मध्य प्रदेश में कई बड़े नेताओं के बीच सहमति नहीं बन पाने के कारण अध्यक्ष का मामला अटका हुआ

भोपाल मध्य प्रदेश में BJP के नए अध्यक्ष का नाम अभी तक तय नहीं हो पाया है। कई बड़े नेताओं के बीच सहमति नहीं बन पाने के कारण यह मामला अटका हुआ है। जनवरी में चुनाव अधिकारी बनाए गए केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का दौरा भी नहीं हो पाया है। माना जा रहा है कि राष्ट्रीय अध्यक्ष के नाम के साथ ही प्रदेश अध्यक्ष का नाम भी घोषित किया जाएगा। बढ़ता जा रहा इंतजार दिग्गजों के बीच खींचतान और रायशुमारी न हो पाने के कारण यह मामला उलझा हुआ है। मुख्यमंत्री मोहन यादव की सहमति भी इस मामले में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। जिलाध्यक्षों के नाम घोषित होने के बाद उम्मीद थी कि प्रदेश को नया अध्यक्ष मिल जाएगा। लेकिन, यह इंतजार बढ़ता ही जा रहा है। जाति, राजनीति और क्षेत्र जैसे कई समीकरणों पर विचार किया जा रहा है। जो नाम सामने आए थे, उन पर भी अब चर्चा नहीं हो रही है। चुनाव अधिकारी बने पर दौरा नहीं कर पाए केंद्रीय मंत्री जनवरी में केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को चुनाव अधिकारी बनाया गया था लेकिन, उनका प्रदेश दौरा नहीं हो पाया। उन्होंने किसी नाम पर सहमति बनाने की कोशिश की हो या रायशुमारी की हो, ऐसा कुछ भी सामने नहीं आया है। पार्टी के नेताओं का मानना है कि राष्ट्रीय अध्यक्ष के नाम पर सहमति बनने के बाद मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश जैसे कई राज्यों के अध्यक्षों के नाम घोषित किए जाएंगे लेकिन, अभी तक राष्ट्रीय अध्यक्ष का नाम भी तय नहीं हो पाया है। पहली बार हुआ ऐसा यह पहली बार है जब BJP के संगठन चुनाव में बूथ अध्यक्ष, मंडल अध्यक्ष और जिलाध्यक्षों के चुनाव के चार महीने बाद भी प्रदेश अध्यक्ष का पद खाली है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में बड़े नेता कम हैं। इसलिए वहां हाईकमान ने फैसला कर लिया। लेकिन, मध्य प्रदेश में स्थिति अलग है। यहां कई बड़े नेता हैं जिनकी राय लेना जरूरी है। एमपी में बड़े नेताओं से सलाह-मशवरा जरूरी मध्य प्रदेश में शिवराज सिंह चौहान, नरेंद्र सिंह तोमर, जयभान सिंह पवैया, कैलाश विजयवर्गीय और राकेश सिंह जैसे नेताओं की राय को अनदेखा नहीं किया जा सकता है। देरी की एक वजह इन बड़े नेताओं से रायशुमारी न होना भी है। सत्ता और संगठन में बदलाव के बाद पुराने नेता अपनी जगह बचाने की कोशिश कर रहे हैं। वहीं, नए नेता अपनी जमीन मजबूत करने में लगे हैं। सीएम और केंद्रीय मंत्री अमित शाह के बीच बात पक्की मुख्यमंत्री मोहन यादव की सहमति भी प्रदेश अध्यक्ष के नाम पर बहुत मायने रखती है। पार्टी नेताओं के अनुसार, मुख्यमंत्री यादव और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बीच भी प्रदेश अध्यक्ष को लेकर बातचीत हो चुकी है। पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद यह अनुमान लगाया जा रहा है कि प्रदेश अध्यक्ष या राष्ट्रीय अध्यक्ष का फैसला कुछ समय के लिए टाला जा सकता है।   recent visitors 75

