देशी इलाज के चक्कर में मौत, छत्तीसगढ़-जगदलपुर में बुजुर्ग को कुत्ते ने काटा

जगदलपुर. जगदलपुर में एक कुत्ते के काटने से एक बुजुर्ग की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि परिजनों ने बुजुर्ग का देशी इलाज करवाया, जिससे उनकी तबीयत में सुधार नहीं हुआ। हालात बिगड़ने पर मेकाज में भर्ती कराया गया, जहां उनकी मौत हो गई। नगरनार थाना क्षेत्र के ग्राम गरावंड़ में रहने वाले एक बुजुर्ग किसान को एक कुत्ते ने घर के सामने काट लिया। परिजनों ने इलाज न कराते हुए देशी इलाज कराने के बाद छोड़ दिया। अचानक से स्वास्थ्य बिगड़ने के कारण उसे मेकाज में भर्ती किया गया, जहां बुजुर्ग की मौत हो गई।परिजनों ने बताया कि ग्राम गरावंड़ निवासी मंगतू कश्यप पुत्र रूपधर 50 वर्ष आठ माह पहले अपने घर के आंगन में बैठा हुआ था। अचानक से एक पागल कुत्ते ने आकर उसे काट लिया। परिजनों ने घायल बुजुर्ग को अस्पताल ना ले जाकर गांव में ही देशी इलाज कराने लगे, जहां बुजुर्ग के शरीर का घाव सूखने लगने पर परिजनों ने उसे ठीक होने की बात कहते हुए अस्पताल में इलाज नहीं करवाया। इसके कारण आठ माह के अंदर कुत्ते का पूरा जहर ग्रामीण के अंदर आ गया। अचानक से बुजुर्ग की हालत खराब होने के कारण उसे मेकाज में भर्ती किया गया, जहां रात में उसकी मौत हो गई। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवाने के बाद परिजनों को सौंप दिया। recent visitors 78

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष की पहल पर छह करोड़ रुपए स्वीकृत, छत्तीसगढ़-जगदलपुर के चौराहों की बदलेगी तस्वीर

जगदलपुर. भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं विधायक किरण देव की अनुशंसा पर नगर पालिक निगम जगदलपुर को अधोसंरचना मद से विकास कार्यों के लिए छह करोड़ की राशि नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग छत्तीसगढ़ शासन से स्वीकृत प्राप्त हुई है। नगर पालिका निगम जगदलपुर को अधोसंरचना मद से शहर में विकास कार्य के लिए जिसमें सीसी सड़क, नाली, सामुदायिक भवन एवं अन्य निर्माण कार्य सभी 48 वार्डों में किए जाएंगे। राशि स्वीकृति प्राप्त होने पर महापौर सफीरा साहू, एमआईसी सदस्यों एवं भाजपा पार्षदों ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं विधायक किरण देव एवं नगरीय प्रशासन मंत्री अरुण साव का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं विधायक किरण देव के नेतृत्व में शहर के चौमुखी विकास कार्य तेज गति से हो रहे हैं। लोगों की मूलभूत सुविधा देने की हमारी सरकार की जो योजना है, उस पर पहल करते हुए हमारे विधायक किरण देव के नेतृत्व में लगातार शहर का विकास हो रहा है। नगर निगम जगदलपुर के लिए राशि छह करोड़ की स्वीकृति प्राप्त होने पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं विधायक किरण देव ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय एवं नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग मंत्री अरुण साव के नेतृत्व में प्रदेश में चौमुखी विकास हो रहे हैं। इसी तारतम्य में नगर पालिक निगम जगदलपुर को शहर के 48 वार्डों में विकास कार्यों के लिए अधोसंरचना मद से राशि छह करोड रुपये की स्वीकृति सीसी सड़क, नाली, सामुदायिक भवन एवं अन्य निर्माण कार्यों के लिए स्वीकृति प्राप्त हुई है। विधायक किरण देव ने कहा विकास निरंतर जारी रहेगा शहर विकास के लिए राशि की कमी नहीं होगी, लोगों को मूलभूत सुविधा देना हमारी सरकार का दायित्व है जिसे हम लगातार निर्वहन कर रहे हैं। राशि स्वीकृत होने पर शहर विकास में तेज गति से निर्माण कार्य होंगे। विकास अनवरत जारी रहेगा शहर विकास में किसी भी प्रकार की राशि की कमी नहीं होगी। विकास से जुड़े कार्य निरंतर होते रहेंगे। जगदलपुर शहर के साथ पूरे राज्य के विकास हो इस दिशा में महत्वपूर्ण कार्य हो रहे हैं और लगातार प्रदेश की तस्वीर बदल रही है। उन्होंने कहा समग्र विकास को समर्पित विष्णुदेव साय की सरकार अपने संकल्प को पूर्ण करने में कोई कसर नहीं छोड़ रही है। recent visitors 86

