उपचुनाव की जंग, जनता किसके संग, BJP-Congress के बीच कांटे की टक्कर, चुनाव प्रचार आज थमेगा

भोपाल  मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में 13 नवंबर को होने वाले मतदान के लिए आज सोमवार को चुनाव प्रचार का आखिरी दिन है, जहां प्रचार के लिए पहुंच रहे आज भाजपा और कांग्रेस के दिग्गज नेता पार्टी के प्रत्याशियों के लिए वोट मांगने के लिए अपनी ताकत झोंकेंगे. मध्य प्रदेश को विधानसभा सीट क्रमशः बुधनी और विजयपुर और छत्तीसगढ़ में दक्षिण रायपुर में बुधवार को उपचुनाव होना है. MP के बुधनी और विजयपुर विधानसभा सीट और CG के दक्षिण रायपुर विधानसभा सीट पर उपचुनाव के लिए चुनाव प्रचार का आज यानी 11 नवंबर को अंतिम दिन है. उपचुनाव के अंतिम दिन दिग्गज नेता कैंपेनिंग करेंगे और पार्टी के प्रत्याशियों के लिए जनता से वोट मांगेंगे. विजयपुर और बुधनी और दक्षिण रायपुर में प्रचार का अंतिम दिन आज मध्य प्रदेश के विजयपुर सीट से वन मंत्री रामनिवास रावत BJP से मैदान में हैं, तो उनके सामने कांग्रेस ने मुकेश मल्होत्रा को टिकट दिया गया है. कांग्रेस से विधायक रहे रामनिवास रावत ने बीजेपी से जुड़ने के बाद इस्तीफा दे दिया था, जिसके बाद विजयपुर सीट पर रिक्त हो गया. वहीं, पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान के सांसद चुने जाने के बाद बुधनी सीट रिक्त हो गया. बुधनी सीट से बीजेपी प्रत्याशी रमाकांत भार्गव और कांग्रेस से राजकुमार पटेल मैदान में हैं. प्रचार के अंतिम दिन कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष विजयपुर में करेंगें चुनाव प्रचार रिपोर्ट के मुताबिक पिछले कई दिनों मुख्यमंत्री मोहन यादव से लेकर BJP की कई बड़े नेताओं ने विजयपुर और बुधनी में कैंपेन कर रहे हैं. तो वहीं कांग्रेस से जीतू पटवारी और सचिन पायलट जैसे नेता विजयुपर में प्रचार किया है. प्रचार के अंतिम दिन कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी विजयपुर में अलग अलग जगहों पर चुनाव प्रचार में करेंगे. विजयपुर सीट पर हो रहे उपचुनाव के लिए बीजेपी प्रत्याशी रामनिवास रावत और कांग्रेस प्रत्याशी मुकेश मल्होत्रा आमने-सामने हैं, जबकि बुधनी विधानसभा सीट के लिए हो रहे उपचुनाव के लिए बीजेपी प्रत्याशी रमाकांत भार्गव और कांग्रेस प्रत्याशी राजकुमार पटेल आमने-सामने हैं. केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह बुधनी में अलग-अलग क्षेत्रों में करेंगे प्रचार वहीं, चुनाव प्रचार के आखिरी दिन केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान बुधनी में पहुंचेंगे और बुधनी विधानसभा क्षेत्र के अलग- अलग जगहों पर जनसभा और कार्यक्रम बैठकों में शामिल होंगे. जबकि बीते रविवार को मुख्यमंत्री मोहन यादव खुद बुधनी विधानसभा क्षेत्र पहुंचे थे और बुधनी मेंअलग अलग जगहों पर प्रचार करते हुए नज़र आए थे. आज शाम 5 बजे विधानसभा क्षेत्रों में बंद हो जाएंगे चुनाव प्रचार आगामी 13 नवंबर को होने वाले मतदान के लिए आज 11 नवंबर को चुनाव प्रचार बंद हो गए. आज शाम 5 बजे तक ही सभी राजनीतिक दल चुनाव कैंपेन लाउड स्पीकर के माध्यम से प्रचार कर पाएंगे. हालांकि मतदान से पहले एक दिन पहले बिना