एमपी में 2 नेताओं का अश्लील व्हाट्सएप चैट लीक,भाजपा नेता पार्टी से निष्कासित

सतना  सतना जिले में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पूर्व जिलाध्यक्ष सतीश शर्मा को पार्टी से निष्कासित कर दिया गया है। महिला के साथ अश्लील चैट, छेड़खानी और जान से मारने की धमकी के गंभीर आरोप लगने के बाद हाईकमान ने सख्त कार्रवाई की है। यह कार्रवाई पार्टी के उच्च नेतृत्व के आदेश पर की गई है। शर्मा पर लगे आरोपों को लेकर पार्टी की छवि खराब हो रही थी, जिसको देखते हुए हाईकमान ने तत्काल सख्त कदम उठाया। पार्टी ने स्पष्ट कर दिया है कि भाजपा में इस तरह के आचरण के लिए कोई स्थान नहीं है। बताया जा रहा है कि एक महिला ने सतीश शर्मा के खिलाफ गंभीर शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके बाद मामला पार्टी के शीर्ष नेताओं तक पहुंचा। जांच के बाद हाईकमान ने निष्कासन का निर्णय लिया।  दरअसल, शहर कोलगवां थाने में शिकायत की गई थी कि भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष सतीश शर्मा ने चाय पीने के बहाने घर पर आए थे और गलत काम की कोशिश करने लगे। महिला ने पुलिस को वाट्सएप के कुछ स्क्रीन शॉट्स भी सौंपे हैं। कोलगवां थाना प्रभारी सुदीप सोनी ने बताया कि महिला ने आवेदन दिया है, मामले की जांच की जा रही है। इधर, पूर्व जिलाध्यक्ष ने आरोपों को निराधार करार देते हुए कहा था कि महिला ब्लैकमेल कर रही है। दो साल पहले पार्टी कार्यालय में पत्रकारवार्ता में मिली और सेल्फी खींच ली थी। इसके बाद उसने ऑपरेशन की बात कहकर 25 हजार उधार मांगे थे। मैंने दोस्त से दिलवा दिए। कई माह बाद मांगे तो फंसाने की धमकी देने लगी। भाजपा हाईकमान ने किया निष्कासित भाजपा प्रदेश महामंत्री भगवान दास सबनानी ने पत्र जारी करते हुए जानकारी दी कि सतना जिले के पूर्व जिलाध्यक्ष सतीश शर्मा द्वारा अशोभनीय कृत्य किया गया है। जिससे पार्टी की छवि धूमिल हुई है। यह कृत्य असहनीय है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा द्वारा सतीश शर्मा को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से तत्काल प्रभाव से निष्कासित किया जाता है। recent visitors 63

भारतीय जनता पार्टी में अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाती : वीडी शर्मा

भोपाल भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने कहा है कि देश हो प्रदेश यहाँ रह रहे पाकिस्तानी नागरिकों को ढूंढ ढूंढ कर निकाला जायेगा और वापस भिजावाया जाएगा और अवैध रूप से रह रहे पाक नागरिक बिलकुल भी नहीं बचेंगे, उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की पहलगाम हमले के रूप में की गई कायराना हरकत का करारा जवाब दिया जायेगा पूरा देश गुस्से में है। मध्य प्रदेश भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष वीडी शर्मा ने आज पार्टी कार्यालय में उन विधायकों और अन्य जन प्रतिनिधियों को बुलाकर बात की जो पिछले कई दिनों से सार्वजानिक मंच से पार्टी लाइन से हटकर बातें कर रहे थे, उन्होंने सभी से बात की जो नहीं आ पाए उनको बुलाकर बात की जाएगी, जबकि एक नेत्री को नोटिस पार्टी नोटिस दे रही है। पार्टी में अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाती वीडी शर्मा ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी में अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाती ऐसा करने वाला कार्यकर्ता हो, पदाधिकारी हो, मंत्री, सांसद, विधायक हो कोई बक्शा नहीं जाता भाजपा में एक पद्धति है एक प्रक्रिया है उसके तहत काम होते है आज उसी के तहत सबसे बात हुई है, हम सब इंसान हैं हो जाता है कभी कभी लेकिन सबको समझाइश देने बुलाया था। हमारी बेटियों-बहनों की तरफ आँख उठाकर देखने वाला बचेगा नहीं भोपाल में हिंदू लड़कियों को लव जिहाद के जाल में फंसाने वाली गैंग के सवाल पर वीडी शर्मा ने कहा कि हमारी पुलिस बहुत एक्टिव है वो एक्शन ले रही है मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने भी कड़े निर्देश दिए है, उन्होंने कहा हमारी बेटियों बहनों की तरफ आँख उठाकर देखने वाला बचेगा नहीं। बिलकुल बक्शा नहीं जायेगा वीडी शर्मा ने पाकिस्तानी नागरिकों से जुड़े सवाल पर कहा कि एक एक पाकिस्तानी नागरिक को ढूंढ ढूंढ कर निकाला  जायेगा और वापस भेजा जायेगा और जो अवैध रूप से रह रहे हैं उन्हें बिलकुल बक्शा नहीं जायेगा, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा अब हमारे भाई बहनों के ताबूत आये तो अब आतंकवाद का अंतिम ताबूत होगा जिसपर कील ठुकेगी, पीएम नरेंद्र मोदी और अमित शाह कह चुके हैं पाकिस्तान को पहलगाम हमले का करार जवाब  मिलेगा, पूरा देश इस मामले में एकजुट है। recent visitors 65

