Thursday, July 9, 2026 8:24 pm

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा- युवाओं को समाज सुधार, विकास और जन-कल्याण के लिए आगे आना होगा

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि जन अभियान परिषद जन-जन के कल्याण के लिए समर्पित है। स्वैच्छिक, सामूहिक और सामुदायिक सहभागिता से स्वावलंबन के दृष्टिकोण से पूर्व केंद्रीय मंत्री स्व. अनिल माधव दवे ने प्रत्येक प्रदेशवासी को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से परिषद के गठन की प्रेरणा दी थी। सरकार के साथ कदम से कदम मिलाकर समाज भी चले इस उद्देश्य से जन अभियान परिषद को एक कड़ी के रूप में विकसित किया गया। शासकीय योजनाओं को जन-जन तक ले जाने में जन अभियान परिषद उत्प्रेरक की भूमिका निभा रही है। परिषद भू-जल भण्डारण सहित समाज कल्याण और विकास गतिविधियों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव समन्वय भवन में समृद्धि योजना अंतर्गत "समग्र ग्राम विकास के विभिन्न आयाम" विषय पर मध्य प्रदेश जन अभियान परिषद द्वारा राज्य, संभाग और जिला स्तरीय समन्वयकों के उन्मुखीकरण सह-प्रशिक्षण कार्यशाला के शुभारंभ अवसर पर संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्जवलित कर शुभारंभ किया। कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा, परिषद के उपाध्यक्ष श्री मोहन नागर, प्रमुख सचिव श्री संजय कुमार शुक्ला उपस्थित थे। भगवान श्रीकृष्ण ने संस्कृति में आ रही विकृतियों से संघर्ष के लिए समाज को संगठित करने का दिया संदेश मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने संस्कृति में आ रही विकृतियों से संघर्ष के कई प्रेरक उदाहरण प्रस्तुत किए। साथ ही कंस रूपी बुराई से संघर्ष के लिए स्त्री-पुरूषों के साथ बच्चों को भी संगठित कर समाज की संगठन क्षमता और जन-कल्याण के लिए उसके सार्थक उपयोग का संदेश दिया। यह दर्शाता है कि संगठन की शक्ति से बड़ी चुनौतियों का सामना किया जा सकता है। भगवान श्रीकृष्ण ने गांव और सामान्य जन से प्रेम का संदेश दिया। भारत का मूल स्वरूप गावों में ही विद्यमान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत का मूल स्वरूप गावों में ही विद्यमान है। ग्राम स्तर पर व्यवस्थाओं को सशक्त करने की आवश्यकता है और इस दिशा में जन अभियान परिषद द्वारा किए जा रहे कार्य सराहनीय हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में ग्राम स्तर पर जल संरक्षण, नवकरणीय ऊर्जा, दुग्ध उत्पादन, प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहन, ग्रामीणों की आय में वृद्धि के लिए विभिन्न योजनाओं के माध्यम से गतिविधियां जारी हैं। उन्होंने भगवान श्रीराम और लक्ष्मण का उदाहरण देते हुए कहा कि युवाओं को समाज सुधार, विकास और जन-कल्याण के लिए आगे आना होगा। कार्यशाला में संभाग, जिला और विकासखंड स्तर के समन्वयक हुए शामिल परिषद के उपाध्यक्ष श्री नागर ने कहा कि भारत की आत्मा ग्रामों में बसती है। ग्रामों और उनकी आत्मा का स्वरूप प्रभावित न हो इस उद्देश्य के लिए जन अभियान परिषद समर्पित है। समाज को समरस सामुदायिक और संगठित नेतृत्व प्रदान करने के लिए जन अभियान परिषद प्रतिबद्ध है। गांव-गांव में नेतृत्व विकास के लिए परिषद द्वारा सघन गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। कार्यक्रम के आरंभ में वंदे-मातरम गान के बाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव का पुष्प-गुच्छ तथा शॉल, श्रीफल भेंट कर स्वागत किया गया। प्रशिक्षण सह-कार्यशाला, जन अभियान परिषद के संभाग, जिला और विकासखंड स्तर के समन्वयकों के उन्मुखीकरण पर केंद्रित है।   recent visitors 64

