MP में बिजली संकट की आहट! कोयला स्टॉक पर उमंग सिंघार ने सरकार को घेरा

MP बिजली संकट को लेकर उमंग सिंघार ने सरकार पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कोयला स्टॉक और ताप बिजली घरों के घटते उत्पादन का दावा करते हुए रबी सीजन में किसानों की बिजली जरूरत को लेकर चिंता जताई। भोपाल। मध्यप्रदेश में आगामी रबी सीजन और त्योहारी दिनों में बिजली की बढ़ती मांग के बीच बिजली व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने प्रदेश में संभावित MP बिजली संकट को लेकर सरकार पर निशाना साधते हुए कोयले के स्टॉक और ताप बिजली घरों के उत्पादन पर सवाल उठाए हैं। MP बिजली संकट को लेकर उमंग सिंघार का दावा उमंग सिंघार ने कहा कि MP बिजली संकट की स्थिति को देखते हुए सरकार को रबी सीजन से पहले पर्याप्त बिजली व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए। उमंग सिंघार ने दावा किया कि मध्यप्रदेश के ताप बिजली घरों में कोयले का स्टॉक घटकर 4.04 लाख मीट्रिक टन रह गया है। उनके मुताबिक यह स्टॉक करीब 6 दिन की जरूरत के बराबर है।सिंघार ने कहा कि आने वाले समय में रबी सीजन शुरू होने वाला है। इस दौरान किसानों को सिंचाई के लिए बिजली की जरूरत बढ़ेगी। वहीं नवरात्रि के दौरान घरेलू बिजली खपत में भी बढ़ोतरी हो सकती है। ऐसे में सीमित कोयला स्टॉक को लेकर उन्होंने सरकार की तैयारियों पर सवाल उठाए हैं। बिजली उत्पादन में गिरावट का भी आरोप उमंग सिंघार के अनुसार, प्रदेश के प्रमुख ताप बिजली घरों का बिजली उत्पादन 1088.4 मेगावाट से घटकर 404.2 मेगावाट तक पहुंच गया है।उन्होंने कहा कि यदि बिजली उत्पादन और कोयले की उपलब्धता को लेकर समय रहते व्यवस्था नहीं की गई तो आने वाले दिनों में किसानों और घरेलू उपभोक्ताओं के सामने परेशानी खड़ी हो सकती है। Read More: जनता जमीन पर परेशान, ₹350 करोड़ के जेट के बाद ₹225 करोड़ का हेलीकॉप्टर खरीदी पर ! उमंग सिंघार ने मोहन सरकार को घेरा 24 घंटे बिजली के दावे पर सरकार को घेरा सिंघार ने मुख्यमंत्री मोहन यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार को 24 घंटे बिजली उपलब्ध कराने के दावों और प्रचार से आगे बढ़कर जमीनी स्तर पर बिजली की उपलब्धता सुनिश्चित करनी चाहिए।उन्होंने किसानों को रबी सीजन में पर्याप्त बिजली उपलब्ध कराने की मांग करते हुए सरकार से बिजली व्यवस्था को लेकर ठोस तैयारी करने को कहा। ‘उजाले के वादे, संकट का अंधेरा’ उमंग सिंघार ने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि जनता को उजाले के वादे किए गए थे, लेकिन मौजूदा स्थिति में बिजली संकट की आशंका दिखाई दे रही है।उन्होंने सरकार से कोयले की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने और ताप बिजली घरों में उत्पादन क्षमता बनाए रखने की मांग की। आंकड़ों को लेकर जरूरी बात कोयला स्टॉक और बिजली उत्पादन से जुड़े 4.04 लाख मीट्रिक टन, करीब 6 दिन और 1088.4 से 404.2 मेगावाट के आंकड़े उमंग सिंघार द्वारा किए गए दावे पर आधारित हैं। संबंधित सरकारी विभाग या बिजली कंपनियों की आधिकारिक जानकारी सामने आने पर स्थिति की स्वतंत्र पुष्टि की जा सकेगी। recent visitors 4