भाजपा में जल्द ही बड़े बदलाव, राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए चुनाव प्रक्रिया 20 अप्रैल के बाद शुरू, प्रह्लाद जोशी इस दौड़ में सबसे आगे

नई दिल्ली  बीजेपी जल्द ही बड़े बदलाव के लिए तैयार है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव की प्रक्रिया 20 अप्रैल के बाद शुरू हो सकती है। इसको लेकर पिछले कुछ दिनों में दिल्ली में भाजपा के शीर्ष स्तर पर काफी गहमागहमी देखी गई है। बुधवार को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास पर एक बड़ी बैठक हुई, जिसमें अमित शाह, राजनाथ सिंह और बी एल संतोष जैसे पार्टी और आरएसएस के बड़े नेता शामिल हुए। सूत्रों का कहना है कि इस बैठक में पार्टी के संगठन में बदलाव और नए राष्ट्रीय अध्यक्ष को लेकर भी मंथन हुआ। पार्टी के भरोसेमंद सूत्र ने बताया है कि अभी मुख्य रूप से पांच नामों पर चर्चा चल रही है और हो सकता है कि इस बार कर्नाटक के किसी नेता को पार्टी की कमान सौंप दी जाए। लेकिन, इस सूत्र ने एक छठा नाम भी बताया है। बीजेपी का अगला राष्ट्रीय अध्यक्ष कौन? बीजेपी के एक विश्वस्त सूत्र ने  बताया है कि अभी नए राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने की रेस में सबसे आगे केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी का नाम चल रहा है। इनके अलावा भी उन्होंने 4 और नाम बताए हैं। लेकिन, सबसे चौंकाने वाला नाम छठे नेता का है, जो अबतक इस चर्चा में पूरी तरह से गायब रहे हैं। यहां पर बीजेपी के सभी संभावित राष्ट्रीय अध्यक्ष के नाम और उन्हें यह जिम्मेदारी दिए जाने की संभावित वजह भी बताई जा रही है। 1) प्रह्लाद जोशी, केंद्रीय मंत्री बीजेपी सूत्र का कहना है कि प्रह्लाद जोशी को पार्टी का अगला राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया जा सकता है। कर्नाटक की धारवाड़ लोकसभा सीट से सांसद जोशी अभी मोदी सरकार में कंज्यूमर अफेयर्स, फूड एंड पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन और रिन्यूएबल एनर्जी मंत्री हैं। प्रह्लाद जोशी आरएसएस से होते हुए भाजपा सरकार में इतने बड़े पद तक पहुंचे हैं। 2) बीएल संतोष, बीजेपी महासचिव (संगठन) बीएल संतोष भी कर्नाटक से आते हैं और राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (RSS) के प्रचारक हैं। भारतीय जनता पार्टी में यह पद पार्टी संगठन और संघ के बीच कड़ी का काम करता है। बीएल संतोष 1993 से आरएसएस के प्रचारक हैं और पूरी तरह से संघ के कार्यों से जुड़े रहे हैं। जब हमने बीजेपी सूत्र से सवाल किया कि क्या पार्टी इस तरह से एक प्रचारक को सीधे अपने संगठन का जिम्मा सौंप सकती है? तो उन्होंने बीजेपी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष कुशाभाऊ ठाकरे के नाम का जिक्र किया, जिन्होंने आरएसएस से सीधे पार्टी संगठन का उत्तरदायित्व संभाला था। बीजेपी सूत्र ने यह भी दावा किया है कि अगर संतोष के नाम पर मुहर लगती है तो सुनील बंसल उनकी जगह महासचिव (संगठन) का जिम्मा संभाल सकते हैं। 3) सीटी रवि, बीजेपी के पूर्व राष्ट्रीय महासचिव सीटी रवि कर्नाटक में भारतीय जनता पार्टी के एक बड़े नेता हैं। वे चिकमगलूर विधानसभा क्षेत्र से चार बार MLA रह चुके हैं। रवि अपनी आक्रामक राजनीति के लिए जाने जाते हैं। वे कर्नाटक में भाजपा सरकार में मंत्री भी रह चुके हैं। वह शुरुआत से ही आरएसएस से जुड़े रहे हैं और अभी कर्नाटक विधान परिषद के सदस्य हैं। उनकी आक्रामक राजनीति की वजह से उनका भी नाम जेपी नड्डा की जगह भाजपा के अगले राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में लिया जा रहा है। 4) धर्मेंद्र प्रधान, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का नाम भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के तौर पर काफी पहले से लिया जा रहा है। इसकी वजह है उनका आरएसएस वाला बैकग्राउंड और उनकी जबरदस्त संगठन क्षमता। वह पार्टी के बैकग्राउंड रणनीतिकारों में अहम भूमिका निभाते रहे हैं और चुनावी समीकरण बिठाने में भी इनके कौशल की पार्टी में खूब सराहना होती है। अभी प्रधान ओडिशा के संबलपुर लोकसभा सीट का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। 5) भूपेंद्र यादव, केंद्रीय मंत्री राजस्थान की अलवर लोकसभा सीट से संसद भूपेंद्र यादव अभी केंद्र में पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय संभाल रहे हैं। भूपेंद्र यादव की तरह ही ये भी बीजेपी के धुरंधर रणनीतिकारों में शामिल रहे हैं और पार्टी के लिए चुनाव जितवाने वाली मशीन की तरह काम आते रहे हैं। संघ का बैकग्राउंड और बेहतरीन संगठन क्षमता की वजह से बीजेपी के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के तौर पर इनका नाम भी काफी चर्चा में रहा है। मनोज सिन्हा का भी आ रहा है नाम भाजपा सूत्र ने नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के तौर पर जो सबसे चौंकाने वाला संभावित नाम बताया है, वह है जम्मू और कश्मीर के लेफ्टिनेंट गवर्नर मनोज सिन्हा का। सूत्र ने दलील दी है कि प्रधानमंत्री मोदी की वजह से पार्टी चौंकाने वाले फैसले लेने के लिए जानी जाती है, ऐसे में मनोज सिन्हा भी नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के तौर पर सामने आ जाएं तो हैरानी नहीं होनी चाहिए। पार्टी सूत्र का यह भी कहना है कि जो भी अध्यक्ष होंगे, वे अपेक्षाकृत युवा चेहरा होंगे। 2020 से ही राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं नड्डा जेपी नड्डा जनवरी 2020 से ही बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं। उनका कार्यकाल जून 2024 तक बढ़ाया गया था, ताकि वे लोकसभा चुनाव तक काम कर सकें। बीजेपी अध्यक्ष का चुनाव फरवरी 2025 तक ही हो जाना था, लेकिन हरियाणा, महाराष्ट्र, झारखंड और दिल्ली के चुनावों के कारण यह टल गया। फिर देशभर में संगठन चुनाव शुरू हो गए। बीजेपी में दो कार्यकाल से ज्यादा अध्यक्ष बनने की परंपरा नहीं है। लेकिन, नड्डा का एक ही कार्यकाल पूरा हुआ है, बाकि वह अतिरिक्त या कार्यकारी प्रभार संभालते रहे हैं। recent visitors 54