मुख्यमंत्री डॉ. यादव और केन्द्रीय मंत्री श्री गड़करी करेंगे दो दिवसीय सेमिनार का शुभारंभ

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केन्द्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री श्री नितिन गड़करी शनिवार को रवीन्द्र भवन भोपाल में “सड़क और पुल निर्माण के क्षेत्र में उभरती नवीनतम प्रवृत्तियों और तकनीकों’’ पर दो दिवसीय सेमिनार का शुभारंभ करेंगे। सेमिनार में सड़क और पुल निर्माण की नवीनतम तकनीकों, सामग्रियों और अनुबंध निष्पादन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विशेषज्ञ अपने अनुभव और सुझाव साझा करेंगे। सेमिनार का आयोजन भारतीय सड़क कांग्रेस और मध्यप्रदेश शासन के लोक निर्माण विभाग के सहयोग से हो रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस दो दिवसीय सेमिनार से मध्यप्रदेश के अवसंरचना विकास को नई ऊर्जा मिलेगी और यह आयोजन राज्य की निर्माण परियोजनाओं में नई ऊंचाइयों को प्राप्त करने में सहायक सिद्ध होगा। सेमिनार में विभिन्न तकनीकी-सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिनमें देशभर से आए हुए विशेषज्ञ नई तकनीकों, निर्माण सामग्रियों और ईपीसी (इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट, कंस्ट्रक्शन) अनुबंध निष्पादन की चुनौतियों पर अपने विचार रखेंगे। सेमिनार में लोक निर्माण मंत्री श्री राकेश सिंह सहित अन्य विशिष्टजन उपस्थित रहेंगे। सेमिनार के पहले दिन 19 अक्टूबर को प्रमुख चर्चाओं में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत नई तकनीकों का कार्यान्वयन, पुल निर्माण में नई मशीनरी का उपयोग और सड़क निर्माण में उपयोग होने वाली नई सामग्रियों पर फोकस रहेगा। सड़क सुरक्षा, परियोजनाओं की मॉनिटरिंग के लिए आईटी तकनीकों का उपयोग, और सीमांत सामग्रियों के उपयोग पर भी गहन मंथन किया जाएगा। दूसरे दिन 20 अक्टूबर को ईपीसी (इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट, कंस्ट्रक्शन) अनुबंधों की संरचना शेड्यूलिंग, अनुबंध निष्पादन में ठेकेदारों की भूमिका और सहायक अभियंताओं की भूमिका पर विस्तृत चर्चा होगी। इसमें अनुबंधों से जुड़े विवादों और चुनौतियों के समाधान पर भी विचार-विमर्श किया जाएगा। समापन सत्र में विभिन्न विशेषज्ञ और प्रतिनिधि पैनल चर्चा के माध्यम से सड़क और पुल निर्माण में नई तकनीकों के उपयोग पर अपने विचार रखेंगे। सेमिनार का उद्देश्य प्रदेश में सड़क और पुल निर्माण की गुणवत्ता को बढ़ाने और नवीनतम तकनीकों से समयबद्ध और टिकाऊ अवसंरचना का विकास सुनिश्चित करना है। सरकारी और निजी क्षेत्रों के विशेषज्ञों को एक मंच पर लाकर अनुभवों और नवाचारों का आदान-प्रदान किया जाएगा। इससे प्रदेश की अवसंरचना परियोजनाओं को नई दिशा और मजबूती मिल सकेगी।   recent visitors 62

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा- अयोध्या में रामलला के मंदिर में उपयोग में लाए गए मध्यप्रदेश के मंडला के पत्थर

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश खनिज संपदा से समृद्ध राज्य है। इस संपदा के दोहन के लिए प्रयास बढ़ाते हुए खनिज क्षेत्र में नए निवेश को पूरा प्रोत्साहन दिया जाएगा। खनन क्षेत्र के उद्यमियों को राज्य सरकार सभी आवश्यक सुविधाएं प्रदान करेगी। प्रदेश की खनिज संपदा का दोहन करते हुए उत्पाद भी प्रदेश में ही हो, ऐसे प्रयास किए जाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को 2 दिवसीय माईनिंग कॉन्क्लेव के समापन सत्र को संबोधित कर रहे थे। कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में