सीहोर के करीब खड़े ट्रक में घुसी यात्री बस, एक की मौत, आधा दर्जन से अधिक घायल, सूरत से आ रहे थे पैसेंजर

सीहोर  जिले के सैकड़ा खेड़ी गांव के पास इंदौर-भोपाल हाईवे पर गुरुवार सुबह एक भीषण सड़क हादसा हो गया। सूरत से भोपाल की ओर जा रही एक यात्री बस सड़क किनारे खड़े ट्रक में पीछे से जा घुसी। इस हादसे में बस में सवार एक यात्री की मौत हो गई, वहीं एक दर्जन से ज्यादा यात्री घायल बताए जा रहे हैं। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और बचाव कार्य शुरू किया। घायलों को उपचार के लिए सीहोर अस्पताल रवाना किया गया है। जानकारी के अनुसार ट्रक ड्राइवर सड़क किनारे अपना वाहन खड़ा कर उसका टायर बदल रहा था, तभी अचानक तेज रफ्तार से आ रही बस ट्रक में जा घुसी। हादसे की वजह से बस का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। खड़े ट्रक में घुसी बस यह दर्दनाक हादसा सीहोर के सैकड़ा खेड़ी इलाके में हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बस बहुत तेज गति से आ रही थी और अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खड़े ट्रक में पीछे से जा घुसी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बस का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे के बाद घटनास्थल पर चीख पुकार मच गई। स्थानीय लोगों ने किया रेस्क्यू स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया और घायलों को बस से बाहर निकाला। घायलों को इलाज के लिए सीहोर के जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है। डॉक्टरों के अनुसार, कुछ घायलों की हालत गंभीर बनी हुई है। ट्रक का टायर बदल रहा था ड्राइवर पुलिस ने बताया कि हादसे के समय ट्रक ड्राइवर सड़क किनारे खड़े होकर अपने ट्रक का टायर बदल रहा था। प्रारंभिक जांच में बस चालक की लापरवाही और तेज रफ्तार हादसे का कारण लग रही है। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आगे की जांच कर रही है। मृतक की पहचान अभी नहीं हो पाई है। बस चालक मौके से फरार पुलिस ने बताया कि हादसे के बाद बस चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस उसकी तलाश कर रही है। इस घटना के बाद से इलाके में मातम का माहौल है। मृतक के परिजनों को सूचना दे दी गई है। इस हादसे में घायल हुए लोगों में एक गर्भवती महिला भी शामिल है। उसकी हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है। डॉक्टर उसकी और उसके बच्चे की सेहत पर नजर रखे हुए हैं। पुलिस ने शुरु की पूछताछ पुलिस ने आसपास के लोगों से भी पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस CCTV फुटेज भी खंगाल रही है ताकि हादसे की असली वजह का पता चल सके। recent visitors 63

सिरोही जिले में सड़क हादसे में एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत

