महिला सशक्तिकरण नीति के अंतर्गत प्रतिभा सिंटेक्स में 70% से अधिक महिला कर्मचारी

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश उद्योग तथा निवेश के क्षेत्र में नई पहचान स्थापित कर रहा है। इस दिशा में लगातार भ्रमण तथा उद्योगपतियों से संवाद के प्रतिफल में एक समृद्ध औद्योगिक परिवेश प्रदेश में नजर आ रहा है। निनोरा में स्थापित नवीन औद्योगिक इकाई उक्त प्रयासों की ही एक कड़ी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रविवार को उज्जैन के समीप ग्राम निनोरा में 355 करोड़ रुपए निवेश वाली प्रतिभा सिंटेक्स औद्योगिक इकाई का शुभारंभ किया। इस औद्योगिक इकाई में वृहद स्तर पर गारमेंट निर्माण किया जाएगा, जिससे हजारों लोगों को रोजगार मिलेगा। विशेष रूप से राज्य शासन की महिला सशक्तिकरण नीति के तहत इस औद्योगिक इकाई में 70% से अधिक कर्मचारी महिलाएं हैं। कार्यक्रम में लोक निर्माण मंत्री श्री राकेश सिंह, जिले के प्रभारी मंत्री श्री गौतम टेटवाल, सांसद श्री अनिल फिरोजिया, राज्यसभा सांसद बाल योगी श्री उमेशनाथ जी महाराज, विधायक श्री अनिल जैन कालूहेड़ा, नगर निगम सभापति श्रीमती कलावती यादव, श्री बहादुर सिंह बोरमुंडला, प्रबंध निदेशक औद्योगिक विकास निगम श्री चंद्रमौली शुक्ला, प्रतिभा स्वराज प्राइवेट लिमिटेड के चेयरमैन श्री शिवकुमार चौधरी, प्रबंध निदेशक श्री श्रेष्ठ चौधरी आदि उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि निनोरा में प्रतिभा स्वराज द्वारा स्थापित नवीन औद्योगिक इकाई से जहां हजारों लोगों को रोजगार मिलेगा, वहीं आसपास की खेती समृद्ध होगी। किसानो की आय में भी वृद्धि होगी। निनोरा में स्थापित औद्योगिक इकाई के प्रथम चरण में लगभग 100 करोड़ रुपए का निवेश किया गया है, जिसमें आगे चलकर 355 करोड़ रुपए का निवेश होगा। डॉ. यादव ने उद्योग समूह द्वारा लगभग डेढ़ लाख एकड़ में की जाने वाली जैविक खेती की भी सराहना की। मुख्यमंत्री ने प्रदेश की नवीन सकारात्मक औद्योगिक नीति का जिक्र करते हुए कहा कि प्रत्येक संभाग में शासन द्वारा इंडस्ट्री कॉन्क्लेव आयोजित की जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खेती तथा पशुपालन में उत्पादन और आय को दोगुना करने का सशक्त प्रयास किया जा रहा है। अभी प्रदेश में देश के कुल दुग्ध उत्पादन का 9% हिस्सा है, जिसे बढ़ाकर 20% तक ले जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में शासन द्वारा लागू की गई कल्याणकारी योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि अग्नि वीर एक महत्वपूर्ण योजना है, जिसके माध्यम से दूरदृष्टि के साथ प्रधानमंत्री द्वारा देश की सैन्य क्षमता में वृद्धि की गई है। प्रधानमंत्री द्वारा संतुलन की दृष्टि से अग्नि वीर योजना लागू की गई है। मुख्यमंत्री ने इस वर्ष दशहरे पर रावण दहन के साथ शस्त्र-पूजन पर कहा कि लोकमाता देवी अहिल्या बाई होल्कर से प्रेरणा लेते हुए इस वर्ष उत्साह एवं उमंग के साथ प्रदेश में शस्त्र पूजन कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने उज्जयिनी का महत्व जताते हुए कहा कि प्रत्येक काल में उज्जयिनी अवंतिका नगरी का अस्तित्व रहता आया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने फीता काटकर औद्योगिक इकाई का शुभारंभ कर मशीनों का पूजन भी किया। साथ ही यहाँ कार्यरत महिला कर्मचारियों से चर्चा कर उनके जॉब, सैलरी, कार्यस्थल पर वातावरण तथा अन्य बिंदुओं पर जानकारी प्राप्त की। इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने औद्योगिक इकाई में वस्त्र निर्माण की प्रक्रिया का अवलोकन किया, जिसमें मुख्यमंत्री के चित्र को भी मुद्रित किया गया है। प्रारम्भ में प्रतिभा स्वराज प्रा.लि. के प्रबंध निदेशक श्री श्रेष्ठ चौधरी ने स्वागत उद्बोधन दिया।   recent visitors 186