भाजपा युवा मोर्चा ने आज अंबेडकर चौराहा पर सोनिया गांधी और राहुल गांधी का पुतला दहन किया गया

सिंगरौली भारतीय जनता पार्टी राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री जे• पी•नड्डा जी एवं भाजपा युवा मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री तेजस्वी सूर्या जी के निर्देशानुसार भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री वी•डी शर्मा जी एवं भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष श्री वैभव पवार जी के नेतृत्व मे तथा भाजपा जिलाध्यक्ष श्री सुंदरलाल शाह जी के मार्गदर्शन में भाजयुमो जिला सिंगरौली द्वारा नेशनल हेराल्ड मामले मे कांग्रेस के द्वारा लगातार देश को गुमराह किए जाने के विरोध में आज दिनांक 17 अप्रैल को अंबेडकर चौराहा पर सोनिया गांधी और राहुल गांधी का पुतला दहन किया गया । उक्त कार्यक्रम में प्रमुख रूप से प्रदेश मीडिया पैनलिस्ट Shivam Shukla जी, कार्यक्रम की अध्यक्षता भाजपा युवा मोर्चा जिलाध्यक्ष श्री Rajendra Singh Parmar जी, भाजपा मंडल अध्यक्ष श्री Saurabh Gupta जी,जिला उपाध्यक्ष श्री Raju Baba Ambesh Dwivedi ,जिला महामंत्री राजू केशरी भाजपा सिंगरौली  ,श्री शशांक विक्रम सिंह,जिला सोशल मीडिया प्रभारी सोनू शाह ,शशांक अग्रहरि,मनीष द्विवेदी,विक्रम सिंह परमार,आकाश पाण्डेय ,भाजयुमो मंडल अध्यक्ष राजेश विश्वकर्मा,प्रवेश सिंह,विवेक सिंह, महेश शाह,सुभाष,चंदन,उमेश शाह मंडल महामंत्री गुरुप्रीत सिंह सरदार एवं अन्य सभी भारतीय जनता युवा मोर्चा सिंगरौली के सभी पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे ।। recent visitors 47