 सिरोही राजस्थान में ब्यावर-पिंडवाड़ा हाईवे (NH-62) पर गुरुवार सुबह करीब 7.15 बजे टायर फटने के कारण बड़ा हादसा हो गया है। कार नाले में गिर गई और एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत हो गई। कार सवार पिंडवाड़ा से जोधपुर की तरफ जा रहे थे।एसपी सिरोही अनिल कुमार ने बताया है कि कार का संतुलन बिगड़ने से यह हादसा हुआ है। पांच लोगों की मौत हो गई है। जबकि, एक महिला घायल हो गई है। अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सिरोही में सारनेश्वर ब्रिज के पास यह हादसा हुआ है। कार का टायर फटने से कार बेकाबू हो गई और यह हादसा हो गया। दूसरी तरफ सिरोही कोतवाली थानाधिकारी कैलाश दान ने बताया कि कार में सवार एक परिवार गुजरात से जोधपुर की तरफ जा रहा था। तभी सारनेश्वर जी पुलिए के पास कार के आगे का टायर फट गया, जिससे कार अनियंत्रित होकर डिवाडर को पार करते हुए नाले में गिर गई। हादसा इतना दर्दनाक था फलोदी के खारा गांव के निवासी दो महिला, दो पुरुष और एक बच्चे की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक महिला घायल हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही सीओ मुकेश चौधरी, कोतवाली थानाधिकारी मय टीम के मौके पर पहुंचे और घायल महिला को जिला अस्पताल पहुंचाया। साथ ही मृतकों के शवों को मोर्चरी में रखवाया है। सीआई कैलाशदान ने बताया कि जानकारी में सामने आया है कि सभी मृतक एक ही परिवार के हो सकते हैं। सभी गुजरात गए थे और वापस अपने गांव खारा लौट रहे थे। इस दौरान हादसे का शिकार हो गए। हादसे में घायल महिला का जिला अस्पताल में उपचार जारी है। दिवाली मनाने आ रहा था परिवार पुलिस के मुताबिक, फलोदी (राजस्थान) का परिवार 40 साल से गुजरात के दाहोद में रहता था। परिवार दिवाली मनाने गुजरात से फलोदी आ रहे थे। गुरुवार सुबह 7 बजे तेज रफ्तार कार कोतवाली थाना इलाके में ब्यावर-पिंडवाड़ा NH-62 पर थानेश्वरजी पुलिया के पास पहुंची ही थी कि अचानक टायर फट गया। स्विफ्ट कार अनियंत्रित होकर डिवाइडर तोड़ते हुए हाईवे से नीचे नाले में गिर गई। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। क्षतिग्रस्त कार को क्रेन की मदद से बाहर निकलवाया। घायल महिला को सिरोही हॉस्पिटल पहुंचाया। हादसे में इनकी गई जान एक्सीडेंट में दाहोद (गुजरात) निवासी प्रताप (53) पुत्र कांती लाल भाटी, रामूराम (50) पुत्र प्रेमाराम भाटी, उषा (50) पत्नी प्रताप भाटी, पुष्पा (25) पत्नी जगदीश भाटी और आशु (11 महीने) पुत्र जगदीश भाटी की मौत हो गई। शारदा (50) पत्नी रमेश भाटी घायल हो गईं। परिवार गुजरात का रहने वाला था। आशु, पुष्पा का बेटा था। इस हादसे में दोनों की जान चली गई है। recent visitors 68

देश में सड़क हादसों में हर साल मरने वालों में 60% लोग 18-34 वर्ष की आयु वर्ग के होते हैं

नई दिल्ली भारत में सड़क हादसों में होने वाली मौतों का आंकड़ा चिंताजनक है। 2023 में देश में 1,73,000 लोग सड़क हादसों में अपनी जान गंवा बैठे। इनमें से लगभग 55% मौतें केवल छह बड़े राज्यों – उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु, महाराष्ट्र, कर्नाटक, मध्य प्रदेश और राजस्थान में हुई हैं। राजस्थान में सड़क हादसों में सबसे ज्यादा इजाफा देखा गया है, जहां 2022 की तुलना में 2023 में सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों में 6% की वृद्धि हुई है। केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने इस बढ़ते हुए आंकड़े पर चिंता व्यक्त करते हुए शनिवार को अधिकारियों और इंजीनियरों से सड़क दुर्घटनाओं की जांच करने और सुधारात्मक कदम उठाने का आग्रह किया। सड़क हादसों में बुझ गए हजारों घरों के चिराग आंकड़ों से पता चलता है कि 2023 में इन छह राज्यों में 95,246 लोगों की मौत सड़क हादसों में हुई, जबकि 2022 में यह संख्या 91,936 थी। हालांकि सड़क परिवहन मंत्रालय और राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) द्वारा अभी तक सड़क दुर्घटनाओं और मौतों पर रिपोर्ट प्रकाशित नहीं की गई है, लेकिन यह ट्रेंड बताता है कि भारत द्वारा अगले छह वर्षों में सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों को आधा करने की कोशिश के बावजूद यह समस्या कितनी गंभीर होती जा रही है। पिछले साल देश में कहां हुए सबसे अधिक सड़क हादसे दिल्ली में संयुक्त आयुक्त (यातायात) रह चुके पूर्व आईपीएस अधिकारी सत्येंद्र गर्ग ने बताया कि दुर्घटनाओं की उचित जांच और हस्तक्षेप से सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों को कम किया जा सकता है। दिल्ली के यातायात मुद्दों से निपटने के दौरान मुझे इसका एहसास हुआ था। ज़्यादातर दुर्घटनाओं और मौतों को रोका जा सकता है। हादसों की जांच जरूरी विशेषज्ञों का मानना है कि सरकारी अधिकारियों को इस मानसिकता से बाहर निकलने की जरूरत है कि बड़े राज्यों में सड़कें और वाहन ज्यादा होने के कारण सड़क हादसों में होने वाली मौतों की संख्या भी ज्यादा होगी। सड़क सुरक्षा विशेषज्ञ और ड्राइविंग मैनुअल के लेखक नरेश राघवन का कहना है कि कानूनों को लागू करने के साथ-साथ ड्राइवरों को शिक्षित करने पर भी ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता है। वह कहते हैं कि याद रखें कि केवल पांच या छह नियमों को ही पुलिस यातायात नियमों को लागू कर सकती है। शेष 45 बुनियादी सड़क नियम लोगों/ड्राइवरों को सिखाने होंगे। केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने शनिवार को सड़क और पुल निर्माण में उभरते रुझानों और तकनीकों पर एक सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि पिछले साल सड़क दुर्घटनाओं में हमने 1.73 लाख लोगों की जान गंवाई है और याद रखें कि हर साल मरने वाले लगभग 60% लोग 18-34 वर्ष की आयु वर्ग के होते हैं। सड़क दुर्घटनाओं की सामाजिक-आर्थिक लागत हमारे सकल घरेलू उत्पाद का लगभग 3% है। कृपया इसे गंभीरता से लें। सड़क सुरक्षा के मुद्दों को संवेदनशीलता से निपटें, दुर्घटनाओं की जांच करें, खतरनाक जगहों को ठीक करें और मुद्दों का समाधान करें। हमने युद्धों में भी इतने लोगों को कभी नहीं खोया। recent visitors 166