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमने वर्ष-2025 को उद्योग वर्ष के रूप में मनाने का निर्णय लिया

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश तेजी से देश का एक प्रमुख औद्योगिक और निवेश स्थल बनने जा रहा है। हमारी निवेशक-अनुकूल नीतियों, विशाल औद्योगिक बुनियादी ढांचे और विभिन्न राज्यों से सम्पर्क की स्थिति से देश-विदेश के निवेशक मध्यप्रदेश में निवेश के लिये तैयार हुए हैं। राज्य सरकार की सक्रिय पहल, औद्योगिक विकास को गति देने वाली योजनाएँ और निवेशकों को आकर्षित करने सिंगल-विंडो सिस्टम जैसी सुविधाओं से प्रदेश को एक महत्वपूर्ण आर्थिक केंद्र के रूप में स्थापित करने की पहल हुई है। इस दिशा में राज्य सरकार द्वारा विशेष प्रयास कर देश के महानगरों में रोड-शो और प्रदेश में रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव की जा रही हैं। इनमें उद्योगपतियों से हो रहे निरन्तर सम्पर्क से प्रदेश में निवेश का माहौल बन चुका है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमने वर्ष-2025 को उद्योग वर्ष के रूप में मनाने का निर्णय लिया है। इसमें प्रमुख रूप से माह फरवरी 2025 में दो दिवसीय ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट भोपाल में होने जा रही है। इंडस्ट्रियल इकोसिस्टम, निवेशकों के लिए अनंत संभावनाएं मध्यप्रदेश का औद्योगिक विकास सरकार की दूरदर्शी योजनाओं और नवीन बुनियादी ढांचे के विस्तार का परिणाम है। राज्य का 1.25 लाख एकड़ में फैला विशाल औद्योगिक भूमि बैंक, 112 विकसित औद्योगिक क्षेत्र और 14 नए ग्रीनफील्ड औद्योगिक क्षेत्रों के प्रस्ताव ने निवेशकों को आकर्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। यहाँ टेक्सटाइल, फार्मा, खाद्य प्र-संस्करण, ऑटोमोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे बहु-क्षेत्रीय औद्योगिक क्लस्टर्स ने राज्य को निवेश के लिए एक समृद्ध स्थान बना दिया है। साथ ही राज्य के 7 स्मार्ट शहरों की परियोजना ने इसे डिजिटल और औद्योगिक प्रगति के मामले में और भी आकर्षक बना दिया है। प्रदेश में औद्योगीकरण के लिए आवश्यक इकोसिस्टम उपलब्ध है। उद्योगों के लिए राज्य में पर्याप्त लैंड बैंक की उपलब्धता है और औद्योगिक प्रयोजन के लिए प्रदेश में 1.25 लाख एकड़ से भी अधिक का लैंड बैंक उपलब्ध है। राज्य शासन द्वारा सेक्टर-फोकस्ड औद्योगिक क्षेत्र भी बनाये गए हैं। भोपाल एवं इंदौर में महिला उद्यमियों के लिए डेडिकेटेड पार्क स्थापित किये गए हैं। राज्य में तकनीकी, प्रबंधन एवं चिकित्सा क्षेत्र एवं स्किल डेवलपमेंट के लिये कई उत्कृष्ट कॉलेज हैं, जिसके कारण सभी क्षेत्रों के उद्योगों के लिए पर्याप्त संख्या में स्किल्ड वर्क फोर्स की उपलब्धता है। पिछले दो दशकों में राज्य में उद्योगों के माध्यम से 41 लाख नवीन रोज़गार के अवसर उत्पन्न हुए हैं एवं राज्य का अनएम्प्लॉयमेंट रेट काफी कम है। राज्य शासन द्वारा बुनियादी ढाँचे का निर्माण जैसे औद्योगिक क्षेत्र, सड़क, जल