सम्पन्न कॉन्क्लेव में विभिन्न 11 औद्योगिक संस्थानों की ओर से 19,650 करोड़ रूपए के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उपस्थिति में एमओआईएल (भारत सरकार का उपक्रम) और मध्यप्रदेश राज्य खनिज निगम लिमिटेड के मध्य खनिज ब्लॉक से संबंधित "संयुक्त उद्यम समझौता" हस्ताक्षरित भी हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस कॉन्क्लेव को सफल आयोजन बताते हुए कहा कि प्रदेश के खनिज राजस्व में भी 5 गुना वृद्धि का लक्ष्य आने वाले समय में प्राप्त किया जाएगा। उद्यमियों के साथ भू-गर्भ शास्त्री, वैज्ञानिक, खनिज विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, भारत सरकार के खनिज मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी, जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया के अधिकारी कॉन्क्लेव में शामिल हुए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारे देश की संस्कृति विश्व में सबसे अलग है। जहां अन्य देश राष्ट्र को पिता मानते हैं, हमारे देश में हम भारत माता की जय का उद्घोष करते हैं। मातृ प्रधान व्यवस्था को प्राचीन काल से प्रश्रय मिला। हम देश को भी मातृ संस्था मानते हैं। शरीर की रचना भी ब्रम्हांड की तरह होती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा‍कि इस वसुंधरा की नदियां मनुष्य के रक्त प्रवाह के समान हैं। पृथ्वी में भी प्राण होते हैं और वनस्पति में भी प्राण होते हैं, यह हमारी मान्यता अन्य देशों से काफी पुरानी हैं। प्रकृति के दोहन और शोषण के अंतर को समझने की आवश्यकता है। खनिज संपदा की दृष्ट से ईश्वर की कृपा मध्यप्रदेश पर है। प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्‍व में जेट की गति से बढ़ रहा देश मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हमारा देश जेट की गति से आगे बढ़ रहा है। खनिज के क्षेत्र में प्रधानमंत्री की कल्पना के अनुसार भारत वैश्विक स्तर पर महत्वपूर्ण कार्य कर रहा है। मध्यप्रदेश भी विकास के सभी क्षेत्रों में आगे बढ़ रहा है। जहां कृषि के साथ ही पशुपालन और अन्य क्षेत्रों में नए प्रकल्प आ रहे हैं, वहीं खनिज क्षेत्र में मध्यप्रदेश उल्लेखनीय उपलब्धियां अर्जित करेगा। भारत सरकार द्वारा खनिजों की नीलामी में पुरस्कृत मध्यप्रदेश विविध प्रकार की खनिज संपदा के समुचित दोहन के लिए संकल्पबद्ध है। मध्यप्रदेश सरकार खनिज क्षेत्र में निवेश को भरपूर प्रोत्साहन देगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि खनन क्षेत्र में उद्यमियों को सरकार का पूरा साथ मिलेगा। खनिज क्षेत्र मध्यप्रदेश को प्रगति के नए आयामों को छूने में सहयोगी बनेगा। हर महीने रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में हर महीने अलग-अलग क्षेत्रों में रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव हो रही हैं। इस वर्ष अब तक हुई 4 कॉन्क्लेव के फलस्वरूप लगभग 2500 करोड़ रूपए के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। आने वाली 23 अक्टूबर को रीवा में "रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव" उद्योग के विभिन्न सेक्टर्स में नए निवेश लाने में सहयोगी होगी। एक ही दिन में दो बड़े आयोजनों में भागीदारी का सौभाग्य मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में औद्योगिक प्रगति को अग्रसर रखने एवं युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिये रीजनल इंडस्ट्री कान्क्लेव की जा रही है। इसी क्रम में मध्यप्रदेश की पूरी क्षमता को विकसित करने हमने पर्यटन की भी कॉन्क्लेव की। आज