33 जिलों में प्रभारी सचिव नियुक्त, छत्तीसगढ़-लोक कल्याणकारी योजनाओं में आयेगी तेजी

रायपुर. छत्तीसगढ़ के 33 जिलों में अब लोक कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आयेगी। विकास कार्य जल्द कराये जाएंगे। इसके लिये इन जिलों में शासन ने प्रभारी सचिव नियुक्त किए हैं। ये प्रभारी सचिव संबंधित जिलों में संचालित योजनाओं और विकास कार्यों की सतत मॉनिटरिंग करेंगे। इनता ही नहीं प्रभारी सचिव प्रतिमाह कम से कम एक बार अपने प्रभार जिले का भ्रमण कर विकास कार्यों की समीक्षा करेंगे और अपने भ्रमण के संबंध में एक संक्षिप्त टीप प्रतिमाह मुख्य सचिव को प्रस्तुत करेंगे। इन जिलों में ये प्रभारी सचिव नियुक्त सामान्य प्रशासन विभाग के मुताबिक,अपर मुख्य सचिव रेणु जी पिल्ले को धमतरी जिला का प्रभारी सचिव नियुक्त किया गया है। इसी प्रकार अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू को दुर्ग, ऋचा शर्मा को रायपुर, मनोज कुमार पिंगुआ को बिलासपुर जिला, प्रमुख सचिव निहारिका बारिक को महासमुंद जिले का प्रभारी सचिव नियुक्त किया गया है। वहीं प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा को जांजगीर चांपा, सचिव रोहित यादव को कोरबा,  सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह को बस्तर, सचिव परदेशी सिद्धार्थ कोमल को बलौदाबाजार-भाटापारा, सचिव अविनाश चंपावत को राजनांदगांव, सचिव प्रसन्ना आर. को कबीरधाम, सचिव अम्बलगन पी. को जशपुर, सचिव आर शंगीता को सारंगढ़- बिलाईगढ़, सचिव रजत कुमार को रायगढ़,  सचिव राजेश सुकुमार टोप्पो को नारायणपुर, सचिव एस. प्रकाश को कोरिया, सचिव अंकित आनंद को बालोद, सचिव डॉ. सी. आर. प्रसन्ना को बेमेतरा, सचिव  भुवनेश यादव को सूरजपुर, सचिव एस. भारतीदासन को मुंगेली जिले का प्रभारी सचिव नियुक्त किया गया है। इसी तरह सचिव  शम्मी आबिदी को कांकेर, सचिव हिमशिखर गुप्ता को गरियाबंद, सचिव मो. कैसर अब्दुलहक को गौरला-पेण्ड्रा-मरवाही, सचिव यशवंत कुमार को बलरामपुर-रामानुजगंज, सचिव भीम सिंह को कोण्डागांव, सचिव शिखा राजपूत तिवारी को खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, सचिव नरेन्द्र कुमार दुग्गा को सुकमा, आयुक्त किरण कौशल को सक्ती, संचालक सौरभ कुमार को दंतेवाड़ा, संचालक सुनील कुमार जैन को सरगुजा, विशेष सचिव जयप्रकाश मौर्य को मोहला-मानपुर-अम्बागढ़ चौकी, विशेष सचिव सारांश मित्तर को बीजापुर और प्रबंध संचालक रमेश कुमार शर्मा को मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले का प्रभारी सचिव नियुक्त किया गया है। recent visitors 46