तीन दशक तक फैलाई दहशत, छत्तीसगढ़-जगदलपुर में एक करोड़ की इनामी महिला नक्सली गिरफ्तार

जगदलपुर. तेलंगाना राज्य के महबूबनगर में एसआईबी की टीम ने बस्तर में आतंक मचाने वाली महिला नक्सली सुजाता को गिरफ्तार किया है। बताया जा रहा है कि पकड़ी गई महिला नक्सली सुजाता पर एक करोड़ का इनाम है। जानकारी के मुताबिक, सुजाता दुर्दांत नक्सली किशन की पत्नी है, जो पिछले 3 दशक से तेलंगाना, बंगाल और बस्तर में काफी सक्रिय थी। डीकेएसजेडसी सचिव रामन्ना की मौत के बाद नक्सलियों के टॉप लीडरों ने सुजाता को बस्तर प्रभारी बनाया था। केंद्रीय कमेटी सदस्य और साउथ सब जोनल ब्यूरो की इंचार्ज के रूप में सुजाता उर्फ मेनी बाई उर्फ जानकी का अधिकांश समय बस्तर के जंगलों में बीता है। सुजाता बस्तर केअंदुरुनी इलाकों के बारे में काफी जानकारी रखती थी। बीजापुर के तर्रेम थाना के भट्टीगुड़ा, तुमलपाट और मीनागुट्टा के जंगलों में अक्सर सुजाता को देखा जाता था। बुधवार को तेलंगाना पुलिस ने मेहबूबनगर से सुजाता को गिरफ्तार किया है। recent visitors 83

वैश्विक स्तर पर हुआ प्रसिद्ध, छत्तीसगढ़-जगदलपुर में बस्तर दशहरा पर्व के ऐतिहासिक मुरिया दरबार में पहुंचे सीएम साय

