बीजेपी बोली-कांग्रेस अब गुंडागर्दी पर उतारू, छत्तीसगढ़-विधानसभा में पत्रकार से धक्कामुक्की और दुर्व्यहार

रायपुर। बीते दिनों हाथ में अंबेडकर की छायाचित्र लेकर संसद के लोकसभा में बवाल काटने वाले कांग्रेसियों ने आज शुक्रवार को छत्तीसगढ़ विधानसभा में एक पत्रकार के साथ जमकर धक्कामुक्की की। इतना ही नहीं उसके साथ अभद्र दुर्व्यहार भी किया गया। हद तो तब हो गई जब कांग्रेस नेताओं ने निचले स्तर की घटिया मानसिकता पर उतर कर दलाली करने तक की बात कह डाली। कांग्रेस नेताओं ने उस पत्रकार को धमकाते हुए कहा कि तुम अपनी औकात में रहो। बताया जाता है कि एक पत्रकार ने पूर्व सीएम भूपेश बघेल से उनके कार्यकाल में हुए कथित भ्रष्टचार को लेकर सवाल कर रहा था। पहले तो कांग्रेस नेता सवाल का जवाब देने से बचते रहे, लेकिन पत्रकार के बार-बार सवाल किये जाने पर तिलमिला गये। पत्रकार की तरफ पलटवार पहुंचे पूर्व सीएम भूपेश ने खुद कहा दिया कि ये क्या बद्तमिजी है। फिर क्या था अन्य कांग्रेस नेताओं को बल मिल गया। राशन-पानी सब लेकर उस पत्रकार पर चढ़ाई कर दिये। सब मिलकर उस पत्रकार पर आग बबूला हो गये और जमकर अपनी भड़ास निकाली। उसके साथ अभद्र व्यवहार किया गया। इतना ही नहीं उसका कैमरा भी छीन लिया गया। वह कैमरा वापस करने के लिये गुहार लगाते रहा। सियासी गलियारे में खूब चर्चा है कि पांच साल बाद सत्ता हाथ से चले जाने के बाद कांग्रेस नेता ऐसे ही गुस्से में हैं। दूसरी ओर उनसे इस तरह के सवाल करने पर आग में घी डालने जैसा है। वे बुरी तरह से भड़क जा रहे हैं। बड़ा सवाल ये है कि लोकतंत्र में सवाल-जवाब करने का सबको हक है पर हर किसी व्यक्ति को गरिमा का ख्याल रखकर बात करनी चाहिये। इस मामले में छत्तीसगढ़ बीजेपी के मीडिया इंजार्च अमित चिमनानी के ट्वीट कर कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा है। उन्होंने लिखा कि 'कल लोकसभा में राहुल गांधी द्वारा भाजपा सांसदों को धक्का ?और आज छ: ग़ विधानसभा में कांग्रेस विधायक मिलकर एक पत्रकार को धक्का मुक्की कर उसकी औकात बताने में तुले है? संविधान हाथ में लेकर घूमने वाले कांग्रेसी बताएंगे ,क्या ये संवैधानिक है? अब कांग्रेस क्या गुंडागर्दी ही करेगी?' """कल लोकसभा में राहुल गांधी द्वारा भाजपा सांसदों को धक्का ?और आज छ: ग़ विधानसभा में कांग्रेस विधायक मिलकर एक पत्रकार को धक्का मुक्की कर उसकी औकात बताने में तुले है?संविधान हाथ में लेकर घूमने वाले कांग्रेसी बताएंगे ,क्या ये संवैधानिक है?अब कांग्रेस क्या गुंडागर्दी ही करेगी?"" — CA AMIT CHIMNANI (@caamitchimnani) December 20, 2024 recent visitors 53

स्वास्थ्य मंत्री ने बताया- ऑडिट के साथ जांच कमेटी गठित, छत्तीसगढ़-विधानसभा में उठा अस्पतालों की फायर सेफ्टी का उठा मुद्दा