गाजे-बाजे और लाउडस्पीकर के पार्टी प्रत्याशी घर-घर जाकर वोटरों से मिलकर अपने लिए वोट मांगेंगे. बीजेपी का पलड़ा भारी आदर्श नगर निवासी मन्नत धनगर का कहना है कि चुनावी माहौल किसका है अभी कहा नहीं जा सकता लेकिन जैसे चुनाव के दिन नजदीक आएगा पता चलेगा. यह बीजेपी का वार्ड है लेकिन टक्कर जोरदार रहने वाली है 2-4 दिन में पता चल जाएगा. अभी माहौल ठंडा है चुनाव नजदीक आने पर माहौल गरम होगा. वार्ड में दोनों पार्टी के अन्य नेता प्रचार प्रसार करने आ रहे हैं. सुनील अग्रवाल का कहना है कि दक्षिण विधानसभा उपचुनाव में बीजेपी का पलड़ा भारी है. यह इलाका बृजमोहन का गढ़ होने की वजह से उसको हरा पाना मुश्किल. इस इलाके में पूर्व विधायक बृजमोहन अग्रवाल ने बहुत सारे काम करवाए हैं. उनके काम को जनता देख रही है. चाहे सड़क निर्माण की बात हो या गली की चौक चौराहा पर बिजली लाइटिंग की व्यवस्था की बात, सारी सुविधाएं बृजमोहन अग्रवाल के कार्यकाल के दौरान हुए है. इसी वजह से लोग बृजमोहन अग्रवाल और भाजपा को पसंद करते हैं और इस बार दक्षिण विधानसभा उपचुनाव में यहां से बीजेपी की जीत होगी. 8 बार जीत चुके हैं बृजमोहन अग्रवाल आदर्श नगर दुर्गा पारा निवासी जयसिंग देवांगन का कहना है उपचुनाव के दोनों प्रत्याशी एक दूसरे के टक्कर के हैं. लेकिन दक्षिण विधानसभा बृजमोहन अग्रवाल का गढ़ है. यहां के वे पूर्व विधायक है. उनकी काट का आज तक कोई प्रतिद्वंद्वी नहीं आया है. इस बार बीजेपी से सुनील सोनी जरूर चुनावी मैदान में हैं लेकिन क्षेत्र की जनता बृजमोहन अग्रवाल के कहने पर वोट करती है. इसका लाभ सुनील सोनी को मिलेगा. यहां के बच्चे बच्चे बृजमोहन अग्रवाल को जानते हैं. बृजमोहन अग्रवाल यहां से आठ बार चुनाव जीत चुके हैं. इसलिए उनके नाम का यहां माहौल बना हुआ है. कांग्रेस से आकाश शर्मा को प्रत्याशी बनाया गया है. प्रत्याशी अच्छा है बाकी जितनी मेहनत करेगा उतना उसको फल मिलेगा. कांग्रेस ने टिकट देने में कोई गलती नहीं की है आकाश शर्मा प्रत्याशी अच्छा है. recent visitors 84

मध्य प्रदेश उपचुनावों के लिए प्रचार अब आखिरी दौर में, बीजेपी और कांग्रेस दोनों ने चुनाव में जीत के लिए अपनी ताकत झोंक दी

 भोपाल मध्य प्रदेश उपचुनावों के लिए प्रचार अब आखिरी दौर में है. बीजेपी और कांग्रेस दोनों ने चुनाव में जीत के लिए अपनी ताकत झोंक दी है और दोनों ही पार्टियों के नेता अपनी अपनी जीत का दावा कर रहे हैं. राज्य की बुधनी और विजयपुर विधानसभा सीट पर 13 नवंबर को चुनाव होना है. शिवराज सिंह चौहान के विदिशा से लोकसभा चुनाव लड़ने के बाद बुधनी सीट खाली हुई थी जिस पर अब पूर्व सांसद रमाकांत भार्गव भारतीय जनता पार्टी की तरफ से मैदान में हैं. उनके सामने कांग्रेस के राजकुमार पटेल की चुनौती है. वहीं, विजयपुर विधानसभा सीट में कांग्रेस से बीजेपी में आए रामनिवास रावत के सामने कांग्रेस के मुकेश मल्होत्रा हैं . बीजेपी के दिग्गज लगातार कर रहे प्रचार बीजेपी और कांग्रेस दोनों की ही तरफ से बड़े नेता प्रचार के लिए दोनों सीटों पर जुटे हैं. बुधनी में शिवराज सिंह चौहान और प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव के साथ कई मंत्री लगातार प्रचार कर