सीएम नवा रायपुर में लेंगे मीटिंग, छत्तीसगढ़-साय कैबिनेट की अहम बैठक आज

रायपुर. छत्तीसगढ़ सरकार कैबिनेट की बैठक बुधवार को बुलाई गई है। सीएम विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में 11 दिसंबर को नवा रायपुर के महानदी भवन मंत्रालय में बैठक होगी। इससे पूर्व पिछली कैबिनेट बैठक में छत्तीसगढ़ की विष्णुदेव साय सरकार ने प्रदेश के नगर पालिक निगमों के महापौर एवं नगर पालिकाओं के अध्यक्ष का निर्वाचन प्रत्यक्ष रीति से कराए जाने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए बैठक में छत्तीसगढ़ नगर पालिक निगम अधिनियम, 1956 (संशोधन) अध्यादेश, 2024 एवं छत्तीसगढ़ नगर पालिका अधिनियम 1961 (संशोधन) अध्यादेश 2024 (प्रत्यक्ष निर्वाचन एवं आरक्षण संबंधित प्रावधान) की विभिन्न धाराओं में संशोधन किए जाने के संबंध में अध्यादेश 2024 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया। यहां जानें पिछली कैबिनेट बैठक के अहम फैसले- अविभाजित मध्य प्रदेश राज्य में 1999 के पूर्व नगर पालिक निगमों में महापौर तथा नगर पालिकाओं के अध्यक्ष का निर्वाचन प्रत्यक्ष रीति से होता था। भूपेश सरकार ने नगरीय निकायों के महापौर और नगर पालिकाओं के अध्यक्ष का निर्वाचन को अप्रत्यक्ष रीति से कराए जाने का निर्णय लिया था, जिसकी अधिसूचना का प्रकाशन राजपत्र में 12 दिसम्बर 2019 को किया गया था। छत्तीसगढ़ शासन के पिछड़ा वर्ग एवं अल्संख्यक विभाग द्वारा मंत्रालय की ओर से त्रिस्तरीय पंचायतों एवं नगरीय निकायों के निर्वाचन में अन्य पिछड़ा वर्ग के प्रतिनिधित्व एवं आरक्षण के संबंध में स्थानीय निकायों में आरक्षण को एकमुश्त सीमा 25 प्रतिशत को शिथिल कर अन्य पिछड़ा वर्ग की संख्या के अनुपात में 50 प्रतिशत आरक्षण की अधिकतम सीमा तक आरक्षण के प्रावधान की स्वीकृति   पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग के प्रतिवेदन में प्राप्त अनुशंसा के अनुसार दी गई है।  1. छत्तीसगढ़ पंचायत राज अधिनियम, 1993 के अंतर्गत त्रिस्तरीय पंचायती राज संस्थाओं में अन्य पिछड़ा वर्ग के प्रतिनिधित्व एवं आरक्षण संबंधी प्रावधानों में संशोधन किए जाने के लिये विभिन्न धाराओं में संशोधन किए जाने का निर्णय लिया गया। 2.  मंत्रिपरिषद ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत पात्र हितग्राहियों को वितरण के लिये नागरिक आपूर्ति निगम को आवश्यक चना उपार्जन, छमडस् ई-ऑक्शन प्लेटफॉर्म के माध्यम से किए जाने की अनुमति दी है। छत्तीसगढ़ सरकार की ओर से सार्वजनिक वितरण प्रणाली अंतर्गत राज्य के सभी अनुसूचित विकासखण्डों एवं मॉडा पैकेट क्षेत्र में निवासरत अंत्योदय तथा प्राथमिकता वाले राशन कार्डधारियों को प्रतिमाह 5 रूपए किलो की दर से 2 किलो चना प्रदाय किया जाता है। वर्तमान में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा चना वितरण योजना के तहत 30 लाख 22 हजार परिवारों को लाभान्वित किया जा रहा है। राज्य को चना वितरण के लिए प्रति माह 6046 टन तथा प्रति वर्ष 72 हजार 52 टन चना की जरूरत होती है। चना का उपार्जन नागरिक आपूर्ति निगम द्वारा किया जाता रहा है। छत्तीसगढ़ सरकार की चना वितरण योजना के माध्यम से हितग्राहियों को उच्च क्वालिटी का चना प्रदाय किया जा सके, इसके लिए मंत्रिपरिषद ने नागरिक आपूर्ति निगम को छमडस् ई-ऑक्शन प्लेटफॉर्म के माध्यम से किए जाने की अनुमति दी गई। 3. पर्यटन को उद्योग का दर्जा – बैठक में राज्य में पर्यटन को बढ़ावा  और  योजनाबद्ध विकास के लिए छत्तीसगढ़ पर्यटन विभाग के प्रस्ताव पर राज्य में पर्यटन को उद्योग का दर्जा प्रदान करने का निर्णय लिया गया। छत्तीसगढ़ सरकार की नई औद्योगिक नीति 2024-30 के अंतर्गत पर्यटन, मनोरंजन एवं अन्य सामाजिक सेवा सेक्टर में शामिल के अलावा भारत सरकार एवं छत्तीसगढ़ पर्यटन नीति 2020 में पर्यटन परियोजनाओं हेतु निर्धारित न्यूनतम स्थायी पूंजी निवेश किए जाने पर सामान्य उद्योगों की भांति अनुदान/छूट/रियायत का प्रावधान किया गया है। पर्यटन को उद्योग का दर्जा दिए जाने से प्रदेश में साहसिक, जल पर्यटन, मेडिकल एवं वेलनेस टूरिज्म, एग्रो टूरिज्म, पर्यटन की इकाईयों, लैंड बैंक में निजी निवेश को आकर्षित एवं प्रोत्साहित करने में मदद मिलेगी। इससे स्टेक होल्डर प्रोत्साहित होंगे। पर्यटन संबंधी अधोसंरचना का विकास होगा। पर्यटन से संबंधित पूंजी निवेश बढ़ेगा। राज्य में राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय पर्यटकों के अनुकूल सुख-सुविधाओं का विकास होगा। राज्य में पर्यटन के क्षेत्र में रोजगार के बड़े अवसर सृजित होंगे। recent visitors 60

