सरकार से मांगा जवाब, छत्तीसगढ़-बिलासपुर हाईकोर्ट में ध्वनि प्रदूषण पर लगी जनहित याचिका

बिलासपुर। हाईकोर्ट में डीजे और साउंड बॉक्स के शोर से लोगों को होने वाली परेशानियों को लेकर जनहित याचिका पर आज सुनवाई हुई. इस दौरान याचिकाकर्ताओं की ओर से इस ध्वनि प्रदूषण को अल्ट्रा वायरस घोषित करने की मांग की गई. इस पर सरकार की ओर से कहा गया कि मामले में लगातार कार्रवाई हो रही है. याचिकाकर्ता ने कहा कि कोलाहल अधिनियम में इतने कड़े नियम है ही नहीं. एक या दो बार 500-1000 रुपये पेनाल्टी लगाकर छोड़ दिया जाता है. ना सामान की जब्ती होती है और ना ही कोई कड़े नियम बनाए गए है. कोर्ट ने मामले में सरकार को जवाब पेश करने कहा है. मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने भी डीजे के साथ लेजर और बीम लाइट से होने वाली परेशानियों पर चिंता जताई. कोर्ट ने कहा कि डीजे से हार्ट के साथ ऐसे लेजर लाइट से आम लोगों की आंखों को खतरा है. इसे रोकने के लिए राज्य सरकार को प्रयास करने चाहिए. recent visitors 103

भाईयों से मोबाइल को लेकर हुई नोक-झोक, छत्तीसगढ़-बिलासपुर में 5वीं के छात्र ने किया सुसाइड

बिलासपुर. कक्षा पांचवीं के छात्र ने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. इस दौरान माता-पिता धान की फसल काटने खेत गए हुए थे. सूचना पर पचपेड़ी पुलिस जांच करने मौके पर पहुंची. पूछताछ में पता चला कि तीन भाइयों के बीच मोबाइल को लेकर विवाद होता था. पुलिस को संदेह है कि मोबाइल की बात को लेकर छात्र ने घटना को अंजाम दिया होगा. पुलिस मर्ग कायम कर मामले की जांच कर रही है. पचपेड़ी पुलिस ने बताया कि ग्राम जोंधरा निवासी संतोष केंवट के तीन पुत्र हैं. सबसे छोटा बेटा कबीर केंवट (11) कक्षा पांचवीं के छात्र था. बुधवार की सुबह संतोष केवट और उसकी पत्नी अपने बच्चों को खाना खिलाकर तैयार कर स्कूल जाने की बात बोलकर खेत चले गए. बड़ा बेटा चंद्र प्रकाश अपने मझला भाई के साथ स्कूल चले गए और कबीर केंवट घर पर रुक गया. दोपहर 1.30 बजे चंद्र प्रकाश स्कूल से घर पहुंचा. तब दरवाजा अंदर से बंद था. उन्होंने दरवाजा खोलने के लिए छोटे भाई कबीर को आवाज लगाई. लेकिन दरवाजा नहीं खोला. इसके बाद चंद्र प्रकाश ने खिड़की से झांककर देखा तब कबीर का शव फंदे पर लटकते मिला. फिर उन्होंने पड़ोसियों को जानकारी दी. कुछ समय बाद संतोष और उसकी पत्नी भी घर आ गई. पुलिस की टीम ने दरवाजा को तोड़कर कमरे में प्रवेश किया. शव को फंदे से उतारकर तलाशी ली. recent visitors 69

अधिकारी आज थाना के सामने करेंगे प्रदर्शन, छत्तीसगढ़-बिलासपुर में नायब तहसीलदार और थाना प्रभारी का बढ़ा विवाद

बिलासपुर। बिलासपुर में नायब तहसीलदार पुष्पराज मिश्रा और सरकंडा थाना में थाना प्रभारी तोपसिंग नवरंग और पुलिसकर्मियों के बीच हुए विवाद के बाद प्रशासनिक अधिकारी लामबंद हो गए हैं. छत्तीसगढ़ कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ एवं राज्य प्रशासनिक सेवा संघ आज कलमबंद कर सरकंडा थाना के सामने विरोध-प्रदर्शन करेंगे. मंगलवार को सरकंडा थाना में थाना प्रभारी तोपसिंग नवरंग और पुलिसकर्मियों से विवाद के बाद नायब तहसीलदार पुष्पराज मिश्रा ने थाना प्रभारी के खिलाफ मामला दर्ज कराया था. वहीं, पुलिस ने भी नायब तहसीलदार और उनके भाई पर शासकीय कार्य में बाधा डालने और गाली-गलौज का मामला दर्ज किया है. मामले में छत्तीसगढ़ कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ एवं राज्य प्रशासनिक सेवा संघ की ओर से सभी कलेक्टर को मुख्यमंत्री एवं उप मुख्यमंत्री, गृह मंत्री को संबोधित ज्ञापन दिया. इसमें प्रारंभिक स्तर पर किसी भी प्रकार से संज्ञान नहीं लिए जाने और अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी स्तर की जाँच कमिटी गठित नहीं किए जाने पर क्षोभ जताया गया है. इस संबंध में आहूत बैठक में तीन सूत्रीय मांग – सरकंडा थाना प्रभारी का निलम्बन, एफआईआर का निरस्तीकरण एवं अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी स्तर से जांच की मांग को लेकर आज से कलम बंद कर बिलासपुर में थाना सरकंडा के सामने उपस्तिथ होकर विरोध प्रदर्शन करने का निर्णय लिया गया. recent visitors 58

