Friday, July 17, 2026 12:27 am

लाश को ऑटो पर रखकर लगाया ठिकाने, छत्तीसगढ़-कोरबा में पत्नी-बेटे ने की पति की हत्या

कोरबा. गला दबाकर पति की हत्या कर पुत्र के साथ मिलकर लाश को ठिकाना लगाने के मामले में आरोपी पत्नी को न्यायालय ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। मामला सिविल लाइन थाना क्षेत्र अंतर्गत खपराभट्ठा बस्ती का है। 2018-19 में घटना सामने आई थी। 33 वर्षीय सुशीला निषाद ने अपने पति विमल वाल्मीकि उर्फ सूर्या की गुमशुदा होने की शिकायत सिविल लाइन थाना पुलिस से की थी। काफी खोजबीन के बाद भी सूर्य का पता नहीं चल सका था। इसके बाद बालको थाना क्षेत्र अंतर्गत कॉफी प्वाइंट मे नर कंकाल मिला था। घटनास्थल से एक चूड़ा मिलने पर उसकी पहचान विमल वाल्मीकि उर्फ सूर्या के रूप में की गई। पहचान करवाई होने के बाद सिविल लाइन थाना पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया और सुशीला निषाद और उसके बेटे से पूछताछ शुरू की। नर कंकाल का डीएनए किया गया। रिपोर्ट में नर कंकाल विमल वाल्मीकि का होना पाया गया। घटनाक्रम सामने आया कि विमल वाल्मीकि की हत्या कर उसे की कॉफी प्वाइंट में फेंका गया था। इस घटना को अंजाम किसी और ने नहीं, बल्कि उसकी पत्नी और बच्चे ने दिया था। पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब हत्या करने के बाद लाश को जिस ऑटो में लेकर गए थे, उसके ऑटो चालक ने पुलिस को घटनाक्रम बताया। आरोपी सुशीला निषाद और उसके पति विमल वाल्मीकि के बीच आपसी विवाद हो गया था। पत्नी ने पति का गला घोट कर मौत के घाट उतारा। इसके बाद रात भर बिताने के बाद सुबह पिकनिक जाने के बहाने एक ऑटो बुक किया। लाश को चटाई से ढककर ऑटो में लेकर पिकनिक जाने के बहाने कॉफी प्वाइंट निकले। इस दौरान ऑटो चालक को शौच करने के बहाने गुमराह किया गया और लाश को कॉफी प्वाइंट के पास झाड़ियां में मां और बेटे फेंक दिया। इस दौरान ऑटो चालक की नजर मां और बेटे पर पड़ी जानकारी होने के बाद मां और बेटे ऑटो चालक को भी जान से करने और किसी मामले में फंसा देने की धमकी देते रहे। अतिरिक्त शासकीय अभिभाषक कृष्ण द्विवेदी ने बताया कि शासकीय माननीय न्यायालय पीठासीन न्यायाधीश श्रीमती गरिमा शर्मा के कोर्ट में इस मामले का सनी किया गया, जहां आरोपी सुषमा निषाद को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। recent visitors 58