साल 2023 में सड़क हादसों में 1.73 लाख से ज्यादा लोगों की मौत, हर तीन मिनट में एक जान गई

नई दिल्ली साल 2023 में सड़क हादसों में 1.73 लाख से ज्यादा लोगों की मौत हो गई। यानी हर दिन औसतन 474 और हर तीन मिनट में एक जान गई। ये आंकड़े राज्यों ने केंद्र सरकार को दिए हैं। जब से केंद्र सरकार ने सड़क हादसों के कारणों और उनकी गंभीरता को समझने के लिए आंकड़े जमा करने शुरू किए हैं, तब से लेकर अब तक सबसे ज्यादा मौतें इसी साल हुई हैं। डरा रहे हैं ये आंकड़े पिछले साल सड़क हादसों में करीब 4.63 लाख लोग घायल हुए थे। यह 2022 के मुकाबले 4% ज्यादा है। इन आंकड़ों से साफ है कि सड़क हादसों में घायल होने वालों की संख्या बढ़ रही है। साल 2022 में सड़क हादसों में 1.68 लाख लोगों की मौत हुई थी। यह जानकारी सड़क परिवहन मंत्रालय की रिपोर्ट में दी गई थी। वहीं एनसीआरबी के मुताबिक 2022 में सड़क हादसों में 1.71 लाख लोगों की जान गई थी। इन दोनों ही एजेंसियों ने अभी 2023 के लिए अपने आंकड़े जारी नहीं किए हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, गुजरात, राजस्थान, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, पंजाब, असम और तेलंगाना समेत कम से कम 21 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 2022 के मुकाबले 2023 में सड़क हादसों में मरने वालों की संख्या बढ़ी है। हालांकि आंध्र प्रदेश, बिहार, दिल्ली, केरल और चंडीगढ़ जैसे राज्यों में सड़क हादसों में मरने वालों की संख्या में मामूली गिरावट आई है। सड़क हादसों में सबसे ज्यादा यूपी में मौतें सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में सबसे ज्यादा मौतें उत्तर प्रदेश में हुई हैं। यहां पिछले साल सड़क हादसों में 23,652 लोगों की जान गई। इसके बाद तमिलनाडु में 18,347, महाराष्ट्र में 15,366, मध्य प्रदेश में 13,798 और कर्नाटक में 12,321 लोगों की मौत सड़क हादसों में हुई। हालांकि सड़क हादसों में घायल होने वालों की लिस्ट में तमिलनाडु सबसे ऊपर है। यहां 72,292 लोग सड़क हादसों में घायल हुए। इसके बाद मध्य प्रदेश में 55,769 और केरल में 54,320 लोग सड़क हादसों का शिकार हुए। सूत्रों का कहना है कि पिछले साल मरने वाले करीब 44% लोग (करीब 76,000) दोपहिया वाहन सवार थे। यह ट्रेंड पिछले कुछ सालों से जारी है। उन्होंने यह भी कहा कि पिछले साल मरने वाले करीब 70 फीसदी दोपहिया सवारों ने हेलमेट नहीं पहना था। सड़क सुरक्षा एक्सपर्ट्स का कहना है कि अब वक्त आ गया है कि केंद्र और राज्य सरकारें दोपहिया सवारों की मौतों को कम करने के लिए ठोस कदम उठाएं। शहरों और गांवों में ज्यादातर लोग आने-जाने के लिए दोपहिया वाहनों का ही इस्तेमाल करते हैं। recent visitors 155

