जीआईएस से मिले 30.77 लाख करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

  भारत के विकास को गति दे रहा है मध्यप्रदेश : केंद्रीय गृह मंत्री शाह जीआईएस भोपाल के समारोह में केन्द्रीय गृह मंत्री ने की मध्यप्रदेश सरकार के नवाचारों की सराहना जीआईएस से मिले 30.77 लाख करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव: मुख्यमंत्री डॉ. यादव हमने निवेश के लिए बनाया है नया इको-सिस्टम हमारी निवेश नीतियों को सबने सराहा, निवेशकों का बढ़ा है मध्यप्रदेश पर विश्वास आरआईसी के सफल प्रयासों का प्रतिफल मिला जीआईएस में भोपाल केन्द्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा है कि भोपाल में सम्पन्न दो दिवसीय ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट सिफ मध्यप्रदेश की नहीं, यह देश की उपलब्धि है। उद्योगों की स्थापना को प्रोत्साहन देने के लिये उठाये गये कदम भारत के विकास को भी गति देने का कार्य कर रहे हैं। मध्यप्रदेश निश्चित ही प्रमुख उद्योग राज्य बनेगा। मध्यप्रदेश में निवेशकों में निवेश करने के प्रति विश्वास बढ़ा है। स्थायी और सशक्त सरकार, पारदर्शी प्रशासन, उपयोगी नीतियां, सहयोगी सामाजिक वातावरण, आर्थिक प्रगति के लिये ऐसे आधार हैं, ‍जो मध्यप्रदेश में मौजूद हैं। मध्यप्रदेश देश का ऐसा पहला राज्य है जिसने जनविश्वास अधिनियम, ईज ऑफ डूइंग के माध्यम से पहल की है। निश्चित ही मध्यप्रदेश टॉप एचीवर बनेगा। केन्द्रीय मंत्री शाह मंगलवार की शाम भोपाल के इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय परिसर में हुई दो दिवसीय ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के समापन सत्र को संबोधित कर रहे थे। केन्द्रीय मंत्री शाह ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सूत्र वाक्य 'विरासत भी और विकास भी' को मध्यप्रदेश चरितार्थ कर रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने वर्ष@2047 तक पूर्ण विकसित भारत का संकल्प किया है। भारत विश्व की तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था होगा। इसमें मध्यप्रदेश अपना योगदान देते हुए महत्वपूर्ण सहयोगी राज्य सिद्ध होगा। मध्यप्रदेश ने लोकल और ग्लोबल दोनों स्तर पर प्रगति के प्रयासों में सहभागी बनने का सराहनीय कार्य किया है। यह ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट बहुत सफल रही है। इसकी सफलता के लिये मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और उनकी टीम बधाई और अभिनंदन की पात्र हैं। मध्यप्रदेश में इस समिट में हुए एमओयू जल्द ही मूर्त रूप लेकर प्रदेश के विकास को गति प्रदान करेंगे। मध्यप्रदेश में किया गया प्रयोग सम विकास के लिये आवश्यक केन्द्रीय गृह मंत्री शाह ने कहा कि मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. द्वारा किया गया रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव का प्रयोग सफल रहा। सम विकास के लिये ऐसे प्रयास आवश्यक हैं। अन्य राज्य भी यह प्रयोग कर सकते हैं। प्रत्येक क्षेत्र में अलग तरह का निवेश संभव होता है। मध्यप्रदेश में फिजीकल पोटेंशियल, सेक्टोरल और ग्लोबल पोटेंशियल के मार्ग प्रशस्त हुए हैं। प्रधानमंत्री मोदी की भावना के अनुरूप मध्यप्रदेश में औद्योगिक विकास का महत्वपूर्ण कार्य हो रहा है। केन्द्रीय मंत्री शाह के उद्बोधन के प्रमुख बिन्दु     मध्यप्रदेश में सशक्त अधोसंरचना मौजूद है। भूमि, जल और बिजली की पर्याप्त उपलब्धता है।     