रहे हैं. वहीं, कांग्रेस की तरफ से भी प्रदेश अध्यक्ष के साथ-साथ पार्टी के कई बड़े नेता लगातार प्रचार कर रहे हैं. बीजेपी-कांग्रेस दोनों ने किया जीत का दावा हाल ही में जीतू पटवारी ने दावा किया कि विजयपुर विधानसभा सीट में कांग्रेस 50,000 वोटों से अधिक के अंतर से जीत हासिल करेगी. इस पर टिप्पणी करते हुए बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने कहा कि बीजेपी प्रचंड बहुमत से जीत हासिल करेगी. उन्होंने कहा कि कांग्रेस पहले भी चुनाव में बड़े-बड़े दावे करती रही है और नतीजा सबने देखा है. उपचुनाव में कांटे की टक्कर कुल मिलाकर प्रदेश की दोनों विधानसभा सीटों पर कांटे की टक्कर नजर आ रही है, बीजेपी के सामने बड़ी अंतर से दोनों सीटें जीतकर अपनी प्रतिष्ठा को कायम रखने की चुनौती है तो वहीं कांग्रेस चुनाव में अच्छा प्रदर्शन करके अपनी खोई हुई जमीन और आत्मविश्वास हासिल करना चाहती है. recent visitors 99

बीजेपी को दिल्ली से मिली अच्छी खबर, एक सर्वे ने दिलाई उम्मीद, 43.4% वोट मिलने का अनुमान

नई दिल्ली दिल्ली विधानसभा का कार्यकाल अगले साल फरवरी में खत्म हा रहा है. ऐसे में जनवरी के अंत में विधानसभा चुनाव कराए जाने की उम्मीद है. इसी हफ्ते कोर ग्रुप के साथ चुनाव प्रबंध समिति और उम्मीदवार चयन समिति भी गठित हो सकती है. इससे पहले एक सर्वे दिखाता है कि बीजेपी का 28 साल का वनवास खत्म हो सकता है. सूत्रों के मुताबिक, बीजेपी के हालिया अंदरूनी सर्वे के बाद 2013 के बाद पहली बार लग रहा है कि वो दिल्ली में सरकार बनाने की स्थिति में आ जाएगी. दरअसल, बीते दिनों पार्टी के अंदरूनी सर्वे में आगामी विधान सभा चुनाव में 43.4 फीसदी वोट मिलने की संभावना के बाद बीजेपी ने इसको 46 फीसदी तक ले जाने का टारगेट रखा है. ऐसे में महाराष्ट्र और झारखंड चुनाव नतीजों के बाद दिल्ली पर फोकस बढ़ेगा. महाराष्ट्र, झारखंड के बाद दिल्ली का रुख करेंगे RSS वर्कर्स दिल्ली के पड़ोसी राज्य हरियाणा में मिली जीत से उत्साहित बीजेपी का ध्यान इस वक्त महाराष्ट्र और झारखंड में भले हो लेकिन दिल्ली विधानसभा चुनाव जीतने की रणनीति पर अमल अभी से शुरू हो गया है. लगातार तीन बार लोकसभा चुनाव में जीत हासिल करने वाली भारतीय जनता पार्टी विधानसभा चुनाव में जिन वजहों से पीछे जाती है, उन पर अभी से ही पार्टी का फोकस है. इसके लिए आरएसएस के पदाधिकारियों ने हरियाणा की तर्ज पर पूरी ताकत लगा दी है और कार्यकर्ता हर बूथ पर 5 लोगों से मुलाकात कर रहे हैं. टिकट की रेस में सबसे आगे 2 पूर्व सांसद पार्टी के लोग बताते हैं कि पूर्व सांसद प्रवेश वर्मा और रमेश विधूड़ी को आम चुनाव लड़ने का मौका नहीं मिल पाया, लिहाजा दोनो पूर्व सांसदों को विधानसभा चुनाव लड़ने का मौका दिया जा सकता है. दिल्ली नगर निगम से आधा दर्जन सीनियर पार्षद भी चुनाव लड़ सकते हैं. हालांकि, बीते दिनों कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष अरविंदर सिंह लवली के साथ तीन बड़े नेताओं ने बीजेपी का दामन थामा था. तब से उन इलाकों के मौजूदा विधायक असहज हैं कि टिकट मिलेगा या नहीं. दिल्ली की इन सीटों पर NDA लड़ सकता है चुनाव पार्टी सूत्रों ने बताया कि जेडीयू और एलजेपी को संगम विहार, बुराड़ी, सीमापुरी सहित कुछ मुस्लिम बहुल सीटें दी जा सकती हैं. पार्टी ने सहयोगी दलों को तीन से पांच सीटें देने का मन बनाया है.   recent visitors 98