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के शीतकालीन सत्र के तीसरे दिन सदस्यों ने अस्पतालों में फायर सेफ्टी का मुद्दा उठाया. स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने बताया कि वर्तमान में फ़ायरसेफ्टी सिस्टम का ऑडिट चल रही है. सरकार ने हर जिले में जांच के लिए कमेटी का भी गठन किया है. छत्तीसगढ़ विधानसभा में तीसरे दिन की कार्यवाही शुरू होते ही छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष के तौर पर डॉ. रमन सिंह के कार्यकाल का आज एक साल पूरा होने पर सदस्यों ने उन्हें बधाई दी है. इसके बाद भाजपा विधायक धर्मजीत सिंह ने सवाल किया कि प्रदेश में कितने सरकारी और प्राइवेट अस्पताल है. इन अस्पतालों में फायर सेफ्टी सिस्टम के क्या प्रावधान है. फायर सेफ्टी सिस्टम का आडिट कब कब हुआ. जिन अस्पतालों में फायर सिस्टम अपडेट नहीं है, या सिस्टम नहीं है, उन पर क्या कार्रवाई हुई? जवाब में स्वास्थ्य मंत्री श्याम विहारी जैसवाल ने सदन को बताया कि प्रदेश में 1129 प्राइवेट अस्पताल हैं. सरकारी अस्पतालों के पंजीकरण का कोई प्रावधान नहीं है. छत्तीसगढ़ सरकार की 29 नवंबर 2022 की अधिसूचना के अनुसार, 30 से अधिक बिस्तर वाले और क्रिटिकल केयर यूनिट वाले अस्पतालों को फायर सेफ्टी प्रमाण पत्र लेना अनिवार्य है. जिन अस्पतालों में फायर सेफ्टी सिस्टम नहीं है, उनके लायसेंस सस्पेंड और निरस्तीकरण के साथ जुर्माने का भी प्रावधान है. राजेश मूणत ने अधूरे पड़े हमर क्लिनिक का मामला उठाया. इस पर स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल ने बताया कि स्वास्थ्य विस्तार के लिए ‘हमर अस्पताल, हमर क्लिनिक’ योजना चलाई गई. 15वें वित्त आयोग ने 38 करोड़ से ज्यादा विभाग को भेजा है. वित्त विभाग ने विलंब किया, जिसके बाद राशि नहीं भेजी गई. इस पर जुर्माना भी लगाया है. जुर्माना नहीं पटाने तक अगली राशि नहीं मिलेगी. मंत्री ने स्पष्ट किया कि इस बार बजट में यह राशि रखी गयी है, दूसरी-तीसरी किस्त इसके बाद आ जाएगी. वहीं मूणत की हमर क्लिनिक में राज्य सरकार की क्या भूमिका है, कितने ड्रा होने चाहिए वाले सवाल पर मंत्री ने बताया कि हमर क्लिनिक में पांच मानव संसाधन होते हैं, जहां पूरा सेटअप होता है, वहां संचालित हो रहा है. recent visitors 55

डीओपीटी ने दे दी अनापत्ति, छत्तीसगढ़-आईएएस सुबोध सिंह की नए साल में होगी वापसी

रायपुर। वरिष्ठ आईएएस और 1997 बैच के अधिकारी सुबोध सिंह की प्रदेश वापसी होगी. वे अगले महीने छत्तीसगढ़ लौटेंगे. केंद्रीय लोक कार्मिक विभाग यानी डीओपीटी ने उनकी वापसी के लिए अनापत्ति दे दी है. आईएएस सुबोध सिंह को वापस भेजने राज्य सरकार ने आग्रह पत्र भेजा था. पांच साल पहले सिंह केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर गए थे, जहां वे’ राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी में पदस्थ रहे. वर्तमान में केंद्रीय इस्पात मंत्रालय में पदस्थ हैं. उनके लौटने से राज्य प्रशासन को प्रमुख सचिव स्तर का एक और अधिकारी मिल जाएगा. बता दें कि केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से रिचा शर्मा, सोनमणि बोरा, रोहित यादव, अमित कटारिया आदि लौट आए हैं. इनमें से कटारिया को जिम्मेदारी देने पर मंथन चल रहा है. recent visitors 45

अंत्यावसायी विकास समिति के बकायेदारी की एनओसी जरूरी, छत्तीसगढ़-निकाय और पंचायत चुनाव की तैयारियां

