मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा- देश के हित में करेंगे काम, और काम के लेंगे पूरे दाम, यह भारतीय मजदूर संघ का नारा

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अखिल भारतीय वनवासी ग्रामीण मजदूर महासंघ के 7वें अधिवेशन के शुभारंभ सत्र में सम्बोधित करते हुए कहा कि मजदूर भाई-बहनों की सभी समस्याओं का समाधान करने के लिए भोपाल में विभागों से समन्वय कर काम किया जाएगा। वनवासी भाई-बहनों तथा सभी वर्ग की बेहतरी के लिए कार्य करने में सरकार कोई कसर नहीं छोड़ेगी। सरकार ने इंदौर की हुकुमचंद मिल के 4800 मजदूर भाई-बहनों के 224 करोड़ रुपए का बकाया भुगतान करवा दिया है। रतलाम की सज्जन मिल के मजदूरों का बकाया भुगतान भी शीघ्र करवा दिया जाएगा। सरकार की ओर से औद्योगिकीकरण को बढ़ावा देकर रोजगार के अवसर तलाशने के लिए औद्योगिक निवेश के लिए संभागीय स्तर पर रीजनल इण्डस्ट्री कॉन्क्लेव आयोजित कर उद्योगपतियों के साथ अनुबंध किए गये हैं। भोपाल में 9वीं ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट आयोजित की गयी। इसमें प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह की उपस्थिति में प्रदेश में उद्योगों को बढावा देने और रोजगार के अवसर तलाशने के कार्य किए गए हैं। प्रदेश में रोजगारमूलक उद्यम स्थापित करने वाले उद्योगपतियों को जमीन आवंटन, विद्युत बिल में छूट देते हुए 70 प्रतिशत तक सरकार द्वारा सबसिडी दी जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि देश के हित में करेंगे काम, और काम के लेंगे पूरे दाम, यह भारतीय मजदूर संघ का नारा है। सरकार की ओर से देशहित में काम करने वाले मजदूरों को उनका पूरा हक दिया जाएगा। वस्त्र उद्योग में कार्य करने वाले श्रमिकों को प्रति मजदूर 5 हजार रुपए प्रति माह अनुग्रह राशि देने की योजना पर कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अलीराजपुर क्षेत्र के मजदूर भाई-बहन काम की तलाश में गुजरात राज्य की सूरत स्थित हीरा फैक्ट्री में कार्य पर जाते हैं, इसके लिए अब अलीराजपुर में ही हीरा फैक्ट्री के माध्यम से रोजगार के साधन उपलब्ध कराए जाएंगे। गंभीर बीमारी के समय गरीबों/मजदूरों के उपचार के लिये एयर एम्बुलेंस सेवा के माध्यम से अन्यत्र भेजने की व्यवस्था सरकार द्वारा की जा रही है। गरीबों के उपचार के लिये प्रधानमंत्री आयुष्मान योजना में निजी चिकित्सालयों में भी उपचार की व्यवस्था की गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि धार और झाबुआ जिले में भी मेडिकल कॉलेज खोले जाएंगे, जिससे वनवासी जिलों में पढ़ाई एवं उपचार की बेहतर व्यवस्थाएं सुनिश्चित हो सके। सरकार द्वारा गरीब महिला, किसान, युवा सभी वर्गों के लिए प्राथमिकता से काम किया जा रहा है। प्रधानमंत्री कौशल उन्नयन योजना अन्तर्गत शिल्पकार, मिस्त्री, बढ़ई सभी वर्गों को रोजगार स्थापित करने में सरकार द्वारा प्रशिक्षण एवं वित्तीय सहयोग प्रदान किया जा रहा है। मजदूर भाई-बहनों के कल्याण के लिए संबल योजना संचालित है। संबल योजना अन्तर्गत सभी मजदूर भाई-बहन अपना पंजीयन अनिवार्य रुप से करवाएं। योजना में स्वास्थ्य, शिक्षा, आवास आदि योजनाओं में लाभान्वित किया जा रहा है। परिवार के सदस्य की आकस्मिक मृत्यु होने पर परिवार के संबल के लिए अनुग्रह राशि दिए जाने का भी प्रावधान किया गया है। संबल योजना में रतलाम जिले के 4 लाख 92 हजार मजदूरों का पंजीयन किया जा चुका है। योजना में पुनः सर्वे कराया जाकर वंचित रहे शेष पात्र हितग्राहियों को पक्के मकान प्रदान किए जाएंगे। बच्चों को स्कूल में सायकल, पाठ्य सामग्री, गणवेश तथा फीस की सुविधा सरकार द्वारा की जाती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों की स्थिति बेहतर करने के लिए हर किसान के खेत पर पानी पहुंचाना, बिजली के संसाधन पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है। किसानों को मोटा अनाज (श्री अन्न) उत्पादन के लिए प्रेरित करने के लिये रानी दुर्गावती श्री अन्न प्रोत्साहन योजना अन्तर्गत कोदो, कुटकी, मक्का तथा मोटे अनाज उत्पादन करने वाले कृषको को एक हजार रुपए प्रति क्विंटल का अनुदान दिया जाएगा। डॉ. अम्बेडकर जयन्ती के अवसर से