एक का हाथ तो दूसरे का टूटा दांत, छत्तीसगढ़-कोरबा में ASI-आरक्षक के बीच मारपीट

कोरबा. कोरबा सिटी कोतवाली में पदस्थ दो सहायक उप निरीक्षक और एक आरक्षक के बीच झड़प हो गई। एएसआई अश्वनी वर्मा और अजय सिंह और कोर्ट आरक्षक नितेश मिश्रा के बीच थाने के अंदर मारपीट हुई। यह घटनाक्रम 6 नवंबर 2024 की शाम 6 से 7 बजे बीच की बताई जा रही है। पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी ने कोरबा सीएसपी के प्रतिवेदन के आधार पर दोनों एएसआई को लाइन अटैच कर दिया है जबकि आरक्षक पूर्व से ही लाइन में रहकर न्यायालय कार्य में संलग्न है। इस घटना को लेकर जो बातें सामने आई हैं उसके मुताबिक थाने के दो मुखबिर और गवाहों को लेकर आरक्षक नितेश मिश्रा व एएसआई अश्वनी वर्मा के द्वारा अभद्र शब्दों का इस्तेमाल करते हुए एएसआई अजय सिंह के लिए भी भला-बुरा कहा गया था। उक्त बातों की जानकारी होने और समय आने पर गवाहों को दारू-गांजा के मामले में जेल भेजने की बात को लेकर जब एएसआई अजय सिंह ने आरक्षक से उक्त बात की तस्दीक करना चाहा और ऐसा कहने व करने की वजह पूछी तो आरक्षक ने ऐसी बात कहने वाले के लिए ही गाली-गलौच करना शुरू कर दिया और जब अजय सिंह ने गलत बात करने से रोका तो उसके साथ हाथापाई पर उतारू हो गया। इसी समय एएसआई अश्वनी वर्मा के वहां पहुंचने पर उन सभी बातों को लेकर सवाल-जवाब किया गया तो नौबत मारपीट तक आ गई और आरक्षक के अलावा दोनों एएसआई आपस में ही भिड़ गए। थाना में मौजूद स्टाफ ने इन तीनों को अलग कराया। तब तक घटनाक्रम की सूचना फोन के जरिए एसपी को दी जा चुकी थी, जिसे उन्होंने गंभीरता से लेते हुए सीएसपी भूषण एक्का को जांच के निर्देश दिए। पुराने विवाद को लेकर हुए घटनाक्रम में जो बातें सामने आई उनके आधार पर पुलिस की छवि धूमिल होती देख दोनों एएसआई को लाइन अटैच कर दिया गया है। इससे पहले दोनों का मेडिकल मुलाहिजा जिला अस्पताल में सिविल लाइन थाना प्रभारी निरीक्षक प्रमोद डडसेना की उपस्थिति में कराया गया। इस मारपीट की घटना में एएस आई अजय सिंह का दांत टूट गया है वही एएसआई अश्वनी का हाथ टूट गया है। इस घटना के बाद पुलिस विभाग में चर्चा का विषय बना हुआ है। वहीं इससे पहले भी अश्वनी वर्मा के विवादित मामले सामने आ चुके हैं। recent visitors 60

सीएसपी ने बताया गौरव की बात, छत्तीसगढ़-कोरबा के 11 वर्ष के छात्र ने केबीसी में जीते लाखों रूपये

कोरबा. सिर्फ 11 वर्ष की उम्र में कोरबा जिले के एक छात्र ने अपने प्रयासों से केबीसी के मंच पर पहुंचने के साथ ही 12 लाख से ज्यादा रुपये जीत लिए। महानायक अमिताभ बच्चन के सामने हॉट सीट पर बैठने के साथ छात्र ने कोरबा जिले का गौरव बढाया। दर्री के नगर पुलिस अधीक्षक ने इस उपलब्धि पर छात्र का सम्मान किया। दिल्ली पब्लिक स्कूल जमींपाली में अध्यनरत कक्षा छठवीं के छात्र अर्जुन अग्रवाल की उम्र 11 वर्ष है, लेकिन उसने इस दौर में अपनी उम्र से कहीं ज्यादा अच्छा प्रदर्शन करने के साथ कौन बनेगा करोड़पति के मंच तक पहुंचने के साथ सफलता अर्जित की। अर्जुन ने बताया कि वह पढ़ाई के साथ-साथ विभिन्न विधा में सक्रिय रहा। एक मिशन के तहत उसने इस काम को हाथ में लिया और सफलता प्राप्त की। अर्जुन ने बताया कि उसे बचपन से ही सामान्य ज्ञान में रुचि है और उसका सपना था कि पढ़ाई के साथ साथ एक दिन वो इस कार्यक्रम में हिस्सा ले और अमिताभ बचनप के साथ खेले उसका उद्देश्य पूरा हुआ और भी आगे खेलना चाहता है। इसके लिए वह फिर से प्रयास करेगा। इस खेल के अलावा उसे अन्य खेलों में भी काफी रुचि है जिसे वह समय निकालकर खेलता है। अपने माता-पिता के साथ छात्र अर्जुन स्थानीय पुलिस कार्यालय पहुंचा और आईपीएस अधिकारी से शिष्टाचार भेंट की। अधिकारी ने पुष्पगुच्छ और स्मृति चिन्ह देकर छात्र का सम्मान किया। उन्होंने बताया कि छात्र को स्विमिंग बैडमिंटन के अलावा अन्य विषय में रुचि है। पढ़ाई का स्तर भी काफी अच्छा है केबीसी में कोई प्रतिभागी कितनी राशि प्राप्त कर रहा है इससे कहीं ज्यादा महत्वपूर्ण भागीदारी करना है। दर्री आईपीएस प्रशिक्षु सीएसपी विमल कुमार पाठक ने बताया कि अर्जुन के प्रेरणा से और भी बच्चों को प्रेरणा लेना चाहिए, ताकि वह और भी आगे बढ़ सके इस तरह के बच्चों का सम्मान कर उनका हौसला बढ़ाया जाना चाहिए। अर्जुन ने जिस तरह से अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया है निश्चित ही तारीफ के लायक है जिसका आज सम्मान किया गया। अर्जुन अग्रवाल की छोटी बहन का नाम नैना है पिता का नाम मनीष अग्रवाल है जो एनटीपीसी डीजीएम एमजीआर पर पदस्थ हैं। इनकी मां का नाम नेहा अग्रवाल है। recent visitors 41

