पदाधिकारियों के लिए संगठन ने तय कर दी है गाइड लाइन, 40 वर्ष तक उम्र के कार्यकर्ता ही मंडल अध्यक्ष बनेंगे

भोपाल  मध्य प्रदेश में संगठन चुनाव के तहत दिसंबर में भाजपा के मंडल और जिला अध्यक्ष बना दिए जाएंगे। चुनाव दो चरणों में होंगे। इसकी तैयारी के लिए बुधवार शाम प्रदेश कार्यालय में कार्यशाला आयोजित की जाएगी। पार्टी संगठन ने केंद्रीय नेतृत्व की तय गाइडलाइन के तहत कार्ययोजना बनाई है। जिन पर आर्थिक और आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं, ऐसे नेताओं को जिला और मंडल अध्यक्ष नहीं बनाया जाएगा। ऐसे नेता संगठन चुनाव में ही हिस्सा नहीं ले सकेंगे। आयुसीमा तय वहीं, मंडल और जिला अध्यक्ष के लिए क्रमश: 40 और 60 वर्ष की आयु सीमा भी निर्धारित की गई है, यानी पार्टी युवा और वरिष्ठता दोनों ही श्रेणी के नेताओं को अवसर देगी। इसी तरह, अपने चहेतों को मंडल और जिला अध्यक्ष बनाने के लिए सांसद, विधायक या मंत्री की अनुशंसा भी नहीं चलेगी। इसको लेकर पार्टी संगठन ने पहले ही गाइड लाइन तय कर दी है। कार्यशाला में ये रहेंगे उपस्थित भाजपा के प्रदेश महामंत्री भगवानदास सबनानी ने बताया कि बुधवार को होने वाली कार्यशाला को पार्टी के राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिवप्रकाश, पार्टी राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सरोज पांडे, प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा, क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जामवाल, प्रदेश प्रभारी डा. महेंद्र सिंह एवं प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद संबोधित करेंगे। कार्यशाला में प्रदेश कोर कमेटी, पार्टी के प्रदेश पदाधिकारी, संभाग प्रभारी, लोकसभा एवं राज्यसभा सांसद, विधायक, जिला अध्यक्ष, जिला प्रभारी, महापौर, नेता प्रतिपक्ष, जिला पंचायत अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष व महामंत्री, प्रदेश निर्वाचन टोली, प्रदेश सक्रिय सदस्यता टोली, जिला निर्वाचन टोली, बूथ प्रबंधन जिला प्रभारी उपस्थित रहेंगे। बूथ समितियों के गठन की सराहना वहीं, मप्र के भाजपा संगठन की बूथ समितियों के गठन की शीर्ष नेतृत्व ने सराहना की है। अब पार्टी का फोकस मंडल और जिला अध्यक्ष के संगठन चुनाव पर है। हाल ही में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा की अध्यक्षता में दिल्ली में हुई बैठक में मिली गाइडलाइन के बाद प्रदेश संगठन ने यह कार्यशाला आयोजित की है। कार्यशाला के बाद पार्टी संगठन बुधनी और विजयपुर उपचुनाव को लेकर भी चर्चा करेगा। recent visitors 125

भाजपा नेतृत्व कुछ अन्य नामों पर भी विचार कर रही, ओबीसी और मराठा समुदाय से किसी नेता को CM बनाने के विकल्प भी शामिल