बिलासपुर। कहीं आप अंत्यावसायी विकास समिति के बकायेदार तो नहीं!, अगर हैं तो जल्द से बकाया चुकता कर लिजिए, नहीं तो आप स्थानीय निकायों का चुनाव लड़ने से वंचित हो सकते हैं. क्योंकि समिति से एनओसी लेने के बाद ही नामांकन फार्म भरा जाएगा. अन्यथा नाम निर्देशन पत्र रद्द हो जाएगा. नगरीय निकाय और त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर चल रही तैयारियों के बीच कलेक्टर ने अंत्यावसायी विकास समिति के बकायादारों की सूची निगम आयुक्त, नगरीय निकायों के सीएमओ और जनपद पंचायतों के सीईओ को भेज दी है. नामांकन के दौरान इनके फार्मों पर निगाह रखने के निर्देश दिए हैं. बता दें कि अन्य योग्यताओं के साथ चुनाव लड़ने के इच्छुक उम्मीदवारों के उपर सरकारी टैक्स अथवा लोन का बकाया नहीं होने चाहिए. अंत्यावसायी सहकारी विकास समिति के कार्यपालन अधिकारी अनुराग भदौरिया ने बताया कि जिले में 1850 बकायादार हितग्राही हैं, जो लगभग 20-25 साल से लोन नहीं पटा रहे हैं. इनसे लगभग 10 करोड़ की राशि वसूल करना है. उन्होंने बताया कि इनमें अकेले बिलासपुर नगर निगम क्षेत्र के 1108 हितग्राही हैं. इसके अलावा मल्हार नगर पंचायत से दो, तखतपुर नपा से 5, बिल्हा से 3, कोटा से 28 तथा रतनपुर से 15 लोगों का नाम बकायादारों की सूची में शामिल है. ग्रामीण क्षेत्र में जनपद पंचायत बिल्हा के अंतर्गत विभिन्न ग्रामों से 115, तखतपुर जन पंचायत से 64, जनपद पंचायत कोटा से 52 तथा जनपद पंचायत मस्तुरी से 458 बकायादारों के नाम शामिल हैं. उल्लेखनीय है कि अंत्यावसायी विकास सहकारी समिति द्वारा अनुसूचित जाति, जनजाति, पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक एवं सफाई कामगारों को अत्यंत किफायती ब्याज दर पर स्वरोजगार के लिए आसान ऋण दिया जाता है. बावजूद इसके ऋण पटाने में आना-कानी की जाती रही है. recent visitors 71

बस्तर संभाग में बारिश के आसार, छत्तीसगढ़-मौसम बदलने से ठंड से मिली थोड़ी राहत

रायपुर। छत्तीसगढ़ में इन दिनों कड़ाके की ठंड पड़ रही है। सरगुजा संभाग में शीतलहर जारी है। पत्तों पर बर्फ जमने लगी है। इस बीच अब मौसम में बदल गया है। हवा के साथ आ रही समुद्री नमी से प्रदेश में ठंड थोड़ी कम हो गई है। राजधानी रायपुर समेत प्रदेश के कई जिलों में सुबह से बादल छाए हुए थे। इसके बाद धूप निकली है। सबसे ठंडा इलाका अंबिकापुर रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, आज बुधवार को प्रदेश के मध्य और दक्षिण छत्तीसगढ़ में नमी बढ़ गई। इसके वजह से रात के तापमान में बढ़ोतरी होगी। प्रदेश के बस्तर संभाग और उससे लगे जिलों में आज से 22 दिसंबर तक हल्की बारिश की संभावना जताई गई है। बंगाल की खाड़ी में एक कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। इसके वजह से मौसम में बदलाव हो रहा है। मौसम एक्सपर्ट ने बताया कि बंगाल की खाड़ी में एक कम दबाव का सिस्टम बना हुआ है, जिसके कारण प्रदेश में नमी का आगमन हो रहा है। इसके चलते प्रदेश के बस्तर और मध्य जिलों में तापमान में वृद्धी हुई है। वहीं प्रदेश के उत्तरी भाग यानी सरगुजा संभाग में अब भी शीतलहर जारी है। recent visitors 76

‘सत्य, अहिंसा और सामाजिक सद्भावना सिखाई’, छत्तीसगढ़-राज्यपाल रमेन डेका और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने गुरू घासीदास जयन्ती पर दी बधाई

रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सतनाम पंथ के प्रवर्तक बाबा गुरू घासीदास जी की 18 दिसंबर को जयंती पर प्रदेशवासियों को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। सीएम साय ने कहा है कि बाबा गुरू घासीदास जी ने अपने उपदेशों के माध्यम से दुनिया को सत्य, अहिंसा और सामाजिक सद्भावना का मार्ग दिखाया। उन्होंने सम्पूर्ण मानव जाति को ’मनखे-मनखे एक समान’ का प्रेरक संदेश देकर समानता और मानवता का पाठ पढ़ाया। बाबा जी ने छत्तीसगढ़ में सामाजिक और आध्यात्मिक जागरण की आधारशिला रखी। उन्होंने लोगों को मानवीय गुणों के विकास का रास्ता दिखाया और नैतिक मूल्यों की पुनर्स्थापना की। सीएम साय ने कहा कि गुरू घासीदास जी का जीवन दर्शन और विचार मूल्य आज भी प्रासंगिक और समस्त मानव जाति के लिए अनुकरणीय हैं। राज्यपाल रमेन डेका ने संत बाबा गुरू घासीदास की जयंती पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी है। राज्यपाल डेका ने कहा कि महान संत बाबा गुरू घासीदास ने सामाजिक, आर्थिक, शोषण और जातिवाद, सामंतियों के अन्याय और अत्याचार के विरूद्ध आवाज उठायी। उन्होंने मानव-मानव एक समान है का संदेश देकर सद्मार्ग में चलने का रास्ता दिखाया। राज्यपाल डेका ने कहा कि समाज को एकता के सूत्र में पिरोने वाले बाबा गुरू घासीदास शांति, समरसता और सद्भावना के प्रतीक हैं। समाज में व्यास भेदभाव एवं असमानता को दूर कर समता मूलक समाज स्थापित करने के लिए नई दिशा प्रदान करने में उनका अतुलनीय योगदान है। उनके उपदेश आज भी प्रासंगिक हैं। संत गुरु घासीदास की जयंती पर प्रदेश के एक छोर से लेकर दूसरे छोर तक जोरदार आयोजन की तैयारी चल रही है. देश-प्रदेश से हजारों की संख्या में लोग गुरु घासीदास की जन्मस्थली गिरौधपुरी धाम पहुंच रहे हैं. इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रदेशवासियों को बाबा घासीदास की जयंती पर बधाई और शुभकामनाएं दी हैं. बता दें कि छत्तीसगढ़ के गिरोदपुरी में 18 दिसंबर 1756 को घासीदास का जन्म सतनामी जाति में हुआ था. गुरु घासीदास महंगू दास और अमरौतिन माता के पुत्र घासीदास ने सतनाम का प्रचार किया. गुरु घासीदास के बाद उनके पुत्र गुरु बालकदास ने शिक्षाओं और परंपरा को आगे बढ़ाया. बाबा गुरु घासीदास के जीवनकाल में भारत में राजनीतिक माहौल शोषण का था. घासीदास ने कम उम्र में जाति व्यवस्था की बुराइयों का अनुभव किया, जिससे उन्हें जाति-ग्रस्त समाज में सामाजिक गतिशीलता को समझने और सामाजिक असमानता को खारिज करने में मदद मिली. गुरु घासीदास ने छत्तीसगढ़ में सतनामी समुदाय की स्थापना “सतनाम” अर्थात सत्य और समानता पर आधारित की थी. गुरु घासीदास ने सत्य का प्रतीक जय स्तंभ बनाया, जिसमें लकड़ी का एक सफेद रंग का लट्ठा, जिसके ऊपर सफेद झंडा लगा होता है. यह संरचना एक श्वेत व्यक्ति को दर्शाती है, जो सत्य का पालन करता है. सफेद झंडा शांति का संकेत देता है. ‘मनखे-मनखे एक समान’ का दिया संदेश सीएम साय ने ट्वीट कर लिखा कि सतनाम पंथ के प्रवर्तक गुरु घासीदास की जयंती पर समस्त प्रदेशवासियों को बधाई एवं शुभकामनाएं. बाबा गुरु घासीदास ने सम्पूर्ण मानव जाति को ’मनखे-मनखे एक समान’ का प्रेरक संदेश देकर समानता और मानवता का पाठ पढ़ाया. उन्होंने छत्तीसगढ़ में सामाजिक और आध्यात्मिक जागरण की आधारशिला रखी. उनका जीवन दर्शन और विचार मूल्य आज भी प्रासंगिक और समस्त मानव जाति के लिए अनुकरणीय है. """सतनाम पंथ के प्रवर्तक बाबा गुरू घासीदास जी की जयंती पर समस्त प्रदेशवासियों को बधाई एवं शुभकामनाएं।    बाबा गुरू घासीदास जी ने सम्पूर्ण मानव जाति को ’मनखे-मनखे एक समान’ का प्रेरक संदेश देकर समानता और मानवता का पाठ पढ़ाया। उन्होंने छत्तीसगढ़ में सामाजिक और आध्यात्मिक जागरण की… pic.twitter.com/UJgQUWS7uE     — Vishnu Deo Sai (@vishnudsai) December 18, 2024""" recent visitors 110

‘बाबा गुरू घासीदास जी ने दिखाया मानवीय गुणों के विकास का रास्ता’, छत्तीसगढ़-मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किया नमन

रायपुर. मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सतनाम पंथ के प्रवर्तक बाबा गुरू घासीदास जी की 18 दिसम्बर को जयंती पर प्रदेशवासियों को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। श्री साय ने कहा है कि बाबा गुरू घासीदास जी ने अपने उपदेशों के माध्यम से दुनिया को सत्य, अहिंसा और सामाजिक सद्भावना का मार्ग दिखाया। उन्होंने सम्पूर्ण मानव जाति को ’मनखे-मनखे एक समान’ का प्रेरक संदेश देकर समानता और मानवता का पाठ पढ़ाया। बाबा जी ने छत्तीसगढ़ में सामाजिक और आध्यात्मिक जागरण की आधारशिला रखी। उन्होंने लोगों को मानवीय गुणों के विकास का रास्ता दिखाया और नैतिक मूल्यों की पुनर्स्थापना की। श्री साय ने कहा कि गुरू घासीदास जी का जीवन दर्शन और विचार मूल्य आज भी प्रासंगिक और समस्त मानव जाति के लिए अनुकरणीय हैं। recent visitors 99