कायरतापूर्ण हरकत पर और अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए सरकार हर कीमत पर कार्रवाई करने को तैयार :विधायक रामेश्वर शर्मा

भोपाल/इंदौर  मध्य प्रदेश के भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने पहलगाम में हुए आतंकी हमले की कड़ी निंदा की है। उन्होंने बयान देते हुए कहा कि देश के गृहमंत्री तत्काल घटनास्थल पर पहुंचे हैं। भारत के प्रधानमंत्री जी  विदेश दौरा रद्द करके तत्काल भारत वापस लौटे हैं। हमारी भारत सरकार सचेत और सजग एक्शन के मूड में है। इस कायरतापूर्ण हरकत पर और अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए सरकार हर कीमत पर कार्रवाई करने को तैयार है। बीजेपी विधायक ने कहा कि हम अपने नागरिकों का बदला लेंगे। आतंकवादी कान खोलकर सुन ले, शांति में अगर आग लगाई है तो आंच  तुम्हारे घरों तक जरूर जाएगी। यह शांति का टापू है मेरा कश्मीर, केसर की क्यारी है मेरा कश्मीर और हिंदुस्तान की धरती का स्वर्ग है मेरा कश्मीर। ध्यान रखना तुम्हें मगर मुगालता होगा तो वह दूर कर लेना, भारत रात को 12 बजे भी बदला लेना जानता है।   आतंकवादियों का कोई धर्म नहीं होता वहीं पूर्व मंत्री और वर्तमान बीजेपी विधायक उषा ठाकुर ने भी कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले  की निंदा करते हुए कहा कि राष्ट्रीय भक्ति शीर्ष नेतृत्व की सरकार इस पर कड़ा एक्शन लेगी। देश की अखंडता और एकता को 75 वर्षों से जो प्रयास कर रहे हैं इन्हें कभी सफल नहीं होने दिया जाएगा।  सरकार इस आतंकी हमले को लेकर कठोर कदम उठा रही है।   पूर्व मंत्री ने कहा कि देश की अखंडता और एकता को तोड़ने वाली शक्तियों को खत्म किया जाएगा। सेकुलरिज्म और धर्मनिरपेक्षता की बात करने वालों को अपनी आत्मा के अंदर झांक कर विश्लेषण करना चाहिए। उन्होंने कहा कि आतंकवादियों का केवल आतंक फैलाना ही काम है और इन्हें सबक सिखाने का काम केंद्र नेतृत्व का है और उन्हें अच्छे से आता है। देश के स्वर्ग में धर्म पूछ पूछ कर मारना और मानवता को शर्मसार करने वाले लोगों को छोड़ा नहीं जाएगा उन्हें सबक सिखाया जाएगा। कलमा पढ़ने की बात को लेकर उनका कहना था कि जिस धर्म ग्रंथ की वह बात करते हैं उन्होंने उस धर्म को न पड़ा है ना समझा है। अगर पढ़ा और समझा होता तो ऐसा बिल्कुल भी नहीं करते। recent visitors 54

संवैधानिक संस्थाओं का अपमान और झूठ-फरेब की राजनीति कांग्रेस की पुरानी आदत : राजपाल सिंह सिसौदिया

भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता राजपाल सिंह सिसौदिया ने कांग्रेस नेत्री कुमारी शैलजा की पत्रकार-वार्ता पर दी प्रतिक्रिया कानून का सामना करने से क्यों घबरा रहा कांग्रेस का शाही परिवार:  राजपाल सिंह सिसौदिया संवैधानिक संस्थाओं का अपमान और झूठ-फरेब की राजनीति कांग्रेस की पुरानी आदत : राजपाल सिंह सिसौदिया -नेशनल हेराल्ड मामले में चोरी और सीनाजोरी कर रही कांग्रेस पार्टी – राजपाल सिंह सिसौदिया भोपाल भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता राजपाल सिंह सिसौदिया ने कांग्रेस नेत्री कुमारी शैलजा की पत्रकार-वार्ता पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी हमेशा झूठ, छल-कपट की राजनीति करती रही है। नेशनल हेराल्ड मामले को लेकर उसका विरोध चोरी और सीनाजोरी को दर्शाता है। इस मामले में कांग्रेस के लोग कभी ईडी और आयकर के दफ्तर पर प्रदर्शन करते हैं, तो कभी इन संवैधानिक संस्थाओं की छवि खराब करने के लिए इन पर सवाल उठाते हैं। सिसौदिया ने कहा कि नेशनल हेराल्ड मामले में ईडी की चार्जशीट में श्रीमती सोनिया गांधी और राहुल गांधी का नाम आना पूरी तरह से तकनीकी और कानूनी मामला है। इसलिए सोनिया और राहुल गांधी को तकनीकी और कानूनी आधार पर अपना पक्ष अदालत में रखना चाहिए, लेकिन समझ में नहीं आता कि कांग्रेस का शाही परिवार इस मामले में कानून का सामना करने से घबरा क्यों रहा है? आरोप लगाने से पहले आत्मविश्लेषण करे कांग्रेस भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता राजपाल सिंह सिसौदिया ने कहा कि नेशनल हेराल्ड मामले की शुरुआत 2012 में हुई थी, उस समय देश में कांग्रेस की ही सरकार थी। एक जनहित याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट ने 2013 में इस मामले में सुनवाई शुरू की और 2013 में ही केस दर्ज हुआ। उस समय देश में कांग्रेस की ही सरकार थी। ऐसे में ईडी की चार्जशीट में श्रीमती सोनिया गांधी, राहुल गांधी और सैम पित्रोदा आदि के जो नाम आए हैं, तो इन नामों को कौन सामने लाया? मोदी सरकार पर आरोप लगाने की बजाय कांग्रेस पार्टी को यह आत्मविश्लेषण करना चाहिए कि इन लोगों के खिलाफ किसने ये षडयंत्र रचा था? कार्पोरेट षडयंत्र की परिणति है नेशनल हेराल्ड मामला भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता राजपाल सिंह सिसौदिया ने कहा कि नेशनल हेराल्ड अखबार 1937 में शुरू हुआ और 5000 स्वतंत्रता संग्राम सेनानी इसके शेयरहोल्डर थे। 2008 में नेशनल हेराल्ड बंद हो गया।  उसके बाद कांग्रेस पार्टी ने 90 करोड रुपए का लोन इस अखबार को दिया। नेशनल हेराल्ड की आर्थिक स्थिति नहीं सुधरी, तो कार्पोरेट षडयंत्र करके यंग इंडिया नाम की कंपनी बनाई गई, जिसमें 38-38 प्रतिशत शेयर श्रीमती सोनिया गांधी और राहुल गांधी के थे। बाकी मोतीलाल वोरा व अन्य लोगों के थे। कांग्रेस एक पॉलीटिकल पार्टी है और यह जानना जरूरी है कि एक पॉलीटिकल पार्टी किसी प्राइवेट बॉडी को फंड कैसे दे सकती है? इसके बाद नेशनल हेराल्ड के 90 करोड़ के शेयर यंग इंडिया कंपनी को ट्रांसफर कर दिए गए, जिसके शेयर होल्डर्स श्रीमती सोनिया गांधी और राहुल गांधी है। इस तरह यह पूरी संपत्ति एक परिवार के हाथ में आ गई। यह बताया गया था कि यंग इंडिया एक चैरिटेबल संस्था है, लेकिन यह क्या चैरिटी करती है, इसका किसी को कुछ नहीं पता। इस तरह से जो अखबार आजादी के आंदोलन में लड़ने वाले लोगों की आवाज को ताकत देने के लिए स्थापित किया गया था, उसे नेहरू खानदान की जागीर बना दिया। स्वतंत्रता सेनानियों ने किया था विरोध भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता राजपाल सिंह सिसौदिया ने कहा कि नेशनल हेराल्ड के स्वामित्व वाली कंपनी ऐसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड की स्थापना देश के स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों ने की थी। इन स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और शेयर होल्डर्स ने कंपनी के अधिग्रहण का विरोध किया था, आपत्ति भी दर्ज कराई थी। उनका कहना था कि शेयर धारकों से पूछे बिना कंपनी को किसी को भी कैसे दे दिया गया? उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री चंद्रभानु गुप्ता जी ने तो अधिकारिक रूप से कहा था कि नेशनल हेराल्ड के लिए मैंने मेहनत करके पार्टी कार्यकर्ताओं से पैसा जुटाया था और यह अखबार देश की आवाज उठाने के लिए स्थापित किया गया था। लेकिन इसे नेहरू खानदान की आवाज कैसे बना दिया गया? लेकिन कांग्रेस के एक परिवार के लिए स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के विरोध तथा आपत्तियों की भी परवाह नहीं की गई। recent visitors 46