मुंबई महाराष्ट्र में भाजपा नेतृत्व वाली महायुति की सरकार के गठन में अभी कुछ समय लग सकता है। भाजपा नेतृत्व में मुख्यमंत्री के नाम को लेकर मंथन जारी है। जैसे ही नाम तय होगा, भाजपा विधायक दल की बैठक बुलाई जाएगी। इसके बाद नई सरकार के गठन का रास्ता साफ हो जाएगा। इस बीच, शिवसेना और एनसीपी ने यह स्पष्ट कर दिया है कि मुख्यमंत्री के नाम का निर्णय भाजपा नेतृत्व पर छोड़ दिया है। दोनों दलों ने कहा है कि जो भी निर्णय लिया जाएगा वह दोनों घटक दलों के लिए मान्य होगा। महायुति की भारी जीत के बाद भाजपा के पास मुख्यमंत्री पद के लिए पूर्व मुख्यमंत्री और महायुति सरकार में उपमुख्यमंत्री रहे देवेंद्र फडणवीस का नाम प्रमुख रूप से सामने आ रहा है। हालांकि, पार्टी नेतृत्व अभी तक इस पर किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंच सका है और अटकलें हैं कि भाजपा नेतृत्व कुछ अन्य नामों पर भी विचार कर रहा है। इनमें ओबीसी और मराठा समुदाय से किसी नेता को मुख्यमंत्री बनाने के विकल्प भी शामिल हैं। यह लगभग स्पष्ट है कि मुख्यमंत्री भाजपा का ही होगा, जबकि एनसीपी और शिवसेना से उपमुख्यमंत्री पद पर नेता होंगे। भाजपा के मुख्यमंत्री रहे देवेंद्र फडणवीस पिछली सरकार में उपमुख्यमंत्री रहे थे। अब यह संभावना जताई जा रही है कि नई सरकार में एकनाथ शिंदे को उपमुख्यमंत्री बनाया जा सकता है। हालांकि, इस बारे में अभी तक केंद्रीय स्तर पर औपचारिक विचार-विमर्श नहीं हुआ है। सूत्रों के अनुसार, शिवसेना अपने विधायकों को साधने के लिए एकनाथ शिंदे को राज्य के नेतृत्व में बनाए रखना चाहती है। शिंदे को केंद्र में भेजने से शिवसेना को नुकसान हो सकता है। इसलिए संभावना है कि शिंदे राज्य सरकार में भी शामिल रहें। इसके अलावा, एक फॉर्मूला यह भी चर्चा में है कि शिंदे को केंद्र में भेजा जाए और राज्य में उनके बेटे को उपमुख्यमंत्री बना दिया जाए। अब देखना यह है कि भाजपा और महायुति के अन्य घटक दलों के बीच इस मुद्दे पर अंतिम निर्णय कब और कैसे लिया जाएगा। recent visitors 73

महाराष्ट्र चुनाव में विजयी निर्दलीय उम्मीदवार ने भाजपा को बिना शर्त समर्थन दिया

मुंबई  महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में विजयी निर्दलीय विधायक शिवाजी पाटिल ने निवर्तमान उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात की और राज्य में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को बिना शर्त समर्थन देने की घोषणा की। पार्टी के एक पदाधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी। महाराष्ट्र में 20 नवंबर को हुए राज्य विधानसभा चुनाव से पहले पाटिल कोल्हापुर जिले की चांदगढ़ सीट से भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ने के इच्छुक थे। हालांकि, महायुति सहयोगियों के बीच सीट बंटवारे के तहत राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) ने इस सीट से अपना उम्मीदवार खड़ा कर दिया। शिवाजी पाटिल ने निर्दलीय चुनाव लड़ा और राकांपा के राजेश पाटिल को हराया। पार्टी के एक पदाधिकारी ने बताया कि उन्होंने रविवार रात फडणवीस से मुलाकात कर भाजपा को बिना शर्त समर्थन देने की घोषणा की और इस आशय का एक पत्र सौंपा। फडणवीस ने आभार स्वरूप उन्हें शॉल भेंट की। शनिवार को घोषित राज्य चुनाव परिणामों में महायुति गठबंधन ने 288 विधानसभा में से 230 सीट हासिल कीं। महायुति गठबंधन में भाजपा, निवर्तमान मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की शिवसेना और अजित पवार के नेतृत्व वाली राकांपा शामिल है। सहयोगी दलों में भाजपा ने 149 सीट पर चुनाव लड़कर 132 सीट जीतीं, जबकि शिवसेना और राकांपा को क्रमशः 57 और 41 सीट मिलीं। राज्य में सरकार बनाने को लेकर किसी पार्टी या गठबंधन के लिए बहुमत का आंकड़ा 145 है। सबका ध्यान फडणवीस पर है, जिन्हें तीसरी बार राज्य के शीर्ष पद पर आसीन होने के लिए एक मजबूत दावेदार के रूप में देखा जा रहा है।   recent visitors 55

