कहा कि आज देशभर में 95 करोड़ लोगों को सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाया गया है। नड्डा ने बताया कि 6 लाख 75 हजार करोड़ रुपए डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर से लोगों के खातों में ट्रांसफर किए गए हैं। उन्होंने बताया कि भारत आज दुनिया का सबसे बड़ा हेल्थ कवरेज देश बन चुका है। 62 करोड़ लोगों को आज हम गंभीर बीमारियों से लड़ने के लिए 5 लाख रुपए तक का बीमा देते हैं। गरीब आदमी अब आयुष्मान कार्ड लेकर अस्पताल में जाता है और अपनी बीमारियों का निशुल्क उपचार करवाता है। उन्होंने कहा कि पहले हालात यह थे कि बुजुर्ग आर्थिक तंगी के कारण अपना उपचार तक नहीं करवा पाते थे, लेकिन आज बुजुर्ग निश्चिंत होकर अपना उपचार करवाते हैं। एक रिपोर्ट बताती है कि आज कैंसर का पता लगने पर 90 प्रतिशत लोगों का उपचार तीस दिन के भीतर शुरू हो जाता है। recent visitors 58

कोई बच्चा मजबूर नहीं: सीएम योगी दिला रहे एडमिशन, इलाज और फौरन आर्थिक सहारा

लखनऊ नर्सरी में एडमिशन कराने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पास पहुंची मासूम बच्ची की जिद हो या चॉकलेट की मांग करने वाले बच्चों की हठ। जिन मुख्यमंत्री का नाम सुनकर अपराधी कांप उठते हैं, बच्चे उन्हीं से मिलकर सहजता से अपनी जिद मनवा लेते हैं। कहते हैं, 'बच्चे मन के सच्चे', वे अपने दिल की भावना को अत्यंत निश्छलता से प्रकट कर देते हैं, यही भाव उस समय सामने आया, जब सीएम योगी आदित्यनाथ को देखते ही एक छोटी बच्ची ने उन्हें सैल्यूट किया। सीएम ने भी मुस्कुराते हुए बच्ची को खूब मन लगाकर पढ़ने के लिए कहा। उनका यह बाल प्रेम उनके कोमल हृदय व सर्वसुलभ होने के साथ-साथ जनसेवा, संवेदना व सुशासन की जीवंत तस्वीर प्रस्तुत करता है। मुख्यमंत्री के बच्चों से जुड़ाव और उनके साथ भावनात्मक संवाद के कई दृश्य समय-समय पर सामने आते रहते हैं। विगत सोमवार को ‘जनता दर्शन’ में मां के साथ आई बच्ची अनाबी अली से सीएम का संवाद इन दिनों चर्चा में है। अपने एडमिशन के लिए जिद, फिर एबीसीडी व कविता सुनाकर अनाबी ने सीएम का दिल जीत लिया। मकर संक्रांति पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का गोरखनाथ मंदिर में एक बच्चे से “और क्या चाहिए” पूछना और उसका मासूम जवाब सुनकर खिलखिलाकर हंसना भी उनके बालप्रेम को प्रकट करता है। बच्चों से अत्यंत आत्मीयता से संवाद और उनके भविष्य को लेकर त्वरित निर्णय मुख्यमंत्री की संवेदनशीलता को प्रदर्शित करते हैं। बीते दिनों ‘जनता दर्शन’ में दो साल की अनन्या से संवाद भी लोगों के मन को छू गया। इसी तरह 31 दिसंबर को मेजर की बेटी अंजना भट्ट ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर अपने मकान पर कब्जे की शिकायत की, जिस पर मुख्यमंत्री ने 24 घंटे के भीतर न सिर्फ मकान को कब्जा मुक्त कराया, बल्कि आरोपियों पर एफआईआर व तत्काल गिरफ्तारी भी कराई। यह मामला सीएम की जन समस्याओं के प्रति गंभीरता को प्रकट करते हुए स्पष्ट संदेश देता है कि वे कानून व्यवस्था, बच्चों, महिलाओं और कमजोर वर्गों से जुड़े मामलों का समाधान कराने में तनिक भी विलंब नहीं करते। कानपुर की मूक-बधिर युवती खुशी गुप्ता की कहानी भी इन दिनों हर किसी की जुबां पर है। मुख्यमंत्री से मिलने की उसकी जिद और अकेले पैदल चलकर लखनऊ पहुंचने की जानकारी जब सीएम योगी आदित्यनाथ को मिली तो उन्होंने उसे बुलाकर उसके बनाए चित्रों को स्वीकार किया और उसके शिक्षित-सुरक्षित भविष्य का आश्वासन दिया। मुख्यमंत्री के अपनत्व से भाव-विभोर खुशी की ‘अनकही भावनाओं’ ने 25 करोड़ प्रदेशवासियों के बीच मुख्यमंत्री की ‘प्रदेश ही परिवार’ धारणा की विश्वसनीय तस्वीर पेश की। ‘जनता दर्शन’ के जरिए लखनऊ की अनाबी अली, कानपुर की मायरा, गोरखपुर की पंखुड़ी और मुरादाबाद की वाची का स्कूल में एडमिशन कराना भी सीएम योगी की संवेदनशीलता का हिस्सा है। कानपुर की नन्ही मायरा ने कहा था कि मैं बड़ी होकर डॉक्टर बनना चाहती हूं। इस पर सीएम ने तत्काल उसका प्रवेश कराने का निर्देश दिया। वाची ने कहा कि मैं पढ़ना चाहती हूं, सीएम ने उसका भी प्रवेश कराया। गोरखपुर की पंखुड़ी की फीस माफ कराने के साथ ही उसे पुनः विद्यालय भेजना भी सुनिश्चित कराया। 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस परेड में आए बच्चे सीधे सीएम योगी के पास पहुंच गए। सभी ने सीएम के साथ फोटो खिंचवाई, उनसे बातचीत की। सीएम ने उन्हें दुलारा और एक नन्ही बच्ची को गोद में लेकर अपना वात्सल्य भाव प्रकट किया। बीते सितंबर में ‘जनता दर्शन’ में कानपुर की रायपुरवा निवासी एक वृद्ध मां अपने कैंसर पीड़ित बेटे का दर्द लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पास पहुंची थीं। उनकी तकलीफ देखकर सीएम द्रवित हो गए और कैंसर पीड़ित बेटे को एंबुलेंस से सीधे कल्याण सिंह सुपर स्पेशियिलिटी कैंसर इंस्टीट्यूट भिजवाकर उसका इलाज प्रारंभ कराया। ऐसे अनेक उदाहरण हैं, जो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बाल प्रेम, जनसेवा, संवेदना व सुशासन की जीवंत तस्वीर प्रस्तुत करते हैं। recent visitors 62