यहां कुशल मानव संसाधन की प्रचुरता है।     मध्यप्रदेश में मार्केट का एक्सेस और पारदर्शी प्रशासन है।     मध्यप्रदेश में स्थिर सरकार, केन्द्रीय भौगोलिक स्थिति, उद्योगों के लिये अनुकूल नीतियां हैं।     यहां सभी कुछ प्रचुर मात्रा में उपलब्ध है।     मध्यप्रदेश उद्योगपतियों के आकर्षण का प्रमुख केन्द्र है।     मध्यप्रदेश में सर्वाधिक खनिज संसाधन उपलब्ध हैं।     मध्यप्रदेश देश की कॉटन केपिटल है। यहां देश के कपास उत्पादन का एक चौथाई ऑर्गेनिक फार्म में होता है।     मध्यप्रदेश में खाद्य प्र-संस्करण की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य हुआ है।     यह अत्यंत सराहनीय है कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वर्ष-2025 को उद्योग वर्ष घोषित किया है।     मध्यप्रदेश तेजी से औद्योगिक विकास की उपलब्धि प्राप्त करेगा।     आज सम्पन्न समिट में 200 से अधिक संस्थानों के प्रतिनिधि, 60 देशों के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में प्रतिभागी शामिल हुए। कई विभागीय सम्मेलन और सेक्टोरल सत्र भी समिट में सम्पन्न हुए हैं। यह मध्यप्रदेश की ग्लोबल उपस्थिति का परिचायक है।     प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में निवेश का तैयार हुआ सकरात्मक माहौल : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने केंद्रीय गृहमंत्री शाह के जीआईएस के समापन सत्र में आने के लिए उनका अभिनंदन करते हुए कहा कि कल प्रधानमंत्री मोदी द्वारा जीआईएस का शुभारंभ और आज गृह मंत्री शाह द्वारा समापन से मध्यप्रदेश ने देश के कुशल नेतृत्व का मार्गदर्शन प्राप्त किया है। उन्होंने इसके लिए मध्यप्रदेश की जनता की ओर से आभार जताया। उन्होंने निवेशकों से कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश में औद्योगीकरण और निवेश को लेकर एक सकारात्मक माहौल बना है। मप्र में पर्याप्त जल, जंगल, जमीन, बिजली, लैंड बैंक और निवेश के लिये अनुकूल वातावरण बना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में एक वर्ष पहले क्षेत्रीय स्तर पर रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव (आरआईसी) की शुरुआत की थी, ताकि संभाग स्तर पर औद्योगीकरण और निवेश को और अधिक बढ़ावा दिया जा सके। उन्होंने कहा कि आरआईसी के बहुत अच्छे परिणाम हमें मिले हैं। आरआईसी में किए गए प्रयासों का प्रतिफल हमें जीआईएस में मिला है। हमने मध्यप्रदेश को आगे बढ़ाने और निवेशकों का हौसला बढ़ाने के लिए निवेश नीतियों में कई बदलाव किए हैं। हमारी नई निवेश नीतियों की सभी ने सराहना की है। हमारी सरकार ने वर्ष-2025 को उद्योग वर्ष घोषित किया है। टेक्सटाइल, फार्मा और ऑटो उद्योग में हम तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। विकास का इस कारवां में हम लगातार आगे बढ़ते रहेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में 100 से अधिक एक्सपटर्स और उद्योगपतियों सहित करीब 25000 से अधिक प्रतिभागियों ने सहभागिता की। इसमें 60 से अधिक देशों के निवेशक डेलीगेट भोपाल आए। जीआईएस करीब 5000 बिजनेस-टू-बिजनेस और 