भारत की ओर से सैन्य कार्रवाई के अंदेशे के बीच पाकिस्तान में खौफ, पाक सेना ने रडार सिस्टम को सियालकोट पर तैनात किया

 नई दिल्ली जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमले को सात दिन हो गए हैं. इस हमले के बाद भारत की ओर से सैन्य कार्रवाई के अंदेशे के बीच पाकिस्तान खौफ में है. ऐसे में पाकिस्तानी सेना भारत के किसी भी तरह के संभावित हमले से बचने के लिए कई कदम उठा रहा है. जानकारी के मुताबिक, इंडियन एयरस्ट्राइक को डिटेक्ट करने के लिए पाकिस्तानी सेना अपने रडार सिस्टम को सियालकोट सेक्टर में फॉरवर्ड लोकेशन पर तैनात कर रही है. फिरोजपुर से सटे हुए इलाकों में भारत की मूवमेंट्स का पता लगाने के लिए पाकिस्तानी फौज इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर को भी फॉरवर्ड लोकेशंस पर तैनात कर रहा है. हाल ही में पाकिस्तान ने अंतरराष्ट्रीय सीमा से महज 58 किलोमीटर की दूरी पर चोर कंटोनमेंट में TPS-77 रडार को तैनात किया था. वहीं, पाकिस्तान ने लगातार पांचवें दिन सीजफायर का उल्लंघन किया और एलओसी पर फायरिंग की. पाकिस्तानी सेना ने बिना किसी उकसावे के कुपवाड़ा, बारामूला और अखनूर सेक्टर्स में फायरिंग शुरू की. भारतीय सेना ने पाकिस्तान का मुंहतोड़ जवाब दिया. बता दें कि पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत हुई थी जबकि 17 घायल हुए थे. यह हमला पहलगाम की बैसारन घाटी में किया गया था, जिसमें आतंकियों ने चुन-चुनकर लोगों को निशाना बनाया गया था. पहलगाम अटैक के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में हुई सुरक्षा मामलों की कैबिनेट कमेटी (CCS) ने सिंधु जल संधि को तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दिया था. यह पहली बार है जब भारत ने इतनी बड़ी और सख्त कार्रवाई की गई. भारत और पाकिस्तान के बीच तीन बड़ी जंग हो चुकी है लेकिन पहले कभी भी इस संधि को स्थगित नहीं किया गया. कैबिनेट कमेटी की बैठक में लिए गए फैसलों के बारे में विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर बताया था कि 1960 की सिंधु जल संधि तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दी गई. यह रोक तब तक रहेगी, जब तक पाकिस्तान क्रॉस बॉर्डर टेरेरिज्म को अपना समर्थन देना बंद नहीं करता.   recent visitors 39

भारतीय सेना की कार्रवाई से बचने पाकिस्तान ने आतंकवादियों को आर्मी के बंकर में शिफ्ट होने के लिए कहा

श्रीनगर पहलगाम आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकियों को लॉन्च पैड से निकालकर आर्मी शेल्टर्स में शिफ्ट किया जा रहा है. पाकिस्तान की सेना ने आतंकियों से कहा है कि वे या तो आर्मी शेल्टर या फिर बंकरों में चले जाएं. पीओके स्थित सभी लॉन्च पैड को खाली करने को कहा गया है. सुरक्षा एजेंसियों के सूत्रों ने बताया कि, पीओके में स्थित लॉन्च पैड से गाइड के जरिए आतंकी जम्मू-कश्मीर की सीमा में दाखिल होते हैं. हाल फिलहाल में भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने कुछ लॉन्च पैड की पहचान की थी, जिनमें से इन लॉन्च पैड से आतंकियों को शिफ्ट किया जा रहा है. सूत्रों ने बताया कि केल, सारडी, दुधनियाल, अथमुकम, जुरा, लीपा, पछिबन, फॉरवर्ड कहुटा, कोटली, खुइरत्ता, मंधार, निकैल, चमनकोट और जानकोटे में कुछ लॉन्च पैड हैं, जहां हमेश आतंकी मौजूद होते