अप्रैल के आखिर तक भाजपा जेपी नड्डा के विकल्प के तौर पर नए नेता के नाम का ऐलान करेगी

नई दिल्ली भाजपा के नए अध्यक्ष का ऐलान कभी भी हो सकता है। चर्चा है कि अप्रैल के आखिर तक भाजपा की ओर से जेपी नड्डा के विकल्प के तौर पर किसी नए नेता के नाम का ऐलान हो सकता है। भाजपा सूत्रों का कहना है कि केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर का नाम भी अध्यक्ष की रेस में है। इसके अलावा मोदी सरकार में ही मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और भूपेंद्र यादव के नामों की भी चर्चा जोरों पर है। कहा जा रहा है कि इन तीन नेताओं में से किसी एक को अध्यक्ष की जिम्मेदारी दी जा सकती है। अध्यक्ष पर फैसला लेने से पहले आरएसएस की सलाह भी ली जाएगी। वहीं उससे पहले यूपी, बंगाल, आंध्र प्रदेश जैसे बड़े राज्यों में अध्यक्ष का फैसला भी लिया जाएगा। तभी राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव होगा। पार्टी सूत्रों का कहना है कि भाजपा 25 अप्रैल तक यूपी समेत कई राज्यों में अध्यक्षों का ऐलान कर सकती है। इसके बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष के लिए नामांकन दाखिल किया जाएगा और किसी एक नेता का नाम सर्वसम्मति से तय किया जाएगा। पार्टी सूत्रों का कहना है कि मनोहर लाल खट्टर को लेकर सहमति बनने की संभावना अधिक है। इसकी वजह है कि वह पीएम नरेंद्र मोदी के करीबी हैं और उनकी पहली पसंद भी हैं। लंबे समय तक आरएसएस प्रचारक के तौर पर काम करने वाले मनोहर लाल खट्टर को संगठन की अच्छी समझ है। इसके अलावा आरएसएस को भी उनके नाम पर आपत्ति नहीं होगी, जो मानता है उसकी वैचारिक पृष्ठभूमि के नेता के हाथ में ही पार्टी की कमान होनी चाहिए। इसके अलावा धर्मेंद्र प्रधान और भूपेंद्र यादव के नाम भी चर्चा में हैं। हालांकि मनोहर लाल खट्टर सबसे आगे माने जा रहे हैं। पीएम नरेंद्र मोदी और मनोहर लाल खट्टर के दशकों पुराने रिश्ते हैं। ऐसे में संगठन की कमान भी उनके भरोसेमंद व्यक्ति के पास होगी और आरएसएस भी इसे लेकर सहमत होगा। यही नहीं भाजपा में महासचिव के तौर पर भी राज्यों से कई नेताओं को शामिल किया जा सकता है। ये वे नेता होंगे, जो पूर्व मंत्री या सीएम जैसे पदों पर रह चुके हैं, लेकिन इन दिनों उनके पास कोई बड़ा दायित्व नहीं है। वहीं अभी संगठन में काम करने वाले कुछ लोगों को कैबिनेट में भी एंट्री दी जा सकती है। दरअसल एनडीए सरकार में सहयोगी दलों की डिमांड है कि कैबिनेट का विस्तार किया जाए और उनके नेताओं को एंट्री मिले। इस बीच बिहार में चुनाव है और उससे पहले उपेंद्र कुशवाहा को मंत्री पद दिया जा सकता है। वहीं एकनाथ शिंदे की पार्टी को भी मौका मिल सकता है, जो डिप्टी सीएम तो हैं, लेकिन बीच-बीच में उनकी नाराजगी की खबरें आती रहती हैं। चर्चाएं यह भी हैं कि मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल का एक साल पूरा होने के मौके पर भी कैबिनेट विस्तार हो सकता है। recent visitors 59