मैं दो कॉन्क्लेव में शामिल हुआ। सुबह पेट्रोकेमिकल एवं फार्मा इंडिया केम मुंबई में शामिल हुआ और अभी माइनिंग कॉन्क्लेव में शामिल हुआ हूँ। विभागवार कॉन्क्लेव की श्रंखला जारी रहेगी। अगले वर्ष फरवरी में जीआईएस का आयोजन करेंगे। मध्यप्रदेश में चहुँमुंखी औद्योगिक विकास और रोजगार बढ़ाने में कोई कसर नहीं छोड़ेगे। अयोध्या के राम मंदिर तक पहुंचा मध्यप्रदेश का पत्थर, हीरे के बाद सोना भी निकालेंगे मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि निश्चित ही यह गर्व का विषय है कि गोंडवाना अंचल के मंडला जिले में खनन से प्राप्त पत्थर का उपयोग अयोध्या में श्रीरामलला मंदिर के गर्भ गृह में लगाने का सौभाग्य मध्यप्रदेश को मिला। निश्चित ही यह पत्थर गुणवत्ता की दृष्टि से इस योग्य पाया गया कि उसे गर्भगृह में स्थान मिला। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव को श्री अनुपम चतुर्वेदी और श्री किशोर ने इस पत्थर का नमूना भेंट किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि निश्चित ही मध्यप्रदेश खनिजों के मामले में भी अद्वितीय है। भारत की वसुंधरा में मध्यप्रदेश हृदय प्रदेश होने के साथ रत्न-गर्भा भी है। पन्ना में हीरों का भंडार प्रदेश को अलग पहचान देता है। अब हीरों के साथ सोना भी प्रदेश की धरती से निकलेगा। अन्य खनिजों के खनन के लिए सभी आवश्यक प्रयास किए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया प्रदर्शनी का अवलोकन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम स्थल पर लगाई प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने खनन तकनीक में प्रयुक्त हो रहे नवीनतम उपकरणों की भी जानकारी ली। नई खनन मशीन के लोकार्पण के साथ ही खनन उपकरणों की कार्य प्रणाली की भी जानकारी प्राप्त की। recent visitors 68

भोपाल में दो दिवसीय माईनिंग कॉन्क्लेव का हुआ शुभारंभ, देश-विदेश के निवेशक हुए शामिल

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा प्रदेश में औद्योगिक विकास के लिए की जा रही रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव के साथ पर्यटन क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा देने आईएटीओ का अधिवेशन हुआ। इसी क्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव की पहल पर भोपाल में दो दिवसीय माईनिंग कॉन्क्लेव का आयोजन किया गया। कॉन्क्लेव में प्रदेश की खनिज संपदा की विस्तार से जानकारी दी जाकर उद्योगपतियों को आमंत्रित किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का मानना है कि प्रदेश में खनिज की प्रचुर मात्रा होने और राज्य सरकार की उद्योग नीति, निवेशकों को आकर्षित कर रही है। निवेश के मुख्य आकर्षण आगामी 200 वर्ष के लिए कोयल का रिजर्व भंडार सरप्लस बिजली और पानी वाला राज्य बेहतर कनेक्टीविटी के लिए सड़कों का जाल ईज ऑफ डूईंग बिजनेस में अग्रणी श्रम कानून इंडस्ट्रीज फ्रेंडली प्राकृतिक संसाधनों की प्रचुरता निवेशकों के लिए सिंगल विन्डो सिस्टम उद्योगों में नो मैन डे लॉस ट्रांसपेरेंट ऑक्शन रिजीम लोक सेवाओं की गारंटी के लिए अधिनियम लागू मैगनीज एवं कॉपर अयस्क उत्पादन में देश में प्रथम रॉक फॉस्फेट में देश में दूसरे स्थान पर चूना पत्थर में तीसरे और कोयला उत्पादन में चौथे स्थान पर देश के मध्य में होने से यहाँ पहुँचना आसान भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर में गुरूवार को 2 दिवसीय माईनिंग कॉन्क्लेव का शुभारंभ मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन ने किया। मुख्य सचिव श्री जैन ने कहा है कि मध्यप्रदेश देश का तेजी