विदिशा : त्योंदा में बस हादसा, अंधे मोड़ पर स्लीपर बस पलटी, 6 से अधिक यात्री घायल

विदिशा विदिशा जिले के त्योंदा में हादसा हो गया। यहां की सरकारी अस्पताल के पास अंधे मोड पर स्लीपर बस पलट गई। इस घटना में 6 से अधिक लोग घायल हो गए, जिन्होंने त्योंदा अस्पताल में उपचार कराया। घटना शुक्रवार-शनिवार की दरमियानी रात करीब 3 से 3.30 के बीच की है। हादसे की जानकारी मिलने पर त्योंदा थाना प्रभारी बलबीर सिंह गौर सहित पुलिस बल मौके पर पहुंचा। ग्रामीणों और पुलिस ने यात्रियों को बस से बाहर निकाला। हादसे में घायल यात्रियों को घटना स्थल 100 मीटर दूर स्थानीय त्योंदा के ही शासकीय अस्पताल ले जाया गया। जहां घायल यात्रियों का उपचार किया गया। उपचार के बाद यात्री दूसरी बस में बैठकर चले गए। इंदौर से टीकमगढ़ जा रही थी बस बता दें कि महाकाल ट्रेवल्स की स्लीपर नाइट बस रात्रि में इंदौर से चलकर त्योंदा होते हुए टीकमगढ़ की ओर जा रही थी। इस दौरान त्योंदा शासकीय अस्पताल के पास अंधे मोड पर यात्रियों से भरी बस पलट गई।जिसमें आधा दर्जन से अधिक सवार यात्री घायल होना बताए गए। हादसे में किसी काे ज्यादा हानि नहीं हुई है। हादसे में यह लोग हुए घायल अस्पताल से बताया है कि बस पलटने से 6 से अधिक यात्री घायल हुए हैं। जिनमें बस का क्लीनर टीकमगढ़ के जतारा तहसील के ग्राम खरोई निवासी रज्जन सिंह ठाकुर (40 ) इनके अलावा बस में सवार यात्री विरोरा निवास गुलजरी विश्वकर्मा (35), अंशुल विश्वकर्मा (12) , प्रकाश विश्वकर्मा (48) और राजगढ़ निवासी मुन्नी बाई (35), टीकमगढ़ निवासी शुभम मिश्रा (30) घायल हुए हैं। इनके अलावा अन्य लोगों को भी मामूली चोटें आई हैं। घायलों में कुछ व्यापारी भी शामिल हैं जो इंदौर से सामान खरीद कर टीकमगढ़ की ओर जा रहे थे।   recent visitors 192

कानपुर में दो ट्रकों के बीच चल रही थी कार, आगे वाले ने लगाए ब्रेक तो पीछे वाले ने मार दी टक्कर, 5 की मौत