अप्रैल के अंत तक बीजेपी को नया राष्ट्रीय अध्यक्ष मिल सकता है, मंत्रिमंडल में फेरबदल को लेकर बड़ा ऐलान

नई दिल्ली भारतीय राजनीति में एक बड़ा संगठनात्मक फेरबदल जल्द देखने को मिल सकता है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) इस वीकेंड तक पांच राज्यों के लिए नए प्रदेश अध्यक्षों के नाम का ऐलान कर सकती है। इसके तुरंत बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव की प्रक्रिया शुरू होगी। पार्टी सूत्रों के अनुसार, अप्रैल के अंत तक बीजेपी को नया राष्ट्रीय अध्यक्ष मिल सकता है, जो 2024 के लोकसभा चुनाव के बाद पार्टी की नई दिशा और रणनीति तय करेगा। क्या है पूरी प्रक्रिया? BJP के संविधान के अनुसार, राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव से पहले कम से कम 50 प्रतिशत राज्यों में प्रदेश अध्यक्षों की नियुक्ति होनी जरूरी है। अब तक 14 राज्यों में नए अध्यक्ष चुने जा चुके हैं, लेकिन उत्तर प्रदेश, गुजरात, मध्य प्रदेश, कर्नाटक, ओडिशा और पश्चिम बंगाल जैसे बड़े राज्यों में यह पद अभी खाली है। इस हफ्ते इन राज्यों के लिए नामों का ऐलान हो सकता है। बड़े नेताओं के बीच अहम बैठकें इस पूरे घटनाक्रम की पृष्ठभूमि में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, संगठन महामंत्री बीएल संतोष और मौजूदा राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के बीच कई दौर की बैठकें हो चुकी हैं। यह मंथन अगले अध्यक्ष के चयन और संगठनात्मक बदलावों की ओर इशारा करता है। किसके नाम की हो रही है चर्चा? सूत्रों के मुताबिक, अगला राष्ट्रीय अध्यक्ष कौन होगा इसको लेकर मनोहर लाल खट्टर, धर्मेंद्र प्रधान, और भूपेंद्र यादव जैसे दिग्गज नेताओं के नामों पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है। इन नामों पर जल्द ही RSS से भी फीडबैक लिया जाएगा।  कैबिनेट में भी हो सकता है फेरबदल बीजेपी अध्यक्ष के चुनाव के बाद मोदी कैबिनेट में भी विस्तार और फेरबदल की संभावनाएं जताई जा रही हैं। माना जा रहा है कि इसमें NDA सहयोगी दलों जैसे NCP, शिवसेना और बिहार के नेताओं को भी जगह मिल सकती है। हालांकि, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। अध्यक्ष पद का कार्यकाल और देरी की वजह जेपी नड्डा जनवरी 2020 में अध्यक्ष बने थे। आम तौर पर बीजेपी अध्यक्ष का कार्यकाल तीन साल का होता है, लेकिन चुनाव टलते रहे और नड्डा का कार्यकाल बढ़ा दिया गया। 2024 के लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए पार्टी अब सोच-समझकर अगला चेहरा चुनना चाहती है, ताकि आगामी राज्य चुनावों और 2029 की तैयारियों के लिए रणनीति पक्की की जा सके।   recent visitors 63