आपूर्ति, सिंचाई और 24X7 बिजली आपूर्ति इत्यादि जरूरतों पर खासा ध्यान दिया गया है। राज्य शासन द्वारा पिछले दशक के दौरान इन्फ्रास्ट्रक्चर को विश्वस्तरीय बनाने के लिये करीब 1.10 लाख करोड़ रूपये खर्च किये गये है। इसके फलस्वरूप पिछले दशक के दौरान मध्यप्रदेश में आर्थिक एवं सामाजिक विकास के रूप में सकारात्मक परिवर्तन देखा गया है। कनेक्टिविटी एवं इन्फ्रास्ट्रक्चर औद्योगिक विकास के लिये महत्वपूर्ण पैमाना है। इसको ध्यान में रखते हुये राज्य शासन अटल प्रगति पथ (चंबल प्रोग्रेस-वे) पर नवीन औद्योगिक क्षेत्र विकसित कर रहा है, जिसके लिये भूमि का चिन्हांकन किया जा चुका है। साथ ही नर्मदा एक्सप्रेस-वे क्षेत्र में भी औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने के लिये भूमि का चिन्हांकन एवं लैण्ड ट्रांसफर प्रक्रियाधीन है। राज्य में विभिन सेक्टरों की 350 से अधिक वृहद् इकाइयां एवं 26 लाख से अधिक MSME इकाइयां स्थापित हैं एवं पिछले दशक में इसमें काफी तेज़ी आई है। राज्य में 314 से अधिक इंडस्ट्रियल एरियाज हैं। इसके अतिरिक्त राज्य शासन द्वारा क्षेत्र विशिष्ट औद्योगिक क्षेत्र भी बनाये गए हैं। राज्य में 10 फूड पार्क, 5 आईटी स्पेशल इकोनॉमिक जोन, 2 स्पाइस पार्क, 2 प्लास्टिक पार्क, एक मेडिकल डिवाइस पार्क है, एक पावर इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरिंग जोन है। राज्य शासन द्वारा EV पार्क, फार्मा पार्क, टेक्सटाइल पार्क, गारमेंट यूनिट्स के लिए प्लग एंड प्ले जोन, सेमीकंडक्टर पार्क एवं नवीन आईटी पार्क स्थापित किये जा रहे हैं। राज्य में मेगा इकाइयों को कस्टमाइस्ड इंसेंटिव पैकेज की सुविधा भी दी जाती है।   recent visitors 100

मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने दशहरा मिलन उत्सव में 658 करोड़ की 16 सड़क परियोजनाओं का भूमि-पूजन किया

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राज्य सरकार प्रदेश को रोजगारपरक प्रदेश बनाने के साथ ही विकास के हर आयाम को तय कर रही है। प्रदेश की भौतिक सम्पदाओं का सदुपयोग कर आर्थिक रूप से सम्पन्न मध्यप्रदेश बनायेंगे। उन्होंने कहा कि उज्जैन में 350 करोड़ रुपये की लागत से प्रतिभा स्वराज इकाई का आज शुभारम्भ किया गया है, जिससे 5 हजार से अधिक लोगों को रोजगार मिलेगा। उज्जैन के बेस्ट इंटरप्राइजेस और प्रतिभा स्वराज की इकाइयों से लगभग 10 हजार लोगों को रोजगार उपलब्ध होंगे। इसी प्रकार उज्जैन में अन्य औद्योगिक इकाई के माध्यम से 50 हजार बेरोजगार लोगों को प्रत्यक्ष रूप से रोजगार प्राप्त होगा। मुख्यमंत्री डॉ.यादव आज उज्जैन के कार्तिक मेला ग्राउण्ड में दशहरा मिलन उत्सव एवं 658 करोड़ की 16 सड़क परियोजनाओं के भूमि-पूजन कार्यक्रम को सम्बोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में लोक निर्माण मंत्री श्री राकेश सिंह, उज्जैन के प्रभारी मंत्री श्री गौतम टेटवाल, सांसद श्री अनिल फिरोजिया, राज्यसभा सांसद बाल योगी, श्री उमेशनाथ जी महाराज, पूर्व केन्द्रीय मंत्री डॉ. सत्यनारायण जटिया, विधायक श्री अनिल जैन कालूहेड़ा, श्री सतीश मालवीय, श्री तेजबहादुर सिंह चौहान, श्री जितेन्द्र पंड्या, महापौर श्री मुकेश टटवाल, नगर निगम सभापति श्रीमती कलावती यादव, श्री बहादुर सिंह बोरमुंडला, श्री विवेक जोशी सहित जन-प्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में जन-समुदाय उपस्थित