सरकार द्वारा गोपालकों से सहकारिता समितियों के माध्यम से दूध खरीदने की व्यवस्था के लिए डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना प्रारम्भ की जा रही है। पशुपालन अन्तर्गत दुग्ध उत्पादन के लिए सहकारिता आधारित कार्य किया जा रहा है। योजना अन्तर्गत 25 से ज्यादा गाय-भैंस पालने वाले गौपालक को अनुदान दिया जाएगा। कार्यक्रम में रतलाम महापौर श्री प्रहलाद पटेल ने स्वागत् उद्बोधन दिया। अखिल भारतीय मजदूर महासंघ के अध्यक्ष श्री सुरेन्द्रसिंह ने भी संबोधित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वनवासी ग्रामीण मजदूर महासंघ के संस्थापक श्री अरविन्द मोघे का अंग वस्त्रम तथा प्रतीक चिन्ह भेंट कर अभिनन्दन किया। विधायक सभागृह रतलाम में आयोजित अधिवेशन में सूक्ष्म, लघु, मध्यम उद्यम मंत्री श्री चैतन्य काश्यप, विधायक श्री मथुरालाल डामर, विधायक श्री चिन्तामण मालवीय, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती लालाबाई शंभूलाल चन्द्रवंशी, पूर्व मंत्री श्री हिम्मत कोठारी, श्री भूरालाल डामर, श्री पवन पंत, श्री राघवसिंह भाभर, श्री बेगाजी, श्री संजयसिंह, श्री कुलदीप गुर्जर, श्री कैलाश निनामा, श्री प्रमोद जैन, श्री भरत पाटीदार, श्री अर्जुन राम, श्री मानसिंह मईडा, श्री भेरुलाल खदेडा, श्री कृष्णकुमार मईडा, श्री बालमुकुन्द पाटीदार, श्री राजू खराडी, पूर्व विधायक श्री दिलीप मकवाना, श्री विप्लव जैन, पूर्व महापौर श्री शैलेन्द्र डागा, श्री बजरंग पुरोहित, श्री अशोक पोरवाल, श्री कन्हैयालाल मौर्य, उपस्थित थे।   recent visitors 67

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गौ-माता की सेवा हमारी संस्कृति एवं संस्कारों का अहम हिस्सा है

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश में गौ-संरक्षण और संवर्धन की दिशा में राज्य सरकार द्वारा तेजी से संकल्पबद्ध होकर कार्य किया जा रहा है। राज्य सरकार द्वारा प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी के संकल्प को पूरा करने के लिए गौ-शालाओं के विस्तार के लिए योजनाबद्ध रूप से प्रयास किये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में गौ-शालाओं के माध्यम से गौ-सेवा की नई इबारत लिखी जाएगी और प्रदेश में नई दुग्ध क्रांति लाई जाएगी। इससे दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के साथ ही दुग्ध उत्पादकों की आमदनी में भी वृद्धि की जाएगी। हमारा प्रयास है कि दुग्ध उत्पादकों को दुग्ध के बेहतर दाम मिले। इस दिशा में हम तेजी से प्रयास कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार को इंदौर जिले के महू-मण्डलेश्वर मार्ग पर स्थित आशापुरा में प्रदेश में हाईटेक कामधेनु गौ-शाला के भूमि-पूजन समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस गौ-शाला में 10 हजार गायों के पालन-पोषण की व्यवस्था रहेगी। यह गौ-शाला लगभग 25 हेक्टेयर क्षेत्र में बनाई जा रही है। इस गौ-शाला का निर्माण इंदौर नगर निगम द्वारा किया जायेगा। इसकी देखरेख की जिम्मेदारी भी नगर निगम ही संभालेंगी। गौ-शाला के संचालन में संत समाज का सहयोग भी लिया जायेगा। गौ-शाला के संचालन में समाजसेवी नि:स्वार्थ भाव से गौ-सेवा के कार्यों में जुड़ सकेंगे। गायों के पालन और संरक्षण के लिये सभी जरूरी सुविधाएं गौ-शाला में रहेंगी। गौ-शाला क्षेत्र में सघन पौध-रोपण भी किया जायेगा। कार्यक्रम में महापौर श्री पुष्यमित्र भार्गव, राज्यसभा सदस्य सुश्री कविता पाटीदार, विधायक सुश्री उषा ठाकुर, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती रीना सतीश मालवीय, श्री सुमित मिश्रा, श्री श्रवण चावड़ा, श्री निरंजन सिंह चौहान सहित जनप्रतिनिधि और स्वामी श्री अच्युतानंद जी महाराज विशेष रूप से मौजूद रहे। दुग्ध उत्पादकों को मिलें बेहतर दाम मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में सभी वर्ग की बेहतरी के लिए राज्य सरकार द्वारा संकल्पबद्ध होकर प्रयास किये जा रहे हैं। प्रदेश की अर्थव्यवस्था कृषि आधारित है। कृषि क्षेत्र में रोजगार की अपार संभावनाएं हैं। किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए राज्य शासन द्वारा निरंतर प्रयास किये जा रहे