‘सैनिकों के शौर्य और बलिदानों के कारण ही हम सुरक्षित’, छत्तीसगढ़-सशस्त्र सेना झंडा दिवस पर मुख्यमंत्री साय शामिल

रायपुर. मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सशस्त्र सेना झंडा दिवस पर शहीदों और देश की सेवा में जुटे सभी सैनिकों को नमन करते हुए कहा है कि यह दिन हमें अपने देश के उन वीर जवानों और उनके परिवारों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर प्रदान करता है, जिन्होंने राष्ट्र की सुरक्षा और अखंडता के लिए अपने प्राणों की आहुति दी। वीर सैनिकों के शौर्य और बलिदान के कारण ही आज हम स्वतंत्र हैं और सुरक्षित जीवन जी रहे हैं। उन्होंने प्रदेशवासियों से देश की सेनाओं, भूतपूर्व सैनिकों और शहीदों के प्रति सम्मान प्रकट करते हुए सशस्त्र सेना झंडा दिवस निधि में अधिक से अधिक योगदान करने की अपील की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सशस्त्र झंडा सेना दिवस हमें याद दिलाता है कि हम अपने वीर-जवानों के परिवारों और पूर्व सैनिकों के प्रति भी अपनी जिम्मेदारियों को निभाएं। मुख्यमंत्री ने कहा है कि आप सभी झंडा-दिवस में बढ़-चढ़कर भागीदारी निभाएं। झंडा-दिवस पर जो भी धनराशि एकत्रित की जाती है, वह हमारे सैनिकों और उनके परिवारों की कल्याण योजनाओं में काम आती है। आप सबसे मेरा आग्रह है कि आप भी इसमें सहभागी बनें और राष्ट्र-सेवा में अपना योगदान दें। मुख्यमंत्री श्री साय से आज सशस्त्र सेना झंडा दिवस के अवसर पर संचालक, सैनिक कल्याण छत्तीसगढ़, ब्रिगेडियर श्री विवेक शर्मा ने उनके निवास कार्यालय में मुलाकात की और उन्हें लेपल पिन लगाकर सशस्त्र सेना झंडा दिवस की शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने भूतपूर्व सैनिकों और शहीदों के परिवारों के कल्याण के लिए सशस्त्र सेना झंडा दिवस निधि में अपना योगदान दिया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि हमारी सशस्त्र सेनाएं देश की सीमाओं की रक्षा करने के साथ साथ प्राकृतिक आपदाओं, आतंरिक संकटों और मानवता के किसी भी संकट के समय हमारे साथ खड़ी रहती हैं। हमारे सैनिकों की वीरता और समर्पण ने देश को हर परिस्थिति में सुरक्षित बनाए रखा है। ब्रिगेडियर श्री विवेक शर्मा ने बताया कि सशस्त्र सेना झंडा दिवस निधि से 27 कल्याणकारी योजनाओं का संचालन किया जाता है। इस वर्ष इस निधि से एक करोड़ 5 लाख रुपए की राशि विभिन्न योजनाओं के तहत सैनिकों और शहीदों के  परिवारों को वितरित की गई है। recent visitors 73