राहुल गांधी पर बीजेपी का वार, कहा– ऐसी राजनीति से लोकतंत्र होता है कमजोर

नई दिल्ली भाजपा सांसदों ने कांग्रेस पर सदन में शोर करने और कार्यवाही बाधित करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने लोकतंत्र को शर्मसार करने वाला काम सदन के अंदर किया है। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा, "लोकतंत्र को शर्मसार करने वाला काम सदन के अंदर हुआ। राहुल गांधी ने समझ लिया कि ये कांग्रेस पार्टी का दफ्तर है। देश के खिलाफ बोलना कभी सकारात्मक सोच का काम नहीं है। राहुल गांधी के नेतृत्व में देश के खिलाफ एक साजिश के तहत ये हुआ है।" उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी नाटक करने वालों का अड्डा बन गई है। जैसे नाटक में झूठ और भ्रम फैलाए जाते हैं, वही काम राहुल गांधी कर रहे हैं। यह एक ऐसा काम है, जो लोकतंत्र को शर्मसार करता है। राहुल गांधी सोचते हैं कि संसद कांग्रेस पार्टी का ऑफिस है और इस बिल्डिंग में हमारे अलावा कोई और राज नहीं कर सकता है। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के उस लेटर पर निशाना साधा, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि उन्हें लोकसभा में बोलने नहीं दिया गया। मंत्री रिजिजू ने कहा, "मैंने इसका जवाब दे दिया है। उन्होंने कहा था कि वह नियमों के बाहर बोलेंगे। हमने दो दिन इंतजार किया, लेकिन दूसरों को भी बोलने का मौका मिलना चाहिए। वह मनमाने ढंग से नहीं बोल सकते। यह भारत की संसद है, यहां नियमों के अनुसार ही बोलना पड़ता है।" भाजपा सांसद अरुण गोविल ने विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा, "उनके व्यवहार की जितनी निंदा की जाए कम है। इस तरह का व्यवहार अगर एक सांसद करे तो बहुत शर्मनाक है। राहुल गांधी सदन में क्या बोलते हैं और कैसे व्यवहार करते हैं, उनको खुद नहीं पता होता है।" भाजपा सांसद शशांक मणि ने 8 विपक्षी सांसदों के निलंबन पर कहा, "उनके खिलाफ कार्रवाई इसलिए की गई क्योंकि उन्होंने संसद की मर्यादा का हनन किया। जो उन पर कार्रवाई की गई है, वो सही है। इस प्रकार से कोई और भी हंगामा करेगा तो मुझे पूरा विश्वास है कि अध्यक्ष इस प्रकार की कार्रवाई करेंगे।" भाजपा सांसद दर्शन सिंह चौधरी ने कहा, "कांग्रेस के आरोप बेबुनियाद हैं। जिस तरह से राहुल गांधी और उनके समर्थक गठबंधन ने बर्ताव किया, वह एक ऐसा काम है, जो संसद की गरिमा को ठेस पहुंचाता है।" recent visitors 65