जगदलपुर. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि विश्व प्रसिद्ध 'बस्तर दशहरा पर्व' आस्था और परंपरा का सबसे महत्वपूर्ण पर्व है, जो सर्वाधिक लम्बी अवधि तक मनाया जाता है। इस बस्तर दशहरा पर्व को बस्तर अंचल के सभी लोग पूरी श्रद्धा-आस्था के साथ मनाते हैं और इसमें सक्रिय सहभागिता निभाते हैं। वहीं ऐतिहासिक बस्तर दशहरा अब देश-दुनिया के लोगों को अपनी ओर आकर्षित कर वैश्विक स्तर पर प्रसिद्ध हो गया है, जिससे अब पर्यटकों की वृद्धि के साथ ही स्थानीय लोगों की आय संवृद्धि को बल मिला है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय मंगलवार को ऐतिहासिक सिरहासार भवन में आयोजित विश्वप्रसिद्ध बस्तर दशहरा पर्व के मुरिया दरबार को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि बस्तर दशहरा पर्व आस्था का सबसे महत्वपूर्ण पर्व है, जो मां दंतेश्वरी के आशीर्वाद से बस्तरवासियों की अगाध श्रद्धा और सभी लोगों के सहयोग के साथ इस वर्ष भी सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। उन्होंने इस अवसर पर माडिया सराय में विकास कार्य हेतु 50 लाख रुपये की घोषणा की। वहीं मांझी-चालकी और मेम्बर-मेंबरीन के मानदेय में बढ़ोतरी हेतु प्रशासन और बस्तर दशहरा समिति से प्रस्ताव प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बस्तर दशहरा पर्व के ऐतिहासिक मुरिया दरबार में सम्मिलित होने पर खुशी व्यक्त करते हुए इसे एक अनोखी परम्परा निरूपित करते हुए कहा कि यह सदियों से चली आ रही है और ऐतिहासिक बस्तर दशहरा पर्व हमारी समृद्ध संस्कृति का घोतक है, जिसे हम सभी एकजुट होकर श्रद्धा और सहकार की भावना के साथ हर्षोल्लास एवं उल्लासमय ढंग से मनाते हैं। मुख्यमंत्री ने करीब तीन करोड़ रुपये की लागत से विकसित दशराहा पसरा को बस्तर दशहरा पर्व में आए मांझी-चालकी तथा अन्य लोगों की सुविधाएं मुहैया करवाने की दिशा में सार्थक प्रयास निरूपित करते हुए कहा कि बस्तर दशहरा पर्व के लिए पूर्व में निर्धारित बजट को 50 लाख रुपये कर दिया गया है। उन्होंने मुरिया दरबार में मांझी चालकी, मेम्बर-मेम्बरीन और बस्तर दशहरा समिति के पदाधिकारियों द्वारा अवगत करवाए गए मांग एवं समस्याओं को निराकृत किए जाने की कटिबद्धता व्यक्त की। मुख्यमंत्री ने ऐतिहासिक बस्तर दशहरा पर्व में सक्रिय सहभागिता निभाने के लिए सभी लोगों को अपनी अशेष बधाई और शुभकामनाएं दी। उन्होंने मुरिया दरबार में बस्तर विकास प्राधिकरण के पुरखती कागजात का अंग्रेजी संस्करण का विमोचन भी किया, बस्तर दशहरा पर्व के ऐतिहासिक मुरिया दरबार में बस्तर अंचल के मंत्री,सांसद एवं विधायकों सहित स्थानीय जनप्रतिनिधियों और बस्तर राज परिवार के सदस्य एवं माटी पुजारी कमलचन्द्र भंजदेव, बस्तर दशहरा समिति के उपाध्यक्ष, बस्तर संभाग के विभिन्न क्षेत्रों से आये मांझी-चालकी, मेम्बर मेम्बरीन तथा बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक, ग्रामीणजन सम्मिलित हुए। इस अवसर पर माटी पुजारी कमलचन्द्र भंजदेव ने बस्तर दशहरा पर्व के ऐतिहासिक महत्व की जानकारी देते हुए इसे सामाजिक समरसता का अनुपम उदाहरण रेखांकित किया। उन्होंने बस्तर दशहरा पर्व में शामिल होने के लिए आने वाले देवी-देवताओं हेतु देव सराय की व्यवस्था तथा मांझी-चालकी, पुजारी,गायता सहित ग्रामीणों के ठहरने के लिए बेहतर सुविधाओं की बेहतर सुलभता के लिए राज्य सरकार के पहल को सराहनीय निरूपित किया। मुरिया दरबार में वन मंत्री  केदार कश्यप सहित सांसद बस्तर एवं अध्यक्ष बस्तर दशहरा समिति  महेश कश्यप और विधायक जगदलपुर किरणदेव ने बस्तरवासियों को बस्तर दशहरा पर्व की बधाई एवं शुभकामनाएं दी। इस दौरान बस्तर दशहरा समिति के उपाध्यक्ष लक्ष्मण मांझी ने कहा कि विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरा पर्व सभी के सहयोग तथा व्यापक सहभागिता से सफलतापूर्वक संपन्न हुई। आने वाले साल में इसे और अधिक  बेहतर और भव्यता के साथ मनाएंगे। इस अवसर पर मांझी-चालकी और मेम्बर-मेम्बरीन को मोबाइल प्रदान किया गया। recent visitors 114

वनमंत्री केदार कश्यप ने सहित कई लोग रहे मौजूद, छत्तीसगढ़-जगदलपुर में बस्तर मड़ई और क्षेत्रीय सरस मेला शुरू