से विकसित होता राज्य है। प्रदेश मिनरल रिसोर्सेस में तो नम्बर वन है ही, यहां पानी, कोयला एवं अन्य प्राकृतिक संसाधनों की भी प्रचुरता है। ईज ऑफ डूईंग बिजनेस में हमारी सरकार निवेशक को हर संभव सुविधा उपलब्ध कराती है। एक फार्म में जानकारी भरने पर वह सभी संबंधित विभागों तक को चली जाती है और आसानी से उद्योग की अनुमति प्राप्त हो जाती है। मध्यप्रदेश में निवेश करें और प्रदेश एवं देश की विकास यात्रा में सहभागी बनें। कन्वेंशन परिसर में प्रदेश की खनिज सम्पदा पर केन्द्रित प्रदर्शनी का उद्घाटन भी मुख्य सचिव ने किया। इस अवसर पर माईनिंग कार्पोरेशन के एमडी श्री अनुराग चौधरी, विभिन्न हितधारकों, उद्योग के नेताओं, शिक्षाविदों एवं प्रमुख खनिज कम्पनियों के प्रतिनिधि और खनिज विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे। मुख्य सचिव श्री जैन ने कहा कि मध्यप्रदेश विकास के क्षेत्र में देश में अग्रणी है। प्रदेश माईनिंग के क्षेत्र में बहुत तेजी से आगे बढ़ रहा है। देश में बिजली उपलब्धता के क्षेत्र में गुजरात के बाद मध्यप्रदेश नम्बर दो पर है। मध्यप्रदेश में वर्ष 2007 से निरंतर इंडस्ट्रीज कॉन्क्लेव का आयोजन किया जा रहा है परंतु इस बार मध्यप्रदेश में पहली बार पृथक से माईनिंग कॉन्क्लेव का आयोजन हो रहा है। यह कॉन्क्लेव निश्चित रूप से मील का पत्थर साबित होगी। मुख्य सचिव श्री जैन ने कहा कि मध्यप्रदेश एक समावेशी राज्य है। यहां के लोग बहुत सरल और सहज है। मध्यप्रदेश में जो भी आकर बसता है, वह मध्यप्रदेश का हो जाता है। मध्यप्रदेश वह राज्य है जहां उद्योगों में "नो मेन डे लॉस" है। यहां के श्रम कानून इंडस्ट्रीज फ्रेंडली हैं। मध्यप्रदेश के सहज प्रशासनिक अधिकारियों और राजनेताओं की सोच सकरात्मक एवं सहयोगी है। यहां पर देश में सबसे पहले लोकसेवाओं के प्रदाय की गारंटी के लिए अधिनियम लागू किया गया, जिसे बाद में अन्य राज्यों ने भी अपनाया। मुख्य सचिव श्री जैन ने कहा कि मध्यप्रदेश में खनिज की अपार संपदा है। मध्यप्रदेश देश का एकमात्र ऐसा राज्य है जहां हीरे का उत्पादन होता है। मध्यप्रदेश मैंगनीज और कॉपर अयस्क उत्पादन में देश में प्रथम स्थान पर, रॉक फॉस्फेट में दूसरे, चूना पत्थर में तीसरे और कोयला उत्पादन में चौथे स्थान पर है। मध्यप्रदेश में आगामी 200 वर्ष के लिये कोयले का रिजर्व भण्डार है। मुख्य सचिव श्री जैन ने कहा कि इस बार देश में सर्वाधिक कोल-ब्लॉक्स मध्यप्रदेश में नीलाम हुए। मध्यप्रदेश में ट्रांसपेरेंट ऑक्शन रिजीम है। अगले कुछ वर्षों में कोयला उत्पादन में मध्यप्रदेश काफी आगे होगा। मुख्य सचिव श्री जैन ने कहा कि प्रदेश में जल की प्रचुरता है। यहाँ पर नर्मदा नदी है जिसको प्रदेश की जीवनदायिनी कहते है। ऋगवेद में कहा गया है कि यमुना नदी में 7 बार स्नान करने से, गंगा नदी में एक बार स्नान करने से और नर्मदा नदी के केवल दर्शन मात्र से ही पाप नष्ट हो जाते है। नर्मदा नदी में वर्ष भर पर्याप्त जल रहता है। मध्यप्रदेश नवाचारों में अग्रणी है। रीवा में स्थापित अल्ट्रा सोलर प्लांट अद्भुत है। यहाँ अन्य राज्यों से कम कीमत पर बिजली बनती है। मध्यप्रदेश एनर्जी सरप्लस स्टेट है। प्रमुख सचिव, औद्योगिक नीति एवं निवेश श्री राघवेन्द्र कुमार सिंह ने कॉन्क्लेव में मध्यप्रदेश में निवेश की संभावनाओं के बारे में प्रेजेंटेशन दिया। श्री सिंह ने मध्यप्रदेश की विशेषताओं की जानकारी देते हुए बताया कि मध्यप्रदेश वन सम्पदा में भरपूर है और भारत में इसका 8वां नम्बर है। उन्होंने कहा कि प्रदेश कृषि क्षेत्र में भी अग्रणी है। प्रदेश 7 बार कृषि कर्मण अवार्ड से सम्मानित हो चुका है। स्वच्छता के क्षेत्र में प्रदेश का इंदौर शहर देश में सबसे स्वच्छतम शहर है। श्री सिंह ने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था में मध्यप्रदेश का महत्वपूर्ण योगदान है।  recent visitors 63