हैं। हमारी सरकार दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के भी निरंतर प्रयास कर रही है। साथ ही हमारे प्रयास है कि दुग्ध उत्पादकों को दुग्ध के बेहतर दाम मिले। अभी देश के कुल दुग्ध उत्पादन का 9 प्रतिशत उत्पादन मध्यप्रदेश में है, इसे बढ़ाकर 20 प्रतिशत करने का लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में निराश्रित गौ-वंश की समस्याओं का समाधान गौ-शालाओं के माध्यम से किया जा रहा है। प्रदेश के सभी बड़े नगरों में हजारों गौ-वंश क्षमता की गौ-शालाएँ स्थापित कर उनका बेहतर संचालन सुनिश्चित किया जा रहा है। इंदौर में भी अब 10 हजार गौ-वंश क्षमता की अत्याधनिक सुविधाओं से युक्त गौ-शाला बनायी जा रही है। यह कामधेनु गौ-शाला अद्भुत होगी। उन्होंने कहा कि गौ-शालाओं के विकास में शासन के साथ समाज की सहभागिता भी सुनिश्चित की जायेगी। उन्होंने आहवान किया की समर्पण और सेवा भाव के साथ समाज का हर वर्ग गौ-शाला के संचालन में सहयोग के लिये भागीदार बने। राज्य शासन द्वारा गौ-शालाओं के विकास और विस्तार में किसी भी तरह की कमी नहीं आने दी जायेगी। गौ-माता की सेवा हमारी संस्कृति एवं संस्कारों का अहम हिस्सा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गौ-माता की सेवा हमारी संस्कृति एवं संस्कारों का अहम हिस्सा है। गौ-माता में 33 करोड़ देवी-देवताओं का वास होता है, जो हमारे लिये पूजनीय है। उन्होंने कहा कि गौ-वंश के संरक्षण और संवर्धन के लिये राज्य शासन ‍निरंतर प्रयासरत है। हमने यह वर्ष गौ-माता की सेवा को समर्पित किया है। गौ-वंश को बढ़ावा देने के लिये डॉ. भीमराव अम्बेडकर के नाम से योजना प्रारंभ की गयी है। इस योजना में गौ-वंश पालकों को अनुदान दिया जायेगा। उन्होंने कहा कि गौ-संरक्षण एवं गौ-संवर्धन के लिये मध्यप्रदेश सरकार प्रतिबद्ध है। प्रदेश में स्वावलंबी गौ-शालाओं की स्थापना नीति-2025 बनायी गयी है। निराश्रित गौ-वंश की समस्या का समाधान गौ-शालाओं की स्थापना से किया जा रहा है। गौ-सेवा कर, बछिया को दुलारा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम के प्रारंभ में गौमाता का पूजन कर गौ-ग्रास भी खिलाया। मुख्यमंत्री ने बछिया को गोद में लेकर स्नेह से दुलार किया। महापौर श्री पुष्यमित्र भार्गव ने अपने सम्बोधन में कहा कि मध्यप्रदेश में हर क्षेत्र में तेजी से विकास हो रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में विकास की नयी इबारत लिखी जा रही है। मध्यप्रदेश सरकार द्वारा गौ-वंश के संरक्षण एवं संवर्धन के लिये कृत संकल्पित होकर कार्य किये जा रहे हैं। हातोद स्थित गौ-शाला का कायाकल्प किया गया। इसे उच्च सुविधाओं से युक्त किया गया है। इससे गायों की संख्या बढ़कर 650 से 2 हजार हो गयी। इंदौर देश की एकमात्र ऐसी नगर निगम होगी जहाँ गौ-सेवा के लिये सवा सौ बीघा भूमि पर गौ-शालाये होंगी। स्वामी श्री अच्चुतानंदजी महाराज ने कहा कि गौ-रक्षा की दिशा में यह सबसे बड़ा प्रकल्प है। यह गौ-शाला देश की अन्य गौ-शालाओं के लिये उत्कृष्ट उदाहरण बनेगी। गौ-वंश का संरक्षण एवं संवर्धन अब जन-आंदोलन बन गया है। सर्वसुविधा युक्त होगी कामधेनु गौ-शाला आशापुरा (महू) नगर निगम इंदौर द्वारा महू तहसील के आशापुरा ग्राम में कामधेनु गौ-शाला का निर्माण प्रारंभ किया गया है। इस गौ-शाला के लिए कलेक्टर इंदौर द्वारा लगभग 25 हेक्टेयर भूमि आवंटित कर गौ-वंश के संवर्धन हेतु नगर निगम इन्दौर के अधिपत्य में दी गयी है। recent visitors 55

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के सभी जिलों, नगर निगमों, परिषद और पंचायतों के हितग्राहियों को वर्चुअली किया संबोधित