हैं. एलओसी के पास अपनी सुरक्षा बढ़ा रहे कश्मीरी सीमा पर तनाव के बीच कश्मीर में एलओसी के पास रहने वाले लोग भी अपनी सुरक्षा के इंतजाम करने लगे हैं. मसलन,कुछ वर्षों की सामान्य स्थिति और शांति के बाद, एलओसी के पास रहने वाले लोगों के लिए तनाव और अनिश्चितता फिर से वापस आ गई है. खासतौर से पीओके में भारतीय सैन्य कार्रवाई की चेतावनियों के बाद स्थानीय लोगों की चिंताएं बढ़ी है. नियंत्रण रेखा, कुपवाड़ा के केरन, माछिल, तंगधार क्षेत्रों में रहने वाले लोगों में डर का माहौल है, क्योंकि पहलगाम हमले के बाद गोलीबारी की घटनाएं फिर से आम हो गई हैं. अपनी सुरक्षा के लिए लोग अब बम शेल्टर खोल रहे हैं और उनकी सफाई कर रहे हैं, ताकि हालात बिगड़ने पर लोग अपनी जान बचा सकें. पाकिस्तान की तरफ से किया जा रहा सीजफायर का उल्लंघन पाकिस्तान पिछले कुछ हफ्तों से जम्मू-कश्मीर में सीजफायर का उल्लंघन कर रहा है, और पहलगाम हमले के बाद पाकिस्तान की ओर से ये उल्लंघन आम हो गए हैं. अप्रैल 2025 तक दर्ज की गई घटनाओं को एलओसी के साथ जम्मू-कश्मीर में कई क्षेत्रों में पाकिस्तान द्वारा उकसावे के रूप में देखा जा रहा है. भारतीय सेना ने प्रत्येक घटना का तेजी से और प्रभावी ढंग से जवाब दिया है, नागरिकों पर इसका कम से कम प्रभाव हुआ है.   recent visitors 33

घाटी में सुरक्षाबलों की बड़ी कार्रवाई आतंकियों के घर किये ध्वस्त, दो सहयोगी गिरफ्तार

पुलवामा जम्मू-कश्मीर (Jammu Kashmir) के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारतीय सुरक्षा बलों का ऑपरेशन जारी है. पुलवामा में सक्रिय आतंकवादी के घरों को भारतीय सुरक्षा बलों ने ध्वस्त कर दिया है. नई कार्रवाई में घाटी के अंदर सक्रिय आतंकियों के दो और घरों को ध्वस्त कर दिया गया है. जून 2023 से लश्कर के सक्रिय कैडर एहसान अहमद शेख के दो मंजिला घर को सुरक्षा बलों ने आईईडी का उपयोग करके उड़ा दिया है. वह पुलवामा के मुर्रान का रहने वाला है. ऐसी ही एक अन्य कार्रवाई में 2 साल पहले लश्कर में शामिल हुए शाहिद अहमद के घर को शोपियां के चोटीपोरा इलाके में विस्फोट कर उड़ा दिया गया है. पहलगाम हमले के बाद पिछले 48 घंटे में कुल 6 आतंकियों के घरों को ध्वस्त किया जा चुका है. आतंकियों के 5 घर ध्वस्त इसके अलावा, कल रात कुलगाम के क्विमोह में ज़ाकिर गनी के तीसरे घर को सुरक्षा बलों ने ध्वस्त कर दिया, वह 2023 में लश्कर में शामिल हो गया था. पहलगाम आतंकी हमले के बाद से सक्रिय लश्कर कैडर के आतंकियों के कुल 5 घरों को उड़ा दिया गया है. जिसकाभारतीय सेना मुंहतोड़ जवाब दिया। इसी बीच खबर मिली है कि कुलगाम जिले के कैमोह इलाके में सुरक्षा बलों ने आतंकवादियों के दो सहयोगियों को गिरफ्तार किया है। जानकारी के मुताबिक, कुलगाम के थोकरपोरा में पुलिस ने दो आतंकी सहयोगियों को गिरफ्तार किया। जवनोपन का कहना है कि, ये लोग हमले में आतंकवादियों के मददगार है। पहलगाम हमले के बाद सेना और पुलिस आतंकियों की कमर तोड़ने में लगी है। कश्मीर में सक्रिय आतंकियों के घरों को ध्वस्त किया जा रहा है। लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी एहसान अहमद शेख का दो मंजिला घर पुलवामा के मुर्रान में IED से उड़ा दिया गया। वह जून 2023 से सक्रिय था। वहीं, शाहिद अहमद का घर शोपियां के चोटीपोरा में विस्फोट से ढहा दिया गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अब तक पांच आतंकियों के घर तोड़े जा चुके हैं। LoC पर तनाव और भारत की जवाबी कार्रवाई 25-26 अप्रैल 2025 की रात को पाकिस्तानी सेना ने LoC पर बिना उकसावे के कई जगहों पर फायरिंग की। यह सीजफायर उल्लंघन 2021 के बाद से कम देखा गया था, लेकिन पहलगाम हमले के बाद तनाव बढ़ गया है। भारतीय सेना ने बयान जारी कर कहा, "हमारे सैनिकों ने छोटे हथियारों से उचित जवाब दिया। भारतीय पक्ष से कोई हताहत नहीं हुआ।" सेना ने संयम बरतते हुए जवाबी कार्रवाई की। गौरतलब है कि, 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम के बैसारन मीडो में हुए हमले में 26 लोग मारे गए। शुरुआती जांच में पता चला कि 5-7 आतंकी शामिल थे, जिन्हें पाकिस्तान में ट्रेनिंग दी गई थी। दो स्थानीय आतंकियों ने उनकी मदद की। हमले की जिम्मेदारी रेसिस्टेंस फ्रंट (TRF) ने ली, जो लश्कर-ए-तैयबा का हिस्सा है। जांच में पाकिस्तान से लिंक की पुष्टि हुई है।     आदिल गोजरी (बिजबेहरा)     आसिफ शेख (त्राल)     अहसान शेख (पुलवामा)       शाहिद कुट्टे (शोपियां)     जाकिर गनी (कुलगाम)     हारिस अहमद (पुलवामा) शुक्रवार की रात सुरक्षा बलों ने कुलगाम के क्विमोह में जाकिर गनी के घर को उड़ा दिया, वह 2023 में लश्कर में शामिल हुआ था. इसके साथ ही सुरक्षा बलों ने बिजबेहरा में सुरक्षा बलों ने आदिल थोकर के घर को उड़ा दिया. वहीं, त्राल में कल सुरक्षा बलों ने आसिफ शेख के घर को उड़ा दिया. पुलवामा में आतंकी का घर ध्वस्त करने से पहले पहलगाम हमले में शामिल स्थानीय आतंकी आदिल हुसैन थोकर के अनंतनाग जिले के बिजबेहरा के गोरी इलाके में स्थित घर को सुरक्षा बलों ने बम से उड़ा दिया था. आदिल थोकर उर्फ ​​आदिल गुरी के रूप में पहचाने जाने वाले इस आतंकी पर पहलगाम की ​बैसरन घाटी में 22 अप्रैल को हुए हमले की योजना बनाने और उसे अंजाम देने में पाकिस्तानी आतंकवादियों की मदद करने का आरोप है. वहीं, इस हमले में शामिल दूसरे स्थानीय आतंकी आसिफ शेख के त्राल स्थित घर को जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने बुलडोजर से गिरा दिया. सैन्य सूत्रों ने बताया कि स्टील टिप वाली गोलियों, एके-47 राइफलों और बॉडी कैमरा पहने हुए लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) के चार आतंकवादियों के एक समूह ने 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में पर्यटकों के बीच हिंदुओं को निशाना बनाया और उन पर गोलियों की बौछार कर दी. इस आतंकी हमले में 26 लोगों की जान गई थी, जिनमें से ज्यादातर पर्यटक थे और भारत के अलग-अलग राज्यों से जम्मू-कश्मीर घूमने पहुंचे थे. आतंकवादियों में दो स्थानीय भी शामिल थे. सूत्रों ने बताया कि दोनों स्थानीय आतंकियों की पहचान बिजबेहरा निवासी आदिल हुसैन थोकर और त्राल निवासी आसिफ शेख के रूप में हुई है. टेरर कैंप में ली थी ट्रेनिंग सैन्य सूत्रों के मुताबिक, आदिल ने साल 2018 में अटारी-वाघा बॉर्डर के जरिए वैध तरीके से पाकिस्तान की यात्रा की थी. अपने पाकिस्तान प्रवास के दौरान उसने टेरर कैम्प में ट्रेनिंग ली थी और पिछले साल जम्मू-कश्मीर लौटा था. पहलगाम हमले के कुछ चश्मदीदों ने बताया​ कि कुछ आतंकी आपस में पश्तून भाषा में बातचीत कर रहे थे. सूत्रों ने इस बात पर जोर दिया कि हमले में शामिल सभी आतंकवादी पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के हैं. हालांकि द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) ने भी इस हमले की जिम्मेदारी ली है. उन्होंने कहा कि टीआरएफ लश्कर-ए-तैयबा का एक मुखौटा आतंकी संगठन है, जिसका इस्तेमाल हमले को एक स्वदेशी समूह के काम के रूप में दिखाने के लिए किया गया.   recent visitors 27