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री श्री मोदी और केन्द्रीय मंत्री श्री गडकरी का माना आभार

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री श्री नितिन गडकरी द्वारा मध्यप्रदेश को विकास पथ की अमूल सौंगात देने पर उनका आभार माना है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के मार्गदर्शन में मध्यपेदश सरकार बढ़ती रोड कनेक्टिविटी के माध्यम से विकास का नया अध्याय लिख रही है। भोपाल-कानपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर के 4-लेन में अपग्रेडेशन से इस क्षेत्र के आर्थिकक विकास को गति मिलेगी, यातायात सुगमता के साथ ही सड़क दुर्घटना में भी कमी आयेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश को मिली इस सौंगात के लिये प्रदेशवासियों की ओर से प्रधानमंत्री और केन्द्रीय मंत्री का आभार माना है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री श्री नितिन गडकरी द्वारा मध्यप्रदेश में भोपाल-कानपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर को 4-लेन में अपग्रेड करने के लिए भोपाल से विदिशा, विदिशा से ग्यारसपुर, सताईघाट से चौका और चौका से कैमाहा पैकेजों के लिए 3589.4 करोड़ रुपए की स्वीकृति दी गई है। इस अपग्रेडेशन से क्षेत्र में यातायात सुगम होगा और यात्रा के समय में उल्लेखनीय कमी आएगी, जिससे व्यापारिक गतिविधियों में तेजी आएगी और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। इसी के साथ मंडला-नैनपुर मार्ग के लिए भी 592 करोड़ की स्वीकृति दी गई है। मध्यप्रदेश सरकार ने अपने संकल्प पत्र के तहत बुंदेलखंड विकास पथ की घोषणा की थी, जो राज्य की राजधानी भोपाल को बुंदेलखंड के सागर और छतरपुर जिलों से जोड़ने वाली एक महत्वपूर्ण 4-लेन सड़क परियोजना है। इस परियोजना का उद्देश्य भोपाल से सागर होते हुए छतरपुर और उत्तर प्रदेश बॉर्डर तक की कनेक्टिविटी को बेहतर बनाना है, जिससे क्षेत्रीय व्यापार और यातायात सुगमता में वृद्धि होगी। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) द्वारा इस मार्ग को 4-लेन में विस्तारित करने की प्रक्रिया पहले से जारी थी, लेकिन कुछ हिस्सों के लिए मंजूरी लंबित थी। आज नई दिल्ली में आयोजित बैठक में भोपाल से सागर और छतरपुर से उत्तर प्रदेश बॉर्डर तक इस मार्ग को 4-लेन में अपग्रेड करने की अनुमति दी गई है। इस परियोजना की कुल लागत 3589.4 करोड़ रुपए निर्धारित की गई है। इस स्वीकृति से बुंदेलखंड विकास पथ के निर्माण में तेजी आएगी और सरकार के संकल्प को सिद्धि की ओर ले जायेगी। यह पथ न केवल कनेक्टिविटी को सुधारने में सहायक होगा, बल्कि क्षेत्रीय आर्थिक विकास और व्यापारिक गतिविधियों को भी बढ़ावा देगा। इसी के साथ मंडला से नैनपुर तक 46 किलोमीटर लंबे मार्ग को अपग्रेड करने के लिए भी 592 करोड़ रुपए की स्वीकृति दी गई है। इस मार्ग के अपग्रेड होने से क्षेत्र की यातायात व्यवस्था को और अधिक सुरक्षित और कुशल बनाया जाएगा। इन परियोजनाओं से राज्य में बुनियादी ढांचे के विकास के साथ रोजगार सृजन और क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही परियोजनाओं के पूरे होने पर न केवल यातायात सुगम होगा, बल्कि औद्योगिक और व्यापारिक गतिविधियों को भी नई ऊंचाई मिलेगी।   recent visitors 57

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा- प्रदेश सौर ऊर्जा में लंग्स ऑफ इन्क्रेडिबल इण्डिया के विज़न पर अग्रसर