कानपुर कानपुर के भौती हाईवे पर सोमवार सुबह हुए एक दर्दनाक हादसे में पीएसआईटी इंजीनियिरंग कॉलेज के चार छात्रों समेत पांच की मौके पर दर्दनाक मौत हो गई। घटना के समय चारों स्टूडेंट्स कार से कॉलेज जा रहे थे। भौती चौराहे के पास पहुंचने पर कार ट्राले में जा घुसी। मौके पर पहुंची पुलिस ने गाड़ी काट कर पांचों शवों को बाहर निकालकर तत्काल पोस्टमार्टम हाउस के लिए भेज दिया। सनिगवां निवासी विजय साहू पीएसआईटी के बीटेक फोर्थ ईयर के छात्र प्रतीक, थर्ड ईयर के सतीश और गरिमा और फर्स्ट ईयर की आयुषी को कार में बैठाकर सोमवार सुबह कॉलेज में छोड़ने जा रहे थे। अभी कार भौती चौराहे के पास पहुंची थी। तभी एकाएक आगे चल रहे ट्राले ने अचानक ब्रेक मारी। अनियंत्रित का ट्राले में जा घुसी। इसी बीच पीछे से आ रहा ट्रक भी कर में जा घुसा। इस दर्दनाक हादसे में ड्राइवर समेत चारों स्टूडेंट की मौके पर ही मौत हो गई। कंट्रोल रूम की सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने गैस कटर की सहायता से कार को काटकर शवों को बाहर निकाल पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पनकी इंस्पेक्टर मानवेंद्र सिंह ने बताया कि दर्दनाक हादसे में पांच लोगों की मौत हुई है। परिजनों से बात कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। आगे चल रहे ट्रक ने लगाया ब्रेक बताया जा रहा है कि भौती में आगे चल रहे ट्रक वाले ने किसी वाहन को मुड़ता देख ब्रेक लगा दिया। आगे वाले ट्रक द्वारा ब्रेक लगाए जाने के बाद कार चालक भी ब्रेक लगाया लेकिन इसी दौरान पीछे से आ रहे तेज रफ्तार के ट्रक ने कार में टक्कर मार दिया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार आगे चल रहे ट्रक में जाकर टकरा गई और आगे तथा पीछे ट्रक से टक्कर होने के कारण कार पिचक गई। हादसे के बाद उसमें सवार लोग दब गए। इस हादसे में कानपुर के इंजीनियरिंग कॉलेज के चार स्टूडेंट और एक चालक की मौत हुई है। मृतकों की पहचान बीटेक की छात्रा आयुषी पटेल और गरिमा त्रिपाठी तथा छात्र प्रतीक सिंह और सतीश के रूप में हुई। इसके अलावा कर चला रहा चालक विजय साहू की भी मौत हो गई। विजय साहू सनिगवां का रहने वाला था। कार को कटर से काटकर निकाले गए शव हादसे की जानकारी मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची। इस दौरान आगे और पीछे दोनों तरफ से ट्रक से दब जाने के चलते कार में सवार लोग भी दब गए थे। काफी मशक्कत के बाद भी उनका शव बाहर नहीं निकाला जा सका। उसके बाद पुलिस द्वारा कटर मंगाया गया। कटर मंगाने के बाद कार को काटकर उसमें फंसे सभी लोगों का शव बाहर निकाला गया। घटना की जानकारी देते हुए डीसीपी वेस्‍ट राजेश कुमार सिंह द्वारा बताया गया कि हादसे में चार लोगों की मौत हुई है। मरने वाले सभी लोगों की डेड बॉडी को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजते हुए आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।     recent visitors 114

मिर्जापुर में बड़ा हादसा,तेज रफ्तार ट्रक ने ट्रैक्टर-ट्राली को मारी टक्कर, मौके पर 10 की मौत, मची चीख पुकार

मिर्जापुर उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर में एक बड़ा सड़क हादसा हुआ है। कछवा थाना क्षेत्र के कटका पडाव के पास ट्रक और ट्रैक्टर की भिड़ंत में 10 मजदूरों की मौत हो गई। तीन लोग घायल हो गए हैं। घायल लोगों को इलाज के लिए वाराणसी के ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया है। सारे मजदूर वाराणसी के रहने वाले थे। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, हादसे के समय ट्रैक्टर-ट्राली में करीब 13 मजदूर सवार थे। सभी मजदूर औराई के तिवरी गांव से ढलाई कर वापस वाराणसी लौट रहे थे। यह हादसा करीब रात 12.30 बजे के आसपास का बताया जा रहा है। इस हादसे की जानकारी मिलने के तुरंत बाद आला अधिकारी मौके पर पहुंचे और राहत बचाव कार्य में जुटे। सड़क हादसे के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने वाराणसी-प्रयागराज हाइवे को जाम कर दिया। प्रशासन गुस्साए लोगों को मनाने की जद्दोजहद में जुटा हुआ है। ट्रक ने पहले बाइक को मारी टक्कर प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि तेज रफ्तार ट्रक ने पहले तो बाइक को टक्कर मारी। इसके बाद ट्रक का कंट्रोल खो गया और ट्रैक्टर-ट्राली से टकरा गया। हादसे के बाद में ट्रॉली उछलकर नाले में जा गिरी। वहीं, ट्रक भी नाले में जाकर गिर गया। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और आसपास के लोग सभी को बचाने में जुट गए। सीओ अमर सिंह ने जानकारी दी कि रात करीब 12.30 बजे पुलिस को हादसे की जानकारी मिली। तुरंत मौके पर पहुंची पुलिस ने सभी को बाहर निकाला। इसके बाद एंबुलेंस को बुलाया गया और हादसे में घायल लोगों को वाराणसी में रेफर कर दिया। सभी शवों को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी में भी भेजा गया। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा एसपी अभिनंदन ने बताया कि ट्रक ने टैक्टर ट्रॉली को पीछे से टक्कर मारी। सभी के शवों को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी में भेज दिया गया। ट्रक का चालक मौके से भाग गया। ट्रक को कब्जे में ले लिया गया। इस संबंध में एफआईआर भी दर्ज कराई गई है। घायलों को वाराणसी के ट्रामा सेंटर में रेफर कर दिया गया है। सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस ने यह भी बताया कि आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। recent visitors 79