BJP ने लोक सभा सांसदों के लिए व्हिप जारी किया

नई दिल्ली भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने शुक्रवार को अपने सभी राज्यसभा सांसदों के लिए ‘तीन लाइन का व्हिप’ जारी किया, जिसमें उनसे 16 और 17 दिसंबर को भारत के संविधान पर निर्धारित बहस के दौरान उच्च सदन में उपस्थित रहने का आग्रह किया गया।  भाजपा के एक आधिकारिक बयान में कहा गया है, “राज्यसभा में सभी भाजपा सदस्यों को सूचित किया जाता है कि भारत के संविधान को अपनाने की 75वीं वर्षगांठ पर विशेष चर्चा सोमवार, 16 दिसंबर और मंगलवार, 17 दिसंबर 2024 को राज्यसभा में की जाएगी।” भाजपा के बयान में कहा गया है, “इसलिए, राज्यसभा में भाजपा के सभी सदस्यों से अनुरोध है कि वे दोनों दिन यानी सोमवार, 16 दिसंबर और मंगलवार, 17 दिसंबर 2024 को सदन में उपस्थित रहें और सरकार के रुख का समर्थन करें।” 75वीं वर्षगांठ पर लोकसभा में विशेष चर्चा बहस के बारे में बोलते हुए, भाजपा आरएस सांसद दिनेश शर्मा ने कहा, “भारतीय संविधान बहुत मजबूत और सुदृढ़ है। अगर इसका अक्षरशः पालन किया गया होता, तो आज मौजूद सांप्रदायिकता, अलगाववाद, जातिवाद की भावनाएँ पनपती नहीं… कांग्रेस ने संविधान में इतने बदलाव किए… संविधान सभी को प्रेरित करता है…” शुक्रवार और शनिवार को संविधान को अपनाने की 75वीं वर्षगांठ पर लोकसभा में विशेष चर्चा हो रही है, जिसमें रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह बहस की शुरुआत करेंगे। रक्षा मंत्री ने निचले सदन में बहस की शुरुआत करते हुए कहा, “हम भारत के लोगों ने 26 नवंबर 1949 को संविधान को अपनाया था…मैं इस सदन और देश के सभी नागरिकों को संविधान को अपनाने के 75 साल पूरे होने के अवसर पर हार्दिक बधाई देता हूं…मैं कह सकता हूं कि हमारा संविधान सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक जीवन के सभी पहलुओं को छूकर राष्ट्र निर्माण का मार्ग प्रशस्त करता है।” प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 14 दिसंबर को देंगे चर्चा का जवाब शुक्रवार को दोपहर 12 बजे दो दिवसीय बहस शुरू हुई। भाजपा के 12 से अधिक नेताओं के बहस में भाग लेने की उम्मीद है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 14 दिसंबर की शाम को चर्चा का जवाब देंगे। सूत्रों के अनुसार, गृह मंत्री अमित शाह 16 दिसंबर को राज्यसभा में बहस की शुरुआत करेंगे। शीतकालीन संसद का पहला सत्र 25 नवंबर को शुरू हुआ था, जिसमें व्यवधानों के कारण दोनों सदनों की कार्यवाही काफी पहले स्थगित कर दी गई थी। शीतकालीन सत्र 20 दिसंबर तक चलेगा। recent visitors 74

ग्वालियर पार्षद उप चुनाव में बीजेपी की शानदार जीत, 1076 मतों से विजयी घोषित की गई अंजलि पलैया