प्रदेश स्तरीय एक दिवसीय कार्यशाला में शामिल हुए आष्टा विधायक

आष्टा  संविधान निर्माता, भारत रत्न, "बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर सम्मान अभियान" को लेकर आज भोपाल में प्रदेश स्तरीय  कार्यशाला का आयोजन सम्पन्न हुआ । आयोजित कार्यशाला में शामिल होने आष्टा विधायक श्री गोपालसिंह इंजीनियर भोपाल पहुचे ओर आयोजित एक दिवसीय  कार्यशाला में शामिल हुए । आयोजित उक्त कार्यशाला को भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री लक्ष्मीकांत वाजपेयी, राष्ट्रीय महासचिव श्री दुष्यंत गौतम, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व सांसद श्री विष्णुदत्त शर्मा, प्रदेश प्रभारी डॉ. महेन्द्र सिंह, प्रदेश शासन के मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय, प्रदेश संगठन महामंत्री श्री हितानंद जी, अजा मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री लाल सिंह आर्य एवं अजा मोर्चा के प्रदेश अध्‍यक्ष डॉ. कैलाश जाटव ने भारतीय जनता पार्टी प्रदेश कार्यालय में प्रदेश स्तरीय वक्ता कार्यशाला का दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया। एवं सभी वरिष्ठ राष्ट्रीय एवं प्रदेश नेतृत्व का मार्गदर्शन मार्गदर्शन प्राप्त हुआ । recent visitors 54

भाजपा ने बाबा साहब के विचारों का कभी पालन नहीं किया- दिग्विजय सिहं

इंदौर कांग्रेस के दिग्गज नेता व पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह आज अंबेडकर जयंती पर इंदौर पहुंचे। जहां उन्होंने मीडिया से चर्चा की और कई मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखी। दिग्विजय सिंह ने वक्फ बिल के विरोध में पश्चिम बंगाल में हो रही हिंसा के लिए आरएसएस को जिम्मेदार ठहराया। वहीं गद्दार पोस्टर को लेकर भी प्रतिक्रिया दी। वहीं बाबा साहेब अंबेडकर जयंती मनाने पर भाजपा को निशाने पर लिया। पश्चिम बंगाल में हो रही हिंसा के लिए बीजेपी जिम्मेदार दिग्विजय सिंह ने पश्चिम बंगाल में हो रही हिंसा के लिए बीजेपी और संघ को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि ऐसे कुछ संगठन जो नफरत फैलाते हैं जो दंगे फसाद करवाते हैं। उन्हें क्यों इजाजत दी जाती है, जुलूस के रूप में डीजे लगाकर मस्जिद के सामने से निकलने की। ऐसे संगठन को प्रशासन मंजूरी क्यों देता है। डबल इंजन सरकार की मानसिकता है नफरत फैलाकर दंगे करवाकर राजनीतिक रोटी सेकना। भाजपा और संघ का धर्म से कोई लेना देना नहीं है। नफरत फैलाकर दंगे फसाद करवाकर उसके आधार पर राजनीति रोटी सेकना बीजेपी और संघ का असली धर्म है। भाजपा ने बाबा साहब के विचारों का कभी पालन नहीं किया- दिग्विजय सिहं दिग्विजय सिंह ने बाबा साहब भीमराव अंबेडकर की जयंती पर मीडिया से की चर्चा करते हुए कहा कि मुझे इस बात की प्रशंसा है बीजेपी और संघ आज बाबा साहब आंबेडकर को सम्मान के नजरों से देख रहे हैं। संघ ने तिरंगा जलाया संविधान का विरोध किया। हमेशा बीजेपी ने नफरत के अंदाज में राजनीति की है। बाबा साहब के विचारों का पालन बीजेपी ने कभी नहीं किया। दलितों की जमीन दबंग छीन रहे हैं, बीजेपी मौन है। recent visitors 81