बीजेपी ने भ्रम फैलाने के लगाए आरोप, छत्तीसगढ़-धान खरीदी केंद्रों में घूम रहे कांग्रेसी

रायपुर. छत्तीसगढ़ में धान खरीदी पर प्रदेश की सियासत गरमाई हुई है। पक्ष और विपक्ष दोनों एक दूसरे पर जमकर आरोप लगा रहे हैं। एक दूसरे को घेरने में लगे हैं। कांग्रेस के प्रदेशव्यापी विरोध के ऐलान के बाद अब बीजेपी ने पलटवार किया है। उसका कहना है कि कांग्रेसी सिर्फ भ्रम फैलाने के लिए धान खरीदी केंद्रों में घूम रहे हैं। कांग्रेस के तीन-तीन पूर्व मंत्री टोकन नहीं मिलने की शिकायत कर रहे हैं। यह कांग्रेस का एक और नया झूठ है। हम यह आंकड़ा पेश कर सकते हैं कि धान खरीदी से कितने कांग्रेसी नेता और पूर्व मंत्री लाभान्वित हुए हैं। किन-किन कांग्रेस नेताओं ने कितना-कितना धान बेचा है और उसका कितना भुगतान उनके खातों में जमा हुआ है? भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष शिवरत शर्मा ने शनिवार को एकात्म परिसर स्थित भाजपा कार्यालय में प्रेस ब्रीफ में आरोप लगाते हुए कहा कि ये बेहद आश्चर्य की बात है कि कांग्रेस सरकार के अनेक पूर्व मंत्री तक यह स्वीकार कर रहे हैं कि पहले कुछ दिक्कत थी अब दिक्कत नहीं है। तब कांग्रेस के पूर्व मंत्रियों की टोकन नहीं मिलने की बात हास्यास्पद और सफेद झूठ साबित हो रही है। इसी प्रकार कांग्रेस सरकार के पूर्व उप मुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव ने भी स्वीकार किया है कि पहले सोसाइटी में धान खरीदने के लिए बारदाने के लिए परेशानियां होती थी, लेकिन अब बारदाने सोसाइटियों में पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। चूंकि अभी त्रि-स्तरीय पंचायत चुनाव सामने हैं, तो अपने वजूद की तलाश के लिए कांग्रेस नेता आंदोलन कर रहे हैं। 'समीक्षा करके कोई सबक नहीं ले रही  कांग्रेस' शर्मा ने ने कहा कि कांग्रेस की हुई समीक्षा बैठक के मद्देनजर कहा है कि कांग्रेस समीक्षा करके कोई सबक नहीं लेती, इसीलिए लगातार उसकी दुर्गति हो रही है। कांग्रेस ने लोकसभा चुनाव में हार के बाद हार की समीक्षा के लिए कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री वीरप्पा मोइली के नेतृत्व में फैक्ट फाइंडिंग कमेटी बनाई थी। लेकिन नतीजा सिफर ही रहा। मोइली कमेटी छत्तीसगढ़ पहुंची तब कार्यकर्ताओं ने बड़े नेताओं की जिद और कार्यकर्ताओं की उपेक्षा की बात की थी। आज उस कमेटी की रिपोर्ट कहां है और उस पर क्या कार्रवाई हुई? अब रायपुर दक्षिण के चुनाव में कांग्रेस की बड़ी हार के लिए भी क्या कांग्रेस कोई कमेटी बनाएगी? कांग्रेस के लोग बंटे हैं, बिखरे हैं और नाराज हैं। और यह बात स्वयं कांग्रेस नेता पूर्व उप मुख्यमंत्री टी.एस. सिंहदेव ने भी कही है कि भाजपा एक कैडर आधारित पार्टी है और जिस प्रकार से वह कार्य करती है, उस तक पहुंचने में हमें 25 साल लगेंगे। इस दौरान प्रदेश मीडिया सह प्रभारी अनुराग अग्रवाल, प्रदेश प्रवक्ता नलिनीश ठोकने, सुनील चौधरी मौजूद रहे। recent visitors 71