600 बिजनेस-टू-गर्वनमेंट मीटिंग्स आयोजित हुई। उन्होंने बताया कि अब तक सरकार को 30 लाख 77 हजार करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। विभिन्न एमओयू साइन किये गये। प्रदेश सरकार अपने प्रयासों को धरातल पर उतरने के लिए पूर्ण प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में हमारी सरकार यहां के युवाओं, किसानों, महिलाओं और सभी प्रकार के संभावित क्षेत्रों में विकास के इस अभियान को जारी रखेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पिछले वर्ष लागू किए गए आपराधिक कानूनों के क्रियान्वयन के लिए मध्यप्रदेश में किए गए नवाचारों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि एक वर्ष में हम सभी नए आपराधिक कानून सुधारों को पूरी तरह लागू कर मध्यप्रदेश को देश … Read more

माननीय केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह जी के भोपाल आगमन पर पुष्प गुच्छ भेंट कर स्वागत

भोपाल केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह का मंगलवार को भोपाल आगमन पर आत्मीय स्वागत किया गया। केंद्रीय गृह मंत्री शाह शाम 4 बजे विशेष विमान से के राजकीय विमानतल पर पहुंचे। राजकीय विमानतल पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, खजुराहो सांसद विष्णुदत्त शर्मा, नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल सहित अन्य जनप्रतिनिधयों ने उनका पुष्प-गुच्छ भेंट कर हार्दिक अभिनंदन किया। डीजीपी कैलाश मकवाना, कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह, पुलिस आयुक्त हरिनारायण चारी मिश्रा ने भी उनका स्वागत किया।   recent visitors 60

आचार्य जी के उपदेश प्रकाश स्तंभ की तरह: पथ को आलोकित कर देती है सन्मार्ग पर चलने की प्रेरणा – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

रायपुर जैन आचार्य विद्यासागर जी महाराज ने हमें सिखाया कि हमारी संस्कृति ही हमारी पहचान है। अगर हम अपनी संस्कृति को खो देते हैं तो विश्व के समक्ष हमारी कोई पहचान नहीं रह जाती। आचार्य जी ने संप्रदायवाद, भाषावाद, जातिवाद आदि संकीर्णताओं से ऊपर उठकर मानवता एवं विश्व बंधुत्व का संदेश हम सभी को दिया है। केन्द्रीय गृहमंत्री शाह आज डोंगरगढ़ के चंद्रगिरी तीर्थ में आचार्य विद्यासागर जी महाराज की समाधि स्मारक के भूमिपूजन और विनयांजलि समारोह को सम्बोधित करते हुए यह बात कही। कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने की। केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि जैन आचार्यो और मुनियों ने संपूर्ण देश को एकसूत्र में बांधने का कार्य किया है। जैन संतों और मुनियों ने उत्तर प्रदेश के हस्तिनापुर से लेकर कर्नाटक के श्रवणबेलगोला तक और बिहार के राजगीर से गुजरात के गिरनार तक हर जगह पैदल भ्रमण कर ज्ञान का प्रकाश फैलाते हुए त्याग और तपश्चर्या से सन्मार्ग पर चलने के लिए लोगों को प्रेरित किया है। उन्होंने कहा कि आचार्य विद्यासागर जी ने एक कल्पवृक्ष की भांति जीवन जिया। उनके तप और त्याग से प्रत्येक क्षण देशवासियों को नई प्रेरणा मिली।  