रहा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सनातन धर्म की सभी सन्यासी परम्पराओं के सभी वैष्णव और शैव संत 12 साल में सिंहस्थ में आते हैं और भविष्य में सनातन धर्म की दिशा, आचरण, स्वरूप तय करते है। मानवता की स्थापना के लिये सर्वोच्च सिंहस्थ मेला आयोजित किया जायेगा। सिंहस्थ के माध्यम से भारत दुनिया का नेतृत्व करेगा। इसकी समुचित तैयारियां की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का संकल्प है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में विकास के मामले में मध्यप्रदेश को देश का नम्बर वन राज्य बनायेंगे। इसके लिये अधोसंरचना विकास के कार्य तेजी से किए जा रहे हैं। प्रदेश को माइनिंग सेक्टर में भी दुनिया में नम्बर वन बनायेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश हर सेक्टर में तेजी से तरक्की कर रहा है। प्रदेश में निवेशकों को लाने एवं निवेश बढ़ाने के लिये 16 अक्टूबर को हैदराबाद जाकर निवेशकों को आमंत्रित करेंगे। उज्जैन संभाग से प्रारम्भ हुई रीजनल इण्डस्ट्री कॉन्क्लेव की श्रंखला में अब 23 अक्टूबर को रीवा में कॉन्क्लेव होने वाली है। इसके बाद शहडोल, नर्मदापुरम संभाग में भी रीजनल इण्डस्ट्रीज कॉन्क्लेव आयोजित की जाएगी। आगामी वर्ष के फरवरी माह में प्रदेश में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का आयोजन होगा, जिसमें विश्वभर से निवेशक आमंत्रित किये जायेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में भारत शक्ति-सम्पन्न एवं सामर्थ्यशाली देश बनने के साथ ही विकास के समुच्चय में सर्वोच्च स्थान भी हासिल कर रहा है। हमारी सनातन परम्परा में देवी-देवताओं और ऋषि-मुनियों ने शास्त्र एवं शस्त्र के साथ दुनिया का मार्ग प्रशस्त किया है। हमारा देश शान्तिपूर्ण देश है, पर जरूरत पड़ने पर शास्त्र के साथ ही शस्त्र उठाना भी बखूबी जानता है। थल सेना, वायु सेना एवं नौसेना को शक्ति सम्पन्न बनाते हुए सम्पूर्ण विश्व के मोर्चे पर आज प्रधानमंत्री श्री मोदी प्रभावशाली भूमिका अदा कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिंहस्थ-2028 के माध्यम से उज्जैन विश्व पटल पर धार्मिक पर्यटन के प्रमुख केन्द्र के रूप में पहचाना जायेगा। आगामी सिंहस्थ को दृष्टिगत रखते हुए उज्जैन के श्री महाकालेश्वर मन्दिर की पहुंच को और अधिक सुगम बनाने के लिये सदावल में हेलीपेड का निर्माण भी किया जायेगा। इसी प्रकार सोमवारिया से लेकर सिंहस्थ बायपास तक नया फोरलेन बनाया जायेगा, जिसकी टेण्डर प्रक्रिया प्रारम्भ है। केडी गेट से लेकर बीमा हॉस्पिटल के आगे तक फोरलेन निर्माण की भी मंजूरी दी गई है। उज्जैन-इन्दौर सिक्सलेन का कार्य प्रारम्भ हो गया है। तपोभूमि से हामूखेड़ी मार्ग का भी आज भूमि-पूजन किया गया है। उन्होंने कहा कि उज्जैन को जोड़ने वाले चारों तरफ के मार्गों को फोरलेन किया जायेगा, जिससे जिले के ग्रामीण क्षेत्र मुख्य मार्गों से जुड़ेंगे। विकास की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहा है मध्यप्रदेश : लोक निर्माण मंत्री श्री सिंह लोक निर्माण मंत्री श्री राकेश सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के मार्गदर्शन में लोक निर्माण विभाग “लोक निर्माण से लोक कल्याण’’ के ध्येय वाक्य के साथ विकास की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहा हैं। विकास कार्यों से उज्जैन बेहतर सड़कों के साथ सामाजिक और