भोपाल के ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में निवेश का बनेगा रिकॉर्ड: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2025 में निवेश के क्षेत्र में मध्यप्रदेश को माइनिंग के क्षेत्र में सबसे बड़ी ताकत मिलेगी। उन्होंने कहा कि माइनिंग सेक्टर में निवेश की असीमित संभावनाएँ हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव राष्ट्रीय मानव संग्रहालय भोपाल में आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2025 के माइनिंग सत्र को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश एकमात्र ऐसा राज्य है, जहाँ पत्थर उठाओ तो हीरा मिलता है। उन्होंने कहा कि खनिज राजस्व में 5 गुना वृद्धि का लक्ष्य है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भोपाल के ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में निवेश का रिकॉर्ड बनेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में खनिज के अकूत भण्डार हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में हीरे के साथ लाइम स्टोन, डोलोमाइट, सीमेंट, कॉपर, मैग्नीज और रॉक फास्फेट जैसे खनिज प्रचुर मात्रा में उपलब्ध हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में सभी विभागों के समन्वय से खनन की सरल एवं लचीली नीति बनायी गयी है। उन्होंने कहा कि इन नीतियों से निवेशकों को मध्यप्रदेश में निवेश करने में आसानी होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि निवेशकों को नीति से हटकर भी कोई सहयोग की आवश्यकता होगी, तो उसे भी पूरा किया जायेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में निवेशकों के लिये नीतियों के बलबूते माइनिंग सेक्टर में बड़ी बढ़त देखने को मिलेगी। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में हम रॉ-मटेरियल देने के साथ प्रदेश को निर्माण का केन्द्र भी बनायेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश संभावनाओं का प्रदेश है। यहाँ बसने वाले लोग बहुत ही सरल है। खनन के क्षेत्र में कार्य करने वाले निवेशकों को पूरा सहयोग मिलेगा। उन्होंने कहा कि हम भारत सरकार के माध्यम से भी खनन के क्षेत्र में पॉलिसी बनाकर कार्य कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में मध्यप्रदेश देश में खनिज के क्षेत्र में अहम भूमिका निभाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारे प्रदेश के भू-गर्भ में छिपे खजाने को बाहर लाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि जीआईएस के बाद माइनिंग के लिये पृथक से भी समिट आयोजित की जायेगी। सचिव, खान मंत्रालय श्री बी.एल. कांताराव ने कहा कि भोपाल का ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट अभी तक का सबसे बेहतरीन आयोजन है। उन्होंने कहा कि इस बार की समिट में माइनिंग में बड़े उद्योगपतियों ने सहभागिता की है। इससे मध्यप्रदेश में खनिज में निवेश की संभावनाएँ बढ़ी हैं। केन्द्रीय सचिव, श्री कांताराव ने कहा कि केन्द्र सरकार के खनिज में 4 विभाग हैं, जिनमें कोल, एटॉमिक, पेट्रोलियम, नेचुरल रिसोर्स और मिनिस्ट्री ऑफ माइंस हैं। इन सभी मिनरल्स की मध्यप्रदेश में बहुतायत है। श्री कांताराव ने कहा कि देश में सबसे ज्यादा माइन्स मध्यप्रदेश में हैं। उन्होंने कहा कि हर 4 माइन्स में से एक माइन्स प्रदेश में है। उन्होंने कहा कि खनिज का सबसे ज्यादा ऑक्शन करने वाला राज्य मध्यप्रदेश है। उन्होंने कहा कि देश की जियो लॉजिकल सर्वे ऑफ इण्डिया कम्पनी 175 वर्ष पुरानी है, जिसने माइनिंग सेक्टर में अपार डेटा