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि रोटी, कपड़ा और मकान जैसी मूलभूत आवश्यकताओं के अलावा भी ऐसी जरूरतें होती हैं, जिनके लिए धनराशि जरूरी होती है। प्रसूति, बीमारी, दिव्यांगता और किसी अपने को खो देने जैसे मुश्किल समय में कई बार हम स्वयं को असहाय महसूस करते हैं। संबल योजना ऐसे ही मुश्किल वक्त में जरूरतमंद के आंसू पोछती है और उनको सहारा प्रदान करती है। राज्य सरकार प्रदेश के गरीब और श्रमिक वर्ग के कल्याण तथा उनका भाग्य बदलने के लिए दृढ़ संकल्प के साथ कार्य कर रही है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की भावना के अनुरूप अंत्योदय के कल्याण के संकल्प को प्रदेश में क्रियान्वित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल) योजना के अंतर्गत प्रदेश के 23 हजार 162 श्रमिक परिवारों के खातों में 505 करोड़ रूपए की राशि सिंगल क्लिक से अंतरित करने के बाद परिवारों को मंत्रालय से वर्चुअली संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 5 हितग्राहियों से वर्चुअली संवाद कर उनके परिजन के निधन पर संवेदनाएं प्रकट की। कार्यक्रम में पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल वर्चुअली शामिल हुए। प्रदेश के सभी जिलों, नगर निगमों, नगर परिषद और ग्राम पंचायतों के हितग्राही और जनप्रतिनिधि भी वर्चुअली जुड़े। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के श्रमिक परिवारों का अभिवादन करते हुए कहा कि परिश्रम से अपने और अपने परिवार का जीवन चलाने वाले श्रमिक ही प्रदेश के विकास की नींव हैं। परिश्रम से ही प्रतिभा निखरती है और आने वाली पीढ़ी के सुखद भविष्य का मार्ग भी बनता है। राज्य सरकार ने जरूरतमंद बच्चों की पढ़ाई के लिए पर्याप्त व्यवस्था की है। पढ़ाई में बेहतर प्रदर्शन कर रहे विद्यार्थियों को स्कूटी और लैपटॉप देकर प्रोत्साहित भी किया जा रहा है। राज्य सरकार का प्रयास है कि सभी प्रदेशवासियों का जीवन बेहतर हो। हर परिवार आनंद और वैभव के साथ सभी जीवन व्यतीत करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार शुचिता- पारदर्शिता और दक्षता के साथ जनकल्याण और विकास के लिए कार्य कर रही है। संबल योजना का बैकलॉग भी समाप्त किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि संबल योजना में अब तक 6 लाख 58 हजार से अधिक परिवारों को 5 हजार 927 करोड़ रूपए से अधिक के हितलाभ दिए जा चुके हैं। राज्य सरकार ने गिग और प्लेटफार्म वर्कर्स को असंगठित श्रमिक मानते हुए 01 मार्च 2024 से उन्हें संबल योजना में उन्हें शामिल करने का निर्णय लिया है। प्रधानमंत्री श्री मोदी की पहल पर सभी संबल हितग्राहियों को आयुष्मान भारत निरामयम योजना में शामिल किया गया है। श्रमिक बहनों को गर्भावस्था के समय काम पर न जाना पड़े और उन्हें पोषण भी मिलता रहे, यह सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार ने ऐसी बहनों को 16 हजार रूपए देने की व्यवस्था की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम में श्रीमती अंजली रैकवार के पति के निधन पर 4 लाख रूपए तथा शेष चार हितग्राहियों को 2-2 रूपए की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव से वर्चुअली संवाद में मंदसौर की श्रीमती अंजली रैकवार ने बताया कि इस सहायता से उन्हें पर्याप्त सहारा मिला और वे अब ब्यूटी पार्लर का कार्य सीख रही हैं। शहडोल की श्रीमती मन्नू ढीमर ने बताया कि वे छोटी किराना दुकान संचालित कर रही हैं। दतिया की श्रीमती कल्लन वाल्मीक, सीहोर की श्रीमती शिव कुमारी और खरगोन की श्रीमती प्रेमलता कर्मा ने बताया कि संबल योजना में मिली सहायता से परिवार के लालन-पालन और बच्चों की पढ़ाई में मदद मिली है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम में जुड़े सभी हितग्राहियों से लाड़ली बहना योजना, आयुष्मान योजना, खाद्यान्न पर्ची, उज्जवला योजना जैसी सभी कल्याणकारी योजनाओं से जुड़ने का आहवान किया। जरूरत के समय मदद करती है संबल योजना : मंत्री श्री पटेल श्रम, पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का योजना के क्रियान्वयन में पूर्ण सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जनकल्याण संबल योजना वर्ष 2018 में प्रारंभ हुई थी। सरकार की यह योजना जरूरतमंदों की मदद करने वाली योजना है। योजना के प्रारंभ से अब तक 5 हजार 927 करोड़ रुपए का लाभ हितग्राहियों को मिल चुका है। उन्होंने कहा कि योजना में अनुग्रह सहायता योजना अंतर्गत श्रमिक की दुर्घटना में मृत्यु होने पर 4 लाख रुपए की राशि, सामान्य मृत्यु पर 2 लाख रुपए की राशि दी जाती है। स्थाई अपंगता पर 2 लाख रुपए एवं आंशिक स्थाई अपंगता पर 1 लाख रुपए की राशि श्रमिक परिवारों को दी जाती है। आज के कार्यक्रम में कई जिले ऐसे हैं जहां हितग्राहियों को 10 करोड़ रुपए से अधिक की राशि दी जा रही है। उन्होंने कहा कि औसतन प्रति माह 3.5 हजार प्रकरणों का निराकरण संबल योजना के तहत किया जाता है।   recent visitors 46