ग्वालियर  मध्य प्रदेश के ग्वालियर नगर निगम के वार्ड क्रमांक-39 में शुरु हुई मतगणना पूरी हो गई है। इसी के साथ वार्ड के पार्षद का चयन भी हो गया है। भाजपा की ओर से उप चुनाव के मैदान में उतारी गईं प्रत्याशी अंजली राजू पलैया को वार्ड वासियों ने पार्षद चुन लिया है। उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी शिवानी आकाश खटीक को 1076 वोटों से हराकर वार्ड की पार्षद चुनी गई हैं। राज्य निर्वाचन द्वारा निर्धारित कार्यक्रम के तहत नगर निगम के वार्ड-39 में पार्षद पद के लिए हुए उप-चुनाव के मतों की गिनती गुरुवार को की सुबह 9 बजे से एमएलबी कॉलेज में शुरु हुई। करीब एक घंटे की मतगणना के बाद कलेक्टर एवं रिटर्निंग अधिकारी रुचिका चौहान ने उप-चुनाव के परिणाम भी घोषित कर दिए। मतों की गणना के आधार पर विजय हुए भाजपा प्रत्याशी को उन्होंने प्रमाणपत्र भी दिया। 1076 वोटों से जीता उपचुनाव उप चुनाव में भारतीय जनता पार्टी की प्रत्याशी अंजली राजू पलैया विजयी रहीं। उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस प्रत्याशी शिवानी आकाश खटीक को 1076 मतों से हराया है। अंजली पलैया को 3 हज़ार 425 मिले, जबकि शिवानी खटीक को 2 हज़ार 349 एवं निर्दलीय प्रत्याशी ज्योति राजेंद्र को महज 67 वोट ही मिले, जबकि नोटा पर 33 वोट पड़े। ऐसी थी मतगणना की व्यवस्था गुरुवार को प्रातःकाल मतगणना से पहले प्रत्याशियों एवं उनके निर्वाचन अभिकर्ताओं की मौजूदगी में पूरी पारदर्शिता के साथ स्ट्रांग रूम खोला गया। इसके बाद ईवीएम में दर्ज मतों की गिनती 2 चक्रों में पूरी की गई। मतगणना के लिए 8 टेबलें लगाई गईं थीं। इन अफसरों की मौजूदगी में हुई मतगणना मतगणना के दौरान प्रेक्षक राजा सिंह परिहार, जिला पंचायत के सीईओ विवेक कुमार, उप जिला निर्वाचन अधिकारी संजीव जैन एवं एआरओ अशोक चौहान समेत अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे। recent visitors 67

केजरीवाल के बंगले पर जितना खर्च हुआ है उतने में डीडीए के 34 ईडब्लूएस फ्लैट बन सकते थे- बीजेपी

नई दिल्ली  दिल्ली में भले ही अभी चुनाव की तारीखों का ऐलान नहीं हुआ है लेकिन फिजा एकदम चुनावी हो चुकी है। तीनों प्रमुख पार्टियां आम आदमी पार्टी, बीजेपी और कांग्रेस अपनी-अपनी रणनीतियों को धार देने में लगी हैं। एक दूसरे पर वार-पलटवार का सिलसिला तेज हो गया है। इसी कड़ी में बीजेपी ने पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के आलीशान बंगले का वीडियो शेयर कर आरोप लगाया है कि उन्होंने दिल्ली के टैक्सपेयर्स की 'कमाई लूटी' है। दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने एक्स पर ये लिखते हुए वीडियो पोस्ट किया है- 'खुद को आम आदमी कहने वाले अरविंद केजरीवाल के शीशमहल की सच्चाई।' उन्होंने ये भी बताया है कि बंगले पर केजरीवाल ने जितना खर्च किया है, उतने में कितने गरीबों का उद्धार हो सकता था, कितनों को घर मिल सकते थे या ऑटो रिक्शा मिल सकते थे। उन्होंने दिल्ली के पूर्व सीएम पर हमला करते हुए लिखा है- 'भ्रष्टाचार के लाल, वाह रे केजरीवाल।' दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष ने एक्स पर पोस्ट किया, 'खुद को आम आदमी कहने वाले अरविंद केजरीवाल की अय्याशी के शीशमहल की सच्चाई हम बताते आए हैं, आज आपको दिखाएंगे भी! जनता के पैसे खाकर अपने लिए 7 स्टार रिजॉर्ट का निर्माण करवाया है! शानदार Gym-Sauna Room-Jacuzzi की कीमत! मार्बल ग्रैनाइट लाइटिंग- 1.9 करोड़ रुपये; इंस्टालेशन-सिविल वर्क- 1.5 करोड़ रुपये; जिम/स्पा इक्विपमेंट और फिटिंग- 35 लाख रुपये। कुल 3.75 करोड़ रुपये।' सचदेवा ने आगे लिखा है, 'बच्चों की कसम खाकर सरकारी घर, गाड़ी, सुरक्षा ना लेने का झूठा वादा करने वाले कैसे दिल्ली के टैक्स पेयर्स की कमाई लूट रहें है। इतने में दिल्ली का आम आदमी DDA के 34 EWS फ्लैट, या 15 एलआईजी फ्लैट, या 150 सीएनजी ऑटो, या 326 ई-रिक्शा खरीद सकता है! भ्रष्टाचार के लाल, वाह रे केजरीवाल!! बस और कुछ नहीं कहना!!' दूसरी तरफ, आम आदमी पार्टी दिल्ली में कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर लगातार केंद्र सरकार और बीजेपी पर हमलावर है। पार्टी राष्ट्रीय राजधानी में अपराधों को लेकर सीधे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को घेर रही है। दरअसल केंद्रशासित प्रदेश दिल्ली में कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी केंद्रीय गृह मंत्रालय की है। आम आदमी पार्टी ने दिल्ली के स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकियों के मुद्दे पर भी शाह को घेर रही है। पार्टी ने इस साल स्कूलों, अस्पतालों, एयरपोर्ट वगैरह को बम से उड़ाने की धमकियों की लिस्ट शेयर करके पूछा है- 'अमित शाह जी, अब तो जाग जाओ।' recent visitors 79

