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Wednesday, June 17, 2026 2:22 pm

सब्जियों की बढ़ती कीमतों ने बढ़ाई घर के खाने की लागत, शाकाहारी थाली महंगी

Rising prices of vegetables increase the cost of home food, vegetarian thali becomes expensive

अक्टूबर में सब्जियों की कीमतों में वृद्धि के कारण घर में बना शाकाहारी और मांसाहारी खाना महंगा हो गया है। रेटिंग एजेंसी क्रिसिल की रिपोर्ट के अनुसार, शाकाहारी थाली की कीमत पिछले साल की तुलना में 20% बढ़कर 33.3 रुपये प्रति प्लेट तक पहुंच गई है, जो सितंबर के 31.3 रुपये प्रति प्लेट से अधिक है। इस बढ़ोतरी का मुख्य कारण सब्जियों की कीमतों में उछाल है। आइए जानते हैं कि आखिर शाकाहारी और मांसाहारी थाली की कीमतों में यह इजाफा क्यों हुआ।

Rising prices of vegetables increase the cost of home food

क्रिसिल की रिपोर्ट के अनुसार अक्टूबर में प्याज की कीमतें सालाना आधार पर 46 फीसदी बढ़ीं, जबकि आलू की कीमतें 51 फीसदी बढ़ीं, जिसका मुख्य कारण लगातार बारिश होना है, जिसके कारण आवक कम हुई

आलू-प्याज-टमाटर ने बढ़ाई महंगाई

रिपोर्ट के अनुसार मासिक ‘रोटी चावल दर’ रिपोर्ट के अनुसार, अक्टूबर में प्याज की कीमतें सालाना आधार पर 46 फीसदी बढ़ीं, जबकि आलू की कीमतें 51 फीसदी बढ़ीं, जिसका मुख्य कारण लगातार बारिश होना है, जिसके कारण आवक कम हुई और महाराष्ट्र और कर्नाटक में फसल भी प्रभावित हुई. रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि टमाटर की कीमतें एक साल पहले की समान अवधि के 29 रुपए प्रति किलोग्राम से दोगुनी होकर 64 रुपए प्रति किलोग्राम हो गई हैं, क्योंकि बारिश के कारण आवक प्रभावित हुई है. रिपोर्ट में कहा गया है कि मध्य प्रदेश, राजस्थान और हिमाचल प्रदेश से आपूर्ति शुरू होने के साथ नवंबर से इस जिंस (टमाटर) की कीमतें स्थिर होने की संभावना है.

ये भी है महंगाई का कारण

रिपोर्ट में कहा गया है कि सब्जियों की कीमतों का कुल थाली लागत में 40 प्रतिशत भारांश होता है और इसलिए उतार-चढ़ाव ने कुल लागत को प्रभावित किया. रिपोर्ट में कहा गया है कि शाकाहारी थाली में 11 प्रतिशत भार वाली दालों की कीमतों में इस महीने के दौरान 11 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जिसका कारण शुरुआती स्टॉक में कमी, स्टॉक पाइपलाइन में कमी और त्योहारी मांग का होना है. रिपोर्ट में कहा गया है कि नई आवक के कारण दिसंबर से कीमतों में गिरावट आने की उम्मीद है. रिपोर्ट में कहा गया है कि ईंधन की लागत में सालाना आधार पर 11 प्रतिशत की गिरावट ने भोजन की लागत में उछाल को रोकने में मदद की.

मांसाहारी थाली में मामूली इजाफा

वहीं दूसरी ओर मांसाहारी थाली की महंगाई को लेकर भी रिपोर्ट में ज्यादा चिंता व्यक्त नहीं की गई है. मांसाहारी थाली के मामले में, ब्रॉयलर की कीमतों में 9 प्रतिशत की गिरावट, जो कि थाली की लागत का आधा हिस्सा है, ने लागत में अपेक्षाकृत धीमी वृद्धि की. रिपोर्ट के अनुसार घर में बनी मांसाहारी थाली की कीमत अक्टूबर में 61.6 रुपये रही, जबकि एक महीने पहले इसी अवधि में यह 59.3 रुपये और एक साल पहले इसी अवधि में 58.6 रुपए थी. रिपोर्ट में कहा गया है कि मांसाहारी थाली की लागत में 22 प्रतिशत हिस्सा सब्जियों की कीमतों का भी रहा.

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