इकट्ठा किया है। उन्होंने निवेशकों से कहा कि डेटा स्टडी कर खनिज के क्षेत्र में कार्य करें। केन्द्रीय सचिव श्री कांताराव ने कहा कि माइनिंग के क्षेत्र में एक्सप्लोरेशन के लिये सरकार 100 प्रतिशत आर्थिक सहायता देगी। इसके साथ ही सरकार नई नीति के अंतर्गत एक्सप्लोरेशन कम्पनी को लागत का 50 प्रतिशत रिस्क कवर करेगी। केन्द्रीय सचिव श्री कांताराव ने कहा कि ओवर डम्प और रिसाइकिलिंग के लिये विशेष प्रावधान किये जा रहे हैं। इससे कम्पनियों को सहायता मिलेगी और निवेश मिलेगा। प्रमुख सचिव, खनिज श्री उमाकांत उमराव ने कहा कि मध्यप्रदेश में खनिज क्षेत्र में असीमित संभावनाएँ हैं। उन्होंने कहा कि कुछ ऐसे खनिज हैं, जो मध्यप्रदेश में ही पाये जाते हैं। सभी क्षेत्रों में खनिजों के अपार भण्डार हैं। इसके समुचित उपयोग के लिये प्रदेश में एक बेहतरीन ईको सिस्टम भी है। प्रमुख सचिव श्री उमराव ने निवेशकों से कहा कि प्रदेश में सड़क, बिजली, पानी, हवाई कनेक्टिविटी बहुत बेहतर है और यहाँ पर क्रिटिकल मिनरल्स भी बड़ी मात्रा में पाये जाते हैं। प्रमुख सचिव श्री उमराव ने कहा कि मध्यप्रदेश खनिज सम्पदा के क्षेत्र में अग्रणी राज्य है। खनन एवं खनिज आधारित उद्योगों के लिये अत्यधिक संभावनाएँ प्रदान करता है। मध्यप्रदेश में विविधतापूर्ण खनिज पूरे राज्य में प्रचुर मात्रा में उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि राज्य का देश में कॉपर, मैंग्नीज और हीरा उत्पादन में पहला, रॉक फास्फेट के उत्पादन में दूसरा, लाइम स्टोन के उत्पादन में तीसरा और कोयला उत्पादन में चौथा स्थान है। उन्होंने कहा कि राज्य में देश के कुल भण्डारण का 36 प्रतिशत कोल बेण्ड मीथेन के उत्पादन में राज्य का देश में दूसरा स्थान है। उन्होंने कहा कि खनिजों का पता लगाने का कार्य लगातार जारी है। वर्ष 2024-25 में अब तक 73 में से 62 ब्लॉक की नीलामी की जा चुकी है। प्रमुख सचिव श्री उमराव ने कहा कि राज्य में खनिज उद्योगों को बढ़ावा देने के लिये कई नीतिगत पहल की हैं। उन्होंने निवेशकों से कहा कि मध्यप्रदेश में निवेश करने का उचित समय है। उन्होंने सभी निवेशकों को मध्यप्रदेश में निवेश के लिये प्रेरित किया।   recent visitors 69

व्यापार-व्यवसाय में सहकारिता की महत्वपूर्ण भूमिका : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि व्यापार-व्यवसाय में सहकारिता की महत्वपूर्ण भूमिका है। दुग्ध क्षेत्र, पर्यटन, एमएसएमई सहित हर क्षेत्र में सहकारिता का अलग ही महत्व है। सहकारिता के बिना कुछ भी संभव नहीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव जीआईएस के दूसरे दिन थीमेटिक सत्र को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने राज्य सरकार की ओर से आश्वासन दिया कि जिस क्षेत्र में भी इन्वेस्टर काम करना चाहते हैं, म.प्र. सरकार उनका पूरा सहयोग करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की मौजूदगी में 19 एमओयू होना क्रांतिकारी पहल है। यह सहकारिता और अर्थव्यवस्था को नया आयाम देने के लिये उपयोगी साबित होंगे। सहकारिता मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने को-ऑपरेटिव पब्लिक प्राइवेट-पार्टनरशिप (सीपीपीपी) मॉडल की घोषणा कर सहकारिता क्षेत्र में सीपीपीपी के तहत कुल राशि 2305 करोड़ रूपये की राशि में 19 एमओयू किये गये। मंत्री श्री सारंग ने कहा कि मध्यप्रदेश का सीपीपीपी मॉडल देश की सहकारिता को बदलने का काम करेगा। बिना सहकार के रोजमर्रा की जिंदगी नहीं जी सकते। सहकारिता क्षेत्र में बड़े-बड़े उद्योगपतियों को भी जोड़ा जा रहा है। उन्होंने कहा कि सहकारिता क्षेत्र का नेटवर्क बहुत बड़ा है। हर व्यक्ति तक पहुंच बनाने के लिए सहकारिता बड़ा माध्यम है।   