छत्‍तीसगढ़ में भाजपा संगठन की रूपरेखा तय, अब चुनेजाएंगे पदाधिकारी

रायपुर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने संगठन चुनाव की रूपरेखा को अंतिम रूप दे दिया है। छत्तीसगढ़ में यह चुनाव 1 से 15 दिसंबर के बीच मंडल स्तर पर और 15 से 30 दिसंबर तक जिला स्तर पर आयोजित होंगे। इसके पहले, 30 नवंबर को एक अहम बैठक होगी, जिसमें संगठनात्मक विषयों और चुनाव प्रक्रिया पर चर्चा की जाएगी। दिल्ली में आयोजित सदस्यता अभियान की समीक्षा बैठक में भाजपा को दिशा-निर्देश मिले हैं। बैठक में बताया गया कि छत्तीसगढ़ में सदस्यता अभियान के तहत 60 लाख सदस्यों के लक्ष्य में से 53 लाख सदस्य बनाए जा चुके हैं। पार्टी सूत्रों के अनुसार, सदस्यता अभियान की सफलता पार्टी नेताओं के भविष्य को तय करेगी। आगामी निकाय चुनावों में उन्हीं नेताओं को महत्व मिलेगा, जिन्होंने अभियान में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया होगा बैठक में दिग्‍गज नेता शामिल बैठक में कई वरिष्ठ नेता उपस्थित थे, जिनमें क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जम्वाल, प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंहदेव, प्रदेश प्रभारी नितिन नबीन, प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सरोज पांडेय, और विधायक लता उसेंडी शामिल थे। राष्ट्रीय स्तर पर सदस्यता अभियान के आंकड़े सदस्यता अभियान के राष्ट्रीय प्रभारी और भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री विनोद तावड़े ने सदस्यता से जुड़े आंकड़े साझा किए। उनके अनुसार, देशभर में भाजपा के 11 करोड़ 96 लाख 16 हजार 392 सदस्य हैं, जबकि सात लाख आठ हजार 29 सक्रिय सदस्य हैं। बैठक में राष्ट्रीय महामंत्री दुष्यंत गौतम और राष्ट्रीय चुनाव प्रभारी डॉ. के. लक्ष्मण ने भी अपने विचार रखे। प्रदेश संगठन चुनाव पर जानकारी भाजपा प्रदेश महामंत्री संजय श्रीवास्तव ने बताया कि प्रदेश स्तर पर संगठन चुनाव 1 दिसंबर से शुरू होंगे और पूरे महीने चलेंगे। छत्तीसगढ़ में सक्रिय सदस्यों की संख्या 52,110 है। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि संगठन चुनाव प्रक्रिया जल्द शुरू करने के लिए सभी आवश्यक निर्देश जारी किए जाएंगे। नेताओं का प्रदर्शन अहम यह स्पष्ट हो गया है कि सदस्यता अभियान में बेहतर प्रदर्शन करने वाले नेताओं को संगठन में प्राथमिकता दी जाएगी। इससे न केवल संगठन को मजबूती मिलेगी, बल्कि आगामी चुनावों में पार्टी की रणनीति भी तय होगी। recent visitors 64

11 हजार से अधिक मतों से बुधनी विधानसभा उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी रमाकांत भार्गव की हुई जीत