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सौर ऊर्जा के क्षेत्र में मध्यप्रदेश अपनी विशेष पहचान बना रहा है। सोलर प्रोजेक्ट की स्थापना के लिये मध्यप्रदेश उद्योगपतियों की पहली पसंद बनता जा रहा है। उन्होंने कहा कि गाँधी नगर में आयोजित चौथे ग्लोबल मीट रिन्यूएबल एनर्जी इन्वेस्टर मीट में उद्योगपतियों ने मध्यप्रदेश में अपने प्रोजेक्ट लगाने में रुचि दिखाई। मध्यप्रदेश में संचालित होने वाले सोलर प्रोजेक्ट्स की बदौलत “हॉर्ट ऑफ इन्क्रेडिबल इण्डिया’’ नवकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में काम करते हुए “लंग्स ऑफ इन्क्रेडिबल इण्डिया’’ बनने के विज़न की ओर अग्रसर है। मध्यप्रदेश में रिन्यूएबल एनर्जी के क्षेत्र में निरंतर उल्लेखनीय कार्य कर रहा है। ओंकारेश्वर में विश्व का सबसे बड़ा फ्लोटिंग सोलर प्रोजेक्ट तैयार हो रहा है। रीवा का 1590 हेक्टेयर में स्थापित सोलर प्रोजेक्ट विश्व के सबसे बड़े सिंगल साइड सोलर प्लांट में से एक है। अब प्रदेश ने एक और नई पहल की है। मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश में पीपीपी मोड में 8 हजार मेगावॉट सोलर एनर्जी जनरेशन के ज्वाइंट एडवेंचर संबंधी परियोजना पर सहमति बन गई है। इसमें मुरैना, शिवपुरी, सागर और धार में सोलर प्रोजेक्ट लगेंगे, जिनसे जनरेट होने वाली बिजली का उपयोग दोनों राज्यों में सिंचाई के लिये किया जा सकेगा। मध्यप्रदेश में आज 7 हजार मेगावॉट सोलर एनर्जी जनरेट की जा रही है। कुल ऊर्जा क्षमता में रिन्यूएबल एनर्जी की हिस्सेदारी 21 प्रतिशत हो गई है। वर्ष 2012 में मात्र 500 मेगावॉट सोलर एनर्जी की क्षमता थी। प्रदेश ने मात्र 12 वर्ष की अवधि में सोलर एनर्जी के क्षेत्र में 14 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की है। राज्य सरकार वर्ष 2030 तक इसे बढ़ाकर 20 हजार मेगावॉट के लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। गाँधी नगर में हुई चौथी ग्लोबल रिन्यूएबल एनर्जी इन्वेस्टर समिट में मुख्यमंत्री डॉ. यादव के साथ उद्योगपतियों ने वन-टू-वन चर्चा की। अवाडा ग्रुप ने प्रदेश में 5 हजार करोड़ रुपये के निवेश संबंधी प्रस्ताव दिये। रिन्यू पॉवर ने भी प्रदेश में 6 हजार करोड़ रुपये निवेश करने की रुचि दिखाई। वन-टू-वन चर्चा में विण्ड पॉवर एसोसिएशन, हीरो फ्यूचर एनर्जी, टोरेंट पॉवर, शक्ति पम्प्स, सिंगापुर की सेम्बकॉर्प, वारी एनर्जी, सेरेंटिका, शेल ग्रुप सुजलान, वेलस्पन, वेना एनर्जी, ब्ल्यू लीफ बोरोसिल ग्रुप, स्टेट क्रॉफ्ट के मुखियाओं ने मध्यप्रदेश में रुचि दर्शाई है।   recent visitors 58

केन्द्रीय योजनाओं के क्रियान्वयन में सबसे आगे मध्यप्रदेश : मुख्यमंत्री डॉ.यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में विकास की जो गंगा प्रवाहित हो रही है उससे मध्यप्रदेश भी विकास की ओर तेजी से अग्रसर हो रहा है। प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में संचालित योजनाओं का मध्यप्रदेश को भरपूर लाभ भी मिल रहा है। केन्द्र सरकार की प्रमुख योजनाओं के क्रियान्वयन और उनका लाभ पात्र हितग्राहियों को दिलाने में मध्यप्रदेश, देश में लगातार अग्रणी बना हुआ है। इन योजनाओं के क्रियान्वयन के लिये प्रदेश को कई पुरस्कार भी प्राप्त हो चुके हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केन्द्र सरकार की जिन योजनाओं के क्रियान्वयन में मध्यप्रदेश देश में अग्रणी है उसमें पीएम स्व-निधि योजना, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, पीएम आवास योजना, कृषि अवसंरचना निधि, प्रधानमंत्री मातृ-वंदना योजना, पीएम स्वामित्व योजना, नशामुक्त भारत अभियान, आयुष्मान भारत योजना, मछुआ क्रेडिट कार्ड योजना, राष्ट्रीय पशु रोग नियंत्रण कार्यक्रम, प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना, राष्ट्रीय आजीविका मिशन और स्वच्छ भारत मिशन शामिल हैं। केंद्र की योजनाओं में म.