आज से 12 अप्रैल तक गांव-बस्ती चलोग अभियान के तहत बीजेपी जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता गावों, मोहल्लों और सेवा बस्तियों का दौरा करेंगे

भोपाल मध्य प्रदेश में भाजपा का स्थापना दिवस धूमधाम से मनाया गया। इसके साथ ही भाजपा के कई कार्यक्रम की शुरुआत भी कर दी है। इसी क्रम में 7 से 12 अप्रैल तक गांव-बस्ती चलोग अभियान के तहत जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता गावों, मोहल्लों और सेवा बस्तियों का दौरा करेंगे। इस दौरान कार्यकर्ता मंदिर, अस्पताल, स्कूल, आंगनबाड़ी केंद्र, पंचायत कार्यालय आदि स्थानों पर जाकर स्वच्छता अभियान, जनसंवाद, वन नेशन, वन इलेक्शन और सरकारी योजनाओं की जानकारी देंगे। इससे पहले 6 अप्रैल भाजपा के स्थापना दिवस पर  भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने प्रदेश कार्यालय में ध्वजारोहण किया और कार्यकर्ताओं को बधाई दी। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा के आव्हान पर प्रदेशभर में लाखों कार्यकर्ताओं और नेताओं ने अपने घरों पर भाजपा का झंडा फहराया।     बाबा साहब की प्रतिमाओं की सफाई और दीपोत्सव 13 अप्रैल को डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती की पूर्व संध्या पर भाजपा कार्यकर्ता बाबा साहब की प्रतिमाओं की सफाई करेंगे। संध्या के समय दीप जलाकर दीपोत्सव मनाया जाएगा, और सामूहिक पुष्पांजलि अर्पित की जाएगी। इस दिन भाजपा कार्यकर्ता संविधान का सामुहिक पाठ करेंगे 8-9 अप्रैल: विधानसभा स्तर पर सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे 7 से 13 अप्रैल तक: गांव-बस्ती चलो अभियान के अंतर्गत कार्यकर्ता गांवों, मोहल्लों और सेवा बस्तियों का दौरा करेंगे   recent visitors 47