किश्तवाड़ में आतंकियों के खिलाफ सेना का बड़ा ऑपरेशन, आर्मी का एक जवान शहीद, जैश कमांडर समेत तीन दहशतगर्द ढेर

किश्तवाड़  जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में कम से कम तीन आतंकियों के मारे जाने की खबर है। चातरी के नैदगाम के जंगलों में हुई मुठभेड़ में सुरक्षाबलों ने जैश कमांडर सैफुल्लाह, फरमान और बाशा को मार गिराया है। मुठभेड़ वाली जगहों से भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद भी बरामद हुआ है। वहीं, अभी भी सुरक्षाबलों का सर्च ऑपरेशन जारी है। जम्मू के अखनूर सेक्टर में आतंकियों से मुठभेड़ के दौरान भारतीय सेना का एक जूनियर कमीशंड ऑफिसर (JCO) शहीद हो गया। जानकारी के अनुसार, यह जवान बीती रात आतंकियों से लोहा लेते हुए गंभीर रूप से घायल हो गया था। उसे तुरंत इलाज के लिए सैन्य अस्पताल ले जाया गया, लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद उसे बचाया नहीं जा सका। रिपोर्ट्स के अनुसार, सुरक्षाबलों ने उधमपुर और किश्तवाड़ जिलों में आतंकियों के खिलाफ बड़ा अभियान चलाया है। इस दौरान सूचना मिली कि सीमा पार से आए आतंकवादी इन इलाकों में छिपे हुए हैं। लेकिन, तब सुरक्षाबलों के हाथ सफलता नहीं लगी थी। इसके बाद तीनों पर 5-5 लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया। पता चला कि जैश-ए-मोहम्‍मद के कमांडर सैफुल्‍लाह समेत अन्‍य आतंकवादियों के किश्‍तवाड़ जिले के छत्रू जंगल में छिपे हुए हैं। इसके बाद सेना ने पुलिस के साथ मिलकर ज्‍वाइंट सर्च ऑपरेशन चलाया और आतंकी सैफुल्‍लाह को उसके दो अन्‍य साथियों के साथ ढेर कर दिया गया। बताया जा रहा है कि शुक्रवार देर रात दो आतंकवादी मारे गए थे। वहीं शनिवार सुबह एक आतंकवादी मारा गया। इस आपरेशन में आर्मी और पारा कमांडो, सीआरपीएफ और जम्मू-कश्मीर पुलिस शामिल थी। एक आतंकवादी की अभी भी तलाश जारी है। घने जंगलों का फायदा उठाकर आतंकी अकसर घुसपैठ और हमले की कोशिश करते हैं। इसलिए यह अभियान घने जंगलों में ही चलाया गया था। सेना ने आतंकियों का पता लगाने के लिए हेलिकॉप्टर और ड्रोन भी उतारे थे। इलाके में हाई अलर्ट घोषित सेना की जम्मू स्थित व्हाइट नाइट कोर्प्स ने बयान जारी कर बताया कि खराब और प्रतिकूल मौसम के बावजूद ऑपरेशन को अंजाम दिया गया। मुठभेड़ के दौरान एक एके-47 और एक एम4 राइफल समेत भारी मात्रा में गोला-बारूद और युद्ध सामग्री बरामद की गई है। फिलहाल किश्तवाड़ में ऑपरेशन जारी है और इलाके में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है। सेना और अन्य सुरक्षाबलों की टीमें पूरे क्षेत्र में तलाशी अभियान चला रही हैं ताकि किसी भी अन्य आतंकी को पकड़ा जा सके या मार गिराया जा सके। सेना की इस कार्रवाई को जम्मू-कश्मीर में आतंक के खिलाफ एक बड़ी सफलता के तौर पर देखा जा रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक मुठभेड़ वाली जगहों से भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद भी बरामद हुआ है। उधमपुर और किश्तवाड़ जिलों में आतंकियों के खिलाफ सुरक्षाबलों ने बड़ा अभियान चलाया है। खुफिया जानकारी से पता चला है कि सीमा पार से आए आतंकवादी इन इलाकों में छिपे हुए हैं। सुरक्षाबलों को पता चला कि उधमपुर के बसंतगढ़ तीन आतंकवादी एक ग्रामीण के घर में घुस गए और जबरन उसके घर से खाने का सामान, मोबाइल फैन, बैग, जूते और छाता लेकर भाग गए। वहीं 3 अप्रैल को भी मजालता ब्लॉक में आतंकवादियों ने एक परिवार को बंधक बना लिा और फिर उनका मोबाइल फोन लेकर भाग गए। 23 मार्च को पहली बार आतंकवादी हीरानगर के सानियाल में देखे गए थे। इसके बाद सुरक्षाबलों ने इस इलाके की तलाशी शुरू कर दी। 27 मार्च को सूफैन के जंगलों में हुई मुठभेड़ में दो आतंकवादी मार गिराए गए। वहीं चार पुलिसकर्मी शहीद हो गए। इसी बीच आतंकवादियों की घुसपैठ कराने के लिए पाकिस्तानी सेना ने अखनूर में सीजफायर का उल्लंघन किया। जवानों ने पाकिस्तान की इस कोशिश को नाकाम कर दिया। वहीं गोलीबारी में एक जेसीओ बुरी तरह घायल हो गया। उन्हें हेलिकॉप्टर से अस्पताल पहुंचाया गया लेकिन जान नहीं बचाई जा सकी। 23 मार्च को पहली बार आतंकवादी हीरानगर के सानियाल में देखे गए थे। इसके बाद सुरक्षाबलों ने इस इलाके की तलाशी शुरू कर दी। 27 मार्च को सूफैन के जंगलों में हुई मुठभेड़ में दो आतंकवादी मार गिराए गए। वहीं चार पुलिसकर्मी शहीद हो गए। वहीं शुक्रवार देर रात को आतंकवादियों की घुसपैठ कराने के लिए पाकिस्तानी सेना ने अखनूर में सीजफायर का उल्लंघन किया। जवानों ने पाकिस्तान की इस कोशिश को नाकाम कर दिया। वहीं गोलीबारी में एक जेसीओ बुरी तरह घायल हो गया। उन्हें हेलिकॉप्टर से अस्पताल पहुंचाया गया लेकिन जान नहीं बचाई जा सकी। अधिकारियों के मुताबिक, सतर्क जवानों ने शुक्रवार देर रात केरी भट्टल क्षेत्र में अग्रिम वन क्षेत्र में एक नाले के पास भारी हथियारों से लैस आतंकवादियों के एक समूह को देखा और उन्हें चुनौती दी, जिसके बाद भीषण गोलीबारी हुई जो काफी देर तक जारी रही। अधिकारियों ने बताया कि मुठभेड़ में एक जेसीओ घायल हो गए और बाद में उनकी मृत्यु हो गई। उन्होंने बताया कि पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी गई है और अतिरिक्त बल तैनात किया गया है तथा अंतिम रिपोर्ट मिलने तक तलाश अभियान जारी था। इसी क्षेत्र में 11 फरवरी को आतंकवादियों द्वारा किए गए एक विस्फोट में एक कैप्टन सहित दो सैन्यकर्मी शहीद हो गए थे तथा एक अन्य घायल हो गया था। यह ताजा घटना भारत और पाकिस्तान के बीच जम्मू- कश्मीर के पुंछ जिले में सीमा प्रबंधन से संबंधित मुद्दों पर चर्चा के लिए ब्रिगेड कमांडर स्तर की फ्लैग मीटिंग के दो दिन बाद हुई है। सीमा पार से गोलीबारी की लगभग एक दर्जन घटनाओं और एक आईईडी हमले के बाद तनाव कम करने के प्रयास में यह फरवरी के बाद से दूसरी ऐसी बैठक थी। भारतीय सेना ने सीमा पार से होने वाली आतंकवादी गतिविधियों और संघर्ष विराम उल्लंघन को लेकर अपने समकक्षों के समक्ष कड़ा विरोध दर्ज कराया है। recent visitors 34

देश में पूर्व सैनिकों के लिए पर्याप्त पेंशन और रोजगार के अवसर सुनिश्चित करने के लिए केंद्र सरकार ने उचित कदम उठाए