थाली से सेहत तक खतरा! राज्यसभा में राघव चड्ढा ने खोली मिलावटखोरों की पोल

नई दिल्ली आम आदमी पार्टी (आप) के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने बुधवार को सदन में देश में खाने में मिलावट जैसे गंभीर मुद्दे को उठाया। उन्होंने इसे एक बड़ा स्वास्थ्य संकट बताया जो खासकर बच्चों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं के लिए गंभीर खतरा पैदा करता जा रहा है। आप सांसद राघव चड्ढा ने संसद में बोलते हुए कंपनियों पर सेहतमंद और एनर्जी बढ़ाने वाले झूठे दावों के तहत हानिकारक उत्पाद बेचने का आरोप लगाया। उन्होंने विस्तार से बताया कि कैसे रोजमर्रा की जरूरी चीजों में खतरनाक पदार्थ मिलाए जाते हैं। उन्होंने बताया कि दूध खरीदिए, उसमें यूरिया मिलता है, सब्जियों में ऑक्सीटोसिन है, पनीर में स्टार्च और कास्टिक सोडा होता है, आइसक्रीम में डिटर्जेंट पाउडर मिलता है, फलों के जूस में सिंथेटिक फ्लेवर और आर्टिफिशियल रंग होते हैं, खाने के तेल में मशीन का तेल मिलाया जाता है, मसालों में ईंट का पाउडर और लकड़ी का बुरादा होता है, चाय में सिंथेटिक रंग मिलाए जाते हैं और पोल्ट्री उत्पादों में एनाबॉलिक स्टेरॉयड मिलाए जाते हैं। यहां तक ​​कि देशी घी में जो मिठाइयां बनानी चाहिए, वो भी वनस्पति तेल और डालडा से बनाया जाता है। आप सांसद राघव चड्ढा ने आगे बताया कि एक मां अपने बच्चे को दूध का गिलास देती है, ये सोचकर कि उसके सेहत के लिए कैल्शियम और प्रोटीन मिलेगा और मेरा बच्चा दुरुस्त बनेगा। लेकिन उसे इस बात का जरा भी अंदाजा नहीं है कि वह अपने बच्चे को यूरिया और डिटर्जेंट मिला हुआ दूध पिला रही है। उन्होंने एक रिसर्च स्टडी का हवाला दिया, जिसमें दिखाया गया कि दूध के सैंपल में 71 प्रतिशत यूरिया और 64 प्रतिशत में न्यूट्रलाइजर जैसे सोडियम बाइकार्बोनेट पाए गए। उन्होंने कहा कि देश में दूध का इतना उत्पादन नहीं है, जितना बेचा जा रहा है। सब्जियां जिन्हें हम सेहत का खजाना समझकर खरीदते हैं, उनमें ऑक्सीटोसिन का इंजेक्शन लगाकर फ्रेश करके बेचा जाता है। ऑक्सीटोसिन वह खतरनाक केमिकल है, जिससे चक्कर आना, सिरदर्द, हार्ट फेलियर, बांझपन और कैंसर जैसी बीमारियां होती हैं। उन्होंने बताया कि 2014-15 और 2025-26 के बीच जितने भी सैंपल की जांच हुई, उनमें से 25 प्रतिशत सैंपल में मिलावट पाई गई, जिसका मतलब है कि हर चार में से एक सैंपल में मिलावट पाई गई। उन्होंने आगे कहा कि जो प्रोडक्ट भारत में बनते हैं, लेकिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बैन हो गए हैं, दो बड़ी भारतीय मसाला कंपनियों के उत्पादों पर कैंसर पैदा करने वाले कीटनाशकों के कारण यूके और पूरे यूरोप में बैन लगा दिया गया था, फिर भी वही उत्पाद भारत में खुलेआम बेचे जा रहे हैं। उन्होंने दुख जताया कि जो चीजें विदेशों में पालतू जानवरों के लिए भी ठीक नहीं हैं, उनका यहां बिना सोचे-समझे सेवन किया जा रहा है। उन्होंने भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) को पर्याप्त कर्मचारियों और प्रयोगशाला सुविधाओं के साथ मजबूत करने, उल्लंघन करने वालों पर वित्तीय जुर्माना बढ़ाने, मिलावटी उत्पादों का नाम बताने और उन्हें शर्मिंदा करने के लिए एक सार्वजनिक रिकॉल सिस्टम शुरू करने और विज्ञापनों में गुमराह करने वाले स्वास्थ्य दावों पर बैन लगाने का प्रस्ताव दिया। recent visitors 57