उन्होंने कहा कि आज इस स्थान पर सभी लोगों ने मिलकर आचार्य जी की भव्य समाधि का निर्माण करने का निर्णय लिया है, इसके लिए  सभी साधुवाद के पात्र हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि पूज्य आचार्य विद्यासागर जी महाराज भौतिक देह से भले ही हमारे बीच उपस्थित नहीं है, लेकिन उनके उपदेश हमें प्रकाश स्तंभ की तरह युगों युगों तक हमेशा सन्मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते रहेंगे। आचार्य जी ने धर्म की रक्षा और राष्ट्र की मजबूती के लिए मीलों पैदल सफर तय किया। आहार-विहार का ऐसा संयम रखा जिसे सोचकर ही हम सब चकित रह जाते हैं। आचार्य जी ने करोड़ों लोगों को अपने जीवन से प्रेरणा दी। वे एक राष्ट्र संत थे और स्वदेशी के प्रति उनका गहरा अनुराग था। वे हमेशा कहते थे कि हमें अपनी सांस्कृतिक जड़ों को कभी नहीं छोड़ना चाहिए। मुख्यमंत्री साय ने पूज्य समता सागर जी महाराज और देशभर से आए सभी जैन मुनियों को प्रणाम करते हुए कहा कि  संतों का आशीर्वाद छत्तीसगढ़ को सदैव मिलता रहे, ऐसी मेरी कामना है। उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी, लोकसभा सांसद संतोष पाण्डेय, विधायक डोंगरगढ़ श्रीमती हर्षिता स्वामी बघेल, जैन समाज के अशोक पाटनी, महोत्सव के अध्यक्ष विनोद बड़जात्या, श्रीकांत प्रभात जैन, विनोद जैन, मनीष जैन एवं अन्य जनप्रतिनिधि सहित समाज के अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। recent visitors 48

आचार्य जी ने भारतीय भाषाओं के संवर्धन, देश के गौरव का विश्वभर में प्रसार और देश की पहचान ‘इंडिया’ की बजाय ‘भारत’ से होने पर जोर दिया:अमित शाह

रायपुर : केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह आज छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव में आचार्य विद्यासागर जी महाराज के ‘प्रथम समाधि स्मृति महोत्सव’ और 1008 सिद्धचक्र विधान विश्व शांति महायज्ञ में शामिल हुए केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह आचार्य विद्यासागर जी महाराज एक युग पुरुष थे, उन्होंने एक नए विचार और नए युग का प्रवर्तन किया आचार्य विद्यासागर जी के शरीर का कण-कण और जीवन का क्षण-क्षण धर्म, संस्कृति और राष्ट्र को समर्पित रहा आचार्य जी ने भारतीय भाषाओं के संवर्धन, देश के गौरव का विश्वभर में प्रसार और देश की पहचान ‘इंडिया’ की बजाय ‘भारत’ से होने पर जोर दिया जी-20 सम्मेलन के निमंत्रण पत्र पर ‘प्राइम मिनिस्टर ऑफ भारत’ लिख कर, मोदी जी ने विद्यासागर जी के विचारों को जमीन पर उतारने का काम किया आचार्य विद्यासागर जी अपने कर्मों से भारत, भारतीय संस्कृति, भारतीय भाषाओं और भारत की पहचान के प्रतिबिंब बने आचार्य विद्यासागर जी का संदेश, प्रवचन व लेखन जैन समुदाय के साथ-साथ पूरे राष्ट्र के लिए अनमोल धरोहर मोदी जी के नेतृत्व में भारत ‘वसुधैव कुटुंबकम’ और ‘अहिंसा परमो धर्म:’ के सिद्धांतों का प्रचार कर रहा है जिस देश में अनेक भाषाएँ, लिपियाँ, बोलियाँ, व्याकरण और गाथाएँ हों, वह देश सांस्कृतिक रूप से उतना ही समृद्ध होता है रायपुर केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आज छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव में आचार्य गुरुवर विद्यासागर जी महाराज के प्रथम समाधि स्मृति महोत्सव को मुख्य अतिथि के तौर पर संबोधित किया और 1008 सिद्धचक्र विधान विश्व शांति महायज्ञ में शामिल हुए। इस दौरान केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आचार्य