प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत@2047 के सपने को पूरा करने के लिये सहकारिता को मूल बनाया तो उस ध्येय तक पहुंचा जा सकता है। उन्होंने कहा कि सहकार से ही समृद्धि का मार्ग प्रशस्त होगा। मंत्री श्री सारंग ने सहकारिता विभाग में निवेश विंग की स्थापना की घोषणा की। उन्होंने कहा कि निवेश विंग डे-टू-डे काम करेगी। वो स्वयं इसकी मॉनीटरिंग करेंगे। उन्होंने जुड रहे निवेशकों का धन्यवाद दिया और नये इन्वेस्टर से जुडने का आग्रह किया कि सभी देश और प्रदेश की इकॉनॉमी ग्रोथ में अपना योगदान दें। केन्द्रीय सहकारिता मंत्रालय के संयुक्त सचिव श्री सिद्धार्थ ने कहा कि सहकारिता हमारा संस्कार है। पुराने समय से ही सहकारिता का अपना अलग महत्व है। उन्होंने बताया कि एक लाख पैक्स देशभर में है और 30 करोड़ की आबादी सहकारिता से जुड़ी हुई हैं। इस अमृतकाल में यही वह क्षेत्र है जो बहुत ज्यादा आगे बढ़ सकता है। सहकारिता में पैक्स को कम्प्यूटराईजेशन का काम चल रहा है। इसमें कोई संदेह नहीं विश्वास करें अगले दो वर्ष में यह समृद्धि के नये कीर्तिमान रचेगी। म.प्र. का नया सीपीपीपी मॉडल को भारत सरकार की ओर से पूरा सहयोग कर आगे बढ़ाया जायेगा। अपर मुख्य सचिव श्री अशोक बर्णवाल ने कहा कि जीआईएस में पहली बार सहकारिता क्षेत्र को जोड़ा गया है। हर क्षेत्र में सहकारिता की समितियां है। उन्होंने बातया कि मध्यप्रदेश में एक करोड़ 9 लाख सदस्य है और 16 हजार आउटलेट का नेटवर्क है। उन्होंने निवेशकों से कहा कि म.प्र. में पैक्स हर जरूरत पूरी करेगी। यह किसानों के लिये भी लाभदायक होगा। कार्यक्रम में बुलढाणा अर्बन को-ऑपरेटिव क्रेडिट सोसाइटी के संस्थापक एवं अध्यक्ष श्री राधेश्याम चांडक, रिलायंस के श्री कुमार अभिषेक, प्रतिभा सिन्टेक्स के श्री श्रेयसकर चौधरी, एग्रीविस्टा के श्री राजीव सिंह, वैधनाथ के श्री अनिरूद्ध गौर, भारतीय बीज के श्री जे.पी. सिंह, मेजेस्टिक बासमती के श्री विज्ञान लोधा, आरएम ग्रुप के श्री अनिमेष जैन, मशरूम वर्ल्ड के श्री समीर सागर, वी विन के श्री अभिषेक गुप्ता, न्यूट्रेलिस कृषि उत्पादक सहकारी समिति के श्री प्रदीप द्विवेदी, सावीर बॉयोटेक के श्री संदीप सुदन आदि ने अपने विचार साझा किये। recent visitors 74

मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में हुई जन अभियान परिषद कार्यकारिणी सभा की 15वीं बैठक

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि जन-अभियान परिषद से जुड़े स्वयंसेवी संगठन, प्रस्फुटन समितियां और नवांकुर संस्थाएं कृषकों को ऊर्जा में आत्म-निर्भर बनाने के लिए सोलर पंप लगवाने के लिए प्रेरित करें। साथ ही किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से गौपालन को भी प्रोत्साहित किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में दोनों गतिविधियों को अभियान के रूप में संचालित करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र कैंसर जैसे घातक रोगों से निरंतर प्रभावित हो रहे हैं। अत: रासायनिक खाद और कीटनाशकों के बल पर ली जा रही उपज के खतरों से किसानों को अवगत करवाना आवश्यक है। परिषद, किसानों को प्राकृतिक और अक्षय कृषि के लिए प्रोत्साहित करें। जन अभियान परिषद इन क्षेत्रों में कार्य कर ऊर्जा, जल और पर्यावरण संरक्षण, बेहतर स्वास्थ्य और कौशल विकास के क्षेत्र में योगदान दे सकती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में म.