रायपुर में बूंदाबांदी, छत्तीसगढ़-उत्तरी भागों में गरज चमक के साथ होगी बारिश

बीजापुर. छत्तीसगढ़ के अनेक जिलों में आज बादल छाए रहेंगे और हल्की मध्यम बारिश होने की संभावना है। वहीं उत्तरी भागों में गरज चमक के साथ बारिश के आसार हैं। इस बीच दो दिनों तक अधिकतम तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी। न्यूनतम तापमान बढ़ोतरी की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार उत्तर भारत समुद्र तल से 12.6 किलोमीटर की ऊंचाई पर 120 नाट गति की जेट स्ट्रीम हवाएं चल रही है। एक पश्चिमी विक्षोभ मध्य विक्षोभ मंडलीय पश्चिमी हवाओं में एक दूरी का के रूप में है जिसकी धुरी समुद्र तल से 5. 8 किलोमीटर ऊपर है। इसके प्रभाव से प्रदेश में आज एक दो जगह पर हल्की मध्यम बारिश की संभावना है। मौसम एक्सपर्ट का कहना है कि दो दिनों तक प्रदेश में बादल छाए रहने और हल्की मध्यम बारिश होने की संभावना है। इसके दो दिनों बाद मौसम शुष्क रहने की संभावना है। इस व्हिच न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी और ठंड में बढ़ोतरी होगी। हालांकि बीते दिनों की तुलना में अंबिकापुर में न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। मौसम विभाग का अलर्ट मौसम एक्सपर्ट ने बताया कि 8 दिसंबर को रायपुर में आकाश सामान्य मेघमय रहने और गरज चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। यहां न्यूनतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है। आज रविवार को प्रदेश के एक-दो जगह पर गृह चमक के साथ वज्रपात होने की भी संभावना है। इसके बाद मौसम शुष्क रहने की संभावना है। प्रदेश में सबसे ठंड इलाका अंबिकापुर रहा। यहां न्यूनतम तापमान 8.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। सर्वाधिक अधिकतम तापमान दुर्ग में 30.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। आगामी दो दिनों के बाद न्यूनतम तापमान में 2 से 4 डिग्री गिरावट होने की संभावना है। इसके बाद ठंड में बढ़ोतरी होने की संभावना है। recent visitors 67

मानदंड पर सवाल उठाने वाली याचिकाएं खारिज, छत्तीसगढ़-हाईकोर्ट में सिविल जज मुख्य परीक्षा 2023 के मूल्यांकन को चुनौती

बिलासपुर. बिलासपुर हाईकोर्ट ने छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) द्वारा आयोजित सिविल जज (प्रवेश स्तर) मुख्य परीक्षा 2023 के मूल्यांकन मानदंड को चुनौती देने वाली याचिकाओं को खारिज कर दिया है। न्यायमूर्ति राकेश मोहन पांडेय की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा है कि उम्मीदवार परीक्षा पैटर्न की पूर्व सूचना के हकदार नहीं हैं और परीक्षा पुस्तिका में दिए गए निर्देशों का पालन करना अनिवार्य है। दरअसल, सिविल जज भर्ती प्रक्रिया 7 जून 2023 को 49 रिक्तियों की घोषणा के साथ शुरू हुई। 3 सितंबर 2023 को प्रारंभिक परीक्षा पास करने के बाद उम्मीदवारों को 25 अगस्त 2024 को मुख्य परीक्षा में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया गया। परिणाम 8 अक्तूबर 2024 को घोषित किए गए, जिसमें 151 उम्मीदवारों को साक्षात्कार के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया। इसमें कई उम्मीदवारों को इस आधार पर अयोग्य ठहराया गया कि उनके उत्तर अनिवार्य अनुक्रमिक प्रारूप का पालन नहीं करते थे। इस पर याचिकाएं दाखिल की गईं, जिनमें आरोप लगाया गया कि CGPSC ने प्रक्रिया के दौरान “नियमों को बदल दिया,” जो भारतीय संविधान के अनुच्छेद 14 और 21 का उल्लंघन है। याचिकाकर्ताओ ने तर्क दिया कि उन्हें परीक्षा प्रक्रिया में बदलाव के कारण मनमाने ढंग से अयोग्य घोषित कर दिया गया। मामला इस बात पर केंद्रित था कि CGPSC ने उम्मीदवारों को प्रश्न-उत्तर पुस्तिका में दिए गए स्थानों में अनुक्रमिक क्रम में उत्तर लिखने की आवश्यकता के बारे में सूचित नहीं किया। recent visitors 133