संगठन चुनाव प्रभारियों के अलावा बीजेपी ने तीन जिलों में संगठन चुनाव के लिए एक-एक पर्यवेक्षक नियुक्त किए

भोपाल इन दिनों बीजेपी के संगठन चुनाव चल रहे हैं। 15 दिसंबर तक मध्यप्रदेश के 1300 मंडलों में मंडल अध्यक्ष और 15 से 31 दिसंबर तक जिला अध्यक्षों के चुनाव होने हैं। संगठन चुनाव को लेकर बीजेपी ने जिला निर्वाचन अधिकारी नियुक्त किए हैं। संगठन चुनाव प्रभारियों के अलावा बीजेपी ने तीन जिलों में संगठन चुनाव के लिए एक-एक पर्यवेक्षक नियुक्त किए हैं। ये पर्यवेक्षक अपने प्रभार के जिलों में कार्यकर्ताओं और सक्रिय सदस्यों की बैठकें लेकर मंडल अध्यक्ष और जिला अध्यक्षों के लिए नाम निकालेंगे। इन नामों को संगठन तक पहुंचाएंगे। बुधवार को प्रदेश भाजपा कार्यालय में इन पर्यवेक्षकों की बैठक बुलाई गई है। इन नेताओं को इन जिलों का बनाया गया पर्यवेक्षक     ग्वालियर नगर, ग्वालियर ग्रामीण, श्योपुर: सुरेश आर्य (पूर्व संगठन मंत्री )     सागर, दमोह, पन्ना: नरेंद्र बिरथरे (पूर्व विधायक)     शिवपुरी, गुना, अशोनगर: अरुण भीमावद (विधायक)     छतरपुर, टीकमगढ, निवाड़ी: सदानंद गोडबोले (पूर्व मेयर)     सतना, मैहर, रीवा: उमेश शुक्ला (पूर्व विधायक)     मऊगंज, सीधी, सिंगरौली: रामलाल रौतेल (पूर्व दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री)     शहडोल, अनूपपुर, उमरिया: एससी मोर्चे के महामंत्री नेताम     कटनी, मंडला, डिंडौरी: लता ऐलकर (पूर्व प्रदेशाध्यक्ष महिला मोर्चा)     छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट: अलकेश आर्य (जिलाध्यक्ष बैतूल)     पांढुर्णा, बैतूल, हरदा: जयप्रकाश चतुर्वेदी (पूर्व जिलाध्यक्ष)     भोपाल, रायेसन, नर्मदापुरम: राजेंद्र पांडे (विधायक)     विदेशा, राजगढ, भोपाल ग्रामीण: अभिलाष पांडे (विधायक)     विदिशा, राजगढ़, शाजापुर: लता वानखेडे (सांसद)     उज्जेन नगर, उज्जैन ग्रामीण, आगर: भगवानदास सबनानी (विधायक)     रतलाम मंदसौर, नीमच: सीताराम यादव (सदस्य ओबीसी आयोग)     झाबुआ, अलीराजपुर, बड़वानी: सतेंद्र भूषण (पूर्व संगठन मंत्री)     खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर: महेंद्र भटनागर   recent visitors 84

विधानसभा चुनाव के नतीजों के 10 दिन बाद भी मुख्यमंत्री पद को लेकर महायुति के दलों के बीच सहमति नहीं बनी