नई दिल्ली केंद्र सरकार ने देश में पूर्व सैनिकों के लिए पर्याप्त पेंशन और रोजगार के अवसर सुनिश्चित करने के लिए उचित कदम उठाए हैं। भूतपूर्व सैनिकों की मांग के आधार पर सरकारी संगठनों, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों, कॉर्पोरेट घरानों, निजी क्षेत्र, केंद्रीय अर्धसैनिक बलों आदि में भूतपूर्व सैनिकों को नौकरी के अवसर प्रदान करने के लिए सरकार द्वारा विभिन्न पुनर्वास एवं कौशल विकास प्रशिक्षण पाठ्यक्रम, रोजगार और स्वरोजगार योजनाएं भी संचालित की जा रही हैं। इसके अतिरिक्त, वन रैंक वन पेंशन (ओआरओपी) योजना का उद्देश्य समान सेवा अवधि के साथ समान रैंक से सेवानिवृत्त होने वाले वर्तमान और पूर्व पेंशनभोगियों की पेंशन दरों के बीच के अंतर को पाटना है। यह जानकारी रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने लोकसभा में देवेश शाक्य को एक लिखित उत्तर में दी। पूर्व सैनिकों की जनगणना आंकड़े, 31 दिसंबर 2023 तक देश के राज्य और केंद्र शासित प्रदेश में कुल 2.78 करोड़ पूर्व सैनिकों को दर्शाते हैं। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, केन्द्रीय सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रमों (सीपीएसयू) और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में भूतपूर्व सैनिकों के लिए ग्रुप ‘सी’ में 14.5% रिक्तियां और ग्रुप ‘डी’ में 24.5% रिक्तियां आरक्षित हैं। केन्द्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (सीपीएसयू) और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में भूतपूर्व सैनिकों के लिए आरक्षण में विकलांग भूतपूर्व सैनिकों और युद्ध में शहीद हुए सैन्यकर्मियों के आश्रितों के लिए 4.5% रिक्तियां शामिल हैं। वहीं, भारतीय सेना के अधिकारी चयन में भूतपूर्व सैनिकों की विधवाओं और युद्ध में हताहत हुए लोगों के बच्चों के लिए रिक्तियां आरक्षित हैं। इसके अतिरिक्त, महिलाओं के लिए शॉर्ट सर्विस कमीशन में 5% रिक्तियां उन रक्षा कर्मियों की विधवाओं को प्रदान की जाती हैं, जिनकी सेवा के दौरान मृत्यु हो गई है। वहीं, विधवा और पूर्व सैनिकों के बच्चों को संबंधित रेजिमेंटल केंद्रों द्वारा नामांकित किया जा रहा है। साथ ही उन्हें अग्निपथ योजना और नियमित कैडर के तहत भर्ती के लिए ऑनलाइन सामान्य प्रवेश परीक्षा में बोनस अंक दिए जाते हैं। सैन्य सेवा के कारण सेवा में मारे गए सैनिकों के मामले में, विशेष पारिवारिक पेंशन या उदारीकृत पारिवारिक पेंशन स्वीकृत की गई है। इसके अतिरिक्त, अनुग्रह राशि/ग्रेच्युटी भी स्वीकृत की गई है।   recent visitors 40

बांग्लादेश की सेना ने राजधानी ढाका में बड़ी संख्या में बख्तरबंद वाहनों और बड़ी संख्या में सैनिकों को बुलाया

ढाका  बांग्लादेश की सेना ने राजधानी ढाका में बड़ी संख्या में बख्तरबंद वाहनों और बड़ी संख्या में सैनिकों को बुलाया है। रिपोर्ट के अनुसार, सेना की हर ब्रिगेड से 100 सैनिकों को ढाका में इकठ्ठा होने को कहा गया है। ये घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है, जब बांग्लादेश की सेना और हसीना विरोधी आंदोलन की अगुवाई करने वाले संगठन स्टूडेंट अगेंस्ट्र डिस्क्रिमिनेशन के बीच संबंधों में दरार की खबरें आई है। नॉर्थ ईस्ट न्यूज की रिपोर्ट में खुलासा किया गया है कि सावर स्थित सबसे महत्वपूर्ण 9वीं डिवीजन के सैनिकों ने क्रमिक तरीके से ढाका में प्रवेश करना शुरू कर दिया है। रिपोर्ट में बांग्लादेश के सुरक्षा प्रतिष्ठान के उच्च पदस्थ सूत्रों के हवाले से कहा है कि सेना देश को देश पर अपनी पकड़ मजबूत करने में कुछ और दिन लगेंगे। बांग्लादेश की सेना के पास डिवीजन आकार की 10 क्षेत्रीय कमान है, जिनमें ब्रिगेड की कोई निश्चित संख्या नहीं है। 