भाजपाः लोकमंगल के संकल्प की एक अनुपम यात्रा: विष्णु दत्त शर्मा

भाजपा स्थापना दिवस 45 साल-बेमिसाल भाजपाः लोकमंगल के संकल्प की एक अनुपम यात्रा भाजपाः असंभव को संभव करने का नाम   स्वाधीनता के बाद 1951 में जब पं. श्यामा प्रसाद मुखर्जी, बलराज मधोक और दीनदयाल उपाध्याय ने जनसंघ बनाया था तबविरोधीउनकी हँसी उड़ाते थे कि ये क्या राजनीति करेंगे और जब 1980 में भाजपा की स्थापना हुई तो उनके ताने बढ़ते गये। उस दौर में अटल जी ने कहा था- अंधेरा छटेगा, सूरज निकलेगा, कमल खिलेगा। आज भाजपा सारी चुनौतियों को ध्वस्त करके भारतीय राजनीति की धुरी बन चुकी है, केंद्र सहित डेढ़ दर्जन राज्यों में सरकार है औरसबसे पुरानी पार्टी का दावा करने वाले पारिवारिक गिरोह न केवल सत्ता को तरस रहे हैं बल्कि अपनी तथाकथित पारंपरिक सीटें भी गँवा बैठे हैं। अपनी 45 वीं वर्षगांठ मना रही भाजपा ने भारत की राजनीति में जो रास्ता चुना था, उस पर चलकरइसने सारी दुनिया को चकित किया है। पार्टी ने आज देश को भ्रष्टाचार, परिवारवाद, अपराधीकरण, जातिवाद, तुष्टिकरण, आतंकवाद जैसे घावों से मुक्ति दिलाईहै। साथ ही उन सभी मुद्दों को हल करके राजनीति में नया अध्याय लिख चुकी है, जिनकापार्टी ने अपनी स्थापना के समय संकल्प लिया था। कश्मीर में धारा 370 की विदाई या श्रीराम जन्मभूमि मंदिर निर्माण से लेकर वक्फ बोर्ड कानून में बदलाव तक के सभी संकल्प भाजपा ने पूरे किये हैं। अपनी कथनी और करनी से आज यह सर्वाधिक विश्वसनीय पार्टी बनी है तथाजिसकोकरोड़ों लोगों ने अपनाकर विश्व का सर्वोच्च दल बनाया है। आज की पीढ़ी को यह जानना चाहिए कि 1980 के दशक का कालखंड भारतीय राजनीति का टर्निंग प्वाइंट था, जब भारतीय जनता पार्टी की स्थापना हुई। देश के राष्ट्रवादी समूहों ने एक सपना देखा था, जिसमें भारतीय गौरव की पुनर्स्थापना, भारत के आध्यात्मिक उत्कर्ष, सामाजिक न्याय और राष्ट्रीय एकता के विचार-बीज थे। आज वे बीज फलदार बृक्ष हो चुके हैं। 45 साल में वे सारे सपने साकार हो चुके हैं। राजनीतिक क्षेत्र में यह आश्चर्य का विषय हो गया है कि कैसे एक पार्टी 2 सीटोंसे अपनी यात्रा शुरू करते हुए सबसे बड़े लोकतंत्र की सबसे बड़ी पार्टी बनकर आज राजनीति के प्रतिमान बदल रही है। पार्टी विद डिफरेंस के नारे को मूर्त रूप देकर कार्यकर्ताओं ने सारी दुनिया को सियासत का अनूठा स्वरूप दिखाया है। हालांकि भाजपा का गठन 6 अप्रैल, 1980 को हुआ, परन्तु इसका अतीत भारतीय जनसंघ से जुड़ा है। स्वतंत्रता प्राप्ति तथा देश विभाजन के बादबढ़ते अल्पसंख्यक तुष्टिकरण, लाइसेंस-परमिट-कोटा राज, राष्ट्रीय असुरक्षा, राष्ट्रीय मसलों जैसे कश्मीर आदि पर घुटनाटेक नीति, अंतर्राष्ट्रीय मामलों में भारतीय हितों की अनदेखी आदि अनेक मुद्दों के गर्भ से जनसंघ का जन्म हुआ था। आपातकाल के बाद भाजपा की स्थापना सुदृढ़, सशक्त, समृद्धएवं स्वावलम्बी भारत के निर्माण हेतु की गई थी, जिसमें  पार्टी ने एक ऐसे राष्ट्र की कल्पना की जो आधुनिक दृष्टिकोण से युक्त एक प्रगतिशील एवं प्रबुद्ध समाज का प्रतिनिधित्व करता हो तथा भारतीय सभ्यता एवं संस्कृति के मूल्यों से प्रेरणा लेकर‘विश्व गुरू’ के रूप में विश्व पटल पर स्थापित हो। साथ ही संविधान सम्मत सभी नागरिकों को राजनीतिक, सामाजिक एवं आर्थिक न्याय, समान अवसर सुनिश्चित हो।