मुंबई महाराष्ट्र में सरकार के गठन में हो रही देरी में एकनाथ शिंदे की भूमिका होने से शिवसेना ने इनकार कर दिया है। साथ ही पार्टी ने यह भी कहा है कि शिंदे के सम्मान का ध्यान भारतीय जनता पार्टी को रखना होगा। विधानसभा चुनाव के नतीजों के 10 दिन बाद भी मुख्यमंत्री पद को लेकर महायुति के दलों के बीच सहमति नहीं बनती दिख रही है। पूर्व राज्य मंत्री दीपक केसरकर ने कहा 'हमारे नेता ने पहले ही साबित कर दिया है कि शिवसेना का असली प्रतिनिधित्व कौन करता है। अब यह दिल्ली पर निर्भर करता है कि वह कैसे उनका कद बरकरार रखते हैं। हम उस निर्णय में हस्तक्षेप नहीं करेंगे।' राज्य में सरकार गठन में हो रही देरी पर किए गए सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, 'पांच दिसंबर को शपथ ग्रहण समारोह होना है, लेकिन कई बेबुनियाद अफवाहें फैलाई जा रही हैं। कार्यवाहक मुख्यमंत्री के तौर पर एकनाथ शिंदे की सरकार गठन में हो रही देरी में कोई भूमिका नहीं है। भाजपा की आंतरिक चयन प्रक्रिया उनका मामला है। शिंदे पहले ही बता चुके हैं कि वे उनके द्वारा लिए गए किसी भी फैसले को स्वीकार करेंगे।' केसरकार ने महायुति के भीतर असंतोष या मतभेद की खबरों को खारिज करते हुए इन्हें विपक्ष द्वारा फैलाई गई गलत सूचना बताया। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, केसरकर यह भी साफ कर चुके हैं कि मुंबई के आजाद मैदान में होने वाला शपथ ग्रहण कार्यक्रम टाला नहीं जाएगा। इससे पहले भाजपा के महाराष्ट्र प्रमुख चंद्रशेखर बावनकुले ने 5 दिसंबर को कार्यक्रम होने की बात कही थी। एनसीपी नेता अजित पवार भी जानकारी दे चुके हैं कि सीएम भाजपा से होगा और डिप्टी सीएम एनसीपी और शिवसेना को मिलेंगे। भाजपा ने बढ़ाई रफ्तार महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ महायुति का नेतृत्व करने वाली भाजपा ने मुंबई में अपनी विधायक दल की बैठक के लिए केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और रूपाणी को केंद्रीय पर्यवेक्षक के रूप में नामित किया, जहां विधायक अपने नेता का चुनाव करेंगे। रूपाणी ने राजकोट में अपने आवास पर कहा, 'महाराष्ट्र भाजपा विधायक दल की बैठक मंगलवार या बुधवार को होगी। भाजपा विधायकों की उस बैठक में आम राय से एक नेता चुनने का प्रयास किया जाएगा। मैं और सीतारमण जी पर्यवेक्षक के रूप में बैठक में भाग लेंगे और आलाकमान को एक नेता की घोषणा के लिए एक रिपोर्ट सौंपेंगे, जो मुख्यमंत्री बन सकता है बशर्ते इस तरह के फॉर्मूले को अंतिम रूप दिया जाए।' उन्होंने कहा, 'मुझे लगता है कि महाराष्ट्र को इस बार भाजपा का मुख्यमंत्री मिलेगा क्योंकि (निवर्तमान मुख्यमंत्री) एकनाथ शिंदे ने स्पष्ट कर दिया है कि वह पार्टी के उम्मीदवार (शीर्ष पद के लिए) का समर्थन करेंगे।' आर्थिक राजधानी में पार्टी के एक पदाधिकारी ने कहा कि नवनिर्वाचित भाजपा विधायकों की महत्वपूर्ण बैठक बुधवार सुबह दक्षिण मुंबई के विधान भवन में होगी। recent visitors 81

महाराष्ट्र में किसे मिलेगा कौन सा पद, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह करेंगे तय

मुंबई महाराष्ट्र में सरकार गठन को लेकर रस्साकसी के बीच दिल्ली में महायुति की बैठक हुई. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ हुई इस बैठक में उन्होंने मंत्रिमंडल में शामिल होने की इच्छा रखने वाले विधायकों का रिपोर्ट मांगा है. इस बड़ी बैठक की इनसाइड स्टोरी सामने आई है, जिसमें पता चला है कि अमित शाह ने विधायकों का रिपोर्ट कार्ड किस आधार पर मांगा. रिपोर्ट कार्ड में देखा जाएगा कि लोकसभा चुनाव के दौरान संबंधित विधायक का प्रदर्शन कैसा रहा, क्या संबंधित व्यक्ति ने लोकसभा और विधानसभा चुनाव में ईमानदारी से काम किया? अगर कैबिनेट में कोई महत्वाकांक्षी पूर्व मंत्री है तो संबंधित मंत्री ने महायुति सरकार के दौरान मंत्रालय में कैसे काम किया? संबंधित व्यक्ति मंत्रालय में काम करने के लिए कितना समय दे रहा था. रिपोर्ट कार्ड के साथ महायुति के नेताओं को बुलाया जाएगा दिल्ली महायुति में अपने घटक दल के विधायकों के साथ मंत्री का व्यवहार कैसा था? मंत्री ने केंद्रीय और राज्य निधि का आवंटन कैसे किया? क्या ऐसी स्थिति थी कि संबंधित मंत्री महायुति को परेशानी में डाल देंगे? क्या उस नेता कोई विवादास्पद बयान दिया? इन मुद्दों का रिपोर्ट कार्ड लेकर अमित शाह महायुति नेताओं को दिल्ली बुलाएंगे. महायुति के नेताओं के आज दिल्ली जाने की संभावना है. बीजेपी ने बनाई विधायक दल की बैठक की योजना बीजेपी संसदीय बोर्ड दो पर्यवेक्षकों को मुंबई भेज रहा है, जिसमें गुजरात के पूर्व सीएम और पंजाब के पार्टी प्रभारी विवेक रूपानी और वित्त एवं कॉर्पोरेट मामलों की मंत्री निर्मला सीतारमण शामिल हैं. संबंधित घटनाक्रम में, प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष चंद्रशेखर बावनकुले ने बीजेपी एमएलसी प्रवीण दारेकेर के साथ आजाद मैदान में व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया, जहां गुरुवार को शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया जाएगा. recent visitors 77