सीहोर बुधनी विधानसभा उपचुनाव की भाजपा प्रत्याशी रमाकांत भार्गव ने कांग्रेस के प्रत्याशी राजकुमार पटेल को 11 हजार से अधिक मतों से हराया। 12वें राउंड मतगणना में भाजपा प्रत्याशी रमाकांत भार्गव 13901 वोटों से आगे चल रहे थे। भाजपा प्रत्याशी को कुल 107478 वोट मिले, तो वहीं कांग्रेस के राजकुमार पटेल को 93577 वोट मिले। बहुत धीमी चल रही वोटों की गिनती पहले राउंड के बाद कांग्रेस के राजकुमार पटेल 6479 मतों से आगे चल रहे थे। भाजपा उम्मीदवार रमाकांत भार्गव को पहले राउंड में 4728 वोट, वहीं कांग्रेस के राजकुमार पटेल को 11207 वोट मिले। बुधनी में कुल 13 राउंड में गिनती होनी है। हालांकि, यहां काफी धीमी गति से काउंटिंग चल रही है, वहीं दूसरी तरफ सुबह 10 बजे तक विजयपुर उपचुनाव में 9 राउंड की गिनती पूरी हो चुकी थी। बुधनी में 20 उम्मीदवारों ने चुनाव लड़ा है। मुख्य मुकाबला पूर्व भाजपा सांसद रमाकांत भार्गव और कांग्रेस के राजकुमार पटेल के बीच है। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के सांसद चुने जाने के बाद इस्तीफे से बुधनी सीट खाली हुई थी। भाजपा प्रत्याशी अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी से 5362 मतों से आगे। छठवें राउंड की मतगणना में बीजेपी के रमाकांत भार्गव कांग्रेस के राजकुमार पटेल से 6678 मतों से आगे रहे। सातवें राउंड में भाजपा के रमाकांत भार्गव कांग्रेस के राजकुमार पटेल से 8347 वोटों से आगे रहे। शिवराज सिंह चौहान की इस्तीफे के बाद खाली हुई थी सीट उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार मतगणना शांतिपूर्ण व सुचारू रूप से संपन्न कराई जा रही है। बुधनी विधानसभा क्षेत्र के 363 मतदान केन्द्रों में मतदाताओं द्वारा ईवीएम में डाले गए मतों की गणना के लिए 2 कक्षों में 14-14 टेबल लगाई गई हैं। बुधनी में 20 उम्मीदवारों ने चुनाव लड़ा है। बुधनी विधानसभा उपचुनाव में मुख्य मुकाबला पूर्व भाजपा सांसद रमाकांत भार्गव और कांग्रेस के राजकुमार पटेल के बीच है। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के सांसद चुने जाने के बाद इस्तीफे से बुधनी सीट खाली हुई थी। मतगणना में लगे हैं 112 कर्मचारी बुधनी विधानसभा उपचुनाव की मतगणना 112 मतगणना कर्मी सहित लगभग 200 अधिकारी कर्मचारी तथा 300 से अधिक पुलिसकर्मी मतगणना की व्यवस्था में तैनात किए गए हैं। मतगणना हाल में प्रत्येक मतगणना टेबल पर एक काउंटिंग सुपरवाईजर, एक काउंटिंग असिस्टेंट, एक काउंटिंग स्टाफ तथा एक माइक्रो आर्ब्जवर हैं। एक टेबल डाक मतों की गिनती के लिए अलग से लगाई गई है। मतगणना 13 राउंड में सम्पन्न कराई जा रही है। मतगणना स्थल पर मिनी आईसीयू मतगणना स्थल पर मिनी आईसीयू बनाया गया है, इसमें विशेषज्ञ चिकित्सक सहित समुचित स्टाफ उपलब्ध है। ताकि किसी भी कर्मचारी को स्वास्थ्य संबंधी कोई समस्या आए तो तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा सके। बुधनी विधानसभा सीट पर यह 20 उम्मीदवार मैदान में रमाकांत भार्गव भाजपा, राजकुमार पटेल कांग्रेस, अर्जुन आर्य समाजवादी पार्टी, आनंद कुमार श्याम राष्ट्रीय गोंडवाना पार्टी, धर्मेंद्र सिंह पंवार राइट टू रिकॉल पार्टी, राम प्रसाद पटेल क्रांति जनशक्ति पार्टी, साधना उइके भारत आदिवासी पार्टी, अजय सिंह राजपूत निर्दलीय, अब्दुल राशिद निर्दलीय, आरती शर्मा, गजराज सिंह, दिलीप सिंह, दुर्गा प्रसाद सेन, प्रदीप कुमार, भीम सिंह, राजकुमार गौर, रामपाल भुसरिया, विवेक दुबे, सुजीप कीर, सुधीर कुमार जैन सभी निर्दलीय प्रत्याशी हैं। recent visitors 71