9वीं इंन्फैंट्री डिवीजन सावर में स्थित है, जबकि एक अन्य महत्वपूर्ण 19वीं इन्फैंट्री डिवीजन घाटैल में तैनात है। सेना प्रमुख को लेकर छात्र नेताओं का खुलासा बांग्लादेश सेना की सक्रियता छात्र नेता और बांग्लादेश की अंतरिम सरकार में स्थानीय सरकार, ग्रामीण विकास और सहकारिता मंत्रालय के सलाहकार आसिफ महमूद शाजिब भुइयां के खुलासे के बाद हुई है। भुइयां ने एक वीडियो में दावा किया था कि सेना प्रमुख जनरल वकार उज-जमान ने नोबेल शांति पुरस्कार विजेता मोहम्मद यूनुस को अंतरिम सरकार का मुख्य सलाहकार नियुक्त करने पर अनिच्छा से सहमति जताई थी। पहले से रिकॉर्ड किए गए इस वीडियो को शुक्रवार को जारी किया गया था। इससे पहले एक अन्य प्रभावशाली छात्र नेता हसनत अब्दुल्ला ने 11 मार्च को जनरल जमान के साथ एक गुप्त बैठक के बाद सेना प्रतिष्ठान के खिलाफ आंदोलन शुरू करने की धमकी थी। कहा गया था कि जनरल जमान ने सुझाव दिया था कि बांग्लादेश में चुनाव होने पर शेख हसीना की अवामी लीग राजनीति में वापस आ सकती है और चुनाव भी लड़ सकती है। सेना के खिलाफ आंदोलन की धमकी हालांकि, अब्दुल्ला और भुइयां ने यह नहीं बताया कि उन्होंने जनरल जमान के साथ बातचीत को सार्वजनिक करने के लिए दो सप्ताह से अधिक समय का इंतजार क्यों किया, लेकिन अब्दुल्ला ने अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना की वापसी का रास्ता खोलने के लिए सेना के अधिकारियों के खिलाफ आंदोलन शुरू करने की धमकी दी। भुइयां के खुलासे और अब्दुल्ला की फेसबुक पोस्ट के तुरंत बाद बांग्लादेश की तीनों सेनाओं के प्रमुखों ने एक वर्चुअल बैठक की, जिसका उद्येश्य निकट भविष्य में छात्रों के एक और विद्रोह की आशंका में कदम उठाना था। यह अभी स्पष्ट नहीं है कि सेना मजबूत कदम उठाएगी या नहीं। इस बीच 26 मार्च से मोहम्मद यूनुस तीन दिनों की चीन यात्रा पर जाने वाले हैं। सेना प्रमुख को बदनाम करने की कोशिश छात्र प्रतिनिधियों और जनरल वकार के बीच 11 मार्च की बैठक के विवरण को सार्वजनिक किए जाने ने बांग्लादेश में अधिकांश लोगों को हैरान कर दिया है। इसे सेना प्रमुख की छवि को खराब करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। दरअसल, यूनुस को यह महसूस होने लगा है कि पिछले साल 8 अगस्त को मुख्य सलाहकार के रूप में कार्यभार संभालने के बाद उनकी स्थिति काफी कमजोर हो गई है। यही वजह है कि उन्होंने नई दिल्ली के सामने शांति का प्रस्ताव रखा है और बिम्सटेक सम्मेलन में पीएम नरेंद्र मोदी से मुलाकात की मांग की है। हालांकि, यह मुलाकात संभव नहीं है क्योंकि यूनुस सरकार में शामिल अधिकारियों ने लगातार भारत के खिलाफ उकसाऊ बयानबाजी की है। इसके अलावा भारतीय प्रतिष्ठान जल्द ही एक लोकतांत्रिक-चुनावी प्रक्रिया देखना चाहता है, जिससे एक वैध राजनीतिक दल सत्ता में आए, जिसके साथ वह आगे बढ़ सके। इस बीच जनरल जमान के नेतृत्व में सेना बांग्लादेश में अहम आधार बनी हुई है। recent visitors 52

मथुरा सहित 12 जिलों में भारतीय सेना में अग्निवीरों की भर्ती के लिए ऑनलाइन पंजीकरण प्रारंभ, 10 अप्रैल तक पंजीकरण