धर्म परिवर्तन के खिलाफ नया कानून लाएगी सरकार, राजस्थान उपचुनाव में BJP-विधि मंत्री का दांव

जयपुर. धर्म परिवर्तन के खिलाफ राजस्थान सरकार विधानसभा में बिल लाएगी। राजस्थान सरकार में विधि मंत्री जोगाराम पटेल ने अगले विधानसभा सत्र में बिल लाने के संकेत दे दिए हैं। उन्होंने कहा कि विधि विभाग धर्म परिवर्तन के खिलाफ बिल के ड्राफ्ट को फाइनल करने में जुटा हुआ है। मंत्री जोगाराम पटेल ने कहा, उत्तराखंड और मध्यप्रदेश के धर्म परिवर्तन से जुड़े कानूनों की स्टडी की जा रही है। इस बिल को अगले विधानसभा सत्र में पारित किया जा सकता है। धर्म परिवर्तन के विरोध में लाए जा रहे इस बिल में कई कड़े प्रावधान किए जा सकते हैं। जैसे धर्म बदलवाने और उसमें सहयोग करने वालों पर जेल और भारी जुर्माना होगा। इसमें शामिल संस्थाओं के रजिस्ट्रेशन खारिज करने के साथ कड़ी कार्रवाई होगी। जबरन धर्म परिवर्तन पर पांच साल तक सजा और जुर्माने की सिफारिश है। गौरतलब है कि इससे पहले साल 2006 और 2008 में भी राजस्थान विधानसभा में तत्कालीन वसुंधरा सरकार के समय धर्म स्वातंत्र्य बिल दो बार पास हुआ था। लेकिन तब केंद्र की यूपीए सरकार से इसे मंजूरी नहीं मिल पाई थी। उस धर्म स्वातंत्र्य विधेयक 2008 के कई प्रावधानों को भी शामिल किया जाएगा। साल 2008 के धर्म स्वातंत्र्य बिल में कलेक्टर की मंजूरी के बिना धर्म बदलने पर रोक थी। recent visitors 106

महाराष्ट्र : महायुति और MVA के 150 बागी बने सिर दर्द, जानें कैसे बढ़ाई टेंशन

मुंबई टिकट न मिलने पर महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में कूदने वाले बागी महायुति और विपक्षी महा विकास आघाडी (एमवीए) के लिए सिरदर्द बन गए हैं। राज्य की 288 सदस्यीय विधानसभा के लिए 20 नवंबर को होने वाले चुनाव के वास्ते नामांकन दाखिल करने की आखिरी तारीख 29 अक्टूबर थी और उम्मीदवारों के नामांकन पत्रों की जांच 30 अक्टूबर को की जाएगी। चुनावी जंग से नाम वापस लेने की अंतिम तिथि चार नवंबर है और इसके बाद मैदान में बचे बागियों की संख्या पर स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी। महायुति ने जहां 80 बागियों की पहचान की है, वहीं विभिन्न दलों के करीब 150 नेताओं ने अपनी पार्टी या बहुदलीय गठबंधन के आधिकारिक उम्मीदवारों के खिलाफ नामांकन दाखिल किया है। नामांकन वापस लेने की अंतिम तिथि 4 नवंबर है, इसलिए मोर्चों के पास मतभेदों को सुलझाने और बागियों को मैदान से हटने के लिए मनाने के लिए करीब एक सप्ताह का समय है। एमवीए के 286 प्रत्याशियों का नामांकन एमवीए और महायुति दोनों ने कहा कि उन्होंने सभी 288 सीटों के लिए उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है। नामांकन बंद होने के बाद, एमवीए के 286 उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किए (कांग्रेस से 103, उद्धव ठाकरे की शिवसेना 96 और शरद पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी से 87 प्रत्याशियों ने नामांकन