सहकारिता आंदोलन को आगामी 4 वर्ष में नए मुकाम पर पहुंचाएंगे : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश सरकार सर्वजनकल्याण के संकल्पों के साथ कार्य कर रही है। वर्तमान में पंचायत से लेकर मंत्रालय तक पारदर्शितापूर्ण कार्य शैली के कारण अन्य क्षेत्रों के साथ सहकारी क्षेत्र में समृद्ध हुआ है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय सहकारिता एवं गृह मंत्री श्री अमित शाह ने सहकारिता का लाभ पहुंचाने के लिये बहुजन हिताय-बहुजन सुखाय के भाव के अनुसार कार्य करने के लिए मार्गदर्शन दिया है। मध्यप्रदेश सहकारिता के क्षेत्र में निश्चित ही नए दौर की नई कहानी लिखेगा। गुजरात में दूध पर बोनस की जिस तरह व्यवस्था है, मध्यप्रदेश भी इस दिशा में आगे बढ़ रहा है। इसके साथ ही मध्यप्रदेश में मत्स्य पालन के लिए काफी बड़ा क्षेत्र है और हाल ही में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में भी उद्योग क्षेत्र के साथ सहकारिता ने कार्य करने की पहल की है। मध्यप्रदेश में सहकारिता आंदोलन को गति दी जा रही है। अब सहकारिता क्षेत्र में व्यवस्थाएं काफी पारदर्शी हैं और मध्यप्रदेश में सहकारिता के विभिन्न आयामों पर कार्य किया जाएगा। आने वाले चार वर्ष में सहकारिता आंदोलन को नए मुकाम पर पहुंचाया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुधवार को समन्वय भवन में अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष-2025 के राज्य स्तरीय कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सम्मेलन में पधारे प्रदेश भर के प्रतिभागियों का स्वागत किया। उन्होंने सहकारिता विभाग में नवनियुक्त सहकारी निरीक्षकों के नियुक्ति पत्र भी सौंपे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सहकारिता विभाग के प्रयासों की सराहना की। भारत में प्रचलित व्यवस्थाओं से सीखते हैं अन्य देश मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत में सहकारिता का इतिहास पुराना है। भारत में वर्षों पूर्व अश्वमेघ यज्ञ की परंपरा रही थी। लेकिन भारत ने किसी राष्ट्र पर कब्जा नहीं किया। छोटे-छोटे राज्यों की स्वायत्तता को खत्म नहीं होने दिया बल्कि उन्हें साथ लेकर कार्य किया और उनके स्वावलंबन को भी जीवंत रखा। सच्चे अर्थों में संयुक्त राष्ट्र संघ की भावना का पालन करने वाला कोई राष्ट्र है तो वह भारत है। जब यह कहा जाता है सर्वे भवन्तु सुखिन:, सर्वे सन्तु निरामया: ….तो इसका अर्थ है सभी को परस्पर जोड़ना और अपने लाभ में उन्हें सहभागी बनाना। यह वसुधैव कुटुम्बकम जैसे वेद वाक्य का लघु रूप है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने विश्व में भारत की गरिमा बढ़ाने का कार्य किया है। प्रधानमंत्री श्री मोदी की भावना के अनुरूप मध्यप्रदेश में होगा कार्य मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी ने सहकारिता के मूल भाव के अनुरूप बहुउद्देशीय सहकारी समितियों की कल्पना की। इसे साकार करने के लिए सहकारिता का दायित्व केंद्रीय मंत्री श्री अमित शाह को दिया गया। केंद्र सरकार ने सहकारिता में सभी के कल्याण का ध्यान रखा है। मध्यप्रदेश में भी इसी तर्ज पर कार्य हो रहा है। सहकारिता अधिनियम में परिवर्तन के फलस्वरूप सोसायटी के रजिस्ट्रेशन का कार्य 30 दिन में संभव होगा। पूर्व में यह अवधि 90 दिवस थी। पूर्व की व्यवस्था में अनेक कठिनाईयों को सामना करना होता था। प्रधानमंत्री श्री मोदी के मार्गदर्शन में सहकारिता क्षेत्र में प्रक्रियाओं को सरल बनाने की पहल हुई। सहकारिता को उन्होंने बहुउद्देश्यीय और बहुआयामी बनाने का कार्य किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा औद्योगीकरण में सिर्फ व्यक्ति ही नहीं, सहकारिता की भी भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। मध्यप्रदेश किसानों, गौ पालकों और मत्स्य पालकों को सहकारी क्षेत्र में अधिक से अधिक लाभ दिलवाकर इस क्षेत्र में शिखर पर पहुंचेगा। सहकारी ध्वजारोहण