प्र की प्रगति और उपलब्धियाँ     प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) में 8 लाख 40 हजार 940 आवास निर्माण के लक्ष्य के विरूद्ध 8 लाख 20 हजार 575 आवास बनाये जा चुके हैं। योजना में उपलब्धि 97.58 प्रतिशत है।     प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) में 37 लाख 98 हजार 709 आवास निर्माण के लक्ष्य के विरूद्ध 36 लाख 25 हजार 20 आवास बनाये जा चुके हैं। योजना में उपलब्धि 95.43 प्रतिशत है।     जल जीवन मिशन में 83 लाख 27 हजार 582 के लक्ष्य के विरूद्ध 72 लाख 89 हजार 228 नल कनेक्शन (हर घर-नल से जल) प्रदाय कर 87.53 प्रतिशत उपलब्धि अर्जित की जा चुकी है।     आयुष्मान भारत योजना में 4 करोड़ 70 लाख 96 हजार 914 आयुष्मान कार्ड जारी करने का लक्ष्य प्राप्त हुआ था। निर्धारित लक्ष्य के विरूद्ध 4 करोड़ 2 लाख 22 893 आयुष्मान कार्ड जारी किये जा चुके हैं। योजना में उपलब्धि का प्रतिशत 85.83 है।     प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में 72 हजार 994 किलामीटर ग्रामीण सड़क बनाने के लक्ष्य के विरूद्ध 72 हजार 965 किलामीटर सड़क निर्माण किया जा चुका है। योजना में उपलब्धि का प्रतिशत 99.98 है।     पी.एम. किसान सम्मान निधि में लक्षित 83 लाख 83 हजार 208 किसानों को नियमित रूप से शत-प्रतिशत पात्र कृषक हितग्राही लाभान्वित हो रहे हैं। योजना में उपलब्धि का प्रतिशत 99.98 है।     पी.एम. जीवन ज्योति बीमा योजना में पंजीकृत 93 लाख हितग्राहियों का लाभ मिल रहा है। योजना में उपलब्धि का प्रतिशत 100 है।     स्वामित्व योजना में 29 लाख 99 हजार 23 स्वामित्व कार्ड जारी करने के लक्ष्य के विरूद्ध 23 लाख 50 हजार कार्ड जारी किये जा चुके हैं। साथ ही 43 हजार 130 ग्रामों का ड्रोन सर्वे कर शत-प्रतिशत उपलब्धि अर्जित की गई है।     भारत नेट योजना में 20 हजार 422 ग्राम पंचायतों में आप्टीकल फाईबर केबल स्थापित कर 100 प्रतिशत उपलब्धि अर्जित की गई।     स्वाइल हेल्थ कार्ड योजना में 7 लाख 79 हजार 651 स्वॉइल हेल्थ कार्ड वितरित कर 77.96 प्रतिशत उपलब्धि अर्जित की गई।     किसान क्रेडिट कार्ड योजना में 65 लाख 83 हजार 726 किसानों के क्रेडिट कार्ड तैयार कर निर्धारित लक्ष्य के विरूद्ध शत-प्रतिशत उपलब्धि अर्जित की गई है।     किसान क्रेडिट कार्ड (पशु पालन) योजना में 6 लाख 4 हजार 441 किसान क्रेडिट कार्ड का वितरण कर 78.84 प्रतिशत उपलब्धि अर्जित की गई।     किसान क्रेडिट कार्ड (मछली पालन) योजना में किसान क्रेडिट के निर्धारित लक्ष्य एक लाख 77 हजार 390 के विरूद्ध एक लाख 35 हजार 646 कार्ड वितरित कर 76 प्रतिशत उपलब्धि प्राप्त की गई।     अटल पेंशन योजना में निर्धारित लक्ष्य 26 लाख 15 हजार के विरूद्ध शत-प्रतिशत हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया है।     पीएम स्व-निधि योजना में निर्धारित लक्ष्य 7 लाख 46 हजार 600 के विरूद्ध 11 लाख 74 हजार 96 हितग्राहियों को लाभान्वित कर मध्यप्रदेश, देश में नंबर-वन राज्य बन गया है। योजना में लक्ष्य के विरूद्ध 157.25 प्रतिशत की उपलब्धि अर्जित की गई है।     अमृत सरोवर योजना में निर्धारित 3900 सरोवर निर्माण के विरूद्ध 5839 सरोवर निर्माण कर देश में अग्रणी बना है।   recent visitors 57