जगदलपुर. जगदलपुर में जिला प्रशासन द्वारा आयोजित बस्तर मड़ई और पंचायत ग्रामीण विकास के द्वारा जगदलपुर शहर के लालबाग मैदान में आज से प्रारंभ हुए क्षेत्रीय सरस मेले का उद्घाटन छत्तीसगढ़ के वन मंत्री केदार कश्यप ने किया। यह मेला 12 से 19 अक्टूबर तक आयोजित किया जाएगा, जिसमें विभिन्न विभागों के शासकीय योजनाओं पर प्रदर्शनी और स्व-सहायता समूहों द्वारा उत्पादित वस्तुओं की प्रदर्शनी और बिक्री होगी। वनमंत्री कश्यप ने कहा कि बस्तर की सांस्कृतिक विरासत को अक्षुण बनाकर आगामी पीढ़ी को अवगत करवाना है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर सरस मेला का आयोजन का करने के लिए जिला प्रशासन का आभार, यह सरस मेला न केवल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने का एक प्रमुख साधन है, बल्कि यह स्थानीय उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराकर महिलाओं और ग्रामीण समुदायों को सशक्त बनाता है। मेले में कई जिलों के स्व सहायता समूहों ने हस्तशिल्प, कृषि उत्पाद, जैविक खाद्य पदार्थ, कपड़े, और अन्य स्थानीय वस्तुएं प्रदर्शित की गई हैं, उन्होंने विजयदशमी की सभी को शुभकामनाएँ दी। कार्यक्रम को संबोधित करते बस्तर सांसद महेश कश्यप ने कहा कि बस्तर दशहरा में सभी समाजों का सहयोग और उनके द्वारा दायित्व का निर्वहन किया जा रहा है। इस प्रदर्शनी के माध्यम से योजनाओं की जानकारी दी जा रही इसका लाभ सभी लेवें। सरस मेला में विभिन्न जिलों से पहुँचे स्व सहायता की दीदियों द्वारा निर्मित उत्पाद को खरीदी कर प्रोत्साहित करें।  विधायक किरणदेव ने कहा कि बस्तर का परंपरा दशहरा के अवसर पर शासन की जन कल्याण योजनाओं का विभागों द्वारा लगाया गया है इसका लाभ सभी नागरिक लें। साथ कार्यक्रम में खेलकूद एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है इसका आनंद भी लें। उद्घाटन के अवसर पर केदार कश्यप, विधायक श्री देव, विधायक चित्रकूट विनायक गोयल, महापौर सफीरा साहू सहित अन्य जनप्रतिनिधि ने मेले में लगे विभिन्न विभागों के स्टालों और स्व-सहायता समूहों के स्टालों का निरीक्षण किया।अतिथियों ने  विभागों के स्टालों में योजनाओं के हितग्राहियों को सामग्री का वितरण किया। उन्होंने स्व-सहायता समूहों द्वारा तैयार किए गए उत्पादों की सराहना की और उनके माध्यम से स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन और आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की प्रशंसा की। उद्घाटन के अवसर पर नागलसर के स्कूली बच्चों ने धुरवा मड़ई का आकर्षक नृत्य का प्रदर्शन किया जिसका सभी ने सराहना की। सरस मेले में नागरिकों की बड़ी संख्या में उपस्थिति देखी गई और लोगों ने विभिन्न स्टालों पर खरीदारी करते हुए स्थानीय उत्पादों के प्रति रुचि दिखाई। मेले के दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जाएगा, जो लोगों के मनोरंजन के साथ-साथ स्थानीय सांस्कृतिक धरोहर को बढ़ावा देंगे। recent visitors 123

उपमुख्यमंत्री निवास पहुंचे नक्सल पीड़ित, छत्तीसगढ़-जगदलपुर में आईईडी में पैर गंवाने वालों को मिले कृत्रिम पैर