रायपुर में भाजपा ने निकाय चुनाव की तैयारियां तेज की, जातीय संतुलन पर दिया जोर

रायपुर रायपुर दक्षिण विधानसभा उपचुनाव में शानदार जीत दर्ज करने के बाद भाजपा ने अपनी पूरी ताकत अब निकाय और पंचायत चुनावों में झोंकने की तैयारी कर ली है। प्रदेश भाजपा संगठन में चुनाव प्रक्रिया शुरू होने वाली है, जिसके तहत पहले चरण में बूथ कमेटियों का गठन किया जाएगा। इसके बाद मंडल और जिला अध्यक्षों का चुनाव होगा, जिसमें जातीय समीकरणों को ध्यान में रखते हुए रणनीति बनाई जाएगी। 405 मंडलों में होंगे चुनाव, नाराज कार्यकर्ताओं को मनाने की कवायद एक से 15 दिसंबर के बीच प्रदेश के 405 मंडलों में मंडल अध्यक्षों का चुनाव होगा, जबकि 15 से 30 दिसंबर के बीच जिला अध्यक्षों का चयन किया जाएगा। संगठन से जुड़े वरिष्ठ नेताओं ने बताया कि इस प्रक्रिया में न केवल अध्यक्ष बल्कि प्रतिनिधियों का भी चुनाव किया जाएगा। खासतौर पर नाराज कार्यकर्ताओं को फिर से पार्टी के साथ जोड़ने और उनकी समस्याओं का समाधान करने पर जोर दिया जाएगा। जातीय समीकरणों पर फोकस रहेगा ताकि विभिन्न समुदायों के बीच संतुलन कायम किया जा सके और निकाय चुनावों में किसी भी प्रकार की असंतोष की स्थिति से बचा जा सके। भाजपा की रणनीति स्पष्ट है: निकाय और पंचायत चुनावों में भी जीत का परचम लहराना है। सदस्यता अभियान में रिकॉर्ड वृद्धि भाजपा ने अपने हालिया सदस्यता अभियान में 53 लाख नए सदस्य जोड़ने का दावा किया है। अब 30 नवंबर तक बूथ कमेटियों का चुनाव पूरा करने की तैयारी है। पार्टी नेताओं ने वरिष्ठ नेताओं से मुलाकातें तेज कर दी हैं, ताकि चुनावी तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा सके। कांग्रेस भी बदलाव की तैयारी में रायपुर दक्षिण उपचुनाव में हार के बाद कांग्रेस में भी हलचल तेज हो गई है। पार्टी अब समीक्षा से आगे बढ़कर बड़े बदलावों की तैयारी कर रही है। दिल्ली से आने वाली सूची का इंतजार है, जिसमें संगठनात्मक फेरबदल के संकेत मिल रहे हैं। उपचुनाव में हार ने कांग्रेस को मजबूर कर दिया है कि वह जमीनी स्तर पर रणनीति को नए सिरे से तैयार करे। भाजपा-कांग्रेस में सीधा मुकाबला निकाय और पंचायत चुनावों में दोनों दलों के बीच सीधा मुकाबला देखने को मिलेगा। जहां भाजपा जीत के लिए जातीय संतुलन और संगठनात्मक मजबूती पर फोकस कर रही है, वहीं कांग्रेस अपनी हार से सबक लेकर रणनीति में बदलाव लाने की कोशिश कर रही है। आने वाले चुनावी नतीजे यह तय करेंगे कि जनता का भरोसा किस दल पर कायम रहता है। recent visitors 78