‘मंत्री बनाना मुख्यमंत्री का विशेषाधिकार’, छत्तीसगढ़-विधायक अजय चंद्राकर के दिल्ली दौरे से सियासी तूफान

रायपुर. पूर्व मंत्री और विधायक अजय चंद्राकर के दिल्ली दौरे से छत्तीसगढ़ के सियासत में उबाल आ गया. विधायक ने कहा कि मंत्री बनना, नहीं बनना कब बनना और कैसे बनना है. यह विशुद्ध रूप से मुख्यमंत्री का विशेषाधिकार है. इस बारे में मुझे ना कुछ बोलना है. ना ही कुछ कहना है. खाली विभाग जो है. वे विभाग मुख्यमंत्री के पास हैं. विधायक चंद्राकर ने दिल्ली में बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, नितिन गडकरी सहित कई बड़े नेताओं से मुलाकात भी की है. चर्चा है की मंत्री के दो खाली पड़े पद में एक नाम अजय चंद्राकर का भी हो सकता है. धान खरीदी को लेकर विधायक का बयान: कांग्रेस के धान खरीदी केंद्रों को लेकर प्रेस वार्ता को लेकर विधायक अजय चंद्राकर ने कहा-  कोई गंभीर बात वो नहीं बता सके हैं. सुचारू रूप से काम चल रहा है. वहीं धान खरीदी कम होने को लेकर कहा, धान की कटाई पूरी तरह हुई नहीं है. समय बढ़ाने के आवश्यकता नहीं पड़ेगी. निर्धारित समय में पूरी खरीदी हो जाएगी. क्षेत्र की समस्याओं को लेकर गए थे दिल्ली दिल्ली दौरे को लेकर विधायक अजय चंद्राकर ने कहा कि हम निर्वाचित जनप्रतिनिधि हैं, अपने क्षेत्र की समस्याओं को लेकर गए थे. कार्यकर्ताओं की समस्याओं को लेकर जा सकते हैं, जो केंद्र सरकार से संबंधित है. मैंने अपने सांसद से लेकर छत्तीसगढ़ के मंत्री तोखन साहू के साथ में क्षेत्र की जो समस्याएं थी, केंद्र सरकार के समक्ष उसके बारे में ही चर्चा हुई. नगरीय निकायों में विकास को लेकर कांग्रेस पर पलटवार बीजेपी की सरकार बनने के बाद निकायों में विकास नहीं होने के बयान पर विधायक अजय चंद्राकर ने कहा कि विकास जिसका होना है, उसका तो पूरा विकास हो गया. रायपुर में कितने तालाबो का सौंदर्यीकरण हुआ है देखिए. ये कांग्रेस का विकास है रायपुर में. कांग्रेस के आंदोलन पर दिया बयान अपराध और धान को लेकर कांग्रेस लगातार हमलावर है. इस सवाल पर विधायक चंद्राकर ने कहा कि कांग्रेस हमलावर रहेगी. एक प्रेस वार्ता लेकर एक बार क्रोध में उन्होंने आंदोलन किया. टोल नाका के लिए टोल नाका में 15 से 20 कांग्रेसी थे, कुछ पुलिस वाले थे. पहले जन समर्थन लेना चाहिए, उसके बाद करें. केवल समाचार पत्रों में, मीडिया भर में वे आंदोलित हैं. जमीन में कहीं कांग्रेस की उपस्थिति नहीं है. कांग्रेस के सबसे अनुभवी नेता चरण दास महंत : विधायक अजय चंद्राकर ने आगे कहा कि कांग्रेस के सबसे अनुभवी नेता हैं, चरण दास महंत. उनके अनुभव का ही कांग्रेस उपयोग करती, तो यह गति नहीं होती. जिस गति में आज कांग्रेस है. 0- ढाई एकड़ से कम रकबे वाले किसान: 20 प्रतिशत कृषक 0- ढाई से पांच एकड़ तक रकबे वाले किसान: 25 प्रतिशत कृषक 0- पांच एकड़ से 10 एकड़ तक रकबे वाले किसान: 25 प्रतिशत कृषक 0- 10 एकड़ से अधिक रकबे वाले किसान: 20 प्रतिशत कृषक recent visitors 66