आर्थिक ऊंचाइयों पर भी पहुंचेगा। विकास का ‘मोहन मॉडल’ प्रदेश की उन्नति के साथ जन-कल्याण के मार्ग भी खोल रहा हैं। प्रदेश में विकास और जन-कल्याण के क्षेत्र में क्रांतिकारी परिवर्तन दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि उज्जैन धार्मिक नगरी के साथ अंतरराष्ट्रीय पर्यटन केंद्र के रूप में भी स्थापित होगा। उन्होंने बताया कि लोक निर्माण विभाग द्वारा लोकपथ एप का संचालन किया जा रहा है, जिसमें अब सड़कों के क्षतिग्रस्त होने संबंधी प्राप्त शिकायतों का 7 दिन के अंदर संबंधित क्षेत्र के विभागीय अधिकारी द्वारा निराकरण किया जाएगा। मुझे बताते हुए खुशी है कि 3 से 4 महीने के अंदर अभी तक प्राप्त शिकायतों में से 95% से अधिक का निराकरण किया जा चुका है। कार्यक्रम में विधायक श्री अनिल जैन कालूहेड़ा ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा उज्जैन को 658 करोड़ से अधिक की राशि की सौगातें आज दी गई है, जो उज्जैन के विकास में मील का पत्थर साबित होंगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा लोक निर्माण से लोक कल्याण के उद्देश्य से 658 करोड़ के विकास एवं निर्माण कार्यों का भूमि पूजन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कार्तिक मेला ग्राउंड उज्जैन में रविवार को आयोजित कार्यक्रम में लोक निर्माण से लोक कल्याण के उद्देश्य  से उज्जैन में 658 करोड़ से अधिक के विकास एवं निर्माण कार्यों का भूमि-पूजन किया। इनमें प्रमुख रूप से 225.96 करोड़ की लागत से हरीफाटक-लालपुल-मुल्लापूरा फोरलेन मार्ग शंकराचार्य चौराहा से चंदूखेड़ी, 2 नग 2 लेन आरओबी और शिप्रा पर 2 लेन ब्रिज सहित फोरलेन मार्ग, 67.69 करोड़ की लागत से उज्जैन बड़नगर बाईपास टू-लेन मार्ग निर्माण कार्य (एनएच 148 का छूटा हुआ भाग), 22.61 करोड़ की लागत से बडावदा कलसी नागदा से दोत्रु मार्ग का निर्माण, 31.88 करोड़ की लागत से नागदा गिद्धगढ़ विदखेड़ा मोकड़ी मार्ग, 35.65 करोड़ की लागत से तपोभूमि से … Read more

प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में भारत करेगा वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र का स्वप्न साकार

भोपाल प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा जनकल्याण और राष्ट्र सेवा में समर्पित अपने 23 वर्ष पूर्ण होने पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेशवासियों की ओर से उन्हें बधाई और शुभकामनाएँ दी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि गुजरात के मुख्यमंत्री एवं देश के प्रधानमंत्री के रूप में श्री मोदी ने विकास के अनूठे प्रकल्प संचालित किए और बहु-आयामी उपलब्धियां हासिल की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री मोदी की प्रत्येक वर्ग के उत्थान और कल्याण की इस यात्रा में अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भारत को गौरवान्वित होने का अवसर मिला है। प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में विकास की अविरल यात्रा से 2047 तक भारत विकसित देशों की पंक्ति में विश्व का प्रतिनिधित्व करेगा। महिला सशक्तिकरण में अग्रणी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में देश की महिलाओं को आर्थिक रूप से सुदृढ़ एवं सबल बनाने की अभिनव पहल की गई है। प्रधानमंत्री श्री मोदी का मत है कि “बेटा-बेटी एक समान’’ के मूलमंत्र को प्राथमिकता देना चाहिए। कन्या