रोमांचित लोगों के कारण लगी वाहनों की लंबी कतार, छत्तीसगढ़-कोरबा में सड़क पार करते दिखा हाथियों का झुंड

कोरबा. कोरबा जिले में कटघोरा से चोटिया नेशनल हाईवे के बीच ग्राम मड़ई के पास का दृश्य लोगों की सांस थाम कर रखने वाला रहा। बच्चों सहित दंतैल और हाथियों का दल इस पार से सड़क पार कर उस पार के जंगल को जाने निकला था। जानकारी होने पर दोनों तरफ से आवागमन रुकवाया गया। दोपहिया से लेकर चार पहिया और भारी वाहनों के पहिये थमे रहे। इतनी संख्या में हाथियों को नजदीक से देखने का रोमांच के साथ भय भी रहा कि जरा से कोई गड़बड़ी हुई और हाथी बिदक गए तो भगदड़ के हालात बन कर जान जोखिम में पड़ना तय था। लोगों ने सूझबूझ का परिचय दिया और बिना उग्र हुए, बिना धैर्य खोए हाथियों को छेड़छाड़ किए बगैर सड़क पार करने दिया। हालांकि थोड़ा बहुत शोर होता रहा लेकिन सभी हाथी बिना नुकसान पहुंचाए जंगल के भीतर चले गए। स्थानीय लोगों की माने तो कई बार सड़क पर करते हुए हाथीयो का झुंड नजर आता है लेकिन इस बार इतने हाथियों को एक साथ समूह में सड़क पार करते हुए पहली बार देखा गया है। जहां इस घटना के बाद सड़क के दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई। वहीं, लोग इस दृश्य को अपने मोबाइल में भी कैद करते नजर आए। अगर हाथियों का झुंड मुख्य सड़क पर आता या किसी तरह का उत्पादत मचाता तो बड़ी घटना घट सकती थी। recent visitors 79

दोस्त के घर जाने रात में निकला था बारहवीं का छात्र, छत्तीसगढ़-कोरबा में अधजली लाश की हुई पहचान

कोरबा. ग्राम हुंकरा की पहाड़ी से लगे इलाके में मिली अधजली लाश की पहचान उसके साइकिल के माध्यम से हो गई है। मृतक की शिनाख्त कोरबा जिला मुख्यालय में समग्र शिक्षा कार्यालय में पदस्थ ADPO, कटघोरा निवास के.जी. भारद्वाज के पुत्र अभिषेक के रूप में हुई है। 18 वर्षीय अभिषेक कक्षा 12 वीं का छात्र था। शनिवार की रात कथित तौर पर दोस्त के पास जाने की बात कहकर घर से साइकिल लेकर निकला था। फिर लौटा नहीं। मृतक अभिषेक भारद्वाज का इकलौता पुत्र था। इस घटना ने भारद्वाज परिवार को शोक में डुबा दिया है। परिजनों सहित सहकर्मियों, ग्रामवासियों में शोक व्याप्त है। बता दें कि बीते रविवार सुबह कटघोरा थाना अंतर्गत ग्राम हुंकरा की पहाड़ी के पास एक अज्ञात युवक की अधजली लाश मिली थी। कटघोरा पुलिस को मौके से एक जोड़ी चप्पल व गियर वाली साइकिल मिली। साइकिल पर दुकान का नाम लगा था। जिससे संपर्क पर साइकिल की फ्रेम नम्बर के आधार पर खरीदार का नाम हासिल किया गया। उसके बाद घर पहुंचकर जानकारी लेने पर अभिषेक के घर से गायब रहने की बात पता चली। साइकिल व चप्पल को परिजन पहचान गए। घटनास्थल पर जांच में फोरेंसिक एक्सपर्ट और डॉग स्क्वाड की भी मदद ली गई। मिले साक्ष्यों और तथ्यों के आधार पर प्रारम्भिक तौर पर मामला आत्मदाह का प्रतीत हो रहा है। परिजनों की माने तो रोज की तरह किसी दोस्त के साथ घूमने जाने के नाम से निकला हुआ था। लेकिन काफी समय बीत जाने के बाद खोजबीन भी की गई। लेकिन पता नही चला। किसी घटना से भी इंकार नहीं किया जा रहा है। मौत की वजह जानने के लिए पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार पुलिस व परिजनों को है। recent visitors 63