कर कैलेण्डर, मैन्युअल और परिपत्र पुस्तिका का किया विमोचन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शुरूआत में सहकारी ध्वजारोहण कर अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष 2025 के वार्षिक कैलेंडर, पैक्स कार्य मैन्युअल और सहकारिता में सहकार, पैक्स पुनर्गठन और व्यवसाय संवर्धन के महत्वपूर्ण परिपत्रों की पुस्तिका का विमोचन किया। इसके साथ ही मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने माइक्रो एटीएम पखवाड़े का शुभारंभ भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम में उत्कृष्ट कार्य करने वाली पैक्स, दुग्ध सहकारी संस्थाओं और मत्स्य पालक सहकारी संस्थाओं को पुरस्कार प्रदान किए। इन संस्थाओं में विदिशा, इंदौर और खरगोन की संस्थाएं शामिल हैं। कार्यक्रम को सहकारिता और खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी और केंद्रीय सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने सहकारिता से समृद्धि का मंत्र दिया है। मध्यप्रदेश सहकारिता क्षेत्र में अग्रणी हो रहा है। हाल ही में जीआईएस-भोपाल में नया अध्याय जोड़ा गया जब सीपीपीपी अर्थात को-ऑपरेटिव पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप का विषय सामने आया। सहकारिता विभाग में कई नवाचार भी किए जा रहे हैं। ईज ऑफ डूईंग बिजनेस के अनुरूप कार्य किया जा रहा है। अपर मुख्य सचिव सहकारिता श्री अशोक बर्णवाल ने स्वागत उद्बोधन दिया। कार्यक्रम में प्रमुख सचिव पशुपालन एवं डेयरी श्री उमाकांत उमराव, प्रमुख सचिव मत्स्य पालन श्री डी.पी. आहूजा, राज्य सहकारी विपणन संघ के प्रबंध संचालक श्री आलोक कुमार सिंह, आयुक्त सहकारिता श्री मनोज पुष्प, नाबार्ड क्षेत्रीय कार्यालय की मुख्य महा प्रबंधक श्रीमती सी. सरस्वती एवं बड़ी संख्या में प्रदेश की सहकारी संस्थाओं के प्रतिनिधि, जिला सहकारी बैंक, अपेक्स बैंक, पैक्स, दुग्ध एवं मत्स्य समितियों के साथ ही सहकारिता विभाग के अधिकारी और कर्मचारी भी उपस्थित थे। recent visitors 39

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विधायक प्रीतम लोधी एवं पार्षद श्री सांखला के निवास पर पहुँचकर व्यक्त की शोक संवेदनाएं

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ग्वालियर के ग्राम जलालपुर पहुँचकर पिछोर विधायक श्री प्रीतम लोधी के छोटे भाई वीरन सिंह के निधन पर शोक संवेदनाएं व्यक्त की। उन्होंने स्व. वीरन सिंह चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री डॉ. यादवदौलतगंज में वरिष्ठ पार्षद श्री अनिल सांखला के निवास परभी पहुँचे। उन्होंनेश्री सांखला के बड़े भाई श्रीसुभाष सांखला के निधन पर शोक संवेदना व्यक्त कर श्रृद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के साथ पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री प्रहलादसिंह पटेल, नगर निगम सभापति श्री मनोज तोमर, श्री जयप्रकाश राजौरिया और श्री प्रेम सिंह राजपूत सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी श्रृद्धांजलिदी।   recent visitors 41

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा- आयोग ने कहा मध्यप्रदेश का भविष्य है सुरक्षित हाथों में

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राज्यों के सशक्तिकरण में ही राष्ट्र का सशक्तिकरण है, इसलिए केन्द्रीय करों और राजस्व प्राप्तियों में राज्यों की हिस्सेदारी अर्थात् अनुदान बढ़ाया जाना चाहिए। राज्य अपनी क्षमता और सीमित संसाधनों से ही अपने लक्ष्यों की पूर्ति के लिए काम करते हैं। केन्द्र सरकार से अधिक वित्तीय अनुदान मिलने से राज्य अपने दीर्घकालीन लक्ष्यों को अल्पकाल में ही प्राप्त कर सकेंगे। विकसित भारत का निर्माण, विकसित मध्यप्रदेश के बिना नहीं हो सकता, इसलिए केन्द्रीय करों में राज्यों की हिस्सेदारी 44 प्रतिशत से बढ़ाकर 48 प्रतिशत तक की जाए। इससे राज्य सशक्त होंगे और राष्ट्र को विकास की ले जाने में सहायक होंगे। डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश एक बड़ा राज्य है, इसलिए इसकी जरूरतें भी बड़ी हैं। लोक कल्याणकारी राज्य की स्थापना करना ही केन्द्र और राज्य सरकारों का लक्ष्य है। केन्द्र और