का जन्म, उत्सव के रूप में मनाना चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी ने अपने गोद लिए गांव जयापुर के नागरिकों से बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान की शुरूआत 22 जरवरी 2015 में पानीपत हरियाणा में की थी। उन्होंने कहा कि इस योजना के लागू होने से बेटा-बेटी लिंगानुपात की विसंगति को रोकने में अभूतपूर्व सफलता मिली है। उद्यमियों के बुलंद हौसले मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी की बढ़ती अंतर्राष्ट्रीय साख से देश के उद्योग जगत में एक नये उत्साह का संचार हुआ। भारत में उद्यमशील ऊर्जा की कमी नहीं है, युवा उत्साहित और ऊर्जावान, परंतु उन्हें प्रोत्साहित और पल्लवित करने की आवश्यकता है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने चाहा कि भारतीय, नौकरी चाहने वाले नहीं नौकरी देने वाले बनें। प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार की “मेक इन इंडिया की पहल’’, भारत में उद्यमशीलता को बढ़ावा देने के लिए 4 स्तंभों पर आधारित है, न सिर्फ मेन्यूफेक्चरिंग में बल्कि अन्य क्षेत्रों में भी। इसी का परिणाम है कि औद्योगिक क्षेत्र में मध्यप्रदेश निवेशकों की पहली पसंद बनता जा रहा है। अर्थव्यवस्था की रफ्तार हुई तेज प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में भारत दुनिया में सर्वाधिक तेज़ी से बढ़ती हुई बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया। ये भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए एक ऐतिहासिक समय है। केंद्र सरकार अर्थव्यवस्था को तेज रफ्तार से विकास के पथ पर ले आई। भारत की विकास दर ने देश को दुनिया की सभी बड़ी अर्थव्यवस्था वाले देशों की पंक्ति में ला खड़ा किया है। खुशहाल भारत के लिए मजबूत किसान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कृषि को तेजी से बढ़ावा देने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए। किसान हमेशा से हमारे देश के विकास का आधार रहे हैं। केंद्र सरकार ने इस दिशा में ठोस कदम उठाकर देश के इस आधार को और सशक्त बनाने प्रयास किया है। प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना, सिंचाई की सुविधाएं सुनिश्चित कर उपज को बढ़ाएगी। इस योजना का विजन यह सुनिश्चित करना है कि प्रत्येक खेत को सिंचाई के साधन उपलब्ध कराए जाएं। किसानों को सिंचाई के आधुनिक तरीकों और तकनीकों के बारे में शिक्षित किया जा रहा है ताकि पानी की ‘प्रत्येक बूंद के बदले अधिक पैदावार’ मिले। प्रधानमंत्री का मानना है कि किसान मजबूत होगा तो देश मजबूत होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में भारत विश्व की महान शक्तियों में से एक होगा।   recent visitors 90

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शिक्षा भूषण अखिल भारतीय सम्मान समारोह को किया संबोधित, शिक्षा, मानव मन व इन्द्रियों की स्वामिनी है