मथुरा मथुरा सहित 12 जिलों में भारतीय सेना में अग्निवीरों की भर्ती के लिए ऑनलाइन पंजीकरण प्रारंभ हो गए हैं। आवेदक 10 अप्रैल तक पंजीकरण करा सकते हैं। पंजीकरण कराने के बाद ही ऑनलाइन सामान्य प्रवेश परीक्षा (CEE) में बैठ सकते हैं। सेना से मिली जानकारी के अनुसार आगरा स्थित सेना भर्ती कार्यालय के अंतर्गत अलीगढ़, एटा, इटावा, फिरोजाबाद, हाथरस, जालौन, झांसी, कासगंज, ललितपुर, मैनपुरी, मथुरा और आगरा के अभ्यर्थियों की भर्ती की जाएगी। सामान्य ड्यूटी के साथ तकनीकी, क्लर्क, स्टोर कीपर व अग्निवीर ट्रेड्समैन के लिए 10वीं और 8वीं पास युवा आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए ऑनलाइन सामान्य प्रवेश परीक्षा (CEE) पहला कदम है। इस परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों की ही सेना भर्ती रैली आयोजित होगी। क्या है आयु सीमा? साढ़े 17 वर्ष से 21 वर्ष की आयु के अभ्यर्थी पंजीकरण के पात्र हैं। अग्निवीर तकनीकी ट्रेड में प्रवेश के लिए पालिटेक्निक व आइटीआइ डिप्लोमा होना चाहिए। ऑनलाइन सामान्य प्रवेश परीक्षा अंग्रेजी, हिंदी, मलयालम, कन्नड़, तमिल, तेलुगु, पंजाबी, उड़िया, बंगाली, उर्दू, गुजराती, मराठी और असमिया भाषा में आयोजित की जाएगी। वर्ष के अंत में सेना भर्ती रैली आयोजित की जाएगी। joinindianarmy.nic.in पर जाकर ऑनलाइन पंजीकरण किया जा सकता है। अभ्यर्थियों को ऑनलाइन एडमिट कार्ड जारी किए जाएंगे। अभ्यर्थी पात्रता के आधार पर दो अग्निवीर श्रेणियों में आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए दो श्रेणियों के फार्म अलग-अलग भरने होंगे। अब अग्निवीर के लिए होगा अनुकूलनशीलता परीक्षण इस वर्ष से शारीरिक फिटनेस टेस्ट व शारीरिक माप परीक्षण उत्तीर्ण करने वाले अभ्यर्थियों को अनुकूलनशीलता परीक्षण (अडाप्टेबिलिटी टेस्ट) भी पास करना होगा। इसमें परखा जाएगा कि अभ्यर्थी सैन्य जीवन की चुनौतियों के अनुकूल हैं या नहीं। आवेदक इस परीक्षा के बाद ही मेडिकल परीक्षा और आगे की भर्ती प्रक्रिया के लिए पात्र होंगे। स्वरोजगार के लिए 11 बैंकों ने दिया 8़ 50 करोड़ का ऋण वहीं उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के तहत स्वरोजगार के लिए 170 युवाओं को ऋण दिया गया है। इनमें से हर युवा को बैंकों से पांच लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त ऋण दिया गया है। सबसे ज्यादा ऋण ग्रामीण आर्यावर्त बैंक ने 44 आवेदकों को वितरित किए हैं। इस योजना के तहत 1000 के लक्ष्य के सापेक्ष अब तक कुल 1502 आवेदन हुए हैं। शासन ने युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास योजना प्रारंभ की गई है। इसका उद्देश्य शिक्षित व प्रशिक्षित युवाओं को स्वरोजगार से जोड़कर नए सूक्ष्म उद्यमों की स्थापना है। इस योजना के अंतर्गत अधिकतम पांच लाख रुपये तक का चार वर्ष के लिए ब्याज मुक्त ऋण जिले की बैंक शाखाओं के माध्यम से दिया जा रहा है। लेकिन बैंक इस योजना को लेकर कतई गंभीर नहीं हैं। इस योजना में अब तक 1502 कुल आवेदन आए हैं। इनमें स्वीकृत 350 आवेदन हुए हैं, जबकि ऋण वितरण 170 को हुआ है। जबकि 416 आवेदन अस्वीकृत किए गए हैं। अभी तक 719 आवेदन लंबित हैं। इस प्रकार 8़ 50 करोड़ रुपये का ऋण आवेदकों को दिया गया है। सबसे ज्यादा 44 युवाओं को ग्रामीण आर्यावर्त बैंक ने वितरित किए हैं। recent visitors 42