विद्यासागर जी की स्मृति में ₹100 का स्मारक सिक्का, डाक विभाग का ₹5 का विशेष लिफाफा, 108 चरण चिन्हों व चित्र का लोकार्पण और प्रस्तावित समाधि स्मारक ‘विद्यायतन’ का शिलान्यास किया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, उप-मुख्यमंत्री विजय शर्मा और पूज्य मुनि समता सागर जी महाराज सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। अपने संबोधन में अमित शाह ने कहा कि आचार्य विद्यासागर जी महाराज एक युग पुरुष थे, जिन्होंने एक नए विचार और नए युग का प्रवर्तन किया। उन्होंने कहा कि कर्नाटक में जन्मे आचार्य गुरुवर विद्यासागर जी महामुनिराज अपने कर्मों से भारत, भारतीय संस्कृति, भारतीय भाषाएँ और भारत की पहचान के ज्योतिर्धर बने। शाह ने कहा कि शायद ही यह सम्मान किसी ऐसे धार्मिक संत को मिला होगा, जिन्होंने धर्म के साथ-साथ देश की पहचान की व्याख्या विश्व भर में की हो। उन्होंने कहा कि आचार्य विद्यासागर जी के शरीर का कण-कण और जीवन का क्षण-क्षण धर्म, संस्कृति और राष्ट्र को समर्पित रहा। केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि उन्हें कई बार आचार्य विद्यासागर जी का सान्निध्य मिला और हर बार आचार्य जी ने भारतीय भाषाओं के संवर्धन, देश के गौरव का विश्वभर में प्रसार और देश की पहचान ‘इंडिया’ की बजाय ‘भारत’ से होने पर जोर दिया। अमित शाह ने कहा कि जी-20 सम्मेलन के निमंत्रण पत्र पर ‘प्राइम मिनिस्टर ऑफ भारत’ लिख कर, मोदी जी ने विद्यासागर जी के विचारों को जमीन पर उतारने का काम किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने आचार्य जी के विचार को जरा भी राजनीति किए बगैर जमीन पर उतारा और उनके संदेश का अनुकरण करने का काम किया। केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि आचार्य जी ने जीवन के अंतिम क्षण तक तपस्या का मार्ग नहीं छोड़ा। शाह ने कहा कि आचार्य जी ने न केवल जैन धर्म के अनुयायियों को बल्कि जैनेत्तर अनुयायियों को भी अपनी आध्यात्मिक ऊर्जा से मोक्ष का मार्ग बताने का काम किया। अमित शाह ने कहा कि यह बोलने वाले बहुत लोग मिलते हैं कि धर्म, राष्ट्र और समाज के लिए जीवन का हर क्षण समर्पित होना चाहिए। लेकिन पूरा जीवन इसी तरह जीने वाले लोग कभी-कभार ही दिखते हैं और आचार्य जी का जीवन ऐसा ही रहा। उन्होंने कहा कि आचार्य जी ने ‘अहिंसा परमो धर्म:’ के सिद्धांत की समय अनुकूल व्याख्या कर पूरे विश्व में इसे स्थापित करने का काम किया। उन्होंने कहा कि आचार्य विद्यासागर जी महाराज ने जैन धर्म के सिद्धांत के अनुरूप इस बात का ख़याल रखा कि उनके शिष्य भी उन्हीं सिद्धांतों पर जीवन व्यतीत करें। केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में भारत ‘वसुधैव कुटुंबकम’ और ‘अहिंसा परमो धर्म:’ के सिद्धांतों का प्रचार कर रहा है। उन्होंने कहा कि इस अवसर के लिए स्मारक सिक्का और विशेष लिफाफा की स्वीकृति देने के लिए वह मोदी जी के प्रति आभार व्यक्त करते हैं। उन्होंने कहा कि आचार्य जी को दी गई यह कार्यांजलि संत परंपरा का सम्मान है। उन्होंने कहा कि आचार्य जी का प्रस्तावित समाधि स्मारक ‘विद्यायतन’ युगों-युगों तक आचार्य जी के सिद्धांतों, संदेशों और उपदेशों के प्रचार का स्थान बनकर रहेगा। शाह ने कहा कि जिस संत ने अपना पूरा जीवन विद्या