पं. दीनदयाल उपाध्याय द्वारा प्रतिपादित ‘एकात्म-मानवदर्शन’ को अपना वैचारिक दर्शन मानते हुए भाजपा ने अंत्योदय, सुशासन, सांस्कृतिक राष्ट्रवाद, विकास एवं सुरक्षा के संकल्प पर चलते हुए 45 सालकी अनुपम यात्रा पूरी की है। इस यात्रा में दीनदयाल जी के अंत्योदय से लेकर मोदी जी के सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास जैसा अद्वितीय संकल्प पूर्ण हुए हैं। भाजपा के सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के अन्तर्गत गरीबी मिटाना केवल नारा नहीं, उसका संकल्प था। श्रीराम जन्मभूमि मंदिर निर्माण कोई भाषण नहीं, प्रतिबद्धता थी। कश्मीर में 370 की समाप्ति चुनावी जुमला नहीं, राष्ट्रीय एकात्मताका साक्षात संकल्प था। अन्त्योदय स्लोगन नहीं, यह गरीबों का जीवन स्तर उठाने का प्रण था, जिसे पार्टी का हर कार्यकर्ता 1980 से लेकर अब तक पूर्ण करने में सक्रिय हैं। अटल जी की सरकार द्वारा विपरीत परिस्थितियों में परमाणु परीक्षण हो, कारगिल विजय हो या नरेद्र मोदी जी द्वारा कश्मीर में 370 की समाप्ति हो, श्रीराम मंदिर निर्माण हो या वक्फ बोर्ड कानून में बदलाव हो, ये भाजपा की राजनीति में वे मील पत्थर हैं, जो संकल्प से सिद्धि का मंत्र बनकर पीढियों को प्रेरित करते रहेंगे। आज स्थापना दिवस के प्रसंग में भाजपा के उत्कर्ष में अमूल्य योगदान देने वाले नेतृत्व की चर्चा जरूरी है। अटल बिहारी वाजपेयी से लेकर नरेंद्र मोदी तक पार्टी नेताओं ने संकल्प और साहस का नया इतिहास रचा है। भारत को परमाणु शक्ति बनाने से लेकर चंद्रयान-मंगलयान की यात्रा तक की उपलब्धि चुनावी राजनीति से अलग एक अदम्य साहस और देशभक्त नेतृत्व का प्रमाण है।2014 से लेकर 2025 तक गरीबों के मसीहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में देश ने अपने सभी संकल्पों को एक-एक करके पूर्ण करते हुए भारत को सशक्तबनाया है।आज भारत के लगभग सभी तीर्थ केंद्र विकास का नया प्रतिमान गढ़ रहे हैं। निरंतर उपेक्षा का दंश झेल रहे हमारे प्राचीन आध्यात्मिक केंद्रोंका गौरव भी पुनर्स्थापित हुआ है। यही नहीं, भाजपा ने अपने वैचारिक आचरण से देश की राजनीतिक संस्कृति को भी बदला है।एक ओर जहां परिवारवादी, तुष्टिकरण और जातिवादी राजनीति का दौर समाप्त हो गया, वहीं अब धर्म-संस्कृति की बात करना सांप्रदायिक होना नहीं है। राष्ट्रवाद की चर्चा अब संकुचित मानसिकता का परिचायक नहीं है। सरकार की ओर से देवालयों का विकास करना, अब ध्रुवीकरण नहीं है। भारतीयता की बात करना और मातृभाषा में काम करना अब पिछड़ापन नहीं है। हिन्दुत्व का विचार अब सर्वग्राही बन गया है। अपनी प्रखर व प्रतिबद्ध कार्यशैली से भाजपा ने देश के राजनीतिक विमर्श को परिवर्तित करने में ऐतिहासिक सफलता पायी है। इस पड़ाव पर भाजपा अपनी पंचनिष्ठाओं की नींव पर न केवल गर्व सेस्वयं खड़ी है बल्कि उसके सहयोगी दल भी उसके साथ कंधा मिलाकर खड़े हैं। अभी-अभी वक्फ बोर्ड कानून संशोधन मामले में सारी दुनिया ने देखा है।   राज्य भाजपा इकाई का अध्यक्ष होने के नाते अपने अनुभव से कह सकता हूं कि विजन, संगठन, नेतृत्व और कार्यकर्ता- इन चारों अंगों के कारण भाजपा कैडर आधारित पार्टीबनी है। अटल जी, लालकृष्ण आडवानी जी, नरेंद्र मोदी जी, अमित शाह जी और जय प्रकाश नड्डा तक पार्टी का नेतृत्व करने वाले अनेक लोग इसी कैडर की गंगोत्री से निकले हैं। आज नरेंद्र मोदी के चमत्कारिक … Read more

अगले सप्ताह प्रदेश भाजपा अध्यक्ष के चुनाव की तारीख की घोषणा

भोपाल    भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पद का चुनाव जल्द किया जा सकता है। संसद का सत्र शुक्रवार को समाप्त हो गया। ऐसे में अब प्रदेश अध्यक्ष पद के चुनाव की तारीख की घोषणा की जा सकती है। पार्टी सूत्रों के अनुसार भाजपा की योजना इसी माह के पहले पखवाड़े में प्रदेश अध्यक्ष का चुनाव कराने की है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष का भी चुनाव होना है और इससे पहले मध्य प्रदेश समेत अन्य राज्यों में प्रदेश अध्यक्षों की नियुक्ति होना है। ऐसे में अब चर्चा है कि अगले सप्ताह प्रदेश अध्यक्ष के चुनाव की तारीख की घोषणा हो सकती है, जिसके बाद प्रदेश अध्यक्ष के नाम घोषित किया जा सकता है। मध्य प्रदेश में दो महीने पहले जिला अध्यक्षों के चुनाव हो चुके हैं। सामान्य प्रक्रिया के अनुसार, प्रदेश अध्यक्ष का चुनाव जिला अध्यक्षों के चुनाव के तुरंत बाद किया जाना था, लेकिन दिल्ली विधानसभा चुनाव समेत कई कारणों से इसे टाल दिया गया। अब प्रदेश अध्यक्ष का चुनाव जल्द होने की बात कही जा रही है। ऐसे में दावेदारों के नामों को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है। प्रदेश अध्यक्ष की रेस में पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा, अरविंद भदौरिया, बैतूल से विधायक हेमंत खंडेलवाल, सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते और राज्यसभा सदस्य सुमेर सिंह सोलंकी समेत अन्य नेताओं के नाम चर्चा में हैं। आदिवासी नेता को मिल सकता है मौका भाजपा संगठन आदिवासी चेहरे को भी मौका दे सकता है, क्योंकि लंबे समय से आदिवासी नेता को प्रदेश भाजपा की कमान नहीं सौंपी गई है। एससी वर्ग से सत्यनारायण जटिया प्रदेश अध्यक्ष बने, लेकिन आदिवासी वर्ग को प्रतिनिधित्व नहीं मिल सका। इसका एक कारण जातिगत समीकरण को ध्यान में रखते हुए आदिवासी वर्ग को मौका देना भी माना जा रहा है। प्रदेश में ओबीसी वर्ग से मुख्यमंत्री होने के अलावा डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल ब्राह्मण और जगदीश देवड़ा एससी वर्ग से आते हैं। वीडी शर्मा सामान्य वर्ग से आते हैं। इस बार आदिवासी नेता को प्रदेश अध्यक्ष बनाने की अटकलें है। इसमें राज्यसभा सांसद सुमेर सिंह सोलंकी, खरगोन से सांसद गजेंद्र पटेल, मंडला से सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते के नाम चर्चा में है। हेमंत खंडेलवाल- बैतूल से विधायक और पूर्व सांसद हेमंत खंडेलवाल का नाम भी प्रदेश अध्यक्ष की दौड़ में शामिल है। वह प्रदेश संगठन में लंबे समय से काम कर रहे है। संगठन के ही वरिष्ठ नेताओं ने उनका नाम बढ़ाया है। खंडेलवाल को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और संघ की पसंद भी बताया जा रहा है। नरोत्तम मिश्रा- पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा की दावेदारी काफी मजबूत मानी जा रही है। वे सवर्ण वर्ग से आते हैं और राज्य की राजनीति में लंबे समय से सक्रिय हैं। उनकी केंद्रीय नेतृत्व से भी अच्छी ट्यूनिंग मानी जाती है। वीडी शर्मा– वर्तमान प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा का नाम भी रेस में हैं, क्योंकि उनके कार्यकाल में बीजेपी ने विधानसभा और लोकसभा चुनाव में अच्छा प्रदर्शन किया था। पार्टी एक बार फिर उनके नाम पर विचार कर सकती है। अरविंद भदौरिया– पूर्व मंत्री अरविंद भदौरिया संगठन के एक कुशल रणनीतिकार माने जाते हैं। हालांकि, वह 2023 के विधानसभा चुनाव में हार गए थे, लेकिन पार्टी उन्हें एक बार फिर सक्रिय करना चाहती है। recent visitors 58