जगदलपुर. वनोपज संग्रहण या खेती कार्य जैसे अपनी दैनिक जीवनचर्या के बीच जंगलों के रास्ते गुजरते समय नक्सलियों द्वारा लगाए गए आईईडी बमों में ब्लास्ट की अलग-अलग घटनाओं में अपना पैर गंवाकर अपाहिज की दर्द भरी जिंदगी जी रहे बस्तर के ग्रामीणों को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश व उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा की पहल पर कृत्रिम पैर का संबल मिल रहा है। पहले चरण में नक्सल हिंसा प्रभावित ऐसे 6 लोगों को फिजिकल रेफरल रिहैबिलिटेशन सेंटर समाज कल्याण परिसर माना कैंप रायपुर में कृत्रिम पैर लगाकर चलने की ट्रेनिंग दी गई। आईईडी ब्लास्ट में पैर खोने के बाद से चलने फिरने के लिए दूसरों पर निर्भर हो गए ये लोग अब कृत्रिम पैर पाकर इतने उत्साहित हैं कि खुद अपने पैरों से चलकर आज उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के निवास अपनी खुशी व्यक्त करने पहुंचे। बस्तर क्षेत्र के लगभग 70 नक्सल पीड़ितों ने बस्तर शांति समिति की पहल पर विगत सितंबर माह में दिल्ली जाकर जंतर मंतर में प्रदर्शन करने के साथ ही केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात कर उन्हें आप बीती बताते हुए बस्तर में शांति की गुहार लगाई थी। वहीं दिल्ली से लौटकर वे आए तो उपमुख्यमंत्री व गृहमंत्री विजय शर्मा ने अपने निवास कार्यालय में एक-एक पीड़ितों से बात कर उनका हालचाल जाना था और उनका हौसला बढ़ाया था और आईईडी ब्लास्ट में पैर गवा चुके पीड़ितों के कृत्रिम पैर लगवाने के निर्देश दिए थे। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के निर्देश पर आईईडी ब्लास्ट में अपने अंग खोने वाले ग्रामीणों का समाज कल्याण विभाग के सहयोग से ऐसे नक्सल हिंसा पीड़ितों को कृत्रिम अंग लगाने की शुरुआत हो गई है। कृत्रिम पैर लगाने के लिए बस्तर से 9 नक्सल पीड़ित का आना तय हुआ था, किंतु व्यक्तिगत कारणों से 3 पीड़ित अभी नहीं पहुंच पाए, इस प्रकार 6 नक्सल पीड़ित गुड्डू लेकाम बीजापुर, अवलम मारा बीजापुर, सुक्की मड़कम सुकमा, सोमली खत्री बीजापुर, खैरकम जोगा बीजापुर, राजाराम बीजापुर को फिजिकल रेफरल रिहैबिलिटेशन सेंटर समाज कल्याण परिसर माना कैंप रायपुर में कृत्रिम पैर लगाए गए, कृत्रिम पैर लगने के बाद इनकी जिंदगी एक नई करवट ले रही है। उपमुख्यमंत्री शर्मा के निवास पहुंचे इन नक्सल पीड़ितों ने अपनी भावनाएं व्यक्त करते हुए कहा कि अब वे अच्छा महसूस कर रहे हैं। कदम-कदम पर किसी और के सहारे की जरूरत नहीं पड़ेगी। जिंदगी में अब आगे बढ़ने और कुछ हासिल करने की सोच सकते हैं। हालांकि नक्सलियों ने जो छीना है उसकी भरपाई नहीं हो सकती। लेकिन छत्तीसगढ़ सरकार की संवेदन शीलता से उन्हें कृत्रिम पैर सुलभ होने के साथ जीवन में नया उत्साह आया है। recent visitors 73

कोलकाता के डॉक्टरों का समर्थन, छत्तीसगढ़-जगदलपुर में मेकाज के डॉक्टरों ने बांधी ब्लैक रिबन

जगदलपुर. दो माह पहले हुई कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज की घटना को लेकर देश में अनाचारियों के खिलाफ लोगों ने आवाज उठाई। मामले की जांच करने के साथ ही आरोपियों को सजा दिलाने की बात कही गई, लेकिन मामले को दो माह बाद भी आरोपियों के खिलाफ कोई भी बड़ी कार्रवाई नही हुई। इस मामले को लेकर मेकाज के यूडीएफए ने भी अपना समर्थन देते हुए काली पट्टी बांधकर विरोध किया। बताया जा रहा है कि आरजी कर मेडिकल कॉलेज में जूनियर महिला डॉक्टर के साथ दुष्कर्म एवं हत्या की वीभत्स घटना के दो माह बाद भी अभी तक पीड़िता को न्याय नहीं मिल पाया है। पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए कोलकाता के जूनियर डॉक्टर्स भूख हड़ताल पर बैठे हैं। यूडीएफए छत्तीसगढ़ ने पीड़िता के लिए न्याय की मांग की है और भूख हड़ताल पर बैठे जूनियर डॉक्टर्स को अपना पूर्ण समर्थन दिया है। यूडीएफए छत्तीसगढ़ ने राज्य भर में डॉक्टर्स से अपील की है कि वे सभी मेडिकल कॉलेज एवं अन्य अस्पतालों में ब्लैक रिबन बांधकर एक दिन के लिए काम करें और पीड़िता के लिए न्याय की पुकार का समर्थन करें। स्व. बलिराम कश्यप स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय में सभी डॉक्टर्स ने इस मुहिम में हिस्सा लिया और ब्लैक रिबन बांधकर काम करते हुए महिला डॉक्टर को न्याय दिलाने की गुहार लगाई है। डॉक्टर्स के साथ-साथ महाविद्यालय के छात्र भी ब्लैक रिबन बांध कर कक्षाओं में उपस्थित हुए। recent visitors 78