की उपासना में बिताया, उनकी समाधि का नाम ‘विद्यायतन’ के अलावा कुछ और नहीं हो सकता। अमित शाह ने कहा कि इस अवसर पर मध्य प्रदेश के डिंडोरी जिले में निः शुल्क कन्या विद्यालय का भी शिलान्यास किया गया है। उन्होंने कहा कि इस विद्यालय में कौशल विकास और रोजगार दोनों सम्मिलित होंगे और अध्यापन कार्य मातृभाषा में होगा। उन्होंने कहा कि आचार्य जी के 108 चरण चिह्नों का भी लोकार्पण हुआ है, जो त्याग, तपस्या और संयम के जीवन का संदेश देंगे। केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि भारत की संत परंपरा बहुत समृद्ध है। उन्होंने कहा कि देश को जब जिस भूमिका की ज़रूरत पड़ी, संत परंपरा ने उस भूमिका का निर्वहन किया। उन्होंने कहा कि संतों ने ज्ञान का सृजन किया, देश को एकता के सूत्र में बाँधा और जब गुलामी का कालखंड था, तब संतों ने भक्ति के माध्यम से राष्ट्र चेतना की लौ जलाए रखी। उन्होंने कहा कि देश का शासन और देश जब आज़ादी के बाद पाश्चात्य विचारों से प्रभावित होकर चलने लगा, तब विद्यासागर जी महाराज एकमात्र आचार्य थे जिन्होंने भारत, भारतीयता और भारतीय संस्कृति से खुद को जोड़े रखा।अमित शाह ने कहा कि जैन मुनियों ने पूरे देश को एक करने में अपना महत्त्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के हस्तिनापुर से लेकर कर्नाटक के श्रवणबेलगोला तक, बिहार … Read more

छत्तीसगढ़ में आज विद्यासागर महाराज के समाधि स्मृति महोत्सव में शामिल हुए गृहमंत्री अमित शाह

डोंगरगढ़  चंद्रगिरि तीर्थ में आयोजित विनयांजलि समारोह में अमित शाह शामिल हुए। इस समारोह में CM साय भी मौजूद है। 18 फरवरी 2024 को आचार्य विद्यासागर महाराज ने डोंगरगढ़ के चंद्रगिरी तीर्थ में समाधि ली थी। तिथि के अनुसार उनके समाधि को आज 6 फरवरी 2025 को एक वर्ष पूर्ण हो रहे है और एक वर्ष पूर्ण होने पर चंद्रगिरी ट्रस्ट की ओर से 1 से 6 फरवरी तक भव्य महोत्सव कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। डोंगरगढ़ में प्रसिद्ध मां बम्लेश्वरी का मंदिर है, प्रज्ञागिरि और चंद्रगिरि जैसे धार्मिक स्थल और विद्यासागर महाराज जी की समाधि के बाद यह क्षेत्र अब महातीर्थ बन चुका है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत समेत कई बड़े नेता यहां विद्यासागर महाराज से मुलाकात कर चुके हैं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आचार्य विद्यासागर की तस्वीर वाला 100 रुपए का स्मृति सिक्का भी जारी कर सकते हैं। 18 फरवरी 2024 को आचार्य विद्यासागर महाराज ने डोंगरगढ़ के चंद्रगिरी तीर्थ में समाधि ली थी। तिथि के अनुसार उनके समाधि को आज 6 फरवरी 2025 को एक वर्ष पूर्ण हो रहे है और एक वर्ष पूर्ण होने पर चंद्रगिरी ट्रस्ट की ओर से 1 से 6 फरवरी तक भव्य महोत्सव कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। विशेष डाक टिकट भी जारी किए जा सकते हैं जैन समाज के मुताबिक अमित शाह भारतीय डाक विभाग की ओर से विशेष डाक टिकट और लिफाफे भी जारी किए जा सकते हैं। बता दें कि 18 फरवरी 2024 को आचार्य विद्यासागर महाराज ने डोंगरगढ़ स्थित चंद्रगिरी तीर्थ में समाधि ली थी। उनकी प्रथम पुण्यतिथि के अवसर पर चंद्रगिरी ट्रस्ट द्वारा 1 से 6 फरवरी तक भव्य महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। महातीर्थ बन चुका है डोंगरगढ़ डोंगरगढ़ में प्रसिद्ध मां बम्लेश्वरी का मंदिर है, प्रज्ञागिरि और चंद्रगिरि जैसे धार्मिक स्थल और विद्यासागर महाराज जी की समाधि के बाद यह क्षेत्र अब महातीर्थ बन चुका है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत समेत कई बड़े नेता यहां विद्यासागर महाराज से मुलाकात कर चुके हैं। संयम का रास्ता दिखाया विद्यासागर महाराज ने समाज को देशभक्ति और संयम का रास्ता दिखाया। राष्ट्र संत विद्यासागर महाराज का जीवन राष्ट्रभक्ति और जनसेवा को समर्पित रहा। उनके द्वारा स्थापित कई सामाजिक प्रकल्प आज भी डोंगरगढ़ में सक्रिय हैं। स्कूल और गौशाला संचालित जैन समाज के मुताबिक क्षेत्र में स्थित प्रतिभा स्थली स्कूल बेटियों की शिक्षा के प्रति उनकी विशेष प्रतिबद्धता का प्रमाण है। यह प्रदेश का सर्वश्रेष्ठ आवासीय स्कूल है। इसके अतिरिक्त, चंद्रगिरी तीर्थ में हथकरघा उद्योग और एक विशाल गौशाला भी संचालित है, जो उनकी सामाजिक दृष्टि को प्रतिबिंबित करते हैं।   recent visitors 64

राजस्थान के सांसद राजकुमार रोत ने शीतकालीन सत्र के दौरान गृहमंत्री अमित शाह से की मुलाकात

जयपुर  लोकसभा के शीतकालीन सत्र के बीच बांसवाड़ा सांसद राजकुमार रोत की एक तस्वीर ने सियासत का पारा चढ़ा दिया है। इस दौरान बांसवाड़ा सांसद ने विभिन्न मुद्दों को लेकर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात की। उन्होंने साल 2020 के दंगे के केस वापस लेने, भील प्रदेश के गठन समेत कई मुद्दे उठाए। इस मुलाकात को लेकर बांसवाड़ा सांसद ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर केंद्रीय गृहमंत्री के साथ मुलाकात की तस्वीर साझा की है। साल 2020 के दंगों पर बातचीत बांसवाड़ा सांसद राजकुमार रोत ने 2020 में डूंगरपुर जिले में नेशनल हाइवे 48 पर कांकरी डूंगरी दंगों का मुद्दा उठाया। इसको लेकर रोत ने दंगे के मामले को वापस लेने के लिए केंद्र सरकार से मंजूरी की मांग उठाई। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार के अधीन केस में राहत मिल गई है, लेकिन नेशनल हाइवे के केस अभी भी केंद्र सरकार के पास लंबित हैं। सांसद रोत ने यह भी बताया कि झारखंड और छत्तीसगढ़ राज्यों में जमीन अधिग्रहण के दौरान आदिवासियों को बेवजह परेशान किया जा रहा है और अतिरिक्त आर्मी लगाकर अत्याचार किया जा रहा है। अमित शाह से अलग से आदिवासी रेजीमेंट बनाने की मांग केंद्रीय गृहमंत्री से मुलाकात के दौरान सांसद ने आदिवासी रेजिमेंट की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि जाट और सिख रेजिमेंट की तरह आदिवासी रेजिमेंट भी शुरु की जाए। इस पर गृहमंत्री ने सकारात्मक विचार करने की बात कही। बीएपी के सांसद राजकुमार रोत की गृह मंत्री अमित शाह से पार्लियामेंट ऑफिस में तीन मिनट की मुलाकात हुई। इसमें उन्होंने आदिवासी क्षेत्र से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की गई। रोत ने भील प्रदेश को लेकर फिर उठाई मांग अमित शाह से मुलाकात के दौरान बांसवाड़ा सांसद ने एक बार फिर भील प्रदेश के गठन का मुद्दा उठाया। बता दें कि लोकसभा चुनाव में जीत हासिल करने के बाद संसद में शपथ लेने के दौरान भी बांसवाड़ा सांसद राजकुमार रोत ने भील प्रदेश की मांग की थी। इसके अलावा राजस्थान उपचुनाव में चैरासी से विधायक बने अनिल कटारा ने भी शपथ के बाद कहा कि उनकी पार्टी की भील प्रदेश की मांग हमेशा कायम रहेगी। recent visitors 50