राज्यों के बेहतर तालमेल और आपसी सामंजस्य से यह लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरुवार को कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर में 16वें केन्द्रीय वित्त आयोग के अध्यक्ष और सदस्यों के साथ महत्वपूर्ण बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने आयोग के राज्य के दीर्घकालिक लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए वित्तीय संसाधनों की आवश्यकता का जिक्र कर वित्त आयोग से प्रदेश की अपेक्षाओं से भी अवगत कराया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश देश का सर्वाधिक प्रगतिशील राज्य है। प्रदेश कृषि, अधोसंरचना, शिक्षा, स्वास्थ्य, वन, पर्यटन, नगरीय विकास और औद्योगिक विकास के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। इन क्षेत्रों में और अधिक विकास के लिए केन्द्र सरकार से और अधिक वित्तीय सहयोग/अनुदान की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत में मध्यप्रदेश को भी योगदान देना है। हम विकसित मध्यप्रदेश का संकल्प पूरा करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अभी हमारा बजट करीब साढ़े तीन लाख करोड़ रूपए है। अगले पांच सालों में हम इस बजट को बढ़ाकर दोगुना कर देंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वित्त आयोग से कहा कि हम नदियों को जोड़कर जल बंटवारे के लिए पड़ोसी राज्यों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। पार्वती-कालीसिंध-चंबल (पीकेसी) नदी जोड़ो परियोजना में हमने राजस्थान के साथ मिलकर किया जा रहा हैं। केन्द्र सरकार ने इस राष्ट्रीय नदी जोड़ो परियोजना के लिए 90 हजार करोड़ रूपए आवंटित किए। इसी तरह केन-बेतवा लिंक राष्ट्रीय परियोजना के लिए उत्तरप्रदेश सरकार के साथ मिलकर कार्य किया जा रहा हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने दोनों राष्ट्रीय परियोजना का भूमि-पूजन कर मध्यप्रदेश को गौरव प्रदान किया है। अब महाराष्ट्र सरकार के साथ ताप्ती नदी परियोजना पर काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज से 20 साल पहले तक प्रदेश में केवल 7 लाख हेक्टेयर कृषि भूमि सिचिंत थी, आज प्रदेश की 48 लाख हेक्टेयर से अधिक कृषि भूमि को हम सिंचित कर चुके हैं। प्रदेश में नदी जोड़ो के लिए एक अभियान चला रहे हैं। किसानों के साथ हमारा आत्मीय संबंध है और खेतों तक पानी पहुंचाना हमारा पहला कर्तव्य है। हमारी नीतियों के कारण किसानों का जैविक खेती की ओर तेजी से रूझान बढ़ा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी 18 नई औद्योगिक नीतियों के कारण निवेशक भी जुड़ रहे हैं। आरआईसी और जीआईएस-भोपाल के जरिए प्रदेश को 30.77 लाख करोड़ रूपए के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। यह निवेशकों का मध्यप्रदेश पर बढ़ते विश्वास का प्रतीक है। हम प्रदेश के हर जिला कलेक्ट्रेट में उद्योग प्रकोष्ठ बना रहे हैं, इससे किसी निवेशकों की जिला स्तर पर भी कठिनाई हल की जा सकेंगी। हम प्रदेश में व्यापार और व्यवसाय को सुगम बना रहे हैं। इसमें सभी का सहयोग लेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हम प्रदेश में हरसंभव तरीके से दूध उत्पादन को बढ़ावा देंगे। हमारी कोशिश है कि देश का 20 प्रतिशत से अधिक दूध मध्यप्रदेश में उत्पादित हो, इससे हमारे किसान और पशुपालक दोनों सम्पन्न होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि युवा शक्ति की ऊर्जा का भरपूर उपयोग भी हम कर रहे हैं। पंचशील सिद्धांतों का पालन करते हुए जन, जल, जंगल, जमीन और जैविक विविधता का संरक्षण हमारा प्राथमिक लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि जंगल बचेंगे, तो जल बचेगा और जल बचेगा, तो जन-जीवन बचेगा। हम जैविक संपदा को संरक्षित रखने के लिए भी हर जरूरी प्रयास कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हम प्रदेश के किसानों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए अगले तीन सालों में 30 लाख किसानों को सोलर पम्प दिये जायेंगे। इससे हमारे किसान अन्नदाता के साथ-साथ ऊर्जादाता भी बनेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार किसानों को मात्र पांच रूपए में बिजली का स्थाई कनेक्शन देने जा रही है, इससे हमारे किसानों को बिजली कनेक्शन के लिए कहीं भी भटकना नहीं पड़ेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वित्त आयोग को मध्यप्रदेश में बीते एक वर्ष में किए गए नवाचारों की जानकारी भी दी। उन्होंने बताया कि हमारी सरकार ने एयर एम्बुलेंस सेवा प्रारंभ की है। इससे बीते एक साल में कई गंभीर मरीजों को एयरलिफ्ट कर बड़े अस्पतालों तक पहुंचाकर उनका जीवन बचाया गया। हमारी इस सेवा को बेहद अच्छा प्रतिसाद मिला है। recent visitors 60