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि गुरुकुल परंपरा हमारे देश की शिक्षा का आधार रही है। शिक्षक हमेशा पूज्य थे और पूज्य रहेंगे। भारत विश्व गुरु के रूप में उस शिक्षक परंपरा को स्थापित करना चाहता है, जो गुरुकुल परंपरा चाणक्य से चंद्रगुप्त तक और चंद्रगुप्त से विक्रमादित्य तक हर जगह, हर समय, हर काल में कायम रही है। मुख्यमंत्री रविवार को रवीन्द्र भवन सभागार में शिक्षा भूषण अखिल भारतीय शिक्षक सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। समारोह का आयोजन मध्यप्रदेश शिक्षक संघ द्वारा किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा सरस्वती वंदना के साथ दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। अखिल भारतीय कार्यकारिणी सदस्य राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ श्री सुरेश सोनी, स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री श्री राव उदय प्रताप सिंह, राज्यसभा सदस्य स्वामी उमेश नाथ जी महाराज कार्यक्रम में विशेष रूप से उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शिक्षा भूषण अखिल भारतीय शिक्षक सम्मान -2024 से डॉ. रामचंद्रन आर., प्रोफेसर के.के. अग्रवाल और प्रोफेसर कुसुमलता केडिया को सम्मानित किया। गुरु और गुरुकुल परंपरा में गुरु का विशेष महत्व मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राष्ट्र के हित में शिक्षा, शिक्षा के हित में शिक्षक और शिक्षक के हित में समाज के उद्देश्य से आयोजित शिक्षक समारोह के आयोजन में शैक्षिक फाउंडेशन और अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि भारत की गुरु और गुरुकुल परंपरा में गुरु का बड़ा महत्व है। इतिहास में जब भी कोई प्रश्न खड़े हुए तो गुरु की भूमिका सामने आई। यदि भगवान श्रीराम और लक्ष्मण को गुरु वशिष्ठ वनवास के लिए नहीं ले जाते तो रामायण में राम का चरित्र अधूरा रहता। भगवान श्रीकृष्ण की शिक्षा में गुरु सांदीपनि का उज्ज्वल चरित्र शिष्यों के लिए अनुकरणीय और चुनौतियों में प्रेरणा का स्रोत रहा है। शिक्षा न तो सत्ता की दासी है और न ही कानून की किन्करी अखिल भारतीय कार्यकारिणी सदस्य राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ श्री सुरेश सोनी ने कहा कि वास्तव में विकास तभी हो सकता जब हमारे आसपास के परिवेश और जीवन मूल्यों का विकास हो। उन्होंने 1928 में गुजरात विद्यापीठ में दिए गए काका कालेलकर के संबोधन को उद्घृत करते हुए कहा कि शिक्षा ने अपने स्वरूप की व्याख्या करते हुए कहा कि शिक्षा न तो सत्ता की दासी है और न ही कानून की किन्करी है, न ही यह विज्ञान की सखी है औप न ही कला की प्रतिहारी यह अर्थशास्त्र की बांदी, शिक्षा तो धर्म का पुनर्रागमन है, यह मानव के हृदय, मन और इन्द्रियों की स्वामिनी है। मानव शास्त्र और समाज शास्त्र, इनके दो चरण हैं, तर्क और निरीक्षण शिक्षा की दो आँखें हैं, विज्ञान मस्तिष्क, इतिहास कान और धर्म शिक्षा के हृदय है। श्री सोनी ने बताया कि काका कालेलकर ने अपने संबोधन में कहा था कि उत्साह और उद्यम शिक्षा के फेफड़े हैं। शिक्षा ऐसी जगत जननी जगदम्बा है, जिसका उपासक कभी किसी का मोहताज नहीं होगा, उसकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण होंगी।" काका कालेलकर के चिंतन के अनुरूप देश में शिक्षा का वातावरण बनाना जरूरी श्री सोनी ने कहा कि मूल्य परक शिक्षा-भारत केंद्रित शिक्षा, शिक्षकों के सामाजिक सम्मान और संस्कारों पर जोर देने वाली शिक्षा के लिए सामूहिक रूप से विचार करते हुए काका कालेलकर द्वारा दिए गए चिंतन के अनुरूप देश में शिक्षा का वातावरण बनाने के लिए प्रयास करने होंगे। इसी से 2047 तक विश्व के रंग मंच पर भारत, प्रमुख नेतृत्व कर्ता के रूप में स्थापित होगा। कार्यक्रम में पुरुस्कृत डॉ. रामचंद्रन आर., प्रोफेसर के.के. अग्रवाल और प्रोफेसर कुसुमलता केडिया ने भी अपने विचार व्यक्त किए।   recent visitors 114