कराया है। तीनों दलों ने अपने-अपने कोटे से छोटे सहयोगियों को सीटें दीं। महायुति से कितने प्रत्याशी? महायुति में 284 प्रत्याशियों ने नामांकन कराया है। बीजेपी, शिवसेना 80 और अजित पवार की एनसीपी से 52 प्रत्याशी हैं। जिसमें छोटे सहयोगी भी शामिल हैं। दोनों गठबंधनों ने कहा कि राज्य के विभिन्न हिस्सों से जानकारी आने के बाद शेष सीटों का हिसाब लगाया जाएगा। हालांकि, महायुति सूची से ऐसा प्रतीत होता है कि इसने 5 निर्वाचन क्षेत्रों में दो उम्मीदवारों की घोषणा की है, और दो सीटों पर कोई भी उम्मीदवार नहीं हैं। इसने कुल 289 उम्मीदवारों की घोषणा की है। बागियों से निपटना चुनौति महायुति और एमवीए के प्रमुख नेताओं ने स्वीकार किया कि बागियों की मौजूदगी चिंता का विषय है और उन्हें इस मामले से निपटना होगा। ऐसा करने के लिए अभी भी समय है। उम्मीदवारों के कागजात बुधवार को जांचे जाएंगे और 4 नवंबर को उम्मीदवारी वापस लेने की आखिरी तारीख है। इसके बाद, यह स्पष्ट हो जाएगा कि अभी भी कितने बागी मैदान में हैं। महा विकास अघाड़ी में शुरू से रहा विवाद कौन कितनी सीटों पर चुनाव लड़ेगा, इस पर पखवाड़े भर से चल रहा असमंजस मंगलवार को खत्म हो गया। लेकिन कई दौर की बातचीत के बावजूद महायुति ने सीट बंटवारे के अपने फॉर्मूले को पूरी तरह से गुप्त रखा, जबकि एमवीए का फॉर्मूला सार्वजनिक रूप से बदलता रहा। शुरू में यह प्रस्ताव था कि कांग्रेस 103 सीटों पर, यूबीटी शिवसेना 90 सीटों पर और एनसीपी (एसपी) 85 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। बाद में, यूबीटी शिवसेना सांसद संजय राउत ने 85-85 सीटों का फॉर्मूला प्रस्तावित किया और चूंकि इस पर कोई सहमति नहीं बन पाई, इसलिए कांग्रेस विधायक दल के नेता बालासाहेब थोराट ने एक नया फॉर्मूला प्रस्तावित किया, जिसमें एमवीए के सभी घटक 90-90 सीटों पर चुनाव लड़ेंगे। यदि बागी चुनाव मैदान में डटे रहते हैं, तो वे आधिकारिक उम्मीदवारों के लिए महत्वपूर्ण चुनौती पैदा करेंगे। इतना ही नहीं वे महायुति और एमवीए के चुनावी गणित को बिगाड़ने का काम करेंगे। महायुति में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी), मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना और उपमुख्यमंत्री अजित पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) शामिल हैं, जबकि विपक्षी एमवीए में कांग्रेस, शिवसेना (यूबीटी) और शरद पवार की एनसीपी शामिल हैं।   मुंबई में सबसे ज्यादा मुसीबत प्रमुख दलों के बीच सबसे अधिक संख्या में उम्मीदवार उतारने वाली बीजेपी को मुंबई के साथ-साथ राज्य के अन्य हिस्सों में बागियों से संभावित नुकसान को रोकने के लिए कड़ा संघर्ष करना पड़ रहा है। भाजपा के बागियों में एक बड़ा नाम गोपाल शेट्टी का है। वह दो बार विधायक और मुंबई से लोकसभा सदस्य रह चुके हैं। उन्होंने मुंबई की बोरीवली विधानसभा सीट से पार्टी के आधिकारिक उम्मीदवार संजय उपाध्याय के खिलाफ निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में नामांकन दाखिल किया है।   