प्र. जन अभियान परिषद की कार्यकारिणी सभा की 15वीं बैठक मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में संपन्न हुई। बैठक में उप मुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा, जन अभियान परिषद के उपाध्यक्ष श्री मोहन नागर, अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा, श्री मोहम्मद सुलेमान सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जल गंगा अभियान को जन-जन का अभियान बनाना जरूरी है। इसमें जन अभियान परिषद महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के साथ मिलकर परिषद ग्राम स्तर तक वातावरण निर्माण में सक्रियता से योगदान दें। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की मंशा के अनुरूप श्रीअन्न की उपज लेने और तिलहन को बढ़ावा देने के लिए किसानों को प्रोत्साहित और प्रेरित करने की आवश्यकता बताई। बैठक में नवांकुर संस्थाओं के प्रशिक्षण, मुख्यमंत्री सामुदायिक नेतृत्व क्षमता विकास कार्यक्रम तथा विकास गतिविधियों एवं व्यावसायिक प्रशिक्षण के लिए संचालित गतिविधियों का प्रगति प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया। साथ ही परिषद के अन्य प्रशासनिक और प्रबंधकीय विषयों पर भी विचार-विमर्श हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर जन अभियान परिषद द्वारा महात्मा गांधी चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय के सहयोग से मुख्यमंत्री सामुदायिक नेतृत्व क्षमता विकास कार्यक्रम के लिए समाज कार्य स्नातक पाठ्यक्रम के अंतर्गत व्यक्तित्व विकास और चरित्र निर्माण पुस्तिका का विमोचन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा जन अभियान परिषद के संभागीय समीक्षा प्रतिवेदन 2024-25 तथा स्वैच्छिक संगठनों का संसार पुस्तिका का भी विमोचन किया। प्रदेश में सर्पदंश से हो रही मृत्यु की रोकथाम और बचाव की दृष्टि से सर्प पकड़ने और प्राथमिक उपचार के लिए होमगार्डस, युवाओं, इच्छुक व्यक्तियों के प्रशिक्षण के लिए सर्प अनुसंधान संगठन उज्जैन के साथ मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उपस्थिति में एमओयू पर हस्ताक्षर किये गये। इससे प्रदेश के प्रत्येक थाने में एक प्रशिक्षित व्यक्ति की उपस्थिति सुनिश्चित हो सकेगी।   recent visitors 67

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विभागीय कार्ययोजना की समीक्षा बैठक में दिये निर्देश

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को मंत्रालय में विभिन्न विभागों की विभागीय कार्ययोजना एवं उससे जुड़े वित्तीय प्रावधानों के संदर्भ में समीक्षा बैठक ली। बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विभागीय कार्य योजनाओं की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने कहा कि वर्तमान वित्त वर्ष में विभागों को जारी किए गए बजट में वित्तीय अनुशासन का पालन करते हुए शत-प्रतिशत बजट का उपयोग सुनिश्चित करें। नये वित्तीय वर्ष के बजट में योजनाओं के लक्ष्य के अनुरूप वित्तीय प्रावधान सुनिश्चित किए जाएं। सभी विभाग अपने निर्धारित लक्ष्य समय-सीमा में पूरा करें, जिससे विकास कार्यों को सुचारू रूप से सम्पन्न कराया जा सके। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा को निर्देश दिए कि वे आयुष्मान निरामयम योजना की नियमित रूप से मानीटरिंग करें। सभी जरूरतमंद व्यक्तियों के आयुष्मान कार्ड बनाने के प्रकरणों में तत्परता और सजगता से कार्रवाई की जाये। सभी पात्र व्यक्तियों के तेजी से आयुष्मान कार्ड बनाये जायें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विभिन्न योजनाओं की अद्यतन स्थिति की जानकारी ली और अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के लिए नियमित रूप से मॉनिटरिंग भी की जाए। जनहित से जुड़ी योजनाओं में किसी भी प्रकार की देरी नहीं होनी चाहिए और सरकार की योजनाओं का लाभ समय पर जनता तक पहुंचे, इसके लिए विभागों को बेहतर तालमेल और उच्च कोटि का समन्वय बनाकर कार्य करना चाहिए। उन्होंने कहा कि पूंजीगत परियोजनाओं की स्वीकृति समय पर हो तथा इनका क्रियान्वयन भी समय सीमा में ही पूरा करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के आर्थिक संसाधनों के न्यायसंगत वितरण पर जोर दिया और कहा कि वित्तीय नियमावली का पालन करते हुए योजनाओं का क्रियान्वयन किया जाए। उन्होंने सभी अधिकारियों से रिजल्ट ओरिएंटेड कार्यशैली अपनाने और योजनाओं के समयबद्ध निष्पादन के लिए प्रतिबद्ध होकर कार्य करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने सभी अधिकारियों को राज्य के समग्र और तीव्र विकास के लिए नीतिगत निर्णय लेने की प्रक्रिया में और तेजी लाने तथा वित्तीय संसाधनों के प्रभावी व अधिकतम उपयोग पर बल दिया। बैठक में विभागीय अधिकारियों ने अपनी विभागीय कार्य योजनाओं की जानकारी दी और आगामी वित्त वर्ष के लिए तय किये गये लक्ष्यों की रूपरेखा पर चर्चा की। बैठक में स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह, कौशल विकास एवं रोजगार राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री गौतम टेटवाल, मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय डा. राजेश राजौरा, अपर मुख्य सचिव उच्च शिक्षा श्री अनुपम राजन सहित लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा व नगरीय विकास एवं आवास विभाग के प्रमुख सचिव तथा स्कूल शिक्षा व तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार विभाग के सचिव उपस्थित थे।   recent visitors 57

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लाल घाटी स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने देश को स्वतंत्रता मिलने के बाद राजनैतिक दलों की दिशा और विचार प्रक्रिया निर्धारित की। साम्यवाद और पूंजीवाद के संघर्ष के उस दौर में उन्होंने एकात्म मानववाद का दर्शन दिया और अंत्योदय की अवधारणा के माध्यम से यह स्थापित किया कि गरीब की भलाई ही सत्ता की सर्वोच्च प्राथमिकता हो। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने इस विचार का अनुसरण करते हुए गरीबों को नि:शुल्क अन्न, पक्के मकान, बच्चों की बेहतर शिक्षा और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को अस्पतालों में 5 लाख रूपए तक नि:शुल्क इलाज की व्यवस्था की। राज्य सरकार पं.दीनदयाल उपाध्याय के अंत्योदय के सिद्धांत को क्रियान्वित करने के लिए प्रतिबद्ध है। गरीब से गरीब व्यक्ति के जीवन में बदलाव लाना हमारा उद्देश्य है। प्रदेश में आरंभ की गई पीएमश्री एयर एंबुलेंस सुविधा का लक्ष्य हर गरीब और जरूरतमंद को आवश्यक इलाज उपलब्ध कराना है। यही पं.