भाजपा 25 नवंबर को महाराष्ट्र विधायक दल की बैठक बुला सकती है, 26 को शपथ ग्रहण समारोह आयोजित करने की संभावना

महाराष्ट्र महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के लिए जारी मतगणना में भाजपा नीत महायुति गठबंधन बड़ी जीत हासिल करता नजर आ रहा है। भाजपा-शिवसेना-राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) का महायुति गठबंधन महाराष्ट्र की 288 सीट में से 218 पर आगे है। यह सत्तारूढ़ गठबंधन के पक्ष में एक बड़ी लहर का संकेत है। कांग्रेस, राकांपा-शरदचंद्र पवार और शिवसेना-उद्धव बालासाहेब ठाकरे का महा विकास आघाडी (MVA) गठबंधन को मात्र 50 सीटों पर बढ़त हासिल है। इस बीच, सूत्रों ने बताया कि भारतीय जनता पार्टी 25 नवंबर को महाराष्ट्र विधायक दल की बैठक बुलाएगी। 26 तारीख को शपथ ग्रहण समारोह आयोजित करने की संभावना है। इसके बीच महायुति गठबंधन की एक और बड़ी बैठक भी हो सकती है, जहां मुख्यमंत्री पद से लेकर तमाम मंत्रालयों के बारे में विस्तार से चर्चा होगी। राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण पश्चिमी राज्य महाराष्ट्र लोकसभा में 48 सांसद भेजता है। संसदीय चुनाव में एमवीए ने निर्णायक 30 सीटों पर विजय हासिल की, लेकिन इस बार रुख बदला नजर आया है। भाजपा 125 सीट पर आगे है। शिवसेना 56 और राकांपा 35 सीट पर आगे है। कांग्रेस सिर्फ 21, शिवसेना (UBT) 17 और एनसीपी (SP) 13 सीट पर आगे है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, अजित पवार अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों में आगे हैं। कांग्रेस की महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष नाना पटोले साकोली निर्वाचन क्षेत्र से मामूली अंतर से आगे हैं। शिवसेना (यूबीटी) नेता और मौजूदा विधायक आदित्य ठाकरे वर्ली विधानसभा सीट पर टक्कर का सामना कर रहे हैं। किस पार्टी ने कितनी सीटों पर लड़ा चुनाव कांग्रेस के विधायक दल के नेता और पूर्व मंत्री बालासाहेब थोराट संगमनेर में पीछे हैं। वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण कराड दक्षिण विधानसभा सीट पर पीछे हैं। महायुति गठबंधन में भारतीय जनता पार्टी ने 149 विधानसभा सीट पर, शिवसेना ने 81 सीट पर और अजित पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी ने 59 निर्वाचन क्षेत्रों में उम्मीदवार उतारे थे। विपक्ष के एमवीए गठबंधन में कांग्रेस ने 101 उम्मीदवार, शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) ने 95 और एनसीपी (शरदचंद्र पवार) ने 86 उम्मीदवार खड़े किए। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) और ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहाद-उल-मुस्लिमीन (AIMIM) जैसे दलों ने भी चुनाव लड़ा, जिसमें बसपा ने 237 उम्मीदवार और एआईएमआईएम ने 17 उम्मीदवार खड़े किए। वर्तमान राज्य विधानसभा का कार्यकाल 26 नवंबर को समाप्त हो रहा है। recent visitors 61

कुंदरकी में 31 साल बाद बमबम बीजेपी की एकतरफा जीत, बर्क परिवार की अनदेखी समाजवादी पार्टी के लिए पड़ गई भारी