इसलिए बढ़ी परेशानी राजनीतिक पर्यवेक्षक अभय देशपांडे के अनुसार, सत्तारूढ़ गठबंधन में एनसीपी के प्रवेश ने भाजपा और शिवसेना के लिए चुनौतियां खड़ी कर दी हैं। उन्होंने कहा, 'विधानसभा चुनाव आम तौर पर उम्मीदवारों की छवि पर लड़ा जाता है। दोनों पक्षों (महायुति और एमवीए) में कम से कम तीन प्रमुख राजनीतिक दल हैं, और यह स्पष्ट है कि प्रत्येक पार्टी को चुनाव लड़ने के लिए सीमित संख्या में सीट मिली हैं। भाजपा और शिवसेना के पारंपरिक प्रतिद्वंद्वी एनसीपी के साथ हाथ मिलाए जाने से उनके समर्पित पार्टी कार्यकर्ताओं के लिए जमीन पर एक बड़ी चुनौती पैदा हो गई है।' ऐसे मामले भी हैं, जहां सहयोगी दलों ने एक-दूसरे के खिलाफ उम्मीदवार खड़े किए हैं। उदाहरण के लिए, सोलापुर दक्षिण निर्वाचन क्षेत्र से कांग्रेस ने दिलीप माने को नामांकित किया, लेकिन उन्हें आधिकारिक उम्मीदवार का दर्जा नहीं मिला। उसकी सहयोगी शिवसेना (यूबीटी) ने अमर पाटिल को टिकट दिया है। निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में अपना नामांकन दाखिल करने के बाद पत्रकारों से बातचीत में माने ने कहा, 'मुझे बताया गया था कि कांग्रेस की ओर से एबी फॉर्म मुझे दिया जाएगा। वह कभी नहीं आया, इसलिए मैंने निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में अपना नामांकन दाखिल करने का फैसला किया।' सोलापुर जिले के पंढरपुर-मंगलवेधा निर्वाचन क्षेत्र में कांग्रेस और इसकी सहयोगी एनसीपी (एसपी) ने अपने-अपने उम्मीदवार उतारे हैं। पीजेंट्स एंड वर्कर्स पार्टी (पीडब्ल्यूपी) एमवीए की एक घटक है, फिर भी इसके बाबासाहेब देशमुख ने सोलापुर जिले के सांगोला निर्वाचन क्षेत्र में शिवसेना (यूबीटी) के उम्मीदवार के खिलाफ अपना नामांकन दाखिल किया है। अजित पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी को भी बगावत का सामना करना पड़ रहा है। एनसीपी नेता छगन भुजबल के भतीजे समीर ने नासिक जिले के नंदगांव विधानसभा क्षेत्र से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में अपना नामांकन दाखिल किया है। वह शिवसेना उम्मीदवार और मौजूदा विधायक सुहास कांडे को चुनौती दे रहे हैं। एनसीपी की नासिक शहर इकाई के अध्यक्ष रंजन ठाकरे ने भी मौजूदा भाजपा विधायक देवयानी फरांडे के खिलाफ निर्दलीय के रूप में अपना नामांकन दाखिल किया है। पूर्व केंद्रीय मंत्री रावसाहेब दानवे … Read more

महाराष्ट्र चुनाव : एनडीए के चार अन्य सहयोगी दल को बीजेपी अपने खाते से चार विधानसभा सीटें देने का फैसला किया

मुंबई महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों क लिए बीजेपी ने कैंडिडेट की चौथी सूची जारी की है। पार्टी ने इस सूची में कुल दो उम्मीदवारों के नाम ऐलान किया है। मुंबई मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र की मीरा भाईंदर सीट बीजेपी के हिस्से में आई है। पार्टी ने यहां से नरेंद्र मेहता को उतारा है। मौजूदा विधायक गीता जैन को टिकट नहीं मिला है। गीता जैन राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा से पहले मीरा रोड पर हिंसा के दौरान सुर्खियों में आई थीं। इसके बाद उनके साथ तेलंगाना बीजेपी के विधायक टी राजा सिंह ने एक शोभायात्रा भी निकाली थी। पूर्व में मीरा भाईंयर की मेयर रही गीता जैन को टिकट मिलने की चर्चा थी लेकिन पार्टी ने यहां नए