एमपी: गोवंश खुले में घूमे तो सरपंचों की कुर्सी जाएगी! 8 सरपंचों को नोटिस, जानें क्या है पूरा मामला

MP: If cattle roam freely, sarpanches will lose their positions! Notices issued to 8 sarpanches, learn the full story. भिण्ड। मध्यप्रदेश के भिण्ड जिले में सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर खुले में घूम रहे गोवंश को लेकर जिला पंचायत ने पंचायतों की जिम्मेदारी तय करते हुए आठ सरपंचों को कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं। जिला पंचायत सीईओ वीरसिंह चौहान ने निरीक्षण के दौरान गोवंश के सड़कों और किसानों की फसलों में घूमते मिलने पर यह कार्रवाई की है। सभी सरपंचों को 15 सितंबर को साक्ष्य सहित अपना पक्ष रखने के लिए समक्ष में उपस्थित होने के निर्देश दिए गए हैं। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर सरपंचों को पद से पृथक करने की कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। जनपद पंचायत भिण्ड की मानपुरा पंचायत के सरपंच ओमवीर सिंह चौहान, बाराकलां की सरपंच ममता बघेल, ऊमरी के सरपंच वीरेंद्र सिंह यादव, ढोंचरा के सरपंच सुनील कुमार और खेरा श्यामपुरा की सरपंच प्रीति देवी को नोटिस जारी किए गए हैं। इसी तरह जनपद पंचायत लहार की लपवाहा पंचायत के सरपंच अरविंद शर्मा, ररी पंचायत की सरपंच सावित्री बाई और जनपद पंचायत रौन की मेहदा पंचायत की सरपंच उमा देवी से भी जवाब मांगा गया है। सीईओ के निरीक्षण के दौरान इन पंचायतों में गोवंश सड़क, सड़क किनारे, सार्वजनिक स्थानों और किसानों की फसलों में घूमता मिला। नोटिस में कहा गया है कि इससे जन-धन की हानि के साथ परिवहन में परेशानी और सड़क दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। पंचायत स्तर पर गोवंश को सुरक्षित स्थान पर रखने की जिम्मेदारी होने के बावजूद स्थिति में सुधार नहीं होने को पदीन कर्तव्य के विपरीत माना गया है। सीईओ ने पूछा है कि पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम की धारा 40 के तहत सरपंचों को पद से पृथक करने की कारर्वाई क्यों न की जाए। 15 सितंबर को सरपंचों को साक्ष्य सहित अपना पक्ष रखना होगा। समय पर जवाब नहीं देने या जवाब असंतोषजनक पाए जाने पर एकपक्षीय कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। इन पंचायतों में शासन की ओर से गोशालाओं का निर्माण कराया गया है और इनके निर्माण एवं संचालन पर लाखों रुपये खर्च किए जा रहे हैं। गोवंश के लिए भूसा-दाना, पानी और साफ-सफाई की व्यवस्था पर भी राशि खर्च होती है। इसके बावजूद कई स्थानों पर गोशालाएं खाली पड़ी हैं और गोवंश सड़कों पर घूम रहा है। ऐसे में गोवंश को सुरक्षित रखने के लिए पंचायत स्तर पर की जा रही व्यवस्थाओं पर सवाल उठ रहे हैं। recent visitors 58

एसडीएम की गाड़ी को रेत से भरे ट्रैक्टर ने मारी टक्कर, दो ओवरलोड ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त

एसडीएम की गाड़ी को रेत से भरे ट्रैक्टर ने मारी टक्कर, दो ओवरलोड ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त

SDM’s vehicle hit by a tractor loaded with sand, two overloaded tractor-trolleys seized भिंड। लहार क्षेत्र में सोमवार सुबह मिहोना बायपास पर उस समय अफरा-तफरी मच गई जब अवैध रेत परिवहन में लगे एक ट्रैक्टर चालक ने कार्रवाई से बचने के प्रयास में लहार एसडीएम विजय सिंह यादव की सरकारी गाड़ी को टक्कर मार दी। गनीमत रही कि इस घटना में एसडीएम समेत किसी को कोई चोट नहीं आई, हालांकि गाड़ी के अगले हिस्से को नुकसान पहुंचा है। जानकारी के अनुसार, एसडीएम विजय सिंह यादव सोमवार को टीएल बैठक में शामिल होने के लिए लहार से भिंड जा रहे थे। इसी दौरान मिहोना बायपास पर उन्हें रेत से भरे कई ट्रैक्टर-ट्रॉली नजर आए, जिनमें से दो वाहन ओवरलोड पाए गए। जब एसडीएम ने इन्हें रोकने की कोशिश की, तो एक ट्रैक्टर चालक ने घबराहट में अपनी ट्रैक्टर-ट्रॉली एसडीएम की गाड़ी में घुसा दी। घटना की सूचना मिलते ही एसडीएम ने मिहोना थाना प्रभारी विजय कैन को अवगत कराया। पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने तत्परता दिखाते हुए घेराबंदी कर दोनों रेत से भरे ट्रैक्टर-ट्रॉली को जब्त कर थाने में खड़ा करवा दिया। पुलिस ने ट्रैक्टर चालकों के खिलाफ अवैध रेत परिवहन, ओवरलोडिंग और शासकीय वाहन को क्षतिग्रस्त करने सहित अन्य संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया है। एसडीएम का सख्त संदेशएसडीएम विजय सिंह यादव ने कहा कि अवैध रेत परिवहन में लगे वाहन तेज रफ्तार और ओवरलोडिंग के कारण आम नागरिकों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बने हुए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार का दबाव या लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी और रेत माफिया के खिलाफ कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी। recent visitors 90