सेवा भारती द्वारा गोविंदपुरा इंडस्ट्रियल एरिया में आयोजित किया गया कार्यक्रम, कन्या-पूजन में शामिल हुए मुख्यमंत्री

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि नवरात्रि पर होने वाला कन्या-पूजन मातृशक्ति की आराधना का प्रतीक है। साथ ही नवरात्रि, जीवन में ऋतु परिवर्तन की महत्ता को भी स्थापित करती है। सनातन परंपरा में विद्यमान उपवास की अवधारणा और उसके लाभ को आधुनिक चिकित्सा व्यवस्था भी स्वीकार करती है। भारतीय संस्कृति मातृसत्ता की महत्ता को नमन करती है। हमारी संस्कृति में मां सरस्वती को ज्ञान की देवी और मां लक्ष्मी को धन संपदा की देवी के रूप में पूजा जाता है। भारतीय संस्कृति भोजन और भाव दोनों को महत्व देती है यह स्व से संपूर्ण ब्रह्मांड को एकाकार करने के विचार पर केंद्रित है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सेवा भारती महावीर मंडल भोपाल द्वारा गोविंदपुरा इंडस्ट्रियल एरिया में आयोजित विशाल कन्या-पूजन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पुष्प वर्षा कर कन्याओं का स्वागत और विधि-विधान से उनका पूजन भी किया। नवदुर्गा शक्ति संचय का पर्व है मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारतीय संस्कृति जीव मात्र से प्रेम और शांति का संदेश देती है। यह हमारे सांस्कृतिक मूल्यों और देश का सामर्थ्य ही है, जिसके परिणामस्वरूप विश्व, शांति के लिए भारत की ओर देखता है। रूस-यूक्रेन युद्ध हो या ईरान-इजराइल के बीच संघर्ष, शांति के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की ओर सभी देश आशा से देख रहे हैं। यह हम सबके लिए गौरव का विषय है। नवदुर्गा शक्ति संचय का पर्व है, देश भी शक्ति सम्पन्न हो तथा अधिक से अधिक शक्ति संचय की ओर हम अग्रसर हों, इसी उद्देश्य से सेवा भारती संस्था समाज के सभी वर्गों के कल्याण और हित संवर्धन के लिए समर्पित है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नवरात्रि, दशहरा और दीपावली की सभी को शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर सेवा भारती के श्री रवि सेठी, श्री विमल त्यागी, गोविंदपुरा क्षेत्र के उद्योगपति, जन-प्रतिनिधि एवं समाजसेवी उपस्थित थे।   recent visitors 105

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जबलपुर की घटना पर दु:ख व्यक्त किया

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जबलपुर के निर्माणाधीन आईटीसी होटल के किचन में गैस पाइप लाइन टेस्टिंग के दौरान आग लगने की घटना में एक महिला की असामयिक मृत्यु पर दु:ख व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने घटना में मृतक महिला के शोकाकुल परिजन के प्रति शोक संवेदनाएं व्यक्त की हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि घायलों को बेहतर उपचार देना राज्य सरकार की प्राथमिकता है, इसके लिए जिला प्रशासन जबलपुर को समुचित इलाज की व्यवस्था के लिए निर्देशित किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान से मृतक के परिवार को 4 लाख रुपए तथा घायलों को 50-50 हजार रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रशासन से इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने तथा होटल संचालकों से सुरक्षा के निर्धारित मापदंडों का सख्ती से पालन करवाने के निर्देश भी दिए हैं।   recent visitors 67