छिंदवाड़ा एवं नवगठित पांढुर्णा जिला अन्तर्गत तीन वनमंडलों को पुनर्गठित किये जाने का निर्णय: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक मंत्रालय में सम्पन्न हुई। मंत्रि-परिषद द्वारा केन्द्र प्रवर्तित सक्षम आंगनवाड़ी एवं पोषण 2.0 योजना अन्तर्गत "पोषण भी- पढ़ाई भी" प्रशिक्षण कार्यक्रम एवं भारत सरकार के मापदंडों अनुसार इसके आयोजन के लिए 30 करोड़ 56 लाख रूपये की स्वीकृति प्रदान की गयी। इसका उद्देश्य बाल्यावस्था के प्रथम एक हजार दिवस में प्रांरभिक उद्दीपन, 3 से 6 वर्ष के आयु वर्ग के लिए ईसीसीई (देखभाल व शिक्षा) को बढ़ावा देना, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को ईसीसीई एवं शैक्षिणक दृष्टिकोण की बुनियादी समझ विकसित करना, खेल आधारित उच्च गुणवत्ता प्रदान करना है। इसका लक्ष्य, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का क्षमता संवर्धन एवं परियोजना में एक बाल विकास परियोजना अधिकारी 3 पर्यवेक्षकों को मास्टर ट्रेनर बनाना हैं। गेहूं का उपार्जन रूपये 2,600 प्रति क्विंटल पर मंत्रि-परिषद द्वारा रबी विपणन वर्ष 2025-26 में किसानों को गेहूं उपार्जन पर बोनस भुगतान एवं सरप्लस गेंहू के निस्तारण के संबंध में गेंहू उपार्जन पर बोनस राशि रुपये 125/- प्रति क्विंटल के स्थान पर राशि में वृद्धि करते हुए राशि रूपये 175/- प्रति क्विंटल किये जाने का निर्णय लिया गया हैं। निर्णय अनुसार गेहूं का उपार्जन रूपये 2,600 प्रति क्विंटल पर किया जायेगा। उपार्जन कार्य 15 मार्च से प्रारंभ हो जायेगा। गेंहू की एमएसपी दर रूपये 2,425 प्रति क्विंटल पर उपार्जन पर रूपये 175 प्रति क्विंटल बोनस दिया जायेगा। 80 लाख मीट्रिक टन गेंहू के उपार्जन पर 1,400 करोड़ रूपये राज्य के कोष से व्यय किया जायेगा। धान उपार्जन पर किसानों को 4000 रुपए प्रति हेक्टेयर की मिलेगी प्रोत्साहन राशि धान उपार्जन अंतर्गत खरीफ मार्केटिंग सीजन 2024 में धान का विक्रय करने वाले किसानों को प्रति हेक्टेयर 4000 राशि के मान से 6.70 लाख किसानों को 12.20 लाख हेक्टेयर में पैदा की गई धान पर राज्य सरकार 480 करोड़ रूपये की राशि व्यय करेगी। प्रदेश में राजस्व भू-अभिलेखों के लंबित डिजिटाइजेशन के लिए 138 करोड़ 41 लाख रूपये की स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा भारत सरकार के डिजिटल इंडिया लैण्ड रिकार्ड मॉर्डनाईजेशन प्रोग्राम के तहत प्रदेश में राजस्व भू-अभिलेखों के लंबित डिजिटाइजेशन के लिए स्वीकृति दी गई है। स्वीकृति अनुसार राजस्व भू-अभिलेखों के लंबित डिजिटाइजेशन के लिए प्राक्कलित कुल राशि 138 करोड़ 41 लाख रूपये (कर सहित) की स्वीकृति प्रदान की गई। डिजिटाइजेशन के कार्य को म.प्र. भू-अभिलेख प्रबंधन समिति (एमपीएलआरएस) द्वारा खुली निविदा के माध्यम से क्रियान्वित किया जायेगा। छिंदवाड़ा एवं नवगठित पांढुर्णा जिला अन्तर्गत तीन वनमंडलों को पुनर्गठित किये जाने का निर्णय मंत्रि-परिषद द्वारा वर्तमान में छिंदवाड़ा वन वृत्त (छिंदवाड़ा जिला एवं नवगठित पांढुर्णा जिला) अंतर्गत तीन वनमंडलों पूर्व/पश्चिम/दक्षिण छिंदवाडा को पुनर्गठित किये जाने का निर्णय लिया गया हैं। निर्णय अनुसार दक्षिण छिंदवाड़ा वनमंडल के 662.742 वर्ग कि.मी. वनक्षेत्र को नवगठित पांढुर्णा वनमंडल में तथा शेष 293.944 वर्ग कि.मी. वनक्षेत्र को पूर्व व पश्चिम छिंदवाड़ा वनमंडलों में शामिल किया जायेगा एवं वनमंडल दक्षिण छिंडवाड़ा को समाप्त किया जायेगा। दक्षिण छिन्दवाड़ा वनमण्डल से पुनर्गठित पांढुर्णा तथा पूर्व व पश्चिम छिंडवाड़ा वनमण्डलों में पदों का पुर्न आवंटन किया जायेगा।   recent visitors 58