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह 15 और 16 दिसंबर को छत्तीसगढ़ दौरे पर रहेंगे, बस्तर ओलंपिक के समापन समारोह में शामिल होंगे

रायपुर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह 15 और 16 दिसंबर को छत्तीसगढ़ दौरे पर रहेंगे. यहां वे पहले दिन जगदलपुर में आयोजित संभाग स्तरीय बस्तर ओलंपिक के समापन समारोह में शामिल होंगे. वहीं, अगले दिन सुबह शहीद जवानों के दो परिवारों से मुलाकात करेंगे. इस दौरान केंद्रीय मंत्री शाह नक्सल विरोधी अभियानों की समीक्षा करेंगे. आइए जानते हैं केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के छत्तीसगढ़ दौरे का पूरा कार्यक्रम… दरअसल, केंद्र की मोदी सरकार छत्तीसगढ़ के बस्तर से नक्सलवाद को खत्म करने को लेकर गंभीर है. केंद्रीय मंत्री शाह का छत्तीसगढ़ दौरा नक्सलवाद को खत्म करने को लेकर अहम माना जा रहा है, क्योंकि उन्होंने पिछले दौरे के दौरान छत्तीसगढ़ से 2026 तक नक्सलवाद खत्म होने का दावा किया था. इस दौरे के दौरान वे बस्तर में नक्सल विरोधी अभियानों की समीक्षा करेंगे. साथ ही आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों के पुनर्वास और ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों की प्रगति का जायजा भी लेंगे. जानकारी के मुताबिक, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह 15 दिसंबर की शाम को बस्तर पहुंच जाएंगे. ये है पूरा कार्यक्रम बता दें कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के बस्तर दौरे से पहले तैयारियों का जायजा लेने उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा शनिवार को जगदलपुर पहुंचे. उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने प्रशासनिक अधिकारियों को समय रहते तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए. इस दौरान उन्होंने बताया कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह 15 और 16 दिसंबर को बस्तर के दौरे में रहेंगे, 15 दिसंबर की शाम को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह बस्तर पहुंच जाएंगे. यहां वे एंटी एक्सल ऑपरेशन में साहस का परिचय देने वाले सुरक्षाबल के जाबाज जवानों से मुलाकात कर जवानों के साथ डिनर करेंगे. इसके बाद अगले दिन सुबह शहीद जवानों के दो परिवारों से मुलाकात करेंगे. छत्तीसगढ़ के इस दौरे के दौरान केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह जगदलपुर में बस्तर ओलंपिक के संभाग स्तरीय खेल प्रतियोगिता के समापन समारोह में भी हिस्सा लेंगे. यहां छात्रों से भी मुलाकात करेंगे. इसके बाद वे नक्सल प्रभावित इलाके में स्थित सुरक्षा बल के कैंप का दौरा भी करेंगे. इसके बाद केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह रायपुर में LWE की समीक्षा बैठक करेंगे. उसके बाद शाम 4:00 बजे के आसपास रायपुर से दिल्ली के लिए रवाना होंगे. बता दें कि अमित शाह के दौरे को लेकर छत्तीसगढ़ में तैयारियां देतज हो गई है. छत्तीसगढ़ गृह विभाग समेत रायपुर प्रशासन और बस्तर प्रशासन द्वारा उनके दौरे की तैयारियां की जा रहीं हैं. recent visitors 62