कैंडिडेट को मौका दिया है। वह पिछली बार निर्दलीय जीती थीं। अब तक 152 कैंडिडेट घोषित बीजेपी ने उमरेड से सुधीर लक्ष्मण राव पारवे को उतारा है। दो कैंडिडेट के ऐलान के साथ राज्य में बीजेपी के कुल प्रत्याशियों की संख्या 152 हो गई है। महायुति में नौ सीटों पर ऐलान बाकी थी। अब सिर्फ पांच सीटों ऐलान बाकी रह गया है। बीजेपी ने सबसे बड़े नेता और राज्य के डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस नागपुर दक्षिण पश्चिम से लड़ रहे हैं। मीरा भाईंयर सीट से महाविकास आघाडी (MVA) ने मुस्लिम कार्ड खेलते हुए मुज्जफर हुसैन को उम्मीदवार बनाया है। राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा से पहले मुंबई की मीरा रोड पर हिंसा सामने आई थी। इसके बाद पुलिस एक्शन हुआ था। मीरा रोड पर बुलडोजर भी चला था। विधानसभा चुनावों में इस पूरे प्रकरण का असर दिखने की उम्मीद की जा रही है। महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने अपने छोटे सहयोगी दलों के लिए बड़ा दिल दिखाया है। बीजेपी ने इन सहयोगी दलों को अपने कोटे से कुछ सीटे दी हैं। बीजेपी ने अपने कोटे से महाराष्ट्र की 4 विधानसभा सीट सहयोगी दलों को दिया है। बीजेपी ने केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले की पार्टी RPI (A) को भी सीटें दी हैं। महायुति में अठावले की पार्टी को रिपब्लिकन पार्टी ऑफ़ इंडिया को 2 सीटें दी गईं हैं। कलीना विधानसभा सीट बीजेपी कोटे से और धारावी विधानसभा सीट शिवसेना कोटे से दी गई हैं। रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आठवले) के अलावा बीजेपी ने एक सीट युवा स्वाभिमान पार्टी को बडनेरा, राष्ट्रीय समाज पक्ष को गंगाखेड और जनसुराज्य शक्ति पक्ष को शाहुवाडी सीट देने का ऐलान किया है। बीजेपी ने क्यों दी चार सीटें अपने चार सहयोगियों को टिकट देने पर बीजेपी का कहना है कि महाराष्ट्र में क्षेत्रीय साझेदारों को एनडीए के साथ जोड़े रखने की दृष्टि से अपने सहयोगियों के साथ टिकटें साझा किया है। कलिना की सीट पर उम्मीदवारी मिलने के बाद आठवले की पार्टी ने अपने उम्मीदवार के नाम का ऐलान कर दिया है। आरपीआई ने कलिना से अमरजीत सिंह को चुनावी मैदान में उतारा है। बीजेपी ने जारी की उम्मीदवारों की तीसरी लिस्ट बता दें कि महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के लिए बीजेपी ने सोमवार दोपहर तीसरी लिस्ट जारी की। इसमें 25 उम्मीदवारों के नाम हैं। पार्टी अब तक तीन लिस्ट जारी कर चुकी है। इसमें कुल 146 प्रत्याशियों का ऐलान किया गया है। महायुति में अब तक 260 नाम की घोषणा हो चुकी है। इसमें बीजेपी, शिवसेना शिंदे गुट और NCP अजित गुट शामिल हैं। शिवसेना शिंदे गुट की दो लिस्ट में 65 उम्मीदवार घोषित किए गए हैं। recent visitors 102

उपचुनाव के लिए BJP ने जारी की 40 स्टार प्रचारकों की सूची, सुरेश पचौरी का नाम नहीं