बुजुर्ग-महिलाओं समेत आधा दर्जन घायल, छत्तीसगढ़-रायपुर में हिन्दू की हत्या के मुख्य गवाह के परिवार पर जानलेवा हमला

रायपुर। राजधानी के देवारपारा में रविवार रात छठी कार्यक्रम के दौरान दो गुटों के बीच हिंसक झड़प हो गई. इस झड़प में कई हिन्दू महिला, पुरुष और बुजुर्ग घायल हो गए. घटना का कारण पुरानी रंजिश और गवाही देने को लेकर हुए विवाद को बताया जा रहा है. घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच में जुट गई है. यह मामला तेलीबांधा थाना क्षेत्र का है. मिली जानकारी के अनुसार, यह विवाद एक हिन्दू युवक की हत्या के मामले में गवाही देने को लेकर शुरू हुआ. हत्या के आरोप में जेल गए मुस्लिम आरोपियों के परिजनों ने मृतक के परिजनों पर पत्थर, लाठी-डंडों से हमला कर दिया. इस दौरान दोनों पक्षों के बीच जमकर मारपीट हुई. घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें झड़प के दौरान घायल हिन्दू महिला, पुरुष और बच्चे नजर आ रहे हैं. वहीं हिन्दू घर में ईंटें और पत्थर भी नजर आ रहे हैं. बलवा की सूचना मिलते ही तेलीबांधा पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया. पुलिस ने घायलों को अस्पताल पहुंचाया और मामले की जांच शुरू कर दी है. recent visitors 107

‘परेशान करने के लिए फंसाया गया’, छत्तीसगढ़-बिलासपुर HC ने रद्द किए आईपीएस जीपी सिंह के खिलाफ मुकदमे

बिलासपुर. राजद्रोह, ब्लैकमेलिंग और आय से अधिक संपत्ति के मामले में फंसे आईपीएस जीपी सिंह को हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। हाईकोर्ट ने जीपी सिंह के खिलाफ दर्ज तीनों मामलों की एफआईआर प्रोसिडिंग्स को रद्द कर दिया है। हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रविंद्र अग्रवाल की बेंच ने जीपी सिंह की याचिका पर यह फैसला सुनाया है। बता दें कि जीपी सिंह ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर अपने खिलाफ दर्ज सभी मामलों को रद्द करने की मांग की थी। अपनी याचिका में उन्होंने कहा था कि तत्कालीन सरकार ने उन्हें राजनीतिक षड़यंत्र के तहत फंसाया था। उनके खिलाफ किसी भी मामले में कोई भी साक्ष्य नहीं है। कोर्ट ने भी माना कि उन्हें परेशान करने के लिए झूठे मामले में फंसाया गया है। उनके खिलाफ किसी भी मामले में कोई भी ठोस सबूत नहीं है। लिहाजा सभी पक्षों की दलील सुनने के बाद कोर्ट ने जीपी सिंह के खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द कर दिया है। बीते एक जुलाई 2021 की सुबह एसीबी (ACB) और ईओडब्ल्यू (EOW) की टीम ने जीपी सिंह और उनके सहयोगियों के ठिकानों पर एक साथ छापामार कार्रवाई की थी। लंबे अंतराल तक चली कार्रवाई के बाद 10 करोड़ की चल अचल संपत्ति का भी खुलासा किया गया था। छापे के दौरान एसीबी (ACB) और ईओडब्ल्यू की टीम ने कई आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद होने का दावा किया था। इन बरामद दस्तावेजों के आधार पर रायपुर पुलिस ने आईपीसी जीपी सिंह के खिलाफ राजद्रोह का मामला दर्ज किया था। इसके साथ ही उन पर भ्रष्टाचार से जुड़े हुए अपराध भी दर्ज किए गए थे। इन आरोपों के तहत जीपी सिंह को जेल भी जाना पड़ा था। बाद में उन्हें हाईकोर्ट से जमानत मिल गई थी। इसके अलावा एक अन्य मामले में साल 2015 में दुर्ग निवासी कमल सेन और बिल्डर सिंघानिया के बीच व्यावसायिक लेन-देन को लेकर विवाद हुआ था। सिंघानिया ने कमल सेन के खिलाफ केस दर्ज करा दिया। आरोप है कि इस मामले में जीपी सिंह ने कमल सेन से 20 लाख रुपये वसूले थे। इसके साथ ही आईपीएस अफसर पर धमकाने का भी आरोप लगाया गया था। recent visitors 58