दीनदयाल उपाध्याय को सच्ची श्रद्धांजलि है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव पंडित दीनदयाल उपाध्याय की पुण्य-तिथि पर भोपाल में लाल घाटी स्थित उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित करने के बाद उपस्थित जन समुदाय को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रतिमा स्थल पर नगर निगम भोपाल द्वारा लगभग 7 करोड़ रुपए की लागत से विकसित हो रही नमो वन वाटिका का भूमि-पूजन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 417 करोड़ रुपए लागत के विभिन्न कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया, जिसमें अमृत 2.0 परियोजना के अंतर्गत 400 करोड़ रूपए लागत की सीवरेज परियोजना, तीन करोड़ रूपए की लागत से क्रय चार सीवर कम जैटिंग मशीनों और बस स्टाप के रूप में परिवर्तित की गईं पुरानी बसों का लोकार्पण किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पं. दीनदयाल उपाध्याय की पुण्य-तिथि पर समर्पण दिवस के अंतर्गत समर्पण निधि में योगदान भी दिया। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2025 के माध्यम से प्रदेश औद्योगिकरण की दिशा में नई उड़ान के लिए पूरी तरह से तैयार है। औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार से प्रदेश की आय बढ़ेगी, जिसका लाभ गरीब, किसान, महिलाओं और युवाओं को होगा। भोपाल के लिए पहला अवसर है जब यहां ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का आयोजन होने जा रहा है। यह सौभाग्य का विषय है कि इस महत्वपूर्ण आयोजन का शुभारंभ प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राष्ट्रीय खेलों में मध्यप्रदेश के खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन के लिए खेल विभाग की प्रशंसा करते हुए कहा कि खेलों में उपलब्धि से प्रदेश का गौरव बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि राज्य सरकार कृषकों की आय बढ़ाने के लिए गौपालन और दुग्ध उत्पादन की विभिन्न योजनाओं पर कार्य कर रही है। पशुपालन और कृषि क्षेत्र में युवाओं के लिए विशेष प्रशिक्षण आरंभ किया जा रहा है। मंत्री श्री विश्वास सारंग ने कहा कि अंतिम पंक्ति के अंतिम व्यक्ति के कल्याण को समर्पित पं. दीनदयाल उपाध्याय के विचारों को धरातल पर क्रियान्वित करने के उद्देश्य से राज्य सरकार, मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में विभिन्न गतिविधियां संचालित कर रही है। महापौर श्रीमती मालती राय ने नमो वन वाटिका के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि यहां सौर ऊर्जा के माध्यम से विभिन्न गतिविधियां संचालित की जाएंगी। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ.यादव की मंशा के अनुरूप भोपाल नगर में प्रवेश करने वाले सभी मार्गों पर द्वार विकसित किए जाएंगे, इसकी शुरूआत शीघ्र ही इंदौर रोड से होगी। कार्यक्रम में सांसद श्री आलोक शर्मा, विधायक श्री रामेश्वर शर्मा, विधायक श्री भगवान दास सबनानी, सर्वश्री राहुल कोठारी, रवीन्द्र यती, सुमित पचौरी सहित अन्य जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे। समग्र मनोरंजन, सामुदायिक सहभागिता और सामाजिक सम्पर्कों का केंद्र बनेगी नमो वन वाटिका मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा नमो वन वाटिका के रूप में भोपाल को दी जा रही सौगात को एक जीवंत, बहुउद्देश्यीय मनोरंजन स्थल के रूप में परिकल्पित किया गया है, जो सभी आयु वर्ग और रुचियों के लोगों के लिए उपयोगी है। विस्तृत क्षेत्र में फैला यह पार्क प्रकृति, फिटनेस और मनोरंजन का आदर्श मिश्रण प्रदान करेगा। सुव्यवस्थित रूप से डिजाइन किए गए इस पार्क में एम्फीथिएटर, बुजुर्गों के लिए विश्राम क्षेत्र, योग व्यायाम स्थल, जॉगिंग ट्रैक, महिलाओं के लिए आत्मरक्षा प्रशिक्षण मैदान, फूड कोर्ट, कार पार्किंग क्षेत्र, बच्चों के लिए खेल क्षेत्र, जल निकाय, बत्तखों के लिए विशेष तालाब, बैडमिंटन कोर्ट, टेनिस कोर्ट और एक क्रिकेट पिच शामिल होगी।