 भोपाल मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में विधानसभा उपचुनाव (Assembly by-election) को लेकर बीजेपी (BJP) अपनी पूरी ताकत झोक रही है. वहीं, कांग्रेस (Congress) भी कड़ी टक्कर देने की कोशिश कर रही है. इसीक्रम में शुक्रवार को बीजेपी ने मध्य प्रदेश  की दो विधानसभा सीटों पर हो रहे उपचुनाव को लेकर 40 स्टार प्रचारकों की लिस्ट जारी की है. इस लिस्ट में प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ,केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान,ज्योतिरादित्य सिंधिया समेत पार्टी के कई दिग्गज नेता प्रचार करेंगे. बुधनी और विजयपुर उपचुना को लेकर कार्यकर्ता में जोश भरेंगे. बुधनी और विजयपुर विधानसभा सीट पर इन दिनों उपचुनाव को लेकर गहमा-गहमी जारी है.  प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा, मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ,केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान,ज्योतिरादित्य सिंधिया इन दोनों सीटों पर करेंगे प्रचार. वहीं,मध्य प्रदेश के प्रभारी महेंद्र सिंह और सह प्रभारी सतीश उपाध्याय भी मोर्चा संभालेंगे. वहीं, बीजेपी के वरिष्ठ नेता डॉ. नरोत्तम मिश्रा और दोनों ही उपमुख्यमंत्री भी स्टार प्रचारक बनाये गए. बीजेपी के स्टार प्रचारकों की लिस्ट जारी होते ही प्रदेश में सियासी चर्चा तेज हो गई है. भारतीय जनता पार्टी की लिस्ट में कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में शामिल होने वाले नेता सुरेश पचौरी का नाम शामिल नहीं है. बीजेपी की स्टार प्रचारकों की लिस्ट में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान, प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा सहित मप्र सरकार के 16 मंत्री शामिल हैं. लिस्ट में सहरिया विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष्ख सीताराम आदिवासी, निर्मला बारेला का नाम भी शामिल हैं. इस लिस्ट में वरिष्ठ नेता सुरेश पचौरी को शामिल नहीं किया गया है, जबकि लोकसभा चुनाव में पचौरी स्टार प्रचारक के रूप में सक्रिय थे. कांग्रेस ने साधा निशाना बीजेपी के स्टार प्रचारकों की लिस्ट में वरिष्ठ नेता सुरेश पचौरी को शामिल नहीं किए जाने पर कांग्रेस ने निशाना साधा है. उप नेता प्रतिपक्ष हेमंत कटारे ने अपने सोश मीडिया हैंडल एक्स पर ट्वीट कर कहा, "जो पचौरी टिकट दिलाने का माद्दा रखते थे, वह बीजेपी में जाकर लुप्त हो गए." स्टार प्रचारकों की लिस्ट में इन नेताओं का नाम बीजेपी की स्टार प्रचारकों की लिस्ट में प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा, सीएम डॉ. मोहन यादव, केन्द्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान, शिव प्रकाश, डॉ. वीरेन्द्र कुमार खटीक, ज्योतिरादित्य सिंधिया, सत्यनारायण जटिया, महेंद्र सिंह, सतीश उपाध्याय, जगदीश देवड़ा, राजेन्द्र शुक्ला, अजय जामवाल, प्रहलाद पटेल, कैलाश विजयवर्गीय, राकेश सिंह, विजय शाह का नाम शिमल है. इसके अलावा फग्गन सिंह कुलस्ते, डॉ. नरोत्तम मिश्रा, जयभान सिंह पवैया, गोपाल भार्गव, हितानंद शर्मा, करण सिंह वर्मा, ऐदल सिंह कंसाना, प्रद्युम्न सिंह तोमर, राकेश शुक्ला, नारायण सिंह कुशवाह, निर्मला भूरिया, लालसिंह आर्य, कृष्णा गौर और नरेन्द्र शिवाजी पटेल, भारत सिंह कुशवाह, शिवमंगल तोमर, रणवीर सिंह रावत, सुमेर सिंह सोलंकी, रामपाल सिंह, नरेन्द्र भाटिया, विजय दुबे, श्रीकांत देवसिंह का नाम भी शामिल है. recent visitors 92