मुरादाबाद यूपी उपचुनाव में मुरादाबाद की कुंदरकी विधानसभा सीट पर बड़ा उलटफेर होता दिख रहा है. मुस्लिम बाहुल्य कुंदरकी में एकमात्र हिंदू प्रत्याशी ने बड़ी बढ़त बना ली है. यहां बीजेपी के रामवीर ठाकुर 50 हजार से अधिक वोटों से लीड कर रहे हैं. वहीं, सपा के कद्दावर नेता और प्रत्याशी हाजी मोहम्मद रिजवान 12 बजे तक सिर्फ 7 हजार वोट ही पा सके. जारी रुझानों के मुताबिक, कुंदरकी से बीजेपी के रामवीर ठाकुर की जीत लगभग तय मानी जा रही है. गौरतलब हो कि कुंदरकी उपचुनाव में 11 मुस्लिम उम्मीदवारों के बीच बीजेपी ने अकेले हिंदू उम्मीदवार को मैदान में उतारा. वहीं, सपा ने जिन हाजी मोहम्मद रिजवान को अपना प्रत्याशी बनाया उनका राजनैतिक अनुभव करीब 40 साल का है. वह पहली बार 2002 में कुंदरकी सीट से चुनाव जीते थे. हालांकि, 2007 में बसपा के हाजी अकबर से हार गए थे. लेकिन 2012 और 2017 में उन्होंने वापसी करते हुए लगातार दो बार कुंदरकी सीट पर जीत दर्ज की. ये सीट सपा का गढ़ मानी जाती रही है लेकिन इस बार बीजेपी ने सपा के गढ़ में सेंध लगा दी है, जो अखिलेश यादव के लिए किसी बुरे सपने से कम नहीं है.   कैसे बीजेपी ने बनाई बढ़त नतीजों को देखकर सवाल उठ रहे हैं कि क्या कुंदरकी में मुस्लिम वोट के बंटवारे का फायदा बीजेपी को मिला? साथ ही सीएम योगी आदित्यनाथ के एग्रेसिव कैम्पेन का भी पार्टी को फायदा हुआ. खुद रामवीर ठाकुर भी मुस्लिम मतदाताओं के बीच पैठ बनाने के लिए हर संभव कोशिश कर रहे थे. बीजेपी की मुस्लिम विंग और मुस्लिम नेताओं ने कुंदरकी में डेरा डाल रखा था और जमकर चुनाव प्रचार किया था. वहीं, समाजवादी पार्टी उम्मीदवार के खिलाफ एंटीइनकंबेसी भी देखने को मिली. लोकल नेताओं में गुटबाज़ी की बात भी कही जा रही है.  11 मुस्लिम प्रत्याशी, सिर्फ बीजेपी ने उतारा हिंदू उम्मीदवार कुंदरकी उपचुनाव में बीजेपी से रामवीर ठाकुर, बसपा से रफ़्तुल्लाह जान, AIMIM से हाफिज वारिस और आजाद समाज पार्टी से चांद बाबू मैदान में थे. जबकि, सपा के हाजी मोहम्मद रिजवान सबसे मजबूत उम्मीदवार माने जा रहे थे. हालांकि, नतीजों में ये नजर नहीं आया. बता दें कि इस बार के यूपी के उपचुनाव में सबसे अधिक मतदान कुंदरकी में ही हुआ था. यहां 57.7% वोटिंग हुई थी. इस सीट पर 60% से ज्यादा मुस्लिम वोटर हैं. ऐसे में जिस सीट पर सबसे अधिक मुसलमान वोटर हैं, जिस सीट पर सबसे अधिक मतदान हुआ, जिस सीट पर सपा ने मुस्लिम नेता को टिकट दिया और जिस सीट पर बीजेपी साल 1993 से चुनाव नहीं जीत पाई है. उस सीट पर इतना बड़ा उलटफेर होना विपक्ष को चौंका रहा है. हाजी रिजवान का बयान कुंदरकी रिजल्ट पर सपा प्रत्याशी हाजी रिजवान ने रिएक्ट किया. उन्होंने कहा कि चुनाव में धांधली हुई है. सरकार ने वोट ही नहीं पड़ने दिया, अब क्या मतगणना के लिए तैयार रहें. इस सरकार में अल्पसंख्यक अनसेफ है. कुंदरकी में चुनाव फिर से करवाया जाए. यूपी पुलिस पर कोई भरोसा नहीं है.   recent visitors 45