प्रोफेसर पर हमले की हुई सुनवाई, छत्तीसगढ़-बिलासपुर में सिब्बल ने की भूपेश के बेटे की ओर से बहस

बिलासपुर. भिलाई प्रोफेसर विनोद शर्मा पर चर्चित हमला मामले में पूर्व सीएम भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल की ओर से सुप्रीम वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने बहस की। कपिल सिब्बल ने ऑनलाइन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये बहस की। सिब्बल ने जांच के दौरान चैतन्य के गूगल आईडी और पासवर्ड को तलब किए जाने के औचित्य पर सवाल खड़ा किया। वरिष्ठ अधिवक्ता ने इसे 'निजता के अधिकार' के हनन और फंडामेंटल राइट्स पर हमला बताया। बता दें कि इस मामले में छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे  चैतन्य और उनकी बहन से भी की पूछताछ की गई थी। आपको बता दें कि प्रोफेसर से मारपीट के मामले में फिलहाल नौ लोगों को आरोपी बनाया गया है। मामले में पुलिस ने पहले ही सीडीआर डिटेल तलब किया गया है। अब इस मामले में आगामी सुनवाई दो सप्ताह बाद निर्धारित की गई है। गौरतलब है कि दुर्ग पुलिस ने बीते 26 सितंबर को प्रोफेसर विनोद शर्मा से मारपीट के मामले में पूर्व सीएम के पुत्र चैतन्य बघेल से तकरीबन चार घंटे तक लंबी पूछताछ की थी। इसके साथ ही पुलिस ने भूपेश बघेल की बेटी दीप्ति बघेल से उनके घर में तकरीबन ढाई घंटे तक पूछताछ की थी। पूछताछ के बाद पुलिस ने भूपेश बघेल के पुत्र और पुत्री का मोबाइल भी जब्त कर लिया था। जानकारी दें कि भिलाई स्थित खूबचंद बघेल कॉलेज में हिंदी के प्रोफेसर विनोद शर्मा के ऊपर बीते 19 जुलाई को कुछ लोगों ने जानलेवा हमला किया था। इस हमले में गंभीर रुप से घायल प्रोफेसर को इलाज के लिए राजधानी के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उनकी हालत को देखते हुए उन्हें एयर एंबुलेंस से दिल्ली के मेदांता अस्पताल ले जाया गया। बताया जा रहा है कि प्रोफेसर को मारने के लिए सुपारी दी गई थी। इसके लिए दूसरे राज्यों से भाड़े पर गुंडे बुलाए गए थे। मामले में पुलिस ने मध्य प्रदेश के रीवा जिले से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया था। इसके साथ ही मामले में फरार चल रहे तीन आरोपियों शिवम मिश्रा, धीरज वस्त्रकार और प्रवीण शर्मा पर दुर्ग पुलिस ने 10-10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। इसके साथ ही पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ लुक आउट सर्कुलर भी जारी किया है। recent visitors 63

कबड्डी को मिल रही नई पहचान, छत्तीसगढ़-बिलासपुर कबड्डी संघ के अध्यक्ष बने जीवन मिश्रा

बिलासपुर. प्रो कबड्डी शुरू होने के बाद एक बार फिर देश के युवाओं में कबड्डी को लेकर आकर्षण बढ़ा है. छत्तीसगढ़ कबड्डी संघ के नव निर्वाचित पदाधिकारियों ने कार्यभार ग्रहण करने के साथ कबड्डी को गांव-गांव तक पहुंचाकर इस खेल की पुरानी प्रसिद्धि वापस लौटाने का प्रयास शुरू कर दिया है. बिलासपुर जिला कबड्डी संघ के अध्यक्ष की कमान जीवन मिश्रा को सौंपी गई है, जिसके बाद जिले में इस खेल के साथ ही खिलाड़ियों को प्रोत्साहन मिल रहा है, युवा खिलाड़ी इस खेल से जुड़कर अपना भविष्य संवारने में लगे हुए हैं. बिलासपुर कबड्डी संघ द्वारा जिले के कबड्डी खिलाड़ियों को खेल सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है, साथ ही प्रशिक्षण शिविरों का आयोजन कर उन्हें प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए प्रेरित किया जा रहा है. कबड्डी संघ के जीवन मिश्रा के नेतृत्व में बिलासपुर जिले में कई कबड्डी प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जा रहा है. इन प्रतियोगिताओं ने जिले के खिलाड़ियों को प्रतिस्पर्धा करने का एक मंच मिल रहा है. कबड्डी खेल के प्रचार-प्रसार के लिए भी कई कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं. स्कूलों और कॉलेजों में कबड्डी के बारे में जागरूकता फैलाई है. ताकि इस खेल को लेकर युवा खिलाड़ियों की भ्रांतियों को दूर कर नए खिलाड़ियों को कबड्डी से जोड़ा जा सके. recent visitors 168