वाटिका में व्हीलचेयर की सुविधा सहित दिव्यांग आगंतुकों की आसान आवाजाही के लिए रैंप और पक्के मार्ग बनाए जाएंगे। कैमरे और सुरक्षा कर्मी आगंतुकों की सुरक्षा सुनिक्षित करेंगे। यह शहर स्तरीय पार्क सभी आयु समूहों के लिए एक समग्र मनोरंजन और कल्याण स्थल के रूप में डिजाइन किया गया है। यह प्रकृति, फिटनेस, संस्कृति और सुरक्षा के तत्वों को एकीकृत करके शहरी निवासियों के जीवन की गुणवता को बढ़ाने की दिशा में एक प्रभावी कदम है। यह सामुदायिक सहभागिता सामाजिक संपर्क और कल्याण के लिए प्रमुख गंतव्य के रूप में भी कार्य करेगा।   recent visitors 58

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने खिलाड़ियों को दी बधाई, 21 स्वर्ण, 13 रजत और 18 कांस्य पदक किए अर्जित

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश सभी क्षेत्रों में अपनी अलग पहचान बना रहा है। अनेक योजनाओं के क्रियान्वयन में प्रदेश ने महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। खेलों में भी मध्यप्रदेश इससे अछूता नहीं है। उत्तराखंड में चल रहे 38वें राष्ट्रीय खेलों में प्रदेश के प्रतिभावान खिलाड़ियों ने 51 पदक जीत कर देशभर में चौथा स्थान हासिल किया है। यह मध्यप्रदेश के लिए सबसे बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने मध्यप्रदेश का गौरव बढ़ाने वाले सभी खिलाड़ियों को बधाई दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अब राष्ट्रीय खेलों में सिर्फ 5 दिन शेष हैं। हाल ही में नीलू यादव ने अपने बलबूते पर स्वर्ण पदक जीता है। इसे मिलाकर अब हमारे पास 21 गोल्ड हो गए। राष्ट्रीय खेलों का समापन 14 फरवरी को हल्द्वानी में होगा। गत 28 जनवरी से अब तक कई प्रतियोगिताओं के निर्णय हो चुके हैं और अभी कई खेल प्रतियोगिताएं जारी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उम्मीद जताई है कि राष्ट्रीय खेल खत्म होते-होते अभी और भी पदक मध्यप्रदेश की झोली में आएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश में खेलों को बढ़ावा देने वाली नीतियों और खिलाड़ियों के बेहतर प्रशिक्षण व्यवस्थाओं की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश ने राष्ट्रीय खेलों में लगातार बेहतर प्रदर्शन करते हुए अब तक 21 स्वर्ण, 13 रजत और 18 कांस्य समेत कुल 51 पदक हासिल कर लिए हैं। अकेले वुशु गेम में ही प्रदेश को 9 पदक मिले हैं, जिनमें 6 स्वर्ण और दो रजत पदक शामिल हैं। हॉकी में प्रदेश की बहन-बेटियों ने पश्चिम बंगाल जैसी सशक्त टीम को हराकर इतिहास रच दिया। भोपाल की अकादमी में प्रशिक्षित दीक्षा ने 1500 मीटर दौड़ में रजत पदक अपने नाम किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश की 9 करोड़ जनता की ओर से सभी पदक विजेताओं को बधाई दी एवं उनके उज्जवल भविष्य की कामना की है।   recent visitors 56

सांस्कृतिक विरासत और जनजातीय धरोहर के बीच विशाल आकार लेगा औद्योगिक निवेश : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि 24-25 फरवरी को पहली बार राजधानी भोपाल में आयोजित हो रही ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट केवल निवेश और व्यापार के अवसरों का मंच ही नहीं, बल्कि यह आयोजन मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक और औद्योगिक क्षमता को वैश्विक स्तर पर स्थापित करने का एक ऐतिहासिक अवसर है। इस समिट का राष्ट्रीय मानव संग्रहालय में आयोजन इसका महत्व एवं प्रभाव को और अधिक बढ़ाता है। जीआईएस का आयोजन स्थल भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और जनजातीय परंपराओं का जीवंत उदाहरण है। जब दुनिया भर के उद्योगपति, नीति-निर्माता