क्षत विक्षत शव की शिनाख्त में जुटी पुलिस, छत्तीसगढ़-कोरबा में मालगाड़ी के सामने कूदा युवक

कोरबा। दिवाली की खुशियों के बीच छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले से दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। जहां सुनालिया रेलवे फाटक पर आज शाम एक युवक ने चलती मालगाड़ी के सामने कूदकर अपनी जान दे दी। इस घटना के बाद मौके पर हड़कंप मच गया और लोगों की भीड़ इकठ्ठा हो गई। इस दौरान मौके पर मौजूद रेलवे कर्मी ने पुलिस को दी सूचना। बता दें कि मालगाड़ी से टकराने की वजह से मृतक का शव क्षत-विक्षत हालत में रेलवे ट्रैक पर बिखर गया था। वहीं घटना की सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस मर्ग कायम कर युवक की शिनाख्त में जुट गई है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, मृतक सोल्ड गाड़ी (बिना नंबर वाली नई गाड़ी) से सुनालिया फाटक पहुंचा था, जिसे पुलिस अपने कब्जे में लेकर आगे की जांच में जुट गई है। recent visitors 64

श्रमिक चौक में रोकथाम के लिए HMS ने दिया धरना, छत्तीसगढ़-कोरबा में एसईसीएल के बढ़ते प्रदूषण का विरोध

कोरबा. कोरबा में दीपका कालोनी और प्रगति नगर कॉलोनी में बढ़ते प्रदूषण और उड़ती धूल के कारण स्थानीय निवासियों को गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा था। लंबे समय से सोशल मीडिया और लिखित /मौखिक शिकायतों के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हुआ, जिससे आक्रोशित होकर एचएमएस श्रमिक संगठन ने SECL दीपका खदान एरिया के श्रमिक चौक पर धरना दिया। 1 घंटे तक चल धरना प्रदर्शन में मौके पर एसईसीएल के जिम्मेदार अधिकारी पहुंचे जहां वरिष्ठ अधिकारियों से हुई बातचीत के बाद चार बिंदुओं पर सहमति बनी, जिसमें अधिकारियों ने कन्वेयर बेल्ट और सड़कों से उड़ने वाली धूल को नियंत्रित करने के लिए ठोस उपाय करने का आश्वासन दिया। कोल वाशरी से निकलने वाली धूल पर भी सिविल अधिकारियों ने कार्रवाई की बात कही। बता दे कि इन दिनों प्रगति नगर कॉलोनी में शाम होते ही भयंकर धूल की चपेट में आ जाता है और पूरे कालोनी में धूल का गुम्बर चारों ओर फैल जाता है जिससे सांस लेने में तकलीफ होती है । विरोध में एचएमएस और बीएमएस संगठनों के कार्यकर्ताओं ने श्रमिक चौक में लगभग 1 घंटे सभी भारी  वाहनों को रोक जाम किया। मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने तुरंत एक अधिकारी को डस्ट नियंत्रण के लिए नियुक्त करने का आश्वासन दिया। इसके अलावा भारी वाहन वाले मार्गों पर स्पीड ब्रेकर बनाने और नियमित पानी के छिड़काव भरोसा दिया गया। गौरतलब है कि एसईसीएल दीपका प्रबंधन द्वारा करोड़ों रुपये खर्च कर डस्ट नियंत्रण के प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन ज़मीनी हकीकत में सुधार नहीं होने से लोग असंतुष्ट हैं। अब प्रशासन ने सक्रियता दिखाते हुए डस्ट नियंत्रण के लिए तत्काल कदम उठाने का वादा किया है, जिससे आने वाले समय में प्रदूषण से राहत मिलने की उम्मीद है। इस अवसर पर प्रबंधन के ओर से दीपका स्टाफ ऑफिसर सिविल चंद्र माधव,स्टाफ ऑफिसर ई एंड एम श्री प्रसाद साहब, कार्मिक प्रबंधक जितेंद्र दुबे,एवं BMS के  जेसीसी सदस्य मनोज सिंह, HMS यूनियन से तरुण राहा महामंत्री दीपका, सृष्टि धर तिवारी एरिया वेलफेयर, फैयाज अंसारी एरिया सेफ्टी,ललित राठौड़ एरिया सेफ्टी, उत्तर द्विवेदी, राज कुमार राठौर वर्क मेन इंस्पेक्टर, ज्ञान जायसवाल पीट सेफ्टी सदस्य, समीरन बोस वर्क मेन इंस्पेक्टर, अंजनी यादव वर्क मेन इंस्पेक्टर, लालाबाबू यादव सचिव, उदय, वर्कशॉप तथा सीएचपी के कर्मचारी उपस्थित थे। recent visitors 58