और निवेशक इस आयोजन का हिस्सा बनेंगे, तो वे मध्यप्रदेश की औद्योगिक संभावनाओं के साथ यहां की सांस्कृतिक आत्मा को भी महसूस कर सकेंगे। निवेशकों के लिये सजीव उदाहरण बनेगा मानव संग्रहालय मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश एक ऐसा राज्य है, जहां विकास की संभावनाएं और पारंपरिक धरोहर समान रूप से फल-फूल रही हैं। पहली बार भोपाल में हो रही ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट इस बात का प्रमाण है कि मध्यपप्रदेश निवेशकों के लिए एक नए केंद्र के रूप में उभर रहा है। राष्ट्रीय मानव संग्रहालय इस सोच का सजीव उदाहरण है कि कैसे मध्यप्रदेश अपनी सांस्कृतिक जड़ों को संरक्षित रखते हुए औद्योगिक प्रगति की ओर बढ़ रहा है। यह केवल एक संग्रहालय नहीं, बल्कि एक जीवंत मंच है, जहां जनजातीय समुदाय स्वयं अपनी परंपराओं को प्रस्तुत करते हैं, उनके जीवन के पहलुओं को दर्शाया जाता है, और उनके इतिहास को संरक्षित किया जाता है। यहाँ 35 से अधिक जनजातीय समुदायों की प्रामाणिक झोपड़ियां, पारंपरिक शिल्प और जीवनशैली इस संग्रहालय को विश्वस्तरीय पहचान देते हैं। पर्यटन और हस्तशिल्प में भी निवेश को प्राथमिकता मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश अपनी सांस्कृतिक धरोहर को वैश्विक निवेश के साथ जोड़कर एक नया मॉडल प्रस्तुत कर रहा है। इस समिट के दौरान निवेशकों को न केवल प्रदेश की औद्योगिक नीति और अधोसंरचना विकास की जानकारी मिलेगी, बल्कि वे देखेंगे कि किस प्रकार मध्यप्रदेश अपनी पारंपरिक संपदा को आर्थिक संभावनाओं से जोड़ रहा है। वैश्विक निवेशक अब केवल उद्योगों में ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक पर्यटन और हस्तशिल्प जैसे क्षेत्रों में भी निवेश के लिए मध्यप्रदेश को प्राथमिकता दे रहे हैं। निवेशक कर सकेंगे ऐतिहासिक परंपराओं का अनुभव भोपाल में हो रही ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट को राष्ट्रीय मानव संग्रहालय जैसे विशेष स्थल पर आयोजित करना यह दर्शाता है कि मध्यप्रदेश केवल उद्योगों और व्यापार के लिए नहीं, बल्कि सांस्कृतिक नवाचार और पर्यटन के लिए भी वैश्विक आकर्षण का केंद्र बन चुका है। यह आयोजन निवेशकों को न केवल नए व्यापारिक अवसरों से परिचित कराएगा, बल्कि उन्हें प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक और ऐतिहासिक परंपराओं का अनुभव भी कराएगा। सतत विकास के साथ सांस्कृतिक पुनर्जागरण मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जब निवेशक राष्ट्रीय मानव संग्रहालय के परिवेश में इस आयोजन का हिस्सा बनेंगे, तो वे देखेंगे कि किस तरह प्रदेश ने अपनी ऐतिहासिक धरोहर को जीवंत रखा है और उसे आधुनिक विकास से जोड़ा है। मध्यप्रदेश की यह सोच इसे अन्य राज्यों से अलग बनाती है, जहां निवेश केवल आर्थिक गतिविधियों तक सीमित नहीं, बल्कि सांस्कृतिक पुनर्जागरण और सतत विकास का माध्यम भी है। औद्योगिक निवेश के सांस्कृतिक और पर्यटन में खुलेंगे नये अवसर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भोपाल में आयोजित यह समिट मध्यप्रदेश को वैश्विक निवेश मानचित्र पर और अधिक मजबूती से स्थापित करेगी। यह आयोजन न केवल औद्योगिक निवेश को गति देगा, बल्कि सांस्कृतिक और पर्यटन क्षेत्रों में भी नए अवसर खोलेगा, जिससे मध्यप्रदेश का बहुआयामी विकास सुनिश्चित होगा। इस ऐतिहासिक आयोजन से प्रदेश की वैश्विक पहचान और अधिक सशक्त होगी, जिससे न केवल उद्योग बल्कि सांस्कृतिक और रचनात्मक क्षेत्रों में भी नए अवसर सृजित होंगे।   recent visitors 38